
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
नई दिल्ली / शौर्यपथ / व्हाट्सएप की नई नीति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक और व्हाट्सएप से कहा कि मैसेजिंग एप की नई नीति के मद्देनजर लोगों की गोपनीयता की रक्षा करने के लिए उसे हस्तक्षेप करना होगा. उच्चतम न्यायालय ने कहा कि लोगों को गंभीर आशंका है कि वे अपनी निजता खो देंगे और उनकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है. न्यायालय ने व्हाट्सऐप से कहा कि लोग कंपनी से ज्यादा अपनी निजता को अहमियत देते हैं.
समाचार एजेंसी के भाषा के मुताबिक, उच्चतम न्यायालय ने व्हाट्सऐप पर यूरोपीय उपयोगकर्ताओं की तुलना में भारतीयों के लिए निजता के कम मानकों का आरोप लगाने वाली एक नई याचिका पर सोमवार को केंद्र और संदेश भेजने वाले ऐप को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में उनसे जवाब मांगा.
शीर्ष अदालत ने कहा कि लोगों को गंभीर आशंका है कि वे अपनी निजता खो देंगे और उनकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है.
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे ने करमान्या सिंह सरीन के अंतरिम आवेदन पर सरकार और फेसबुक की मिल्कियत वाले व्हाट्सऐप को नोटिस जारी किया है. यह नोटिस 2017 की लंबित एक याचिका में दायर अंतरिम आवेदन पर जारी किया गया है.
शीर्ष अदालत ने कहा कि लोग कंपनी से ज्यादा अपनी निजता को अहमियत देते हैं, भले ही कंपनी का मूल्य अरबों रुपये का हो. व्हाट्सऐप ने शीर्ष अदालत से कहा कि यूरोप में निजता को लेकर विशेष कानून है, अगर भारत में भी ऐसा ही कानून होगा, तो उसका पालन करेंगे.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता के नेता अधीर रंजन चौधरीने किसान आंदोलन से जुडे टूल किट मामले में क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि की गिरफ्तारी का विरोध किया है. चौधरी ने बातचीत में कहा, 'दिशा रवि के साथ अन्याय हुआ है. देश में सभी नागरिकों को अपनी बात सार्वजनिक तौर पर रखने का अधिकार है. इस तरह की कार्रवाई से हमारे लोकतंत्र की क्षति होगी. हमें जहां लड़ना चाहिए लद्दाख की सीमा पर, वहां हम अपनी जमीन छोड़ रहे हैं. इस मामले का देश की सुरक्षा से कोई सरोकार नहीं है देश का इससे कोई नुकसान कैसे हो सकता है. अगर कोई नागरिक किसी विदेशी एक्टिविस्ट के साथ संबंध रखता है, मैं इसका पुरजोर विरोध करता हूं.'
गौरतलब है कि टूलकिट मामले में दिशा रवि को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने आपराधिक साजिश रचने के आरोप में टूलकिट के एडिटरों के खिलाफ FIR नंबर 49/21 दर्ज किया था. पुलिस ने आरोप लगाया है कि टूलकिट मामला खालिस्तानी ग्रुप को दोबारा खड़ा करने और भारत सरकार के खिलाफ एक बड़ी साजिश है. पुलिस ने 26 जनवरी की हिंसा में भी टूलकिट की साजिश के संकेत दिए हैं.
दिशा रवि पर आरोप है कि उन्होंने किसान आंदोलन के समर्थन में बनाई गई टूलकिट को एडिट किया और उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया. यह वही टूलकिट है, जिसे बाद में स्वीडन की क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने सोशल किया था. दिल्ली पुलिस ने ट्वीट कर कहा है कि दिशा रवि उस टूलकिट की एडिटर हैं और उस दस्तावेज़ को तैयार करने से लेकर उसे सोशल मीडिया पर साझा करने वाली मुख्य साज़िशकर्ता हैं.
