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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
भिलाई नगर / शौर्यपथ / गोधन न्याय योजना के अंतर्गत निगम क्षेत्र के पंजीकृत 38 पशुपालकों को 89934 रूपए पहला भुगतान किया गया। इस योजना के तहत सबसे अधिक वार्ड-3 यादव मोहल्ला कोसा नगर निवासी मनोज यादव ने गोबर बेचकर 9296 रूपए कमाए। मनोज के पास 23 गाय और भैंस हैं। उन्होंने 20 जुलाई को ही पंजीयन कराया तथा 1 अगस्त तक गोधन न्याय योजना के अंतर्गत शहरी गौठान में 4648 किलोग्राम गोबर बेचा। श्री यादव को दो रूपए की दर से उन्हें बुधवार को समन्वय समिति ने बैंक के माध्यम से 9296 रूपए भुगतान किया गया। इसी प्रकार वार्ड-3 निवासी भरत लाल यादव ने 4032 किलोग्राम गोबर बेचा था। उन्हें 8065 रूपए भुगतान किया गया। योजना के नोडल अधिकारी व उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने बताया कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालक गोबर बेचने अपना पंजीयन निरंतर करा रहे हैं। इनमें से 38 हितग्राही 20 जुलाई से लगातार शहरी गौठान में गोबर बेच रहे हैं। इस तरह से 20 जुलाई से 1 अगस्त की अवधि में पंजीकृत 38 पशुपालकों से कुल 44,967 किलोग्राम खरीदी गई। जिसका पहला भुगतान बैंक खाते के माध्यम किया गया।
पशुपालक करवा सकते है पंजीयन
गोधन न्याय योजना के अंतर्गत कोई भी पशुपालक जोन कार्यालय से संपर्क कर पंजीयन करवा सकता है। निगम प्रशासन की ओर से चिन्हित स्थल पर ले जाकर गोबर बेच सकता है। जोन-1 अंतर्गत शहरी गौठान कोसा नगर, जोन-4 एसएलआरएम सेंटर में गोबर खरीदी की व्यवस्था की गई है। इसी तरह से जोन-2, जोन -3 और जोन-5 में भी गोबर खरीदा जाएगा। पंजीकृत हितग्राहियों के बैंक खाता के माध्यम से 15-15 दिन के अंतराल में भुगतान किया जाएगा।
गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी ने की समीक्षा
निगम उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने निगम के सभागर में गोधन न्याय योजना की समीक्षा की। सभी जोन आयुक्त को अपने क्षेत्र के चिन्हित स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने कहा। जल्द से जल्द से गोबर खरीदी शुरू करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्व सहायता समूह की महिलाओं को गोधन न्याय योजना की विस्तृत जानकारी भी दी तथा डॉक्यूमेंटेशन को लेकर अद्यतन करने कहा। बैठक में उपायुक्त तरूण पाल लहरे, लेखा अधिकारी जितेन्द्र ठाकुर, पीएमयू के शुभम पाटनी, सभी जोन आयुक्त और समन्वय समिति की महिलाएं मौजूद थी।
दुर्ग / शौर्यपथ / वैश्विक महामारी के मद्देनजर कोरोना को लेकर शासन एवं प्रशासन के द्वारा रोज नए नए तुगलकी फरमान जारी किए जा रहे है, लेकिन उसके बावजूद कोरोना का संक्रमण राज्य भर मे दिन दूनी और रात चौगुनी रफ्तार से फैलता दिखाई दे रहा है, अब तो शासन प्रशासन को मान लेना चाहिए कि लॉक डाउन कोरोना का इलाज़ नहीं है, बल्कि लॉक डाउन के चलते बंद व्यापार ने व्यापारियों की कमर जरूर तोड़ दी है, व्यापारी अब डिप्रेसन मे जा चुके है, शासन प्रशासन ने अगर लॉक डाउन स्थिति को 6 अगस्त के बाद भी जारी किया तो अलग अलग तरह से जनता का विरोध देखने को मिल सकता है ।
