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June 20, 2026
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रायपुर

रायपुर (6047)

डीएमईओ, नीति आयोग और राज्य नीति आयोग के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ में शासन की प्रभावशीलता और योजनाओं की दक्षता को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य नीति आयोग एवं नीति आयोग (भारत सरकार) के डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (डीएमईओ) के सहयोग से "मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन" विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह दो दिवसीय कार्यशाला  20 और 21 मार्च को आयोजित की जा रही है, जिसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की पारदर्शी, प्रभावी और डेटा-आधारित निगरानी सुनिश्चित करना तथा नीति निर्माण को अधिक परिणामोन्मुखी बनाना है।
 कार्यशाला में प्रमुख रूप से नीति आयोग, भारत सरकार की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी, राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम, योजना विभाग के सचिव अंकित आनंद, राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया तथा डीएमईओ, नीति आयोग के निदेशक श्री अबिनाश दास और देवी प्रसाद भुक्या उपस्थित रहे।
  इस कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए, जिनमें सुशासन एवं अभिसरण विभाग, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, खाद्य विभाग, नगरीय प्रशासन और योजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने पर फोकस
डीएमईओ की विशेषज्ञ टीम ने सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन के आधुनिक तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान अधिकारियों को डेटा संग्रह, विश्लेषण और रिपोर्टिंग प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर प्रशिक्षित किया गया।
डीएमईओ के प्रशिक्षकों ने डेटा गवर्नेंस, गुणवत्ता संकेतक , परिणाम-आधारित निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली जैसे विषयों पर सत्र लिए। उन्होंने बताया कि कैसे वैज्ञानिक रूप से योजनाओं की निगरानी कर उनके वास्तविक प्रभाव को मापा जा सकता है, जिससे शासन प्रणाली अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बन सके।
लॉजिकल फ्रेमवर्क और डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स पर चर्चा
विशेषज्ञों द्वारा "आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क", "डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स" और "लॉजिकल फ्रेमवर्क" विषयों पर गहन परिचर्चा की गई।  
 राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से राज्य के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है, जिससे वे अपनी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बना सकें।
डीएमईओ, नीति आयोग की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर ने कहा कि  मॉनिटरिंग और इवैल्यूएशन  किसी भी प्रभावी शासन प्रणाली की आधारशिला है। भारत सरकार ने योजनाओं के प्रभावी मूल्यांकन और निगरानी के लिए डीएमईओ की स्थापना की है। राज्य में भी इसी तरह की संस्था बनाई जानी चाहिए। यह कार्यशाला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
मुख्यमंत्री के सलाहकार  डॉ. धीरेंद्र तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नीति-निर्माण में डेटा-आधारित दृष्टिकोण को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यशाला से राज्य के अधिकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को बेहतर तरीके से मापने और विश्लेषण करने में सक्षम होंगे।
 योजना विभाग  के सचिव श्री अंकित आनंद ने कहा कि इस प्रशिक्षण से सरकारी योजनाओं की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार होगा, जिससे राज्य के विकास कार्यक्रमों को नई दिशा मिलेगी।

राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया ने कहा कि  निगरानी और मूल्यांकन सुशासन का प्रमुख आधार है। राज्य नीति आयोग पहले से ही सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के लिए विभिन्न संकेतकों की निगरानी कर रहा है। इस कार्यशाला से डेटा संग्रह और निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। राज्य नीति आयोग और डीएमईओ, नीति आयोग, भारत सरकार के संयुक्त सहयोग से आने वाले समय में इस तरह की और कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में डेटा-संचालित नीति निर्माण और प्रभावी निगरानी प्रणाली को मजबूत करना है।इस कार्यशाला से छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे प्रदेश में विकास और सुशासन को और अधिक गति मिलेगी।

