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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
भाजपा का 2 साल छत्तीसगढ़ बेहाल
रायपुर/(shouryapath) प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने भारतीय जनता पार्टी की 2 साल की सरकार को खस्ता हाल बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अपराध का ग्राफ बढ़ा है और अपराधी बेलगाम होते जा रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ा है। हर तीन घंटे में एक महिला दुष्कर्म का शिकार हो रही हैं। सिर्फ बलात्कार ही नहीं हत्या, लूट, अपहरण जैसे अपराधों के मामलों में भी रायपुर प्रदेश में सबसे आगे है। आंकड़ों के मुताबिक दुष्कर्म के मामले में रायपुर पहले पायदान पर है, जबकि बिलासपुर दूसरे और कोरबा तीसरे नंबर पर है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि फरवरी 2025 के इन सब आंकड़ों में बलात्कार के आंकड़े सबसे ज्यादा चौकाने वाले हैं। प्रदेश में एक साल के भीतर बलात्कार के कुल 3191 केस दर्ज किए गए हैं। इस हिसाब से रोज प्रदेश में 8 से 9 महिलाएं दुराचार का शिकार बन रही हैं। इस तरह से छत्तीसगढ़ में हर 3 घंटे में एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना हो रही है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जब-जब कोई स्लोगन दिया है, तब-तब उसका विपरीत ही हुआ है। जैसे की बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का नारा पर बेटियों के ऊपर अत्याचार, अनाचार की घटनाएं बढ़ती ही जा रही है और ना ही बेटी आगे पढ़ पा रही है, वैसे ही एक और स्लोगन भारतीय जनता पार्टी ने दिया है, हमने बनाया है और हम ही सवारेंगे लेकिन इसके विपरीत प्रदेश की जल, जंगल, जमीन को बेचने की तैयारी में लगे हुए हैं। विष्णु देव साय के सरकार में बिजली, खाद, जमीन, घर, रेत सीमेंट महंगा। मूलभूत के सभी वस्तुओं के दाम में वृद्धि होती जा रही है।
रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बिजली बिल सरकार प्रायोजित लूट के उदाहरण है। हर जगह बिजली उपभोक्ताओं की शिकायत है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनकी खपत वास्तविक खपत से अधिक बताई जा रही है, स्मार्ट मीटर सामान्य मीटर की तुलना में बहुत तेजी से चल रहा है। बिजली उपभोक्ताओं का यह अधिकार है कि अपनी वास्तविक खपत को जान सके। चेक मीटर का प्रावधान पहले से ही था, लेकिन यह सरकार अपनी लूट पर परदेदारी करने के लिए चेक मीटर लगाने और मीटर चेक करवाने उपभोक्ताओं से 1000 और 1500 रुपए शुल्क लेने का प्रावधान कर दिया गया है, यदि मीटर में गड़बड़ी का आरोप उपभोक्ता लगा रहे हैं, तो उसे मुफ्त में चेक किया जाए, किसी भी तरह से अतिरिक्त शुल्क अनुचित है। यह प्रावधान सरकार ने गड़बड़ी छुपाने के लिये किया है। मीटर चेक शुल्क का प्रावधान तत्काल वापस ले सरकार।
भाजपा सरकार बिजली बिल के नाम पर जनता को लूट रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार ने बिजली के दाम चार बार बढ़ा दिया। 400 यूनिट हाफ योजना को बंद कर दिया। स्मार्ट मीटर लगा दिया इन सबसे बिजली के दाम बेतहाशा बढ़ गए, जनता परेशान है। सरकार, जनता को राहत देने के बजाय अब बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एफपीपीएस) के रूप में अतिरिक्त चार्ज इस महीने से लगाने जा रही, इससे बिजली के दाम एक बार फिर से बढ़ेंगे। कांग्रेस, सरकार के इस निर्णय का विरोध करती है। सरकार, कोयले का सेस कम होने के कारण बिजली का दाम कम तो नहीं कर रही, ऊपर से एक नया टैक्स लगा रही।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 400 यूनिट तक छूट को आधी करके 200 यूनिट किया, उसमें भी यह शर्त लगा दिया गया कि खपत 400 यूनिट से अधिक होते ही सारी छूट, राहत, रियायत पूरी तरह खत्म। ऊपर से सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगाकर अधिक वसूली कर रहे है। अधिक मुनाफाखोरी के लालच में यह सरकार अनाप-शनाप बिजली बिल वसूलने के लिए नए नए पैंतरे अपना रही है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ की साहित्यिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में “रायपुर साहित्य उत्सव : आदि से अनादि तक” का आयोजन 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर में किया जा रहा है। इसी क्रम में नांदगांव संस्कृति एवं साहित्य परिषद तथा साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के संयुक्त तत्वावधान में प्रेस क्लब राजनांदगांव में एक विचारोत्तेजक परिचर्चा आयोजित की गई।