इसी गंभीर मुद्दे को लेकर आज दुर्ग के कैट व्यापारी संघ ने एक बैठक का आयोजन कर लॉकडाउन जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा की, इस चर्चा के बारे में संगठन के पदाधिकारियों ने मीडिया से चर्चा करते हुये शासन प्रशासन को चेतावनी दी हैं कि यदि प्रशासन 6 अगस्त के बाद भी लॉकडाउन जारी रखा और हम लोगों को दुकानें खोलने की अनुमति देता है तो हम सभी व्यापारी 7 अगस्त से प्रात: 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक अपनी दुकान खोलेंगे। यदि चालान काटा गया तो सभी व्यापारी मिलकर इसका विरोध करेंगे। दुकान नही खुलने से हमको और हमारे परिवार को भूखे मरने की नौबत आ गई है। बिजली बिल किराया, बच्चों के स्कूल का फीस जमा करने से लेकर कई दिक्कतें हमारे सामने है, हम अब दुकान खोलने मजबूर है। अब हम हर हाल में 7 अगस्त से दुकान खोलनें चाहे कुछ भी हो।
भिलाई / शौर्यपथ / विश्व बैंक कालोनी से ऐश्वर्या गैस एजेंसी के समीप गौरव पथ से जुड़ी भिलाई-चरोदा नगर निगम का मॉडल रोड भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। करीब एक करोड़ की लागत बनी मॉडल रोड एक महीने के अंदर ही दरकने लगी है। महज पांच सौ मीटर की लंबाई वाली इस सड़क पर जगह-जगह उभरी दरारे भ्रष्टाचार की पोल खुलता दिखाई दे रहा है। इस रोड में जगह जगह दरारों को देख रेत डालकर छिपाने की नाकाम कोशिश की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि भिलाई -3 में एक करोड़ की लागत से बनी मॉडल रोड भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी है। विश्व बैंक कालोनी से ऐश्वर्या गैस एजेंसी के समीप गौरव पथ से जुड़ी इस मॉडल रोड पर माह भर पहले ही डामरीकरण किया गया है। इस बीच कोई अधिक बारिश भी नहीं हो पायी है। बावजूद इसके सड़क का कुछ स्थान पर धंस जाना और दरारों के उभरने से कहीं न कहीं इसके निर्माण में हुई भ्रष्टाचार की पोल खुल रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास और पीएचई मंत्री गुरु रूद्र कुमार के निर्वाचन क्षेत्र वाले नगर निगम के महत्वपूर्ण विकास कार्य में भ्रष्टाचार की पोल खोलते इस मामले पर चर्चा सरगर्म हो गई है।
भिलाई-चरोदा नगर निगम के द्वारा लगभग दो साल पहले विश्व बैंक कालोनी से गौरव पथ को जोडऩे वाली सड़क को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए लगभग एक करोड़ रूपये व्यय प्रावधानित किया गया। इसके तहत बीच में डिवाइडर के साथ दोनों ओर 20-20 फीट चौड़ाई में डामरीकृत सड़क को माह भर पहले ही अंतिम रूप दिया गया। दोनों तरफ पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ और दोनों किनारों पर आरसीसी नाली के सहित सड़क को रौशन करने डिवाइडर में ट्यूबलर पोल लगाने का कार्य भी इसमें शामिल है।
जनप्रतिनिधियों की माने तो नगरीय प्रशासन विकास विभाग ने नगर निगम को अपनी सीमा के भीतर किसी एक सड़क को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने लागत के अनुरूप राशि प्रदान करने में कोई हीला-हवाला नहीं बरता। निगम द्वारा सड़क का चयन कर प्रेषित प्रस्ताव को स्वीकृति देकर शासन ने लगभग एक करोड़ की राशि प्रदान कर दिया। लेकिन डामरीकरण के माह भर के भीतर ही जिस तरह से सड़क पर दरारें उभरने लगी है। उसके शासन की दी गई राशि के बंदरबांट होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है। महज एक महिने में एक करोड़ की सड़क ने जिस तरीके से भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दिया है उससे नगर मकसद से रेत की परत बिछाने से यह साफ नजर आ रहा है।
प्रतिबंधित समय में डामरीकरण
मॉडल रोड पर डामरीकरण का कार्य प्रतिबंधित समय में किया गया है। लोक निर्माण विभाग की गाइड लाइन के अनुसार 15 जून से 15 सितम्बर के बीच सड़क डामरीकरण नहीं किया जा सकता है। इस अवधि में बारिश की बनी रहने वाली संभावना के चलते डामरीकरण की गुणवत्ता प्रभावित होती है। लेकिन संबंधित ठेकेदार ने मॉडल रोड पर 15 जून के बाद डामरीकरण कर नियम के खिलाफ काम किया। अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया और माह भर के भीतर ही सड़क की दशा व दिशा बिगडऩे लगी है।
