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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘बस्तर पंडुम 2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति को बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति, परंपराओं एवं लोक जीवन से अवगत कराते हुए कहा कि बस्तर पंडुम राज्य की जनजातीय विरासत के संरक्षण, संवर्धन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह आयोजन तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसका अंतिम चरण फरवरी 2026 में बस्तर में संपन्न होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, बुनियादी ढांचे के विस्तार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने जनजातीय संस्कृति से जुड़े इस आयोजन की सराहना करते हुए बस्तर पंडुम 2026 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2026 के माध्यम से लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प, जनजातीय व्यंजन, वेशभूषा सहित विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
नई दिल्ली। शौर्यपथ।
साल 2025 में दुनिया भर में सेक्स स्कैंडल्स की बाढ़ ने समाज के हर वर्ग को झकझोर दिया। राजनीतिक हस्तियों से लेकर धार्मिक गुरुओं तक, ये कांड न केवल सुर्खियां बने बल्कि कानूनी सजाओं, इस्तीफों और सामाजिक बहस को जन्म दिए। भारत में प्रजवाल रेवन्ना का मामला सबसे बड़ा राजनीतिक घोटाला साबित हुआ।
प्रमुख कांडों की समयरेखा
प्रजवाल रेवन्ना कांड (कर्नाटक): अप्रैल 2024 में 3,000 से अधिक वीडियो वायरल होने के बाद 2025 में जांच तेज। नवंबर 2025 में पूर्व सांसद को बलात्कार के लिए उम्रकैद सजा। घरेलू कामगारों से पुलिसकर्मियों तक शिकार।
थाईलैंड भिक्षु उगाही: जुलाई 2025 में 'मिस गोल्फ' गिरफ्तार, 80,000 न्यूड फाइलें जब्त। 102 करोड़ रुपये की ब्लैकमेल से 9 वरिष्ठ भिक्षु संन्यास त्याग चुके।
भारत VIP हनीट्रैप: 2025 में 4,000 अश्लील फाइलें लीक, VIPs के चैट-वीडियो से 'क्विड प्रो क्वो' स्कैंडल।
विन्स मैकमाहन (USA): जनवरी 2025 में WWE संस्थापक पर ट्रैफिकिंग केस समाप्त, SEC फाइन।
UK एंटरटेनमेंट: पूरे साल मनोरंजन जगत के कई मामले। सामाजिक-कानूनी प्रभाव
इन कांडों ने राजनीतिक इस्तीफे, धार्मिक सुधार और #MeToo जैसी बहसें छेड़ीं। भारत में चुनावी नतीजों पर असर पड़ा, जबकि थाईलैंड में बौद्ध प्रतिष्ठा डगमगाई। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में गोपनीयता और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
रायगढ़ | शौर्यपथ |
नववर्ष 2026 की शुरुआत होते ही भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रायगढ़ जिले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ACB की बिलासपुर इकाई ने धर्मजयगढ़ एसडीएम कार्यालय में पदस्थ बाबू अनिल कुमार चेलक को एक ग्रामीण से एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई के दौरान घबराए आरोपी ने रिश्वत की रकम को अपने शासकीय आवास के पीछे फेंक दिया था, जिसे ACB टीम ने मौके से बरामद कर लिया।
एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि 24 दिसंबर 2025 को ग्राम अमलीटिकरा, जिला रायगढ़ निवासी राजू कुमार यादव ने ACB कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसने ग्राम अमलीटिकरा में भूमि क्रय की थी, जिसकी रजिस्ट्री और नामांतरण विधिवत उसके नाम पर हो चुका था।
इसके बावजूद एसडीएम कार्यालय धर्मजयगढ़ में पदस्थ बाबू अनिल कुमार चेलक ने शिकायतकर्ता को कार्यालय बुलाकर यह कहकर डराया कि जमीन की रजिस्ट्री गलत तरीके से हुई है और उसके तथा विक्रेता के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार 22 दिसंबर को उसे मिलने बुलाया गया और 23 दिसंबर को मुलाकात के दौरान बाबू ने कथित शिकायत को नस्तीबद्ध करने के एवज में 2 लाख रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत देना नहीं चाहता था, बल्कि आरोपी को रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था।
शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाया गया। सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपये लेने पर सहमति दी गई, जिसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई।
2 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता द्वारा 1 लाख रुपये की राशि आरोपी के धर्मजयगढ़ स्थित शासकीय आवास में दी गई। जैसे ही आरोपी ने रुपये अपने हाथ में लिए, उसे संदेह हुआ और उसने तत्काल आवास का दरवाजा बंद कर लिया।
ACB टीम के लगातार प्रयास और दरवाजा जोर से खोलने के बाद आरोपी मिला। पहले उसने रिश्वती रकम के संबंध में अनभिज्ञता जताई, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर स्वीकार किया कि उसने रिश्वत की राशि बैग में भरकर आवास के पीछे दीवार की ओर फेंक दी थी। ACB स्टाफ ने उसे फेंकते हुए भी देखा था।
