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June 20, 2026
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रायपुर

रायपुर (6047)

2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक 11,581 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित
44 खनिज ब्लॉकों की  सफलतापूर्वक ई-नीलामी: देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी
बैलाडीला क्षेत्र में तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी
जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त: 9,362 विकास कार्यों को दी गई मंजूरी
राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की योजना
 रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पारदर्शी खनन नीति, ई-नीलामी, डिजिटल निगरानी और पर्यावरण-संवेदनशील खनन रणनीतियों को अपनाकर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नए आयाम दिए हैं।
खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित उत्खनन के चलते बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ के खनिज राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के गठन के समय की तुलना में खनिज राजस्व में 30 गुना वृद्धि हुई है, जो 2023-24 में 13,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और 2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक ही 11,581 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया जा चुका है। यह पारदर्शी खनन नीति और प्रभावी प्रशासन का परिणाम है। अब तक 44 खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी सफलतापूर्वक की जा चुकी है, जिसमें अब तक चूना पत्थर के 14, लौह अयस्क के 9, बॉक्साइट के 11, स्वर्ण के 3, निकल, क्रोमियम के 2, ग्रेफाइट के 2, ग्लूकोनाइट के 2 और लिथियम के 1 खनिज ब्लाक की निलामी की गई है।
प्रदेश में अब तक 10 क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स ब्लॉक्स की सफलतापूर्वक नीलामी
भारत सरकार द्वारा देश के आर्थिक एवं सामरिक विकास को ध्यान में रखते हुए क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के लिए राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन की घोषणा जनवरी, 2025 में की गई है। इस के अनुरूप प्रदेश में विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 से ही क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के अन्वेषण / खोज पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके तहत 56 अन्वेषण परियोजनाओं में से 31 परियोजनाओं अंतर्गत क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स पर कार्य किये जा रहे है।
प्रदेश में अब तक 10 क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स ब्लॉक्स जिसमें लिथियम का 1, स्वर्ण का 3, निकल, क्रोमियम का 2, ग्रेफाइट का 2 ग्लूकोनाइट के 2 मिनरल ब्लॉक की नीलामी की गई है।
देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी की कार्यवाही भारत सरकार द्वारा की गई है जिसके तहत् जिला कोरबा के कटघोरा लिथियम ब्लॉक को मेसर्स साउथ मायकी मायनिंग कंपनी को 76 प्रतिशत प्रीमियम राशि पर आबंटित किया गया है। राज्य के सुकमा एवं कोरबा जिले में भी लिथियम अन्वेषण कार्य किया जा रहा है जिसमें लिथियम के भण्डार पाये जाने की पूर्ण संभावना है।
बैलाडीला लौह अयस्क: भारत के खनन क्षेत्र का मजबूत स्तंभ
 बैलाडीला क्षेत्र भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क भंडारों में से एक है। यहां तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी है, जिसे मार्च 2025 तक पूरा किया जाएगा। इसके अलावा कांकेर जिले के हाहालद्दी लौह अयस्क खनिज ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
पर्यावरण संतुलन और पारदर्शी निगरानी प्रणाली
पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए खनन क्षेत्र को अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक रूप से संचालित करने के लिए सरकार ने कई नई पहल की हैं। सेटेलाइट इमेजरी और माइनिंग सर्विलियेंस सिस्टम के माध्यम से अवैध खनन की निगरानी की जा रही है। गौण खनिज खानों में सुव्यवस्थित और वैज्ञानिक पद्धति से खनन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार बेहतर कार्य करने वाले पट्टेधारियों को ‘स्टार रेटिंग’ प्रणाली के तहत प्रोत्साहित कर रही है।
खनिज राजस्व से सामाजिक विकास और बुनियादी सुविधाओं में निवेश
खनिज राजस्व का एक बड़ा हिस्सा प्रदेश के सामाजिक विकास में निवेश किया जा रहा है। जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त हुई है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और कौशल विकास सहित 9,362 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इससे खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में महत्वपूर्ण सुधार हो रहा है।
खनिज अन्वेषण कार्यों का विस्तार और नई परियोजनाएँ
राज्य सरकार ने चूना पत्थर, बॉक्साइट, लौह अयस्क और ग्रेफाइट सहित कुल 13 खनिज परियोजनाओं में अन्वेषण कार्य शुरू किया है। प्रारंभिक सर्वेक्षणों में चूना पत्थर के 283 मिलियन टन, लौह अयस्क के 67 मिलियन टन और बॉक्साइट के 3 लाख टन भंडार का अनुमान लगाया गया है। स्वर्ण, ग्रेफाइट और ग्लूकोनाइट जैसे खनिजों की खोज भी की जा रही है, जिससे राज्य के खनन क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, सूरजपुर जिले के जाजावल क्षेत्र में यूरेनियम ब्लॉक के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। कोल बेड मीथेन पूर्ववर्ती कोरिया जिले में वेदांता लिमि. एवं ऑईलमैक्स को पेट्रोलियम अन्वेषण लायसेंस स्वीकृत किया गया है। मैंगनीज ओर इंडिया लि. (मोईल) द्वारा सीएमडीसी के साथ प्रदेश में प्रथम बार बलरामपुर क्षेत्र में खनिज मैगनीज का भंडार चिन्हित किया गया है।

