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ओपिनियन /शौर्यपथ / कुछ दिनों से इस्लामोफोबिया की तोप की दिशा भारत की ओर है और भांति-भांति की कहानियां गढ़ी जा रही हैं। विशेष रूप से जब से कोरोना महामारी ने देश को अपनी चपेट में लिया है, उसके पश्चात एक जमाअत से चूक क्या हुई कि अनेक लोगों ने पूरे समुदाय विशेष को दोष देना शुरू कर दिया। कुछ राजनेताओं की ओर से भी प्रतिकूल टिप्पणियां आने लगीं। कुछ लोगों ने इस बात को भी हवा दी कि समुदाय विशेष के लोग बहुसंख्यक समुदाय की कॉलोनियों में जाकर कोरोना फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। नतीजा यह हुआ कि समाज के कुछ लोगों ने कॉलोनियों में सब्जी-फल ठेले और दुकान वालों की पहचान देखना शुरू कर दिया। यहां तक कि कुछ जगह राहत और बचाव कार्यों में भी जरूरतमंदों की मजहबी पहचान देखने की कोशिश हुई। हमें सावधान हो जाना चाहिए, यदि यही दशा रही, तो आने वाला कल काफी भयावह हो सकता है।
यह बात नहीं भूलनी चाहिए कि हमारे भारत देश में कुछ शक्तियां ऐसी हैं, जो सदा से समुदायों के बीच दूरी एवं द्वेष पैदा करके उन्हें बांटने की कोशिश करती रही हैं। यही शक्तियां इन दिनों समाज में अलग-अलग तरह से भय एवं अराजकता फैलाने पर तुली हैं। वस्तुत: यह एक ऐसी भयावह मुहिम है, जिसके विरुद्ध पूरे देश को एकजुट होकर सामने आना चाहिए। भारत के इस बदलते परिदृश्य में राजनीतिक पार्टियों से उम्मीद अपनी जगह है, लेकिन आम लोगों के लिए यह जरूरी हो गया है कि ऐसे हालात में देश के सजग और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में विश्वास रखने वाले लोग सामने आएं। अपनी कोशिशों से इस साझी संस्कृति, समाज में विष घोलने वाले मुट्ठी भर लोगों के षड्यंत्रों को नाकाम कर दें।
वस्तुत: वर्तमान युग में समाज के टूटते-फूटते रिश्ते, कट्टरता, असहिष्णुता, मतभेद, बिखराव के कारण शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का मामला जटिल होता जा रहा है, लेकिन इसका इलाज साफ नहीं दिखाई दे रहा है। ऐसे में सभी विद्वानों, समाजशास्त्रियों और मानव हितैषियों का एक ही मत है कि शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की नींव को धार्मिक ग्रंथों, इतिहास की सकारात्मक घटनाओं, जियो और जीने दो जैसी उत्तम विचारधारा में ढूंढ़ा जाए। साथ ही, उनसे आम लोगों को अवगत कराया जाए।
सांप्रदायिकता के इस घटाटोप अंधकार में एकता एवं अखंडता के दीप वह संप्रदाय जला सकता है, जिसका धार्मिक दायित्व ही एकता, भाईचारा एवं न्याय है। जिसे आदेश दिया गया है कि भलाई की ओर बुलाओ और बुराई से रोको। मेरा मानना है कि इस देश के मुसलमानों को ही भटके हुए लोगों को यह याद दिलाना चाहिए कि भारत बहुलता में एकता की गौरवशाली परंपराओं का संरक्षक रहा है। सभी धार्मिक इकाइयों के समक्ष यह बात प्रस्तुत करनी चाहिए कि हम एक ऐसे देश में रहते हैं, जहां दर्जनों धर्म, सैकड़ों विचारधाराओं एवं परंपराओं को मानने वाले सदियों से रहते आए हैं। इसके बाद भी इस देश की खासियत रही है कि यहां शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की कोमल हवा का झरना निरंतर बहता रहा है। क्यों न हम अपनी गौरवशाली परंपरा की ओर लौट आएं और आपसी एकता, अखंडता को अपनाते हुए एक-दूसरे के धर्म, विश्वास तथा रीति-रिवाज का ध्यान रखें?
