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May 02, 2026
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रायपुर

रायपुर (6379)

अमृत स्टेशनों में दिखेगी विकसित भारत की झलक: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
6 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित किया गया अम्बिकापुर में अमृत स्टेशन
छत्तीसगढ़ को मिली 5 अमृत स्टेशनों की सौगात
रायपुर/शौर्यपथ /प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आज देशभर के 103 स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन किया। इनमें छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर सहित 5 रेल्वे स्टेशन शामिल हैं। इन रेल्वे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। यह भारतीय रेलवे के विकास की नई संस्कृति है, जिसमें चुनिंदा रेल्वे स्टेशनों को पुनर्विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय इस वर्चुअल कार्यक्रम में अम्बिकापुर रेल्वे स्टेशन से जुड़े।
गौरतलब है कि भारतीय रेल और देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी की दूरदृष्टि का परिणाम रहा है कि इन विकास कार्यों से स्थानीय यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। भारतीय रेलवे द्वारा 1337 स्टेशनों के कायाकल्प की शुरुआत की है, इनमें 103 स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य पूर्ण हो चुका है। उनमें छत्तीसगढ़ राज्य के पांच स्टेशन बिलासपुर मंडल का अम्बिकापुर, रायपुर मंडल का उरकुरा, भिलाई, भानुप्रतापपुर तथा नागपुर मंडल का डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन शामिल हैं।  
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि सम्माननीय लरंग साय जी के प्रयासों के कारण ही अम्बिकापुर में रेलवे स्टेशन की स्थापना हुई है। देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानते हुए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाना है। अमृत काल के तहत रेलवे स्टेशन का लगातार विकास किया जा रहा है। आज प्रदेश के जिन पांच स्थानों का लोकार्पण हुआ है, वह विकसित हो रहे भारत की झलक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जशपुर जिले को भी रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री राजेश अग्रवाल, श्रीमती शकुंतला पोर्ते, श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, श्री राम कुमार टोप्पो, श्री प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर श्री मंजूषा भगत मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सरगुजा अंचल के नागरिक शामिल हुए।
अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन
छत्तीसगढ़ की आदिवासी सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रहा अम्बिकापुर का रेलवे स्टेशन देश की जीवनरेखा भारतीय रेल का एक अभिन्न अंग है। इस रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यात्रियों को पूरी तरह से सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से इस नए स्टेशन भवन में कई नए प्रावधान भी किए गए हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में 6 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से उन्नयन तथा आधुनिकीकरण के कार्य किए गये हैं, जिसमें सर्कुलेटिंग क्षेत्र को बेहतर बनाते हुए रोड का चौड़ीकरण, यात्रियों के स्वागत के लिए सुसज्जित प्रवेशद्वार, 3900 वर्गमीटर सड़क, 3677 वर्गमीटर पर  दोपहिया, तिपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था भी की गई है।
 अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में उन्नत व आधुनिक सुविधाओं से युक्त द्वितीय श्रेणी, उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय एवं वीआईपी कक्ष, 6 नए आधुनिक छायादार प्लेटफार्म शेड, महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगजनों हेतु आधुनिक शौचालय, वॉटर फाउंटेन, ट्रेन/कोच डिस्प्ले बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, रैम्प एवं टैक्टाइल टाइल्स, 300 मीटर स्टेनलेस स्टील रेलिंग, 58 स्ट्रीट लाइट्स, बेहतर प्रकाश व्यवस्था हेतु हाई मास्ट लाइट, नवीनतम पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम का लाभ यहाँ के यात्रियों को मिलेगा।
रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर एक बड़ा तिरंगा झंडा लगाया गया है साथ ही स्टेशन में यात्रियों के लिए सरगुजा की प्रसिद्ध सीताबेंगरा गुफा की तर्ज पर सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया है। अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक फसाड, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉर्डन टॉयलेट और दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। सभी सुविधाओं को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है। वहीं, हर स्टेशन पर स्थानीय लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी।

जशपुर के ग्राम दोकड़ा के समाधान शिविर में शामिल हुए मुख्यमंत्री
