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मुख्यमंत्री श्री बघेल ने राजधानी में 2 नवंबर तक आयोजित 10 दिवसीय छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला का किया शुभारंभ
दीवाली मेला में खरीदा गया हर उत्पाद किसी आदिवासी परिवार का करेगा जीवन रोशन
मुख्यमंत्री ने वनोपज ‘तिखुर’ से बनी मिठाईयों का चखा स्वाद
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शाम 24 अक्टूबर से 2 नवंबर तक
आयोजित 10 दिवसीय छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शाम 24 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित 10 दिवसीय छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला का शुभारंभ किया। राजधानी के पंडरी स्थित छत्तीसगढ़ हाट परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों में छत्तीसगढ़ हर्बल्स के 130 से अधिक उत्पाद 15 प्रतिशत की छूट पर उपलब्ध है। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर, महापौर नगरपालिक निगम एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष एवं विधायक कुलदीप जुनेजा, राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष भरत साय उपस्थित थे।
राजधानी के पंडरी स्थित छत्तीसगढ़ हाट परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों में छत्तीसगढ़ हर्बल्स के 130 से अधिक उत्पाद 15 प्रतिशत की छूट पर उपलब्ध है। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर, महापौर नगरपालिक निगम एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष एवं विधायक कुलदीप जुनेजा, राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री भरत साय उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री बघेल ने इसका शुभारंभ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी-वनवासी परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने में लघु वनोपजों के उत्पाद का महत्वपूर्ण स्थान है। इस पर हमें गर्व है कि लघु वनोपज संघ वन विभाग के सतत् प्रयत्नों से राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्र तथा वनांचल के निवासियों का सतत् उत्थान हो रहा है। मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला में लगाए गए आयुष स्टॉल और घरेलू उत्पाद स्टॉल, कोदो-कुटकी उत्पाद स्टॉल, आयुर्वेदिक चिकित्सालय, गढ़कलेवा खाद्य उत्पाद स्टॉल और हथकरघा एवं माटी कला बोर्ड तथा शबरी एम्पोरियम आदि हर एक स्टॉल का अवलोकन कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस दौरान जिला यूनियन धमतरी द्वारा वनोपज ‘तिखुर’ से बने उत्पाद जलेबी, बर्फी तथा हलवा का भी स्वाद लिया और इसे छत्तीसगढ़ के स्वादिष्ट पकवान बताते हुए सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के तिखुर से बने पकवान का प्रचार-प्रसार के लिए नगर निगम से भी दुकान आवंटन हेतु आवश्यक पहल करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने इस दौरान माटी कला बोर्ड के स्टॉल में इलेक्ट्रिक चाक से मिट्टी का दीया बनाकर परम्परागत व्यावसायियों को प्रोत्साहित भी किया।
झिटकू-मिटकी कला तथा हैण्डलूम उत्पाद के स्टाल भी हैं।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ के पारम्परिक व्यंजनों का स्वाद वहां गढ़कलेवा के
इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला का प्रमुख उद्देश्य प्रदेश के निवासियों को उनके अपने ब्रांड छत्तीसगढ़ हर्बल्स से परिचय कराना है। उन्हें उस स्नेह एवं लगन की शुद्धता से भी परिचय कराना है, जो स्व-सहायता समूह की महिलाएं छत्तीसगढ़ हर्बल्स के इन उत्पादों में डालती हैं। मेला में इस दीवाली खरीदा गया हर छत्तीसगढ़ हर्बल्स उत्पाद किसी आदिवासी अथवा वनवासी परिवार का जीवन रोशन करेगा।