   रायपुर/शौर्यपथ /नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र अबूझमाड़ के 120 बच्चों ने आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा वनमंत्री केदार कश्यप से मुलाकात की। ये बच्चे ‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत राजधानी रायपुर के शैक्षणिक भ्रमण पर आए थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से संवाद किया और उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार अबूझमाड़ के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ वर्षों तक विकास की धारा से वंचित रहा, लेकिन हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि यहां के हर गांव तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचे।  उन्होंने भ्रमण पर आए बच्चों से कहा कि आपका उज्ज्वल भविष्य ही हमारी प्राथमिकता है।
अबूझमाड़ में तेजी से हो रहे विकास कार्य
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अबूझमाड़ के गांवों में सड़क निर्माण, मोबाइल टावर लगाने, स्कूलों के विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के तहत वहां तेजी से बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में अबूझमाड़ सहित पूरे बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर व्यापक चर्चा हुई। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजनाओं पर काम कर रही हैं।
आपकी शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य हमारी जिम्मेदारी- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा  
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि अबूझमाड़ के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, ताकि वे अपने क्षेत्र और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकें। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आश्वस्त किया कि अबूझमाड़ में बेहतर स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को आईआईएम रायपुर के पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम में शामिल होने का आमंत्रण
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रायपुर के निदेशक  रामकुमार काकानी ने आज सौजन्य मुलाकात की और उन्हें 22 एवं 23 मार्च 2025 को आयोजित दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस निमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया और इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर प्रोफेसर श्री संजीव पाराशर भी उपस्थित थे।
नेतृत्व और नीति निर्माण पर केंद्रित होगा कार्यक्रम
 काकानी ने बताया कि यह विशेष कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के विधायकों के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका उद्देश्य समकालीन प्रबंधन और नीति निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श को बढ़ावा देना है। इस मंच पर प्रख्यात नीति निर्माता, शिक्षाविद, और विचारक एकत्र होंगे, ताकि विभिन्न विषयों पर सहयोगात्मक सोच और समस्याओं के व्यावहारिक समाधान की प्रक्रिया   के सम्बन्ध में सारगर्भित विचार विमर्श किया जा सके।
छत्तीसगढ़ में नेतृत्व कौशल को नया आयाम देने की पहल
भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के निदेशक काकानी ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति और उनके अनुभवजन्य विचार न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएंगे, बल्कि प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक भी होंगे।
 काकानी ने यह भी उल्लेख किया कि यह कार्यक्रम विधायकों को प्रभावी नेतृत्व कौशल विकसित करने और नीति निर्माण में नवीन दृष्टिकोण अपनाने के लिए सहयोग करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ में सुशासन और जनहितैषी नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

  नवा रायपुर /शौर्यपथ / जांजगीर-चांपा जिले के नगर पंचायत नवागढ़ के वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद पद के लिए मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल के नामनिर्देशित अभ्यर्थी की मृत्यु दिनांक 08 फरवरी 2025 को हो गई थी। मृत्यु होने के कारण छत्तीसगढ़ नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम 38 के प्रावधानानुसार उक्त वार्ड के पार्षद पद का निर्वाचन रिटर्निंग आफिसर द्वारा प्रत्यादिष्ट कर दिया गया।     राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर पंचायत नवागढ़ के वार्ड क्रमांक 14 पार्षद पद के निर्वाचन हेतु समय अनुसूची जारी कर  की गई है.जारी कार्यक्रम अनुसार निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन, स्थानों (सीटों) के आरक्षण के संबंध में सूचना का प्रकाशन एवं मतदान केन्द्रों की सूची का प्रकाशन आज दिनांक 19 मार्च को सुबह 10.30 बजे की गई तथा नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने हेतु आज दिनांक 19 मार्च 2025 से  दिनांक 26 मार्च 2025 तक की तिथि  निर्धारित की गई है।नाम निर्देशन पत्र सबेरे 10:30 बजे से अपरान्ह 3ः00 बजे तक प्राप्त किया जायेगा।