दोकड़ा में कॉलेज सहित अन्य कार्यों की घोषणा की
पीएम आवास सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों से किया संवाद
रायपुर /शौर्यपथ /सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रदेश के कोने-कोने में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति जानने निकले प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का उड़नखटोला आज उनके गृह जिले जशपुर के दोकड़ा ग्राम में उतरा। यहाँ समाधान शिविर में उन्होंने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्यवाही और पीएम आवास सहित अन्य योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं की हकीकत जानी। मुख्यमंत्री श्री साय ने आमनागरिको को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैं आपके गाँव घर का बेटा हूँ। मेरा सौभाग्य है कि आपके आशीर्वाद से प्रदेश का मुख्यमंत्री बना। प्रदेश को विकास की राह में ले जाना मेरा संकल्प है।
    मुख्यमंत्री  साय ने आगे कहा कि आपके आशीर्वाद से हमारी सरकार बनी है। विगत डेढ़ वर्ष में विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। सरकार बनते ही पहले केबिनेट में पीएम आवास के हितग्राहियों के लिए 18 लाख आवास की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार आवास बन रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बिलासपुर में 3 लाख आवास के हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया। अम्बिकापुर में केंद्रीय पंचायत मंत्री  शिवराज सिंह ने 51 हजार हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनका मकान पक्का नहीं है उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। एसईसीसी और आवास प्लस के सर्वे में जिनका भी नाम है सभी का मकान बनेगा। प्रधानमंत्री ने पीएम आवास के लिए इस वर्ष बजट में बड़ी राशि का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने किसानों से जो वादा किया था उसे पूरा किया। 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी, प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी, दो साल का बकाया बोनस की राशि भी दी। भूमिहीन कृषि मजदूरों को राशि देना शुरू किया है। महतारी वन्दन योजना से महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार की राशि देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और महिला सशक्तिकरण का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तेन्दूपत्ता के हितग्राहियों को लाभान्वित करने 4000 एकड़ प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक राशि को बढ़ाकर 5500 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि रामलला दर्शन योजना अंतर्गत अयोध्या में प्रभु राम के दर्शन के लिए तीर्थ यात्रियों को भेजने के साथ ही अब मुख्यमंत्री तीर्थ योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना में हमारे प्रदेश के 60 वर्ष से अधिक कोई भी व्यक्ति देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में निःशुल्क जा पाएंगे।
मुख्यमंत्री  साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान बनाकर नामान्तरण की प्रक्रिया को भी सरल कर दिया है। अब नामान्तरण के लिए किसी के पास जाने की जरूरत नहीं है। जमीन रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण हो जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। अटल डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में सेवाएं उपलब्ध होगी। किसानों को गाँव से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अभी 24 अप्रैल को प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने स्वयं भी देखा है कि इस सेवा का लाभ आम जनमानस को मिल रहा है। इस अवसर पर पत्थलगांव की विधायक और सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने कहा कि यह सुशासन का साक्ष्य है, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सरकार घर-घर पहुँच रही है। गाँव की समस्याओं को सुनकर दूर किया जा रहा है। केंद्र और राज्य की योजनाओं को जरूरतमंद तक पहुचाने के लिए सरकार लगी है। कलेक्टर  रोहित व्यास ने जिले में सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी देते हुए बताया कि एक लाख 32 हजार से अधिक प्राप्त आवेदनों में से एक लाख 28 हजार से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है। जशपुर जिले में 54 क्लस्टर में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 97 प्रतिशत आवेदन का निराकरण कर लिया गया है। कलेक्टर ने बताया कि सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदन के आधार पर हितग्राहियों को योजनाओं से भी लाभान्वित किया गया है। कुछ मांग शासन को स्वीकृति के लिए भेजी गई है। उन्होंने कहा कि समयबद्ध तरीके से हर आवेदन के निराकरण की कोशिश की गई। ग्राम दोकड़ा के समाधान शिविर में ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 3258 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से अधिकांश का निराकरण कर लिया गया है।  इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, संभागायुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास,मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी सहित गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