नई दिल्ली /शौर्यपथ /कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कृषि कानून मामले में पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सररकार पर करारा प्रहार किया है. बिजनौर में सोमवार को किसान पंचायत को संबोधित करते हुए प्रियंका ने कहा, 'आप ने अब तक खूब भाषण और शायरी सुनीमैं यहां भाषण देने नहीं, बातचीत करने आईं हूं.आप हमे बनाते हैं. हमें खड़े करने वाले भी आप हैं. हमारे और आप के बीच भरोसे का रिश्ता है. उन्होंने कहा, 'मोदी जी को दो बार क्यों जिताया? इसलिए कि आपके लिए काम करेंगेपहला चुनाव हुआ. रोजगार को बात हुई. व्यापारी को बढ़ाने की बात हुई. फिर अगला चुनाव आया, किसान और बेरोजगारी की बात की. आय दुगुना करेंगे.असलियत यह है कि उनके राज में कुछ नहीं हुआ. कमाई दुगुनी हुई?? गन्ने का दाम बढ़ाया? यूपी के किसान का वाकया 10 हज़ार करोड़ है.ये ऐसे PM है कि आपका बकाया पूरा नहीं किया. अपने भ्रमण के लिए दो हवाई जहाज़ खरीदे.16 हज़ार करोड़ जहाज़ की कीमत है .जबकि 15 हज़ार करोड़ में देश के पूरे किसान का गन्ना किसान का पैसा लौटा सकते थे.20 हज़ार करोड़ का संसद भवन है. किसान के लिए 15 हज़ार करोड़ नहीं. यही सरकार की नीयत है. भगवान का सौदा करता है. इन्सान की कीमत क्या जानेजो गन्ने की कीमत नहीं दे सकता, वो जान की कीमत क्या जाने. सर्दी से किसान गर्मी की तैयारी कर रहे हैं. मान लेते है कानून किसानों की भलाई के लिए पर किसान मानने को तैयार नहीं. तो वापस क्यों नहीं ले लेते.जबरदस्ती भलाई करेंगे.
प्रियंका ने कहा, जिन्होंने आपको सत्ता दी उनका आदर कीजिए..उनको अपमानित मत कीजिए.नेता अहंकारी हो जाता है. बार बार हुआ है अहंकारी होता है तो देशवासी उसको सबक सिखाता है. वो शर्मिंदा होता है. तब समझता है उसका धर्म क्या था तब समझ आता है. जनता को सबसे पहले रखे.माया में से निकले और उनके समझ में आए इनका धर्म क्या है.7 साल में जो वादे किया पूरा नहीं किया.सिर्फ पूंजीपति मित्रो की मदद की.लगता नहीं आपकी मदद करेंगे.मुझे उम्मीद है आप अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे.. हम साथ हैं.कार्यकर्ता साथ है. मै साथ हैं. मेरा भाई राहुल गांधी साथ है. मैं आपका साथ नहीं छोडूंगी.मेरी जान, मेरा धर्म आप हैं.
प्रियंका ने कहा, 'पहले कानून से जमाखोरी की पूरी अनुमति दे दी है.दूसरा कानून प्राइवेट मंडी..खरबपतियों की मंडियां खुलेगी. सरकारी मंडी में आपसे टैक्स..प्राइवेट में टैक्स नहीं. प्राइवेट मंडी जाएंगे..सरकारी मंडी धीरे धीरे बंद. न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलता था सरकारी में. वो मिलना बंद हो जाएगा. खरबपतियों की मनमर्जी चलेगीतीसरे कानून में ठेके पर किसानी की बात..खरबपति आ सकता है आपके गांव में आप 10 -15 किसान हो. गन्ना उगाया..बेचने गए याद दिलाया कि 500 रु में खरीदेंगे. उस वक्त वो मना कर देसबसे बड़ा जुल्म है कि कॉन्टैक्ट कर लिया..वो कहता है अब नहीं लेंगे तो आपकी कोई सुनवाई नहीं होगी. अदालत नहीं जा सकते. उन्होंने कहा, जो अब तक बिके नहीं. बेच डालेंगे.