धर्म तो संयम तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का सबसे बड़ा ध्वजवाहक है। संयम और उदारता तो उसके जमीर में शामिल है। पूरी दुनिया में खासतौर से इस्लाम धर्म के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। ऐसे में, जरूरी है कि इस समुदाय के लोग उठें और विभिन्न धर्मों के बीच संवाद की संगोष्ठियां आयोजित करें और विश्व को बताएं कि मुट्ठी भर लोगों ने जो दुष्प्रचार किया है, उसमें सत्यता नहीं है। एक काल्पनिक छवि के कारण समाज में अघोषित दूरी भी है, जिसके कारण आपसी मेलजोल का कार्य थम-सा गया है। इससे सबसे अधिक क्षति समुदाय विशेष को निरंतर पहुंच रही है। दुविधा व दूरी की निरंतरता और आपसी तालमेल की स्थिति न उत्पन्न होने के कारण भ्रम व भ्रांतियां अपने उफान पर हैं। शायद समुदाय विशेष के लोगों की ओर से यह कमी रह गई है कि वे अपने नैतिक एवं व्यावहारिक कार्यों से इस बात को साबित करने में पीछे रह गए हैं कि वे आपसी मेलजोल और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के संरक्षक हैं। शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के नियमों का अनुपालन भारत जैसे समाज में सबसे जरूरी है।
आज शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए एक आंदोलन उसी तरह से चलाने की जरूरत है, जैसे सय्यद अबु हसन अली नदवी ने ‘पयाम-ए-इंसानियत’ के नाम से चलाया था। उसी तरह के आंदोलन के झंडे तले हम अपने धर्म के साथ ही दूसरे धर्म के प्रतिनिधियों को लेकर आगे बढ़ सकते हैं। इसके साथ ही हमें वर्तमान राजनीति और सत्ता के साथ संबंध और बेहतर करने चाहिए, क्योंकि यदि दूरियों का अंत न हुआ, तो उससे जो क्षति पहुंचेगी, उसे आने वाली नस्लों को भुगतना पडे़गा। इसलिए शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के आंदोलन में शामिल होने वाले संतुलित व प्रबुद्ध लोगों का यह भी दायित्व है कि वे देश के सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा करें। हमें बहुत बुद्धिमानी से आगे बढ़ना होगा, तभी हम इस देश में अपने लिए बेहतर माहौल की उम्मीद कर सकते हैं। आज समय है, जब हम उदारवाद को जीवन का मूल मंत्र बनाएं, उच्च स्तर की नैतिकता दर्शाएं और दूसरे धर्मों के लोगों से सद्भावी रिश्ते बनाएं।
यह इस देश की सुदृढ़ता का प्रमाण है कि यहां अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात अधिकतर बहुसंख्यक वर्ग के लोग ही करते हैं। अल्पसंख्यकों को जब भी जरूरत पड़ी है, देश के सैकड़ों बहुसंख्यक उठ खड़े हुए हैं। वर्तमान में सीएए, एनपीआर और एनआरसी के मामले में हमें स्पष्ट रूप से आभास हुआ कि इस देश में अल्पसंख्यक अकेले नहीं हैं। इसलिए हमें सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा। यह इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि जो कुछ भारत के हित में है, उसी में समुदाय विशेष का भी हित है। समाज से सरकार तक, हर स्तर पर भेदभाव की किसी भी नीति से बचना होगा। सत्य व न्याय की स्थापना के बिना सदाचारी, स्वस्थ और विकसित समाज की कल्पना नहीं की जा सकती।
(ये लेखक के अपने विचार हैं) अख्तरुल वासे, प्रोफेसर इमेरिटस, जामिया मिल्लिया इस्लामिया
दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री बघेल ने सभी जिलों में राज्य शासन की प्रगतिरत योजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा की। दुर्ग जिले में हेल्थ सेक्टर एवं नगरीय प्रशासन तथा अन्य विभागों में हो रहे नवाचारों की कलेक्टर कांफ्रेंस में प्रशंसा की गई। कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने सामुदायिक फलोद्यानों एवं फलदार पौधों का रकबा बढ़ाने विशेष निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन विभाग में मूलत: पट्टा वितरण के कार्यों में दुर्ग जिला प्रशासन की गतिविधि की विशेष रूप से प्रशंसा की गई। मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना एवं मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना में किए गए कार्यों में जिले का काम अच्छा रहा। इन योजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को स्वास्थ्य लाभ तो हुआ ही, साथ ही बीपी, शुगर, टीबी जैसी बीमारियों के चिन्हांकन में इससे आसानी हुई।
