January 26, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने NCB और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम को दी बधाई

नई दिल्ली / एजेंसी (पीआईबी ) केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन “Crystal Fortress” के तहत मेगा ट्रांस-नेशनल मेथामफेटामाइन कार्टेल के भंडाफोड़ के लिए NCB और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम को बधाई दी। X पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमारी सरकार बहुत तेज़ी से ड्रग कार्टेल को खत्म कर रही है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स की जांच के लिए Top-to-bottom और bottom-to-top अप्रोच को सख्ती से अपनाते हुए, नई दिल्ली में ₹262 करोड़ कीमत का 328 kg मेथामफेटामाइन की ज़ब्ती और दो लोगों को गिरफ्तारी से एक बड़ी कामयाबी मिली।
श्री शाह ने कहा कि यह ऑपरेशन प्रधानमंत्री मोदी के नशामुक्त भारत के विज़न की दिशा में कई एजेंसियों के बीच सीमलैस तालमेल का एक शानदार उदाहरण था। NCB और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम को बधाई।
एक बड़ी कामयाबी में, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (OPS ब्रांच) ने स्पेशल सेल (CI) दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर 20.11.2025 को ऑपरेशन क्रिस्टल फोर्ट्रेस के तहत छतरपुर, दिल्ली के एक घर से करीब 328 किलोग्राम हाई-क्वालिटी मेथामफेटामाइन ज़ब्त कर एक ट्रांस-नेशनल ट्रैफिकिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। ऑपरेशन क्रिस्टल फोर्ट्रेस एक समन्वित और इंटेलिजेंस-ड्रिवन अभियान था जो सिंथेटिक ड्रग की अधिक मात्रा वाले नेटवर्क को टारगेट कर रहा था।
यह अहम कार्रवाई पिछले कुछ महीनों से खुफिया जानकारी और तकनीकी इंटरसेप्ट्स के आधार पर लगातार की जा रही जांच का नतीजा है, जिससे एक ट्रैफिकिंग चेन का पता चला और यह बड़ी कामयाबी मिली।
पकड़े गए दो लोगों, जिनमें नागालैंड की एक महिला भी शामिल है और जिसके घर से बड़ी मात्रा में ज़ब्ती की गई थी, को नागालैंड पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा, दूसरे लोगों की पहचान भी हो गई है। इनमें विदेश से काम करने वाला गिरोह का सरगना भी शामिल है। वह पिछले साल दिल्ली में NCB द्वारा 82.5 किलोग्राम हाई-ग्रेड कोकीन ज़ब्ती के मामले में भी वांछित है। इंटरनेशनल एनफोर्समेंट पार्टनर्स के साथ मिलकर, उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए भारत लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
यह दिल्ली में मेथमफेटामाइन की सबसे बड़ी ज़ब्ती में से एक है। शुरुआती जांच से पता चला है कि यह कार्टेल कई कूरियर, सेफ-हाउस और लेयर्ड हैंडलर के ज़रिए काम कर रहा था और दिल्ली को भारत और विदेशी बाज़ार में इसके डिस्ट्रीब्यूशन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
ऑपरेशन “क्रिस्टल फोर्ट्रेस” सिंथेटिक ड्रग कार्टेल और उनके ट्रांस-नेशनल नेटवर्क को खत्म करने के प्रति NCB की प्रतिबद्धता को दिखाता है। ड्रग ट्रैफिकिंग से लड़ने के लिए, देशवासी NCB की मदद करें। कोई भी व्यक्ति MANAS- नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर-1933 पर कॉल कर नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़ी जानकारी शेयर कर सकता है।

   रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को स्कूलों के आसपास आवारा कुत्तों और मवेशियों की निगरानी का जिम्मा सौंपे जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे शिक्षकों का अपमान बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है, वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा है कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत बच्चों की सुरक्षा और मध्यान भोजन की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
दरअसल, छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत स्कूलों के प्राचार्य अथवा संस्था प्रमुख को “नोडल अधिकारी” नियुक्त किया गया है। इन नोडल अधिकारियों को स्कूल परिसर या आसपास घूमने वाले आवारा कुत्तों और मवेशियों की जानकारी स्थानीय निकायों — ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या नगर निगम — को देने की जिम्मेदारी दी गई है।
यह आदेश बलौदा बाजार के एक स्कूल में हुई घटना के बाद जारी हुआ, जहां एक कुत्ते ने मध्यान भोजन को जूठा कर दिया था। इस मामले में उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार पर जुर्माना लगाया था और प्रत्येक छात्र को क्षतिपूर्ति राशि देने का निर्देश दिया था। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि “सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ही यह कदम उठाया गया है ताकि भविष्य में बच्चों के भोजन की स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।”
वहीं इस आदेश को लेकर शिक्षकों में नाराजगी है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि उन्हें पहले ही कई गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल किया जाता है, ऐसे में इस नए कार्य से पढ़ाई पर ध्यान देना और कठिन हो जाएगा। कुछ शिक्षकों ने व्यंग्य करते हुए कहा, “अब हम पढ़ाएं या कुत्ते गिनें?”
राजनीतिक स्तर पर भी यह मुद्दा गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, “गुरुजी बच्चों को पढ़ाएं या कुत्तों को भगाएं? यह आदेश शिक्षकों का सार्वजनिक अपमान है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पर अफसरशाही हावी है और शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है।
वहीं, इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरण दास महंत ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि, “अगर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है तो उस पर टिप्पणी नहीं की जा सकती, लेकिन शिक्षकों पर लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों का दबाव बढ़ने से शिक्षा की गुणवत्ता गिर रही है।”
फिलहाल, यह मामला प्रशासनिक निर्देश से शुरू होकर अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है। शिक्षक संगठनों ने आदेश रद्द करने की मांग की है, वहीं सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर अपने रुख पर कायम है।

   दुर्ग / शौर्यपथ / वर्ष के अंतिम महीनों में अपराध नियंत्रण को लेकर दुर्ग पुलिस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शनिवार, 23 नवंबर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-6 भिलाई में जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में लंबित प्रकरणों के शीघ्र और प्रभावी निराकरण पर विशेष जोर दिया गया।
एसएसपी अग्रवाल ने निर्देश दिए कि सभी जांच अधिकारी लंबित मामलों में पर्याप्त और ठोस साक्ष्य एकत्र करें ताकि केस को अदालत में मजबूती दी जा सके। उन्होंने कहा कि हर प्रकरण का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता का पुलिस पर विश्वास और अधिक मजबूत हो।
बैठक के दौरान एसएसपी ने निगरानी एवं गुण्डा बदमाशों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने, अवैध कार्यों में लिप्त आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सक्रिय चाकूबाजों और नशेड़ियों को सूचीबद्ध कर उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को कायम रखना पुलिस का सर्वोच्च दायित्व है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर, एएसपी (ग्रामीण) अभिषेक झा, एएसपी (IUCAW) पद्मश्री तंवर, एसडीओपी धमधा एलेक्ज़ेंडर किरो, एसडीओपी पाटन अनूप लकड़ा, डीएसपी आकर्षि कश्यप सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
पुलिस विभाग के मुताबिक, अपराध नियंत्रण की दिशा में ठोस नीतियों और समय-समय पर आयोजित होने वाली ऐसी समीक्षा बैठकों से जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

    दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग (PSC) के परीक्षा परिणाम में दुर्ग जिले के प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम गौरवान्वित किया है। इसी उपलक्ष्य में शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम स्थित कार्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल ने चयनित अभ्यर्थियों का सम्मान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में SSP अग्रवाल ने सभी सफल प्रतिभागियों को पुष्पगुच्छ और दुर्ग पुलिस की ओर से मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोकसेवा आयोग से चयनित पद अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण होते हैं, इसलिए कार्य के दौरान हमेशा जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए अभ्यर्थियों को करियर में सफलता के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
दुर्ग जिले से डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित हुए प्रतिभागियों में देवेश साहू (प्रथम रैंक), स्वप्निल वर्मा (द्वितीय रैंक) और यशवंत देवांगन (तृतीय रैंक) शामिल हैं। इसके अलावा राजेश साहू (DSP), कनक प्रभा सिंह (सहायक संचालक, समाज कल्याण विभाग), खुशबू जानी (लेखा अधिकारी), भूपेंद्र जंघेल (वाणिज्य कर निरीक्षक), तथा प्रवीण, मिथिलेश नेताम और आनंद स्वर्णकार (आबकारी उप निरीक्षक) पदों पर चयनित हुए हैं।
इस सम्मान समारोह में एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर, एएसपी ग्रामीण अभिषेक झा, एएसपी IUCW पद्मश्री तंवर, एसडीओपी पाटन अनूप लकड़ा, एसडीओपी धमधा अलेक्जेंडर किरो, डीएसपी आकर्षी कश्यप, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा सहित अनेक पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। दुर्ग के इन प्रतिभाशाली युवाओं की सफलता ने पूरे जिले में गर्व और प्रेरणा का माहौल बना दिया है।