उन्होंने कहा, ये आपके लिए ये कुछ करने वाले नहीं. पीएम अमरीका जा सकते हैं. चीन जा सकते हैं. पाक जा सकते हैं. अपने घर से 3 किलोमीटर दूर किसानों से मिलने का वक्त नहीं. दुनिया घूम सके..हवाई जहाज खरीदे..किसान से मिलने नहीं गए.आंदोलन जीवी कहकर संसद में आपका अपमान किया. परजीवी..क्या होता है पता है न. कांग्रेस की महासचिव ने कहा, 'मोदी जी पहचान नहीं पाए देशभक्त और देशद्रोही को. हरियाणा के मंत्री का वीडियो...हंस रहे हैं? शहीद के परिवार की बेटी हूं. शहादत को झेलने वाले परिवार होता है. इसका मज़ाक उड़ाने का किसी को अधिकार नहीं. जो किसान आपके दरवाजे पर खड़ा है उसका बेटा सीमा पर खड़ा है. अपमान करने का कोई हक़ नहीं आपको.
सेहत /शौर्यपथ /गलत खानपान, पाचन से जुड़ी समस्या के अलावा गर्भावस्था और कुछ अन्य कारणों के चलते उल्टी आने की समस्या होती है। इसके कारण कई बार अन्य शारीरिक तकलीफें भी हो जाती है और मुंह का स्वाद भी खराब हो जाता है।
आइए जानते हैं, उल्टी होने पर अपनाएं कौन से घरेलू समाधान-
1 नीबू के रस में काला नमक और काली मिर्च डालकर पीने से उल्टी आना बंद हो जाती है।
2 पेट में गर्मी बढ़ने के कारण भी उल्टी की समस्या होती है। ऐसे में छाछ में भुना हुआ जीरा और सेंधा नमक डालकर पीने से बहुत जल्दी फायदा होता है।
3नीबू को काटकर उस पर चीनी डालकर चूसने से इस समस्या में बहुत लाभ होता है। इससे चूसने से पेट के भीतर अन्न विकार खत्म हो जाता है और उल्टी आना रूक जाता है।
4गर्भवती स्त्री को सुबह शाम हल्के गुनगुने पानी में नीबू का रस देने पर उल्टी में लाभ होगा।
5 तुलसी के रस को शहद के साथ मिलाकर पीड़ित को देने पर उल्टियां बंद हो जाती है।
6 इसके अलावा नमक और शक्कर के घोल में नीबू डालकर पीने से भी लाभ होता है।
7 चने को भूनकर सत्तू बनाकर खाने से भी उल्टी आना बंद होता है।
8 इसके अलावा गर्भवती स्त्री के पेट पर पानी की गीली पट्टी रखने से भी उल्टियां आना बंद हो जाता है।
धर्म संसार /शौर्यपथ /परमेश्वर के दो रुप है निराकार और साकार। निराकारर रूप में शिव है और साकार रूप में शंकर है। शिव या शंकर दोनों ही ब्रह्म स्वरूप है। शिव का नाम शंकर के साथ जोड़ा जाता है। लोग कहते हैं– शिव, शंकर, भोलेनाथ। इस तरह अनजाने ही कई लोग शिव और शंकर को एक ही सत्ता के दो नाम बताते हैं। असल में, दोनों की प्रतिमाएं अलग-अलग आकृति की हैं। शंकर को हमेशा तपस्वी रूप में दिखाया जाता है। कई जगह तो शंकर को शिवलिंग का ध्यान करते हुए दिखाया गया है।
शिव ने सृष्टि की स्थापना, पालना और विलय के लिए क्रमश: ब्रह्मा, विष्णु और महेश नामक तीन सूक्ष्म देवताओं की रचना की। इस तरह शिव ब्रह्मांड के रचयिता हुए और शंकर उनकी एक रचना। भगवान शिव को इसीलिए महादेव भी कहा जाता है। इसके अलावा शिव को 108 दूसरे नामों से भी जाना और पूजा जाता है।