मुख्य खनिजों के लिए अन्वेषण हेतु केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की गई है। इसी तर्ज पर खनिज विभाग द्वारा राज्य के गौण खनिजों के व्यवस्थित विकास एवं अन्वेषण के लिए राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से छत्तीसगढ़ देश के समृद्ध राज्यों में से एक है। कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर, बॉक्साइट, स्वर्ण, निकल, क्रोमियम और प्लेटिनम समूह के तत्व सहित कुल 28 प्रकार के खनिजों की प्रचुरता ने इस राज्य को देश के खनन क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका में ला खड़ा किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों, सतत विकास की रणनीतियों और कुशल प्रशासनिक प्रयासों के चलते छत्तीसगढ़ भारत के अग्रणी औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। खनिज संपदा के माध्यम से प्रदेश न केवल आर्थिक मजबूती प्राप्त कर रहा है, बल्कि हरित और सतत विकास की दिशा में भी अग्रसर हो रहा है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध खनिज संपदा और रणनीतिक पहल के साथ भारत के माइनिंग हब के रूप में अपनी पहचान और अधिक सशक्त करेगा।

मुख्यमंत्री साय ने बार काउंसिल के जीर्णोद्धार एवं ई-लाइब्रेरी निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा की
जिला अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई शपथ
रायपुर /शौर्यपथ /जशपुर जिला व्यवहार न्यायालय में आयोजित जिला अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें न्यायिक सेवा के प्रति समर्पण का संकल्प दिलाते हुए शुभकामनाएं दीं। समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश  मंसूर अहमद, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जनार्दन खरे, विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
शपथ ग्रहण करने वालों में अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश साय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष  जनार्दन प्रसाद सिन्हा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती दीपिका कुजूर, सचिव सत्य प्रकाश तिवारी, सह सचिव  सूरज चौरसिया, कोषाध्यक्ष सुचेन्द्र कुमार सिंह, ग्रंथपाल  गोपाल प्रसाद रवानी और क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक सचिव  सत्येन्द्र जोल्हे शामिल थे। मुख्यमंत्री साय ने अधिवक्ता संघ के सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र की रीढ़ है और अधिवक्ताओं की इसमें प्रमुख भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ न्याय प्रक्रिया को तेज करने में योगदान देना चाहिए, ताकि समाज के सबसे वंचित तबके को भी न्याय सुलभ हो सके।
जशपुर अधिवक्ता संघ की ऐतिहासिक भूमिका और न्याय की परंपरा
मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिला अधिवक्ता संघ के ऐतिहासिक योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि यह संघ हमेशा से सामाजिक न्याय और विधिक सेवा में अग्रणी रहा है। उन्होंने श्री भारतचंद काबरा, श्री बालासाहेब देशपांडे और श्री नरहरि साय जैसी विभूतियों का स्मरण करते हुए कहा कि इन सभी ने शोषित, पीड़ित और वंचित लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे इस परंपरा को बनाए रखते हुए लोगों के अधिकारों की रक्षा करें और उनके लिए न्याय की राह को सुगम बनाएं।
बार काउंसिल के जीर्णोद्धार एवं ई-लाइब्रेरी के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिवक्ताओं के लिए सुविधा और संसाधनों को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बार काउंसिल के जीर्णोद्धार और ई-लाइब्रेरी के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस दौर में ई-लाइब्रेरी से अधिवक्ताओं और कानून के छात्रों को नवीनतम विधिक जानकारी और अद्यतन संदर्भ सामग्री तक सहज पहुंच प्राप्त होगी। इससे न्यायिक प्रक्रियाओं में दक्षता बढ़ेगी और नए अधिवक्ताओं को अध्ययन व अनुसंधान के बेहतर अवसर मिलेंगे।
न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ का अटूट रिश्ता – प्रधान जिला न्यायाधीश
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मंसूर अहमद ने कहा कि न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ के बीच अटूट रिश्ता है, और दोनों को मिलकर समाज में न्याय और विधि व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्य करना  चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को न्याय की गरिमा बनाए रखने और विधिक सेवा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की अपील की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने अधिवक्ताओं की समाज में भूमिका, विधिक सहायता की आवश्यकता और न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार साझा किए।
शपथ ग्रहण समारोह में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, रामप्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सोनार समाज के सामाजिक भवन के लिए 25 लाख रुपये की घोषणा
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर विकासखंड के श्याम पैलेस में आयोजित राष्ट्रीय कन्नौजिया सोनार महापरिवार जशपुर मंडल के प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने समाज को सामाजिक भवन के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले, आईआईटी और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता पाने वाले होनहार छात्रों को प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
सोनार समाज के सामाजिक कार्यों की सराहना
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि सोनार समाज सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर, निर्धन बेटियों के विवाह, रक्तदान शिविर और वृक्षारोपण जैसे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के ये प्रयास दूसरों के लिए भी प्रेरणादायक हैं और इससे पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
शिक्षा को बताया सबसे बड़ा हथियार, कमजोर परिवारों की मदद का आह्वान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देती है और उसके रहन-सहन को संवारती है। उन्होंने सोनार समाज से अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाएं और कमजोर परिवारों के बच्चों को भी पढ़ाई में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है, जिससे न केवल व्यक्ति का भविष्य उज्ज्वल होता है, बल्कि पूरे समाज की प्रगति सुनिश्चित होती है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार को बने 15 महीने हो चुके हैं, और इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी को पूरा करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कृष्णा राय, डॉ. राम प्रताप सिंह, विजय आदित्य सिंह जूदेव, सोनार समाज के जिला अध्यक्ष श्री विकास सोनी सहित बड़ी संख्या में सोनार समाज के लोग उपस्थित थे।