कमी को नोटकर ठीक करने के दे रहे निर्देश
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मोदी जी की गारंटी को पूरा किया गया है। उन योजनाओं के तहत कार्य हुआ है या नहीं, इसे धरातल में जानने के लिए दौरा कर रहे हैं। आज जशपुर जिले के दोकड़ा आया हूँ, यह मेरा 21वां जिला है। मेरे अलावा मंत्री,सांसद,विधायक और मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी भी समाधान शिविरों में जा रहे हैं। मैं आकस्मिक निरीक्षण के तहत प्रदेश के हर दूरस्थ अंचलों में पहुँचने की कोशिश कर रहा हूँ। पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं को सुन रहा हूँ। सभी जगह व्यवस्था ठीक है और जहाँ कोई कमी है उसे नोटकर अधिकारियों को कमी ठीक करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
दोकड़ा में कॉलेज,पीएचसी का उन्नयन, मिनी स्टेडियम सहित अन्य कार्यों की मुख्यमंत्री ने की घोषणा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम दोकड़ा को अपना गाँव घर बताया और यहाँ के लोगों को अपना। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने उन्हें 4 बार सांसद बनाया। मैनी नदी में पुल यहाँ के लोगों की प्रमुख मांग थी, जिसे पूरा कर दिया गया था। अभी जो माँग आई है उसे भी पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने दोकड़ा में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज खोलने की घोषणा की। उन्होंने यहाँ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन करने, वनवासी कल्याण आश्रम, प्राचीन शिव मंदिर के प्रांगण का जीर्णाेद्धार, डोरियामुड़ा तालाब का सौंदर्यीकरण,पुराने मंगल भवन के जीर्णाेद्धार के लिए राशि 20 लाख देने और इस क्षेत्र के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए एक मिनी स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा भी की।
पीएम आवास की चाबी,समूह को चेक का किया वितरण
मुख्यमंत्री ने किया हितग्राहियों से संवाद और सामग्री का वितरण
जशपुर जिले के कांसाबेल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम दोकड़ा के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को अनेक सौगातें दी। उन्होंने पीएम आवास के हितग्राही बिकेश्वर राम, सुमेर सिंह से संवाद किया। पीएम आवास के हितग्राही सुमेर सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री को अपने घर भी आमंत्रित किया। समाधान शिविर में राशनकार्ड प्राप्त करने वाले परमेश्वर राम, किसान क्रेडिट कार्ड के हितग्राही संजय शर्मा ने भी समस्या का समाधान के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने शिविर स्थल पर पीएम आवास के हितग्राहियों को चाबी सौंपी। खाद्य विभाग अंतर्गत राशनकार्ड, समाज कल्याण विभाग अंतर्गत पेंशन स्वीकृति पत्र, मत्स्य विभाग अंतर्गत जाल और आइस बॉक्स, कृषि विभाग अंतर्गत केसीसी कार्ड, महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बैग एवं टिफिन बॉक्स, बॉटल, उद्यानिकी विभाग अंतर्गत किसानों को सब्जी बीज किट, मनरेगा अंतर्गत जॉब कार्ड स्वीकृति आदेश,स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत आयुषमान कार्ड,फ़ूड बॉक्स,एनआरएलएम अंतर्गत महिला समूह के सदस्यों को मुद्रा लोन का चेक और क्रिकेट खिलाड़ियों को क्रिकेट किट आदि का वितरण किया।
दसवीं-बोर्ड परीक्षा के टॉपर विद्यार्थियों का किया सम्मान
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के विद्यालयों से पढ़ाई कर माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा में टॉप कर जिले का राज्य स्तर पर नाम रोशन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया। उन्होंने कक्षा 12 वी कक्षा में राज्य में पांचवा स्थान हासिल करने वाली नेहा एक्का और कक्षा दसवीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले नमन खुटिया सहित अन्य विद्यार्थियों का सम्मान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल
ग्रामीणों से किया संवाद, सुनी समस्याएं, समाधान के दिए निर्देश
सुशासन तिहार: हरगवां ग्राम पंचायत में शत्-प्रतिशत आवेदनों का हुआ निराकरण
रायपुर /शौर्यपथ /तेज हवाओं के बीच आज एक हेलिकाप्टर अचानक बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की जनपद पंचायत शंकरगढ़ की ग्राम पंचायत हरगवां के ढोढरीकला, कोरवाटोली नवापारा में उतरा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को अपने बीच पाकर ग्रामवासियों के बीच खुशी की लहर दौड़ उठी। भीड़ ने आत्मीयता पूर्वक मुख्यमंत्री का स्वागत किया। आरती और चौपाई से गांव की महिलाओं ने उनका स्वागत किया। महुआ पेड़ के नीचे मुख्यमंत्री ने खटिया में बैठकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को डेढ़ साल पूरा हुआ है, आपसे किये गये वादों को पूरा किया गया है चाहे वो धान खरीदी हो या आवास का। सभी कार्य तेजी से होंगे और छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर सतत आगे बढ़ता जायेगा।
