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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    // अब तक का सबसे बड़ा मास्क बनाकर दुर्ग पुलिस ने मास्क ही ब्रह्मास्त्र है का दिया संदेश
    // ग्लोब चौक सेक्टर 10 को मास्क पहनाकर प्रतीकात्मक रूप से नागरिकों को दिया मास्क पहनने का संदेश

    दुर्ग / शौर्यपथ / दिनांक 20.10.2020 को विश्वव्यापी कोरोना संक्रमण के विरुद्ध "मास्क हीं ब्रह्मास्त्र है" का संदेश देने हेतु दुर्ग पुलिस के द्वारा अब तक का सबसे बड़ा मास्क बनाकर कीर्तिमान रचा गया। जिला दुर्ग भिलाई शहर में सेक्टर-10 स्थित ग्लोब चौक को प्रतीकात्मक रूप से मास्क पहनाकर नागरिकों को इस कोरोना काल में मास्क पहनने की अपील, पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज विवेकानंद द्वारा की गई। करीबन 200 स्क्वायर फीट बड़ा मास्क बनाने के लिए शहर के ही मझे हुए कारीगरों को काम में लगाया गया।
    इसका इंस्टॉलेशन आसान नहीं था लेकिन भिलाई स्टील प्लांट जिसने अपने बनाए रेलपाथ से विश्व को 10 से अधिक बार लपेट चुका है ने इस काम को बखूबी निभाया। यह मास्क दुनिया भर में कोरोना संक्रमण से लडऩे के लिए लोगों का मनोबल बढ़ाएगा। इस मास्क के इंस्टॉलेशन के संबंध में प्रशांत ठाकुर पुलिस अधीक्षक दुर्ग के अनुसार ग्लोब पर मास्क लगाकर हम यह संदेश देना चाहते हैं की इस वैश्विक महामारी में मास्क लगाकर फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन और समय-समय पर हाथ धोकर ही हम कोरोना की महामारी से बच सकते हैं।
    पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग के मार्गदर्शन में एवं पुलिस अधीक्षक दुर्ग के निर्देशन में रोहित कुमार झा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग की टीम के द्वारा यह मास्क बनाकर तैयार करके ग्लोब में लगाया गया। जिसमें दुर्ग पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी नागरिकों से निवेदन किया है कि इस मास्क को बनाने के उद्देश्य को पूरा करने में भागीदार बने। कार्यक्रम में उपस्थित विवेकानंद, पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग एवं प्रशांत ठाकुर पुलिस अधीक्षक दुर्ग, रोहित कुमार झा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर, श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, अजीत यादव नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर, विश्वास चंद्राकर नगर पुलिस अधीक्षक छावनी, प्रवीर चंद्र तिवारी उप पुलिस अधीक्षक अपराध, शौकत अली उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय, गुरजीत सिंह उप पुलिस अधीक्षक यातायात, सहित थाना प्रभारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संपूर्ण संचालन श्री रोहित कुमार झा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर, अजीत यादव नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर के द्वारा एवं कार्यक्रम में महत्वपूर्ण योगदान भूषण एक्का थाना प्रभारी भिलाई भट्टी, आरक्षक 945 प्रशांत शुक्ला, आरक्षक 247 अमित दुबे का रहा। भिलाई इस्पात संयत्र के अधिकारी मधु स्वर्णकार, रोहित हरित और टीम इन्स्टलेशन में अहम भूमिका निभाई, मास्क का डिजाइन श्री अजय रात्रे एवं डिजाइनो टीम के द्वारा बनाया गया जो की मास्क पहने के जागरूकता को एक नया आयाम देगी।
    इसी क्रम में दुर्ग पुलिस के द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए अनलॉक पर एक शॉर्ट फिल्म चल फिर काम पर चलते हैं का कमिंग सून पोस्टर लांच किया गया। बहुत जल्दी ही यह समस्त नागरिकों को दुर्ग पुलिस के सोशल मीडिया पर देखने को मिलेगा।