इन योजनाओं में 8397 लोगों का बीपी जांच हुआ जिसमें 2584 लोगों को उच्चरक्तचाप की समस्या चिन्हांकित हुई। इसमें शुगर की जांच भी 2689 लोगों की हुई। इसमें 234 लोगों का मधुमेह चिन्हांकित हुआ। इन शिविरों के माध्यम से 58 लोगों का टीबी चिन्हांकित हुआ। कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कोविड की तैयारियों की भी समीक्षा की और सभी जिलों को बिना लक्षणों वाले मरीजों के लिए अलग से रायपुर के इंडोर स्टेडियम की तरह बड़ा कैंपस रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर दुर्ग ने इस संबंध में नगर निगम कमिश्नर दुर्ग को निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड में एसओपी का पालन पूरी तरह हो, यह सुनिश्चित करें। ऐसा किये जाने से कोविड संक्रमण को रोकने की दिशा में सफलता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आ रहे लोगों की स्किल मैपिंग करें। बहुत से प्रोजेक्टस एवं उद्योगों में ऐसे हुनरमंदों की जरूरत हैं जिनकी कमी अब तक राज्य में रही थी। स्किल मैंपिंग से यह मिल जाएगा। मुख्यमंत्री ने पौधरोपण एवं स्वसहायता समूहों के आय बढ़ाने के विषय पर विशेष फोकस किया। उन्होंने कहा कि फलदार पौधों के रोपण से, मुनगा आदि के रोपण से मिड डे मील में एवं आंगनबाडिय़ों में यह अधिक मात्रा में उपलब्ध होगा। इससे स्वसहायता समूहों को भी काम मिलेगा और कुपोषण को थामने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कुपोषण के संबंध में विशेष कार्य करने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषण बड़ी समस्या है और निरतंर मानिटरिंग और फोकस रखने से यह समस्या दूर होगी। कलेक्टर श्री सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने दुर्ग जिले के विषयों की जानकारी दी।
कलेक्टर कांफ्रेंस में जिले से आईजी विवेकानंद सिन्हा, सीएफ श्रीमती शालिनी रैना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव, नगर निगम भिलाई कमिश्नर रघुवंशी, डीएफओ केआर बढ़ाई, रिसाली कमिश्नर प्रकाश सर्वे, दुर्ग कमिश्नर बर्मन, नगर निगम भिलाई चरौदा कमिश्नर राठौर उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / कांग्रेस नेता व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने भाजपा पर अपना वार जारी रखते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से सरकार के 6 साल में किये वादों के पूरा होने के बारे में पूछा . बता दे कि दुर्ग से कांग्रेस की तरफ से लगातार भाजपा के केंद्र सरकार के नीतियों पर सवालों की बौछार इन दिनों राजेन्द्र साहू द्वारा किया जा रहा है . अब राजेन्द्र साहू ने नवनियुक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि साय को डेढ़ साल पहले बनी कांग्रेस सरकार के वादों से पहले 6 साल पहले केंद्र में सत्तारूढ मोदी सरकार के वादों को याद कर लेना चाहिए। साय देश की जनता को स्पष्ट बताएं कि मोदी सरकार ने 6 साल में कितने वादे पूरे किए। एक साल पहले दोबारा सत्ता में आने से पहले किए गए वादों का क्या हुआ?
साय के आरोपों पर राजेंद्र ने कहा कि कांग्रेस ने शराबबंदी का वादा किया था। इस वादे को कांग्रेस भूली नहीं है। शराबबंदी धीरे-धीरे लागू की जाएगी। कांग्रेस ने 10 दिनों के भीतर किसानों का कर्जमाफी और 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का वादा किया था। पद की शपथ लेने के 4 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपना वादा पूरा कर दिखाया। कर्जमाफी की घोषणा कर दी।
राजेंद्र ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय को बताना चाहिए कि देश के सभी नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए जमा करने के वादे का क्या हुआ। हर साल दो करो? बेरोजगारों को रोजगार देने, किसानों की आय दोगुना करने, महिलाओं को सशक्त बनाने के वादे का क्या हुआ।
