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May 02, 2026
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रायपुर

रायपुर (6379)

   रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संघ की पत्रिका "सेवा शिखर" के प्रथम संस्करण का विधिवत विमोचन भी किया।
राज्य प्रशासनिक सेवा की भूमिका को बताया शासन का मजबूत स्तंभ
   मुख्यमंत्री साय ने मुलाकात के दौरान राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की योजनाओं और कार्यक्रमों का सफल क्रियान्वयन उन्हीं के माध्यम से धरातल पर संभव हो पाता है। उन्होंने कहा कि जनता तक शासन की नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुँचाने में इन अधिकारियों की निष्ठा, समर्पण और संवेदनशीलता अत्यंत महत्वपूर्ण है। यही वे मूल्य हैं जो शासन और जनता के बीच की कड़ी को मजबूत करते हैं तथा प्रदेश के विकास को गति प्रदान करते हैं।

"सेवा शिखर" पत्रिका को बताया विचारों का सशक्त मंच
   मुख्यमंत्री साय ने "सेवा शिखर" पत्रिका के प्रथम संस्करण के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक सार्थक मंच बताया। उन्होंने कहा कि यह पत्रिका अधिकारियों को अपने अनुभव, विचार और सुझाव साझा करने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे एक जीवंत और संवादपूर्ण प्रशासनिक वातावरण का निर्माण होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य प्रशासनिक सेवा संघ को पत्रिका के प्रकाशन हेतु बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि यह पहल सेवा भावना, उत्तरदायित्व और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी और निष्ठा से करें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ सही अर्थों में अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष अजय त्रिपाठी, उपाध्यक्ष उमाशंकर बंदे, कोषाध्यक्ष नवीन भगत, सेवा शिखर पत्रिका के संपादक डॉ. अभिनव मिश्रा सहित अपूर्व प्रियेश टोप्पो, नंद कुमार चौबे, सुश्री अर्चना पाण्डेय, श्रीमती दिव्या वैष्णव, बृजेश क्षत्रिय, डॉ. सुभाष राज, डॉ. धनंजय कुमार नेताम एवं घनश्याम कँवर उपस्थित थे।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व क्षय (टीबी) दिवस के अवसर पर  प्रदेशवासियों से टीबी जैसे संक्रामक रोग के उन्मूलन के लिए एकजुट होकर कार्य करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि टीबी केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक विकास में बाधा उत्पन्न करने वाली चुनौती है, जिससे हमें मिलकर लड़ना है।
   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि टीबी, जिसे तपेदिक भी कहा जाता है, एक संक्रामक रोग है, जो मुख्यतः फेफड़ों को प्रभावित करता है और यह विश्वभर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है। लोगों को इसके लक्षणों, जांच और उपचार के प्रति जागरूक करना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हर वर्ष 24 मार्च को 'विश्व क्षय दिवस' मनाया जाता है, ताकि इस बीमारी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को गति दी जा सके।
  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में टीबी की रोकथाम के लिए प्रभावी और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी की निःशुल्क जांच और इलाज की सुविधा है, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिल रहा है।
  मुख्यमंत्री साय ने आमजन से अपील की कि यदि लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना जैसे लक्षण हों, तो तुरंत जांच कराएं। उन्होंने कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते समय पर जांच हो और दवाएं नियमित रूप से ली जाएं। स्वस्थ जीवनशैली और सावधानी से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।

मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानन्द ने सभास्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का किया जायजा
सभी आवश्यक तैयारियां 25 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश
रायपुर/शौर्यपथ /प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 30 मार्च को बिलासपुर जिले के बोदरी तहसील के ग्राम मोहभठ्ठा में आयोजित कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानन्द ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी आवश्यक तैयारियां 25 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।   
मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानन्द ने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम है। बिलासपुर के साथ राज्य भर से लोग प्रधानमंत्री जी को सुनने पहुंचेंगे। सभा में शामिल होने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लोगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाये। दयानन्द ने सभास्थल पर मुख्य मंच, हेलीपेड, ग्रीन रूम, सांस्कृतिक मंच, हितग्राहियों एवं अतिथियों की बैठक व्यवस्था आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने सभास्थल के समीप बनाये गये पार्किंग स्थलों का भी जायजा लिया और वहां जनसुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि मोहभठ्ठा में प्रधानमंत्री की आमसभा के लिए 55 एकड़ का विशाल सभा स्थल तैयार किया जा रहा है। इसके नजदीक ही तीन हेलीपेड, 9 पार्किंग स्थल तैयार किए जा रहे हैं।

  रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर स्थित आईपी क्लब के मिनी थिएटर में मराठा काल के स्वर्णिम इतिहास पर आधारित फिल्म "छावा" देखने पहुँचे। यह फिल्म वीर राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रमी पुत्र संभाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर आधारित है।
फिल्म प्रदर्शन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संभाजी महाराज ने देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। घोर यातनाओं और कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। 'छावा' फिल्म ने उनके अद्भुत जीवन और बलिदान को अत्यंत सजीव और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने "छावा" फिल्म को राज्य में टैक्स फ्री किया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रेरक इतिहास से अवगत हो सकें।
इस अवसर पर राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक अनुज शर्मा, तथा सम्पत अग्रवाल भी उपस्थित थे और फिल्म के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की इस गौरवशाली गाथा का साक्षात्कार किया।
उल्लेखनीय है कि फिल्म में मराठा-मुगल संघर्ष और भारत के  इतिहास को एक नई दृष्टि से दर्शाया गया है।

रायपुर /शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के अति सुदूर गांव तिमेनार में मुख्यमंत्री मजरा-टोला विद्युतीकरण योजना के तहत आजादी के 77 वर्षों बाद पहली बार बिजली पहुंची। यह ऐतिहासिक उपलब्धि माओवादी आतंक के अंधकार को चीरकर विकास, अमन और शांति के नए सबेरे की ओर कदम बढ़ाने का प्रतीक है।
तिमेनार में अब भय की जगह उजाला और आतंक की जगह उम्मीद ने ले ली है। गांव के 53 घरों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है, जिससे पूरे गांव में हर्ष और उल्लास का माहौल है।
विकास की रोशनी से दूर हो रहा भय और असुरक्षा
भैरमगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत बेचापाल के आश्रित गांव तिमेनार के निवासियों ने पीढ़ियों तक बिजली की रोशनी नहीं देखी थी। अब, जब शासन-प्रशासन ने इन दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच बनाकर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना शुरू किया है, तो ग्रामीणों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सपना साकार हो रहा है।
ग्रामीणों की जुबानी – "अब डर नहीं लगता, खुशियों का उजियारा छाया है!"
गांव के निवासी मशराम, पंडरु कुंजाम, मंगली और प्रमिला वेको ने बताया कि गांव में पहली बार बिजली पहुंची है, अब रात के अंधेरे से डर नहीं लगता। जंगली जानवरों, सांप-बिच्छू के भय से भी मुक्ति मिली है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई आसान हो गई है, और अब हम भी विकास की दौड़ में शामिल हो रहे हैं।"
ग्रामीणों का कहना है कि अब न केवल आतंक और भय का माहौल समाप्त हो रहा है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी सुधर रही है।
मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता – "हर गांव में विकास की किरण पहुंचेगी"
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार प्रदेश के हर मजरा-टोला को विद्युतीकरण से जोड़ने और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की धारा प्रवाहित करने के लिए संकल्पबद्ध है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जहां कल तक नक्सली आतंक का साया था, वहां आज विकास की किरणें फैल रही हैं। यह परिवर्तन ही असली जीत है । तिमेनार में हुआ विद्युतीकरण बस्तर के दूरस्थ अंचलों में सुशासन और विकास के नए युग की शुरुआत का संकेत है। अब यह क्षेत्र माओवाद के डर से मुक्त होकर समृद्धि और उजाले की ओर अग्रसर हो रहा है।
गांवों में हो रहा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
तिमेनार में विद्युतीकरण के साथ-साथ सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी हो रहा है।
तिमेनार अब सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि बस्तर के बदलाव की जीवंत मिसाल बन गया है। जहाँ कभी अंधकार और आतंक का बोलबाला था, वहीं अब बिजली की रोशनी, बच्चों की मुस्कान और विकास की रफ्तार है। यह परिवर्तन केवल एक योजना की सफलता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की सक्रियता और जनता के विश्वास का प्रतिफल है। तिमेनार में सुशासन से हो रहे बदलाव की यह यात्रा बताती है कि जब इरादे मजबूत हों और नीति जन-केंद्रित हो, तो कोई भी दुर्गमता विकास के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित साहित्यकार, उपन्यासकार एवं कवि विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार सम्मान की घोषणा पर  हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरव का क्षण बताया और कहा कि शुक्ल जी ने  छत्तीसगढ़ को भारत के साहित्यिक मानचित्र पर गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान किया है।
  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल का साहित्य  विचारों और संवेदनाओं का अद्वितीय संगम है, जो जनमानस को छूता है। उनकी रचनाओं में गहराई, मौलिकता और मानवीय सरोकारों की झलक मिलती है। उनका रचना संसार छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू को भारत के कोने-कोने में पहुँचाता है।
   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ज्ञानपीठ जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित होना न केवल उनके सृजन की पहचान है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं साहित्यिक वैभव की भी मान्यता है। मुख्यमंत्री  साय ने उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है।