इसी प्रकार नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा  (रिटर्निंग आफिसर द्वारा) दिनांक 27 मार्च 2025 को पूर्वान्ह 10.30 बजे से की जाएगी.अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की आखिरी तारीख दिनांक 29 मार्च 2025 को अपरान्ह 3ः00 बजे तक निर्धारित की गई है.निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करना, प्रकाशन करना और निर्वाचन प्रतीकों का आबंटन (रिटर्निंग आफिसर द्वारा) दिनांक 29 मार्च 2025 को अभ्यार्थिता वापसी के बाद की जाएगी.मतदान दिनांक 08 अप्रैल 2025  को प्रातः 8 बजे से शाम 5 बजे तक  होगी तथा मतगणना और निर्वाचन परिणामों की घोषणा के लिये दिनांक 11 अप्रैल 2025 की तिथि निर्धारित की गई है।मतगणना सबेरे 9 बजे से प्रारम्भ की जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा – 'आपका संकल्प हमारा संकल्प, हम मिलकर छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाएंगे'
   रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल बीजापुर जिले के युवाओं ने आज लोकतंत्र के मंदिर—विधानसभा परिसर में इतिहास रच दिया।
राज्य की ‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत शैक्षणिक भ्रमण पर पहुंचे बीजापुर के इन युवा प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने एकजुट होकर अपनी मंशा व्यक्त की – "हम अपने गांव, जिले और प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त देखना चाहते हैं और विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर अपने भविष्य को उज्जवल बनाना चाहते हैं।"
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं की इस मजबूत इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा, "आपका संकल्प ही हमारा संकल्प है। यदि क्षेत्र के युवा ठान लें, तो हम सभी के सहयोग से जल्द ही नक्सलवाद के अंधकार को समाप्त कर छत्तीसगढ़ को समृद्धि और विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।"
‘नियद नेल्ला नार योजना’ से विकास की नई रोशनी
मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से उनके गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि निरंतर खुल रहे सुरक्षा कैंपों और सुदूर अंचलों में प्रशासन की बढ़ती पहुंच से नक्सली दायरा सिमटता जा रहा है, जिससे अब विकास को नई गति मिल रही है।
मुख्यमंत्री साय ने हाल ही में अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई महत्वपूर्ण चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार भी बीजापुर और बस्तर संभाग के अन्य क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य के दूरस्थ इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं और वहां हो रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को आश्वस्त किया कि उनके गांवों में मोबाइल टावर लगाने, पक्की सड़कें बनाने, हर घर तक बिजली पहुंचाने और परिवहन सुविधाओं का विस्तार करने की योजनाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है ताकि सुदूर अंचल के ग्रामीणों को भी शहरी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
बीजापुर के युवाओं के लिए ऐतिहासिक दिन – विधानसभा और राजधानी का अनुभव मिला
बीजापुर जिले के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों युवाओं के लिए यह दिन एक ऐतिहासिक अनुभव से कम नहीं था। राजधानी रायपुर में आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान उन्होंने रेलवे स्टेशन, छत्तीसगढ़ विधानसभा और वनवासी कल्याण आश्रम का दौरा किया।
राजधानी में आगमन के दौरान युवाओं ने विधानसभा परिसर का दौरा किया और दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखी। वे पहली बार लोकतंत्र के इस मंच से जनप्रतिनिधियों की बहस और नीतिगत चर्चाओं को देखकर रोमांचित हो उठे।
 इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक  धर्म कौशिक, अनुज शर्मा और सुश्री लता उसेंडी ने भी युवाओं से भेंट कर चर्चा की।
'सरकार आपके साथ है' – उपमुख्यमंत्री का आश्वासन
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं से उनके गांव की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आपके गांवों में पक्की सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल, राशन, चिकित्सा और आवास जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सशक्त युवा – सशक्त छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर युवाओं को यह संदेश दिया कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। जब युवा सही दिशा में आगे बढ़ेंगे, तो कोई भी ताकत क्षेत्र  के विकास को बाधित नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी अब बदलाव के लिए तैयार है। बीजापुर के युवाओं की यह मजबूत आवाज पूरे प्रदेश के लिए एक नई रोशनी लेकर आई है।
नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ – विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता के साथ मुख्यमंत्री श्री साय ने बीजापुर के युवाओं से कहा कि हम आपके साथ हैं, आपके गांव के विकास और आप सभी के स्वर्णिम भविष्य को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।  उन्होंने युवाशक्ति से आह्वान किया कि इस बदलाव का हिस्सा बनें, अपने सपनों को साकार करें, और छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की और कहा कि हम सभी मिलकर छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त, विकसित और समृद्ध राज्य बनाएंगे।

रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय मूल की प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को उनके ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन की सफल समाप्ति और पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी पर हार्दिक बधाई दी है।
मुख्यमंत्री  साय ने  कहा कि  यह असाधारण अभियान सुनीता विलियम्स के धैर्य, साहस और विज्ञान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की अद्भुत मिसाल है, जो पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायी है।
मुख्यमंत्री  साय ने अपने संदेश में कहा कि नभ के पार गई नारी ने धैर्य को अपना हथियार बनाया और साहस, संकल्प एवं स्वाभिमान से नव इतिहास रच दिया। कठिनाइयों के बावजूद डटे रहना ही सफलता की असली पहचान है। सुनीता विलियम्स ने इस मिशन के माध्यम से विज्ञान और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि जोड़ी है। उनकी यह यात्रा न केवल भारत, बल्कि समूचे विश्व के लिए प्रेरणादायी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुनीता विलियम्स की सफलता नारी शक्ति के अदम्य साहस और अटूट इच्छाशक्ति का प्रतीक है। उनकी यह उपलब्धि भारत की बेटियों और युवाओं को उनके सपनों को ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए प्रेरित करेगी। यह मिशन अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान में एक नए युग का संकेत देता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
अंतरिक्ष अन्वेषण और विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की नारी शक्ति हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है और यह मिशन इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने अंतरिक्ष अनुसंधान और वैज्ञानिक उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय वैज्ञानिक समुदाय और इसरो  के योगदान की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम सभी को सुनीता विलियम्स पर गर्व है। उनकी असाधारण उपलब्धि से भारत का नाम एक बार फिर अंतरिक्ष जगत में स्वर्ण अक्षरों में अंकित हुआ है। उनकी यह यात्रा विज्ञान और अनुसंधान में एक नई ऊर्जा का संचार करेगी।

   रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दो दिवसीय नई दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, झारखंड के राज्यपाल  संतोष गंगवार, सांसद तेजस्वी सूर्या सहित विभिन्न वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विकास, औद्योगिक नीति, नक्सल उन्मूलन और बस्तर के विकास पर विस्तृत चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट, छत्तीसगढ़ विकास पर विस्तृत चर्चा
  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संसद भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से आत्मीय मुलाकात की।  बैठक में छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, बस्तर के विकास का मास्टर प्लान और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत संरचना, उद्योग और पर्यटन केंद्रों के विस्तार पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पबद्ध है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इस यात्रा के दौरान राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बस्तर विकास योजना की सराहना करते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से निर्णायक चर्चा – नक्सलवाद के खात्मे की रणनीति और बस्तर के तेज विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात कर नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे, बस्तर के समग्र विकास और राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में है और राज्य सरकार निर्णायक कदम उठा रही है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सली संगठनों की पकड़ कमजोर हो चुकी है और छत्तीसगढ़ अब एक नए युग की ओर अग्रसर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ ऊर्जा एवं शहरी विकास पर चर्चा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार और शहरी विकास से संबंधित विषयों पर चर्चा की। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू भी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ के सांसदों से संवाद – राज्य विकास पर केंद्रित चर्चा