ठेकेदारों की रिंग पद्धति है जिम्मेदार: विजय जैन
नगर निगम के सभापति विजय जैन ने निर्माण के एक महिने में मॉडल रोड के दरकने के लिए ठेकेदारों के अघोषित रिंग पद्धति को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से मामूली बारिश में सड़क खराब होने लगी है उससे अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत उजागर हुई है। जनप्रतिनिधियों की भावना के खिलाफ जाकर ठेकेदारों को रिंग बनाकर काम बांटने अधिकारियों की करतूत से जनभावना के अनुरूप विकास नहीं हो पाना दुखद है। इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोब आज सुबह बरसते पानी में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार चन्द्राकर के साथ डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम भैंसबोड़ और ग्राम भर्रीटोला-43 के गौठान व चारागाह का निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने वहाॅ गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेता हितग्राहियों की संख्या और अब तक खरीदे गए गोबर की मात्रा की जानकारी ली। कलेक्टर ने समूह की सदस्यों से आजीविका गतिविधियों के संचालन के संबंध में चर्चा की। उन्होंने स्वसहायता समूहों की सदस्यों से वर्मी कम्पोस्ट निर्माण हेतु प्रशिक्षण की जानकारी ली। समूह की सदस्यों ने बताया कि उन्हें वर्मी कम्पोस्ट निर्माण हेतु प्रशिक्षण मिला है। कलेक्टर ने बताया कि खरीदे गए गोबर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर इसका सहकारी समितियों के माध्यम से विक्रय किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से एक ओर पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा। दूसरी ओर जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
ग्राम भैंसबोड़ में स्वसहायता समूह की सदस्यों ने कलेक्टर को बताया कि वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के अतिरिक्त तार फेंसिंग बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अगरबत्ती और फिनायल बनाने का भी कार्य किया जाएगा। कलेक्टर ने तार फेंसिंग निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया। समूह की सदस्यों ने बताया कि चारागाह परिसर में कृषि और उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है और डबरी में मछली पालन भी किया जा रहा है।
कलेक्टर ने ग्राम भर्रीटोला-43 के गौठान में गोधन न्याय योजना के तहत खरीदे गए गोबर और वर्मी टंाका का अवलोकन किया। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट तथा गौठान में निर्मित अन्य उत्पादों का भी आकर्षक पैकेजिंग की सलाह दी।
कलेक्टर ने वहाॅ भी चारागाह का अवलोकन किया। उन्होंने वहाॅ चारागाह परिसर में स्वसहायता समूह द्वारा ली जा रही सब्जी की फसल का अवलोकन कर उसकी सराहना की और समूह के सदस्यों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राज, सहायक परियोजना अधिकारी नीतेश साहू, पूर्व जनपद सदस्य अनिल सुथार सहित पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज शासकीय मेडिकल कॉलेज पेण्ड्री में वायरल रिसर्च एवं डायग्नोस्टिक लेब्रोटरी का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने बॉयोसेफ्टी लेवल -2 रूम, टेम्प्लेट एण्ड एडिशन रूम, मास्टर मिक्स एण्ड पीसीआर रिएजेंट प्रिप्रेशन रूम, पीसीआर रूम, पोस्ट पीसीआर रूम, कोल्ड रूम, रिकार्ड रूम, स्टॉफ रूम एवं स्टरलाईजेशन रूम तथा लॉबी का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि इस लैब