स्टॉल में ले सकते हैं। इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी, प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ संजय शुक्ला, प्रधान मुख्य वन संरक्षक पी.सी. पांडेय, के.मुरूगन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील मिश्रा, अपर प्रबंध संचालक द्वय एस.एस. बजाज एवं आनंद बाबू आदि विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला में छत्तीसगढ़ हर्बल्स के आयुर्वेदिक उत्पाद, खाद्य उत्पाद और विभिन्न प्रकार के घरेलू उत्पाद की खरीदी कर सकते हैं। यह उत्पाद 6 हजार से अधिक स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए हैं, जो दुर्गम क्षेत्रों में स्थित 50 से अधिक वनधन विकास केन्द्रों में कार्यरत हैं। छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला में इसके अतिरिक्त 11 अन्य स्व-सहायता समूहों और कृषक समितियों के 60 से अधिक उत्पाद भी प्रदर्शनी में शामिल है। मेला में लोगों की सेहत का ध्यान रखने के लिए परम्परागत वैद्य भी हैं। इस अवसर पर आदिवासी नृत्य समूह द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी जाएगी। मेले में अन्य आकर्षण बांस शिल्प, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध झिटकू-मिटकी कला तथा हैण्डलूम उत्पाद के स्टाल भी हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के पारम्परिक व्यंजनों का स्वाद वहां गढ़कलेवा के स्टॉल में ले सकते हैं।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी, प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ संजय शुक्ला, प्रधान मुख्य वन संरक्षक पी.सी. पांडेय, के.मुरूगन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील मिश्रा, अपर प्रबंध संचालक द्वय एस.एस. बजाज एवं आनंद बाबू आदि विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री की ग्रामीण व्यवसायियों को बड़ी सौगात, ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार टैक्स पसरा शुल्क होगा समाप्त
मण्ड़ियों और बाजारों में पसरा आंबटन में मरार समाज के लोगों को मिलेगी प्राथमिकता
शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का दर्जा देने का ऐलान
मरार समाज के सामुदायिक भवन के लिए रियायती दर पर मिलेगी शासकीय भूमि
मरार पटेल समाज का एकीकरण ऐतिहासिक: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल
मरार समाज की तीन बिरादरियां सामाजिक रूप से एक हुई
रायपुर /शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शाकम्भरी जयंती-छेर-छेरा
पुन्नी के अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शाकम्भरी जयंती-छेर-छेरा पुन्नी के अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों की मांग पर राज्य के ग्रामीण अंचल के बाजारों में पसरा शुल्क समाप्त करने, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का दर्जा देने, मरार पटेल समाज के लोगों की बहुलता वाले इलाकों में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए रियायती दर पर भूमि एवं शासन की ओर से राशि स्वीकृत किए जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित स्वर्गीय बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ द्वारा आयोजित सामाजिक एकीकरण, शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों
की मांग पर राज्य के ग्रामीण अंचल के बाजारों में पसरा शुल्क समाप्त करने, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का दर्जा देने, मरार पटेल समाज के लोगों की बहुलता वाले इलाकों में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए
मुख्यमंत्री ने राज्य के ग्रामीण अंचल में नाले के किनारे स्थित शासकीय भूमि को मरार समाज की महिला स्व-सहायता समूहों को सामुदायिक बाड़ी के लिए उपलब्ध कराए जाने, मंडी एवं बाजारों में दुकान एवं पसरा आबंटन में मरार समाज को प्राथमिकता देने की भी घोषणा की। छत्तीसगढ़ राज्य के मरार पटेल समाज की तीन बड़ी बिरादरियों के एकीकरण पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन मरार पटेल समाज के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने समाज के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ मरार (पटेल) महासंघ के पदाधिकारियों, समाज के सभी वरिष्ठ जनों, युवाओं, माताओं और बहनों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में मरार पटेल समाज की तीन प्रमुख बिरादरियां हरदिया, कोसरिया एवं भोयरा बिरादरी के लोगों ने सामाजिक एकीकरण का संकल्प लिया।