   रायपुर /शौर्यपथ /राज्यपाल रमेन डेका ने कोरबा कलेक्ट्रेट परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत बादाम के पौधे लगाए। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और धरती को हरा भरा बनाने सभी को अपने आसपास पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया।

सरल, सहज और आत्मीय मुख्यमंत्री से मिलने उमड़ा जनसैलाब
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने होली के रंगों में सराबोर अपने गृह ग्राम बगिया में ग्रामीणों के साथ आत्मीयता से होली का पर्व मनाया। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने और होली की शुभकामनाएं देने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी का गर्मजोशी से स्वागत किया, गुलाल लगाया और पर्व की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, सौहार्द्र और आपसी मेलजोल का उत्सव है। यह पर्व हमें हर भेदभाव भूलाकर एकता और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं पर भी चर्चा की।
होली के इस उल्लासमय अवसर पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के साथ खुशियों के रंग बांटे, पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया और इस पर्व को सामाजिक सौहार्द्र और उल्लास के साथ मनाया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में नितेश कच्छप और उनकी टीम ने होली के पारंपरिक लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे पूरा माहौल रंगीन और संगीतमय हो गया।
कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारीगण, पत्रकार बंधु और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने भगवान राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की
रायपुर/शौर्यपथ /होली के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड स्थित ग्राम टाटीडांड पहुँचे, जहाँ उन्होंने सनातन समाज के दुर्गा देवी संत समाज द्वारा आयोजित वार्षिक अनुष्ठान में भाग लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
कार्यक्रम में गुरु महाराज स्व. धनपति पंडा के पुत्र श्री सहदेव पंडा की विशेष उपस्थिति रही। यह अनुष्ठान हर वर्ष फाल्गुन माह में होली के पावन पर्व पर आयोजित किया जाता है, जिसमें मुख्यमंत्री साय अनेक वर्षों से शामिल होते रहे हैं।
होली भाईचारे और खुशियों का पर्व – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, सौहार्द्र और भाईचारे का पर्व है। उन्होंने कहा कि टाटीडांड में सनातन समाज द्वारा आयोजित यह अनुष्ठान परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को संजोए रखने का माध्यम है, जिससे समाज में समरसता बनी रहती है।
शासन की जनकल्याणकारी  योजनाओं से प्रदेश में विकास की नई रफ्तार
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर? पर राज्य सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों से देश में सर्वाधिक मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है, जिससे कृषि समृद्ध हो रही है। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को हर माह ₹1000 की सहायता राशि दी जा रही है, जिससे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है।
महाशिवपुराण कथा के लिए आमंत्रण
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 21 मार्च से 27 मार्च तक कुनकुरी विकासखंड में देश के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग स्थल मधेश्वर पहाड़ के समीप  महाशिवपुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी कथा का वाचन करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से इस दिव्य आयोजन में भाग लेने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी होली की शुभकामनाएं देते हुए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं और लोगों में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं।
इस अवसर पर सनातन समाज के श्रद्धालु और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रायपुर /शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर भारत की राष्ट्रपति माननीय द्रोपदी मुर्मु के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने मंत्रालय महानदी भवन में उच्च स्तरीय बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