के बन जाने से अब कोविड-19 के परीक्षण के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट में गति आएगी। उन्होंने डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. रेणुका गहिने से लैब टेक्नीशियन एवं अन्य स्टॉफ के प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी ली। डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. गहिने ने बताया कि आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए इस लैब में एक वैज्ञानिक, एक माईक्रो बॉयोलॉजिस्ट, 6 लैब टेक्नीशियन रहेंगे। उन्होंने कहा कि लेब्रोटरी में शुरूआत में आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए प्रतिदिन 250 से 300 सेम्पल का परीक्षण किया जाएगा एवं आने वाले समय में इसकी क्षमता प्रतिदिन 1000 से 1200 तक बढ़ाई जाएगी।
इस अवसर पर अधीक्षक मेडिकल कॉलेज डॉ. प्रदीप बेक उपस्थित थे। शासकीय मेडिकल कॉलेज पेण्ड्री के माईक्रो बॉयोलॉजी विभाग के अंतर्गत कोविड-19 आरटीपीसीआर टेस्ट करने के लिए वायरल रिसर्च एवं डायग्नोस्टिक लेब्रोटरी का निर्माण किया गया है। इस लैब के नोडल ऑफिसर डॉ. विजय अंबादे एवं लेब्रोटरी इंचार्ज डॉ. सिद्धार्थ पिंपलकर है। लेब्रोटरी में सेम्पल प्राप्त करने वाली टीम सेम्पल लेगी और बीएसएल-2 रूम में सेम्पल का सत्यापन वेरिफिकेशन टीम के द्वारा किया जाएगा। उसके बाद सेम्पल एनालिसिस एवं आरएनए एक्सट्रेक्शन टीम आरएनए का एक्सटे्रक्शन का कार्य करेगी। निकाले हुए निष्कर्षित आरएनए का मास्टर मिक्स के साथ मिक्सिंग किया जाएगा एवं अंतिम चरण में आरटीपीसीआर मशीन के माध्यम से विश्लेषण टीम उसका परीक्षण करेगी और अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
पनामा पेपर्स मामले में मुख्यमंत्री पद पर रहे रमन सिंह को खुद जांच करवानी थी
अब भी रमन सिंह शिकायत करें नहीं तो कांग्रेस राज्य सरकार को जांच के लिये कहेगी
रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के कवर्धा के पते पर विदेशी खाते खोले जाने पर वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि अगर रमन सिंह ने अपने कवर्धा के पते पर विदेशों में खाता खोले जाने की शिकायत नहीं की है तो स्पष्ट है कि मामला बहुत गंभीर है। रमन सिंह जी को इस मामले की जांच कराये जाने की अपनी जिम्मेदारी निभानी थी। अगर रमन सिंह जी पाक साफ होते तो जांच नहीं तो कम से कम मामले की शिकायत तो रमन सिंह ने की ही होती। 15 साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के वर्तमान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे जो इतने गंभीर विवाद पर भाजपा की राज्य सरकार और भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा जांच तक नहीं करवाने से सब कुछ स्पष्ट है।
रमन सिंह जी अभी भी शिकायत नहीं करते हैं, तो कांग्रेस सरकार से शिकायत करेगी और इस अगस्ता दलाली के मामले पर कार्यवाही की मांग करेगी। अब तो भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी पूछ लिया है कि सरकार पनामा पेपर्स मामले में कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे है। अगर भाजपा चाहे तो इस मामले की जांच के लिये राज्य सरकार को कह सकती है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि हम यह भी जानना चाहते है कि क्या अगस्ता मामले की दलाली का पैसा ही इस विदेषी खातें में जमा किया गया था? पनामा पेपर्स से उजागर हुये अभिशेक सिंह के विदेषी निवेष के मामले की जांच होनी चाहिये। आई.सी.आई.जे. की वेबसाइट में ‘‘म.नं. 05, विंध्यवासिनी वार्ड, रायपुर-नांदगांव मार्ग कवर्धा, जिला कबीरधाम’’ दिया गया है। अभिषेक सिंह के पिता रमन सिंह का पता विधानसभा निर्वाचन के समय उनके शपथ पत्र में ‘‘म.