इस समारोह में पूरे प्रदेश के कोने-कोने से मरार पटेल समाज के पदाधिकारी एवं सामाजिक बन्धु हजारों की संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष राम कुमार पटेल, छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के अध्यक्ष देवचरण पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम पटेल, महा सचिव श्री विजय पाटिल, संयोजक पवन पटेल, आत्मा राम पटेल, राजेन्द्र नायक पटेल सहित अन्य पदाधिकारी कार्यक्रम में मंचस्थ थे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मरार पटेल समाज के लोग स्वाभिमानी एवं मेहनतकश माटी पुत्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मरार पटेल समाज, महिलाओं को उनका हक और सम्मान देने के मामले में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गाें के सम्मान और भलाई के लिए काम कर रही है। कुपोषण दूर करना, शिक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्हांने कहा कि सुराजी गांव योजना के अंतर्गत शामिल बाड़ी विकास कार्यक्रम वास्तव में मरार पटेल समाज की तरक्की के लिए है। बाड़ी विकास कार्यक्रम के तहत फल, फूल और सब्जी की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त की राशि एक नवम्बर राज्योत्सव के अवसर पर जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने समारोह में शाकम्भरी बोर्ड तथा कृषक कल्याण परिषद के मरार समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ की ओर से सम्मानित किया। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य की जनता से किए अपने एक-एक वायदे को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने किसानों की कर्जमाफी, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, सिंचाई कर की माफी का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्ग के लोगों का ध्यान रख रही है। कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों एवं समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का अभूतपूर्व स्वागत और अभिनंदन पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शाकम्भरी बोर्ड के सदस्य दुखवा पटेल, हरी पटेल एवं किसान कल्याण परिषद के सदस्यगण सहित मरार पटेल समाज के सभी जिलों एवं मण्डलों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री की ग्रामीण व्यवसायियों को बड़ी सौगात, ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार टैक्स पसरा शुल्क होगा समाप्त
मण्ड़ियों और बाजारों में पसरा आंबटन में मरार समाज के लोगों को मिलेगी प्राथमिकता
शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का दर्जा देने का ऐलान
मरार समाज के सामुदायिक भवन के लिए रियायती दर पर मिलेगी शासकीय भूमि
मरार पटेल समाज का एकीकरण ऐतिहासिक: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल
मरार समाज की तीन बिरादरियां सामाजिक रूप से एक हुई
रायपुर /शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शाकम्भरी जयंती-छेर-छेरा
पुन्नी के अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शाकम्भरी जयंती-छेर-छेरा पुन्नी के अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों की मांग पर राज्य के ग्रामीण अंचल के बाजारों में पसरा शुल्क समाप्त करने, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का दर्जा देने, मरार पटेल समाज के लोगों की बहुलता वाले इलाकों में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए रियायती दर पर भूमि एवं शासन की ओर से राशि स्वीकृत किए जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित स्वर्गीय बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ द्वारा आयोजित सामाजिक एकीकरण, शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों
की मांग पर राज्य के ग्रामीण अंचल के बाजारों में पसरा शुल्क समाप्त करने, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष को केबिनेट मंत्री का दर्जा देने, मरार पटेल समाज के लोगों की बहुलता वाले इलाकों में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए
मुख्यमंत्री ने राज्य के ग्रामीण अंचल में नाले के किनारे स्थित शासकीय भूमि को मरार समाज की महिला स्व-सहायता समूहों को सामुदायिक बाड़ी के लिए उपलब्ध कराए जाने, मंडी एवं बाजारों में दुकान एवं पसरा आबंटन में मरार समाज को प्राथमिकता देने की भी घोषणा की। छत्तीसगढ़ राज्य के मरार पटेल समाज की तीन बड़ी बिरादरियों के एकीकरण पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन मरार पटेल समाज के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने समाज के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ मरार (पटेल) महासंघ के पदाधिकारियों, समाज के सभी वरिष्ठ जनों, युवाओं, माताओं और बहनों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में मरार पटेल समाज की तीन प्रमुख बिरादरियां हरदिया, कोसरिया एवं भोयरा बिरादरी के लोगों ने सामाजिक एकीकरण का संकल्प लिया।
इस समारोह में पूरे प्रदेश के कोने-कोने से मरार पटेल समाज के पदाधिकारी एवं सामाजिक बन्धु हजारों की संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष राम कुमार पटेल, छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के अध्यक्ष देवचरण पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम पटेल, महा सचिव श्री विजय पाटिल, संयोजक पवन पटेल, आत्मा राम पटेल, राजेन्द्र नायक पटेल सहित अन्य पदाधिकारी कार्यक्रम में मंचस्थ थे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मरार पटेल समाज के लोग स्वाभिमानी एवं मेहनतकश माटी पुत्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मरार पटेल समाज, महिलाओं को उनका हक और सम्मान देने के मामले में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गाें के सम्मान और भलाई के लिए काम कर रही है। कुपोषण दूर करना, शिक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्हांने कहा कि सुराजी गांव योजना के अंतर्गत शामिल बाड़ी विकास कार्यक्रम वास्तव में मरार पटेल समाज की तरक्की के लिए है। बाड़ी विकास कार्यक्रम के तहत फल, फूल और सब्जी की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त की राशि एक नवम्बर राज्योत्सव के अवसर पर जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने समारोह में शाकम्भरी बोर्ड तथा कृषक कल्याण परिषद के मरार समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ की ओर से सम्मानित किया। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य की जनता से किए अपने एक-एक वायदे को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने किसानों की कर्जमाफी, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, सिंचाई कर की माफी का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्ग के लोगों का ध्यान रख रही है। कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के पदाधिकारियों एवं समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का अभूतपूर्व स्वागत और अभिनंदन पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शाकम्भरी बोर्ड के सदस्य दुखवा पटेल, हरी पटेल एवं किसान कल्याण परिषद के सदस्यगण सहित मरार पटेल समाज के सभी जिलों एवं मण्डलों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि स्वतंत्रता आंदोलन की पृष्ठभूमि तैयार करने में पत्रकारों की अहम भूमिका थी। चाहे गांधी जी हों, तिलक हों, पंडित मोतीलाल नेहरू हों या गणेश शंकर विद्यार्थी। इन्होंने देश की स्वातंत्र्य चेतना को पत्रकारिता के माध्यम से स्वर दिये। उनके दिये गये संस्कार न्यू मीडिया के लिए धरोहर की तरह हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों के सजग प्रहरी के रूप में उन्होंने पत्रकारिता की भूमिका स्थापित की। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी लोकतंत्र को मजबूत बनाने में चौथे स्तंभ की प्रखर भूमिका में पत्रकारिता रही। आजादी के बाद किसानों, वनवासियों और श्रमिकों जैसे वंचित वर्गों की आवाज बनकर पत्रकारिता उभरी। मुख्यमंत्री बघेल आज भिलाई सेक्टर-4 के एस.एन.