Google Analytics —— Meta Pixel
May 25, 2026
Hindi Hindi
Uncategorised

Uncategorised (35948)

अन्य ख़बर

अन्य ख़बर (5926)

धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य  राज्य की माननीया राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके ने ट्विटर के माध्यम से कहा कि जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र के जिला प्रशासन की यह पहल सराहनीय है इस तरह वे पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचा रहे हैं तथा लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी कर रहे हैं ऐसे कार्यों को बढ़ावा देने के लिए वह जिला प्रशासन तथा किसानों को शुभकामनाएं दे रही हैं इन से प्रेरणा लेते हुए जिले के अन्य किसानों द्वारा जैविक खेती से अधिक से अधिक उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए। जिले के किसानों के द्वारा रसायनिक खाद का उपयोग किए बगैर जैविक पद्धति से खेती की जा रही है। जिसके फलस्वरूप अब दंतेवाड़ा जिले में कृषि करने के लिए जैविक फसलों का उत्पादन हो रहा है। अब रासायनिक खादों जहरीले कीटनाशकों के उपयोग के स्थान पर जैविक खादों एवं दवाइयों का उपयोग कर अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। दन्तेवाड़ा के कलेक्टर श्री दीपक सोनी के द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्य योजना बनायी गयी है। जिसे क्रियान्वित कर यहां कि जैविक फसलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। जिससे भूमि जल एवं वातावरण शुद्ध रहेगा और मनुष्य एवं प्रत्येक जीवधारी स्वस्थ रहेंगे जिले के किसानों ने जैविक खाद का उपयोग कर तरह-तरह के सब्जियों की खेती कर रहे हैं जिससे उनकी अर्थव्यवस्था सुधरने लगी है वर्मी कंपोस्ट खाद का उपयोग करके किसानों ने पैदावार अधिक से अधिक करके अपनी रोजमर्रा के जीवन को एक नया आयाम दिया है संपूर्ण विश्व में बढ़ती हुई जनसंख्या एक गंभीर समस्या है बढ़ती हुई जनसंख्या के साथ भोजन की आपूर्ति के लिए मानव द्वारा खाद की होड़ में अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए तरह-तरह की रासायनिक खादों, जहरीले कीटनाशकों का उपयोग, प्रकृति के जैविक और अजैविक पदार्थों के बीच आदान-प्रदान के चक्र को( इकोलॉजी सिस्टम) प्रभावित करता है। जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति खराब हो जाती है साथ ही वातावरण प्रदूषित होता है तथा मनुष्य के स्वास्थ्य में गिरावट आती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है और कृषकों की आय का साधन खेती है।

 दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / दंतेवाड़ा के स्थानीय निवासी के द्वारा जे.एम.डी.गरम मसाला एवं मिर्च में मिलावट तथा खराब गुणवत्ता की शिकायत की गई थी। जिस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुष्मित देवांगन ने त्वरित कार्यवाही की। शिकायत में कहा गया है कि मैंने बस स्टैंड दंतेवाड़ा की दुकान से जे.एम.डी. ब्रांड का मिर्च और गरम मसाला खरीदा था जिसमें मिर्च का रंग सामान्य मिर्च से फीका था और डल्ला बना हुआ था और गरम मसाला का स्वाद भी अलग आ रहा था और सफेद दाने भी दिख रहे थे। जिसकी शिकायत दुकान से करने पर बोला कि वह कंपनी की गलती है हम नहीं बनाते। इस शिकायत के आधार पर दंतेवाड़ा नगर के विभिन्न किराना दुकानों में निरीक्षण एवं नमूना संकलन की कार्यवाही की गई इस दौरान सभी किराना दुकानों से पुराने जे.एम.डी. गरम मसाला तथा मिर्च में पुराने स्टॉक की संबंध में जानकारी दी गई बिल वाउचर की जांच के उपरांत पुराने स्टॉक के संबंध में जानकारी ली गई, बिल वाउचर के जांच के उपरांत पुराने स्टाफ को सीज कर उनसे लैब टेस्ट हेतु नमूना का संकलन भी कराया गयाद्य कार्यवाही के दौरान पुराने स्टॉक को सीलबंद कर व्यापारियों को निर्देश दिया गया है कि सैंपल कि रिपोर्ट आने तक सील बंद स्टॉक से छेड़छाड़ ना करें एवं सीलबंद स्टॉक को व्यापारियों की अभिरक्षा में में छोड़ा गया है। इस दौरान सभी किराना दुकानों में लगभग एक लाख मूल्य के गरम मसालों और मिर्च को सील बंद कर व्यापारियों की अभिरक्षा मैं उनके पास यह सैंपल रिपोर्ट आने तक छोड़ा गया है। रिपोर्ट के आधार पर यदि सैंपल फेल होता है तो नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / सिविल हॉस्पिटल खैरागढ़ में डॉक्टर की टीम ने विचारपुर नवागांव निवासी कोरोना पॉजिटिव महिला का प्रसव सफलतापूर्वक कराया। बीएमओ सिविल हॉस्पिटल डॉ. विवेक ने बताया कि जच्चा एवं बच्चा दोनों स्वस्थ है। डॉक्टर की पूरी टीम ने अपना फर्ज निभाते हुए कठिन एवं चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया। डॉक्टर की टीम में सिविल अस्पताल खैरागढ़ में चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रीति वैष्णव, स्टाफ नर्स पूर्णिमा ठाकुर और स्टाफ नर्स धनेश्वरी कुम्हार शामिल रहे। बच्चे के टीकाकरण का कार्य स्टाफ नर्स मंजु कामड़े और स्टाफ नर्स निशा कपूर के द्वारा किया गया।

बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर एंव जिला दण्डाधिकारी जनमेजय महोबे ने आदेश जारी कर कहा है कि नोवल कोरोना वायरस संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम…

रायपुर / शौर्यपथ / वनांचल के आदिवासी किसानों के लिए रेशम कीट पालन अतिरिक्त आय का जरिया बन गया है। जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखण्ड के ग्राम जोरण्डाझरिया के लगभग 10-12 श्रमिकों ने टसर ककून का उत्पादन से रोजगार के संबंध में अपनी रुचि दिखाई। इनकी रुचि और इच्छाशक्ति को देखते हुए रेशम विभाग ने इनका एक समूह बनाया और इन्हें कुशल कीटपालन का प्रशिक्षण दिया गया। इस समूह को कृमिपालन के लिए टसर कीट के रोगमुक्त अण्डे भी निःशुल्क दिए गए। इस समूह के द्वारा वर्ष 2016-17 में पहली बार एक लाख 38 हजार 926 टसर कोकून का उत्पादन किया गया और उससे एक लाख 10 हजार 214 रुपये की आय अर्जित की गई। पहले महात्मा गांधी नरेगा से मजदूरी और उसके बाद कोसाफल उत्पादन के रुप में सहायक रोजगार ने समूह के सदस्यों को इस कार्य में उत्साही बना दिया है। समूह ने वर्ष 2016-17 से 2019-20 तक कुल 2 लाख 75 हजार 454 कोसाफलों का उत्पादन कर दो लाख 88 हजार रुपयों की आमदनी प्राप्त की है। यह आय उन्हें मजदूरी के रुप में विभाग के द्वारा स्थापित ककून बैंक के माध्यम से प्राप्त हुई।
जशपुर जिला मुख्यालय से 125 किलोमीटर दूर फरसाबहार विकासखण्ड में ग्राम जोरण्डाझरिया में अर्जुन पौधा रोपण और संधारण कार्य में लगभग 161 लोगों को 7 हजार 143 मानव दिवस का रोजगार मिला है। मनरेगा के माध्यम से कराए जा रहे इन कार्यों में 9 लाख 68 हजार रूपए का मजदूरी भुगतान किया गया है। जोरण्डाझरिया में रेशम विभाग द्वारा 59 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग दो लाख 61 हजार अर्जुन के पौधे लगाए गए हैं। जो अब हरे-भरे पेड़ के रूप में हरियाली बिखेर रहे हैं। जोरण्डाझरिया गाँव में हुए इस टसर पौधरोपण ने हरियाली से विकास की एक नई दास्तां लिख दी है। इसके साथ ही गाँव का 59 हेक्टेयर क्षेत्र संरक्षित होकर अब दूर से ही हरा-भरा नजर आता है। इस गाँव में टसर खाद्य पौधरोपण एवं कोसाफल उत्पादन से आदिवासी परिवारों को रोजगार देने का काम हो रहा है। करीब एक दशक पहले इस गाँव में रेशम विभाग ने विभागीय मद से 50 हेक्टेयर क्षेत्र में 2 लाख 5 हजार अर्जुन पौधे टसर खाद्य पौधरोपण के अंतर्गत रोपे थे।