मुख्यमंत्री ने चौपाल मे उपस्थित ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और एक-एक कर उनकी समस्या के बारे में पूछा। जब कुछ लोगों ने पानी व सड़क की समस्या का जिक्र किया तो उन्होंने कलेक्टर श्री राजेंद्र कुमार कटारा को इनके समाधान के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों को चिन्हित कर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करायें। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र शासन व राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को दिलाने के लिए कार्ययोजना बनाने और शिविर लगाकर लाभान्वित करने के निर्देश दिए। तेज हवा व आंधी तूफान के बीच जब मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से मुस्कुराते हुए पूछा कि जाई कि रही, तो ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा रुकिए आपका आगमन हमारा सम्मान है। उनकी बात सुन मुख्यमंत्री धीमी मुस्कान लिए रूके और ग्रामीणों को भरपूर समय दिया।
ग्राम पंचायत हरगवां में आवेदनों का हुआ शत प्रतिशत निराकरण
सुशासन तिहार के दौरान हरगवां ग्राम पंचायत में शत्प्रतिशत आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की सक्रियता और जवाबदेही ही सुशासन की पहचान है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर ग्रामीणों से कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक शासन व प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित करना है। समाधान शिविरों के माध्यम से हम जनता की समस्याओं को मौके पर ही सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। सुशासन तिहार के दौरान हरगवां ग्राम पंचायत में कुल 111 मांग के आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से पूरे आवेदनों का त्वरित समाधान कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री की घोषणाएं-
शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हरगवा ग्राम पंचायत में 10 लाख की लागत से सीसी रोड़, सामुदायिक भवन, झीकी नाला में पुलिया निर्माण, हैंडपंप व बोरवेल की घोषणा की। इस दौरान सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, ग्रामीणनजन, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ,प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री बैंकर वैभव रमनलाल, वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक कुमार बाजपेई, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर मौजूद थी।

परिवार ने पारंपरिक रीति रिवाज और सरई फूल की माला से किया स्वागत
मुख्यमंत्री को भेंट की छिंद की चटाई, रागी, कुटकी और कटहल
रायपुर/शौर्यपथ /पहाड़ी कोरवा के जनमन आवास में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहुंचने पर परिवार ने पारंपरिक रीति रिवाज और सरई फूल की माला पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अचानक बलरामपुर-रामानुजगंज जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर पर सुदूरवर्ती पहाड़ी कोरवा ग्राम हरगवां ढोढरीकला पहुंचे थे। जहां ग्रामीणों से चौपाल में संवाद के बाद मुख्यमंत्री पीएम जनमन योजना के तहत दो हितग्राहियों के नवनिर्मित आवास में जाकर उसकी गुणवत्ता देखी। श्री लहंगू पहाड़ी कोरवा के घर पहुंचने पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया गया। लहंगू और उनकी पत्नी ने सरई फूलों की माला पहनाकर आत्मीयता से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री  साय ने खाट पर बैठकर लहंगू और उनके परिवार से विस्तारपूर्वक चर्चा की इस दौरान मुख्यमंत्री पूरी सहजता के पहाड़ी कोरवा परिवार से घुलते मिलते नजर आए। उन्होंने उनके जीवन, दिनचर्या, संस्कृति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने लहंगू से आवास के संबंध में पूछा जिस पर लहंगू ने बताया कि पहले कच्चे मकान में रहने में कई समस्याएं होती थी। लेकिन पक्के आवास से अब खुश हैं। अब किसी प्रकार की चिंता नहीं सताती।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सरई पत्तों से बने दोने-पत्तल में तेंदू, चार और लीची जैसे स्थानीय और मौसमी फल परोसे गए। आम से बने पारंपरिक पेय आम पना का भी उन्होंने स्वाद लिया। लहंगू  की पत्नी दरसी ने मुख्यमंत्री को अपने हाथों से तैयार की गई छिंद की चटाई, रागी, कुटकी और कटहल का फल उपहार स्वरूप भेंट किया, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरे सम्मान के साथ स्वीकार किया। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने पहाड़ी कोरवा श्रीमती भूखना के पीएम जनमन आवास योजनान्तर्गत बने आवास का भी अवलोकन किया।

4 हजार स्कूल बंद होने की बात पूरी तरह भ्रामक