  रायपुर  /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर में जल प्रवाह को नियंत्रित कर इंद्रावती नदी की मुख्य धारा में पानी छोड़ा गया है। ओडिशा सरकार की सहमति के बाद स्ट्रक्चर में रेत की बोरियां डालकर पानी का प्रवाह सुनिश्चित किया गया, जिससे इंद्रावती नदी में जल स्तर में वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर जल संसाधन मंत्री  केदार कश्यप ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल से इंद्रावती नदी के जल संकट के समाधान हेतु चर्चा की। इस पर केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के मुख्यमंत्रियों को समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। जिसके परिणामस्वरूप उड़ीसा राज्य की सहमति से जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर को अस्थायी रूप से एक फीट ऊंचा किया गया, जिससे इंद्रावती नदी के जल प्रवाह में सुधार हुआ।
इसके अतिरिक्त, इंद्रावती नदी के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में जमा रेत को हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जिसे अप्रैल के पहले सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस संबंध में कलेक्टर श्री हरिस एस के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर श्री सी.पी. बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  महेश्वर नाग और जल संसाधन विभाग के ईई  वेद पांडेय ने स्थानीय किसानों को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभा कक्ष में पूरी जानकारी दी।
इंद्रावती नदी और जोरा नाला की समस्या
इंद्रावती नदी का उद्गम ओडिशा राज्य के कालाहांडी जिले के रामपुर धुमाल गांव से हुआ है। यह नदी 534 किलोमीटर की यात्रा के बाद गोदावरी नदी में मिलती है। नदी का कैचमेंट एरिया 41,665 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें ओडिशा में 7,435 वर्ग किमी, छत्तीसगढ़ में 33,735 वर्ग किमी और महाराष्ट्र में 495 वर्ग किमी शामिल हैं।
ओडिशा राज्य की सीमा पर ग्राम सूतपदर में इंद्रावती नदी दो भागों में बंट जाती है। एक भाग इंद्रावती नदी के रूप में 5 किमी बहकर ग्राम भेजापदर के पास छत्तीसगढ़ में प्रवेश करता है, जबकि दूसरा भाग जोरा नाला के रूप में 12 किमी बहते हुए शबरी (कोलाब) नदी में मिल जाता है। पहले जोरा नाला का पानी इंद्रावती में आता था, लेकिन धीरे-धीरे इसका बहाव बढ़ने से इंद्रावती का जल प्रवाह कम हो गया।
समस्या गंभीर होने पर दिसंबर 2003 में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के प्रमुख अभियंताओं की बैठक में जोरा नाला के मुहाने पर जल विभाजन के लिए कंट्रोल स्ट्रक्चर बनाने का निर्णय लिया गया। यह स्ट्रक्चर ओडिशा सरकार द्वारा बनाया गया, जिसकी डिज़ाइन केंद्रीय जल आयोग ने तैयार की। निर्माण के बाद भी जोरा नाला में अधिक पानी जाने से छत्तीसगढ़ को ग्रीष्म ऋतु में औसतन 40.71% और ओडिशा को 59.29% जल प्रवाह मिला।
राज्य सरकार की पहल से समाधान की दिशा में प्रगति
इंद्रावती नदी में न्यूनतम जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कई प्रयास किए। 6 जनवरी 2021 को ओडिशा और छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में कंट्रोल स्ट्रक्चर के अपस्ट्रीम में जलभराव रोकने के लिए रेत और बोल्डर हटाने तथा जोरा नाला के घुमाव को सीधा करने का अनुरोध किया गया।
वर्ष 2018 के बाद इंद्रावती नदी में सतत जल प्रवाह कम होने की समस्या बनी हुई थी। अब राज्य सरकार के प्रयासों से ओडिशा सरकार का सहयोग प्राप्त हुआ है, जिससे नदी के जल प्रवाह को संतुलित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इससे इंद्रावती नदी में जल प्रवाह बढ़ेगा और किसानों को सिंचाई के लिए पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

रायपुर /शौर्यपथ /महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रंगों के पर्व होली पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा है कि रंगों का त्योहार होली हमारे जीवन में उमंग, उत्साह और सौहार्द्र का संचार करता है। यह पर्व आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। उन्होंने प्रदेशवासियों से होली पर्व पर पर्यावरण को स्वच्छ और स्वस्थ बनाये रखने में सहयोग करने की अपील की है।

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