राजेंद्र ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार ने जो कहा, उसे पूरा भी किया। शहरी क्षेत्र में भूमिहीन आबादी पट्टटा देने का वादा पूरा किया। एपीएल वर्ग को 10 रुपए प्रति किलो की दर से 35 किलो चावल, हाफ बिजली बिल जैसे दर्जनों वादे पूरे कर दिए। मनरेगा से देश में सबसे ज्यादा रोजगार दिया जा रहा है। कांग्रेस सरकार ने हर वर्ग को राहत दी है। भाजपा ने कितने वादे पूरे किए, इसका खुलासा साय को करना चाहिए।
राजेंद्र ने कहा कि साय केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। इसके बावजूद उन्होंने कोरोना के वैश्विक संकट पर एक शब्द भी नहीं कहा, यह दुख की बात है। बीते दो माह में देश में 10 करोड़ से ज्यादा लोग बेरोजगार हो चुके हैं। असंगिठत कामगारों की बेरोजगारी का आंकडा भी लगभग 8 करोड से ज्यादा हो चुका है। ठेला, खोमचा वालों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। किसानों, मजदूरों समेत निम्न आय वर्ग के लोगों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। रोजी-रोटी चौपट हो गई है। इन वर्गों को राहत देने या आर्थिक रूप से मजबूती देने के बारे में साय ने मौन साध लिया। राजेंद्र ने कहा कि साय ने 20 लाख करोड के पैकेज के बारे में एक भी शब्द नहीं कहा। यह दर्शाता है कि 20 लाख करोड का पैकेज भ्रष्टाचार की भेंट चढ चुका है। भाजपा नेताओं ने राज्य में सत्ता से दूर होने के बावजूद अब तक सत्ता का मोह नहीं त्यागा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों के साथ आसमान छूती महंगाई के बावजूद साय को 6 साल पुरानी मोदी सरकार के वादे याद नहीं है। उन्हें अगर सवाल करना है तो पहले मोदी सरकार से 6 साल पुराने वादों को लेकर सवाल करें।
रायपुर / शौर्यपथ / राज्य में राजस्व के मामलों के पंजीयन से लेकर उनके निराकरण तक की स्थिति में तत्तपरता एवं पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से आगामी एक अक्टूबर से राजस्व ई-कोर्ट प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों को आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्य में एक अक्टूबर 2020 से राज्य में ई कोर्ट के दस्तावेज ही मान्य होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 7500 वर्ग फीट तक की नजूल भूमि के आबंटन तथा 5000 वर्ग फीट तक के डायवर्सन के मामलों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत शहरी इलाकों में पट्टा वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टरों को पात्र हितग्राहियों को अभियान संचालित कर भू-स्वामी अधिकार दिए जाने की कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत अब तक एक लाख 19 हजार आवेदन मिले हैं जिसमें से 26 हजार आवेदन स्वीकृत किए है। 1984 में वितरित पट्टों का नवीनीकरण तथा भूमि स्वामी अधिकार प्रदान करने के संबंध में कलेक्टरों को तत्परता से कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रत्येक जिले में दस-दस छात्रावासों को मॉडल बनाने के संबंध में कलेक्टरों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव आर पी. मंडल ने कहा कि चिन्हांकित छात्रावासों में स्वच्छ पेयजल और शौचालय एवं खेल-मैदान सहित अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक जिले को 25-25 लाख रूपए का आबंटन दिया गया है। उन्होंने कलेक्टरों को इस कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। आवश्यकतानुसार सीएसआर एवं डीएमएफ फंड से भी छात्रावासों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक राशि का उपयोग किया जा सकेगा। कलेक्टरों को कहा गया कि सभी आश्रमों एवं छात्रावासों में लगने वाली दैनिक उपयोग की सामग्री की पूर्ति स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम करें। बैठक में जिलों के विभिन्न विभागों के कंडम वाहनों एवं अन्य सामग्रियों की नीलामी, बोध घाट सिंचाई परियोजना के सर्वेक्षण, शासकीय भवनों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना के संबंध में भी कलेक्टरों को दिशा निर्देश दिए गए।
बरसात से पूर्व करें सड़कों की मरम्मत
