September 26, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6110)

    रायपुर /शौर्यपथ/

    उद्योग मंत्री एवं कोण्डागांव जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा एवं हस्तशिल्प बोर्ड के अध्यक्ष एवं विधायक नारायणपुर  चंदन कश्यप कोंडानार हस्तशिल्प महोत्सव में शामिल हुए। मंत्री  लखमा ने स्थानीय शिल्पकारों से मुलाकात कर उनका प्रोत्साहन किया, शिल्पकारों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और स्थानीय परंपरागत वाद्य यंत्र तोड़ी एवं नगाड़े को भी बजाया। इस महोत्सव का आनंद सभी लोग ले रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा पंखुड़ी सेवा समिति के सहयोग से कोण्डागांव में शिल्पकारों के प्रोत्साहन के लिए इसका आयोजन किया गया है।

    उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के सहयोग से पंखूड़ी सेवा समिति द्वारा स्थानीय कलाकारों को आभूषण निर्माण से जोड़कर ढोकरा कला में बेलमेटल एवं टेराकोटा के आभूषणों का परम्परागत जनजातीय डिजाइनों में निर्माण किया जा रहा है। इसके संबंध में पंखूड़ी सेवा समिति की संचालक खुशी ने बताया कि समिति द्वारा स्थानीय ढोकरा कला के युवा शिल्पकारों को एकत्र कर परम्परागत जनजातीय आभूषणों को बेलमेटल द्वारा निर्मित कर देश-विदेशों तक श्रृंगार जनजातीय ज्वेलरी की ब्रांड द्वारा पहुंचाने की योजना बनाई गई है, जिसके तहत् शिल्पनगरी में ही आभूषणों का निर्माण कार्य किया जायेगा। बेलमेटल के आभूषणों में स्थायी चमक होने के साथ इन्हें पहनना काफी आरामदेह होता है। इन आभूषणों में ढोकरा शिल्प का विशेष रंग होने के साथ यह काफी आकर्षक भी दिखती है। इन आभूषणों को विभिन्न प्रदर्शनियों एवं हेण्डीक्रॉफ्ट स्टोर्स में विक्रय के साथ ऑनलाईन माध्यम में भी बेचा जायेगा। इन आभूषणों के प्रति लॉन्च के पूर्व ही खासा उत्साह देखा गया है।

    कोंडानार हस्तशिल्प महोत्सव अब 30 अक्टूबर 2021 तक संचालित रहेगी। पूर्व में यह 10 से 25 अक्टूबर तक प्रदर्शनी लगायी गयी थी, कलाकारों की मांग पर जिला प्रशासन द्वारा प्रदर्शनी को अब 30 अक्टूबर तक लगाने की अनुमति प्रदान कर दी है।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    छत्तीसगढ़ शासन के वन, परिवहन, आवास, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  मोहम्मद अकबर अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान आज कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुसुमघटना में आयोजित भागवत कथा में शामिल हुए और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद भी लिया और कबीरधाम जिले एवं छत्तीसगढ़ की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर श्री कन्हैया अग्रवाल,  नीलकंठ चन्द्रवंशी, कलीम खान, तुकाराम चंद्रवंशी सहित जनप्रतिनधि उपस्थित थे।

    रायपुर /शौर्यपथ/

     पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  टी.एस. सिंहदेव ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) के अंतर्गत किए जाने वाले विभिन्न कार्यों के लिए एसओआर (Schedule of Rates) पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा की। जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, कलेक्टरों और मनरेगा आयुक्त कार्यालय के साथ ही कई निर्माण एजेंसियों द्वारा इसकी पुनरीक्षण की मांग की जा रही थी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  सिंहदेव ने बैठक में कहा कि जीएसटी लागू होने, निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि, मजदूरी की दर में बढ़ोतरी तथा पेट्रोल व डीजल की कीमत बढ़ जाने से पुराने एसओआर पर कार्य संपादन में मुश्किल आ रही है। वर्तमान में प्रचलित दरें 2015 से लागू है। इसका पुनरीक्षण कर निर्माण और संधारण कार्यों के लिए ज्यादा राशि का प्रावधान किया जाना चाहिए। उन्होंने पुनरीक्षण कार्य शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्गम क्षेत्रों में परिवहन एवं अन्य कार्यों में ज्यादा खर्च को देखते हुए ऐसे क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त प्रावधान रखने के निर्देश दिए।

    ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा पक्के और कच्चे दोनों तरह के निर्माण व संधारण कार्यों के साथ ही जंगल सफाई, रंगाई-पुताई, पत्थर, लकड़ी, लोहे के काम, नाली निर्माण तथा कुआं खुदाई जैसे कार्यों की दरें पुनरीक्षित की जा रही हैं। साथ ही सामग्री, परिवहन और मजदूरी की दरें भी पुनरीक्षित की जा रही हैं।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    रबी सीजन 2021-22 के लिए विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का सहकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र में भण्डारण एवं वितरण शुरू कर दिया गया है। इस साल रबी सीजन में 4 लाख 11 हजार मीट्रिक टन उर्वरक वितरण के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक सहकारी समितियों में 70 हजार 806 तथा निजी क्षेत्रों में एक लाख 36 हजार 556 मीट्रिक टन इस प्रकार कुल एक लाख 93 हजार 422 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जो कि रबी सीजन के लिए निर्धारित लक्ष्य का 47 प्रतिशत है। सहकारी समितियों एवं निजी क्षेत्रों में उपलब्ध रासायनिक उर्वरकों का उठाव किसानों द्वारा शुरू कर दिया गया है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों ने अब तक 15573 मीट्रिक टन यूरिया, 4397 टन डीएपी, 2135 टन एनपीके, 2705 टन पोटाश तथा 3389 टन सुपरफास्टेक उर्वरक का उठाव किया है, जो कि भण्डारित उर्वरक का 15 प्रतिशत है। सोसायटियों एवं निजी क्षेत्र में वर्तमान में विभिन्न प्रकार के कुल एक लाख 65 हजार 223 टन उर्वरक उपलब्ध हैं।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    छत्तीसगढ़ की बेटियों की उपलब्धियों पर

    मुझे छत्तीसगढ़ की बेटियों की उपलब्धियों पर गर्व है। यहां की बेटियों ने कला, साहित्य, विज्ञान, खेलकूद, पत्रकारिता, प्रशासन हर क्षेत्र में परचम लहराया है और अपने परिवार सहित प्रदेश का नाम रोशन किया है। वे कभी भी किसी चुनौतियों से न घबराएं और निरंतर आगे बढ़ते रहें। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने कही। वे कर्मयोगिनी सम्मान कार्यक्रम में अपना उद्बोधन दे रही थीं। उन्होंने सम्मानित सभी बेटियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एवं यहां की समस्त महिला शक्ति के लिए भी गर्व की बात है कि यहां पर एक महिला को राज्यपाल का दायित्व सौंपा गया है।

    राज्यपाल सुश्री उइके आज इन बेटियों की उपलब्धियों और क्षमताओं से अभिभूत हो गईं और उन्होंने कहा कि मुझे आप सब पर गर्व है और मैं आप सबको राजभवन आमंत्रित करूंगी। उन्होंने स्वयं के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि बेटियों और महिलाओं को हर क्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इससे हार नहीं माननी चाहिए और सफलता हासिल करने के लिए दोगुने जोश से जुट जाना चाहिए। राज्यपाल सुश्री उइके आज बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ संस्था द्वारा आयोजित सम्मान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बतौर शामिल हुईं।

    राज्यपाल ने कहा कि यहां तक पहुंचने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, परन्तु उनकी संघर्ष यात्रा में अच्छे लोग भी मिले, जिनसे अपनी तकलीफ साझा करती थी तो वे उनका उत्साहवर्धन करते थे। मैं महापुरूषों की जीवनी और प्रेरणादायी पुस्तकों का अध्ययन करती थी, जिससे निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली और आज मुझे छत्तीसगढ़ के राज्यपाल पद पर कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ।

    राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच के कारण वर्ष 2015 से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान प्रारंभ किया गया, जिसके सुखद परिणाम सामने आए। इसी का परिणाम है कि आज विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएं अपना परचम लहरा रही हैं। महिलाओं एवं बच्चियों की योग्यता और महत्व को समझते हुए हमारे पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा पहली बार जेण्डर आधारित बजट व्यवस्था को लागू किया था। इसी विचार सोच एवं नीति को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी द्वारा भी महिला एवं बालिकाओं के हितों की योजनाओं को गति प्रदान कर रहे हैं।