    रायपुर / शौर्यपथ / सामान्य प्रेक्षक जयसिंह ने आज कलेक्टरेट में आयोजित बैठक में मरवाही उपनिर्वाचन 2020 हेतु जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने जिले में उपलब्ध पुलिस बल की संख्या, केंद्रीय बलों की आवश्यकता की जानकारी ली। उन्होंने मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-समय पर फ्लैग मार्च का आयोजन करने की बात कही। उन्होंने केंद्रीय फोर्स की उपलब्धता, उनके रुकने की व्यवस्था इत्यादि की जानकारी ली। उन्होंने प्रीवेंटिव एक्शन, डिटेंशन बांड, आर्म्स डिपोजिशन इत्यादि के बारे में जानकारी ली। प्रेक्षक ने कहा कि पक्षपात रहित होकर कार्यवाही करें।
    उन्होंने कहा कि किसी भी सभा या रैली का आयोजन बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के ना हो पाए, इस बात का ध्यान रखें। उन्होंने किसी भी प्रकार के अफवाहों की स्थिति में पुलिस द्वारा सक्षमतापूर्वक निपटने की तैयारी के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्वाचन में सभी आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध तरीके से हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अंतरराज्यीय सीमा और अंतरजिला सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस बलों की विशेष निगरानी की बात कही। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में वाहनों की कड़ी चेकिंग हेतु निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस बलों को समन्वय के साथ काम करते हुए निर्वाचन संबंधी सभी आवश्यक दायित्वों का साक्षमतापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने जिले में कानून व्यवस्था के संबंध में पुलिस की तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर अपर कलेक्टर अजीत बसंत, एडिशनल एसपी संजय महादेवा, एडिशनल एसपी श्रीमती प्रतिभा तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य में किसानों को खुशहाल और उनकी आय में वृद्धि के लिए समन्वित कृषि प्रणाली को बढ़ावा दिए जाने की कारगर पहल की जा रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा संयुक्त रुप से राज्य के सभी जिलों में समन्वित कृषि प्रणाली के अंतर्गत विभिन्न जोत वाले किसानों के लिए एक हेक्टेयर, 2 हेक्टेयर एवं 3 हेक्टेयर रकबा का सिंचित एवं असिंचित मॉडल तैयार किया गया है। जिसमें फसल उत्पादन के साथ-साथ कुक्कुट पालन, बकरी पालन, मछली पालन के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर उनकी आय को दोगुने करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। फसल विविधीकरण के अंतर्गत उच्च भूमि में लाख की खेती एवं प्राथमिक प्रसंस्करण हेतु कृषकों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया जा रहा है। टपक एवं सामूहिक सिंचाई, सामूहिक विपणन जैसी तकनीकों के माध्यम से सब्जी एवं अन्य उद्यानिकी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही विभिन्न फसलों के बीज उत्पादन, वर्मी कंपोस्ट खाद का निर्माण, मशरूम उत्पादन, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उन्हें आजीविका की गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। शासन की विभिन्न योजनाओं जैसे कौशल विकास, जल प्रबंधन कार्य, हरित क्रांति विस्तार, मनरेगा ,आदिवासी उपयोजना और खनिज न्यास निधि के माध्यम से अभिकरण कर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन के उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं जिससे ग्रामीण अंचल में खेती-किसानी समृद्ध और किसान खुशहाली की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं।
    छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया, कांकेर, राजनांदगांव, दुर्ग, कोरबा, बिलासपुर से लेकर सुदूर वनांचल के जिलों में भी समन्वित खेती से ग्रामीण अंचल के किसानों के जीवन में खुशहाली का एक नया दौर शुरू हुआ है। कांकेर जिले के लगभग 25 ग्रामो में विभिन्न प्रक्षेत्र परीक्षण, अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन, कृषकों, कृषक महिलाओं, ग्रामीण युवकों को समसामयिक एवं ‘‘आवश्यकता आधारित’’ कौशल दिया जा रहा है। जिले के कृषि एवं संबंधित विभागों के मैदानी स्तर के अधिकारियों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण का आयोजन कर