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May 31, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

नई दिल्ली / शौर्यपथ / राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े भारतीय मज़दूर संघ और मोदी सरकार अहम् आर्थिक सुधार के मसले पर आमने सामने खड़े हो गए हैं. बुधवार को भारतीय मज़दूर संघ के हज़ारों कार्यकर्ताओं ने देश के अलग अलग इलाकों में मोदी सरकार की अहम् सरकारी उपक्रमों के निजीकरण, निगमीकरण और विनिवेश की नीति के खिलाफ प्रदर्शन किया और रोलबैक की मांग की.
संघ परिवार में अहम आर्थिक सुधार के मसले पर अंदरूनी गतिरोध खुलकर सामने आ गया है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े भारतीय मज़दूर संघ के हज़ारों कार्यकर्ता बुधवार को सड़कों पर उतरे और मोदी सरकार पर मज़दूरों के हितों के खिलाफ नीति बनाने का आरोप लगाया और मांग की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पब्लिक सेक्टर यूनिट्स के निजीकरण और विनिवेश का जो ऐलान किया है उसे तत्काल वापस लिया जाये.भारतीय मज़दूर संघ के जोनल सेक्रेटरी पवन कुमार ने एनडीटीवी से कहा, "अगर मोदी सरकार इन फैसलों को (निजीकरण, कॉर्पेटाइजेशन और विनिवेश) रोलबैक नहीं करेगी तो भारतीय मजदूर संघ इससे भी कड़ा निर्णय आगे करेगी"
बीएमएस पूछा गया कि यह कड़ा निर्णय क्या हो सकता है? क्या आप आगे अनिश्चितकालीन आंदोलन भी कर सकते हैं? तो इसके जवाब में पवन कुमार ने कहा, 'निश्चित रूप से, ये आंदोलन तब तक चलेगा अगर सरकार रोलबैक नहीं करेगी .'
भारतीय मज़दूर संघ के नेता और संघ परिवार में गतिरोध
बीएमएस मुनाफा कमाने वाली कंपनियों को बेचने के खिलाफ हैं. उनके मुताबिक रेलवे और डिफेन्स आर्डिनेंस फैक्ट्रीज बोर्ड के कोर्पोरटिजशन का फैसला गलत है. कोयला सेक्टर का कमर्शियलाइजेशन मज़दूर के हित में नहीं और डिफेन्स जैसे स्ट्रेटेजिक सेक्टर में एफडीआई को मंज़ूरी गलत फैसला है.
इससे पहले भारतीय मज़दूर संघ को छोड़कर मोदी सरकार की नई आर्थिक सुधर के एजेंडे के खिलाफ 10 बड़े केंद्रीय श्रमिक संगठन लामबंद हो चुके हैं और उन्होंने 3 जुलाई को देश भर में साझा विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है कोरोना संकट के इस दौर में जहाँ एक तरफ मोदी सरकार आर्थिक सुधार के नए अजेंडे के ज़रिये नए वित्तीय संसाधन जुटाना चाहती है वहीँ देश में बढ़ते मज़दूरों के संकट से भारतीय मज़दूर संघ और दूसरे बड़े श्रमिक संगठन इन फैसलों को रोलबैक करने को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा रहे हैं. अब देखना होगा सरकार बड़े श्रमिक संगठनों के इस विरोध से कैसे निपटती है.