शिव यक्ष के रूप को धारण करते हैं और लंबी-लंबी खूबसूरत जिनकी जटाएं हैं, जिनके हाथ में ‘पिनाक’ धनुष है, जो सत् स्वरूप हैं अर्थात् सनातन हैं, ओमवार स्वरूप दिव्यगुणसम्पन्न उज्जवलस्वरूप होते हुए भी जो दिगम्बर हैं। जो शिव नागराज वासुकि का हार पहिने हुए हैं, अर्धनग्न शरीर पर राख या भभूत मले, जटाधारी, गले में रुद्राक्ष और सर्प लपेटे, तांडव नृत्य करते हैं तथा नंदी जिनके साथ रहता है। उनकी भृकुटि के मध्य में तीसरा नेत्र है। वे सदा शांत और ध्यानमग्न रहते हैं।
कुछ विद्वान मानते हैं कि शिव पुराण अनुसार शिव के माता-पिता सदाशिव और दुर्गा है। ब्रह्म (परमेश्वर) से सदाशिव, सदाशिव से दुर्गा। सदाशिव-दुर्गा से विष्णु, ब्रह्मा, रुद्र और महेश्वर की उत्पत्ति हुई। रुद्र का सदाशिव रूप होने के कारण वे शिव कहलाए।
शिवपुराण के अनुसार एक बार ब्रह्मा और विष्णु दोनों में सर्वोच्चता को लेकर लड़ाई हो गई, तो बीच में कालरूपी एक स्तंभ आकर खड़ा हो गया। तब दोनों ने पूछा- 'प्रभो, सृष्टि आदि 5 कर्तव्यों के लक्षण क्या हैं? यह हम दोनों को बताइए।'
तब ज्योतिर्लिंग रूप काल ने कहा- 'पुत्रो, तुम दोनों ने तपस्या करके मुझसे सृष्टि (जन्म) और स्थिति (पालन) नामक दो कृत्य प्राप्त किए हैं। इसी प्रकार मेरे विभूतिस्वरूप रुद्र और महेश्वर ने दो अन्य उत्तम कृत्य संहार (विनाश) और तिरोभाव (अकृत्य) मुझसे प्राप्त किए हैं, परंतु अनुग्रह (कृपा करना) नामक दूसरा कोई कृत्य पा नहीं सकता। रुद्र और महेश्वर दोनों ही अपने कृत्य को भूले नहीं हैं इसलिए मैंने उनके लिए अपनी समानता प्रदान की है।' सदाशिव कहते हैं- 'ये (रुद्र और महेश) मेरे जैसे ही वाहन रखते हैं, मेरे जैसा ही वेश धरते हैं और मेरे जैसे ही इनके पास हथियार हैं। वे रूप, वेश, वाहन, आसन और कृत्य में मेरे ही समान हैं।'
ब्रह्मा और इंद्र के काल में देवताओं की दैत्यों से प्रतिस्पर्धा चलती रहती थी। ऐसे में जब भी देवताओं पर घोर संकट आता था तो वे सभी देवाधिदेव महादेव के पास जाते थे। दैत्यों, राक्षसों सहित देवताओं ने भी शिव को कई बार चुनौती दी, लेकिन वे सभी परास्त होकर शिव के समक्ष झुक गए इसीलिए शिव हैं देवों के देव महादेव। वे दैत्यों, दानवों और भूतों के भी प्रिय भगवान हैं। भगावान शिव को पूजने वाले देवों के साथ असुर, दानव, राक्षस, पिशाच, गंधर्व, यक्ष आदि सभी हैं। वे रावण को भी वरदान देते हैं और राम को भी।
सेहत /शौर्यपथ /हम सभी, अक्सर हरी सब्जियों के सेवन पर अधिक जोर देते हुए सुनते हैं। हमारे माताओं से लेकर डॉक्टरों तक, हर कोई बताता है कि हरी सब्जियां स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती हैं। लेकिन आपने यह कितनी बार सुना है कि आपको पीले, धूप और खुशी के रंग सहित अन्य रंगीन फूड्स पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है? अपने आहार में पीले खाद्य पदार्थों को शामिल करने से स्वस्थ, उज्जव और चमकती त्वचा से लेकर इम्युनिटी को बूस्ट करने तक कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। यह न सिर्फ आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, बल्कि आपके मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार कर सकता है।
