January 10, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

  रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में रायपुर की प्रथम महिला विधायक स्वर्गीय श्रीमती रजनी दत्तात्रेय उपासने के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री “अनटोल्ड स्टोरी ऑफ स्व. रजनी दत्तात्रेय उपासने” का विमोचन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्रीमती उपासने के सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसेवा से जुड़े योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और प्रेरणा का प्रतीक रहा है। आपातकाल जैसे कठिन दौर में लोकतंत्र की रक्षा से लेकर रायपुर के विकास, महिलाओं और वंचित वर्गों के उत्थान तक उनका योगदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कि यह डॉक्यूमेंट्री आने वाली पीढ़ियों को उनके व्यक्तित्व और कार्यों से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगी। विमोचन कार्यक्रम के दौरान श्री सच्चिदानंद उपासने सहित उनके परिजन उपस्थित थे।

भाजपा सरकार आलोचना से डरी, जनहित के सवाल उठाने वाली इंफ्लुएंसर को तत्काल रिहा करे

रायपुर । शौर्यपथ
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो की गिरफ्तारी को प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार की तानाशाही करार दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है और सरकार में बैठे लोगों में आलोचना सुनने का साहस नहीं बचा है। आकांक्षा टोप्पो को तत्काल रिहा किया जाए।

ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार दो साल में ही अलोकप्रिय हो चुकी है। जनता के हित में सवाल उठाने वालों को डराने के लिए झूठे मामले दर्ज कर चुप कराने की कोशिश हो रही है। आकांक्षा टोप्पो लगातार खराब सड़क, लचर स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रही थीं। उन्होंने स्थानीय विधायक लक्ष्मी राजवाड़े रामकुमार टोप्पो की कार्यशैली पर भी प्रश्न खड़े किए थे। अगर कोई परिवार वर्षों से एक स्थान पर रह रहा है, जिसमें चार सदस्य दिव्यांग हैं, तो उन्हें खदेड़ा जाए और परिवार दुखी होकर सरकार से इच्छामृत्यु मांगे—ये सरकार के लिए शर्म की बात है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मंत्री राजवाड़े द्वारा ड्राइवर को दिल्ली में छोड़कर आने की घटना को गलत ठहराया। उन्होंने सवाल किया कि विधायक रामकुमार टोप्पो दिव्यांगों का घर न बचा पाएं, उनकी व्यथा न सुनें तो किस बात के जनप्रतिनिधि? क्या जिम्मेदारों से सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए? आकांक्षा टोप्पो ने नए शराब दुकान खुलने, आरआईटी में शिक्षकों की कमी व लैब बंद होने, मंत्री राजवाड़े के क्षेत्र में बिजली न होने जैसी समस्याओं पर भी आवाज बुलंद की थी। सरकार को सवालों से डर किस बात का? क्योंकि ये सरकार जनता की अपेक्षाओं को दो साल में पूरा नहीं कर पाई, इसलिए फर्जी कार्रवाई कर आक्रोशित जनता की आवाज दबाना चाहती है। सरकार की तानाशाही से न विपक्ष डरेगा, न जनता—सवाल तो पूछे जाएंगे।

ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के दो साल में सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई हैं। ये सिर्फ विज्ञापन की सरकार है। प्रदेश में धान खरीदी को लेकर रोज आंदोलन हो रहे हैं, आदिवासी वर्ग प्रताड़ित हो रहा है। शासकीय कर्मचारी, व्यापारी, युवा, महिलाएं—सभी आंदोलन कर रहे हैं। फिर भी ये सरकार किसके लिए काम कर रही? लोगों के सामने जल, जंगल, जमीन बचाना चुनौती बन गया है। ऐसे में युवा वर्ग जब जनता की आवाज बन रहा है, तो उसे डराया जा रहा है।

