August 06, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / केंद्र सरकार ने देश में कोविड-19 की स्थिति पर चर्चा करने के लिए 4 दिसंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. सोमवार को सूत्रों ने इसकी…
    सेहत / शौर्यपथ / डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिससे हर वर्ग के लोग ग्रसित हैं। इसका अभी तक भी कोई इलाज नहीं है। यह…
    खाना खजाना / शौर्यपथ /सर्दी के मौसम में नाश्ते में गर्मागर्म गोभी के परांठों की डिमांड ज्यादातर हर घर में की जाती है। नाश्ते में…

    खेल / शौर्यपथ / टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार दूसरे वनडे इंटरनैशनल मैच में हार का सामना करना पड़ा। रविवार को खेले गए मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 51 रनों से जीत दर्ज की और साथ ही तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त भी हासिल कर ली। सीरीज के पहले दोनों मैचों में टीम इंडिया के गेंदबाजों ने काफी निराश किया है। रविवार को ऑस्ट्रेलिया ने 389 रन बनाए, जिसमें स्टीव स्मिथ की सेंचुरी के अलावा डेविड वॉर्नर, आरोन फिंच, मार्नस लाबूशेन और ग्लेन मैक्सवेल की हाफसेंचुरी शामिल थी। यह लगातार दूसरा मैच था, जिसमें टीम इंडिया को 370+ लक्ष्य मिला था। पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर इस दौरान विराट कोहली की कप्तानी से कुछ खास खुश नहीं दिखे। उन्होंने विराट की कप्तानी की आलोचना की है।
    गंभीर ने कहा कि वह इस बात को नहीं समझ पा रहे हैं कि विराट ने नई गेंद के साथ जसप्रीत बुमराह को महज दो ओवर ही क्यों दिए। गंभीर ने ईएसपीएन क्रिकइंफो के पोस्ट मैच शो में कहा, 'सच कहूं तो मुझे उनकी कप्तानी समझ में नहीं आई। हम लगाता इस बारे में बात कर चुके हैं कि शुरुआत में विकेट लेना कितना अहम है अगर हमें इस तरह के बैटिंग लाइन-अप को रोकना है, फिर आप अपने मुख्य गेंदबाज से दो ओवर करवाते हैं। वनडे में ज्यादार गेंद 4, 3, 3 ओवर के तीन स्पेल करते हैं या फिर चार-चार ओवर के स्पेल।'
    उन्होंने कहा, 'लेकिन अगर आप अपने मुख्य तेज गेंदबाज को महज दो ओवर करवाते हैं, तो इस तरह की कप्तानी मुझे समझ नहीं आती। इस तरह की कप्तानी को मैं एक्सप्लेन भी नहीं कर सकती हूं। यह टी20 क्रिकेट नहीं है। मुझे यह फैसला समझ नहीं आया और इसका कोई कारण नजर नहीं आता, यह खराब कप्तानी थी।' गंभीर ने साथ ही कहा कि भारत वॉशिंगटन सुंदर या शिवम दुबे जैसे क्रिकेटरों का इस्तेमाल कर सकता है, जो छठे गेंदबाज का रोल अदा कर सकते हैं।
    उन्होंने कहा, 'अगले मैच में वॉशिंगटन सुंदर या शिवम दुबे या ऐसे किसी खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन में जगह दी जा सकती है, जिससे समझ आए कि वह वनडे फॉर्मैट में कैसा करते हैं, लेकिन अगर आपके पास ऑस्ट्रेलिया में ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं है, तो यह सिलेक्टर्स की गलती है।'