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को आबंटित 70 करोड़ रूपए की राशि से राज्य में सड़कों की मरम्मत का कार्य बरसात से पूर्व कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों की मरम्मत और रखरखाव कार्य पर विशेष ध्यान दिए जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के दिनों में सड़कों पर पानी का जमाव न हो। पानी की निकासी की संपूर्ण व्यवस्था रखरखाव टीम के माध्यम से करें। बैठक में राष्ट्रीय राज मार्गों के निर्माणाधीन कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण कार्य में देश के अन्य राज्यों से लौटे छत्तीसगढ़ के स्किल्ड श्रमिकों के नियोजन के संबंध में भी लोक निर्माण एवं श्रम विभाग के अधिकारियों को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रवासी श्रमिकों की वापसी के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी कलेक्टरों को दिए गए। प्रवासी श्रमिकों तथा ऐसे लोग जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं उन्हें मई एवं जून माह का चावल और चना एकमुश्त उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में वृक्षारोपण की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। 11 जुलाई को राज्य में वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा। प्रत्येक छात्रावासों, आश्रमों एवं आंगनबाडियों में मुनगा के पांच-पांच पौधे अनिवार्य रूप से लगाए जाने के निर्देश दिए गए है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के पहले मुख्यमंत्री दर्पण वेबसाईट और मोबाइल एप का लोकार्पण किया। इस वेबसाईट के जरिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल राज्य सरकार की सुराजी गांव योजना सहित अन्य फ्लैगशिप योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर सकेंगे वहीं इस वेबसाईट और मोबाइल एप की जरिए आमजन इन योजनाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इस वेबसाईट और मोबाइल एप का निर्माण चिप्स द्वारा किया गया है।
मुख्यमंत्री ने चिप्स के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री दर्पण पोर्टल और मोबाइल एप के जरिए जहां सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय से योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और निगरानी होगी वहीं दूसरी ओर योजनाओं की समस्त जानकारी वास्तविक समय पर आम-नागरिकों के लिए भी उपलब्ध रहेंगी।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि इस पोर्टल द्वारा समस्याओं के समाधान भी उपलब्ध कराए जायेंगे। मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय योजना अंतर्गत नागरिक अपनी समस्याओं और जानकारियों की फोटो खींच कर एप में तत्काल भेज सकते हैं, जिसे एडमिन पैनल के माध्यम से निराकरण के लिए सम्बंधित अधिकारी को भेजा जाएगा और निराकरण होने तक निगरानी की जायेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने बताया कि मुख्यमंत्री दर्पण पोर्टल और मोबाइल एप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हम नो पेपर मूल्यांकन और रियल टाइम मानिटरिंग की ओर बढ़ रहे हैं। स्कूल और तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने दर्पण वेबसाइट और मोबाईल एप की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस वेबसाईट की लिंक द्धह्लह्लश्चह्य://ष्द्वष्द्धद्धड्डह्लह्लद्बह्यद्दड्डह्म्द्ध-ष्द्दह्यह्लड्डह्लद्ग-द्दश1-द्बठ्ठ/॥शद्वद्गतथा योजनाओं के लिंक द्धह्लह्लश्चह्य://ष्द्वष्द्धद्धड्डह्लह्लद्बह्यद्दड्डह्म्द्ध-ष्द्दह्यह्लड्डह्लद्ग-द्दश1-द्बठ्ठ/॥शद्वद्ग/्रठ्ठस्रह्म्शद्बस्र&्रश्चश्चह्य हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुराजी गांव योजना (नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी) सहित महात्मा गाँधी की जयंती 02 अक्टूबर 2019 के दिन शुरू की जन-कल्याणकारी योजनाओं को इसमें शामिल किया गया है। इन योजनाओं में सुराजी गांव योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण योजना, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय योजना प्रमुख है। चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी समीर विश्नोई ने बताया कि मुख्यमंत्री दर्पण पोर्टल और मोबाइल एप में आम-नागरिकों के लिए अनेक सुविधाएँ दी जा रही है। वेबसाईट में 'मुख्यमंत्री