    राज्यपाल ने कहा कि मैंने जब से राज्यपाल पद का दायित्व संभाला मैंने यह प्रयास किया कि हर जरूरतमंद व्यक्तियों की बात सुनूं और समाधान के प्रयास करूं। मैंने राजभवन की लार्ड गवर्नर की अवधारणा को समाप्त किया और राजभवन को सभी के लिए खोलकर राजभवन को ‘जनभवन’ बना दिया।

    कार्यक्रम को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं डॉ. राजेन्द्र फड़के ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव  चंपादेवी पावले, पूर्व विधायक  श्रीचंद सुंदरानी, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ संस्था के संयोजक  अंजय शुक्ला, संस्था के पदाधिकारीगण एवं महिलाएं उपस्थित थीं।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लोकवाणी में इस बार उद्यमिता और जनसशक्तिकरण का छत्तीसगढ़ मॉडल पर बातचीत करेंगे। इस संबंध में आप आकाशवाणी रायपुर के दूरभाष नंबर 0771-2430501, 2430502, 2430503 पर 27, 28 एवं 29 अक्टूबर को अपरान्ह 3 से 4 बजे के बीच फोन करके अपने सवाल रिकॉर्ड करा सकते हैं। 

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी की 23वीं कड़ी का प्रसारण 14 नवंबर 2021 को होगा। लोकवाणी का प्रसारण छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केंद्रों, एफएम रेडियो और क्षेत्रीय समाचार चैनलों से सुबह 10.30 से 11 बजे तक होगा।

     

    राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण(नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान एवम छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में "आजादी का अमृत महोत्सव" अन्तर्गत अधिवक्ता श्री गुलाबभारती गोस्वामी द्वारा अखिल भारतीय जागरूकता एवम आउटरीच अभियान के तहत शासकीय हाई स्कूल टांगापानी, वि०खण्ड- नगरी में विधिक जागरूकता कार्यक्रम में धाराओं,उपधाराओं , विधिक एवम न्याय सम्बन्धी अत्यावश्यक जानकारियां विद्यालय परिवार एवम छात्र-छात्राओं को प्रदान की गयी।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं संस्था प्राचार्य डॉ०शैल चन्द्रा ने उपरोक्त कार्यक्रम को व्यक्ति हित, समाज हित और देश हित के लिए अनिवार्य बताया। कार्यक्रम में स्टॉफ के समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे।

    राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव 28 से 30 अक्टूबर तक तथा राज्योत्सव का आयोजन रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में 01 नवम्बर को होगा

    31 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी और पूर्व उप प्रधानमंत्री श्री वल्लभ भाई पटेल के व्यक्त्वि और कृतित्व पर फोटो प्रदर्शनी और संगोष्ठी का होगा आयोजन

    राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में 7 देशों के नर्तक दलों सहित 27 राज्यों और 6 केन्द्र शासित प्रदेशों के 59 आदिवासी नर्तक दल देंगे रंगारंग प्रस्तुति

    आदिवासी नर्तक दलों के भव्य मार्चपास्ट के साथ होगा राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आगाज: प्रतिदिन 20-20 दलों द्वारा दी जाएगी प्रस्तुति

    रायपुर /शौर्यपथ/

    राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव

    राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में 28 अक्टूबर को भव्य समारोह में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का शुभारंभ होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में देश और विदेश के आदिवासी नर्तक दलों द्वारा रंगारंग प्रस्तुति दी जाएगी। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में 7 देशों के नर्तक दल सहित देश के 27 राज्यों तथा 6 केन्द्र शासित प्रदेशों के 59 आदिवासी नर्तक दल शामिल हो रहे हैं। इन नर्तक दलों में लगभग 1000 कलाकार शामिल होंगे, जिनमें 63 विदेशी कलाकार होंगे।

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव और राज्योत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने आयोजन स्थल पर की जा रही तैयारियों, विदेशों तथा देश के अन्य राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से आने वाले आदिवासी नृत्य दलों तथा अतिथियों के रूकने की व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था, पांच दिनों तक आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया।

    राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन साईंस कॉलेज मैदान में 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक किया जाएगा, 31 अक्टूबर को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय  इंदिरा गांधी और पूर्व उप प्रधानमंत्री स्वर्गीय  वल्लभ भाई पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केन्द्रित फोटो प्रदर्शनी, संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, इंदिरा गांधी पर बनाई गई डॉक्यूमेंटरी फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा तथा भजन संध्या भी आयोजित की जाएगी। राज्य स्थापना दिवस एक नवम्बर को राज्य अलंकरण समारोह आयोजित किया जाएगा। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियों को 33 अलंकरण सम्मान प्रदान किए जाएंगे।

    राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का शुभारंभ 28 अक्टूबर को भव्य समारोह में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल हो रहे आदिवासी नर्तक दलों द्वारा मार्चपास्ट किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में युगाण्डा, उत्तर प्रदेश, फिलीस्तीन, सिक्किम और छत्तीसगढ़ के आदिवासी नर्तक दलों द्वारा अपनी प्रस्तुति दी जाएगी। इस महोत्सव में शामिल होने के लिए नाइजीरिया का दल नई दिल्ली पहुंच चुका है। यह दल 25 अक्टूबर को रायपुर पहुचेगा। नृत्य महोत्सव में शामिल होने के लिए विभिन्न राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से नर्तक दल 25 और 26 अक्टूबर को रायपुर के लिए रवाना होंगे। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में प्रत्येक राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश के नर्तक दल दो विधाओं विवाह संस्कार तथा अपने राज्य की अन्य पारंपरिक विधाओं में अपनी प्रस्तुति देंगे। दोनों विधाओं में प्रथम तीन स्थान पर रहने वाले नर्तक दलों को कुल 20 लाख रूपए की पुरस्कार राशि, प्रमाण पत्र और ट्राफी प्रदान की जाएगी। प्रत्येक विधा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दल को 5 लाख रूपए, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले दल को 3 लाख रूपए तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दल को 2 लाख रूपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का यह द्वितीय आयोजन है। देश विदेश में इस आयोजन को काफी लोकप्रियता मिली है। इस वर्ष आयोजित हो रहे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में श्रीलंका, उज्बेकिस्तान, स्वाजीलैण्ड, नाइजीरिया, पेलेस्टीन, माले और युगांडा के नर्तक दल हिस्सा लेंगे। मोरक्को के दल की भी इस आयोजन में शामिल होने की संभावना है।

    राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, प्रतिदिन 20-20 आदिवासी नर्तक दलों द्वारा अपनी प्रस्तुति दी जाएगी। महोत्सव के दौरान आदिवासियों की जीवन शैली, आदिवासी संस्कृति पर केन्द्रित प्रदर्शनी लगाई जाएगी तथा संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के स्टाल भी होंगे। प्रदर्शनी में हाथकरघा वस्त्रों और हस्तशिल्प के स्टाल भी लगाए जाएंगे। विदेशों तथा अन्य राज्यों से आने वाले नर्तक दलों के रूकने की व्यवस्था रायपुर के विभिन्न होटलों और मेरिज हॉल में की गई है। आयोजन के सुचारू संचालन और व्यवस्थाओं की देखरेख के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और विभिन्न विभागों के लगभग 3500 अधिकारियों-कर्मचारियों को तैनात किया गया है। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आयोजन स्थल पर ट्राइबल डांस एरिया और स्पीकर लाउंज के साथ-साथ लाइव शोकेस एरिया, ट्राइबल इंस्पायर्ड एग्जीबिट, शिल्प-ग्राम और फूड-एरिया भी होगा।

    बैठक में पर्यटन मंत्री  ताम्र्र्रध्वज साहू, वन मंत्री  मोहम्मद अकबर, संस्कृति मंत्री  अमरजीत भगत, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  उमेश पटेल, मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव उद्योग श्री मनोज कुमार पिंगुआ, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी., जनसम्पर्क सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, जनसम्पर्क आयुक्त श्री दीपांशु काबरा, पुलिस महानिरीक्षक  आनंद छाबड़ा, संचालक संस्कृति  विवेक आचार्य, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के प्रबंध संचालक  यशवंत कुमार, कलेक्टर रायपुर  सौरभ कुमार और पुलिस अधीक्षक रायपुर  प्रशांत अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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