नं. 05, रायपुर-नांदगांव मार्ग कवर्धा, जिला कबीरधाम’’ दिया गया है। अभिषेक सिंह के द्वारा अपना नामांकन फार्म में पता यही भरा गया है। यही पता आई.सी.आई.जे. द्वारा उजागर लिंक्स में भी है। इन सारे महत्वपूर्ण तथ्यों के बावजूद भी न रमन सरकार ने न भाजपा की केन्द्र सरकार ने रमन सिंह और अभिषेक सिंह के कालेधन के निवेश की जांच नहीं करवायी?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पूछा है कि 15 साल की सत्ता चली जाने के बाद रमन सिंह अब तो बता दें कि मुख्यमंत्री के कवर्धा के पते पर खाता खोलने वाला अभिषाक सिंह कौन है? 2 साल पहले पनामा की फर्म मोस्साक फोंसेका के कुछ पेपर लीक हुए थे, जिसमें अभिषाक सिंह के नाम से मुख्यमंत्री रमन सिंह के कवर्धा वाले घर के पते पर करोड़ों रुपयों के विदेशी निवेश की बात उजागर हुई थी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सांसद बेटे का नाम अभिषेक सिंह है। लगातार कांग्रेस द्वारा इस मामले में जांच की मांग की जाती रही है। कांग्रेस ने बार-बार मांग दोहराई है कि पनामा पेपर्स लीक मामले में अभिषाक सिंह के नाम और मुख्यमंत्री के गृह निवास के पते पर जो निवेश हुआ है, उसकी जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। परंतु इतने बड़े घोटाले में सूबे के 15 साल मुखिया रहे रमन सिंह की लगातार रहस्यमयी चुप्पी लगातार अनेक सवालों को जन्म देती रही। मुख्यमंत्री रमन सिंह के घर पर अभिषाक सिंह के नाम से निवेश की कंपनी खोली जाती है और इसकी जांच में ना तो स्वयं मुख्यमंत्री रमन सिंह, ना भाजपा की राज्य सरकार और ना भाजपा की केंद्र सरकार कोई रुचि नहीं दिखा रही है। अभी तक कोई जांच ही नहीं गई है। इससे कम तथ्यों के खुलासे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की गद्दी चली गई।
बिरगॉव / शौर्यपथ / अर्बन क्षेत्र में ग़ैर कोविड गतिविधि के तहत बुधवार को बिरगॉव में किशोरी दिवस का आयोजन किया गया जिसमें 11 से 14 वर्ष की सभी किशोरियों की लम्बाई और वजन मापा गया। साथ ही उन्हे स्वास्थ्य और कोरोना संक्रमण काल में बेहतर पोषण आहार लेने की जानकारी दी गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मीरा बघेल के मार्गदर्शन में किशोरी दिवस का आयोजन आगामी समय में प्रत्येक बुधवार को नियमित रुप से गाइडलाईन का पालन करते हुये मनाया जाएगा।किशोरी दिवस के आयोजन की जानकारी देते हुए शहरी कार्यक्रम प्रबंधक ज्योत्सना ग्वाल ने बताया राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में 11 से 14 वर्ष की सभी किशोरियों के हीमोग्लोबिन, लम्बाई और वजन मापा गया। कम हीमोग्लोबिन पाए जाने पर किशोरियों को आयरन की गोलियों के साथ ही बेहतर पोषण आहार के बारे में जानकारी दी गई। जो किशोरियां एनीमिक पायी गईं उन्हें अगले चरण में फिर से बुलाया गया है। किशोरियों को खून की कमी से बचने को आयरन की गोलियों के सेवन और खान-पान संबंधी विस्तृत जानकारी भी विभाग द्वारा दी गई ।
इसके साथ ही किशोरियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ ही सैनिटरी नैपकिन का निशुल्क वितरण किया गया। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए बिना गले लगे एक दूसरे का अभिवादन करने, शारीरिक दूरी बनाये रखने, मास्क लगाने और आंख, नाक कान और मुंह को हाथों से नहीं छूने के बारे में भी बताया गया । श्वसन संबंधी सफाई और सुरक्षा का पालन करने, नियमित हाथों को धोने, अलग-अलग सतहों को नियमित कीटाणु रहित करने की सलाह दी गयी है। महामारी के दौरान कोरोना संक्रमितों से भेदभाव एवं कोरोना को लेकर सोशल मीडिया के माध्य्म से फैलने वाली अफवाह से खुद को और परिवार को बचाने की बातें भी बताई गई। कोविड 19 संक्रमण से जुड़े नकारात्मक और बिना पुष्टि की गई बातों को सोशल मीडिया के माध्यम से नहीं भेजने की अपील की गयी है । साथ ही कोविड 19 के बारे में विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लेने, किसी मदद या जानकारी के लिए टॉल फ्री नंबर 104 पर फोन करने और मानसिक तनाव,अवसाद को दूर करने के लिए आवश्यक मदद पाने की जानकारी भी दी गई ।
परिवार में कोई तंबाकू का सेवन करने वाले सदस्यों को रोकना और नशा मुक्ति केंद्र तक पहुंचाने मे मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सूचित कर उनकी मदद लेने की भी बात बताई गयी ।
डॉ. अंजना लाल, सिस्टर रेखा परघनिया, सिस्टर पूनम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरगांव और हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर उरला की सिस्टर सुनीता ठाकुर का महत्वपूर्ण सहयोग किशोरी दिवस को सफल बनाने में रहा ।
रायपुर / शौर्यपथ / राजधानी के खुदादाद डूंगाजी शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में ओपीडी वैकिल्पक व्यवस्था मंगलवार से मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने शुरु की है। आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में दो दिनों से चालू सामान्य ओपीडी में महिला व पुरुष मरीजों के लिए अलग-अलग डॉक्टरों की टीम मरीजों का इलाज कर रहे हैं। सामान्य ओपीडी में मंगलवार और बुधवार को 250 से अधिक मरीज लाभांवित हुए। आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जीएस बघेल ने बताया, आयुर्वेदिक अस्पताल की आईपीडी व ओपीडी वार्ड को स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड-19 अस्पताल का वार्ड बनाए जाने के बाद से 28 जुलाई से 3 अगस्त तक ओपीडी प्रभावित रही। डॉ बघेल का है कोरोना संकट के बीच नॉन कोविड के मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए वैकिल्पक व्यवस्था शुरु की गई है। इससे आयुर्वेदिक पद्वति से इलाज कराने वाले मरीजों को दवाएं और डॉक्टरों से परामर्श भी मिल सकेंगे। कॉलेज के भवन में ओपीडी का संचालन 4 अगस्त से सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक नियमित रूप से शुरू किया गया है ।
ओपीडी की वैकिल्पक व्यवस्था शुरू होने से आयुर्वेदिक अस्पताल में आने वाले प्रतिदिन 250 से अधिक मरीजों को डिस्पेंसरी खुलने से निशुल्क औषधियों का लाभ मिलने लगेगा। डिस्पेंसरी की औषधियों को कॉलेज के फिजीयोलॉजी हॉल में शिफ़ट किया गया है। ताकि दवाओं के लिए मरीजों व पेंशनरों को यहां वहां भटकने की जरुरत न पड़े। ताकि आयुर्वेद के इलाज में सेवा ले रहे मरीजों का चिकित्सकों का परामर्श का लाभ मिल सके । ओपीडी में इलाज कराने आए हीरापुर निवासी 40 वर्षीय प्रेमलाल साहू ने बताया, उन्हें पक्षाघात की शिकायत है। यहां लगभग 3-4 महीने से इलाज चल रहा है। आयुर्वेदिक अस्पताल में इलाज का लाभ भी हुआ है। सप्ताह भर से ओपीडी बंद होने से दवा के लिए परेशानी हो रही थी। इसी तरह मुंगेली निवासी 52 वर्षीय रतन लाल उइके और उनकी 20 वर्षीया बेटी उर्मिला उइके को मधुमेह की बीमारी है। रतन लाल ने बताया काफी जगह भटकने के बाद आयुर्वेदिक दवाओं से उनको काफी राहत मिल रही है।