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्री सुशील कोठारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा ने अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में पुरातत्वविद डॉ. आर.एन. विश्वकर्मा, हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. शंकर मुनि राय तथा अनेक वरिष्ठ साहित्यकार शामिल रहे।
मुख्य अतिथि श्री सुशील कोठारी ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है और कठिन से कठिन समय में भी समाज को दिशा देने का कार्य करता है। उन्होंने गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ. पदुमलाल पन्नालाल बख्शी और डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र जैसे महान साहित्यकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनांदगांव की परंपरा में और भी नाम जोड़ने का दायित्व आज की पीढ़ी का है। सोशल मीडिया के दौर में घटती पठन संस्कृति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने दिग्विजय कॉलेज को साहित्यकारों की कर्मभूमि बताया और नगर की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को रेखांकित किया।
साहित्य अकादमी अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा ने कहा कि तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बौद्धिक चेतना को जाग्रत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि साहित्य के जरिए पीढ़ी दर पीढ़ी ज्ञान का हस्तांतरण होता है। श्रुति परंपरा, ब्रह्मनाद और भारतीय दर्शन की चर्चा करते हुए उन्होंने नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का आह्वान किया तथा सभी साहित्यकारों से उत्सव में सक्रिय सहभागिता की अपील की।
पुरातत्वविद डॉ. आर.एन. विश्वकर्मा ने कहा कि इतिहास को समझने के लिए साहित्य और संस्कृति का अध्ययन अनिवार्य है। साहित्य के माध्यम से ही किसी युग के सुख-दुख, राग-द्वेष और परिस्थितियों का चित्रण होता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्राचीन राजवंशों और ताला ग्राम की पुरातात्विक धरोहरों का उल्लेख करते हुए प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा पर प्रकाश डाला।
हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. शंकर मुनि राय ने कहा कि साहित्य मनुष्यता का निर्माण करता है और समाज को जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने मुक्तिबोध, बख्शी और बल्देव प्रसाद मिश्र के साहित्यिक अवदानों को स्मरण करते हुए कहा कि साहित्य सृजन देश के सौहार्द और मानवीय मूल्यों को केंद्र में रखकर होना चाहिए।
चेयरमेन अध्ययन बोर्ड (मानविकी) सीएसवीटीयू डॉ. चंद्रशेखर शर्मा ने अपने आधार वक्तव्य में राजनांदगांव को साहित्यकारों का शहर बताते हुए इसकी वाचिक परंपरा और रचनात्मक उर्वरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह भूमि सरस्वती की साधना से समृद्ध रही है और यहां की साहित्यिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।
परिचर्चा में अनेक वरिष्ठ साहित्यकारों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सूर्यकांत मिश्रा ने किया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि साहित्य केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य को दिशा देने वाली जीवंत शक्ति है।
- नागरिकों से सर्वे दल के घर पहुंचने पर पूर्ण सहयोग करने की अपील की गई
- कुष्ठ रोग का उपचार सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में नि:शुल्क उपलब्ध
