Google Analytics —— Meta Pixel
June 05, 2026
Hindi Hindi
शौर्यपथ

शौर्यपथ

18 से 25 मई तक चलेगा “जनभागीदारी अभियान - जनजातीय गरिमा उत्सव”

दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक पहुंचेगी शासन की योजनाएं, सेवा संतृप्ति और जनसुनवाई पर रहेगा फोकस

रायपुर/सक्ति, ।
आदिवासी विकास विभाग द्वारा “आदि कर्मयोगी अभियान” के अंतर्गत जिले में “जनभागीदारी अभियान - जनजातीय गरिमा उत्सव” का आयोजन 18 मई से 25 मई 2026 तक किया जाएगा। यह अभियान प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत चिन्हांकित ग्रामों में संचालित होगा। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के मार्गदर्शन में जिले के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं और सेवाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित करने की तैयारी की गई है।

अभियान का संचालन राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे आईईसी कैम्पेन “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” की थीम पर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे दूरस्थ और वंचित जनजातीय क्षेत्रों तक प्रशासनिक पहुंच बनाना है, जहां अब तक योजनाओं का लाभ सीमित रूप से पहुंच पाया है।

अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर

अभियान के दौरान विभिन्न विभागों के समन्वय से गांव-गांव पहुंचकर जनजातीय समुदायों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

इस दौरान स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, सेवा संतृप्ति अभियान, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी, पेंशन, राशन, आधार, आयुष्मान, शिक्षा एवं अन्य जनहितकारी योजनाओं से संबंधित शिविर आयोजित होंगे।

सेवा केन्द्रों में होगी जनसुनवाई

“आदि कर्मयोगी अभियान” अंतर्गत निर्मित सेवा केन्द्रों में विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जहां ग्रामीण अपनी समस्याएं एवं शिकायतें सीधे प्रशासन के समक्ष रख सकेंगे। प्राप्त शिकायतों को सूचीबद्ध कर उनके त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।

अभियान की होगी सतत मॉनिटरिंग

प्रशासन द्वारा अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों का विस्तृत प्रगति प्रतिवेदन भी तैयार किया जाएगा, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और हितग्राहियों तक वास्तविक पहुंच की समीक्षा की जा सके।

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर इस जनहितैषी अभियान को सफल बनाएं तथा जरूरतमंद लोगों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहयोग करें।

20 जून 2026 तक विद्यालय में जमा किए जा सकेंगे आवेदन पत्र

26 जुलाई को आयोजित होगी चयन परीक्षा

रायपुर, /
मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना 2026-27 (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) अंतर्गत कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु पात्र छात्र-छात्राओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के अंतर्गत ऐसे विद्यार्थी आवेदन करने के पात्र होंगे, जो छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हों तथा अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित हों।
योजना के लिए आवेदन करने वाले छात्र-छात्राएं सत्र 2025-26 में छत्तीसगढ़ के किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 5वीं में नियमित अध्ययनरत हों तथा कक्षा 4थी की परीक्षा में न्यूनतम 80 प्रतिशत अंक अथवा समकक्ष ग्रेड प्राप्त किए हों। इसके साथ ही पालक की वार्षिक आय सभी स्रोतों से 2 लाख 50 हजार रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
आवेदन पत्र के साथ पालक का स्वघोषणा पत्र संलग्न करना अनिवार्य रहेगा।
ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत अथवा नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थी निर्धारित आवेदन पत्र 20 जून 2026 तक अपने विद्यालय में जमा कर सकेंगे। आवेदन पत्र के साथ पालकों की सहमति पत्र, आयकरदाता न होने का प्रमाण पत्र, संस्था का ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने का प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र तथा कक्षा 4थी एवं 5वीं की अंकसूची की छायाप्रति संलग्न करना आवश्यक होगा।
विद्यार्थी जिस जिले का मूल निवासी होगा, उसी जिले में आवेदन करने के लिए पात्र होगा। मूल निवास जिले से भिन्न जिले में प्रस्तुत आवेदन मान्य नहीं किए जाएंगे।