जी से बातचीतÓ के अंतर्गत आमजन अपने विचार साझा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री जी से संवाद करने के लिए सीधे वेबसाईट पर लिख सकते हैं, सोशल मीडिया एकाउंट से जुड़ सकते हैं। इसमें करोना के समाधान भी बताये गये हैं। इसके अलावा दर्पण में सभी प्रमुख योजनाओं की हर प्रकार की जानकारी आंकड़ों के साथ भी उपलब्ध कराई गयी है जैसे- नरवा योजना के अंतर्गत स्वीकृत नालों की कार्य प्रगति, सर्वे अनुसार लक्ष्य, घटकवार रिपोर्ट, योजना की सफलता की झलकियाँ आदि को विस्तार से बताया गया है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / बीते दिन पीडब्लयूडी विभाग द्वारा 84 पेड़ों पर नंबर लिख कर चिन्हांकित कर रोड चौड़ीकरण हेतु उन्हें काटने की अनुमति एसडीएम कार्यालय में आवेदिन दिया है। यह मामला सामने आते ही नगर के पर्यावरण प्रेमियों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है एवं इसे फैसले को अनुमति नहीं देने के विषय में कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा से मिलने पहुंचे एवं अपनी मंाग रखी। इस पर कलेक्टर द्वारा मामले को संज्ञान में लेने की बात कही गई।
ज्ञात हो कि जिस मार्ग पर पेड़ो की कटाई प्रस्तावित है, वहां यातायात का दबाव भी इतना नहीं है कि रोड अधिक चौड़ा किया जाये एवं इससे लगा हुआ गौरवपथ बड़ी गाडिय़ों के आवाजाही उपलब्ध है तो इस रोड का निर्माण इस तरह किया जाए जिससे किसी भी पेड़ को नुकसान न पहुंचे यह मांग रखी गई। ज्ञात हो कि एक पेड़ को बड़ा होने में 10-15 वर्ष का समय लगता है एवं एक पेड़ अपने जीवनकाल में अनेक लोगो को फायदा ही पहुचाता है, लेकिन 84 पेड़ों का एक साथ काटने पर शहरवासियों का उग्र विरोध शासन को झेलना पड़ेगा।
ज्ञात हो कि वन एवं पर्यावरण मंत्री मो. अकबर जिले के प्रभारी मंत्री भी है एवं उनके क्षेत्र में पेड़ों के साथ ऐसा होना उनके ऊपर भी प्रश्रचिन्ह खड़ा करती है कि कहीं इसमें उनकी अनुमति तो नहीं फिलहाल इस निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। आज ज्ञापन सौपने के दौरान मुख्य रूप से शिवम यादव, आदित्य पराते, शुभम देवांगन, आयुष वैष्णव, रजत वैष्णव, चंदन साहू, लीलाधर प्रजापति, सुमित यादव, अमित यादवए वेदप्रकाश देवांगन आदि उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासकीय राशन विक्रेता संघ ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला अध्यक्ष संजीव डोंगरे के नेतृत्व में जिलाधीश टोपेश्वर कुमार वर्मा को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम ज्ञापन सौंपा।
शासकीय राशन विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष संजीव डोंगरे ने बताया कि राशन विक्रेता संघ के द्वारा पीडीएस की दुकानों का संचालन एवं सेवा कार्य निरंतर किया जा रहा है। शासन के आदेशो निर्देशों का पालन एवं क्रियान्वयन से स:सम्मान विक्रेताओं ने जान कि परवाह किए बिना सफलता से किया है और अपनी-अपनी दुकान संलग्न समस्त राशनकार्डधारी को उनका निर्धारित राशन सामाग्री समय पर उपलब्ध कराया है।
डोंगरे ने कहा कि छग राज्य के राशन दुकानदारों को राशन वितरण के एवज में शासन से कोई मानदेय वा वेतन निर्धारित नहीं है। सिर्फ कमीशन मिलता है, जिससे विक्रेताओं के परिवार का जीविकोपार्जन होता है, किन्तु विगत तीन माह से सामाग्री वितरण का मेहनतना कमीशन अप्राप्त है। छग राज्य में कोरोना महामारी विकराल रूप लेता जा रहा है, इस भयावह स्थिति में राशन विक्रेताओं एवं तौलक को आशा वर्कर की भांति 50,00,000 रुपये का बीमा कवर प्रदान किया जाये। वित्तीय पोषण एवं प्रोत्साहन राशि 10 रूपये प्रति म्ंिटल की दर से राज्य शासन द्वारा जारी किया है जो नागरिक आपूर्ति निगम जिला कार्यालय मे विगत 6 माह से राशि जमा है, उसे सभी विक्रेताओं के खाते मे तत्काल हस्तांतरित करने की करें।
