August 28, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड की सनशाइन गर्ल अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज महामारी के कारण हुए लॉकडाउन के दौरान भी समय का सदुपयोग करना और चीजों…
    नजरिया /शौर्यपथ /एक वेबिनार में केरल की एक महिला ने कहा कि उसके रिश्तेदार अमेरिका में रहते हैं। लॉकडाउन के इन दिनों में माता-पिता, दोनों…
    सम्पादकीय लेख /शौर्यपथ /भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों की ताजा रैंकिंग हमेशा की तरह सुखद और अनुकरणीय है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’…
    मेलबॉक्स /शौर्यपथ / जहां एक तरफ देश कोरोना जैसे अदृश्य दुश्मन से लड़ रहा है, तो दूसरी तरफ स्त्रियां अपनी आबरू की रक्षा के लिए…
    ओपिनियन /शौर्यपथ / वर्ष 2015 में अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सतत विकास के जो लक्ष्य तय किए थे, उनमें हर प्रकार की बाल मजदूरी का अंत…
    दुर्ग । शौर्यपथ । ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से खरीदा गया मोबाइल वारंटी अवधि में खराब हुआ तो उसे सुधारा नहीं गया। समस्याग्रस्त मोबाइल बेचने और…

    दुर्ग । शौर्यपथ । अवैध व्यापार पर लगाम लगाने में दुर्ग निगम सदैव से उदासीन रहा । शहर के पटरी पार इलाके में पिछले साल भी सालो से चल रहे पानी पाउच की फैक्ट्री पर निगम द्वारा समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद कार्यवाही की गई । अब एक नया मामला सामने आया है । पटरी पार क्षेत्र में स्थित कादंबरी नगर में सेव नमकीन की फैक्ट्री संचालित है । आवासीय क्षेत्र में संचालित इस उद्योग के मालिक का कहना है कि शासन से सभी अनुमति प्राप्त है । हो सकता है अनुमति भी मिली हो किन्तु आवासीय इलाके में शासन से सेव , नमकीन उद्योग के लिए अनुमति किस आधार पर प्राप्त हुई .
    आवासीय क्षेत्र में व्यापार ...
            प्राप्त जानकारी के अनुसार आनंद नमकीन ( राज फ़ूड प्रोडक्ट ) कादंबरी नगर के दो मंजिला आवास में सेव / मिक्स्जर की एक छोटी सी फेक्ट्री है . जिसमे 10 से 12 लोगो के काम करने की भी खबर है . आवासीय क्षेत्र में नमकीन फेक्ट्री में . नमकीन के निर्माण में भट्टी का भी उपयोग होता है ऐसे में आवासीय क्षेत्र में क्या संचालक द्वारा अग्नि शमन , प्रदुषण आदि के नियमो का पालन किया जाता है . जाँच का विषय यह भी है कि जिस भवन में यह संस्था संचालित है उस भवन का निगम को टेक्स आवासीय के रूप में दिया जाता है साथ ही इस भवन में संचालित संस्था को निगम के लाइसेंस विभाग द्वारा व्यापार करने की अनुमति भी प्राप्त है .
    होनी चाहिए लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारी की जाँच
            आनंद नमकीन एक आवासीय परिसर में संचालित है और इसे गुमास्ता लाइसेंस निगम दुर्ग में ज़ारी हुआ है साथ ही ट्रेड लाइसेंस भी दुर्ग निगम द्वारा जारी हुआ है . आवासीय परिसर पर लघु उद्योग के रूप में संचालित संस्था को लाइसेंस देते समय तात्कालिक अधिकारी द्वारा आखिर किस पैमाना के तहत ट्रेड व गुमास्ता लाइसेंस जारी किया गया है यह भी जाँच का विषय है क्या तात्कालिक लाइसेंस प्रभारी दुर्गेश गुप्ता द्वारा मामले को संज्ञान में लेकर मामले की निष्पक्ष जाँच की जाएगी और दोषी सम्बंधित अधिकारियों पर निगम प्रशासन कार्यवाही करेगा .
    बड़ा सवाल ...
             सालो से लघु उद्योग संचालित इस भवन में आखिर शासन के किन किन नियमो के तहत निरिक्षण कर अनुमति प्रदान की गयी. भवन के आधे हिस्से का व्यावसायिक उपयोग करने वाले संचालक द्वारा आखिर व्यवसायिक भवन का आवासीय टेक्स देकर शासन को अँधेरे में रखा जा रहा है क्या निगम प्रशासन मामले को संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्यवाही करेगा ?
    बता दे कि परिसर के आज बाजू आवासीय इलाका है साथ ही प्रथम तल में जो फेक्ट्री संचालित है उसके भूतल में निवास स्थान है । बता दे कि सेव फेक्ट्री में बड़ी बड़ी भट्टियों का उपयोग होता है इस स्थिति में सुरक्षा मानकों का भी विशेष ख्याल रखना पड़ता है । क्या आवासीय कॉलोनी में इस तरह के लघु उद्योग के लिए आवासीय बिल्डिग का व्यवसायिक उपयोग कर संचालन कर्ता द्वारा शासन की आंख में धूल झोंका जा रहा है ? क्या दुर्ग निगम मामले को संज्ञान में ले निष्पक्ष जांच व कार्यवाही करेगा ?