ACB टीम ने मौके से 1 लाख रुपये की रिश्वती रकम बरामद कर आरोपी बाबू अनिल कुमार चेलक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि ठीक एक वर्ष पहले 2 जनवरी 2025 को भी ACB बिलासपुर इकाई ने जिला जांजगीर में हथकरघा विभाग के निरीक्षक हरेकृष्ण चौहान को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर वर्ष की पहली ट्रैप कार्रवाई की थी।
राजनांदगांव | शौर्यपथ |
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दूसरे दिन राजनांदगांव पुलिस द्वारा हेलमेट के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। रैली का नेतृत्व स्वयं पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना रहा।
हेलमेट जन-जागरूकता बाइक रैली में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑपरेशन) मुकेश ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक, प्रशिक्षु आईपीएस एवं नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन, रक्षित निरीक्षक लोकेश कुमार कसेर, यातायात प्रभारी निरीक्षक नवरतन कश्यप सहित यातायात स्टाफ, शहर के थाना व चौकी का पुलिस बल बड़ी संख्या में शामिल हुआ।
रैली पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्रारंभ होकर नया बस स्टैंड चौक, गुरुद्वारा चौक, मानव मंदिर चौक, भारत माता चौक, गंज चौक, बसंतपुर थाना तिराहा, दुर्गा चौक, महावीर चौक, फव्वारा चौक, अंबेडकर चौक, प्यारेलाल चौक सहित प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के दौरान शहरवासियों को सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर राजनांदगांव पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की कि—
दुपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें
तीन सवारी न चलें
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें
तेज एवं लापरवाही से वाहन न चलाएं
चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट अवश्य लगाएं
नशे की हालत में वाहन चलाने से बचें
निर्धारित गति सीमा का पालन करें
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यातायात रथ, जागरूकता रैलियों एवं अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से सड़क सुरक्षा को लेकर यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और नागरिकों की जान सुरक्षित रहे।
रायपुर / शौर्यपथ / भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग ने आज 'इलेक्ट्रिक पावर और नवीकरणीय ऊर्जा' पर छठे IEEE अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (EPREC 2026) का भव्य उद्घाटन किया। 2 से 4 जनवरी, 2026 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय IEEE -प्रायोजित सम्मेलन में भारत और विदेशों के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को इलेक्ट्रिक पावर और नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों में उभरते रुझानों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच पर लाया गया है। संस्थान के परिसर में आयोजित इस उद्घाटन समारोह में आईआईटी भिलाई और कई अन्य प्रमुख संस्थानों के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति, संकाय सदस्य और छात्र उपस्थित रहे।
समारोह के मुख्य अतिथि, मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) जयपुर के निदेशक प्रो. नारायण प्रसाद पाधी ने अपने संबोधन में खनिज संपन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के लिए खनन मशीनरी हेतु नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों पर केंद्रित अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप टिकाऊ और अनुप्रयोग-उन्मुख तकनीकी विकास की आवश्यकता को रेखांकित किया। वहीं, आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने कहा कि बिजली और ऊर्जा क्षेत्रों में अनुसंधान का मुख्य फोकस अब उत्पाद विकास और व्यावहारिक परिणामों पर होना चाहिए। एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने बहु-संस्थागत सहयोग के माध्यम से ज्ञान साझा करने को मजबूत करने पर जोर दिया, जबकि शारजाह विश्वविद्यालय के प्रो. रमेश बंसल ने उच्च गुणवत्ता वाले शोध परिणामों को बनाए रखने की बात कही।