    मनोरंजन / शौर्यपथ / सिंगर नेहा कक्कड़ और रोहनप्रीत की शादी को एक महीने से भी ज्यादा समय हो चुका है। शादी और हनीमून के बाद नेहा कक्कड़ शूटिंग पर वापस लौटी हैं। इस समय वह सिंगिंग रिएलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। इसके अलावा वह हाल ही में ‘बिग बॉस 14’ के घर में भी नजर आईं। वह अपने भाई टोनी कक्कड़ संग घर में आई थीं।
    इस मौके पर नेहा ने बताया कि कैसे उन्हें ‘नेहू द व्याह’ के सेट पर रोहनप्रीत से प्यार हुआ। सलमान खान कहते हैं कि ये तो चट मंगनी पट शादी हुई। आपने ‘नेहू द व्याह’ गाना शादी का सॉन्ग सोचकर लिखा था या गाना लिखने के बाद आप शादी करेंगी ये सोचकर लिखा था। इसपर नेहा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘रोहू’ को मैं गाने के सेट पर ही पहली बार मिली थी। मैंने गाना लिखा है, दिल से लिखा है। सोचा नहीं था कि यह गाना मेरी जिंदगी का इतना महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएगा। गाना गाने के बाद मैं रोहनप्रीत से मिली। रोहनप्रीत भी काफी अच्छे सिंगर हैं।
    नेहा आगे कहती हैं कि मैं लाइफ में चीजों को लेकर काफी क्लियर हूं। अगर मैं कोई ड्रेस लेने भी जाती हूं तो बिना समय लगाए पसंद कर लेती हूं। रोहनप्रीत इतने अच्छे इंसान हैं कि उनसे मिलने के बाद मुझे लगा कि हां, मुझे इन्हीं से शादी करनी है। कोई भी लड़की उनकी दीवानी हो जाएगी, मैं भी उनकी दीवानी हो गई।

    धर्म संसार /शौर्यपथ / हिन्दू धर्म ग्रंथों में ॐ या ओम को ही एक मात्र मंत्र माना गया है। प्रत्येक मंत्रों के आगे इस मंत्र…
    शौर्यपथ / आयुर्वेद मानव जाति के लिए ज्ञात सबसे आरंभिक चिकित्‍सा शाखा है। प्राकृतिक चिकित्सा इसका एक अंग मात्र है। आयुर्वेद का जन्म भारत में…
    धर्म संसार / शौर्यपथ / चांद का धरती के जल से संबंध है। जब पूर्णिमा आती है तो समुद्र में ज्वार-भाटा उत्पन्न होता है, क्योंकि…