राजनांदगांव / शौर्यपथ / राज्य शासन निर्देशानुसार जिले में सघन कुष्ठ जांच खोज अभियान 8 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक चलाया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया की कुष्ठ जांच खोज अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में कुष्ठ रोग की समय पर पहचान, त्वरित उपचार सुनिश्चित करना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने नागरिकों से सर्वे दल के घर पहुंचने पर पूर्ण सहयोग करने के लिए अपील की है। परिवार के सभी सदस्यों की जांच अवश्य करवाएं ताकि कुष्ठ मुक्त समाज का लक्ष्य हासिल किया जा सके। कुष्ठ रोग पूर्णत: उपचार योग्य है तथा यह रोग छूने अथवा हाथ मिलाने से नहीं फैलता। कुष्ठ रोग का उपचार सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में नि:शुल्क उपलब्ध है।
कुष्ठ अधिकारी डॉ. अल्पना लुनिया ने बताया कि कुष्ठ जांच खोज अभियान के तहत जिले के सभी विकासखंडो में स्वास्थ्य विभाग की प्रशिक्षित टीम आरएचओ एवं मितनिनों द्वारा घर-घर जा कर
प्रत्येक व्यक्ति की जांच की जा रही है। सर्वे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन 15 से 20 घरों तथा शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन 20 से 25 घरों का सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान कुष्ठ रोग के शंकास्पद मामलों की पहचान कर प्रारंभिक अवस्था में ही एमडीटी की दावा उपलब्ध कारवाई जाएगी। जिससे रोग के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। यदि किसी व्यक्ति के शरीर पर दाग के साथ सुन्नपन, नसों में मोटापन या दर्द, झुनझुनाहट अथवा कान व चेहरे में सूजन, मोटापन जैसे लक्षण दिखाई दे तो ये कुष्ठ रोग की संभावना हो सकती है।
रायपुर / शौर्यपथ /
रायपुर लोकसभा प्रत्याशी एवं पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने आज पत्रकार वार्ता में पीएम पोषण योजना के तहत एल्यूमिनियम बर्तन खरीदी को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार ने एल्यूमिनियम बर्तन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर बच्चों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ किया है।
उपाध्याय ने बताया कि एल्यूमिनियम बर्तनों में भोजन पकने से होने वाले दुष्प्रभाव वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हैं, इसी कारण केंद्र और कोर्ट ने सरकारी भोजन निर्माण में इनके उपयोग पर रोक के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद राज्य में टेंडर जारी कर दिए गए, जिससे खरीद प्रक्रिया की मंशा और पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडरों को ऐसे तैयार किया गया कि केवल चुनिंदा फर्मों—जैसे हृक्र ्रह्यह्यशष्द्बड्डह्लद्गह्य, त्रड्डठ्ठश्चड्डह्लद्ब श्वठ्ठह्लद्गह्म्श्चह्म्द्बह्यद्गह्य, स्द्धह्म्द्ब क्रड्डद्व ष्टह्म्द्गड्डह्लद्बशठ्ठ—को ही लाभ मिले। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी इन्हीं फर्मों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई, जबकि कई योग्य और कम दर वाले सप्लायरों को तकनीकी शर्तों के नाम पर बाहर कर दिया गया।
उपाध्याय ने कहा कि हाल ही में स्पोट्र्स किट टेंडर में सुप्रीम कोर्ट की नाराजग़ी और री-टेंडर के आदेश के बाद भी विभाग ने सीख नहीं ली है। लगातार टेंडरों पर संदेह यह दर्शाता है कि खरीद प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा कम होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के कुछ अधिकारियों, चुनिंदा ठेकेदारों और सत्ता से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों के बीच गठजोड़ से टेंडर प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा, "यह लड़ाई राजनीति की नहीं, बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य की रक्षा की है। टेंडरों को निजी संपत्ति समझकर बांटने की प्रवृत्ति लोकतंत्र नहीं—लूटतंत्र है। और इस लूटतंत्र का अंत होना चाहिए।"
उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की, यह कहते हुए कि राज्य सरकार पीएम की मंशा को पलीता लगा रही है।
मुख्य माँगें:
पोषण योजना में एल्यूमिनियम बर्तनों के उपयोग पर तुरंत रोक।
सभी टेंडरों की विस्तृत और पारदर्शी समीक्षा।
क्करू क्कह्रस्॥्रहृ की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन।
मिलीभगत सामने आने पर दोषियों पर कठोर कार्रवाई।