आईईईई ईपीआरईसी 2026 के लिए इस वर्ष 500 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए थे, जिनमें से कठोर समीक्षा प्रक्रिया के बाद केवल 235 शोध पत्रों को प्रस्तुति के लिए चुना गया है, जो इस सम्मेलन के उच्च तकनीकी मानक को दर्शाता है। सम्मेलन के आयोजन का नेतृत्व डॉ. शैलेंद्र कुमार और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. कृष्ण मुरारी द्वारा किया जा रहा है, जिसमें एनआईटी जमशेदपुर के डॉ. ओ. एच. गुप्ता और डॉ. जितेंद्र कुमार आयोजन अध्यक्ष के रूप में शामिल हैं। यह सम्मेलन मुख्य भाषणों, तकनीकी पेपर प्रस्तुतियों और इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को मजबूत करने का प्रयास करेगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / नव वर्ष के पहले ही दिन शिवनाथ महोत्सव ने छठे वर्ष भव्य रूप धारण किया। सुबह से महमरा घाट पर मेला सज गया, जहां भक्तों और पर्यटकों ने शिवनाथ की स्वच्छ धारा में आस्था की डुबकी लगाई। शाम ढलते ही 51 हज़ार दीयों ने तट को आकाशीय ज्योति से नहला दिया।
बनारस की गंगा आरती की तर्ज पर 11 पंडितों ने विधि-विधान से महाआरती उतारी, जिसे देखने आसपास के जिलों से लेकर अन्य राज्यों तक के हज़ारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। आयोजक वरुण जोशी ने बताया, "22 वर्षों की लंबी लड़ाई के बाद शिवनाथ नदी लीज मुक्त हुई, तब से हम यह महोत्सव मना रहे हैं। यह दुर्ग जिले का सबसे बड़ा नववर्ष उत्सव बन चुका है।"
कार्यक्रम में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया। बच्चों के लिए झूले-जंपिंग, युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ मंच के संगीत पर ठुमके, तो महिलाओं-बच्चियों ने दीपदान में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। मुंबई की टीम द्वारा की गई इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी ने तो रंग जमाया ही, आकर्षण का केंद्र बनी रही।
इस भव्य आयोजन में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक अरुण वोरा, महापौर अल्का बाघमार, समाजसेविका मानसी गुलाटी सहित हज़ारों भक्त मौजूद रहे। शिवनाथ महोत्सव ने न केवल आस्था जगाई, बल्कि सांस्कृतिक एकता का अनूठा संगम रचा।
रायपुर। शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शराब घोटाले के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को जमानत प्रदान कर दी। ईडी ने 18 जुलाई 2025 को चैतन्य को भिलाई स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था, जब वे लगभग 168 दिनों से जेल में थे।
गिरफ्तारी व मामले का सारयह मामला छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें शराब नीति में अनियमितताओं, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं। ACB/EOW ने IPC, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और PMLA 2002 के तहत FIR दर्ज की, जिस पर ईडी ने कार्रवाई की। चैतन्य पर जन्मदिन के दिन गिरफ्तारी हुई, जो राजनीतिक विवाद का विषय बनी।
कानूनी यात्रानिचली अदालतों और सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिकाएं खारिज हुईं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया। बिलासपुर हाईकोर्ट ने 1 जनवरी 2026 के आसपास यह फैसला सुनाया।
जमानत शर्तें व प्रभावजमानत पर ED/EOW के समन पर उपस्थित होना और अन्य निर्देशों का पालन अनिवार्य है। यह राहत आरोपों से बरी होना नहीं दर्शाता; जांच व ट्रायल जारी रहेगा।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को जमानत: 168 दिनों बाद रिहाई की राह!
रायपुर। शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शराब घोटाले के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को जमानत प्रदान कर दी। ईडी ने 18 जुलाई 2025 को चैतन्य को भिलाई स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था, जब वे लगभग 168 दिनों से जेल में थे।
गिरफ्तारी व मामले का सारयह मामला छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें शराब नीति में अनियमितताओं, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं। ACB/EOW ने IPC, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और PMLA 2002 के तहत FIR दर्ज की, जिस पर ईडी ने कार्रवाई की। चैतन्य पर जन्मदिन के दिन गिरफ्तारी हुई, जो राजनीतिक विवाद का विषय बनी।
कानूनी यात्रानिचली अदालतों और सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिकाएं खारिज हुईं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया। बिलासपुर हाईकोर्ट ने 1 जनवरी 2026 के आसपास यह फैसला सुनाया।
जमानत शर्तें व प्रभावजमानत पर ED/EOW के समन पर उपस्थित होना और अन्य निर्देशों का पालन अनिवार्य है। यह राहत आरोपों से बरी होना नहीं दर्शाता; जांच व ट्रायल जारी रहेगा।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कौशल विकास मंत्री श्री खुशवंत साहेब तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा उपस्थित थे।
