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रायपुर / शौर्यपथ / पिछले दिनों बिना मास्क के घुमने के कारण एवं पुलिस अधिकारियो से गलत व्यवहार के कारण रायपुर के महापौर के भतीजे शोएब ढेबर एक विवाद में घिर गए . जिसके फल स्वरुप कभी ५ रूपये के चालन वाली स्लिप तो कभी 500 रूपये के चालन वाली स्लिप शोशल मिडिया में वाइरल होने लगी . सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी अपनी तरह से इसे सत्ता की ताकत तो कभी स्लिप में चलन पटा कर कानून के सम्मान की बात कहने लगे . राजनीती है यहाँ सब चलता है सोशल डिस्टेंस और बिना मास्क की बाते होती रहती है जो आज कल में शांत हो जायेगी किन्तु इस वाइरल विडिओ में एक बात बहुत ही ख़ास नजर आ रही है जिस पर शायद ही किसी का ध्यान गया है . वैसे तो चालन पटाने के समय वाहन के दस्तावेज मांगे जाते है किन्तु यहाँ पर रायपुर पुलिस द्वारा शायद वाहन के दस्तावेज की मांग नहीं की गयी अगर की गयी होती तो दूसरी बड़ी बात सामने आ जाती .
मामला है वहां से सम्बंधित नंबर का . जिस वाहन को रायपुर महापौर के भतीजे द्वारा चलाया जा रहा था उस वाहन का नंबर CG-04-DR-8026 है वीडियो में साफ़ नजर आ रहा है कि वाहन TVS निर्माता कंपनी की गाडी है किन्तु जब छत्तीसगढ़ के वाहन सॉफ्टवेयर में इस वाहन के नम्बर की और वाहन के मालिक की जाँच की गयी तो जो परिणाम सामने आये वो चौकाने वाले थे शासकीय पोर्टल के अनुसार CG-04-DR-8026 उक्त नंबर के वाहन का मालिक का नाम दीपा यदु एवं वाहन के निर्माता कंपनी का नाम होन्डा है .जबकि विडिओ देखने से साफ़ प्रतीत हो रहा है कि वाहन TVS कंपनी की है . अगर वाहन TVS कंपनी की है तो फिर दस्तावेज में होन्डा कंपनी क्यों दर्शा रही है . क्या रायपुर पुलिस मामले को संज्ञान में लेगी .
क्या वाहन जिसका ईस्तमाल रायपुर महापौर के भतीजे द्वारा किया जा रहा है वह वाहन चोरी का है या फिर शासकीय पोर्टल जिस पर आम जनता भरोसा करके अपने वाहन की विस्तृत जानकारी देखती है उसमे कोई तकनिकी गलती है . गलत तो कोई एक है या तो वाहन गलत है जो TVS निर्माता का है किन्तु दस्तावेज होन्डा निर्माता द्वारा बताया जा रहा है या तो फिर शासकीय पोर्टल vahan.nic.in गलत है . दोनों सही नहीं हो सकता कोई एक गलत है अब ये रायपुर पुलिस को देखना है कि मामले की निष्पक्ष कार्यवाही करती है या फिर रसूखदार को बचाने लीपापोती करती है . अगर ऐसा करती है तो फिर क्या नियम सिर्फ आम जनता के लिए है , कानून सिर्फ आम जनता के लिए है और रसूखदारों को सभी कार्य की चाहे वो वैधानिक हो या अवैधानिक उन पर कानून मौन रहता है ये तो ये समाज में एक गलत सन्देश जाएगा और आम जनता का कानून से विश्वास उठ जाएगा अब गेंद रायपुर पुलिस एवं रायपुर परिवहन के पाले में है कि वो मामले को किस दिशा में ले जाते है .
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