मुम्बई / शौर्यपथ / विश्व्यापी महामारी ने देश में अपना पैर पसारना चालु कर दिया है . देश में सबसे ज्यादा मरीज महाराष्ट्र में पाए जा रहे है वही अकेले मुंबई में 52  हजार  मरीज इस बीमारी से संक्रमित है . देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. देश में कोरोनावायरस के 2 लाख 76 हजार से ज्यादा मामले हैं वहीं, अब तक 7700 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. इस बीच देश के सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 94 हजार के पार कर गया है. वहीं, अकेले मुंबई में इसके 52 हजार से ज्यादा केस हैं. महाराष्ट्र में बुधवार को कोरोनावायरस के 3,254 नए मरीजों की पुष्टि होने के बाद संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 94,041 पहुंच गया.
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि महामारी से 149 और संक्रमितों की मौत हो गई है. इसके बाद राज्य में कोविड-19 के कारण दम तोड़ने वाले मरीजों की संख्या 3,438 हो गई है. वहीं 1,879 मरीजों को इलाज के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी गई है. इसके साथ संक्रमण से ठीक होने वाले रोगियों का आकंड़ा 44,517 हो गया है. राज्य में बीमारी का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 46,074 है. राज्य में अबतक 5,93,784 नमूनों की जांच की गई है. वहीं, मुंबई में बुधवार को 1567 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 52 हजार 667 हो गया है. सिर्फ मुंबई में अब तक 1857 लोगों की मौत हो चुकी है.

            उधर, देश में बुधवार को पहली बार कोविड-19 से स्वस्थ हो चुके लोगों की संख्या संक्रमण का इलाज करा रहे रोगियों से अधिक हो गई. वहीं देश में एक दिन में संक्रमण के नए मामलों की संख्या 10,000 के करीब होने के साथ देश में रोगियों का आंकड़ा 2.7 लाख के पार चला गया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में कोविड-19 से 279 लोगों की मौत हो गई और इसे मिलाकर अब तक 7,745 लोग इस बीमारी से जान गंवा चुके हैं. मंत्रालय ने बताया कि देश में अब भी 1,33,632 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 1,35,205 लोग स्वस्थ हो गए और एक मरीज देश छोड़कर चला गया.( एजेंसी )

नई दिल्ली / शौर्यपथ / देश में जारी कोरोना संकट के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच कोरोना के मुद्दे पर चर्चा हुई. दिल्ली के मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, गृह मंत्री अमित शाह से मिला और दिल्ली में कोरोना की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने सहयोग का आश्वासन दिया.' बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 33 हजार के करीब पहुंच गया है. दिल्ली में अभी कोरोना संक्रमितों के 32 हजार 810 मामले हैं और मौत का आंकड़ा 984 पहुंच गया है.
इससे पहले दिन में दिल्ली के मुख्यमंत्री ने दिन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. शुरुआत में केजरीवाल ने कहा, ''दिल्ली में 31,000 कुल मामले हो चुके हैं, 12,000 ठीक हो चुके हैं जबकि करीब 18000 अभी एक्टिव केस हैं. करीब 900 लोगों की मौत हो चुकी है. 18000 एक्टिव मामलों में से 15000 होम आइसोलेशन में हैं. कल DDMA की बैठक थी. मुझे जाना था मैं नहीं जा पाया, मनीष सिसोदिया जी और अन्य मंत्री गण गए थे.
CM केजरीवाल ने कहा, ''वहां पर जो आंकड़े सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए वह आंकड़े दिखाते हैं कि आने वाले समय में दिल्ली में कोरोना बहुत तेजी से फैलेगा. 15 जून को 44,000 केस होने की संभावना है. 30 जून तक 1,00,000 केस हो जाएंगे. 15 जुलाई तक सवा दो लाख केस हो जाएंगे और 31 जुलाई तक लगभग 5,32,000 केस हो जाएंगे. इसको देखते हुए 15 जून तक हमें 6,681 बेड की जरूरत पड़ेगी. 31 जुलाई तक 80,000 बेड की जरूरत पड़ेगी. चुनौती बहुत बड़ी है.''
उन्होंने कहा, ''अब जनांदोलन बनाना होगा. मास्क पहनना, बार-बार हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग करनी है. जो ऐसा नहीं कर रहा उससे विनती करनी है कि आप कीजिए. क्योंकि जो नियमों का पालन नहीं कर रहा, वह दूसरो को फैल सकता है. जैसे ओड इवन में हमने जन आंदोलन किया था वैसे ही अब कोरोना में करना है.''
मुख्यमंत्री ने कहा, ''दिल्ली की कैबिनेट ने फैसला किया था कि कोरोना के दौरान दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में केवल दिल्ली वासियों का इलाज हो. सोमवार को एलजी साहब ने दिल्ली की कैबिनेट का फैसला पलट दिया. दिल्ली में चुनी हुई सरकार है. चुनी हुई सरकार के फैसले को एलजी साहब पलट नहीं सकते कुछ लोग ऐसा कह रहे थे. मेरा कहना है कि केंद्र सरकार ने निर्णय ले लिया एलजी साहब ने फैसला कर लिया है.'' ( एजेंसी )