रायपुर / शौर्यपथ /
देश की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत, साहस और सर्वोच्च बलिदान की परंपरा को स्मरण करते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी), रायपुर में वीर बाल दिवस के अवसर पर एक ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्थान के गो ग्रीन क्लब द्वारा शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 को उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
इस शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी आयोजन का सफल संचालन डॉ. डी. सी. झारिया, एसोसिएट प्रोफेसर, एप्लाइड जियोलॉजी विभाग; डॉ. गोविंद पी. गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग; डॉ. शशिकांत वर्मा, सहायक प्राध्यापक, यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग; तथा डॉ. नितेश के. भारद्वाज, सहायक प्राध्यापक, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के समन्वय में किया गया।
क्विज प्रतियोगिता का उद्देश्य वीर बाल दिवस के माध्यम से साहिबज़ादों के अद्वितीय साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए विद्यार्थियों में भारत की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता विकसित करना था। प्रतियोगिता में कुल 27 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी सूझ-बूझ, त्वरित निर्णय क्षमता तथा बौद्धिक दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
इस आयोजन ने छात्रों में बौद्धिक सहभागिता को सशक्त रूप से प्रोत्साहित किया तथा उनमें साहस, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतियोगिता में भिरेंद्र साहू ने प्रथम पुरस्कार, भावेश गिलहरे ने द्वितीय पुरस्कार तथा आकाश ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। अंकुश तिवारी को चतुर्थ पुरस्कार और हिमांशु वर्मा को पंचम पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त चंद्रादित्य साहू एवं चिन्मय साहू को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों, अतिथियों एवं दर्शकों की सक्रिय उपस्थिति ने प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया और आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम का समापन अत्यंत सफल एवं गरिमामय वातावरण में हुआ। यह आयोजन सभी प्रतिभागियों और उपस्थितजनों पर गहरा एवं सकारात्मक प्रभाव छोड़ते हुए वीर बाल दिवस 2025 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर में एक प्रेरणादायी और स्मरणीय अवसर के रूप में स्थापित करने में सफल रहा।

कपड़ा लाइन में दिखावटी कार्रवाई, कुआं चौक-गढ़ कलेवा-पोस्ट ऑफिस क्षेत्र में खुलेआम अवैध गुमठियां, ₹200-₹500 के चालान में निपट रहा कानून

दुर्ग नगर पालिक निगम का अतिक्रमण विभाग एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। जिस विभाग की जिम्मेदारी शहर को अतिक्रमण मुक्त रखने की है, वह अब कार्यवाही के नाम पर केवल चाय-नाश्ते तक सीमित नजर आ रहा है।

कपड़ा लाइन में हर बार वही कुछ दुकानदारों पर कार्रवाई कर अपनी “सक्रियता” साबित करने वाला निगम अमला, कुआं चौक जैसे व्यस्त इलाके में सड़कों तक फैले ठेले-गुमठियों पर पूरी तरह मौन दिखाई देता है। यातायात बाधित हो रहा है, आम नागरिक परेशान हैं, लेकिन अतिक्रमण विभाग की आंखें मानो बंद हैं।

पांडे जूस सेंटर द्वारा सड़क तक सामान फैलाने की कई बार लिखित व मौखिक शिकायतों के बावजूद, कार्रवाई केवल ₹200 से ₹500 के औपचारिक चालान तक सिमट जाती है। यह कार्रवाई नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से बचने का तरीका प्रतीत होती है।

सबसे गंभीर मामला पोस्ट ऑफिस के बगल, शासकीय गढ़ कलेवा के सामने स्थापित अवैध गुमठी का है। यह गुमठी न केवल अवैध है, बल्कि विवादों से भी घिरी रही है। इसके बावजूद इसी गुमठी से हजारों रुपये के चाय-नाश्ते के बिल जिला पंचायत में पास होना, कई बड़े सवाल खड़े करता है।

जब यहां केवल चाय के अलावा कुछ भी उपलब्ध नहीं, तो आखिर इतने बड़े बिल किस आधार पर पास हो रहे हैं? और इस अवैध गुमठी को बचाने के लिए कौन अधिकारी अपनी संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा है—यह अब जांच का विषय बन चुका है।

हैरानी की बात यह है कि निगम का अतिक्रमण अमला इस गुमठी तक “कार्रवाई” के लिए पहुंचता तो है, लेकिन तस्वीरें खिंचवाकर बिना किसी ठोस कार्रवाई के लौट आता है। यह दृश्य साफ संकेत देता है कि कार्रवाई केवल कागजों और कैमरों तक सीमित है।

शहर में ऐसे कई कबाड़ी व्यवसाय भी संचालित हो रहे हैं, जिनके पास न तो निगम की अनुज्ञप्ति है और न ही वैध लाइसेंस। लाइसेंस विभाग, राजस्व विभाग और अतिक्रमण विभाग—तीनों को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न होना, मिलीभगत की आशंकाओं को और मजबूत करता है।