विद्यालय एवं विभागीय स्तर पर होगी आवेदन प्रक्रिया

आदिवासी विकास विभाग जिला सक्ती से प्राप्त जानकारी अनुसार विद्यार्थियों द्वारा आवेदन पत्र 20 जून 2026 तक विद्यालय में जमा किए जाएंगे। विद्यालय प्रमुख द्वारा आवेदन पत्रों का परीक्षण कर 27 जून 2026 तक संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राप्त आवेदनों की सूची तैयार कर 30 जून 2026 तक सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, जांजगीर-चांपा कार्यालय में भेजी जाएगी।
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी www.tribal.cg.gov.in
पर उपलब्ध है।

26 जुलाई को होगी लिखित परीक्षा

योजना अंतर्गत विद्यार्थियों के चयन हेतु 26 जुलाई 2026, दिन रविवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। शासन द्वारा संचालित यह योजना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

 

विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर बढ़ाया जिले का गौरव ,विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल

रायपुर, /
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली द्वारा सत्र 2025-26 के लिए आयोजित कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें जिला सक्ती अंतर्गत जवाहर नवोदय विद्यालय चिस्दा के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत सफलता अर्जित की है। विद्यालय के शानदार परीक्षा परिणाम से विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों में उत्साह का वातावरण है।
विद्यालय में कक्षा 12वीं के कुल 62 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनमें 61 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी तथा 1 विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। कॉमर्स संकाय में सतीश देवांगन ने 90.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। नीरज महिलांगो ने 89.2 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान एवं कुनकुना साहू ने 88 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विज्ञान संकाय में प्रियाशी चंद्रा ने 87.7 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। हेमलता जायसवाल ने 86.8 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान तथा जयाशीष सोनी ने 86.7 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान हासिल किया।
इसी प्रकार कक्षा 10वीं में कुल 81 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनमें 70 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी एवं 11 विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। कक्षा 10वीं में अनुज मिश्रा ने 95.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। हिमांशु सांडे ने 94.8 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान तथा हेमराज खुटे ने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान हासिल किया।
विद्यालय प्राचार्य अरविंद कुमार जायसवाल ने उत्कृष्ट एवं शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम के लिए सभी विद्यार्थियों, पालकों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना

जनकल्याणकारी योजनाओं से हितग्राहियों को किया जाएगा लाभान्वित

शिविर के सफल संचालन हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त

रायपुर, /
विष्णु देव साय की मंशानुरूप शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत 1 मई से 10 जून 2026 तक समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत हायर सेकेंडरी स्कूल ओड़ेकेरा में 20 मई 2026 को समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा।

समाधान शिविर में प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आम नागरिकों से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। साथ ही शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा तथा प्राप्त आवेदनों एवं समस्याओं के त्वरित निराकरण की कार्रवाई की जाएगी।

जारी आदेशानुसार जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत आयोजित ओड़ेकेरा समाधान शिविर में ग्राम पंचायत ओड़ेकेरा, कुटराबोड़, गाड़ामोर, जमडी, देवरघटा, पिसौद, बरदूली, मुक्ता, हरेठीकला, हरेठीखुर्द, भातमाहूल, रीवाडीह, सेंदरी, हरदीडीह, आमाकोनी, चोरभट्ठी, जर्वे, बहेराडीह, बोईरडीह एवं परसाडीह ग्राम पंचायत क्लस्टर शामिल रहेंगे।

शिविर के सफल संचालन एवं समन्वय हेतु सहायक संचालक उद्यान, जिला सक्ती को ओड़ेकेरा शिविर स्थल का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से शासन द्वारा आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

10वीं से लेकर इंजीनियरिंग, नर्सिंग एवं मेडिकल योग्यताधारी अभ्यर्थी हो सकेंगे शामिल

छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दुर्ग में होगा आयोजन

रायपुर, /
संचालक, रोजगार एवं प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग तथा छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में 22 मई 2026, शुक्रवार को जिला स्तरीय रोजगार मेला एवं प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, शिवाजी नगर दुर्ग में आयोजित होगा।

जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के उपसंचालक विष्णु कुमार केडिया से प्राप्त जानकारी अनुसार प्लेसमेंट कैम्प के लिए कक्षा 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग स्नातक, एएनएम, जीएनएम, नर्सिंग, एमबीबीएस, बीएएमएस, डिप्लोमा पैरामेडिकल सहित विभिन्न योग्यताओं के अनुरूप रिक्तियां प्राप्त हुई हैं।