जयपुर / शौर्यपथ / राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने आरोप लगाया है कि कर्नाटक और मध्‍य प्रदेश की तर्ज पर राजस्‍थान की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्‍होंने इस संबंध में राज्य में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख को पत्र लिखा है. पत्र में हालांकि बीजेपी के नाम का जिक्र नहीं है लेकिन इशारा इसी पार्टी की ओर है. महेश जोशी के पत्र में कहा गया है, 'हमारे विधायकों और उन निर्दलीय उम्मीदवारों, जिन्‍होंने हमें समर्थन दिया है, को धन शक्ति के साथ लुभाने की कोशिश की जा रही है.'
         पत्र के अनुसार, यह सब लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है और एंटी करप्‍शन ब्‍यूरों को इसकी जांच करनी चाहिए. एसीबी के महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने मुख्‍य सचेतक महेश जोशी की ओर से पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायत पर उचित कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा,'' शिकायत मिली है और इसकी जांच होगी.''गौरतलब है कि यह पत्र ऐसे समय सामने आया है जब राज्‍यसभा चुनावों के लिए 19 जून को मतदान होना है. राजस्‍थान में तीन राज्‍यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है, जिसमें से दो कांग्रेस और एक बीजेपी के पक्ष में जाने की उम्‍मीद है. हालांकि बीजेपी ने एक के बजाय दो उम्‍मीदवारों को मैदान में उतरकर कांग्रेस में 'भितरघात या क्रॉस वोटिंग' की अटकलों को बढ़ा दिया है.
          इस बीच आगामी राज्यसभा चुनावों को लेकर चर्चा करने के लिए कांग्रेस व उसके समर्थक विधायक बुधवार शाम को मुख्यमंत्री निवास पर पहुंचे. यहां से उन्हें बसों से दिल्ली राजमार्ग पर स्थित एक रिसॉर्ट पर ले जाया गया. इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी वहां पहुंचे. वहीं राज्यसभा चुनाव पर चर्चा के लिए जयपुर पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस के पास सम्पूर्ण बहुमत है और उसके विधायक किसी प्रलोभन में नहीं आएंगे. भाजपा द्वारा कुछ निर्दलीय विधायकों को कथित तौर पर प्रलोभन दिये जाने के सवाल पर सुरजेवाला ने कहा कि राजस्थान की वीर भूमि में भाजपा के मंसूबे कामयाब नहीं होंगे. उधर,भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है. उन्होंने कहा— भले ही वह कांग्रेस, बीजेपी पर आरोप लगाये लेकिन उनका खुद का घर सुरक्षित नहीं है. उनको अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है और इसलिये इस तरीके की नौबत आज कांग्रेस पार्टी के भीतर आई है.
      राज्‍य विधानसभा में इस समय कांग्रेस के 107 विधायक हैं, इसमें पिछले साल बीएसपी से टूटकर कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायक शामिल हैं. कांग्रेस को 12 निर्दलीयों का समर्थन भी हासिल है. दूसरी ओर, बीजेपी के 72 विधायक हैं, हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी के तीन विधायकों का समर्थन भी उसे हासिल है. प्रत्येक उम्मीदवार को जीतने के लिए आदर्श रूप से 51 प्रथम वरीयता वाले वोटों की आवश्यकता होती है, ऐसे में कांग्रेस की राह आसान लग रही है. बीजेपी के दूसरे उम्‍मीदवार के जीतने की संभावना उसी स्थिति में बन सकती है यदि पर्याप्‍त संख्‍या में कांग्रेस के विधायक क्रॉस वोटिंग करें और निर्दलीय विधायक भी बीजेपी के पक्ष में पाला बदल लें. ( एजेंसी )

