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महानदी तटबंध निर्माण और हाई मास्ट लाइट लगाने शुरू हुई कार्यवाही
सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री के दौरे का असर जमीनी स्तर पर दिखने लगा
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 9 मई को सुशासन तिहार के दौरान ग्राम बल्दाकछार में की गई घोषणाएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप जिला प्रशासन ने तीव्रता से कार्यवाही करते हुए संबंधित विभागों को तत्काल सर्वे एवं योजना निर्माण के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशन में आज जल संसाधन विभाग और क्रेड़ा (CREDA) विभाग के अभियंताओं की टीम बल्दाकछार पहुंची। टीम ने दो अहम कार्योंकृमहानदी तट पर तटबंध निर्माण और ग्राम में हाई मास्ट लाइट की स्थापना के लिए सर्वे की प्रक्रिया प्रारंभ की।
बाढ़ से सुरक्षा के लिए पक्का तटबंध
हर वर्ष महानदी की बाढ़ से कटाव झेल रहे बल्दाकछार गांव के लिए राहत भरी खबर है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, ग्राम को कटाव से सुरक्षित रखने के लिए महानदी के दाएं तट पर पक्के तटबंध का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। प्रारंभिक सर्वे के अनुसार, लगभग डेढ़ किलोमीटर लम्बाई में 5 मीटर स्लांट हाइट के साथ सीमेंट-कांक्रीट संरचना बनाई जाएगी, जिससे कटाव को रोका जा सकेगा। इस कार्य की अनुमानित लागत 888 लाख रुपये है।
गांव में रोशन होगा अंधेरा: हाई मास्ट लाइट योजना
मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल करते हुए क्रेड़ा विभाग ने भी ग्राम में हाई मास्ट लाइट लगाने हेतु स्थल का चयन कर लिया है। इंजीनियरों ने सरपंच व ग्रामीणों के साथ मिलकर गुड़ी चौक और कमारपारा को उपयुक्त स्थल माना है। संबंधित प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जा रहा है।
जनता की आवाज पर संवेदनशील निर्णय
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के दौरान बल्दाकछार में आकस्मिक निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों की समस्याएं सुनी थीं। जनता की प्राथमिकताओं को समझते हुए उन्होंने त्वरित घोषणाएं कीं और अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए थे। अब प्रशासन द्वारा किए जा रहे तत्पर प्रयास इस बात का प्रमाण हैं कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्य रूप में परिणित हो रही हैं।
बल्दाकछार में शुरू हुई ये पहल न केवल गांव की सुरक्षा और विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह शासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही का भी प्रमाण है। जनता से किये वादों को त्वरित अमल में लाकर शासन ने यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ में सुशासन अब केवल शब्द नहीं, एक साकार होती प्रक्रिया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा अपने पदों से इस्तीफा दे
रायपुर/शौर्यपथ / पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल अपने निवास स्थान रायपुर पर पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि बीजापुर में नक्सल ऑपरेशन से जुड़ी घटनाओं और तथ्यों के आधार पर जो सच सामने आ रहा है उससे लगता है कि नक्सल ऑपरेशन पर छत्तीसगढ़ सरकार का कोई नियंत्रण नहीं बचा है। इस घटनाक्रम ने साबित कर दिया है कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा जी पद पर बने रहने के काबिल नहीं हैं और उनको तत्काल इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। नक्सलियों के ख़लिफ़ हर लड़ाई में कांग्रेस पार्टी का खुला और बिना शर्त समर्थन है। पर नक्सलियों के ख़लिफ़ लड़ाई में सरकार अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकती। बीजापुर के घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े किए हैं जिससे संदेह पैदा हो गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि 8 मई को रात में घटना घटित हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी ने दावा किया कि ऑपरेशन संकल्प में 22 नक्सली मार गिराए हैं।उसके बाद गृहमंत्री विजय शर्मा जी ने कहा कि कोई ऑपरेशन संकल्प नहीं चल रहा है और ऐसी कोई संख्या नहीं है, यह झूठ है। लेकिन पता चला कि बीजापुर ज़िला अस्पताल में 22 शव पोस्टमार्टम के लिए पहुँचे हैं। बीजापुर की स्थानीय मीडिया, बस्तर की मीडिया और प्रदेश की भी मीडिया को अस्पताल में नहीं जाने दिया गया। चारों ओर सवाल उठे, शव मोर्चुरी में सड़ने लगे तब पुलिस ने 12 मई को शाम में निम्न रिलीज़ जारी की :-
कल बीजापुर में पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन संकल्प में कुल 31 नक्सली मारे गए हैं।
बीजापुर के सीमावर्ती क्षेत्रान्तर्गत विगत दिनो में हुई पुलिस नक्सली मुठभेड़ में बरामद नक्सलियों के शवों में से अब तक कुल 20 नक्सलियों के शवों की पहचान कर ली गई है।
पहचाने गए 20 नक्सलियों के शवों में से 11 शवों को पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
मुठभेड़ में बरामद शेष 11 नक्सलियों के शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, उनके शव भी परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।
इस प्रेस रिलीज़ में भी विरोधाभास है. अगर 20 की पहचान कर ली गई है तो सिर्फ़ 11 क्यों सौंपे गये?