इस पूरे घटनाक्रम की सीधी प्रशासनिक जिम्मेदारी निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल पर आती है। प्रशासनिक मुखिया होने के नाते निगम के कार्यों की निगरानी, कर्मचारियों पर नियंत्रण और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करना उनकी संवैधानिक व नैतिक जिम्मेदारी है। लेकिन लगातार सामने आ रही भेदभावपूर्ण कार्रवाइयों ने आयुक्त की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं।

वहीं जनप्रतिनिधि के रूप में महापौर अलका बाघमार की चुप्पी और निष्क्रियता भी अब चर्चा का विषय बन चुकी है। जनता के हितों से जुड़े इतने गंभीर मामलों पर मौन रहना, शहरी सरकार की मुखिया की भूमिका पर सवाल खड़े करता है।

आज निगम कर्मचारियों से लेकर आम नागरिकों तक के बीच यही चर्चा है कि—

क्या दुर्ग नगर निगम में कानून सबके लिए बराबर है? या फिर अतिक्रमण पर कार्रवाई केवल कमजोरों तक सीमित रह गई है?

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जयंती के अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा। लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण, सुशासन की स्थापना और जनकल्याण के व्यापक दृष्टिकोण के कारण वे देशवासियों के हृदय में सदैव अमर रहेंगे। वे केवल महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी राजनेता और करुणा से भरे जननायक थे, जिन्होंने राजनीति को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी के नेतृत्व में देश ने विकास, पारदर्शिता और सुशासन की नई दिशा प्राप्त की। उनका समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का संकल्प आज भी हमारी शासन-नीति का केंद्रीय आधार है। यही भावना छत्तीसगढ़ सरकार के प्रत्येक कार्यक्रम, योजना और निर्णय का मार्गदर्शन करती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को सशक्त बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाओं की आपूर्ति और जनविश्वास की पुनस्र्थापना के प्रयास लगातार जारी हैं। यह यात्रा अटलजी के विचारों, आदर्शों और प्रेरणा से ऊर्जा प्राप्त करती है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों—ईमानदारी, संवेदनशीलता, संवाद और समावेशी विकास—को अपने जीवन और कार्य में अपनाएँ तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।
इस अवसर पर विधायक श्री किरण सिंह देव उपस्थित थे।

  रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ओडिशा के कंधमाल-गंजाम सीमावर्ती वन क्षेत्रों में संचालित संयुक्त सुरक्षा अभियान में सीपीआई (माओवादी) संगठन के शीर्ष नेतृत्व में शामिल गणेश उइके के न्यूट्रलाइज किए जाने को नक्सलवाद के विरुद्ध चल रही निर्णायक लड़ाई में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई नक्सल तंत्र की रीढ़ पर सीधा प्रहार है तथा स्पष्ट संदेश है कि अब नक्सल हिंसा के लिए देश में कहीं भी सुरक्षित ठिकाना शेष नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल उन्मूलन के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में यह एक ठोस और निर्णायक कदम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दृढ़ नेतृत्व एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के सशक्त मार्गदर्शन में देश नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन की ओर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। एक-भारत श्रेष्ठ-भारत की भावना के साथ केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अभियान में शामिल सभी सुरक्षा बलों के जवानों और अधिकारियों के अदम्य साहस, पराक्रम और पेशेवर दक्षता को नमन किया तथा उनके उत्कृष्ट मनोबल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है—"हिंसा का रास्ता छोडि़ए, मुख्यधारा से जुडि़ए; अन्यथा कानून अपना कार्य करेगा।"
उन्होंने कहा कि शांति, विकास और विश्वास ही नए भारत की पहचान है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के नए अवसर निरंतर सृजित किए जा रहे हैं। साथ ही हिंसा के मार्ग पर भटके युवाओं के पुनर्वास और मुख्यधारा में सम्मानजनक वापसी के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता-जनार्दन के सहयोग, सुरक्षा बलों के साहस तथा स्पष्ट नीतिगत प्रतिबद्धता के बल पर नक्सल-मुक्त भारत का संकल्प शीघ्र ही पूर्णत: साकार होगा।