विभाग में सक्रिय कथित गठजोड़ की निष्पक्ष जांच।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, सत्यप्रकाश सिंह, अशोक ठाकुर, संदीप तिवारी और विनोद कश्यप उपस्थित रहे।
दैनिक शौर्य पथ महासमुन्द ब्यूरो संतराम कुर्रे
महासमुंद विकासखंड के ग्राम बावनकेरा में यूको बैंक द्वारा आज एकदिवसीय बैंक मेला आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की आसान पहुँच सुनिश्चित करना और स्वयं सहायता समूहों (स्॥त्र) एवं ग्रामीण उद्यमियों को वित्तीय रूप से मजबूत करना था।
मेले में यूको बैंक के प्रधान कार्यालय से आए वरिष्ठ अधिकारी, अंचल कार्यालय के अधिकारी, स्थानीय शाखा के अधिकारी, सा-धन, हृक्ररुरू टीम, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रही।
कार्यक्रम के दौरान 10 स्वयं सहायता समूहों को कुल 60 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत/वितरित किया गया।12 ग्रामीण उद्यमियों को 10 लाख रुपये के व्यक्तिगत एंटरप्राइज़ फाइनेंस लोन का वितरण किया गया।
इस प्रकार कुल 70 लाख रुपये का वित्तीय सहयोग ग्रामीण समुदाय को प्रदान किया गया।मेले में ग्रामीणों को बैंक अधिकारियों द्वारा द्ग-्यङ्घष्ट, जनसुरक्षा योजना, डिजिटल भुगतान प्रणाली, ऑनलाइन ठगी से बचाव, सुरक्षित बैंकिंग के तरीके, तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं और बैंकिंग उत्पादों की जानकारी दी गई। साथ ही समय पर ऋण भुगतान और डिजिटल बैंकिंग के महत्व पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
दैनिक शौर्यपथ महासमुन्द ब्यूरो संतराम कुर्रे
आज सांकरा सोसायटी अंतर्गत सागुनधाप, परसवानी धान खरीदी केंद्र सोसायटी का निरीक्षण किया तथा धान खरीदी में लिमिट कम करने का गम्भीर आरोप भाजपा सरकार पर फिर लागाया, किसान नेता संजय सिन्हा ने छत्तीसगढ में हो रहे धान खरीदी के लचर व्यवस्था एवं खरीद प्रणाली को लेकर प्रदेश की भाजपा की साय सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी लगभग 23दिन से भी अधिक समय बीत चुके हैं।किंतु सरकार की गलत नीतियों के कारण खरीद केंद्र में लिमिट बहुत ही कम होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभी मात्र 270 क्विंटल प्रतिदिन लिमिट से एस्ट्रा खरीदी हो रहा है उससे किसानों का कुछ नही होने वाला है साथ ही टोकन को लेकर भी समस्या आ रही, कई किसानों का आज भी एग्रीस्टेक पंजीयन नही हुवा है किसान धान तो लगाये पर गिदावरी रिपोर्ट में जीरो दिखा रहा हैं इससे किसानों को बहुत से समस्या से झूझना पड़ रहा है,आन लाइन टोकन में कम लिमिट दिखाई देने व आन लाइन में हो दिक्कतें भी परेशान कर रही।तीस प्रतिशत समिति द्वारा टोकन काटा जाना है वह भी सही नहीं हो रहा है। किसानों को अपने वाजीब फसल को विक्रय करने में जद्दोजहद करना पड़ रहा है।खरीदी की लिमिट कब बढ़ाया जाएगा इसका कोई जवाब नहीं दे रहा है। किसान आज अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है पूर्वर्ती भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार को याद कर रही है।किसान कांग्रेस नेता संजय सिन्हा ने आघे अपने विज्ञप्ति में कहा कि इस बार किसानों को धान बेचने के लिए टोकन काटने को जूझना पड़ रहा है तुंहर एप सिमित समय के लिये खुलता हैं और चंद मिनटों में ही बंद हो जाता है, दरअशल सुबह निर्धारित समय मे कुछ देर के लिये ही एप खुलता है इस समय सभी किसान टोकन के लिए प्रयाश करते हैं,इसमे कुछ ही किसान सफल हो पाते और बमुश्किल दो से चार मिनट में एप बन्द हो जाता है यही वजह है कि ज्यादातर किसान चॉइस सेंटर में जाकर टोकन के लिए लाइन लगाने को मजबूर हैं पूरे महासमुंद जिला व प्रदेश में यही तसवीर नजर आ रही है किसान कांग्रेस के प्रदेश सचिव संजय सिन्हा ने कहा कि पूर्व की किसान हितैषी कांग्रेस की भूपेश बघेल की सरकार में किसान परेशान नही थे जबकि अभी वर्तमान भाजपा के साय सरकार से पूरे प्रदेश के किसान परेशान हैं व किसान नेता सिन्हा ने कहा कि खरीदी की लिमिट शीघ्र बढाने को कहा है अगर लिमिट नही बढ़ता है इसका मतलब साफ है कि भाजपा की सरकार किसानों का धान नही खरीदना चाहता अगर खिरदना चाह रहा है तो किसानों का एक एक दाना चाहे फरवरी क्यो ना हो जावे खरीदने में सरकार को एक इस्टेटमेंट जारी करना चाहिये!