मुंगेली / शौर्यपथ / पढई तुहंर दुवार \"आनलाईन पढाई मे लोरमी के विद्यार्थी ,पालक ,शिक्षक भी अध्ययन अध्यापन में भाग ले रहे हैं ।आज इसी क्रम में हिंदी विषय के महत्ता को समझाते हुये हमारे विकास खण्ड से शिक्षक युगल किशोर राजपूत द्वारा कक्षा 7 वी से पाठ \"सितारों से आगे \"शीर्षक में कल्पना चावला के जीवन पर प्रकाश डालते हुये उनके अंतरिक्ष यात्रा पर चित्रण किया गया ।और इस पाठ से व्याकरण भाग से संधि,मुहावरा एवं योजक चिन्ह को भी बताया गया।जिसके प्रश्नोत्तरी कार्य मे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बच्चों ने उत्तर दिया ।
जिसमें विकासखंड सहित पुरे राज्य के विद्मार्थी ने भाग लेते हुए अध्ययन अध्यापन किये।क्लास 1 घण्टे तक चला एवं कल्पना चावला के अंतरिक्ष यात्रा का लघु फ़िल्म भी दिखाया गया।कक्षा के दौरान विद्मार्थीयों का सवाल जवाब भी कौन बनेगा करोड़पति के तर्ज पर लिया गया जो बहुत ही मंनोरंजक के साथ-साथ ञानवर्दक भी रहा।आज की कक्षा मे मुख्य रुप से हमारे सहायक विकास खंड अधिकारी श्री प्रकाश तिवारी, मिल्लूराम यादव, होस्ट शिक्षक दया राम साहू, सुनीलशर्मा,अभिजीत तिवारी, राघवेन्द्र सोनी,दिलीपसाहू,भोलेश्वर जायसवाल, विष्णु सिंह राठौर,राजेंद्र लहरें, बुधेश्वर ध्रुव,उमेंदडडसेना,रामनिवास साहू,,आदि का विशेष सहयोग रहा। इसकी निरन्तरता को बनाये रखने लिये सभी संकुल समन्वयक को उचित दिशानिर्देश हमारेअधिकारियों दा्रा दिया जा रहा है।क्योंकि शाला खुलने की अनिश्चितता के कारण यही एक विकल्प है कि शिक्षक आनलाईन विद्मार्थी को पढाएंगे।ब्लाक से अभी 8 शिक्षको को क्लास लेने के लिये अप्रूवल मिला है ।जो रोज क्लास ले रहे है।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / बीते दिन पीडब्लयूडी विभाग द्वारा 84 पेड़ों पर नंबर लिख कर चिन्हांकित कर रोड चौड़ीकरण हेतु उन्हें काटने की अनुमति एसडीएम कार्यालय में आवेदिन दिया है। यह मामला सामने आते ही नगर के पर्यावरण प्रेमियों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है एवं इसे फैसले को अनुमति नहीं देने के विषय में कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा से मिलने पहुंचे एवं अपनी मंाग रखी। इस पर कलेक्टर द्वारा मामले को संज्ञान में लेने की बात कही गई। ज्ञात हो कि जिस मार्ग पर पेड़ो की कटाई प्रस्तावित है, वहां यातायात का दबाव भी इतना नहीं है कि रोड अधिक चौड़ा किया जाये एवं इससे लगा हुआ गौरवपथ बड़ी गाड़ियों के आवाजाही उपलब्ध है तो इस रोड का निर्माण इस तरह किया जाए जिससे किसी भी पेड़ को नुकसान न पहुंचे यह मांग रखी गई। ज्ञात हो कि एक पेड़ को बड़ा होने में 10-15 वर्ष का समय लगता है एवं एक पेड़ अपने जीवनकाल में अनेक लोगो को फायदा ही पहुचाता है, लेकिन 84 पेड़ों का एक साथ काटने पर शहरवासियों का उग्र विरोध शासन को झेलना पड़ेगा।
ज्ञात हो कि वन एवं पर्यावरण मंत्री मो. अकबर जिले के प्रभारी मंत्री भी है एवं उनके क्षेत्र में पेड़ों के साथ ऐसा होना उनके ऊपर भी प्रश्रचिन्ह खड़ा करती है कि कहीं इसमें उनकी अनुमति तो नहीं फिलहाल इस निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। आज ज्ञापन सौपने के दौरान मुख्य रूप से शिवम यादव, आदित्य पराते, शुभम देवांगन, आयुष वैष्णव, रजत वैष्णव, चंदन साहू, लीलाधर प्रजापति, सुमित यादव, अमित यादवए वेदप्रकाश देवांगन आदि उपस्थित थे।