हम यहां आपको बता रहे हैं कि आपको अपनी डाइट में पीले फूड्स को शामिल करने की आवश्यकता क्यों हैं और यह आपके स्वास्थ्य के लिए कैसे फायदेमंद है।
पीले फूड्स कैसे आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है जानिए कैसे
कैरोटीनॉयड में समृद्ध होते हैं पीले फूड
पीले खाद्य पदार्थ कैरोटिनॉयड और बायोफ्लेवोनोइड्स से भरे होते हैं। जो एंटीऑक्सिडेंट के रूप में काम करते हैं और आपको कई बीमारियों से दूर रखते हैं। एंटीऑक्सिडेंट सूजन को कम करते हैं जो कई बीमारियों से जुड़ी है, साथ ही यह फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से भी बचाते हैं।
बायोफ्लेवोनॉइड मौजूद होता है
पीले खाद्य पदार्थों में बायोफ्लेवोनॉइड को कभी-कभी विटामिन-पी के रूप में संदर्भित किया जाता है। यह तत्व शरीर में विटामिन-सी के टूटने को रोकता है और आपकी त्वचा को फिर से भरने के लिए आवश्यक विटामिन-सी प्रदान करता है। यह कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करता है, जो एक महत्वपूर्ण एंटी-एजिंग घटक है।
यहां हैं पीले फूड्स के शारीरिक लाभ
1. कैंसर के जोखिम को करते हैं
सबसे पहले, वे कैरोटीनॉयड और बायोफ्लेवोनॉइड्स से परिपूर्ण होते हैं, जो एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करते हैं और कैंसर सहित विभिन्न गंभीर रोगों को आपसे दूर रखते हैं। इसके लिए येलो बेल पेपर विशेष रूप से अच्छी होती हैं।
2. पेट के लिए फायदेमंद है
केले जैसे पीले फल पोटेशियम से भरपूर होते हैं, जो एक स्वस्थ आहार के प्रमुख पोषक तत्वों में से एक है। विशेषतौर पर डंडेलियन को पेट के स्वास्थ्य बनाए रखने, पेट फूलने और लिवर कल्याण को बढ़ावा देने के लिए अपने औषधीय लाभों के लिए जाना जाता है।
3. हड्डियों के साथ ही, दिल को भी स्वस्थ रखते हैं
नींबू और आम जैसे फल विटामिन-सी से भरपूर होते हैं, जो एकमात्र ऐसा विटामिन है जिसका शरीर स्वाभाविक रूप से उत्पादन नहीं करता है। इसलिए इसके लिए बाहरी स्रोत की आवश्यकता होती है। इन खाद्य पदार्थों के नियमित सेवन से हड्डियों और संयुक्त स्वास्थ्य को भी बढ़ाया जाता है। साथ ही वे ब्लडप्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी संतुलित करते हैं। जिससे हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम कम होता है।
पीले फूड्स के अन्य लाभ
पीले खाद्य पदार्थ आपके मानसिक कल्याण के स्तर में तुरंत सुधार सकते हैं, साथ ही यह इंस्टेंट मूड बूस्टर भी बन सकते हैं!