मुख्यमंत्री साय ने भारतीय प्रबंध संस्थान में छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्यों के लिए आयोजित दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम का किया शुभारम्भ
नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाने के लिए विधायकों का विशेष प्रशिक्षण

 रायपुर / शौर्यपथ / हम सभी के बीच मतभेद हो सकते है लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए और छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यों में यह बात हमेशा से कायम है। छत्तीसगढ़ का विकास हमारा मूल उद्देश्य है और जनप्रतिनिधि के रूप में हमें प्रदेशवासियों के हित में सदैव समर्पित होकर काम करना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यों के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर में आज आयोजित दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही।

सीखने की कोई उम्र नहीं होती, नेतृत्व क्षमता में निरंतर निखार जरूरी
     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी अपने मन की बात कार्यक्रम में हमेशा सीखते रहने की बात करते है और निश्चित रूप से सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। यहां कई ऐसे विधायक मौजूद है, जिनका जनप्रतिनिधि के रूप में लंबा अनुभव है, लेकिन वे भी इस कार्यक्रम को लेकर बहुत अधिक उत्साहित है। श्री साय ने कहा कि आप सभी सदस्यों की मौजूदगी यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर आप कितने चिंतित भी है और उत्साहित भी है।  
       श्री साय ने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में आमजनों से आपका व्यवहार सबसे बड़ी पूंजी है और यह लोगों के मन में आपके और संसदीय व्यवस्था के प्रति विश्वास को अधिक मजबूत करेगा।नवीन समाधानों को साझा करने और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को पाने में प्रशिक्षण कार्यक्रम उपयोगी
 मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम नवीन समाधानों को साझा करने का मजबूत मंच है और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को पाने में यह उपयोगी और सार्थक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन की संकल्पना को स्थापित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि ई ऑफिस की व्यवस्था से प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ पारदर्शिता भी बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हमें प्रदेश को आगे ले जाना है तो सभी प्रकार की चुनौतियों से निपटने के लिए समान रूप से तैयार रहना होगा। उन्होंने सार्वजनिक हित में तकनीक के सदुपयोग पर विशेष जोर दिया।
      मुख्यमंत्री साय ने भारतीय प्रबंध संस्थान में पिछले वर्ष  आयोजित चिंतन शिविर को भी अत्यधिक उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर में हमने जो कुछ सीखा था, छत्तीसगढ़ के नीति निर्माण में हमने इसका भरपूर उपयोग किया है। विजन डॉक्यूमेंट से लेकर बजट तैयार करने में भी हमें इससे बड़ी मदद मिली। मुख्यमंत्री ने विधानसभा के सभी सदस्यों से दो दिवसीय सत्र का भरपूर लाभ लेने को कहा और प्रबंध संस्थान को सफल आयोजन की शुभकामनाएं दी।
         विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लीडरशिप प्रोग्राम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सभी सदस्य लगभग 1 महीने तक सक्रियता के साथ शामिल रहे और इसके तुरंत बाद इस दो दिवसीय आयोजन में आप सभी की उपस्थिति प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा आप लोग सोच रहे होंगे कि जीतने के बाद हमारा प्रशिक्षण क्यों? जीतने के बाद हमारी जिम्मेदारी और भूमिका बढ़ जाती है, इसलिए हमें लगातार सीखते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें केवल अपने क्षेत्र के लिए नहीं बल्कि  छत्तीसगढ़ की बेहतरी के लिए कार्य करना है।
       डॉ. सिंह ने कहा कि हम अपने आसपास के परिवेश और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के प्रति कितने सजग है,  जनप्रतिनिधि के रूप में आपको सफल बनाने में यह तथ्य महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि आपके पास अपने विधानसभा क्षेत्र की छोटी से छोटी जानकारी होनी चाहिए। डॉ. सिंह ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल से जुड़े कई अनुभव साझा किए और जनता से व्यवहार, जुड़ाव और उनका भरोसा जीतने को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।
        नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास मंहत ने कहा विधायक बनते ही हम लीडर बन गये, ऐसा सोचना गलत धारण होगी। लीडर बनना एक प्रक्रिया है और हमें यह सीखना होगा। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों से निकलकर जशपुर का एक आदिवासी बेटा आज मुख्यमंत्री बना है, यह हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती और ताकत है। हम सभी का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की उन्नति है और इसी को लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है।
        कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यगण, नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम, आईआईएम रायपुर के निदेशक राम कुमार, आईआईएम के प्रोफेसर सुमीत गुप्ता, प्रोफेसर संजीव पराशर, प्रोफेसर श्रीमती अर्चना पराशर उपस्थित थे।