जी. स्कूल ऑडिटोरियम में न्यू इंडिया का न्यू मीडिया विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी, पत्रकारिता अलंकरण एवं सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक बाजार के इस दौर में पत्रकारिता को नई चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। तकनीक ने सोशल मीडिया के माध्यम से संप्रेषण और अभिव्यक्ति के लिए खुला मंच दिया है। देश और समाज विरोधी ताकतें इसका इस्तेमाल सांप्रदायिकता, जातिवाद, नफरत आदि दुष्प्रचार फैलाने के लिए कर सकती है। पत्रकारिता के सरोकारों को बनाये रखने के लिए इन चुनौतियों से निपटना बेहद आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि हमारे यहां सत्य की खोज की परंपरा रही है शास्त्रार्थ की परंपरा रही है हमें सत्यान्वेषी होना चाहिए। हमारे देश में विरोधी आवाजों को भी सुनने की परंपरा रही है। सूचना प्रवाह के साथ अनेक भ्रामक खबरें एवं गलत जानकारियां भी प्रचलित होती है यदि हम सूचनाओं के तह तक जाएं, प्रामाणिक इतिहास का अध्ययन करें तो सही तथ्य उजागर होंगे। भारत के इतिहास को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। जब हम सत्यान्वेषण करेंगे तो अपने आप असल तस्वीर हमारे हमारी आंखों के सामने होगी। आज के समय में अंधकार गहरा है पर हमें उम्मीद की किरण जगानी होगी। न्यू मीडिया के दौर में पत्रकारों के लिए यह अहम जिम्मेदारी है।
हों या गणेश शंकर विद्यार्थी। इन्होंने देश की स्वातंत्र्य चेतना को पत्रकारिता के माध्यम से स्वर दिये। उनके दिये गये संस्कार न्यू मीडिया के लिए धरोहर की तरह हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों के सजग प्रहरी के रूप में उन्होंने पत्रकारिता की भूमिका स्थापित की। कि स्वतंत्रता आंदोलन की पृष्ठभूमि तैयार करने में पत्रकारों की अहम भूमिका थी। चाहे गांधी जी हों, तिलक हों, पंडित मोतीलाल नेहरू हों या गणेश शंकर विद्यार्थी। इन्होंने देश की स्वातंत्र्य चेतना को पत्रकारिता के माध्यम से स्वर दिये। उनके दिये गये संस्कार न्यू मीडिया के लिए धरोहर की तरह हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों के सजग प्रहरी के रूप में उन्होंने पत्रकारिता की भूमिका स्थापित की।
इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैयर ने कहा कि जब भी मैं भिलाई आता हूं तो देखता हूं कि हमारी पूर्वजों ने कितनी सुंदर विरासत का निर्माण किया। अमृतसर में जब मैं रहता था तब भिलाई का नाम बहुत प्रचलन में था। जब यहां आकर देखा तो महसूस किया कितनी समृद्ध धरोहर हमारे महापुरुषों ने तैयार की है। इस धरोहर को सहेजने सुरक्षित रखने और अक्षत रूप में नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी मीडिया की है। इस अवसर पर अपने संबोधन में वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष ने कहा कि भारत में एक दूसरे को सुनने समझने की बहुत सुंदर परंपरा रही है। साथ ही लोकतांत्रिक रूप से एक साथ काम करने की भी परंपरा रही है आजादी के वक्त जब कैबिनेट का गठन हुआ तो अलग-अलग विचारधाराओं के लोग शामिल हुए और सभी ने साथ मिलकर काम किया। हमारे यहां उक्ति है एकं सत विप्रा बहुधा वदंति। सत्य को लोग कई नजरिए से देखते हैं। हमारे यहां शास्त्रार्थ की अति सुंदर परंपरा रही है शंकराचार्य और मंडन मिश्र केे शास्त्रार्थ को याद कीजिए और याद कीजिए मंडन मिश्र के पराजित होने के पश्चात उनकी पत्नी द्वारा शंकराचार्य से किए गए शास्त्रार्थ की। पीढ़ी दर पीढ़ी बहुत मेहनत से हमारे बुजुर्गों ने एक उज्जवल समाज का गठन किया है। न्यू मीडिया के सामने चुनौती है कि भारत की उज्जवल परंपरा की धरोहर को सहेज कर रख सके।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री मुकेश कुमार ने कहा कि न्यू इंडिया ही न्यू मीडिया का निर्माण कर रहा है। अमेरिका का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह कैपिटल हिल की घटना हुई है, उससे पता लगता है कि न्यू मीडिया किस तरह का कार्य कर रहा है और किस तरह उसकी चुनौतियों का सामना करने की जरूरत है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पत्रकार यूनियन ने उत्कृष्ट कार्य कर रहे लोगों का सम्मान भी किया। युवाओं को मोटिवेट करने के लिए आईजी रतनलाल डांगी, पुलिस में उत्कृष्ट सेवा देने वाले अब्दुल रमीज, पत्रकारिता के क्षेत्र में स्वर्गीय