आयुर्वेदिक अस्पताल अधीक्षक डॉ पीके जोशी ने बताया ओपीडी कक्ष को कोविड-19 वार्ड में तब्दील कर 300 बेड का अस्पताल कोरोना मरीजों के लिए शुरु किया गया है। इसकी वजह से मरीजों की इलाज़ प्रभावित हो रहा था। आयुष संचालक जीएस बदेशा ने महाविद्यालय की मान्यता सहित पीजी करने वाले 70 छात्रों का रिसर्च वर्क प्रभावित ने हो इस लिए ओपीडी को नियमित रुप से प्रारंभ करने का निर्देष दिया है। डॉ जोशी ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सा सेवा के लिए संचालित ओपीडी पंचकर्म,कायचिकित्सा, शल्य, बाल रोग, शालक्य, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के मरीजों का इलाज अभी सामान्य ओपीडी में ही होंगे। ओपीडी में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच नियमित रूप से होगा। अस्पताल में आने वाले मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा। अस्पताल परिसर में गर्भवती महिलाओं के अलावा अन्य महिलायों को भी स्त्री रोग से संबंधित इलाज व परामर्श प्रदान किए जाएंगे ।
नवागढ़/ शौर्यपथ / लगातार नवागढ़ क्षेत्रवासियों को विद्युत की समस्या का सामना करना पड़ रहा है ,कही ट्रांसफॉर्मर खराबी, तो कही फेल हुए ट्रांसफॉर्मर को बिजली विभाग के द्वारा लगा दिया गया है। कही- कही लोव वोल्टेज की समस्या , तो कही विधुत के कारण पेयजल की समस्या हर समय सामने आ रही है। ट्रांसफॉर्मर खराबी के कारण ज्यादातर गावो में किसान परेशान हो रहे है। एक ओर पूरी विश्व वैश्विक महामारी कोरोना संकट से लोग जूझ रहे है वही दूसरी ओर किसान कम बारिश को लेकर परेशान तो अब बिजली विभाग की उदासीनता को देखकर किसान चिंतित है।
पूरा मामला जनपद पंचायत नवागढ़ के नवीन ग्राम पंचायत बुचिपुर का है। जहां बार बार ट्रांसफॉर्मर फेल के कारण ग्रामीण परेशान है,पेयजल का संकट उत्पन्न हो गई है। मंगलवार रात से जानकारी मिलने तक पूरे गांव में बिजली बीजली बंद थी। जिनकी शिकायत ग्रामीणों ने फ़ोन के माध्यम से जिला कलेक्टर एवं विद्युत विभाग को भी सूचित भी कर दिया गया है। लेकिन अभी तक जिला के कोई भी अधिकारी इस मामले में ध्यान नही दे रहे है। विभाग के उच्च अधिकारी भी मामले को संज्ञान में नही ले रहे है ।जिनके चलते ग्रामीण आक्रोशित नजर आ रहे है, साथ ही साथ इस बार नए ट्रांसफॉर्मर नही लगने पर ग्रामीणों ने राज्य सरकार नारेबाजी और धरना प्रदर्शन की बात कही।
संभागीय कार्यपालन यंत्री मुरारी श्री हरि ने ने बताया कि नियमित रूप से फेल हुए ट्रांसफॉर्मर को भिलाई स्टोर भेजा जा रहा है। हाल में ही 25 केवी के 30 नये ट्रांसफार्मर प्राप्त हुआ है। जिसे जरूरत के आधार पर सिचाईं व घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भेजा जा रहा है,आने वाले दिनों में और भी ट्रांसफॉर्मर प्राप्त होने वाला है ।फेल हुए ट्रांसफॉर्मर बदल जाएंगे।कुछ पुराने ट्रांसफार्मर की मरम्मत कर उपयोगी बनाने का काम भी कार्यलय परिसर में किया जा रहा है।
// 46 हजार 964 हितग्राहियों को 1.65 करोड़ रूपए का होगा भुगतान
शहीद महेन्द्र कर्मा को उनकी जयंती के अवसर पर अर्पित करेंगे श्रद्धांजलि
// शहीद महेन्द्र कर्मा के नाम पर प्रदेश में शुरू होगी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना
// प्रदेश के 12.50 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को मिलेगा लाभ
// मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गोबर विक्रेताओं से भी करेंगे चर्चा
// राम वन गमन पथ पर दिया जाएगा प्रस्तुतीकरण