जगदलपुर, शौर्यपथ। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक के समापन की घोषणा के साथ ही जगदलपुर का आसमान एक अविस्मरणीय नजारे का गवाह बना। गृह मंत्री श्री शाह ने जैसे ही समापन की घोषणा की, पूरा वातावरण तालियों और हर्ष ध्वनि से गूंज उठा, और इसके ठीक बाद शुरू हुई शानदार आतिशबाजी ने दर्शकों का मन मोह लिया।
समापन समारोह का मुख्य आकर्षण वह अद्भुत आतिशबाजी रही, जिसने मानो रात के खुले आसमान को अचानक सतरंगी बादलों से भर दिया। अलग-अलग रंगों और आकार के पटाखों की लड़ियाँ जब एक साथ फूटीं, तो ऐसा प्रतीत हुआ जैसे इंद्रधनुष के सारे रंग नीचे उतर आए हों। पारंपरिक और आधुनिक खेलों के महाकुंभ रहे बस्तर ओलंपिक के सफल आयोजन के बाद, इस भव्य आतिशबाजी ने उत्सव के माहौल को चरम पर पहुँचा दिया। उपस्थित जनसमूह, जिसमें स्थानीय निवासी, खिलाड़ी और गणमान्य व्यक्ति शामिल थे, इस नयनाभिराम दृश्य को अपने कैमरों में कैद करने और खुली आँखों से निहारने में मशगूल रहे। यह आतिशबाजी सिर्फ पटाखों का प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि बस्तर की समृद्ध खेल संस्कृति और यहाँ की शांतिपूर्ण प्रगति का एक चमकदार प्रतीक थी।
दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर अभिजीत सिंह ने अत्यधिक ठंड और शीतलहर के प्रकोप को तथा बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, जिले में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त, बी.एस.पी., सी.बी.एस.ई., एवं अन्य पाठ्यक्रम संचालित विद्यालयों के संचालन समय में तत्काल प्रभाव से परिवर्तन के निर्देश दिए है। यह आदेश 15 जनवरी 2026 तक प्रभावशील रहेगा। परिवर्तित समय सारणी के अनुसार, दो पाली में संचालित होने वाली शालाओं में, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक की प्रथम पाली सोमवार से शुक्रवार तक पूर्वान्ह 08.00 बजे से पूर्वान्ह 11.45 बजे तक, और शनिवार को अपरान्ह 12.15 बजे से सायं 04.15 बजे तक चलेगी। और हाई/उ.मा.वि. की द्वितीय पाली सोमवार से शुक्रवार तक अपरान्ह 12.00 बजे से सायं 04.45 बजे तक, और शनिवार को पूर्वान्ह 08.00 बजे से पूर्वान्ह 12.00 बजे तक संचालित होगी। वहीं, एक पाली में संचालित होने वाली शालाओं का समय सोमवार से शुक्रवार तक पूर्वान्ह 10.00 बजे से सायं 04.00 बजे तक और शनिवार को पूर्वान्ह 08.00 बजे से पूर्वान्ह 12.00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
दुर्ग / शौर्यपथ / भारतीय बौद्ध महासभा के कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव 14 दिसंबर रविवार को डॉ बाबासाहेब अंबेडकर संस्कृतिक भवन सेक्टर 6 भिलाई में सुबह 9:00 से शाम 5:00 बजे तक होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल उमाकांत ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण निष्पक्ष संपन्न कराने विभिन्न व्यवस्थाएं बनाई गई है। इसके अंतर्गत सभी प्रत्याशियों से अपने अपने वार्ड में सौह्राद्रपूर्ण ढंग से मतदाताओं के बीच प्रचार प्रसार करने अपील की गई है। वहीं मतदान परिसर में प्रत्याशियों के लिए पांच पंडाल में बैठने की निशुल्क व्यवस्था की गई है। प्रत्येक पंडाल में अलग-अलग वार्ड के सदस्यों के लिए बैठने की व्यवस्था है। प्रत्याशी प्रतिनिधियों को पहचान पत्र जारी किया गया है। वहीं 30 स्वतंत्र चुनाव सहायक की नियुक्ति की गई है। जिससे चुनाव संचालन सुचारु रूप से हो सके। उन्होंने बताया कि चुनाव परिसर में शांतिपूर्ण ढंग से व्यवस्था बनाने विचार सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति की गई है वहीं पुलिस प्रशासन को भी सूचित किया गया है। चुनाव अधिकारी एल उमाकांत ने सभी प्रत्याशियों से शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने और चुनाव संचालन समिति को सहयोग प्रदान करने की अपील की है।
जगदलपुर, शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है और बस्तर अब विकास की दिशा में सशक्त गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय आज जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलम्पिक 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य है, किंतु माओवाद की समस्या प्रारंभ से ही राज्य के विकास में एक बड़ी बाधा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के कारण अब माओवाद के अंत की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। नियद नेल्ला नार योजना के दायरे को 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 10 किलोमीटर तक विस्तारित किया गया है, जिसके माध्यम से 403 गांवों में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि माओवाद के कारण बंद पड़े स्कूल अब पुनः खुल रहे हैं। सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित कर अंदरूनी इलाकों को आवागमन की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। माओवाद से मुक्त गांवों में जनहितकारी योजनाओं का पूर्ण सेचुरेशन किया जा रहा है। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप विकास के प्रति आमजन का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर ओलम्पिक में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई दी तथा आगामी वर्ष और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर देश में एक नया इतिहास रच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त होगा और बस्तर पुनः खुशहाल बनेगा। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा ने भी संबोधित किया और बस्तर ओलम्पिक के सफल आयोजन के लिए खिलाड़ियों को बधाई दी। विधायक जगदलपुर किरण देव ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के अंत में सांसद महेश कश्यप ने आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर केबिनेट मंत्री केदार कश्यप, सांसद भोजराज नाग, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, विधायक सर्वश्री विक्रम उसेंडी, नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, नगर निगम जगदलपुर के महापौर संजय पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
जगदलपुर, शौर्यपथ। संभाग स्तरीय बस्तर ओलम्पिक के समापन से पूर्व आयोजन स्थल पर एक ऐसा भावनात्मक और प्रेरणादायी क्षण देखने को मिला, जिसने उपस्थित हर व्यक्ति को भीतर तक झकझोर दिया। माओवादी बारूदी सुरंगों की चपेट में आकर अपने पैर गंवा चुके साहसी प्रतिभागियों की विशेष व्हील चेयर दौड़ का आयोजन किया गया, जिसने खेल भावना के साथ-साथ अदम्य साहस और आत्मविश्वास का सशक्त संदेश दिया।
इस व्हील चेयर दौड़ में बीजापुर जिले के छोटे तुमनार निवासी किशन हपका, सुकमा जिले के पुसवाड़ा के माड़वी सुक्का, सुकमा जिले के ही मेड़वाही के मड़कम मुन्ना, बीजापुर जिले की सरस्वती ओयाम तथा करटम जोगक्का ने भाग लिया। सभी प्रतिभागी माओवादियों द्वारा बिछाई गई आईईडी विस्फोटक सुरंगों की चपेट में आकर अपने पैरों से लाचार हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके हौसले और जज्बे में कोई कमी नहीं दिखी। व्हील चेयर पर दौड़ते हुए इन साहसी लोगों ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि शारीरिक अक्षमता उनके सपनों और आत्मविश्वास को रोक नहीं सकती। उन्होंने अपने संघर्ष और जीवटता के माध्यम से यह साबित किया कि माओवादी हिंसा उनके जीवन की गति को थाम नहीं सकी है और वे पूरे आत्मबल के साथ आगे बढ़ने के लिए संकल्पित हैं। दौड़ के दौरान दर्शकों की तालियों और उत्साह ने माहौल को भावुक बना दिया। यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि साहस, उम्मीद और सकारात्मक सोच का प्रतीक बन गया। बस्तर ओलम्पिक के मंच से दिया गया यह संदेश लंबे समय तक लोगों के मन में प्रेरणा के रूप में जीवित रहेगा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी जीवन के प्रति विश्वास और आगे बढ़ने की इच्छा सबसे बड़ी ताकत होती है।
जगदलपुर, शौर्यपथ। बस्तर ओलंपिक 2024 के समापन सत्र में आया और आज बस्तर ओलम्पिक 2025 के समापन में भी शामिल होकर सर्वाधिक खुशी की अनुभूति हुई, आपको विश्वास दिलाता हूं कि मैं 2026 में जब लाल आतंक समाप्त होगा तो फिर बस्तर ओलंपिक समारोह में आऊंगा और कहूंगा कि बस्तर सबसे विकसित संभाग है। बस्तर ओलंपिक केवल यहां के लोगों की खेल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है बल्कि यह समूचे बस्तर के उम्मीदों की पहचान बन गया है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज बस्तर ओलंपिक 2025 के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मार्च 2026 तक समूल नक्सल उन्मूलन के कगार तक पहुंच चुके हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमनसिंह तथा अन्य अतिथियों ने बस्तर ओलम्पिक समापन सत्र के दौरान नुवा बाट के व्हीलचेयर रेस, रिले रेस, रस्साकसी सहित अन्य प्रतिस्पर्धाओं का फाइनल मुकाबला देखा। साथ ही बस्तर अंचल एवं छत्तीसगढ़ की लोकरंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखी। वहीं एजुकेशन सिटी जावंगा के घुड़सवारी में दक्ष बच्चों ने मार्चपास्ट में हिस्सा लेकर आकर्षण का केंद्र बने। कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु साय सहित अतिथियों ने बस्तर ओलंपिक 2025 के विजेताओं यूथ आइकॉन को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया। इस दौरान बस्तर ओलंपिक 2024 के विधिवत घोषणा की गई और ध्वज मुख्य अतिथि को सौपा गया।