रायपुर / शौर्यपथ /

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर राज्य के 115 नगरीय निकायों में बने अटल परिसरों का लोकार्पण किया। रायपुर के फुंडहर चौक स्थित अटल एक्सप्रेस-वे पर वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में वर्चुअल रूप से जुड़े कार्यक्रमों में परिसरों का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह और तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब उपस्थित रहे। फुंडहर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में रायपुर नगर निगम क्षेत्र के 186.98 करोड़ रुपये के 23 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। साथ ही नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा प्रकाशित 'अटल परिसरÓ आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी हुआ। पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 के पाँच हितग्राहियों को भवन निर्माण अनुज्ञा-पत्र तथा पीएम स्वनिधि योजना के तहत पाँच महिला लाभार्थियों को चेक वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री ने अटल वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से उन्होंने गांवों को बारहमासी सड़कों से जोडऩे का ऐतिहासिक कार्य किया। किसान क्रेडिट कार्ड, आदिवासी कल्याण मंत्रालय जैसे कई फैसलों ने देश के ग्रामीण और कमजोर वर्गों को मजबूत किया। उन्होंने बताया कि जन्म–शताब्दी वर्ष में प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर बनाए जा रहे हैं, जिससे अटलजी की स्मृतियाँ चिरस्थायी रहें।
विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि अटल वाजपेयी ने अपना वादा निभाते हुए छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का स्वरूप दिया। विधायक मोतीलाल साहू ने बताया कि रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में दो वर्षों में लगभग 500 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत हुए हैं। महापौर मीनल चौबे ने कहा कि रायपुर का सर्वांगीण विकास तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, इंद्रकुमार साहू, अनुज शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, आरडीए अध्यक्ष नंदकुमार साहू सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

दुर्ग भिलाई (शौर्यपथ )

भिलाई के जयंती स्टेडियम में श्री हनुमंत कथा और दिव्य दरबार का भव्य पांच दिवसीय आयोजन गुरुवार से प्रारंभ हो गया। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज भिलाई पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिंदू एकता, राष्ट्रवाद और सनातन धर्म की रक्षा का प्रबल संदेश दिया।
सनातन धर्म के ध्वजवाहक बाबा बागेश्वर धाम ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि हिंदुओं को जोडऩा, हनुमान जी की भक्ति जगाना और राष्ट्रवाद की जागृति यदि किसी को 'अंधभक्तिÓ लगे, तो उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।यह आयोजन 25 से 29 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 27 दिसंबर को विशेष रूप से देवी दरबार का आयोजन होगा।
आयोजको द्वरा सुबह 10 बजे सिविक सेंटर चौक से कलश यात्रा प्रारंभ हुई , जिसमें मातृ शक्तियां पीला वस्त्र धारण कर कलश सजाया गया । प्रथम दिवस की कथा में लाखों श्रद्धालुओं के सम्मिलित हुए , जिन्होंने हनुमान भक्ति में डूबकर आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त की ।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री का प्रेस कॉन्फ्रेंस:
हिंदू एकता का अलख जगाया -प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश में हिंदू युवक को जिंदा जलाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि भारत के सनातनियों को कान खोलकर सुन लेना चाहिए—बांग्लादेश में हिंदू होना अपराध है, तो भारत में भी वह दिन दूर नहीं। उन्होंने जोरदार अपील की, "अभी नहीं तो कभी नहीं!" यही समय है जब हिंदू एकजुट होकर हिंदू राष्ट्र बनाएं। बाबा ने स्पष्ट कहा कि जब तक भारत हिंदू राष्ट्र न बनेगा, उनकी यात्रा जारी रहेगी। जातिवाद को त्यागकर राष्ट्रवाद से ही देश की उन्नति होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अंधविश्वास वाले बयान पर बाबा बोले, "हम नेता नहीं, संत हैं। जिन्हें हिंदू धर्म में विश्वास न हो, उन्हें यहां रहने की जरूरत नहीं।" छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के तीन प्रमुख कारण—आर्थिक तंगी, अशिक्षा और अंधविश्वास—को समाप्त करने का संकल्प दोहराते हुए उन्होंने पदयात्रा की घोषणा की, जिसकी तैयारी पूरी हो चुकी है।
सुरक्षा और व्यवस्थाएं: 600 पुलिसकर्मी, ड्रोन और सीसीटीवी से किलेबंदीसुरक्षा के मद्देनजर दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर जयंती स्टेडियम में 600 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। सीसीटीवी, ड्रोन कैमरों और विशेष मॉनिटरिंग कक्ष से पूर्ण निगरानी सुनिश्चित की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सफाई, पार्किंग, भोजन और अन्य व्यवस्थाएं पूर्ण हैं।
आयोजक राकेश पांडेय ने अपील की कि सभी अनुशासित भाव से भाग लें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।यह कथा न केवल धार्मिक, अपितु सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगी, जो छत्तीसगढ़वासियों के हृदय में हनुमान भक्ति की ज्योति प्रज्वलित करेगी।