राजनांदगाँव / शौर्यपथ / डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष पदम कोठारी ने आज रेंगाकठेरा, पदुमतरा, घुमका, उपरवाह विभिन्न गांव का सोसायटी का निरीक्षण किये व किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का निराकरण किये। रेंगाकठेरा में बताया गया कि उपशाखा होने के कारण मुख्य शाखा जाना पड़ता है। विधायक ने शाखा प्रबंधक से समस्या से जल्द निराकरण करने कहा गया। पदुमतरा में धान खरीदी केंद्र के स्थान को बदलने की मांग किया गया। घुमका में विधायक व जिलाध्यक्ष ने व्यवस्था सुधार करने कहा गया। खाद-बीज की व्यवस्था में सुधार करने करने कहा गया। उपरवाह भी किसानों की समस्याओं से रूबरू हुवे व सभी जगह बताया गया घुमका शाखा में 94 गांव के किसानों का लेन-देन होने के कारण भीड़-भाड़ व किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा, जिसका विभाजन किया जाना अवश्य है। विधायक बघेल ने जल्द इस पर विशेष पहल करने का आश्वासन दिया। साथ में जिला पंचायत सदस्य हर्षिता स्वामी बघेल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दुर्गेश द्विवेदी, जनपद सभापति ओमप्रकाश साहू, जनपद सदस्य झमेश्वरी साहू, रामकुमार साहू, कुलेश्वर वर्मा, ललित चांदतारे, टिंकू यादव, मोहन साहू, चंद्रेश वर्मा, रतन यादव, प्रहलाद वर्मा, जयकुमार वर्मा, भागवत वर्मा, नवनीत साहू, विक्की, संतोष देवांगन, सफिल खान, अजय वर्मा, कपिल वर्मा, यशवंत साहू, पन्ना वर्मा एवं पंचायत प्रतिनिधि, कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान साथी उपस्थित रहे।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासकीय राशन विक्रेता संघ ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला अध्यक्ष संजीव डोंगरे के नेतृत्व में जिलाधीश टोपेश्वर कुमार वर्मा को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम ज्ञापन सौंपा।
शासकीय राशन विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष संजीव डोंगरे ने बताया कि राशन विक्रेता संघ के द्वारा पीडीएस की दुकानों का संचालन एवं सेवा कार्य निरंतर किया जा रहा है। शासन के आदेशो निर्देशों का पालन एवं क्रियान्वयन से सःसम्मान विक्रेताओं ने जान कि परवाह किए बिना सफलता से किया है और अपनी-अपनी दुकान संलग्न समस्त राशनकार्डधारी को उनका निर्धारित राशन सामाग्री समय पर उपलब्ध कराया है।