संसद भवन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के सांसदों से भेंट कर राज्य की विकास योजनाओं, केंद्र-राज्य समन्वय और प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर विमर्श किया।
सांसद तेजस्वी सूर्या से सौजन्य मुलाकात
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में  सांसद तेजस्वी सूर्या  से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें उनके वैवाहिक जीवन में प्रवेश पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
बस्तर विकास का मास्टर प्लान – केंद्र सरकार के साथ समन्वय और सहयोग का विस्तार
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास का मास्टर प्लान केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यटन के नए अवसरों पर विशेष जोर दिया गया। इस मास्टर प्लान का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा में लाना और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार ने इस मास्टर प्लान को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ विभिन्न विषयों पर हुआ विचार विमर्श
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिल्ली दौरा छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ तालमेल बढ़ाने और महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने के लिए बेहद सफल रहा।मुख्यमंत्री साय ने राज्य की विकास योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से मजबूत सहयोग और समर्थन प्राप्त किया। उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों से महत्वपूर्ण मुलाकातों से छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति और दिशा मिलने की उम्मीद है।

रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में सुविख्यात कथावाचक देवी चित्रलेखा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें शॉल एवं श्रीफल भेंटकर आत्मीय सम्मान प्रदान किया।
प्रेरक कथाओं और भक्ति प्रवचनों के लिए विख्यात देवी चित्रलेखा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और जनकल्याण के लिए अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
मुख्यमंत्री साय ने देवी चित्रलेखा के आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके विचार और प्रवचन समाज को जागरूक करने के साथ नैतिक मूल्यों को भी सशक्त करते हैं। उन्होंने देवी चित्रलेखा जी की भूमिका को समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली बताते हुए कहा कि उनके प्रयास जनमानस के लिए प्रेरणादायी हैं। इस अवसर पर दोनों के बीच आध्यात्मिक चेतना के प्रसार, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा और समाज में समरसता को प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

छत्तीसगढ़ पेंशन निधि अधिनियम बनाने वाला होगा देश का पहला राज्य: मंत्री श्री चौधरी
हमारी सरकार छत्तीसगढ़ राज्य को विकसित राज्य बनाने की दिशा में कार्यरत: मंत्री श्री चौधरी
इस बजट में छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड बनाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य: मंत्री श्री चौधरी
संचित शोधन निधि में अवशेष ऋणों का 7.3 प्रतिशत से अधिक ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल
एसएनएस-स्पर्श के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष 03 राज्यों में शामिल
निर्धारित लक्ष्य को समय पर प्राप्त करने पर राज्य शासन को भारत सरकार से इस वर्ष 500 करोड़ की प्रोत्साहन राशि हुआ प्राप्त
नवा रायपुर में  ’’अटल स्मारक और संग्रहालय’’ का होगा निर्माण
राज्य में कन्टीन्यूअस एम्बियंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन्स की स्थापना
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर ‘‘छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र’‘ का गठन
2047 तक प्रदेश को विकसित बनाने हेतु पथ प्रदर्शक दस्तावेज छत्तीसगढ़ अंजोर-विजन/2047 तैयार
छत्तीसगढ़ राज्य पूरे देश में राजस्व संग्रहण के दृष्टिकोण से तीसरे स्थान पर
    रायपुर/शौर्यपथ छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त, आवास एवं पर्यावरण एवं योजना, आर्थिक तथा सांख्यिकी विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 12 हजार 389 करोड़ 29 लाख रूपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित की गई। इसमें वित्त विभाग से संबंधित व्यय के लिए 11 हजार 109 करोड़ 43 लाख 25 हजार रूपए, आवास एवं पर्यावरण से संबंधित व्यय के लिए 1 हजार 208 करोड़ 36 लाख 72 हजार रूपए, योजना, आर्थिक तथा सांख्यिकी विभाग से संबंधित व्यय के लिए 71 करोड़ 49 लाख 60 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई।
वित्त विभाग
    वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी वित्त विभाग के अनुदान मांगों की चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि वित्त विभाग के इस बजट में मुख्य रूप से शासकीय सेवकों को पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति हितलाभों, जैसे- पेंशन, परिवार पेंशन, पेंशन कम्यूटेशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, एनपीएस में नियोक्ता अंशदान आदि मदों का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि नवंबर 2004 से अप्रैल 2022 के मध्य नियुक्त शासकीय सेवकों के लिए एनपीएस-ओपीएस चयन करने विकल्प दिया गया था। नियोक्ता अंशदान के लिये बजट में प्रावधान किया गया है।
    वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि 1 अप्रैल, 2022 से पुरानी पेंशन योजना की बहाली के फलस्वरूप भविष्य के पेंशन दायित्वों के बढ़ते वित्तीय भार को ध्यान में रखते हुए इसके प्रबंधन के लिये 456 करोड़ का प्रावधान पेंशन निधि में निवेश के लिये रखा गया है। इसके लिये हम पेंशन निधि अधिनियम भी बनाने जा रहे हैं, जिससे इस प्रक्रिया को स्थायी स्वरूप दिया जा सकेगा। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। यह हमारी सरकार के दूरगामी सोच एवं कुशल वित्तीय प्रबंधन का ही एक प्रमुख भाग है।
    वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य शासन द्वारा भविष्य में बाजार ऋणों की देयताओं को ध्यान में रखते हुए संचित शोधन निधि का गठन किया गया है, जिसमें गत वर्ष के अवशेष ऋणों के 0.5 प्रतिशत प्रति वर्ष निवेश किया जाता है। साथ ही निधि में कुल अवशेष ऋणों का 5 प्रतिशत तक निवेश होना चाहिए। वर्तमान में इस निधि में कुल अवशेष ऋणों का 7.3 प्रतिशत से अधिक है। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि हमने राज्य सरकार की गारंटी पर लिये जाने वाले ऋणों की अदेयता की स्थिति में उनका भुगतान सुनिश्चित करने हेतु गारंटी मोचन निधि में अब तक 500 करोड़ निवेशित किये हैं तथा इस बजट में भी 500 करोड़ का प्रावधान किया है। संचित शोधन निधि के साथ गारंटी मोचन निधि में बड़ी राशि निवेशित करने वाला छत्तीसगढ़ देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में से एक है।
    वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ राज्य को विकासशील से विकसित राज्य बनाने की दिशा में कार्यरत है। हमने इस बजट में एक नया फंड छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड बनाया है। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का प्रथम राज्य होगा। निश्चित रूप से यह हमारे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन की पहल में सहयोगी होगा।
    मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य में हितग्राहियों को सुचारू रूप से लाभ पहुंचाने हेतु डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर सेल का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल के द्वारा सीएसएस की विमुक्त की गई राशि की निगरानी एवं जमीनी स्तर तक के उपयोगीकरण का पर्यवेक्षण किया जाता है। एसएनएस-स्पर्श के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष 03 राज्यों में शमिल है। निर्धारित लक्ष्य को समय पर प्राप्त करने पर राज्य शासन को भारत सरकार से इस वर्ष 500 करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है। राज्य के आय-व्यय का रियल टाईम पर्यवेक्षण एवं डेटा विश्लेषण किया जा सकेगा, जिससे वित्तीय प्रबंधन और बेहतर हो सकेगा।
    वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हमने अपने बजट में प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिये आवश्यक प्रावधान रखने का प्रयास किया है। किसी भी कार्य को करने के लिये हमारी सोच सकारात्मक होनी चाहिये, हमारे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन की सरकार में हो रहे रिफॉर्म इस सकारात्मकता के द्योतक हैं।
आवास एवं पर्यावरण विभाग
वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी अपने विभाग आवास एवं पर्यावरण विभाग के अनुदान मांग के चर्चा पर जवाब देते हुए कहा कि नवा रायपुर अटल नगर को आधारभूत सुविधाओं का विस्तार एवं देश और दुनिया में पहचान स्थापित करना वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है। नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र मंे पेयजल की निर्वाध आपूर्ति, प्रदेश के कोने-कोने से शासकीय कार्य हेतु आने वाले लोगों के लिए परिवहन सुविधा, कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास जैसी जनसुविधा उपलब्ध कराने में हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी की परिकल्पना थी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी की याद में हमारी सरकार ने नवा रायपुर मंे ’’अटल स्मारक और संग्रहालय’’ निर्माण का निर्णय लिया है।