जल संचय, जल संरक्षण के लिए सबको समन्वित प्रयास करना जरूरी है : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

      रायपुर / शौर्यपथ /  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रायपुर निवास कार्यालय में कहा कि, भारत में रहने वाले सभी एक है। अनेकता में एकता ही भारत की पहचान है। देश विविध संस्कृति और सभ्यता से मिलकर बना है। सभी की अपनी परंपराएं हैं और सब मिलकर ही देश बनता है, इसलिए एक भारत श्रेष्ठ भारत है।
  उप मुख्यमंत्री साव ने ग्रीष्मकाल में जल संकट पर कहा कि, समय के साथ जल की कीमत पूरी दुनिया को समझ में आ रहा है। जल है तो कल है, ये केवल नारे नहीं है, यह हकीकत है। उन्होंने कहा कि, लगातार जल स्तर नीचे गिरते जा रहा है। ये सभी के लिए चिंता का विषय है। इससे बचने के लिए सबको समन्वित प्रयास करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि, अच्छी बारिश नहीं होने के कारण गांवों के तालाब नहीं भर रहे, बारिश का पानी धरती पर रुकना बेहद जरूरी है। श्री साव ने कहा कि, गांवों के साथ शहरों में वर्षा जल को संरक्षित करने वॉटर हार्वेस्टिंग कराना चाहिए, ताकि जलस्तर बरकरार रहे, सबको नई सोच के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
   लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री साव ने कहा कि, सरकार लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तत्परता से कार्य कर रही है। सभी विभागों को पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए है। वहीं सरकार के साथ साथ हर नागरिक को भी इस दिशा में जागरूक होना पड़ेगा। आज जल संचय, जल संरक्षण, जल संवर्धन पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।
  श्री साव ने विधायकों के प्रशिक्षण पर कहा कि, यह विधानसभा की ओर से सभी विधायकों के लिए आयोजित किया गया है। इसी तरह पूर्व में मंत्रियों को भी दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया, अब सभी विधायकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जैसे कि- वे कैसे काम करें, जिससे जन अपेक्षाएं पूरी हो, अच्छे जन प्रतिनिधि कैसे बनें। इन सब विषयों पर अलग-अलग सत्रों में विधायकों को मार्गदर्शन मिलेगा। यह प्रशिक्षण पहली बार के विधायकों के लिए उपयोगी होगा।

रायपुर/शौर्यपथ/छत्तीसगढ़ में अग्निवीर भर्ती के परिणाम कल 22 मार्च 2025 को घोषित किए जाएंगे। परीक्षा में सफल अभ्यर्थी  किं इस साल भारतीय सेना में अग्निवीर बनकर देश की सेवा करेंगे।
अभ्यर्थी परिणाम देखने के लिए जॉइन इंडियन आर्मी के साइट
https://www.joinindianarmy.nic.in/
  का अवलोकन कर सकते हैं।  परिणाम  सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के नोटिस बोर्ड पर भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
सभी सफल अभ्यर्थियों को 24 मार्च को सुबह 06:30 बजे सेना भर्ती कार्यालय रायपुर शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय किकेट स्टेडियम, नया रायपुर में प्रारंभिक ब्रीफिंग और डिस्पैच प्रलेखन के लिए उपस्थित होना आवश्यक है। इन सभी सफल अभ्यार्थियों की ट्रेनिंग 01 मई 2025 से अलग-अलग ट्रेनिंग सेंटर में शुरू जाएगी।
किसी भी अन्य जानकारी और समस्या के समाधान के लिए सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के टेलिफोन नंबर 0771-2965212,0771-2965214 पर संपर्क किया जा सकता है।

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