डोंगरे ने कहा कि छग राज्य के राशन दुकानदारों को राशन वितरण के एवज में शासन से कोई मानदेय वा वेतन निर्धारित नहीं है। सिर्फ कमीशन मिलता है, जिससे विक्रेताओं के परिवार का जीविकोपार्जन होता है, किन्तु विगत तीन माह से सामाग्री वितरण का मेहनतना कमीशन अप्राप्त है। छग राज्य में कोरोना महामारी विकराल रूप लेता जा रहा है, इस भयावह स्थिति में राशन विक्रेताओं एवं तौलक को आशा वर्कर की भांति 50,00,000 रुपये का बीमा कवर प्रदान किया जाये। वित्तीय पोषण एवं प्रोत्साहन राशि 10 रूपये प्रति मि्ंटल की दर से राज्य शासन द्वारा जारी किया है जो नागरिक आपूर्ति निगम जिला कार्यालय मे विगत 6 माह से राशि जमा है, उसे सभी विक्रेताओं के खाते मे तत्काल हस्तांतरित करने की करें।
डोंगरे ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना की स्थिति में हमारा पूरा राशन विक्रेता परिवार बहुत ज्यादा तंग हाल से जुझ रहा है। कमीशन नहीं आने की स्थिति मे भी मानवता को ध्यान मे रख कर कार्य कर रहा है। अतः जीविकोपार्जन हेतु पिछले वर्ष के खाली बारदानों एवं इस वर्ष जो बरदानों का शासन द्वारा उठाव किए गए है, उनकी राशि तत्काल उपलब्ध कराने का कष्ट करे। विक्रेता संघ द्वारा समय-समय पर राज्य सरकार से लिखित एवं मौखिक निवेदन करते रहे है कि हमें ऑनलाइन वितरण के पूर्व 45 रूपये प्रति मि्ंटल कमीशन मिलता था और ऑनलाइन वितरण करने पर 70 रुपये प्रति मि्ंटल कमीशन का वादा किया गया था। अतः आपसे निवेदन है कि 70 रूपये प्रति मि्ंटल कमीशन करने की कृपा करें। अन्य मद का कमीशन जैसे पूरक पोषण आहार, मध्यान भोजन, महतारी जतन, अमृत नमक जिसकी कमीशन वर्ष 2007-08 से ऑनलाइन डिलवरी के तहत आपके नागरिक आपूर्ति निगम जिला कार्यालय में सभी रेकॉर्ड एवं राशि उपलब्ध है, उक्त राशि विक्रेताओं को तत्काल उपलब्ध कराने का कष्ट करे। छग सरकार से निवेदन है की शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की बहुत सी राशन दुकानें किराये के भवन में संचालित है, जिसका खर्च स्वयं विक्रेता उठा रहा है, सरकार द्वारा भवन किराया एवं विद्युत खर्च की पूर्ति बाबत् राशि निर्धारित कर उपलब्ध कराने का कष्ट करें।
राशन विक्रेता हमेशा से शासन की योजनाओं को फलीभूत करता रहा है और छग राज्य के पीडीएस वितरण को देश मे गौरव प्राप्त है। अतः सहानुभूति पूर्वक उपरोक्त मांगों की पूर्ति अविलंब करने की मांग की गयी है। इस दौरान शासकीय राशन विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष संजीव डोंगरे साथ सचिव नकुल वर्मा, कोषाध्यक्ष श्रवण साहू, उपाध्यक्ष श्रीमती भारती लारिया, श्रीमती संतोषी उके, सहसचिव भुपेन्द्र यादव, सदस्य श्रीमती शिला यादव, चालेश्वर यादव, बुधराम वर्मा, शंकर साहू सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