पूरन साहू स्मृति सम्मान से अनुभूति भाखरे ठाकुर, सेवा रत्न अलंकरण से डॉ. प्रदीप कौशिक एवं नीना अग्रवाल को सम्मानित किया गया। इस मौके पर विधायक श्री अरुण वोरा, भिलाई विधायक श्री देवेंद्र यादव, पत्रकार यूनियन प्रदेश पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप सान्याल महासचिव श्री सतीश बौद्ध, गिरीश राव, मनीष चौबे एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। साथ ही आईजी विवेकानंद सिन्हा, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, एसपी बद्रीनारायण मीणा एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
उत्तराखंड आपदा से सकुशल लौटे भिलाई के नागरिकों ने मिलकर मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार- कार्यशाला के दौरान उत्तराखंड आपदा से सकुशल लौटे भिलाई के नागरिकों ने मुख्यमंत्री से मिलकर अपने कुशल क्षेम की जानकारी भी दी। साथ ही मुख्यमंत्री से कहा कि आपके मार्गदर्शन में हम सब कुशलतापूर्वक वापस आए। हम सब इसके लिए आपके हार्दिक रूप से आभारी हैं।
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ राज्य के किसान उद्यान विभाग के जरिए खेती-किसानी के आधुनिक एवं नवीनतम तकनीक नयी सीडलिंग मशीन से पूरी जानकारी प्राप्त कर उसका लाभ उठाने लगे हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के शासकीय रोपणी सिमगा में इस तकनीक का प्रयोग सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
सब्जी बीज से थरहा (पौधा नर्सरी) तैयार करने की नयी सीडलिंग मशीन सिमगा स्थित उद्यान विभाग की शासकीय रोपणी में स्थापित की गई है। इस मशीन के जरिये थरहा तैयार करने में 90 से 95 प्रतिशत तक बीज का अंकुरण होता है और स्वस्थ पौधे तैयार होते हैं। आम किसान भी नाममात्र का शुल्क देकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। सहायक संचालक उद्यान श्री राघव स्वरूप वर्मा ने बताया कि इस अत्याधुनिक विधि से थरहा बहुत जल्द तैयार हो जाते हैं। जमीन से थरहा तैयार करने में 70 से 80 प्रतिशत ही बीजों में अंकुरण हो पाता है, जिसकी रोपाई करते तक मात्र 60-65 प्रतिशत तक ही बच पाते है। साथ ही मिनी प्लग यूनिट से तैयार किये जाने वाले सब्जी के पौध रोगरहित एवं उच्च गुणवत्ता युक्त होते हैं। उन्होंने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ धान के बाद जो भी किसान उक्त यूनिट से सब्जी पौधे के थरहा तैयार करवाना चाहते हैं, शासकीय उद्यान रोपणी सिमगा में स्वयं का बीज देकर थरहा तैयार करवा सकते हैं। इसके लिए प्रति पौधा 80 पैसा शुल्क निर्धारित किया गया है। पौधे का थरहा घर तक पहुंचाकर प्रदान किया जायेगा। किसानों से लिये जाने वाली राशि की रसीद भी दी जायेगी।
रायपुर /शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा राज्य में रासायनिक उर्वरकों, बीज एवं कीटनाशक औषधि की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कृषि विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी अपने-अपने इलाकों में लगातार दबिश देकर बीज, खाद और कीटनाशक औषधियों के सेम्पल ले रहे हैं, जिसकी जांच गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में की जा रही है। खरीफ सीजन 2021 में अब तक राज्य में बीज के 39 नमूने तथा रासायनिक उर्वरक के 113 नमूने अमानक पाए गए हैं, जिनके लाट के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के साथ ही संबंधित फर्मों को कृषि विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है। कीटनाशक औषधि के भी 7 नमूनें अमानक पाए गए हैं।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ सीजन 2021 में बीज के अब तक 2234 नमूने लिए गए हैं। सभी नमूनों का परीक्षण किए जाने पर 2195 नमूने मानक स्तर के तथा 39 नमूने अमानक पाए गए है। इसी तरह रासायनिक उर्वरकों की गुणवत्ता की जांच-पड़ताल के लिए कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा 2438 नमूने विभिन्न संस्थानों से लिए गए हैं। जिसमें से 2324 नमूनों की जांच की जा चुकी है। 79 नमूनों की जांच जारी है। रासायनिक उर्वरकों के विश्लेषित सैम्पल में से 2211 मानक स्तर के तथा 113 अमानक पाए गए हैं। अमानक बीज एवं खाद के लाट के विक्रय को विभाग द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के साथ संबंधित संस्थाओं को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। कृषि विभाग की टीम कीटनाशक औषधियों के गुणवत्ता की भी लगातार जांच कर रही है। जांच पड़ताल टीम ने अब तक कुल 442 सेम्पल विभिन्न फर्मों से लिए गए हैं, जिसमें से 215 नमूनों का विश्लेषण करने पर 208 सैम्पल मानक स्तर के तथा 7 सैम्पल अमानक पाया गया। कीटनाशक औषधियों के शेष 227 सैम्पल की जांच जारी है।