वे त्वचा के स्वास्थ्य, बालों के स्वास्थ्य, हड्डियों के स्वास्थ्य और दंत स्वास्थ्य को भी बढ़ावा दे सकते हैं।
वे शरीर में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा देते हैं। ये एक महत्वपूर्ण एंटी-एजिंग घटक है, जो कि शरीर के पीएच स्तर को भी संतुलित करता है। इष्टतम सौंदर्य लाभों के लिए, पीले खाद्य पदार्थों का उपयोग त्वचा और बालों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।
आपको अपने आहार में इन पीले फूड्स को शामिल करना चाहिए
कोशिश करें और हर दिन पीले खाद्य पदार्थों के एक हिस्से को अपने आहार में जरूर शामिल करें। पीले फूड्स के ऐसे कई विकल्प मौजूद हैं जिन्हें आप आसानी से अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं, ये बाजार में आसानी से उपल्ब्ध हैं।
1. केला: खाने में आसान और बेहद किफायती है। यह वजन घटाने में मदद करने के साथ ही, कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।
2. अनानास: यह पाचन के लिए बहुत अच्छा है और सूजन को कम करता है।
3. येलो बेल पेपर: ये फाइबर, फोलेट, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं।
4. नींबू: नींबू में हाइड्रेटिंग और क्षारीय गुण होते हैं जो गुर्दे की पथरी की समस्या को दूर रखने में मदद करते हैं और चयापचय को बढ़ाते हैं।
5. आम: आम खाना भला किसे पसंद नहीं है? आम नेत्र स्वास्थ्य में सुधार करते हैं, मोतियाबिंद और मैक्युलर डिजनेरेशन को रोकते हैं। आमों में ज़ेक्सैन्थिन का उच्च स्तर उन्हें स्वास्थ्यप्रद फलों में से एक बनाता है।
6. डंडेलियन: यह जड़ी बूटी शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है और लीवर के लिए बहुत बढ़िया है।
सेहत /शौर्यपथ / शाम को अगर आपको चाय के साथ स्नैक्स का मन करता है या आप दिन के बीच कुछ चटपटी चीजें खाते रहते हैं, तो आपको एक हेल्दी स्नैक्स की जरुरत है। अंकुरित काले चने न सिर्फ आपकी भूख शांत करेंगे बल्कि इससे आपका वजन भी कंट्रोल रहेगा। अंकुरित चने क्लोरोफिल, विटामिन ए, बी, सी, डी और के, फॉस्फोरस, पोटैशियम, मैग्नीशियम और मिनरल्स का अच्छा स्रोत होते हैं। साथ ही इसे खाने के लिए किसी प्रकार की कोई खास तैयारी नहीं करती पड़ती। रातभर भिगोकर सुबह एक-दो मुट्ठी खाकर हेल्थ अच्छी हो सकती है।
काले चने खाने के फायदे
-चने में मौजूद फाइबर की मात्रा पाचन के लिए बहुत जरूरी होती है। रातभर भिगोए हुए चने से पानी अलग कर उसमें नमक, अदरक और जीरा मिक्स कर खाने से कब्ज जैसी समस्या से राहत मिलती है। साथ ही जिस पानी में चने को भिगोया गया था, उस पानी को पीने से भी राहत मिलती है। लेकिन कब्ज दूर करने के लिए चने को छिलके सहित ही खाएं।
-रोजाना सुबह काला चना खाने से फिट तो रहते ही है साथ ही जल्द एनर्जी देने में भी सहायक होता है। रातभर भिगोए हुए या अंकुरित चने में हल्का सा नमक, नींबू, अदरक के टुकड़े और काली मिर्च डालकर सुबह नाश्ते में खाएं, बहुत फायदेमंद होता है। आप चने का सत्तू भी खा सकते हैं। यह बहुत ही फायदेमंद होता है। -गर्मियों में चने के सत्तू में नींबू और नमक मिलाकर पीने से शरीर को एनर्जी तो मिलती ही है, साथ ही भूख भी शांत होती है।
-दूषित पानी और खाने से आजकल किडनी और गॉल ब्लैडर में पथरी की समस्या आम हो गई है। हर दूसरे-तीसरे आदमी के साथ स्टोन की समस्या हो रही है। इसके लिए रातभर भिगोए हुए काले चने में थोड़ी सी शहद की मात्रा मिलाकर खाएं। रोजाना इसके सेवन से स्टोन के होने की संभावना काफी कम हो जाती है और अगर स्टोन है तो आसानी से निकल जाता है। इसके अलावा चने के सत्तू और आटे से मिलकर बनी रोटी भी इस समस्या से राहत दिलाती है।