नई दिल्ली /शौर्यपथ/ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस की. तबियत खराब होने पर सीएम केजरीवाल का कोविड-19 टेस्ट कराया गया, जिसके बाद मंगलवार की शाम को रिपोर्ट निगेटिव आई. इस पर उन्होंने शुभकामनाएं देने वालों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया. उन्होंने डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ''आइसोलेशन में शरीर बंद था लेकिन मन इसी में लगा हुआ था कि और क्या-क्या करने की जरूरत है.''
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में केजरीवाल ने कहा, ''दिल्ली में 31,000 कुल मामले हो चुके हैं, 12,000 ठीक हो चुके हैं जबकि करीब 18000 अभी एक्टिव केस हैं. करीब 900 लोगों की मौत हो चुकी है. 18000 एक्टिव मामलों में से 15000 होम आइसोलेशन में हैं. कल DDMA की बैठक थी. मुझे जाना था मैं नहीं जा पाया, मनीष सिसोदिया जी और अन्य मंत्री गण गए थे.

CM केजरीवाल ने कहा, ''वहां पर जो आंकड़े सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए वह आंकड़े दिखाते हैं कि आने वाले समय में दिल्ली में कोरोना बहुत तेजी से फैलेगा. 15 जून को 44,000 केस होने की संभावना है. 30 जून तक 1,00,000 केस हो जाएंगे. 15 जुलाई तक सवा दो लाख केस हो जाएंगे और 31 जुलाई तक लगभग 5,32,000 केस हो जाएंगे. इसको देखते हुए 15 जून तक हमें 6,681 बेड की जरूरत पड़ेगी. 31 जुलाई तक 80,000 बेड की जरूरत पड़ेगी. चुनौती बहुत बड़ी है.''

उन्होंने कहा, ''अब जनांदोलन बनाना होगा. मास्क पहनना, बार-बार हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग करनी है. जो ऐसा नहीं कर रहा उससे विनती करनी है कि आप कीजिए. क्योंकि जो नियमों का पालन नहीं कर रहा, वह दूसरो को फैल सकता है. जैसे ओड इवन में हमने जन आंदोलन किया था वैसे ही अब कोरोना में करना है.''

मुख्यमंत्री ने कहा, ''दिल्ली की कैबिनेट ने फैसला किया था कि कोरोना के दौरान दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में केवल दिल्ली वासियों का इलाज हो. सोमवार को एलजी साहब ने दिल्ली की कैबिनेट का फैसला पलट दिया. दिल्ली में चुनी हुई सरकार है. चुनी हुई सरकार के फैसले को एलजी साहब पलट नहीं सकते कुछ लोग ऐसा कह रहे थे. मेरा कहना है कि केंद्र सरकार ने निर्णय ले लिया एलजी साहब ने फैसला कर लिया है.''

CM केजरीवाल ने आगे कहा, ''यह समय मतभेद का नहीं है. एलजी साहब ने जो आदेश दे दिया उसको लागू किया. केंद्र सरकार के निर्णय को लागू किया जाएगा. इस पर कोई लड़ाई झगड़ा या वाद-विवाद नहीं करना है. सभी लोगों को और पार्टी के लोगों को मैं संदेश देना चाहता हूं कि हम इस फैसले को लागू करेंगे. बहुत बड़ी चुनौती है और अभूतपूर्व चुनौती है. 15 जुलाई को दिल्ली में 33,000 और 31 जुलाई को 80,000 बेड की जरूरत पड़ेगी.''

उन्होंने कहा, ''जब कोरोना नहीं था तब 50% बाहर से आने वाले इलाज कराते थे, तो इस लिहाज से जितने बेड दिल्ली के लिए चाहिए उतने ही दिल्ली से बाहर से आने वालों के लिए भी चाहिए. 31 जुलाई के हिसाब से लगभग डेढ़ लाख बेड की जरूरत पड़ेगी. हम पूरी कोशिश करेंगे जो बन सकेगा हमारी जिम्मेदारी भी है और यह सेवा का काम है.''

मुख्यमंत्री ने कहा, ''कल या परसों से मैं खुद निकलूंगा. बैंक्वेट हॉल और स्टेडियम को तैयार करवाएंगे. हमारे काम में 100 कमियां रह सकती है लेकिन हमारी नियत में कोई कमी नहीं है. पड़ोसी राज्यों से निवेदन कि वह भी अपने यहां समुचित व्यवस्था करें और वह लोग कर भी रहे होंगे. मीडिया वाले बहुत अच्छा काम कर रहे हैं मैं मीडिया वालों को सेल्यूट करना चाहता हूं. आप लोग हमारी जो जो कमियां रह जाती हैं वह रोज हमको बताते हैं. आपने हमारी मोबाइल ऐप में कमियां बताई हमने पिछले एक हफ्ते में उसको काफी ठीक किया है.''