अगर 20 की पहचान हो गई तो 11 की पहचान की प्रक्रिया कैसे जारी हो सकती है?
पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने सवाल किया कि -
1. क्या ऑपरेशन संकल्प चल रहा है? अगर हां तो इसका क्या विवरण है?
2. ऐसा कैसे हो सकता है कि पुलिस कोई ऑपरेशन चला रही है और गृहमंत्री को इसकी जानकारी नहीं है?
3. कुल कितने शव बरामद किए गए? अगर 31 नक्सली मारे गए तो बीजापुर में 22 शव ही कैसे पहुंचे हैं? बाक़ी के शव कहां हैं?
4. अगर सुरक्षा बलों को इतनी बड़ी सफलता मिली तो इसकी घोषणा करने में इतना समय क्यों लगा?
5. जिनकी पहचान की गई उनके क्या-क्या नाम हैं?
6. जिन शवों को पहचानकर हैंडओवर किया गया, जिनको हैंडओवर किया गया उनके क्या नाम हैं? और मृतकों से उनका क्या क्या रिश्ता है?
7. कितने शव को पहचानना अभी बाक़ी है?
‘अमृत सरोवर’ योजना से ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार और जलसंरक्षण की दिशा में मिलेंगे ठोस परिणाम: स्थानीय आजीविका से जोड़ने केंद्रीय मंत्री ने दिए निर्देश
छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने केंद्र-राज्य की साझा पहल : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की उच्चस्तरीय समीक्षा
गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य - मुख्यमंत्री साय
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विकास का समग्र रोडमैप तय
रायपुर/शौर्यपथ /केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा कृषि विभाग के कार्यों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में राज्य और केंद्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई और भावी विकास रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य ने कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए उन्नत गांव और खुशहाल किसान की अवधारणा को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण विकास और कृषि को राज्य की रीढ़ मानती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना है। किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के सुदूर और वंचित क्षेत्रों तक विकास की पहुंच बनाना एक साझी ज़िम्मेदारी है, जिसको पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दृढ़ संकल्पित है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना, डिजिटल सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना और युवाओं को कौशल आधारित रोजगार देना ही वास्तविक सुशासन है। उन्होंने कहा कि हमारी रणनीति योजनाओं को सिर्फ आंकड़ों तक सीमित रखने की जगह जन-जीवन में बदलाव लाने की है।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘अमृत सरोवर’ योजना को स्थानीय आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा और जलसंरक्षण की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे। राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत श्रमिक बजट के पुनरीक्षण का आश्वासन दिया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वीकृत आवासों के शीघ्र निर्माण और हो रहे नये सर्वे के भौतिक सत्यापन पर बल दिया।
केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सराहना करते हुए विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचालित नियद नेलानार योजना के अंतर्गत हो रहे निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना विकास को राज्य के सुदूर और चुनौतीपूर्ण भूभागों तक पहुंचा रही है। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में शुरू किए गए ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों’ की सराहना की और इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस नवाचार का अध्ययन कर इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाए।
कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए चौहान ने कहा कि किसानों की आय वृद्धि के लिए केवल पारंपरिक खेती नहीं, बल्कि पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन जैसे एलाइड क्षेत्रों में भी प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, उन्नत बीजों, जैविक खेती और फसल चक्र अपनाने को प्रोत्साहित किया। केंद्र सरकार द्वारा शीघ्र शुरू की जा रही विशेष पहल की जानकारी देते हुए चौहान ने बताया कि वैज्ञानिकों की टीम राज्य के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर किसानों को व्यावहारिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देगी। उन्होंने राज्य सरकार से इस पहल में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।