डोंगरे ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना की स्थिति में हमारा पूरा राशन विक्रेता परिवार बहुत ज्यादा तंग हाल से जुझ रहा है। कमीशन नहीं आने की स्थिति मे भी मानवता को ध्यान मे रख कर कार्य कर रहा है। अत: जीविकोपार्जन हेतु पिछले वर्ष के खाली बारदानों एवं इस वर्ष जो बरदानों का शासन द्वारा उठाव किए गए है, उनकी राशि तत्काल उपलब्ध कराने का कष्ट करे। विक्रेता संघ द्वारा समय-समय पर राज्य सरकार से लिखित एवं मौखिक निवेदन करते रहे है कि हमें ऑनलाइन वितरण के पूर्व 45 रूपये प्रति म्ंिटल कमीशन मिलता था और ऑनलाइन वितरण करने पर 70 रुपये प्रति म्ंिटल कमीशन का वादा किया गया था। अत: आपसे निवेदन है कि 70 रूपये प्रति म्ंिटल कमीशन करने की कृपा करें। अन्य मद का कमीशन जैसे पूरक पोषण आहार, मध्यान भोजन, महतारी जतन, अमृत नमक जिसकी कमीशन वर्ष 2007-08 से ऑनलाइन डिलवरी के तहत आपके नागरिक आपूर्ति निगम जिला कार्यालय में सभी रेकॉर्ड एवं राशि उपलब्ध है, उक्त राशि विक्रेताओं को तत्काल उपलब्ध कराने का कष्ट करे। छग सरकार से निवेदन है की शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की बहुत सी राशन दुकानें किराये के भवन में संचालित है, जिसका खर्च स्वयं विक्रेता उठा रहा है, सरकार द्वारा भवन किराया एवं विद्युत खर्च की पूर्ति बाबत् राशि निर्धारित कर उपलब्ध कराने का कष्ट करें।
राशन विक्रेता हमेशा से शासन की योजनाओं को फलीभूत करता रहा है और छग राज्य के पीडीएस वितरण को देश मे गौरव प्राप्त है। अत: सहानुभूति पूर्वक उपरोक्त मांगों की पूर्ति अविलंब करने की मांग की गयी है। इस दौरान शासकीय राशन विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष संजीव डोंगरे साथ सचिव नकुल वर्मा, कोषाध्यक्ष श्रवण साहू, उपाध्यक्ष श्रीमती भारती लारिया, श्रीमती संतोषी उके, सहसचिव भुपेन्द्र यादव, सदस्य श्रीमती शिला यादव, चालेश्वर यादव, बुधराम वर्मा, शंकर साहू सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
मुंगेली / शौर्यपथ / पढई तुहंर दुवार \"आनलाईन पढाई मे लोरमी के विद्यार्थी ,पालक ,शिक्षक भी अध्ययन अध्यापन में भाग ले रहे हैं ।आज इसी क्रम में हिंदी विषय के महत्ता को समझाते हुये हमारे विकास खण्ड से शिक्षक युगल किशोर राजपूत द्वारा कक्षा 7 वी से पाठ \"सितारों से आगे \"शीर्षक में कल्पना चावला के जीवन पर प्रकाश डालते हुये उनके अंतरिक्ष यात्रा पर चित्रण किया गया ।और इस पाठ से व्याकरण भाग से संधि,मुहावरा एवं योजक चिन्ह को भी बताया गया।जिसके प्रश्नोत्तरी कार्य मे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बच्चों ने उत्तर दिया ।
जिसमें विकासखंड सहित पुरे राज्य के विद्मार्थी ने भाग लेते हुए अध्ययन अध्यापन किये।क्लास 1 घण्टे तक चला एवं कल्पना चावला के अंतरिक्ष यात्रा का लघु फि़ल्म भी दिखाया गया।कक्षा के दौरान विद्मार्थीयों का सवाल जवाब भी कौन बनेगा करोड़पति के तर्ज पर लिया गया जो बहुत ही मंनोरंजक के साथ-साथ ञानवर्दक भी रहा।आज की कक्षा मे मुख्य रुप से हमारे सहायक विकास खंड अधिकारी श्री प्रकाश तिवारी, मिल्लूराम यादव, होस्ट शिक्षक दया राम साहू, सुनीलशर्मा,अभिजीत तिवारी, राघवेन्द्र सोनी,दिलीपसाहू,भोलेश्वर जायसवाल, विष्णु सिंह राठौर,राजेंद्र लहरें, बुधेश्वर ध्रुव,उमेंदडडसेना,रामनिवास साहू,,आदि का विशेष सहयोग रहा। इसकी निरन्तरता को बनाये रखने लिये सभी संकुल समन्वयक को उचित दिशानिर्देश हमारेअधिकारियों दा्रा दिया जा रहा है।क्योंकि शाला खुलने की अनिश्चितता के कारण यही एक विकल्प है कि शिक्षक आनलाईन विद्मार्थी को पढाएंगे।ब्लाक से अभी 8 शिक्षको को क्लास लेने के लिये अप्रूवल मिला है ।जो रोज क्लास ले रहे है।
दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश की अग्रणी मानवाधिकार एवं सामाजिक संस्था एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स ने 9 जून को छत्तीसगढ़ प्रदेश के 12 शहरों के 18 ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर आयोजित किया जिसमें 306 ब्लड यूनिट होल ब्लड एवं 2 यूनिट SDP एकत्रित हुआ।