उन्हे नवीन तकनीकी से अवगत कराया जा रहा है। जिले में कृषि की नवीन तकनीक के साथ-साथ किसानों के आय में वृद्धि एवं आजीविका संवर्धन हेतु समन्वित कृषि प्रणाली, पोषण सुरक्षा, फसल विविधीकरण, कृषि यंत्रीकरण, सूक्ष्म सिंचाई पद्धति, उन्नत नस्ल के कुक्कुट कड़कनाथ के प्रजनन एवं उत्पादन का कार्य शुरू किया गया हैं। इसके लिए कृषि विज्ञान केन्द्र में कड़कनाथ कुक्कुट की हैचरी इकाई, ग्रेडेड सिरोही नस्ल की बकरी इकाई, गीर एवं साहिवाह नस्ल की डेयरी इकाई, बटेर पालन इकाई, मत्स्य सह बतख पालन इकाई, वर्मीकम्पोस्ट इकाई, पोषण वाटिका, फलदार पौधे उत्पादन इकाई स्थापित हैं।
    कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा वर्ष 2015 में पोषण सुरक्षा एवं आय हेतु आदर्श पोषण वाटिका की अवधारणा स्थापित की गई, जिसमें विभिन्न सब्जियों के उत्पादन का ऐसा क्रम तैयार किया गया जिससे वर्षभर प्रतिदिन ताजी सब्जी उपलब्ध हो सके। इस पोषण वाटिका को सर्वप्रथम 70 आवासीय स्कूलों में विस्तार किया गया तत्पश्चात् सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में विस्तार हुआ। कुक्कुट की कड़कनाथ नस्ल जो कि अद्वितीय गुणों से भरपूर है। इस नस्ल की केन्द्र में कृत्रिम हैचरी स्थापित कर अब तक लगभग 2 लाख नग से अधिक चूजों का उत्पादन किया जा चुका है, जिसका विस्तार कांकेर जिले सहित छत्तीसगढ़ राज्य के 25 अन्य जिले एवं 4 अन्य राज्यों में हुआ है।
    जिले में लगभग 80 से अधिक कृषकों के यहां समन्वित कृषि प्रणाली मॉडल विभिन्न परियोजनाओं के अभिसरण से स्थापित किया गया है। फसल विविधीकरण के अंतर्गत उच्चहन भूमि में लाख की खेती एवं प्राथमिक प्रसंस्करण हेतु कृषकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में 25 से अधिक कृषक सेमियालता में लाख उत्पादन का कार्य कर रहे हैं एव विज्ञान केन्द्र में स्थापित प्रसंस्करण इकाई से लाख का प्राथमिक प्रसंस्करण कर रहे हैं।
    कृषि यंत्रीकरण के अंतर्गत धान एवं अन्य फसलों की कतार बोनी एवं प्रसंस्करण को प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन के माध्यम से बढ़ावा दिया जा रहा है। जिले में किसानों को नीवनतम किस्मों के दलहनी फसलों के बीज उपलब्ध कराने के दलहनी फसलों का बीज प्रक्रिया केन्द्र स्थापित किया गया है, जिसमें कृषक सहभागिता से बीज उत्पादन किया जाता है,जिसका वितरण विभागीय योजनाओं के माध्यम से जिले के किसानों को किया जाता है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / शहर के संतराबाड़ी स्थित श्रीशिवम के पास आज सवेरे एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। युवक का सिर फटा हुआ है। उम्र लगभग…

     दुर्ग / शौर्यपथ / नोबेल कोरोना वायरस के संक्रमण के रोकथाम के उद्देश्य से जिले में व्यापारिक गतिविधियों संचालन हेतु पेट्रोल डीजल की आपूर्ति के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने मोटर स्पिरिट तथा हाई स्पीड डीजल आयल आदेश 1980 के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिले के समस्त डीजल व पेट्रोल पम्प संचालको को आदेशित किया है कि पेट्रोल पम्प पर कार्यरत सभी कर्मचारी मास्क का अनिवार्य रूप से प्रयोग करेंगे। किसी भी वाहन चालक व उपभोक्ता को बिना मास्क के पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति नहीं किया जाएगा। बिना मास्क के पेट्रोल व डीजल आपूर्ति करते पाए जाने पर छत्तीसगढ़ मोटर स्पिरिट तथा हाई स्पीड डीजल आयल प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। 