-चना ताकतवर होने के साथ ही शरीर में एक्स्ट्रा ग्लूकोज की मात्रा को कम करता है जो डायबिटीज के मरीजों के लिए कारगर होता है। लेकिन इसका सेवन सुबह-सुबह खालीपेट करना चाहिए। चने का सत्तू डायबिटीज से बचाता है। एक से दो मुट्ठी काले चना का सेवन करने से ब्लड शुगर की मात्रा को भी नियंत्रित करता है।
-शरीर में आयरन की कमी से होने वाली एनीमिया की समस्या को रोजाना चने खाकर दूर किया जा सकता है। चने में शहद मिलाकर खाने से जल्द असर करता है।
-आयरन से भरपूर चना एनीमिया की समस्या को काफी हद तक कम कर देता है। चने में 27 फीसदी फॉस्फोरस और 28 फीसदी आयरन होता है जो न केवल नए बल्ड सेल्स को बनाता है, बल्कि हीमोग्लोबिन को भी बढ़ाता है।
-हिचकी की समस्या से ज्यादा परेशान हैं, तो चने के पौधे के सूखे पत्तों का धूम्रपान करने से हिचकी आनी बंद हो जाती है। साथ ही चना आंतों-इंटेस्टाइन की बीमारियों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।
मनोरंजन /शौर्यपथ /बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहती हैं। वो अपने फैंस के बीच चर्चा में बनी रहने के लिए आए दिन दिलचस्प पोस्ट शेयर करती दिखाई दे जाती हैं। हाल ही में शिल्पा एक बार फिर कुछ ऐसे ही कारणों से सुर्खियों में आ गई हैं। उन्होंने अपने पति राज कुंद्रा के साथ एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में दोनों एक इंटरव्यू के दौरान अपनी पर्सनल लाइफ पर बात करते नजर आ रहे हैं। वहीं इस बीच राज सबके सामने 'बेडरूम सीक्रेट' शेयर कर देते हैं, वहीं शिल्पा ये सुनकर शिल्पा चौंक जाती हैं और शर्म से लाल हो जाती हैं।
दरअसल, शिल्पा शेट्टी ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है। ये वीडियो उनके एक कॉन्टेस्ट के तहत लिया गया है। वैलेंटाइन डे के मौके पर इस पावर कपल ने यॉर ड्रीम स्टोरी शेयर करने का एक कॉन्टेस्ट रखा था। वीडियो में राज कुंद्रा, शिल्पा शेट्टी से पूछते कि तुम्हारा फेवरेट जॉनर कौन सा है. इस पर शिल्पा शेट्टी कुछ नहीं कहतीं हैं तो राज शरारती अंदाजा लगाते हुए खुद ही बोल पड़ते हैं- 'फिफ्टी शेड्स ऑप ग्रे'... ये सुनते ही शिल्पा शेट्टी शर्म से लाल हो जाती हैं और जोरों से हंसने लगती हैं। वीडियो में दिख रहा है कि राज भी बाद में हंसते हुए कहते हैं- सॉरी यह हमारा बेडरूम सीक्रेट है। यहां देखें शिल्पा द्वारा शेयर किया वीडियो-
इस वीडियो को शेयर करते हुए शिल्पा अपने फैंस को पार्टनर के लिए एक नसीहत देते हुए लिखती हैं- 'किसी ऐसे को ढूंढो जो आपको पागल बनाए और उसी वक्त आपको हंसाए भी... इसके जैसा'। वहीं शिल्पा के इस वीडियो को ताबड़तोड़ प्रतिक्रियाएं भी मिल रही हैं। हर कोई इन दोनों की कैमिस्ट्री को खूब पसंद कर रहा है।
रायपुर / शौर्यपथ / पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू की मुख्य आतिथ्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में आज मैनपाट के रोपाखार में आयोजित तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का समापन समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री साहू ने संस्कृति मंत्री भगत की मांग पर मैनपाट में चिन्हांकित 14 नए पर्यटन पॉइंट में पहुंच मार्ग के साथ ही अन्य विकास कार्यों के प्रस्ताव को तत्काल स्वीकृति देने की बात कही।
मंत्री साहू ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मैनपाट सरगुजिहा, भोजपुरी और तिब्बती संस्कृतियों का त्रिवेणी संगम है। यहां पहाड़, झरने, नदी, इमारती लकड़ी, वनौषधि पौधों की समृद्धि ही नही बल्कि लोक कला और संस्कृति का गौरवशाली इतिहास भी है। यही कारण है कि विश्व पर्यटन के नक्शे पर मैनपाट पर्यटकों का पहली पसंद है। उन्होंने कहा कि महोत्सव आयोजन का उद्देश्य विभिन्न संस्कृतियों एवं अपनी परम्पराओं को सहेजने के साथ युवाओं को अवगत कराना और समझाना भी है। मैनपाट की माटी में प्रभु श्री राम के चरण रज मिले हुए हैं। इन सब कारणों से छत्तसीगढ़ शासन ने यहां के निवासियों को रोजगार के साधन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए कमलेश्वरपुर में 21 करोड़ रुपये की लागत से एथनिक रिजॉर्ट कार्य कराया जा रहा है। वन विभाग द्वारा भी यहां के पर्यटन पॉइंट में 3 करोड़ 50 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं। मंत्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ में पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। इसके लिए पर्यटन नीति भी तैयार कर लिया गया हैं।