संस्था के प्रदेश स्तरीय इस रक्तदान शिविर के कार्यक्रम संयोजक श्री विवेक साहू ने बताया कि संस्था के प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज चोपड़ा के मार्गदर्शन में हुए इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के 12 शहर रायपुर, भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव, काबिरधाम (कवर्धा), बेमेतरा, महासमुंद, गरियाबंद, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ एवं सारंगढ़ के 18 ब्लड बैंक में कोरोना महामारी के कारण आयी रक्त की कमी को देखते हुए 9 जून को आयोजित किया गया जिसमें हर शहर में संस्था के सदस्यों ने एवं स्थानीय लोगो ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। शिविर का शुभारंभ रायपुर के सिटी ब्लड बैंक में प्रातः 9 बजे प्रदेश अध्यक्ष पंकज चोपड़ा ने रक्तदान कर किया।
संस्था के इस आयोजन से पूरे प्रदेश में 306 यूनिट होल ब्लड एवं 2 ओनित SDP एकत्रित हुआ। रायपुर में 76 यूनिट होल ब्लड एवं 1 SDP, भिलाई में 21 यूनिट होल ब्लड एवं 1 SDP, दुर्ग में 51 यूनिट, काबिरधाम में 32 यूनिट, बिलासपुर में 31 यूनिट, कोरबा में 27 यूनिट, राजनांदगांव में 25 यूनिट, रायगढ़ में 15 यूनिट, महासमुंद में 11 यूनिट, सारंगढ़ में 11 यूनिट, गरियाबंद में 6 यूनिट एवं बेमेतरा में 1 यूनिट एकत्रित हुए। बेमेतरा में संस्था के लगभग 20 सदस्य रक्तदान करने के लिए पहुँचे पर वहाँ के ब्लड बैंक में पर्याप्त रक्त होने के कारण मात्र 1 यूनिट रक्तदान किया गया।
इस शिविर की सबसे खास बात रही कि महिलाओं ने भी इस रक्तदान शिविर में हिस्सा लिया एवं अपनी परिचित महिलाओं को भी रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित करती रहीं।
विवेक ने आगे बताया कि इस रक्तदान शिविर में पहले से ही रक्तदाताओं को रक्तदान का समय दे दिया गया था जिससे ब्लड बैंक में भीड़ एकत्रित न हो। हर रक्तदान से पहले सीट को सेनिटाइज किया गया साथ ही रक्तदाताओं को भी ब्लड बैंक में अंदर जाने से पूर्व सेनिटाइज किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चोपड़ा ने रक्तदान शिविर के सफलता पर विवेक साहू एवं सभी जिलों के सदस्यों को बधाई देते हुए इस शिविर को 15 जून तक बढ़ाने का आह्वान किया साथ ही यह भी आशा जताई कि 15 जून तक पूरे प्रदेश में 1000 यूनिट रक्त एकत्रित हो जाएंगे जिससे पूरे प्रदेश में आई रक्त की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।दुर्ग-भिलाई में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण जैन तातेड़, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं जलाराम स्वीट्स के संचालक राज अड़तिया, सामाजिक कार्यकर्ता विकास जयसवाल, नीतू श्रीवास्तव एवं सूरज साहू का भरपूर सहयोग मिला। साथ ही छत्तीसगढ़ ब्लड डोनर फाउंडेशन, नवदृष्टि फाउंडेशन एवं श्रुति फाउंडेशन का भी भरपूर सहयोग इस शिविर में मिला।
दुर्ग में जिला अस्पताल एवं भिलाई में आशीर्वाद ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ एवं यह शिविर 15 जून तक इन ब्लड बैंकों में चलेगा।
भिलाई / शौर्यपथ / शौर्यपथ समाचार के 10 जून 2019 के अंक में छावनी स्कूल के एक मात्र बड़े मैदान ( स्कूल ) में फ्लड लाइट के खम्बे गिर जाने की खबर प्रकाशित किया था जिसके बाद इस विषय में तात्कालिक जॉन आयुक्त एवं इंजिनियर से बात की गयी थी जिनके द्वारा भरोसा दिलाया गया था कि जल्द ही हालत सुधार लिए जायेंगे और बिजली की व्यवस्था पूरी कर ली जाएगी किन्तु साल भर बाद भी स्थिति जस की तस रहने के बाद इस खबर को पुन: साल भर बाद प्रकाशित किया गया और इस मामले को क्षेत्र के विधायक व भिलाई निगम के महापौर देवेन्द्र यादव के संज्ञान में लाया गया . महापौर के जानकारी में आते ही महापौर यादव द्वारा तुरंत सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जल्द से जल्द मैदान में जो सुविधाए प्राप्त थी उन्हें सुचारू रूप से पूर्ण किया जाए .
सही निकली शौर्यपथ की आशंका
शौर्यपथ समाचार पत्र ने अपने खबर में ये आशंका व्यक्त की थी की अधिकारियों की लापरवाही के चलते छावनी क्षेत्र के खेल के एकमात्र बड़े मैदान की सुविधाओ की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जो सच साबित हुई . मामले की पूर्ण जानकारी मिलते ही महापौर देवेन्द्र यादव द्वारा अधिकारियो को तत्काल निर्देशित करते हुए आगे भविष्य में ऐसी लापरवाही ना करने की चेतावनी दी गयी .
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