शिक्षा के अधिकार अधिनियम और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशानिर्देशों के अनुरूप होगा युक्तियुक्तकरण
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ में विद्यालयों के युक्तियुक्तकरण को लेकर कुछ शैक्षिक संगठनों प्रश्नों और भ्रांतियां का शिक्षा विभाग ने ठोस तथ्यों के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने बताया है कि न तो किसी स्कूल को बंद किया जा रहा है, न ही शिक्षकों के पद समाप्त किए जा रहे हैं। युक्तियुक्तकरण की यह प्रक्रिया पूरी तरह शिक्षा के अधिकार अधिनियम और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशानिर्देशों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की न्यायसंगत ढंग से उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
  शिक्षा विभाग ने विषय के बजाय कालखंड आधारित गणना से 5000 व्याख्याता अतिशेष होने के दावे को भ्रामक बताया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में विषय के आधार पर ही पद स्वीकृत हैं। यदि किसी विद्यालय में किसी विषय का एक ही व्याख्याता कार्यरत हैं, तो उन्हें किसी भी स्थिति में ‘अतिशेष’ नहीं माना जा रहा है। केवल उन्हीं स्कूलों की समीक्षा की जा रही है, जहां एक ही विषय में एक से अधिक व्याख्याता कार्यरत हैं या जिन विषयों में छात्र हैं ही नहीं, जैसे कि किसी विद्यालय में कॉमर्स के विद्यार्थी नहीं होने पर वहां के कॉमर्स व्याख्याता को दूसरे विद्यालय में पदस्थ किया जाएगा।
 शिक्षा विभाग ने कहा है कि कुछ संगठनों द्वारा राज्य में युक्तियुक्तकरण से 4000 विद्यालय बंद होने की बात पूरी तरह से बेबुनियाद है। विभाग ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार क्लस्टर विद्यालयों की अवधारणा के तहत केवल एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्कूलों का प्रशासनिक समायोजन किया जा रहा है। इससे कोई विद्यालय बंद नहीं होगा, और न ही किसी प्रधान पाठक का पद समाप्त किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल संसाधनों और प्रशासनिक संरचना को बेहतर बनाना है।
  राज्य में 43849 शिक्षक पद समाप्त होने के दावें को भी शिक्षा विभाग ने तथ्यहीन बताया है। शिक्षा विभाग ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा है कि वास्तविकता यह है कि गणना के अनुसार केवल 5370 शिक्षक (3608 प्राथमिक स्तर के सहायक शिक्षक और 1762 पूर्व माध्यमिक शिक्षक) ही दर्ज संख्या के अनुपात में अतिशेष पाए गए हैं। ये शिक्षक केवल अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित किए जाएंगे। किसी भी पद को समाप्त नहीं किया जा रहा है, बल्कि सभी स्वीकृत पद भविष्य में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने की स्थिति में जीवित रखे जाएंगे।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसका मूल उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना, जरूरत वाली शालाओं में शिक्षक उपलब्ध कराना  और शिक्षा प्रणाली को अधिक न्यायसंगत बनाना है। शिक्षा विभाग की यह पहल राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और छात्रों को समुचित शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी कदम है।

मुख्यमंत्री के कड़े तेवर लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज
रायपुर/शौर्यपथ /सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए दो बड़े निर्णय लिए।
मुख्यमंत्री ने मुंगेली जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता आर.के. मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मनियारी जलाशय  और पथरिया जलाशय जैसी महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं, जो लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के जिला शिक्षा अधिकारी जगदीश कुमार शास्त्री को पद से हटाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में जिले का अत्यंत खराब प्रदर्शन जिले में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाता है और ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय के इस तीखे रुख से स्पष्ट है कि सरकारी कार्यों में शिथिलता और जवाबदेही से बचने का युग समाप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने आज मुंगेली कलेक्टोेरेट के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, बिलासपुर और मुंगेली जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान कार्रवाई के निर्देश दिए।
ग्रामीण इलाकों का निरंतर दौरा करें अधिकारी-
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि सुशासन का आशय अच्छा शासन होता है। जिस विश्वास के साथ जनता ने हमें शासन में बिठाया है, उस विश्वास को और मजबूत करना है। सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण में अधिकारियों ने अच्छा काम किया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अधिक से अधिक ग्रामीण इलाकों का दौरा करें। इससे मैदानी जानकारी मिलने के साथ-साथ प्रशासनिक कसावट भी आती है।
भीषण गर्मी में किसी को न हो पेयजल की दिक्कत -
मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी का मौसम चरम पर है। पेयजल की समस्या किसी को ना हो इसे अधिकारी देखें। लोगों को पेयजल उपलब्ध कराना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए पुख्ता कार्य योजना तैयार कर अमल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी सचेत रहें और कहीं पर भी बीमारी की सूचना मिलती है, तो तुरंत वहां पहुंचकर इलाज की व्यवस्था करें। राज्य में खाद बीज की पर्याप्त उपलब्धता है।  खाद बीज की दिक्कत किसानों को नहीं होनी चाहिए।
अटल डिजिटल सेवा केंद्र का संचालन सुचारू रूप से हो-
श्री साय ने कहा की अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की गारंटी का एक अनिवार्य हिस्सा है। पूरे प्रदेश में 1460 केंद्र खुल चुके हैं। सभी में पैसे के ट्रांजेक्शन सहित अच्छा काम हो रहा है। ये सभी केंद्र नियमित रूप से काम करें, यह देखने का काम कलेक्टर का है। उन्होंने कहा कि अगले 6 माह में 5000 और अटल सेवा केंद्र खुलेंगे। अगले साल 24 अप्रैल तक हर ग्राम पंचायत में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू हो जाएगा । यह भी ध्यान रखें कि लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा की भूमि की रजिस्ट्री के संबंध में हमारी सरकार ने 10 नए क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। भूमि दान सहित अन्य कामकाज को सरल किया है। इनका लाभ ग्रामीणों और किसानों को मिलना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के अधूरे कामों को बरसात के पहले अभियान चलाकर पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को बरसात में रहने के लिए पक्के मकान मिल सकें। श्री साय ने कहा कि सभी अधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन शिविर में हम कर रहे हैं।
घर जाकर करें लंबित मजदूरी का भुगतान-
मुख्यमंत्री ने कहा की शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मजदूरी भुगतान में विलंब नहीं करना चाहिए। मरवाही वन मंडल में वन विभाग का मजदूरी भुगतान काफी दिनों से लंबित होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और मजदूर के घर पहुंचकर तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए। बिलासपुर जिले में राजस्व प्रकरण की ज्यादा संख्या में लंबित होने पर इनका अभियान चलाकर निपटारा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपने मातहत राजस्व अधिकारियों की सतत मॉनिटरिंग करें। उन्होंने पक्षकारों को पेशी में बार-बार नहीं बुलाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने अचानकमार रिजर्व क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में विलंब होने का कारण पूछा और इसे समन्वय स्थापित करते हुए समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। महिला समूह को सैंटरिंग प्लेट का प्रशिक्षण भी देने को कहा ताकि बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास में उन्हें रोजगार मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर जिले में 5 लाख से ज्यादा लोगों का आयुष्मान कार्ड अभी तक नहीं बना है, मुख्यमंत्री ने सीएमएचओ को इसके लिए फटकार लगाई। उन्होंने बिलासपुर में शुरू किए गए सिम्स के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा की इसे पीपीपी मोड पर चलने पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए जिला कलेक्टर को एक विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बरसात में हर तालाब भरें लबालब-
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हम सभी को वाटर रिचार्जिंग पर ध्यान देना होगा। उन्होंने राजनांदगांव में हुए कार्यों की प्रशंसा करते हुए इस तरह के प्रयास बिलासपुर एवं आसपास के जिलों में भी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात आने वाली है तालाबों में पानी के आगमन स्थल कई जगह अतिक्रमित हुए हैं। इससे तालाबों में पानी नहीं भरता, उन्होंने जन भागीदारी से ऐसा प्रयास करने को कहा कि सभी तालाब भर जाएं। उन्होंने शहरी विकास, कृषि, पंचायत विभागों को मिलकर इस संबंध में एक कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के कार्यों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जाहिर की और इसमें आने वाली बाधाओं को दूर करने के निर्देश कलेक्टर को दिए।  उन्होंने किसानों की सहमति से फसल चक्र परिवर्तन को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में अचानकमार टाइगर रिजर्व में आने वाली ग्रामों के विस्थापन पर वन विभाग के प्रस्तुतीकरण का भी अवलोकन किया। विस्थापित होने वाले ग्रामीणों को विश्वास में लेकर समय सीमा में इस कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अचानकमार टाइगर रिजर्व में पर्यटन की दृष्टि से भी काम करने के निर्देश दिए।
बैठक में केन्द्रीय राज्य मंत्री आवास एवं शहरी मामले श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, विधायक श्री धरमलाल कौशिक और श्री पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडे, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, संभागायुक्त श्री सुनील जैन सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे ।

रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जिला मुख्यालय मुंगेली में 8.89 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित प्रेस क्लब भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पत्रकार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पत्रकारों की भूमिका समाज निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि इस नवनिर्मित प्रेस क्लब भवन से पत्रकारों को एक सर्वसुविधायुक्त भवन मिलेगा, जहां वे रचनात्मक कार्य कर सकेंगे।
        मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह भवन पत्रकारों की कार्यक्षमता को और सशक्त बनाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जिलेभर से आए पत्रकारों की उपस्थिति रही। प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे पत्रकारों के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुंगेली विधायक  पुन्नूलाल मोहले, बिलासपुर संभागायुक्त  सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर  कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल सहित प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित थे।

महुआ पेड़ के नीचे जीपीएम जिले के चुकतीपानी गांव में अचानक उतरा मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर
मुख्यमंत्री ने पानी टंकी से ओवरफ्लो हो रहे पानी को देखकर जताई नाराजगी
बैगा समुदाय ने तेंदू फल से भरी टोकरी देकर मुख्यमंत्री का किया स्वागत
चुकतीपानी मिडल स्कूल मैदान का मिनी स्टेडियम के रूप में होगा उन्नयन
रायपुर/शौर्यपथ /"सरकार कैसा काम कर रही है, सब ठीक है ना। यही जानने आपके घर आया हूं। आप लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है ना, कुछ दिक्कत परेशानी हो तो बताइए। "
ये कहना है मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जो सुशासन तिहार के दौरान अचानक ही जीपीएम जिले के चुकतीपानी गांव में हेलीकॉप्टर से पहुंचे। हेलीकॉप्टर देखते है बैगा बाहुल्य गांव में लोगों की भीड़ लग गई और अपने बीच में मुख्यमंत्री को देखकर ग्रामीण हैरान रह गए।
बैगा समुदाय के ग्राम प्रमुख ने मुख्यमंत्री को गुलमोहर की माला पहनाकर उनका स्वागत किया और बैगा ग्रामीण रैता बैगा ने तेंदू फल से भरी टोकरी देकर मुख्यमंत्री का गांव में आने के लिए आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वहां उपस्थित ग्रामीणों से शासकीय योजनाओं के बारे में पूछा। इस दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर पीएचई विभाग के सब इंजीनियर को मुख्यमंत्री ने जमकर फटकार भी लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि या तो काम करो या फिर सस्पेंड होने के लिए तैयार रहो। श्री साय ने इस दौरान पानी टंकी से ओवरफ्लो हो रहे पानी को देखकर पानी की बरबादी करने पर भी नाराजगी जाहिर की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गरीब को आवास देने का सरकार अपना सबसे बड़ा वायदा पूरा कर रही है और इसी क्रम में चुकतीपानी में भी 179 पीएम आवास स्वीकृत किए गए हैं। महतारी वंदन योजना के बारे में महिलाओं से पूछने पर उन्होंने बताया कि वो योजना के पैसों से स्व सहायता समूह बनाकर काम कर रही है और घरेलू खाद से सब्जियां उगाकर उसे नजदीक के सभी मंडी में बेचकर आय अर्जित कर रही है। स्थानीय महिलाओं ने वर्मी कम्पोस्ट में उगाई गई लाल भाजी को मुख्यमंत्री को भेंट भी किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर चुकतीपानी गांव के मिडिल स्कूल का मरम्मत करने की घोषणा की और साथ ही स्कूल के मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में उन्नयन करने की भी घोषणा की।

विष्णु के सुशासन में हो रहा संवाद और समाधान
सुशासन तिहार-2025 के अंतर्गत समाधान शिविर में सीएम ने लिया जायजा
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ में विष्णु के सुशासन में संवाद और समाधान की कड़ी निरंतर रूप से चल रही है। इस सुशासन की सरकार में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित हर योजना का लाभ हितग्राही को सुनिश्चित कराने हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के मुखिया श्री विष्णु देव साय की पहल पर सुशासन तिहार-2025 का आयोजन प्रदेशभर में किया जा रहा है।
शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत से रूबरू होने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार-2025 के तहत आमागोहन समाधान शिविर में पहुंचे और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।