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जिले भर के जनप्रतिनिधियों से कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन को लेकर चर्चा की।…

    // जिले के नागरिकों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने पहल,
    // मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टर कांफ्रेंस में दिये थे निर्देश, कहा है कि दुर्ग-भिलाई के नागरिकों को महानगरों की ओर नहीं करना पड़े रूख
    // हफ्ते भर पहले भिलाई विधायक यादव ने रखी थी मांग

      दुर्ग / शौर्यपथ / सेक्टर नौ हास्पिटल को अत्याधुनिक बनाने अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन मिलकर इसको अत्याधुनिक बनाने योजना बना रहे हैं, ताकि उसके पुरानी दिन वापस आ जाये और दुर्ग भिलाई के लोगों को महानगरों की ओर रूख नही करना पड़े। इसका निर्देश बुधवार को कलेक्टर प्रेस कांफ्रेस में कल मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिये थे।
    मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गुरूवार को सुबह ही कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे इस उद्देश्य से सेक्टर 9 हॉस्पिटल पहुंचे और उन्होंने प्रबंधन के साथ बैठक में इस संबंध में लंबी चर्चा की। चर्चा के उपरांत यह तय हुआ कि सेक्टर 9 हॉस्पिटल इस संबंध में प्लान बनाकर देगा। कलेक्टर ने बताया कि सेक्टर 9 हॉस्पिटल में अधोसंरचना पर्याप्त है इसे अद्यतन किया जा सकता है। राज्य शासन की अनेक योजनाओं का लाभ लेकर यहां जिले के नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें सुनिश्चित की जा सकती हैं।
    बैठक में सेक्टर 9 हॉस्पिटल प्रबंधन ने वर्तमान स्थिति, मानव संसाधन एवं अस्पताल में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की जानकारी दी। महानगरों के अस्पतालों की तुलना में प्रशिक्षित स्टाफ एवं अधोसंरचना की जानकारी भी दी। कलेक्टर ने कहा कि सेक्टर 9 हॉस्पिटल देश का प्रतिष्ठित संस्थान है। इसकी स्थिति निरंतर बेहतर हो और यह देश के सबसे शीर्ष मेडिकल संस्थानों में से एक हो, इस दिशा में हम सबको मिलकर काम करना है ताकि दुर्ग जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहतरीन हो। इस दिशा में जिला प्रशासन द्वारा हर संभव सहयोग सेक्टर 9 हॉस्पिटल को किया जाएगा। चाहे मैनपावर के संबंध में हो, विशेषज्ञ चिकित्सकों के संबंध में हों अथवा किसी तरह से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने अन्य तरीके के प्रयोग हों, इस दिशा में अस्पताल प्रबंधन जो प्रस्ताव रखेगा। उस पर विचार कर राज्य शासन के मार्गदर्शन से इस पर प्रभावी अमल किया जाएगा। सेक्टर 9 हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. संजीव इस्सर ने विस्तार से इस संबंध में अपनी बात रखी और उपलब्ध अधोसंरचना के संबंध में अवगत कराया। इस दौरान बीएसपी के ईडी श्री दुबे एवं सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने कहा कि इस तरह के प्रस्ताव आने के बाद सहमति मिलने पर एमओयू हो सकेगा। इसके माध्यम से जिले के नागरिकों को भी बिना बाहर का रूख किए स्तरीय इलाज मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि चूंकि सेक्टर 9 हास्पिटल में प्रभावी अधोसंरचना पहले ही मौजूद है इसलिए यहां पर कुछ अतिरिक्त कदम उठाकर हम बेहतरीन स्वास्थ्य अधोसंरचना बना सकते हैं। इसका लाभ सेल एम्प्लाई को भी मिलेगा और दुर्ग के नागरिकों को भी इसका पूरा लाभ मिल पाएगा। उल्लेखनीय है कि सेक्टर 9 हॉस्पिटल में 800 बेड की सुविधा है। अस्पताल की बड़ी क्षमता को देखते हुए इसे अद्यतन करने अतिरिक्त योजना के क्रियान्वयन होने पर जिले की बडी आबादी को पहले से ज्यादा लाभ मिल सकता है।
    एक सप्ताह पूर्व विधायक देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री से की थी मांग
    बहुत जल्द पब्लिक सेक्टर यूनिट के सबसे बड़े अस्पताल भिलाई के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल सेक्टर-9 की जो तस्वीर बदलने जा रही है। इसकी पहल एक सप्ताह पूर्व भिलाई के विधायक एवं महापौर देवेन्द्र यादव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश से इस अस्पताल को फिर से प्रतिष्ठित अस्पताल बनाये जाने की मांग की थी। लोग ये सवाल कर रहे हैं कि आखिर सरकार ने कैसे सेक्टर-9 अस्पताल की सुध ली है? इसके पीछे भिलाई नगर विधायक देवेंद्र का हाथ है। इसके अलावा देवेंद्र ने सेक्टर-9 अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाने की मांग की थी। देवेंद्र ने तब तर्क देते हुए कहा था कि छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध और भिलाई के सबसे बड़े हॉस्पिटल सेक्टर-9 हॉस्पिटल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा देना चाहिए। बीएसपी द्वारा सन 1955 से संचालित है। यहां भिलाई स्टील प्लांट के कर्मियों के अलावा प्रदेश व देशभर के लोग उपचार कराने के लिए आते हैं। मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलने से काफी सुविधाएं बढ़ेंगी। देवेंद्र की इस पहल के बाद कल कलेक्टर कान्फ्रेंस मीटिंग में सीएम भूपेश ने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को निर्देश दिए कि सेक्टर-9 अस्पताल को पहले की तरह अपग्रेड किया जाए। इसके लिए रोडमैप बनाए। जो भी जरूरी चीजों की आवश्यकता होगी, उसके लिए सेल प्रबंधन से बात करें और सरकार भी मदद करेगी।