समापन समारोह में छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू, छ्त्तीसगढ़ खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा, पुलिस महानिरीक्षक आरपी साय, क्लेक्टर संजीव कुमार झा, मुख्य वन संरक्षक अनुराग श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक टीआर कोशिमा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में पर्यटक उपस्थित थे।
० लोकसभा में सांसद संतोष पाण्डेय ने उठाया मुद्दा
० अवैध तस्करों व उत्खनन करने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई : पाण्डेय
राजनांदगांव / शौर्यपथ / लोकसभा सत्र के दौरान राजनांदगांव जिले के सांसद संतोष पाण्डेय ने अपने संसदीय क्षेत्र अंतर्गत मोहला-मानपुर एवं चौकी में रहे अवैध उत्खनन और सागौन तस्करी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन में अवैध उत्खनन करने वाले तथा सागौन की अवैध तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
सांसद संतोष पाण्डेय ने अपने व्यक्तव्य में कहा कि मेरे संसदीय क्षेत्र राजनांदगांव जिले के वनांचल व आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्र मानपुर मोहला व चौकी में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की धज्जियां उड़ाते हुए बेतहासा अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन खराब हो रहा है और खतरे में है। अवैध रेत उत्खनन की स्थिति यह है कि विकासखंड मानपुर अंतर्गत ग्राम तोलुम व नवागांव में नदी की दिशा ही बदल गई है और रेत माफिया बेधड़क अवैध उत्खनन कर रहें हैं।
सांसद संतोष पाण्डेय ने आगे कहा कि बिना रॉयल्टी पर्ची के अवैध उत्खनन किया जा रहा है जिससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये का आर्थिक आघात हो रहा है। वहीं अवैध रूप से जंगलों को काटकर सागौन व इमारती लकड़ियों की तस्करी महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश में किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। इस वजह से नदी की सीमाओं से लगे खेतों के क्षरण से आदिवासी किसानों की फसल उपजाऊ नहीं हो रही है और उन्हें आर्थिक व मानसिक रूप से परेशानी हो रही है, जिसके विरोध पिछले दो वर्षों से ग्रामीणों द्वारा लगातार किया जा रहा है।
सांसद संतोष पाण्डेय ने इस विषय में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वर्तमान में पूरे प्रदेश में अवैध उत्खनन व तस्करों का मनोबल बढ़ा हुआ है। इन लोगों पर सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करना राज्य सरकार की भूमिका पर सवालिया निशान खड़ा करती है। इन तस्करों व रेत माफियाओं को सरकार द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है, जिसकी वजह से उनके हौसले इतने बुलंद है कि वे प्रशासन के नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए बेखौफ होकर नदियों से अवैध रेत व जंगलों को काटकर बेशकीमती सागौन व इमारती लकड़ियों की तस्करी कर रहे हैं। इन लोगों की वजह से क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन लगातार बिगड़ता जा रहा है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुँच रहा है, इसलिए इस प्रकार के कार्यों में संलिप्त लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