रोजगार मेला के माध्यम से अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं एवं उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। संबंधित संस्थानों से भी आग्रह किया गया है कि वे अपने विद्यार्थियों को प्लेसमेंट कैम्प की जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि अधिक से अधिक रोजगार इच्छुक युवा इसका लाभ प्राप्त कर सकें।

रोजगार मेला से संबंधित विस्तृत जानकारी www.erojgar.cg.gov.in के रोजगार मेला विकल्प पर उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी अधिक जानकारी हेतु जिला रोजगार कार्यालय दुर्ग से भी संपर्क कर सकते हैं।

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से बढ़ी आत्मनिर्भरता की उम्मीद

अब बिना किसी सहारे आसानी से कर सकेंगी आवागमन

रायपुर,/
विष्णु देव साय के सुशासन में आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत गांव-गांव में आयोजित समाधान शिविर जरूरतमंद लोगों के लिए राहत एवं सहायता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में सक्ती विकासखंड के ग्राम रगजा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम नंदौरकला निवासी दिव्यांग तुलेश्वरी की समस्या का मौके पर ही समाधान किया गया।

अस्थि बाधित होने के कारण तुलेश्वरी को दैनिक कार्यों एवं आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन प्राप्त होते ही समाज कल्याण विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए समाधान शिविर में ही उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई।

इस अवसर पर सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ वासु जैन सहित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया।

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त होने पर तुलेश्वरी के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा तथा वे अपने दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगी।

उन्होंने शासन की इस संवेदनशील पहल के लिए विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का त्वरित लाभ पहुंचाकर शासन संवेदनशील एवं जनहितैषी प्रशासन की मिसाल प्रस्तुत कर रहा

 

  रायपुर, /वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग वन आश्रित परिवारों और तेन्दूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रहा है। “वन है तो जीवन है, तेन्दूपत्ता है तो रोजगार है” के संदेश के साथ वन विभाग और लघु वनोपज संघ ग्रामीण एवं वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को रोजगार, बीमा सुरक्षा, शिक्षा और सामाजिक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। वनमण्डलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक, कोरिया वनमण्डल बैकुण्ठपुर श्रीमती प्रभाकर खलको ने कहा कि विभाग का उद्देश्य वन आश्रित परिवारों को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना भी है। वन विभाग की योजनाएं आज हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
तेन्दूपत्ता संग्रहण बना आय का प्रमुख साधन
शासन द्वारा वर्ष 2026 के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर 5.50 रूपए प्रति गड्डी तय की गई है। इसके अनुसार 100 गड्डियों पर 550 रूपए और प्रति मानक बोरा 5550 रूपए का भुगतान किया जाएगा। इससे वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों को रोजगार और आर्थिक सहारा मिल रहा है।
लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य से आर्थिक मजबूती
न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत सालबीज, महुआ, इमली, कोदो, माहुल पत्ता सहित विभिन्न लघु वनोपजों की निर्धारित दरों पर खरीदी की जा रही है। इससे वन आश्रित परिवारों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और बिचौलियों पर निर्भरता कम हुई है।
बीमा योजनाओं से मिल रही सामाजिक सुरक्षा
राजमोहनी देवी बीमा योजना के अंतर्गत तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को बीमा सुरक्षा दी जा रही है। सामान्य मृत्यु, दुर्घटना जनित मृत्यु और विकलांगता की स्थिति में सहायता राशि प्रदान की जाती है। इससे जरूरत के समय परिवारों को आर्थिक सहारा मिलता है।
इसके अलावा समूह बीमा योजना के तहत परिवार के अन्य सदस्यों को भी सहायता राशि का लाभ दिया जा रहा है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत का माध्यम बन रही है।
बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति
तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी आर्थिक सहायता मिल रही है।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए विशेष शिक्षा प्रोत्साहन योजना भी संचालित है, जिससे बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
चरण पादुका योजना से राहत
वनांचल में कार्य करने वाले तेन्दूपत्ता संग्राहकों को हर वर्ष चरण पादुका भी प्रदान की जाती है, ताकि उन्हें काम के दौरान सुविधा मिल सके।
करोड़ों रूपए की सहायता राशि का भुगतान
राजमोहनी देवी बीमा योजना के तहत जिले में अप्रैल 2024 से अक्टूबर 2025 तक 33 हितग्राहियों को 34 लाख 70 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। वहीं समूह बीमा योजना के तहत 18 प्रकरणों में 2 लाख 16 हजार रूपए का भुगतान किया गया।
छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत भी विद्यार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में राशि प्रदान की गई है।