    देवेन्द्र यादव ने सीएम से मिल जताया आभार
    भिलाई विधायक एवं महापौर देवेन्द्र यादव ने आज प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। इस दौरान श्री यादव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा सेक्टर हॉस्पिटल का सुध लेने एवं उसको अत्याधुनिक अस्पताल बनाने के लिए संज्ञान मेंं लेने पर आभार जताया। बता दें कि सेक्टर-9 अस्पताल को फिर से जनउपयोगी बनाने विधायक व महापौर देवेन्द्र यादव ने पहल की थी। देवेंद यादव ने 2 जून को भूपेश सरकार से सेक्टर-9 अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाने की मांग की थी। देवेंद्र ने तब तर्क देते हुए कहा था कि छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध और भिलाई के सबसे बड़े हॉस्पिटल सेक्टर-9 हॉस्पिटल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा देना चाहिए। बीएसपी द्वारा सन 1955 से संचालित है। यहां भिलाई स्टील प्लांट के कर्मियों के अलावा प्रदेश व देशभर के लोग उपचार कराने के लिए आते हैं। मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलने से काफी सुविधाएं बढ़ेंगी। देवेंद्र की इस पहल के बाद कल कलेक्टर कान्फ्रेंस मीटिंग में सीएम भूपेश ने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को निर्देश दिए कि सेक्टर-9 अस्पताल को पहले की तरह अपग्रेड किया जाए। इसके लिए रोडमैप बनाए। जो भी जरूरी चीजों की आवश्यकता होगी, उसके लिए सेल प्रबंधन से बात करें और सरकार भी मदद करेगी।

    दुर्ग / शौर्यपथ / विधायक अरुण वोरा की पहल पर जिला चिकित्सालय दुर्ग के सर्जिकल वार्ड के जीर्णोद्धार हेतु जिला खनिज संस्थान न्यास निधि से 1.5 करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति मिली है। जिला अस्पताल में मरीजों के बढ़ते दबाव को देख कर लंबे समय से जर्जर भवन के संधारण की मांग उठ रही थी जिसके लिए पूर्व में 5.61 करोड की राशि डीएमएफ से स्वीकृत कराई थी जिससे नवीन ओपीडी भवन व सर्जिकल वार्ड के जीर्णोद्धार फेस 1 का कार्य निष्पादित किया गया था.
    अब और राशि की आवश्यकता बताए जाने पर पिछले माह हुई खनिज न्यास की बैठक में प्रभारी मंत्री व समिति के अध्यक्ष मोहम्मद अकबर से चर्चा कर अस्पताल के साथ ही साइंस कालेज दुर्ग में नए व पुराने भवन में पेयजल व्यवस्था के लिए भी 22 लाख की स्वीकृति न्यास निधि से स्वीकृत कराई गई है। दुर्ग जिला अस्पताल 500 बिस्तरों के साथ आस पास के क्षेत्रों का सबसे बडा चिकित्सालय है जहां सभी तरह के मरीज ग्रामीण क्षेत्रों से भी अपना इलाज कराने आते हैं। 100 बिस्तर वाले जच्चा बच्चा अस्पताल व 20 बिस्तरों वाले ट्रॉमा सेंटर के नवीन भवन बनने के बाद पुराने भवन के जीर्णोद्धार की आवश्यकता थी।

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