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर मंे राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान जैसे IIM, Hidaytulla Law University, IIIT, IHM स्थापित है। विश्वस्तरीय आवासीय विद्यालय का निर्माण पूर्णता की ओर है। केन्द्रीय विद्यालय एवं अन्य अनेक निजी विद्यालय एवं विश्वविद्यालय नवा रायपुर क्षेत्र में  संचालित है। हमारी सरकार ने युवाआंे के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी एवं उच्च्तर अध्ययन की सुविधा प्रदाय करने की योजना बनाई है। हमारी सरकार ने बजट में पुस्तकालय भवन निर्माण के लिए प्रावधान किया है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के अंतर्गत नवा रायपुर में विकसित भारत आईकोनिक डेस्टिनेशन निर्माण की योजना है।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायुपर अटल नगर में रोजगार, निवेश एवं बसाहट को प्रोत्साहित करने हेतु कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स में आईटी कंपनियों को प्लग एवं प्ले सुविधा के साथ फर्निशड बिल्ट-अप स्पेस के आबंटन हेतु नीति तैयार की गई। इस नीति अनुसार प्राधिकरण द्वारा 02 आई.टी. फर्मों को बिल्टअप स्पेस आबंटित किया गया है, इस आबंटन से नवा रायपुर में आई.टी. क्षेत्र में लगभग 2000 लोगों हेतु कुशल रोजगार सृजित होगा।  नवा रायपुर अटल नगर में निवेश, रोजगार एवं बसाहट को प्रोत्साहन देने हेतु स्वास्थ्य प्रयोजन, सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग, शैक्षणिक प्रयोजन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स/इलेक्ट्रिकल उद्योग क्षेत्र में निश्चित भूखण्डों को रियायती दरों पर आबंटन किये का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि आवास एवं पर्यावरण मण्डल में चल रहे कार्यो की समीक्षा एवं पारदर्शिता हेतु डिजिटलाइजेशन अंतर्गत ऑनलाईन मॉनिटरिंग डेशबोर्ड विकसित किया गया, जिसमे मण्डल की परियोजनाओं, संपदा, न्यायालयीन प्रकरण एवं रखरखाव से संबंधित कार्यो की समीक्षा/जानकारी प्राप्त की जा सकेंगी। राज्य में कन्टीन्यूअस एम्बियंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन्स की स्थापना की गई है। इनसे 24ग7 मॉनिटरिंग डाटा उपलब्ध हो रहे हैं। केन्द्रीय पर्यावरण प्रयोगशाला जल, वायु, मिटटी एवं अन्य ऐसे परीक्षणों में सहायता करेगी, जिससे राज्य में मॉनिटरिंग व्यवस्था सुदृढ़ हो सकेगी एवं विश्वसनीय डाटा बैंक भी तैयार हो सकेगा। इसी दिशा में पर्यावरण मंडल में 90 पदों की भर्ती की कार्यवाही की जा रही है।
ऑन लाईन इमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम के लिये सेट्रल सर्वर के स्थापना
        मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रदेश में स्थापित 17 प्रकार के प्रदूषणकारी उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के सतत निगरानी हेतु कंटिन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम, कंटिन्यूअस एबिएन्ट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम, एवं कंटिन्यूअस इफल्यूएन्ट क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम से रियल टाईम डाटा हैण्डलिंग प्राप्त करने की व्यवस्था कराई गई है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों की राजधानियों में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर प्रदेश में भी प्रदेश के मध्य क्षेत्रों को समाहित करते हुए ‘‘छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र’‘ का गठन किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र तथा संबंधित प्राधिकरण की स्थापना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार की जा रही है।
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग
    योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आधारभूत सांख्यिकी जिसमें सर्वेक्षण, विश्लेषण, मूल्यांकन संबंधी जानकारी का संकलन कर सविन्यास प्रकाशन का दायित्व निभा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने वर्ष 2047 तक प्रदेश को विकसित बनाने हेतु पथ प्रदर्शक दस्तावेज छत्तीसगढ़ अंजोर-विजन@2047 बनाया हैं। यह विजन जनता की महत्वाकांक्षाओं, भावनाओं व आशाओं से प्रेरित हैं। इस मार्गदर्शी विजन में सामाजिक एवं आर्थिक विकास संबंधित अल्पकालिक, मध्यकालिक एवं दीर्घकालिक रणनीतियों और पहलों का समावेश किया गया हैं। वर्ष 2047 तक राज्य को विकसित राज्य की ओर ले जाने हेतु आर्थिक एवं सामाजिक विकास संबंधी कुल 13 थीम्स का की परिकल्पना विजन डाक्यूमेंट में किया गया है।
वाणिज्यिक कर (जी.एस.टी एवं पंजीयन) विभाग