   रायपुर, /राज्य के शहरी सहकारी बैंकों में आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने के लिए आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ श्री महादेव कावरे ने समीक्षा बैठक ली। इस समीक्षा बैठक में राज्य के 12 शहरी नागरिक सहकारी बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में सहकारिता आयुक्त ने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि वे भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू की गई नवाचारात्मक पहलों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को बेहतर और आसान बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एईपीएस (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) जैसी सुविधाएं शुरू की जाएं।
सहकारिता आयुक्त ने बैंकों को यह भी निर्देशित किया कि वे तकनीकी सहायता और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए गठित अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ें। इससे बैंकों को नई तकनीक अपनाने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी।

बैठक में अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन, नई दिल्ली के अधिकारी श्री सुमीत हंस ने बैंकों को संगठन से जुड़ने के लाभ और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे सहकारी बैंक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को तेजी से लागू कर सकेंगे।

इस अवसर पर व्यावसायिक सहकारी बैंक रायपुर, नागरिक सहकारी बैंक रायपुर, लक्ष्मी नागरिक सहकारी बैंक रायपुर, रायपुर अर्बन मर्केंटाइल को-ऑप बैंक, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, रायगढ़, महासमुंद, अंबिकापुर और जगदलपुर के सहकारी बैंक शामिल हुए।
सहकारिता आयुक्त श्री कावरे ने सभी बैंकों को तय समय-सीमा में आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए। इस पहल से प्रदेश के सहकारी बैंकों में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा और ग्राहकों को अधिक सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं मिल सकेंगी।

  रायपुर, । कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के आदेशानुसार तथा उप-संचालक (खनिज प्रशासन) श्री राजेश मालवे के नेतृत्व में खनिज विभाग के अमले द्वारा 18 एवं 19 मई 2026 को गोबरानवापारा क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन एवं अवैध भण्डारण के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की गई।

सहायक खनि अधिकारी, खनि निरीक्षक एवं खनिज अमले द्वारा की गई जांच में ग्राम लखना रेत खदान में स्वीकृत क्षेत्र के बाहर तथा पर्यावरणीय शर्तों का उल्लंघन कर 02 चेन माउंटेड पोकलेन मशीनों से रेत का अवैध उत्खनन किया जाना पाया गया। कार्रवाई करते हुए दोनों पोकलेन मशीनों को मौके पर ही जब्त कर सीलबंद किया गया तथा अवैध उत्खनन कार्य तत्काल बंद कराया गया।

इसी क्रम में तहसील गोबरानवापारा के ग्राम नवागांव, जौंदा, जौंदी तथा डगनिया में महानदी से रेत लाकर श्री अनिल कुमार साहू, श्री गोविंद साहू, श्री ईश्वर पटेल, श्री प्रताप सेन, श्री त्रिलोकी साहू, श्री अजय साहू तथा श्री मनीष ठाकुर द्वारा बिना वैध अनुमति के रेत का अवैध भण्डारण किया जाना पाया गया। खनिज विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के प्रावधानों के तहत संपूर्ण अवैध रेत को जब्त कर लिया गया है एवं संबंधित अवैध भण्डारणकर्ताओं को जवाब-तलब हेतु नोटिस जारी किया गया है।

उप-संचालक खनिज श्री राजेश मालवे ने बताया कि जिले में खनिज रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज अमले द्वारा उक्त क्षेत्रों में लगातार गश्त कर सतत कार्रवाई की जा रही है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