    दुर्ग / शौर्यपथ / जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में शुद्ध पेयजल मुहैय्या कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजनांतर्गत राज्य के सभी ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से 2023 तक पेयजल उपलब्ध कराया जाना है । इस संबंध में गठित जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक कलेक्ट्रोरेट में आयोजित की गयी। बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए किए जाने वाले कार्य योजना एवं व्यवस्था की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि जिले में 304 ग्राम पंचायत एवं 385 ग्राम है । इनमें 419 बसाहटें निवासरत है। वर्तमान स्थिति में कुल 1 लाख 46 हजार 500 परिवारों में से 31 हजार 923 परिवारों को विभिन्न योजनाओं के तहत नल कनेक्शन दिया जा चुका है। शेष परिवारों को जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल कनेक्शन प्रदाय किया जाएगा।
    बैठक में कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए वृहद कार्य योजना बनाई गई है। योजना के लक्ष्य को मूर्तरूप देने के लिए बड़े पैमाने पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। निर्धारित लक्ष्य 2023 को ध्यान में रखते हुए कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से कहा है कि नल जल योजना के लक्ष्य को देखते हुए सभी अधिकारी अपने स्तर पर कार्यों का मूल्यांकन कर गतिशीलतापूर्वक कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घरों में नल कनेक्शन निश्चितरूप से दिया जाए। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में भी नल कनेक्शन देने के लिए कार्य योजना बनाए। आंगनबाड़ी केन्द्रों में कीचन एवं केन्द्र परिसर में कनेक्शन देवें। इसी प्रकार स्कूलों में मध्यान्हन भोजन कक्ष, वाशरूम, शौचालय एवं पेयजल के लिए निर्धारित स्थान पर कनेक्शन दिया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को योजना के लक्ष्य के अनुरूप कार्यों का संपादन करने कहा है।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि विश्वविद्यालयों का कार्य केवल डिग्री देना नहीं, समाज और राज्य की समस्याओं का प्रभावी…

    मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को गौठानों में उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट के विपणन की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
    गौठानों में आजीविका ठौर की स्थापना और मांग के आधार पर
    उत्पादन को दें बढ़ावा: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल
    राज्य में गोबर विक्रेताओं को अब तक हो चुका 39 करोड़ रूपए का भुगतान

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राज्य शासन की महत्वाकांक्षी 'गोधन न्याय योजना' के तहत राज्य के 86 हजार 158 पशु पालकों से की गई गोबर खरीदी के एवज में 6वीं किस्त की राशि 9 करोड़ 12 लाख रूपए का ऑनलाइन भुगतान किया। गोधन न्याय योजना के तहत अब तक गोबर विक्रेताओं को 39 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित गोधन न्याय योजना के कार्यक्रम में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के गोढ़ी और रायगढ़ जिले के ननसिया के गौठान के स्व-सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा की और उनकी आयमूलक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिला समूहों द्वारा गौठान में सब्जी-भाजी के उत्पादन से लेकर वर्मी कम्पोस्ट सहित अन्य आयमूलक गतिविधियों के सफल संचालन के लिए उन्हें बधाई और शुभकामानएं दी।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुराजी गांव योजना के तहत गांवों में गौठान के निर्माण एवं उसके संचालन के साथ-साथ गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी की प्रक्रिया और वर्मी खाद के उत्पादन पर प्रसन्नता जताई और कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास से गौठान और गोधन न्याय योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टरों एवं जिला पंचायतों के मुख्यकार्यपालन अधिकारियों को गौठानों में क्रय किए जा रहे गोबर से बनने वाली वर्मी खाद की पैकेजिंग और उसके विपणन की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में बनने वाली खाद का सोसायटियों के माध्यम से विक्रय और गौठान समिति के खाते में खाद के विक्रय की राशि का जमा होना जरूरी है, ताकि गौठान समितियां स्वावलंबी और स्वयं की राशि से गोबर की खरीदी करने में सक्षम बन सके। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना की सतत् मॉनिटरिंग जरूरी है।
    मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को गांवों में पशुधन की संख्या, गोबर की आवक को ध्यान में रखते हुए गौठानों में वर्मी टांके का निर्माण कराए जाने के निर्देश दिए, ताकि क्रय किए गए गोबर से वर्मी खाद बनाने की प्रक्रिया अनवरत रूप से जारी रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े गांव एवं नगरीय क्षेत्र जहां गोबर की आवक अत्याधिक होती है, वहां गोबर गैस प्लांट लगाए जाने चाहिए, इससे आय में और वृद्धि होगी।
    मुख्यमंत्री ने सभी गौठानों में आजीविका ठौर की स्थापना पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे गौठानों में आयमूलक गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी और गौठानों में चहल-पहल बनी रहेगी। उन्होंने कलेक्टरों को स्थानीय बाजारों की डिमांड के अनुरूप गौठानों में उत्पादन गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने इस दौरान सभी जिले के कलेक्टरों से गौठानों के संचालन एवं वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन एवं विक्रय के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से यह भी जानना चाहा कि वर्मी खाद के विक्रय की वजह से जिलों के कितने गौठान गोधन न्याय योजना के संचालन के लिए स्वावलंबी हो चुके है।
    कार्यक्रम कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि गोधन न्याय योजना गरीबों, ग्रामीणों और किसानों को मदद पहुंचाने वाली योजना है। विगत 20 जुलाई से शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 39 करोड़ रूपए का भुगतान गोबर बेचने वाले पशुपालकों को किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वर्मी खाद के विपणन के लिए प्राथमिक सहकारी समितियों से इसका लिंकेज किया जाना है। इस मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि गोधन न्याय योजना की लोकप्रियता और सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य के 11 हजार 664 ग्राम पंचायतों में इस वर्ष के अंत तक गौठान का निर्माण कराया जाना है। उन्होंने सभी कलेक्टरों को गौठानों में पर्याप्त संख्या में वर्मी टांके का निर्माण कराए जाने की निर्देश दिए।
    कार्यक्रम के प्रारंभ में कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम.गीता ने बताया कि राज्य में 5454 गौठान निर्मित है, जिसमें से 3068 गौठानों में गोबर की खरीदी की जा रही है। गौठानों में औसत रूप से 30 हजार क्विंटल गोबर की रोजाना क्रय किया जा रहा है। अब तक 19 लाख 20 हजार 412 क्विंटल गोबर क्रय किया गया है। उन्होंने बताया कि गोबर विक्रेताओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के 51 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति वर्ग के 37 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति वर्ग के 7.69 प्रतिशत हितग्राही शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार द्वय श्री प्रदीप शर्मा एवं श्री रूचिर गर्ग, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास गौरव द्विवेदी, सहकारिता सचिव आर. प्रसन्ना, सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    भिलाईनगर/ शौर्यपथ / वार्ड स्तर पर डोम शेड के निर्माण से सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन सुविधाजनक हो गया है। लोग शेड के नीचे आसानी से छोटे-बड़े कार्यक्रम पंडाल के खर्च के बिना संपन्न कर रहे हैं। महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव ने लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रामनगर मुक्तिधाम और कब्रस्तिान सहित अन्य स्थानों में डोम शेड बनाने का निर्णय लिया था। अब उसकी उपयोगिता को ध्यान रखते हुए वार्डों में खाली जगह को मंच और डोम शेड के रूप में विकसित किया जा रहा है।