वाणिज्यिक कर (जी.एस.टी एवं पंजीयन) मंत्री श्री ओ पी चौधरी अपने विभाग के अनुदान मांग के चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत में आर्थिक सुधारों की दिशा में जीएसटी कर प्रणाली सर्वाधिक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व कदम है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शिता एवं कुशल नेतृत्व का ही परिणाम है। जीएसटी प्रणाली एक राष्ट्र, एक कर एवं एक बाजार की संकल्पना को साकार रूप प्रदान करता है। जीएसटी प्रणाली में केन्द्र और राज्य के 17 प्रकार के विभिन्न अप्रत्यक्ष करों को समाहित किया गया है।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार सत्ता में आने के पश्चात कर प्रशासन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया है। करदाताओं को होने वाली असुविधाओं को दूर करने का सतत प्रयास किया जा रहा है। जीएसटी लागू होने से वस्तुओं की लागत में कर का भार कम हुआ है। वस्तुओं के मूल्यों में कमी आई है, इससे खपत को बढ़ावा मिला है और आर्थिक क्षेत्र को मजबूती मिली है तथा उपभोक्ताओं को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक कर (जी.एस.टी) विभाग  राज्य का मुख्य राजस्व संग्रहणकर्ता विभाग है। वित्तीय वर्ष 2024-2025 में अभी तक (माह फरवरी तक) जीएसटी से प्राप्त राजस्व 20,174 करोड़ है जो पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। छत्तीसगढ़ राज्य पूरे देश में राजस्व संग्रहण के दृष्टिकोण से तीसरे स्थान पर है।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि जीएसटी प्रणाली 01 जुलाई 2017 से लागू हुई है। इस समय राज्य में पंजीयत व्यवसाईयों की संख्या 1 लाख 28 हजार थी जो वर्तमान मे बढ़कर 1 लाख 87 हजार हो गई है। यह जीएसटी विभाग के जागरूगता अभियान और ईज ऑफ डुइंग बिजनेस सेल (EODB सेल) के गठन से संभव हुआ है। करदाताओं को कर अनुपालन, पंजीयन अथवा ई-वे बिल जनरेशन में आने वाली समस्याओं के त्वरित और सटीक समाधान के लिए मुख्यालय स्तर पर कॉल सेंटर और हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है।
जीएसटी अधिनियम के पूर्व के अधिनियमों के अंतर्गत व्यवसाईयों के वर्षों पुराने राशि की वसूली के लिये पुरानी सरकार द्वारा वन टाईम सेटलमेण्ट स्कीम (ओटीएस) 2023 लागू की गई थी जिसे व्यापारियों की विशेष मांग पर 31 मार्च 2025 तक बढ़ा दी गई है। जीएसटी विभाग द्वारा कर संग्रहण हेतु अधिकतम तकनीकी साधनों का उपयोग किया जा रहा है इसके लिए गतवर्ष फरवरी 2024 में बिजनेस  इंटेलिजेंस यूनिट की स्थापना की गई है।
    उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के राज्य का महत्वपूर्ण राजस्व अर्जक विभाग है। अभी राज्य के 40 रजिस्ट्री ऑफिस ऐसे हैं जिनके पास अपना खुद का भवन तक नहीं है, और ये तहसील दफ्तर के बहुत छोटे छोटे कमरे में चल रहे हैं। इस कमी को दूर करने के लिए राज्य के 25 रजिस्ट्री ऑफिस में नवीन भवन निर्माण के लिए इस बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य विभाजन के पश्चात रजिस्ट्री विभाग में कई सालों से सेटअप रिवीजन नहीं हुआ है। सेट-अप रिवीजन नही होने के कारण वर्तमान कार्यरत रजिस्ट्री ऑफिसों में काम का अत्यधिक दबाव है। लोगों को आसानी से अपॉइंटमेंट नहीं मिल पाते। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर जैसे जगहो में भारी भीड़ और अपॉइंटमेंट के लिए वेटिंग की समस्या आम है। इसको ध्यान में रखते हुए पंजीयन विभाग के सेटअप का रिवीजन किया गया है तथा नए 85 पदों सृजन किया गया है।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवीन उद्योगों को रियायत, ऑनलाईन पंजीयन प्रणाली पर विशेष फोकस करते हुए विभाग द्वारा पंजीयन प्रणाली में मोबाईल एप ‘सुगम’ लागू किया गया हैै। जिसमें पक्षकार द्वारा पंजीयन के लिए आवेदन प्रस्तुत करते समय संपत्ति की फोटो अपलोड करते ही उस स्थान के अक्षांस एवं देशांतर की जानकारी स्वतः कैप्चर हो जाती है। गूगल मैप के माध्यम से संपत्ति की सही स्थिति, निर्मित संरचना मुख्यमार्ग से दूरी का अनुमान होने से संपत्ति का उचित मूल्यांकन हो पा रहा है, जिसके कर अपवंचन की रोकथाम हो रही है। इसके साथ ही पैन आधार इंटीग्रेशन, सतर्कता प्रकोष्ठ का गठन भी किया गया है। उन्होंने कहा कि वास्तविक बाजार मूल्य एवं गाइडलाइन दरों की विसंगति दूर करने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 30 प्रतिशत की कमी को समाप्त कर 2019-20 की दरों को यथावत लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि पंजीयन शुल्क में कमी/युक्तियुक्तकरण के तहत गाइडलाइन दर से ऊपर की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क से छूट  एवं पारिवारिक व्यवस्थापन हेतु शुल्क की रियायत का प्रावधान किया गया है।
    वित्त, आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक तथा सांख्यिकी, वाणिज्यिक कर (जीएसटी एवं पंजीयन) विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण सर्वश्री राघवेन्द्र सिंह, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, सुनील सोनी, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती हर्षिता बघेल ने भाग लिया।

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