इस संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक की सबसे खास बात ये रही कि इसमें 700 से अधिक नुवा बाट (आत्म समर्पित माओवादी) तथा माओवादी हिंसा में प्रभावित दिव्यांग खिलाड़ी भी शामिल हुए। वहीं करीब दो हजार 800 से ज्यादा अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक में मुख्य रूप से फुटबॉल, वॉलीबॉल, कराटे, वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, कबड्डी, आर्चरी, एथलेटिक्स, रस्साकसी, हॉकी और रिलेरेस शामिल है। इस मौके पर केबिनट मंत्री केदार कश्यप, लोकसभा सांसद बस्तर महेश कश्यप, सांसद कांकेर भोजराज नाग, उपाध्यक्ष बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण एवं विधायक कोंडागांव सुश्री लता उसेंडी, विधायक जगदलपुर किरण देव, विधायक अंतागढ़ विक्रम उसेंडी, केशकाल नीलकंठ टेकाम, चित्रकोट विनायक गोयल, कांकेर आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कारपोरेशन अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर नगर निगम जगदलपुर संजय पांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधि और केन्द्र शासन एवं राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा हजारों की संख्या में खेलप्रेमी गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
जगदलपुर, शौर्यपथ। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमनसिंह और उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधी उपस्थित थे।
इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा और नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 जिलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है। श्री शाह ने कहा कि हमने अगले पांच साल में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार और श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, वहां बिजली होगी, 5 किलोमीटर के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाएं होंगी और सबसे घने पीएचसी और सीएचसी का नेटवर्क बनाने का काम भी हमारी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन उपज की प्रोसेसिंग के लिए कोऑपरेटिव आधार पर यूनिट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर के सातों जिले सभी आदिवासी जिलों में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर डेयरी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने वाले जिले बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नए उद्योग, उच्च शिक्षा की व्यवस्था, भारत में सबसे अच्छा स्पोर्ट्स संकुल और अत्याधुनिक अस्पताल की व्यवस्था भी हम करेंगे। श्री शाह ने कहा कि कुपोषण के लिए भी यहां विशेष स्कीम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है और जो नक्सलवाद के कारण घायल हुए हैं, उनके लिए एक बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना भी हम लाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि नक्सलवाद समाप्त हो क्योंकि नक्सलवादी इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के साथ ही इस क्षेत्र में विकास की एक नई शुरुआत होगी और प्रधानमंत्री मोदी जी और श्री विष्णुदेव जी के नेतृत्व में यह सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात जिलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं। श्री शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें, पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं, अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता, न हथियार उठाने वाले लोगों का, न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का भला होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके 700 नक्सलियों ने इन खेलों में खिलाड़ी के रूप में सामने आकर पूरे देश के लिए बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भय की जगह आशा चुनी, विभाजन की जगह एकता का रास्ता चुना और विनाश की जगह विकास का रास्ता चुना है और यही प्रधानमंत्री मोदी जी की नए भारत और विकसित बस्तर की संकल्पना है। उन्होंने कहा कि हमारे बस्तर की संस्कृति दुनियाभर में सबसे अधिक समृद्ध संस्कृति है। उन्होंने कहा कि सभी जनजातियों का खानपान, परिवेश, कला, वाद्य, नृत्य और पारंपरिक खेल सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं बल्कि पूरे भारत की सबसे समृद्ध विरासत है।