दुर्ग। शौर्यपथ
दुर्ग की राजनीति में एक नया ट्रेंड चल पड़ा है—नेता बनने से पहले सरोज पांडे का वर्ज़न अपडेट बनना। लेकिन अफसोस, शहर की वर्तमान महापौर अलका बाघमार इस अपडेट में कहीं सिस्टम क्रैश का शिकार हो गई लगती हैं। चुनाव में मिली भारी जीत शायद इतना भारी पड़ गई कि प्रशासन पर पकड़ हल्की पड़ती चली गई।
बीते छह महीनों में दुर्ग नगर निगम की हालत ऐसी हो गई है कि लोग धीरज बाकलीवाल के समय को “गोल्डन एरा” की तरह याद करने लगे हैं। शहर के विकास काम अपनी ही बदहाली देखकर खुद को सांत्वना देते मिल जाते हैं।

कपड़ा लाइन—वादा हाई, एक्शन डाई

अतिक्रमण हटाने का ऐलान ऐसे किया गया मानो शहर अगले ही दिन क्लीन-सिटी अवार्ड लेने वाला हो। लेकिन न हटे व्यापारी, न बना विस्थापन, और देखते ही देखते मुद्दा महापौर की फाइलों में “फॉरवर्डेड टू नेक्स्ट ईयर” मोड में चला गया।
अब “मोर शहर मा जिम्मेदारी” के लोग सड़क पर ज्यादा जिम्मेदार दिख रहे हैं, सरकार में नहीं।

धनवानों के अतिक्रमण पर ‘एयरप्लेन मोड’

समृद्धि बाजार के सामने अवैध कब्जा?
शहर के चौक-चौराहों पर मनमानी?
सभी का जवाब—महापौर की मौन साधना।

जनता को समझ नहीं आ रहा कि यह प्रशासन है या किसी बड़ी कंपनी का VIP कस्टमर सपोर्ट, जहां अमीरों की शिकायतों पर ही रिस्पॉन्स मिलता है।

सड़कों पर मवेशी—शहर का असली ‘ट्रैफिक मैनेजर’

गाय, बैल, भैंस—सभी ने शहर के यातायात पर ऐसा कब्जा किया है कि लगता है मानो यही ऑफिशियल रोड सेफ्टी एडवाइजर्स हों। महापौर कार्यालय के बगल में चल रहा अवैध बाजार देखकर तो ऐसा लगता है कि प्रशासन ने इसे “सांस्कृतिक धरोहर” घोषित कर दिया हो।

निगम में गुटबाजी: ‘टीम महापौर बनाम टीम बाकी सब’

भाजपा के पार्षदों में भी अब चर्चा यही है कि महापौर अपने ही संगठन से दूर और चंद प्रशंसकों के करीब हो गई हैं। प्रेस रिलीज़ और सोशल मीडिया रीलों से शहर को सजाने-संवारने की कोशिश में असली शहर कहीं पीछे छूट गया है।

राजनीतिक भविष्य—रेड अलर्ट

यदि दुर्ग के विधायक और मंत्री गजेंद्र यादव दोबारा टिकट की तैयारी में हैं, तो वर्तमान शहरी अव्यवस्था उनके लिए भी “बोनस” नुकसान लेकर आ सकती है। दो साल बीत गए, कुछ नहीं बदला—अब बचे दो साल शहर की किस्मत लिखेंगे या गुटबाजी का अगला अध्याय, यह देखना दिलचस्प होगा।

दुर्ग में ट्रिपल इंजन की सरकार फिलहाल तीन दिशाओं में दौड़ रही है और शहर बीच में धूल फांक रहा है।
नकल की राजनीति + निष्क्रिय प्रशासन + प्रोटोकॉल प्रेम

एक ऐसा महापौर कार्यकाल, जिसे भविष्य में लोग कह सकते हैं—
“ये रहा दुर्ग का सबसे अवसरवादी और सबसे कमज़ोर शहरी शासन।”

बालोद / शौर्यपथ /
भारत सरकार के निर्देशानुसार जिला पंचायत बालोद में 26 दिसंबर को जिला स्तरीय वीर बाल दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि दसवें सिक्ख गुरु श्री गुरु गोविन्द सिंह जी के वीर पुत्रों साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह के अद्वितीय बलिदान की स्मृति में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसके साथ ही वीर बाल दिवस 2025 का राष्ट्रीय स्तर का मुख्य कार्यक्रम 26 दिसंबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा बच्चों और युवाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका और योगदान को रेखांकित करेंगे।

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