रायपुर, /

बस्तर अंचल के प्रतिभावान और जरूरतमंद युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के लिए दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने एक बेहद संवेदनशील और अनूठी शैक्षणिक पहल की है। जिले के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से “उजर 100” योजना शुरू की गई है।
​इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन, चयन प्रक्रिया और पात्रता नियमों को तय करने के लिए आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में दोपहर 3 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्ययोजना का खाका तैयार किया गया।

​100 सीटों का वर्गवार निर्धारण, स्थानीय को प्राथमिकता

​योजना के तहत कुल 100 सीटों का कोटा निर्धारित किया गया है। सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए इसमें वर्गवार सीटें तय की गई हैं। जिसमे ​अनुसूचित जनजाति (ST) के 76,​अनुसूचित जाति (SC) के 06,​अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 14 और ​अनारक्षित (General) के 04 सीटें शामिल है। इसके साथ ही कुल सीटों में 6 प्रतिशत आरक्षण दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित रहेगा। योजना का लाभ केवल दंतेवाड़ा जिले के मूल निवासी छात्रों को ही मिलेगा, जिन्होंने प्रथम प्रयास में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की हो।

​5 लाख की आय सीमा, लेकिन 'सुपर टैलेंटेड' बच्चों को पूरी छूट

​सामान्यतः योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। लेकिन प्रशासन ने प्रतिभा को नियमों में नहीं बांधा है। छत्तीसगढ़ बोर्ड (CGBSE) की प्रावीण्य सूची में जिले के शीर्ष 10 स्थान पाने वाले छात्रों और IIT, NIT, NEET, JEE, NDA व AIIMS जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षाओं में चयन पाने वाले विद्यार्थियों पर आय की कोई सीमा लागू नहीं होगी। इसी तरह छत्तीसगढ़ बोर्ड के टॉप 100 या सीबीएसई के टॉप 20 छात्र, राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में चयनित विद्यार्थी, नक्सल प्रभावित परिवारों के बच्चे, खनन प्रभावित ग्रामों के छात्र और बीपीएल (BPL) कार्डधारी परिवारों के होनहार बच्चे इस योजना में पहली प्राथमिकता पर होंगे।

​पढ़ाई से लेकर रहने-खाने का खर्च उठाएगी सरकार; सीधे खाते में आएगा पैसा

​"उजर 100" योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कॉलेज की फीस, हॉस्टल, भोजन और अध्ययन सामग्री (किताबें-कॉपी) का पूरा खर्च दिया जाएगा। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (Professional Courses) की पूरी फीस सीधे संबंधित शिक्षण संस्थान को भेजी जाएगी। वहीं, हॉस्टल और किताबों का खर्च डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे छात्र के बैंक खाते में जमा किया जाएगा।
​काउंसिलिंग के लिए मिलेगी

हवाई यात्रा की सुविधा

​जिला प्रशासन ने मेधावियों के प्रोत्साहन के लिए बड़े कदम उठाए हैं। यदि जिले का कोई छात्र IIT, NIT, AIIMS, NEET या NDA जैसी परीक्षाओं में चुना जाता है, तो उसे संस्थान में रिपोर्टिंग या काउंसिलिंग के लिए जाने हेतु बस, रेल या हवाई यात्रा की मुफ्त सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। ड्रॉप लेकर तैयारी करने वाले छात्रों को विशेष परिस्थिति में कोचिंग सहायता भी मिलेगी।

​ऑफलाइन होंगे आवेदन, बनेगी वेटिंग लिस्ट

​चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए आवेदन ऑफलाइन माध्यम से जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा में जमा किए जाएंगे। स्क्रूटनी, मेरिट लिस्ट और फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद जिला स्तरीय कमेटी अंतिम मुहर लगाएगी। मुख्य सूची के साथ 50 विद्यार्थियों की एक प्रतीक्षा सूची (Waiting List) भी बनाई जाएगी, ताकि कोई सीट खाली रहने पर दूसरे हकदार को मौका मिल सके। ​"उजर 100" योजना दंतेवाड़ा के युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। आर्थिक तंगी के कारण अब किसी भी होनहार का सपना नहीं टूटेगा। यहाँ के बच्चे अब राष्ट्रीय पटल पर जिले का नाम रोशन करेंगे।

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)