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा व्यवहार न्यायाधीश (मुख्य) परीक्षा 2019 के लिखित परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। लिखित परीक्षा परिणाम आयोग की वेबसाइट www.psc.cg.gov.in पर अपलोड कर दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक से प्राप्त जानकारी के अनुसार विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अंतर्गत व्यवहार न्यायाधीश (प्रवेश स्तर) के 39 पद विज्ञापित किए गए थे। व्यवहार न्यायाधीश (प्रवेश स्तर) परीक्षा 2019 का आयोजन 7 मई 2019 को किया गया। परीक्षा के परिणाम के आधार पर आयोग द्वारा कुल 427 अभ्यर्थियों का व्यवहार न्यायाधीश (मुख्य) परीक्षा 2019 के लिए प्रावधिक आधार पर चिन्हांकन किया गया था।
आयोग द्वारा 21 सितंबर 2020 को व्यवहार न्यायाधीश (मुख्य) परीक्षा 2020 का आयोजन किया गया। इस परीक्षा के विज्ञापित पदों का तीन गुणा अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकन किया जाना था, परंतु वर्गवार/उप वर्गवार चिन्हांकित अंतिम अभ्यर्थी के समान प्राप्त अंकों की पुनरावृत्ति होने के कारण कुल 127 अभ्यर्थी साक्षात्कार हेतु चिन्हांकित हुए हैं। व्यवहार न्यायाधीश परीक्षा 2019 के लिए साक्षात्कार की तिथि पृथक से घोषित की जाएगी।

कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे की अध्यक्षा में गोधन न्याय योजना की समीक्षा
गोधन न्याय योजना के तहत अब तक हितग्राहियों को लगभग 30 करोड़ रूपए का हो चुका है भुगतान

रायपुर / शौर्यपथ / कृषि और पशुपालन मंत्री रविन्द्र चौबे की अध्यक्षता में आज गोधन न्याय योजना के तहत गौठान समितियों के माध्यम से खरीदे गए गोबर से जैविक खाद निर्माण सहित उसकी बहुउपयोगिता पर मंथन किया गया। बैठक में जैविक खाद निर्माण की स्थिति, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर विस्तार से चर्चा की गई। गोबर और बायोमास से बायो सीएनजी तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया। श्री चौबे ने छोटी-छोटी परियोजना तैयार कर गोबर को लाभकारी बनाने पर जोर दिया।
मंत्री ने बताया कि 20 जुलाई हरेली पर्व से प्रारंभ हुई गोधन न्याय योजना के अंतर्गत अब तक गौपालकों एवं गोबर विक्रेताओं से प्रदेश के 3247 से अधिक गौठानों में गौठान समितियों के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पशुपालकों और गोबर संग्राहको से लागभग 30 करोड रूपए का गोबर खरीदा जा चुका है। श्री चौबे ने कहा कि गोधन न्याय योजना से जिस प्रकार पशुपालकों और गरीब ग्रामीण गोबर विक्रेताओ को मिल रहा है, इसे और व्यापक बनाते हुए खरीदे गए गोबर से जैविक खाद निर्माण सहित मल्टी उत्पाद और बहुउपयोगी बनाकर ग्रामीणों और महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सहकारिता विभाग के जरिए किसानों को आसानी से जैविक खाद उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
बैठक में मंत्री चौबे ने बताया कि गौठानों में तैयार की गई वर्मी कम्पोस्ट ‘गोधन वर्मी कम्पोस्ट‘ के नाम से लॉन्च किया गया है इसका प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने योजना से अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए वर्मी कम्पोस्ट के पैकेजिंग का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपें जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। गोेबर से मल्टी उत्पाद तैयार करने के लिए शहरी महिलाओं की तरह ग्रामीण क्षेत्रों के महिला समूहों को भी आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने पर बल दिया। उन्होंने नियमित रूप से गौठानों में निरीक्षण कर जैविक खाद निर्माण पैंकेजिंग और मार्केंटिंग पर विशेष ध्यान देने तथा योजनाबद्ध तरीके से काम करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इस योजना को और अधिक लाभकारी कैसे बनाए जाए इस दिशा में क्या-क्या किया जा सकता है इस पर भी विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के जरिए राज्य में 700 से 800 करोड़ रूपए की वर्मी कम्पोस्ट खाद का कारोबार महिला समूहों एवं सोसायटियों के माध्यम से होगा। इससे ग्रामीणों को रोजगार और सोसायटियों को संबल मिलेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, कृषि विभाग की सचिव डॉ. एम. गीता, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी., सहकारिता सचिव एवं प्रबंध संचालक मण्डी बोर्ड हिमशिखर गुप्ता, संचालक कृषि नीलेश क्षीरसागर, दाउ वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यायलय के कुलपति डॉ. एन.पी. दक्षिणकर और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. के. पाटिल, उद्योग विभाग के अपर संचालक प्रवीण शुक्ला, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल अथॉरिटी के अधिकारी सहित संबंधित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर / शौर्यपथ / राज्य के कोरिया जिले के एनआरएलएम बिहान के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा आगामी पर्वों को ध्यान में रख गोबर से आकर्षक दीये बनाये जा रहे हैं। रंग-बिरंगे ये दीये सुंदर एवं किफायती एव मन मोह लेने वाले हैं। समूह द्वारा नवीन तकनीक के माध्यम से बनाये गये इन दीये आय का एक अतिरिक्त साधन प्रदान कर रहे हैै।
दीया निर्माण के इस कार्य में कोरिया जिले के सोनहत विकासखण्ड की सरस्वती महिला समूह, तथा बैकुण्ठपुर विकासखण्ड की उन्नती महिला संकुल संगठन ने गोबर का सदुपयोग एक रोचक एवं मनमोहक कलाकृति बनाने के लिए किया है। ये समूह अपने नोडल अधिकारियों के मार्गदर्शन में गोबर से सुंदर-सुंदर दीये बना रहीं है।
क्रय करने के इच्छुक इन समूहों से दीये खरीदने के लिए जिला नोडल अधिकारी से मोबाइल नंबर 9340932924 अथवा सोनहत विकासखण्ड की सरस्वती महिला समूह की नोडल अधिकारी सुश्री शिल्पी रानी भट्टाचार्य मोबाइल नंबर 6260281126 तथा बैकुण्ठपुर विकासखण्ड की उन्नती महिला संकुल संगठन की नोडल अधिकारी सुश्री कल्पना देवांगन मोबाइल नंबर 9755824288 से संपर्क कर सकते हैं।

रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क लगाना जरूरी है, यह बात कुछ समझदार लोग जान गए हैं। लेकिन जो समझ कर भी नही समझ रहें , उनके लिए अब एक ही उपाय है कि उन्हे याद दिलाया जाए, घर के लोगों द्वारा ,परिजनों द्वारा, बच्चों द्वारा ,अजनबियों द्वारा। यह याद दिलाना टोकने जैसा होना चाहिए ताकि व्यक्ति को अपनी गलती समझ में आए और वह मास्क लगाने की आदत डाल लें, मजबूरी में ही सही। चिकित्सक भी लगातार यही कह रहंे कि मास्क ही फिलहाल वैक्सीन का काम करेगा और कर भी रहा है।
मेकाहारा के कम्यूनिटी मेडीसीन विभाग ने इस संबंध में रायपुर शहर में सर्वे कराया कि आखिर लोग मास्क क्यूं नही पहनते हंै। सर्वे के अनुसार 32 प्रतिशत व्यक्ति कहते हैं कि वे गरीब है और मास्क खरीद नही सकते। जबकि वैज्ञानिक यह कहते हैं कि कपड़े के मास्क भी असरदार होते हैं। कुछ प्रतिशत व्यक्ति यह भी कहते हुए पाए गए कि मास्क से बीमारी नही रूकती, कुछ ने कहा कि गुटखा खाने के बाद थूकने में दिक्कत होती है, कुछ ने कहा संास लेने मे कठिनाई आदि- आदि । जितने मुंह ,उतनी बातें।
लेकिन अभी सबसे जरूरी यह बात याद रखना है कि मास्क ही फिलहाल हमारा हथियार है ,कोरोना से जंग में और यह जंग जीतनी ही होगी हमें ।

रायपुर / शौर्यपथ /  वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने मल्टी यूटीलिटी सेन्टर राजानावगांव के लोकार्पण में गौरी कृपा महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को प्रिटिंग प्रेस स्थापित करने पांच लाख रुपये का चेक देकर शुभकानाएं दी। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि भोरमदेव आजीविका केन्द्र के द्वारा ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होंगी तथा अपने कार्यों से नई पहचान बनयेगी।

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)