रायपुर /शौर्यपथ/
राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान बेचने तथा खरीफ फसलों की खेती के लिए योजना के तहत आदान सहायता राशि का लाभ लेने के लिए राज्य के किसान एकीकृत किसान पोर्टल में 31 अक्टूबर 2021 तक पंजीयन करा सकेंगे। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत पूर्व में 30 सितम्बर तक पंजीयन कराने की अंतिम तिथि निर्धारित थी, जिसे छत्तीसगढ़ कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा आज जारी आदेश के तहत बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2021 कर दिया गया है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य शासन द्वारा खरीफ सीजन की सभी फसलों एवं उद्यानिकी फसलों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इसकोे ध्यान में रखते हुए किसानों की सहूलियत के लिए पंजीयन की अवधि में एक माह की बढ़ोत्तरी करते हुए 31 अक्टूबर 2021 कर दिया गया है। गौरतलब है कि राज्य के किसान की सहूलियत और पंजीयन की प्रक्रिया को आसान करने के उद्देश्य से शासन द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल तैयार किया गया है। एकीकृत किसान पोर्टल में राजीव गांधी किसान न्याय योजना समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, कोदो-कुटकी, रागी उपार्जन योजना तथा उद्यानिकी फसलों के उत्पादक किसानों को लाभ लेने के लिए एक बार पंजीयन कराना होगा।
रायपुर /शौर्यपथ/
राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता एवं कृषि लागत को कम करने के उद्देश्य से किसानों द्वारा अब वृहद पैमाने पर जैविक खाद का उपयोग शुरू कर दिया गया है। गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में क्रय किए गए गोबर से निर्मित वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट खाद का उपयोग राज्य के किसान करने लगे हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 6 लाख 44 हजार 545 क्विंटल से अधिक वर्मी कम्पोस्ट तथा 1 लाख 67 हजार 329 क्विंटल से अधिक सुपर कम्पोस्ट का उठाव किसानों द्वारा किया गया है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि गौठानों में गोधन न्याय योजना के तहत 2 रूपए किलो में गोबर क्रय कर इसके जरिए वृहद पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट खाद का निर्माण किया जा रहा है। गौठानों में अब तक 12 लाख 57 हजार 343 क्विंटल से अधिक जैविक खाद का उत्पादन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जा चुका है, जिसमें 8 लाख 68 हजार 882 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तथा 3 लाख 88 हजार 461 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट खाद है, जिसमें से 8 लाख 11 हजार 874 क्विंटल जैविक खाद का विक्रय हो चुका है
रायपुर /शौर्यपथ/
खरीफ सीजन 2021 में किसानों को कृषि ऋण के रूप में 5300 करोड़ रूपए वितरण के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 4 हजार 706 करोड़ 82 लाख रूपए का ऋण दिया जा चुका है, जो कि निर्धारित लक्ष्य का 89 प्रतिशत है।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों को वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट खाद भी कृषि ऋण के रूप में उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था सहकारी समितियों में की गई है। अब तक किसानों ने 3 लाख 35 हजार 300 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उठाव कृषि ऋण के रूप में किया है, जिसकी कुल कीमत 33 करोड़ 53 लाख रूपए है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