उल्लखेनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव 23 से 25 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। साहित्य उत्सव में देशभर के प्रख्यात साहित्यकारों, लेखकों, कवियों, पत्रकारों, समीक्षकों एवं पाठकों की सहभागिता होगी। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति, सृजनात्मक लेखन, प्रकाशन जगत, युवा साहित्य तथा नई पीढ़ी के रचनाकारों से जुड़े विषयों पर विविध सत्र आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने वेबसाइट लॉन्च करते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उत्सव लेखक और पाठक के बीच नए संवाद का सशक्त मंच बनेगा तथा युवा पीढ़ी में पढ़ने और लिखने की प्रेरणा जागृत करेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लोकसाहित्य, लोककथाओं और समृद्ध मौखिक परंपराओं की धरोहर रही है। ऐसे में रायपुर साहित्य उत्सव राज्य की इस सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने का सुअवसर बनेगा।
मुंगेली / शौर्यपथ / शासन द्वारा प्रत्येक घरों में छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाकर ऊर्जा के लिए आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का संचालन किया जा रहा है। जिले में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है। यह योजना न केवल आम लोगों को बिजली बिल के बोझ से राहत दिला रही है, बल्कि स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रही है।
इसी कड़ी में दाउपारा मुंगेली निवासी श्री बसंत कुमार ने योजना के तहत अपने घर की छत पर 03 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित कराया है। अब वह हर महीने बिजली बिल के बोझ से मुक्त होकर, अपनी ही सौर ऊर्जा से अपने घर की बिजली जरूरतें पूरी कर रहे हैं। श्री बसंत कुमार ने बताया कि पहले उनके घर में बिजली की आपूर्ति अनियमित रहती थी और बिजली बिल भी अधिक आता था, लेकिन जब उन्हें पीएम सूर्य घर योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत आवेदन किया। योजना के तहत उन्हें सब्सिडी पर सोलर पैनल मिले और कुछ ही दिनों में उनके घर की छत पर सिस्टम इंस्टॉल कर दिया गया। अब उनके घर में नियमित रूप से बिजली रहती है।
पीएम सूर्य घर योजना के तहत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर केन्द्र और राज्य शासन द्वारा 30 हजार रूपए से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। 01 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 45 हजार रूपए, 02 किलोवाट में 90 हजार रूपए और 03 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 01 लाख 08 हजार रूपए की सब्सिडी प्रदान की जाती है।
मुंगेली, / शौर्यपथ /
जिला पंचायत सभा कक्ष, धरमपुरा (मुंगेली) में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के अंतर्गत फॉर्म-6 से संबंधित प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण जिले के कॉलेज एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों हेतु आयोजित किया गया, ताकि नए मतदाताओं के पंजीयन कार्य को अधिक सुव्यवस्थित, त्रुटिरहित और प्रभावी बनाया जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पांडे, मुंगेली एसडीएम श्री अजय शतरंज, लोरमी एसडीएम श्री अजीत पुजारी, तथा पथरिया एसडीएम श्रीमती रेखा चंद्रा उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने एसआईआर की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मतदाता सूची का सतत अद्यतन लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती का आधार है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देशित किया कि जिन विद्यार्थियों की आयु 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, उन्हें फॉर्म-6 भरवाया जाए। इसके लिए कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त संख्या में फॉर्म-6 और घोषणा पत्र का वितरण किया गया।
मास्टर ट्रेनर श्री संजय सोनी ने प्रशिक्षणार्थियों को—
फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाता पंजीयन
आवश्यक दस्तावेज
ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
प्रविष्टियों में त्रुटि सुधार
जैसे बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने पंजीयन प्रक्रिया को सरल और सुगम ढंग से समझाया तथा उपस्थित प्राचार्यों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्राचार्यगण ने सक्रियता से हिस्सा लिया। अधिकारियों ने अपेक्षा जताई कि प्रशिक्षण के बाद शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ा जा सकेगा, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी और भी सुदृढ़ होगी।
कार्यक्रम में ईआरओ, एईआरओ सहित जिले के सभी प्राचार्य उपस्थित रहे।
पखवाड़ा के दौरान स्वच्छता शपथ, स्वच्छता जागरूकता दिवस, कचरा प्रबंधन, परिसर एवं तालाब की सफाई, पौधरोपण एवं प्रतिदिन स्वच्छता श्रमदान जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कृषक एवं छात्र-छात्राओं के लिए स्वच्छता प्रश्नोत्तरी भी रखी गई, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत 23 दिसंबर को किसान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर केन्द्र के वैज्ञानिकों ने—