श्री अमित शाह ने कहा कि हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने आधुनिक रिकॉर्डिंग स्टूडियो बनाकर यहां के पारंपरिक गीतों को सहेजने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई परंपरागत उत्सव और त्योहार जो नक्सलवाद के लाल आतंक के साए में समाप्त होने की कगार पर थे, उन्हें भी आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि आज जिन खिलाड़ियों ने बस्तर ओलंपिक में भाग लिया है, उनकी प्रतिभा को पहचानने के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों की एक टीम यहां आई है। श्री शाह ने कहा कि इन खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानकर आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक खेलों में बस्तर के खिलाड़ी खेलें, वहां तक ले जाने की व्यवस्था हमारी सरकार ने की है। श्री शाह ने कहा कि पिछले वर्ष बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जबकि इस वर्ष 3 लाख 91 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है, जो लगभग ढाई गुना की वृद्धि है और बहनों की प्रतिभागिता में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह उत्साह देखकर आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री मोदी जी ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ को चुना है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर अब बदल रहा है और बस्तर अब भय नहीं भविष्य का पर्याय बन चुका है, जहां गोलियों की गूंज सुनाई देती थी, वहां आज स्कूल की घंटियां बज रही हैं। जहां सड़क बनाना एक सपना था, वहां आज रेलवे ट्रैक और राजमार्ग बिछाए जा रहे हैं, जहां लाल सलाम के नारे लगते थे, वहां आज भारत माता की जय के नारे लगते हैं। उन्होंने कहा कि हम सब विकसित बस्तर के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार ने मुठभेड़ों में नक्सलियों को मारने का लक्ष्य नही रखा था, क्योंकि 2000 से अधिक नक्सली युवाओं ने सरेंडर भी किया है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी समाज के प्रमुखों ने इसमें बहुत बड़ा योगदान दिया है, उनके मार्गदर्शन ने नक्सली युवाओं को ढांढस भी बंधाया है और हिम्मत भी दी है। गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग आज भी हथियार लेकर घूम रहे हैं, वे उन्हें समझाकर समाज की मुख्यधारा वापिस में लाने का काम करें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर ओलम्पिक समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य समृद्ध राज्य है, लेकिन माओवाद समस्या शुरू से ही राज्य के विकास में बाधक रहा है। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और गृहमंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ संकल्प से इसके अंत की डेट लाइन तय की है। गृह मंत्री द्वारा नियद नेलानार योजना के 05 किलोमीटर के दायरे को 10 किलोमीटर तक विस्तार किया गया है, जिसके माध्यम से गांवों में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही है। माओवाद के कारण बंद स्कूलें अब खुल रहे हैं। सड़कों का जाल बिछाकर अंदरूनी इलाकों को आवागमन सुविधा से जोड़ा जा रहा है। साथ ही इन ईलाके के लोगों को जनहितकारी योजनाओं से सेचुरेशन किया जा रहा है। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के फलस्वरूप अब विकास से लोगों का विश्वास बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर ओलम्पिक में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई दी और आगामी वर्ष पुनः बेहतर प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दी।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर देश में इतिहास रच रहा है, 100 साल के इतिहास में माओवाद समस्या की समाप्ति की तिथि वर्ष 2026 तक तय करने का साहस गृहमंत्री श्री अमित शाह ने किया है। जब 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त होगा तो बस्तर फिर खुशहाल होगा। इस दौरान उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव और विजय शर्मा ने भी बस्तर ओलम्पिक समापन समारोह को संबोधित करते हुए खिलाड़ियों को बधाई दी। वहींे विधायक जगदलपुर किरण देव ने स्वागत उदबोधन में सभी अतिथियों और खिलाड़ियों का स्वागत किया। समारोह के अन्त में सांसद बस्तर महेश कश्यप ने आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर केबिनट मंत्री केदार कश्यप, सांसद कांकेर भोजराज नाग, उपाध्यक्ष बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण एवं विधायक कोंडागांव सुश्री लता उसेंडी, विधायक अंतागढ़ विक्रम उसेंडी, केशकाल नीलकंठ टेकाम, चित्रकोट विनायक गोयल, कांकेर आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कारपोरेशन अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर नगर निगम जगदलपुर संजय पांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधि और केन्द्र शासन एवं राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा हजारों की संख्या में खेलप्रेमी गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