अरविंद केजरीवाल ने कहा, ''लगभग हर चैनल पर कुछ मरीजों या उनके रिश्तेदारों को अस्पताल के बारे में बताया जाता है कि उनको बेड नहीं मिला. मैं सोच रहा था कि कुल 15 चैनल होंगे, लेकिन ऐसे बहुत से लोगों के जिनको बेड नहीं मिला होगा. पिछले 8 दिनों में दिल्ली के अस्पतालों में उन्नीस सौ लोगों का एडमिशन हुआ. आज करीब 42 सौ बेड खाली हैं लेकिन ज्यादातर सरकारी में है प्राइवेट में ज़्यादातर भर गए हैं. उन्नीस सौ लोगों को बेड मिले तो सो डेढ़ सौ लोग ऐसे भी होंगे जिनको बेड के लिए धक्के खाने पड़े होंगे.''

 

गुवाहाटी / शौर्यपथ /असम के तिनसुकिया जिले में ऑयल इंडिया लिमिटेड के प्राकृतिक गैस के कुएं में मंगलवार को भयानक आग भड़क गई थी, जिसके बाद यहां फायरफाइटर्स बचाव कार्य के लिए पहुंचे थे. लेकिन बुधवार को यहां घटनास्थल पर दो फायरफाइटर मृत पाए गए हैं. इस आग को बुझाने की कोशिशें अभी तक चल रही हैं. इस तेल के कुएं में पिछले 14 दिनों से गैस का रिसाव हो रहा था, जिसके बाद मंगलवार को यहां किसी तरह से आग लग गई. अधिकारियों का कहना है कि हादसे के 1.5 किलोमीटर तक के इलाके में आग पर काबू पा लिया गया है लेकिन चूंकि कुएं से लगातार गैस निकल रही है, ऐसे में आग पूरी तरह से नहीं बुझ रही.
असम सरकार की ओर से मदद मांगने के बाद से भारतीय एयरफोर्स और आर्मी फायरफाइटिंग ऑपरेशन में मदद कर रहे हैं. पैरामिलिट्री फोर्स ने इलाके को खाली करा लिया है.
ऑयल इंडिया ने मंगलवार को बताया कि क्लियरिंग ऑपरेशन के दौरान कुएं में आग लग गई थी. कंपनी की ओर से बताया गया कि ऑयल इंडिया और ONGC की टीमों को वहां से निकाल लिया गया है. कुएं में गैस रिसाव को पूरी तरह से बंद करने के लिए सिंगापुर से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है. सूत्रों का कहना है कि रिसाव पर पूरी तरह से काबू पाने के लिए कम से चार हफ्ते लगेंगे.
फिलहाल, प्राकृतिक गैस के कुएं के डेढ़ किमी के दायरे में रहने वाले कम से कम 6,000 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में रखा गया है. ऑयल इंडिया लिमिटेड ने भी प्रभावित परिवारों को प्रत्येक को 30,000 रुपये की वित्तीय मदद देने की घोषणा की है.
बता दें कि गुवाहाटी से लगभग 500 किमी दूर बागहजन तिनसुकिया में इस तेल कुएं में 27 मई को विस्फोट हुआ था और पिछले 14 दिनों से गैस का रिसाव हो रहा था, जिससे इस क्षेत्र की आर्द्रभूमि और जैव विविधता को गंभीर नुकसान पहुंचा है. ये आग इतनी भीषण लगी थी कि इसकी लपटें दो किलोमीटर दूर से दिखाई पड़ रही थीं. आशंका है कि इस आग से आसपास के इलाकों को भयंकर नुकसान पहुंचेगा.
मंगलवार को आग की घटना सामने आने के बाद असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से बात की थी. इसके अलावा, गैस रिसाव के क्षेत्र में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की तैनाती की गई थी और असम के शीर्ष अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी थी.

 

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