तिलहन फसल उत्पादन
मशरूम उत्पादन तकनीक
चना एवं गेहूं की उन्नत खेती
प्राकृतिक खेती
पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किए।
कृषकों के लिए प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया गया, जिसमें विजेता कृषकों को आम, आंवला, अमरूद सहित विभिन्न फलदार पौधों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सीधा प्रसारण के माध्यम से कृषकों को केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के उद्बोधन से जोड़ा गया।
साथ ही विकसित भारत जी-राम-जी योजना और विकसित कृषि संकल्प अभियान की विस्तृत जानकारी दी गई।
किसानों को मनरेगा के तहत 100 की बजाय 125 दिवस कार्य उपलब्ध कराने की नवीन प्रावधानों से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा, वैज्ञानिक डॉ. नूतन रामटेके, श्रीमती अंजली घृतलहरे, श्री आशीष गौरव शुक्ला, श्री जितेन्द्र मेश्राम एवं स्वच्छता पखवाड़ा प्रभारी डॉ. योगेन्द्र श्रीवास सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / भारतीय सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा आयोजित ऑनलाईन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) में उत्तीर्ण उम्मीदवारों की अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क व स्टोर कीपर, अग्निवीर ट्रेडसमेन (आठवीं व दसवीं) के पदों पर भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं अन्य भर्ती प्रक्रिया 10 जनवरी से 24 जनवरी 2026 तक इंडोर स्टेडियम धमतरी में की जाएगी। राजनांदगांव जिले के पात्र आवेदकों के लिए 18 जनवरी 2026 को अग्निवीर जनरल ड्यूटी एवं 20 जनवरी 2026 को अग्निवीर ट्रेडसमेन (दसवीं) की शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जाएगी। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण आवेदकों को प्रवेश पत्र उनके ई-मेल पर भेज दिया गया है। इसके साथ ही प्रवेश पत्र वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in से प्राप्त कर सकते है। परीक्षा शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड एवं सभी कागज रैली अधिसूचना के अनुसार और साथ में आधार कार्ड से लिंक मोबाईल भी लेकर आना अनिवार्य है। परीक्षा के संबंध में अन्य जानकारी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र राजनांदगांव के दूरभाष क्रमांक 07744-299523 पर संपर्क कर प्राप्त कर सकते है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के अंतर्गत राजनांदगांव जिले के विभिन्न ग्रामों में आधारभूत संरचना और ग्रामीण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु कुल 89 लाख 47 हजार रुपए के विकास कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सुरूचि सिंह ने यह स्वीकृति प्रदान की।
स्वीकृत राशि के माध्यम से डोंगरगढ़, छुरिया और राजनांदगांव विकासखंडों के अनेक ग्रामों में सड़क, सामुदायिक भवन, शेड, रंगमंच, पुलिया तथा व्यवसायिक परिसर जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। निर्माण एजेंसियों को सभी कार्य समय-सीमा में और गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस विकासखंड के ग्रामों में विविध सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण के लिए 20.12 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं—
ग्राम घोठिया – सीसी रोड निर्माण: 2.60 लाख
ग्राम अछोली – शेड निर्माण: 3 लाख
ग्राम डोड़की – रंगमंच निर्माण: 3 लाख
ग्राम पेंडरी – व्यवसायिक परिसर निर्माण: 8.92 लाख
ग्राम कसारी – सीसी रोड निर्माण: 2.60 लाख
छुरिया क्षेत्र में सामुदायिक ढांचे को मजबूत करने हेतु अनेक कार्य स्वीकृत किए गए हैं—
चिरचारीकला, पुर्रामटोला, गहिराभेंडी – शेड निर्माण: प्रत्येक 3.75 लाख
पुर्रामटोला – पुलिया निर्माण: 7 लाख
आमगांव (कु.) तथा शिकारीमहका – शेड निर्माण: प्रत्येक 3 लाख
बम्हनी चारभांठा – सामुदायिक भवन: 6.50 लाख
खोभा – शेड निर्माण: 3 लाख
शिकारीटोला – सामुदायिक भवन: 6.50 लाख
आतरगांव – यात्री प्रतीक्षालय: 5 लाख
पाण्डेटोला – सीसी रोड निर्माण: 2.60 लाख
मरकाकसा – सामुदायिक भवन: 6.50 लाख
जिले के मुख्य विकासखंड में सड़क और शेड निर्माण के लिए कुल 15 लाख रुपए स्वीकृत—
ग्राम सुन्दरा – सीसी रोड निर्माण: 7.80 लाख
ग्राम बासुला – सीसी रोड निर्माण: 5.20 लाख
ग्राम बासुला – शेड निर्माण: 2 लाख
इन स्वीकृतियों के साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार होने की उम्मीद है, जिससे ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा स्थानीय विकास को गति मिलेगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