बैठक के समापन पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अभिनव प्रयोगों और प्रतिबद्धता के साथ छत्तीसगढ़ को विकास के नए शिखर पर पहुंचाएंगी। मुख्यमंत्री साय ने आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार इस साझा संकल्प को जमीनी हकीकत में बदलने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव पंचायत विभाग श्रीमती निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के अपर सचिव आर. आनंद, ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव अमित शुक्ला, कृषि मंत्रालय के सलाहकार नवीन कुमार विद्यार्थी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ /केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और स्वावलंबन की भावना से ओतप्रोत "जशप्योर" ब्रांड के उत्पादों की सराहना की। केंद्रीय मंत्री चौहान ने "जशप्योर" के उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 'जशप्योर' न केवल एक ब्रांड है, यह छत्तीसगढ़ी माटी की महक, आदिवासी बहनों की मेहनत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का प्रतीक बन चुका है।
उल्लेखनीय है कि मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें जशपुर जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार की गई जशप्योर ब्रांड की खाद्य पदार्थों से सुसज्जित विशेष परंपरागत टोकरी भेंट की।छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुके "जशप्योर" ब्रांड की यह टोकरी केवल उपहार नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भरता, परिश्रम और स्वदेशी कौशल का एक जीवंत प्रतीक थी। छींद कांसा की हस्तनिर्मित टोकरी में सजाए गए उत्पादों में डेकी, कुटा, जवां फूल चावल, टाऊ पास्ता, महुआ कुकीज, रागी, मखाना लड्डू, महुआ गोंद लड्डू, महुआ च्यवनप्राश, ग्रीन टी, शहद और हर्बल सिरप जैसे विविध उत्पाद शामिल थे। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई और प्रत्येक वस्तु की जानकारी बड़े उत्साह से ली। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि हमारे जनजातीय समुदाय का परिश्रम और गौरव झलकता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को आत्मसात करते हुए, ऐसे लोकल ब्रांड्स को सशक्त बना रही है जो न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवंत बनाए रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की स्व सहायता समूहों की महिलाएं केवल उत्पाद नहीं बना रहीं, बल्कि आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की नींव गढ़ रही हैं।
रायपुर/शौर्यपथ /पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक सकारात्मक पहल करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नवा रायपुर स्थित सेंट्रल पार्क में नारियल का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने नारियल के पौधों का रोपण कर हरियाली बढ़ाने के संकल्प को और मजबूत किया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि वृक्ष जीवन का आधार हैं। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएं और पर्यावरण संरक्षण को जनांदोलन का रूप दें।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में हरित आवरण को बढ़ाने हेतु संकल्पित है और वृक्षारोपण को एक जन-भागीदारी अभियान के रूप में आगे बढ़ा रही है। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, कृषि संचालक राहुल देव, उद्यानिकी संचालक श्री एस. जगदीशन सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
जल उपयोग की दक्षता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग के कामकाज की समीक्षा की
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रदेश के सिंचाई ढांचे को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जल संसाधन विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मौजूदा सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री साय ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए और जल अपव्यय रोकने के साथ ही जल का अधिक से अधिक उपयोग कृषि कार्यों में हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के सभी बांधों की जल भराव क्षमता, वर्तमान सिंचाई स्थिति और आगामी परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नहरों के माध्यम से जल परिवहन में होने वाली हानि को रोकने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग जरूरी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने जल उपयोग की दक्षता बढ़ाने हेतु अंडरग्राउंड पाइपलाइन व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही सिंचाई योजनाओं में रूपांकित सिंचाई क्षमता और वास्तविक क्षमता के बीच के अंतर को कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर एवं सरगुजा संभाग में लंबे समय से अधूरे योजनाओं को पूर्ण करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाये।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निर्माणाधीन वृहद परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि किसानों को समय से योजना का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने बड़ी परियोजनाओं में भारत सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करने हेतु आवश्यक प्रस्ताव यथाशीघ्र तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने राज्य में भू-जल की दृष्टि से क्रिटिकल/सेमी क्रिटिकल घोषित 26 विकासखण्डो में परियोजनाओं के निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने निर्माणाधीन वृहद परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए। बैठक में सचिव जल संसाधन विभाग श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी देते हुए निर्माणधीन एवं प्रस्तावित सिंचाई योजनाओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव वित्त श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, प्रमुख अभियंता इन्द्रजीत उइके एवं जल संसाधन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री आवास योजना का गंभीरतापूर्वता करें क्रियान्वयन: कलेक्टर उइके
अप्रारंभ कार्यों को शुरू कर एवं प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाते हुए करें पूर्ण
पीएम आवास के नाम पर अवैध लेन देन की शिकायत पर होगी कड़ी कार्रवाई
कलेक्टर उइके ने पीएम आवास के कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
गरियाबंद/शौर्यपथ /कलेक्टर बी.एस. उइके ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना की गहन समीक्षा की। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिवों, रोजगार सहायकों एवं आवास मित्रों की बैठक लेकर जिले में पीएम आवास योजना के प्रगति की जानकारी ली। कलेक्टर ने जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत सभी कार्यों का गंभीरतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधितों को दिए। उन्होंने पंचायत वार स्वीकृत कार्यों, प्रगतिरत, हितग्राहियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किश्त आबंटन एवं अप्रारंभ कार्यों की जानकारी ली।
उन्होंने अप्रारंभ कार्यों को जल्द शुरू करने और जारी कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समीक्षा बैठक के दौरान पीएम आवास निर्माण कार्यों में उदासीनता, लापरवाही स्वेच्छाचारिता एवं अरुचि दिखाने वाले 11 ग्राम पंचायत सचिवों को मीटिंग के दौरान ही कारण बताओं नोटिस जारी किए। इनमें ग्राम पंचायत दांतबाय कला, कोसमबुड़ा, गुजरा, खरता, हाथबाय, बरबाहरा, मौहाभांठा, बेगरपाला, लोहारी, मरदाकला एवं खरहरी के पंचायत सचिव शामिल है। कलेक्टर ने धीमी प्रगति वाले पंचायतों के अधिकारी कर्मचारियों को सक्रिय होकर प्राथमिकता में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यों का जिओ टैगिंग भी सुनिश्चित करने करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पीएम आवास योजना अंतर्गत सर्वे , जिओ टैगिंग, इंस्टॉलमेंट के नाम से अवैध लेन देन की शिकायत नहीं आनी चाहिए। अन्यथा संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को लाभान्वित करने कोई कोताही न बरते।
इस दौरान बैठक में जिला पंचायत सीईओ जीआर मरकाम, अपर कलेक्टर नवीन भगत सहित पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आवास मित्र एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
कलेक्टर उइके ने बैठक में कहा कि शासन के मंशानुसार हितग्राहियों के आवास समय पर पूर्ण हो, जिससे उन्हें आवास योजना का लाभ आसानी से मिल सके। आवास योजना की लगातार शासन स्तर से भी समीक्षा हो रही है। हितग्राहियों को लाभान्वित करने मैदानी अमले सक्रिय होकर गंभीरतापूर्वक कार्य करे। कलेक्टर श्री उइके बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने जनमन योजना अंतर्गत बन रहे आवासों की जानकारी ली। अपर कलेक्टर भगत ने बताया कि जिले में कमार परिवारों को आवास सुविधाओं से लाभान्वित करने पीएम जनमन योजना अंतर्गत 911 आवास स्वीकृत किए गए है। इनमें 295 आवास पूर्ण हो चुके है, शेष प्रगतिरत है। कलेक्टर ने संबंधित क्षेत्र के अधिकारी कर्मचारियों को कार्यों में तेजी लाते हुए शेष कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने समन्वित प्रयास कर विशेष कार्य योजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अच्छा कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारियों की प्रशंसा भी की। साथ ही धीमी प्रगति वाले क्षेत्र के अधिकारी कर्मचारियों को उनसे सीख लेने की अपेक्षा की।