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / राजनांदगांव के ग्राम पार्रीकला में कोठारी फार्म हाऊस में लगे केले के पेड़ में केले के गुच्छे मनमोहक हंै। शासन की योजना से किसान श्री राहुल कोठारी को अनुदान राशि 1 लाख 12 हजार 500 रूपए मिली है। जिससे उन्होंने टिश्यू कल्चर से विकसित जी-9 केले की वेरायटी मल्चिंग विधि से लगाई है। उनके पिताजी श्री कुशालचंद कोठारी ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि शासन की मदद से केले का पेड़ लगाए हंै। इसके साथ ही रेड लेडी-786 वेरायटी का पपीता भी लगाए हैं। ड्रिप सिंचाई पद्धति के माध्यम से सिंचाई कर रहे हंै। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से समय-समय पर साग-सब्जी एवं फल लगाने के लिए मदद मिल रही है।
    कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा के मार्गदर्शन में उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों की प्रगति के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हंै। सहायक संचालक उद्यानिकी श्री राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत श्री राहुल कोठारी को केले के उत्पादन के लिए 1 लाख 12 हजार 500 रूपए का अनुदान स्वीकृत किया गया हैं। जिसे डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में जमा किया जाएगा।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच जिले में दिसंबर माह शुरू होने से पहले ही तेजी से बढ़ती ठंड के कारण जिला प्रशासन द्वारा इससे बचाव के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन के विभिन्न विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में कई दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कोरोना संक्रमण तथा ठंड से बचाव हेतु निःसहाय, असहाय एवं जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए रैन बसेरा में समुचित व्यवस्था करने के साथ ही कंबल व अलाव की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
    भारत सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकारण एवं भारत मौसम विज्ञान केन्द्र के द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार प्रदेश में सामान्यतः माह दिसम्बर से जनवरी के बीच ठंड की व्यापकता और तीक्षणता कभी-कभी शीत लहर का रूप ले लेती है। इस वर्ष भी दिसंबर माह के प्रारंभ होने से पहले ही ठंड बढ़ गई है। जिससे नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में बसे निःसहाय, आवासहीन, गरीब व वृद्ध के ठंड से प्रभावित होने की आशंका है। इसीलिए शीत लहर से प्रभावित होने वाले जनसामान्य के बचाव के लिए कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने शीत लहर के मद्देनजर अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शहर के रिक्शा चालकों, दैनिक मजदूरों, आवास विहीनों व सदृश्य श्रेणी के निःसहाय व्यक्तियों के लिए रैन बसेरा या अस्थायी शरण स्थलों में ठहराने हेतु समुचित व्यवस्था की जा रही है। विभागीय अधिकारियों को इस आशय की विशेष हिदायत दी गई है किए रात्रि रैन बसेरा या अस्थायी शरण स्थलों में पर्याप्त संख्या में कंबल रखे जाएं। कंबल किसी व्यक्ति विशेष को आबंटित न किया जाए अपितु अन्य हितग्राहियों द्वारा भी कंबल का उपयोग किया जाए।
    इस संबंध में कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने बताया, कोरोना संक्रमण से बचाव व इसकी रोकथाम के लिए जिले में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में ठंड के मौसम में भी सतर्कता आवश्यक है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ ही जिले को शीतलहर या पाला से प्रभावित मानने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा निर्धारित तापमान आंकड़ों को आधार बनाया गया है, इसी आधार पर जिले में ठंड का निर्धारण किया जाएगा। शीतलहर या पाला की स्थिति में निसहाय एवं आवासहीन जन समुदाय के बचाव के लिए व्यवस्था बनाने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

    आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं.
    राजनांदगांव के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मिथलेश चौधरी ने बताया, कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच ठंड के मौसम को भी संवेदनशील माना जा रहा है, ऐसे में सर्दी-खांसी, बुखार या कोरोना संक्रमण से संबंधित अन्य लक्षण वाले लोगों का सजग और सतर्क रहना बहुत जरूरी है। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण तथा इससे बचाव के लिए जिले में चिकित्सा दल गठित कर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने की व्यवस्था बनाई जा रही है। आवश्यक दवाओं का भंडारण किया जा रहा है। साथ ही लोगों से लगातार यह अपील की जा रही है कि, मॉस्क जरूर लगाएंए हाथों को सैनिटाइज करें तथा दो गज की दूरी का अनिवार्य रूप से पालन करें।

    शीतलहर की परिस्थितियां.
    जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सामान्य क्षेत्रों में जहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उसके बराबर होता है तो शीतलहर मानी जाएगी। सामान्य स्थिति में 5 डिग्री सेल्सियस या 6 डिग्री सेल्सियस होने पर गंभीर शीतलहर मानी जाएगी। विचलन तापमान 7 डिग्री सेल्सियस माना जाएगा। इसी तरह पहाड़ी क्षेत्रों में सामान्य न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे बराबर होता है तो शीतलहर मानी जाएगी। सामान्य स्थिति में 4 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस होने पर गंभीर शीतलहर मानी जाएगी। विचलन तापमान 6 डिग्री सेल्सियस माना जाएगा। जारी दिशा-निर्देश में भी कहा गया है कि, ऐसे क्षेत्र जहां सामान्य न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस या इससे कम होने की स्थिति में सामान्य शीतलहर को न्यूनतम घोषित किया जाय। परंतु यह मापदंड उन क्षेत्रों के लिए लागू नहीं होगा जहां सामान्य स्थिति में डिग्री सेल्सियस से कम तापमान रहता है।

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