गौरतलब है कि सुशासन तिहार-2025 के अंतर्गत तीसरे चरण में समाधान शिविर का आयोजन हो रहा है, जिसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी लेना और स्थानीय समस्याओं का त्वरित निवारण करना है। इस कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर के कोटा विकासखंड के आमागोहन गांव पहुंचे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार सुशासन के माध्यम से हर गांव तक विकास की किरण पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। समाधान शिविर के जरिए हम ग्रामीणों की समस्याओं को सुन रहे हैं और उनका तुरंत समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री  श्री साय ने कहा कि हमने राज्य में सरकार बनते ही 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत किए। हमने महतारी वंदन के तहत  माताओं-बहन को आर्थिक सहायता देने का काम किया। प्रदेश में 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। आज महिला सशक्तीकरण का काम महतारी वंदन के माध्यम से हो रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के जरिए प्रदेश के 22 हजार से ज्यादा लोग श्रीरामलला के दर्शन का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा दर्शन योजना के तहत देशभर के धार्मिक स्थलों में दर्शन की व्यवस्था हमने शुरू की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जो सरकार अच्छा काम करती है, उसी की जनता के बीच जाने की हिम्मत होती है। हम अपने डेढ़ साल का रिपोर्ट कार्ड लेकर जा रहे हैं। अपने काम का फीडबैक ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई लाभार्थियों को योजनाओं के तहत प्रमाण पत्र और सहायता राशि वितरित की। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
यह शिविर छत्तीसगढ़ सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें ग्रामीण विकास और सुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी और लोगों की समस्याओं का समाधान होगा।
हितग्राहियों से सीएम श्री साय का सीधा संवाद :
आमागोहन समाधान शिविर के दौरान सीएम श्री साय और हितग्राहियों के बीच सीधा संवाद हुआ। इस दौरान ग्रामीण महिला श्रीमती विमला साहू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन के तहत हर महीने एक हजार रुपए मिल रहे हैं, इस पैसे को वो अपने नातिन के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में राशि बैंक में जमा करती हैं। ग्राम मोहली के श्री छोटेलाल बैगा ने बताया कि पहले उनका कच्चा था, जहां बारिश में पानी टपकने से लेकर जहरीले जीव जंतुओं का खतरा हमेशा बना रहता था, अब पीएम आवास बनने से जीवन आसान हुआ है, अब सिर पर छत सुनिश्चित हो गया है। श्रीमती दिलेश्वरी खुसरो ने बताया घर में दो लोगों का आयुष्मान कार्ड  बनने से अब उन्हें बीमार होने की स्थिति में किसी तरह की चिंता नहीं रही।
मुख्यमंत्री ने जनहित में घोषणाएं की :
मुख्यमंत्री श्री साय ने आमागोहान में समाधान शिविर में बेलगहना में कॉलेज शुरू करने की घोषणा की। वहीं  क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए कहा कि आमागोहन में 32 केवी का विद्युत सब स्टेशन स्थापित किया जाएगा। जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए आमागोहन में एक सामुदायिक भवन की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों संग किया भोजन :
मुख्यमंत्री ग्रामीणों के साथ बैठकर भोजन किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं ग्रामीणों के साथ भोजन करने की मंशा जताई। मुख्यमंत्री के साथ अनीता ध्रुव, कलेशिया बाई, विमला पुरी, छोटेलाल बैगा, दिलेश्वरी खुसरो और अन्य ग्रामीणों के साथ भोजन किया।
मुखिया को हाथों से बनाया स्कैच किया भेंट :
एमएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहे 24 वर्षीय देव सिंह खुसरो ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को अपने हाथों से बनाया गया पेंसिल स्कैच भेंट किया और  कहा कि प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय किसान कल्याण की दिशा में बहुत बेहतर काम कर रहे हैं, जिसके लिए उनके परिवार, गांव के लोगों समेत किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
एक नज़र में आमागोहन :
उल्लेखनीय है कि आमागोहन एक आदिवासी बाहुल्य गांव है।  2073 की आबादी वाले आमागोहन में 567 परिवार निवासरत हैं। चार आंगनबाड़ी के साथ ही गांव में दो प्राथमिक शाला, दो पूर्व माध्यमिक शाला, एक हाईस्कूल, एक हायर सेकेंडरी स्कूल और एक हॉस्टल संचालित है।
आमागोहन ग्राम पंचायत में निवासरत परिवार विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। इसमें से सभी 567 निवासरत परिवार के पास राशनकार्ड हैं, जिनमें से 132 परिवार बीपीएल, 114 एपीएल एवं 321 परिवार अंत्योदय राशनकार्डधारी हैं। आवास योजना के कुल 134 हितग्राही परिवार हैं। वहीं उज्ज्वला योजना का लाभ लेने वाले 114 परिवार हैं। 185 हितग्राहियों को विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ मिल रहा है। बिहान योजना से 20 लाभान्वित हैं। ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन से 210 स्वीकृत शौचालय हैं। महतारी वंदन योजना का 384 माता-बहनों को मिल रहा है। गांव में 1179 आयुष्मान कार्डधारी हैं।

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