मंदिर परिसर में अहाता निर्माण के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की
रायपुर/शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज महासमुंद के बसना विकासखंड के बोहारपार में कर्मा माता मंदिर प्राण प्रतिष्ठा एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने वहां नवनिर्मित कर्मा माता मंदिर में पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की। उप मुख्यमंत्री साव ने इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बोहारपार में बहुत ही सुंदर एवं भव्य कर्मा माता मंदिर की स्थापना की गई है। इस मंदिर के निर्माण से सनातन की परंपरा और सनातन का विचार अवश्य ही फलीभूत होगा। उन्होंने भक्त माता कर्मा की महिमा बताए हुए कहा कि इस मंदिर का निर्माण केवल पूजा-अर्चना के लिए ही नहीं हुआ है। इस मंदिर से सनातनी संस्कार को मजबूती भी मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री साव ने मंदिर परिसर में अहाता निर्माण के लिए 25 लाख रुपए देने की की घोषणा की। सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक श्री संपत अग्रवाल और संदीप साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
विधायक संपत अग्रवाल ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि मंदिर निर्माण के लिए योगदान देने वाले सभी लोगों को मैं आज प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने मंदिर परिसर में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए विधायक निधि से 21 लाख रुपए देने की घोषणा की।
प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष टहल सिंह साहू ने मंदिर निर्माण के लिए शुभकामना देते कहा कि आज के समय में घर में संस्कार बचाना जरूरी है, तब जाकर एक बेहतर समाज का निर्माण होगा। तभी माता कर्मा मंदिर का लक्ष्य सही मायनों में पूर्ण होगा। तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, बसना नगर पंचायत अध्यक्ष खुशबू अग्रवाल, प्रदेश साहू संघ के उपाध्यक्ष मालकराम साहू और जिला साहू संघ के अध्यक्ष धरम दास साहू सहित साहू समाज के अनेक पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
सामुदायिक शेड के निर्माण के लिए 15 लाख रुपए देने की घोषणा की, बागबाहरा से पिथौरा मार्ग में बनेगा भव्य स्वागत द्वार
रायपुर/शौर्यपथ /उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के घोयनबहारा में आयोजित सूरमाल साहू समाज के सामूहिक आदर्श विवाह स्वर्ण जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। समारोह में समाज के 28 जोड़ों का विधिवत विवाह संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वर्ष 1975 में इस आयोजन की नींव रखने वाले वरिष्ठ दंपत्तियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन सामाजिक समरसता, एकजुटता और पारिवारिक मूल्यों का अद्भुत उदाहरण है। पिछले 50 वर्षों से निरंतर इस परंपरा को निभाना अनुकरणीय है। समाज में एकजुटता और सहयोग का यह स्वरूप हमें भविष्य के लिए नई प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना की।
उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में घोयनबहारा में सामुदायिक शेड के निर्माण के लिए 15 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने बागबाहरा से पिथौरा मार्ग में भव्य स्वागत द्वार के निर्माण की भी घोषणा की। यह द्वार क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ करेगा।
सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने भी समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में शुरू किया गया यह सामूहिक विवाह आयोजन आज एक सामाजिक आंदोलन बन चुका है। यह केवल विवाह नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, सह-अस्तित्व और समानता का प्रतीक है। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए समाज की इस सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया। विधायक श्री द्वारिकाधीश यादव, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू, साहू समाज के जिला अध्यक्ष धरमदास साहू, जिला स्काउट गाइड संघ के अध्यक्ष येतराम साहू, सूरमाल साहू समाज के संरक्षक नारायण लाल साहू,भेखलाल साहू और देवेश साहू सहित समाज के सैकड़ों गणमान्यजन एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में समारोह में उपस्थित थे।
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