    आयुक्त रघुवंशी ने निर्माण कार्य में तेजी लाने एवं गुणवत्ता के ध्यान रखने के निर्देश दिए है! अब तक निगम क्षेत्र के कई स्थानों पर डोम शेड का निर्माण किया जा चुका है। जहां गणेशोत्सव, दुर्गाेत्सव सहित अन्य सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हो रहा है। जोन-2 वैशाली नगर के अंतर्गत राम नगर मुक्तिधाम में 22 लाख की लागत से डोम शेड बनाया गया है। इसके निर्माण से एक साथ 3-4 श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन सहजता से हो जाता है। शेड के अभाव में पहले श्रद्धांजलि सभा कक्ष में केवल एक परिवार ही सभा का आयोजन कर पाते थे। एक साथ दो सभा होने पर भीड़ की स्थिति निर्मित हो जाती थी। इसी प्रकार 25 लाख की लागत से रामनगर मुक्तिधाम में डोम शेड, वैशाली नगर में 10-10 लाख की लागत से शेड, हाउसिंग बोर्ड एवं घासीदास नगर में 4 स्थानों पर डोम शेड बनाया गया है। रामनगर मुक्तिधाम स्कूल प्रागंण में 20 लाख की लागत से डोम का निर्माण किया जा रहा है। शांति नगर दशहरा मैदान में 10 लाख की लागत से बनाया जाना प्रस्तावित है।
    जोन 05 अंतर्गत सेक्टर-6 एवं सेक्टर-10 में 26 - 26 लाख की लागत से निर्माण किया गया है। सेक्टर-6 एवं सेक्टर-7 में 26 - 26 लाख की लागत से प्रस्तावित डोम शेड निर्माणधीन है। जोन - 3 के अंतर्गत सेक्टर-4 में एक डोमशेड प्रस्तावित है। सेक्टर-1 एवं 2 में 3-3 लाख की लागत से विभिन्न स्थानों पर शेड निर्माण किया जा रहा है। जोन क्रमांक 4 में वार्ड-28 मंगल बाजार छावनी और वार्ड-37 में 20-20 लाख की लागत से डोम शेड बनाया जा रहा है। वार्ड 36 पोस्ट ऑफिस के सामने और वार्ड-35 बाबा बालक नाथ मंदिर के सामने 35-35 लाख, नवीन काॅलेज ग्राउंड में 30 लाख, वार्ड- 31 शर्मा आश्रम, दुर्गा मंदिर के सामने 20 लाख, वार्ड-35 दुर्गा मंदिर के सामने 15 लाख, छावनी लक्ष्मण तालाब के परिसर में 11 लाख और वार्ड-30 साईं मंदिर प्रांगण बालाजी नगर में 25 लाख की लागत से डोम शेड का निर्माण कार्य प्रस्तावित है और कुछ निविदा प्रक्रिया में है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए जनजागरुकता अभियान के साथ- साथ शहर के दुर्गा पंडालो की साफ-सफाई और नियमित रुप से वार्डो में सेनेटाइज का कार्य किया जा रहा है। दुर्गा पंडाल और मंदिरो में श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए पूजा स्थल पर माता के दर्शन के दौरान सोशल डिस्टेसिंग का पालन के अलावा मास्क व सेनेटाइजेशन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विधायक अरुण वोरा ने शहर के सभी दुर्गा पंडालो में सुरक्षा किट वितरण का कार्य प्रारंभ करवाने महापौर धीरज बाकलीवाल से की। जिसके तहत् महापौर बाकलीवाल ने फेस शील्ड के साथ मास्क, सेनेटाइजर व साबुन एवं काढ़ायुक्त सुरक्षा कीट चण्डी मंदिर, शीतला मंदिर, सतरुपा शीतला मंदिर, कंकालीन मंदिर, गंजपारा, शक्तिचौरा, सदर बाजार, महाराजा चौक, गवलीपारा में बाटा। साथ ही निगम के सफाई कर्मचारी जिन्होने 8 माह से कोरोना के विरुद्ध जंग लडऩे वाले कोरोना यौद्धा को भी प्रत्येक वार्डो में पहुंचकर सुरक्षा किट प्रदान किया गया।
    महापौर धीरज बाकलीवाल ने सभी धर्मिक स्थल और दर्शनार्थियों से अपील की है कि दर्शन के दौरान सावधानी बरते जिसमें एक दूसरे से निर्धारित दूरी बनाकर खड़े होने एवं निगम के कर्मचारी प्रतिदिन सभी दुर्गा पंडालो में सोडियम हाइपो क्लोराइड के घोल का छिड़काव करें एवं शहर में लगे पेड़ो पर क्रीमीयुक्त कीड़े का प्रक्रोप बढ़ रहा है इसके लिए कलेक्टर एवं कृषि विभाग से चर्चा की गई है। जल्द निराकरण किया जाएगा। पंडालो एवं निगम कामगारों को सुरक्षा कीट वितरण के दौरान नगर निगम सभापति राजेश यादव, एमआईसी सदस्य दीपक साहू, नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा सहित एमआईसी सदस्य व पार्षद गण एवं निगम स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता उपस्थित थे।

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