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 5 अगस्त को अपने रायपुर निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार की अभिनव योजना 'गोधन न्याय योजनाÓ के तहत गोबर खरीदी का पहला भुगतान हितग्राहियों के खाते में अंतरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे। श्री बघेल इस अवसर पर प्रदेश में शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना का भी शुभारंभ करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री बघेल दोपहर 3 बजे शहीद महेन्द्र कर्मा की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और वन मंत्री मोहम्मद अकबर का उद्बोधन होगा। मुख्यमंत्री 3.15 बजे गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर खरीदी की राशि का हितग्राहियों के खाते में अंतरण प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री बघेल इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों से चर्चा करेंगे। दोपहर 3.35 बजे मुख्यमंत्री शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना का शुभारंभ करने के बाद कार्यक्रम को सम्बोधित करेंगे। पर्यटन विभाग के अधिकारियों द्वारा दोपहर 3.50 बजे राम वन गमन पथ पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री बघेल गोधन न्याय योजना के तहत 20 जुलाई से 1 अगस्त तक गोबर खरीदी की पहली किश्त की राशि 5 अगस्त को सहकारी बैंक के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में अंतरित करेंगे। राज्य में कुल 4140 गौठानों में पंजीकृत 65 हजार 694 हितग्राहियों में से 46 हजार 964 हितग्राही द्वारा 82 हजार 711 क्विंटल गोबर का विक्रय किया गया, जिसकी कुल राशि 2 रूपए प्रति किलो की दर से 1 करोड़ 65 लाख रूपए पशुपालकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। इस योजना का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर के पशुपालकों तक पहुंचाया जा रहा है, जिसमें 38 प्रतिशत महिला हितग्राही, 48 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग, 39 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति, 8 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं 5 प्रतिशत सामान्य वर्ग के हितग्राही हैं। गोबर खरीदी का आगामी भुगतान 15 अगस्त को किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत राज्य के रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी और बालोद जिलों में सबसे अधिक गोबर विक्रय किया गया है। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्रों में रायपुर एवं दुर्ग के पशुपालकों ने सबसे ज्यादा गोबर विक्रय किया गया है।
गोधन न्याय योजना देश में अपने तरह की प्रथम योजना है, जिसमें पशुपालकों, किसानों से 2 रूपए प्रति किलो (परिवहन व्यय सहित) की दर पर गौठानों में खरीदी की जा रही है। खरीदे गए गोबर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर इसका सहकारी समितियों के माध्यम से विक्रय किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से एक ओर पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा। दूसरी ओर प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना महामारी संक्रमण को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के गृह और लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने 6 अगस्त को अपने जन्म दिन पर कोई कार्यक्रम नहीं करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में भारत सहित संपूर्ण विश्व कोरोना महामारी के प्रकोप से त्रस्त है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए पूरे प्रदेश में लॉकडाउन लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि जन्म दिन पर व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, सोशल मीडिया आदि के माध्यम से ही शुभकामनाएं, स्नेह और आशीर्वाद प्रदान कर सकते हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