   शौर्यपथ सम्पादकीय / प्रदेश की जनता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर संवेदनशील सोच और दूरदर्शी नीति का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई "बिजली बिल आधा" योजना मध्यम, निम्नवर्गीय और आम नागरिक परिवारों के लिए राहत की किरण लेकर आई है। 200 यूनिट तक बिजली खपत पर आधा बिल भुगतान की यह नीति न केवल जनहितकारी है, बल्कि ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक व्यावहारिक कदम भी है।
यह योजना प्रदेश के हर उस परिवार को सीधी आर्थिक सहायता प्रदान करेगी, जिसकी खपत 200 यूनिट तक रहती है। जो परिवार इससे अधिक बिजली खर्च करते हैं, उन्हें 200 यूनिट तक रियायत और शेष बिल का पूरा भुगतान करना होगा।
इस विभाजन से दो लाभ एक साथ मिलेंगे—एक ओर आम जनता को राहत मिलेगी, तो दूसरी ओर बिजली की मितव्ययिता को भी प्रोत्साहन मिलेगा। व्यर्थ उपयोग करने वालों के लिए यह योजना चेतावनी का भी काम करेगी, क्योंकि आर्थिक अनुशासन अब ऊर्जा उपयोग से सीधे जुड़ा रहेगा।
आज जब ऊर्जा खपत तेजी से बढ़ रही है और बिजली उत्पादन महंगा होता जा रहा है, ऐसे समय में यह कदम प्रदेश के आर्थिक संतुलन को संभालने में भी मदद करेगा।
सरकार की यह नीति यह संदेश देती है कि सामाजिक न्याय का अर्थ सिर्फ सहयोग नहीं, बल्कि विवेकपूर्ण उपयोग और समान अवसर भी है।राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने, आमजन को राहत देने और पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाने का यह संगम सचमुच उल्लेखनीय है।
यह योजना साबित करती है कि सरकार का उद्देश्य केवल मुफ्तखोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकता के साथ सामूहिक प्रगति है।

शरद पंसारी - संपादक शौर्यपथ दैनिक समाचार

   भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र के सामग्री प्रबंधन विभाग द्वारा 21 नवम्बर को इस्पात भवन में महिला उद्यमियों एवं वेंडर्स के लिए वेंडर डेवलपमेंट कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य महिला उद्यमियों एवं वेंडर्स को भिलाई इस्पात संयंत्र के ई-निविदा पोर्टल (एसआरएम प्लेटफॉर्म) से जोडऩा, उन्हें निविदा प्रक्रिया की जानकारी देना तथा उनके व्यवसायिक विकास को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम में लगभग 40 महिला उद्यमियों एवं वेंडर्स ने ऑनलाइन जूम मीटिंग माध्यम से भाग लिया। इस अवसर पर वेंडर डेवलपमेंट सेल के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ई-निविदा पोर्टल पर एक संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें निविदा के लिए लॉगिन करने, निविदा भरने की प्रक्रिया तथा तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। वहीँ प्रतिभागियों के प्रश्नों के समाधान हेतु इंटरएक्टिव सेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें वेंडर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन वेंडर हेल्प डेस्क की श्रीमती उपासना देशमुख, एवं संदीप कुमार द्वारा किया गया व कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभागियों से अपील की कि वे संयंत्र के साथ अधिकाधिक व्यापारिक अवसरों का लाभ लें तथा सरकारी योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं का पूर्ण उपयोग करें।

  दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन अधिकारी यशवंत कुमार से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में हो रही गंभीर अनियमितताओं पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करने की मांग की है। डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को शत-प्रतिशत शुद्ध एवं अद्यतन करने के लिए चलाए जा रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में दुर्ग जिले के अधिकांश क्षेत्रों में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) पूरी तरह लापरवाही बरत रहे हैं। निर्वाचन आयोग के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि बीएलओ को प्रत्येक मतदाता के घर जाकर सत्यापन करना होगा,नए मतदाताओं का पंजीयन करना होगा तथा मृत,स्थानांतरित एवं दोहरे प्रविष्टियों को हटाना होगा।लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अभियान शुरू हुए 18 दिन से अधिक बीत जाने के बावजूद अधिकांश बीएलओ अपने बूथ क्षेत्र के घरों में नहीं जा रहे हैं।बीएलओ एक ही स्थान पर बैठकर फॉर्म बांट रहे हैं और भरवा रहे हैं। यह भारत निर्वाचन आयोग के नियमों का खुला उल्लंघन है। इससे न केवल नए मतदाताओं का पंजीयन प्रभावित हो रहा है,बल्कि जिन मतदाताओं के नाम गलती से कट गए हैं या जिन्होंने स्थानांतरण कराया है,उनके नाम भी सूची में जुडऩे से वंचित हो जाएंगे। इसका सीधा नुकसान आम मतदाता को होगा और लोकतंत्र की मूल भावना को ठेस पहुंचेगी।डॉ.प्रतीक उमरे ने कहा कि सबसे गंभीर बात यह है कि बीएलओ द्वारा नियमों के खिलाफ काम करने के बावजूद संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर (ईआरओ) कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कई जगह में शिकायत के बाद भी बीएलओ को केवल खानापूर्ति के लिए चेतावनी दी जा रही है,जबकि नियमों के अनुसार ऐसी लापरवाही पर तत्काल निलंबन एवं एफआईआर जैसी कठोर कार्रवाई का प्रावधान है।उन्होंने इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग मुख्य निर्वाचन अधिकारी से किया है।

  दुर्ग / शौर्यपथ / खुर्सीपार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आज सुबह नेशनल हाईवे रोड पर चंद्र क्रेन के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने पीछे से बाइक को ठोकर मार दी। पीछे बैठी युवती सड़क पर गिर गई और ट्रक ने उसे कुचल दिया। घटनास्थल पर ही युवती की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ट्रेलर चालक वाहन सहित फरार हो गया। खुर्सीपार पुलिस के द्वारा मामला कायम कर विवेचना में लिया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक आज सुबह भिलाई तीन निवासी पिता के द्वारा राजनांदगांव ससुराल से पावर हाउस रेलवे स्टेशन पहुंची अपनी बेटी साक्षी द्विवेदी 29 वर्ष को बाइक में बैठ कर भिलाई तीन जा रहे थे। इसी दौरान पावर हाउस ओवर ब्रिज से उतारने के बाद चंद्र क्रेन के ठीक सामने नेशनल हाईवे रोड पर पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर के द्वारा बाइक को ठोकर मार दी गई। इस हादसे में साक्षी द्विवेदी सड़क पर गिर गई और ट्रेलर ने उसे कुचल दिया जिसके कारण उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मृतका साक्षी द्विवेदी का विवाह राजनांदगांव में हुआ था अधिकांश शनिवार एवं इतवार को अपने मायके आई थी आज भी वह अपनी बीमार माता को देखने के लिए पहुंची थी इसी दौरान हादसे का शिकार हो गई।
इस मामले में खुर्सीपार पुलिस के द्वारा ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

सुभाषचंद जैन के गोदाम में अतिरिक्त पाए गए 17.60 क्विंटल धान को जप्त करने की गई कार्रवाई

     बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत धान की अवैध खरीदी बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु प्रशासन के आला अधिकारियों एवं जाँच दल में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा कोचियों तथा धान के थोक एवं फुटकर व्यापारियों के गोदामों की निरंतर जाँच की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ग्राम भीमकन्हार में दो थोक व्यापारियों के गोदामों में पहुँचकर वहाँ रखे गए धान का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर एवं अधिकारियों ने ग्राम भीमकन्हार के थोक व्यापारी श्री गौतमचंद जैन एवं श्री सुभाष जैन के गोदामों में पहुँचकर जिला खाद्य अधिकारी, मण्डी सचिव एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के साथ गोदाम में रखे गए धान का निरीक्षण किया गया। इस दौरान श्री गौतमचंद जैन के भीमकन्हार स्थित गोदाम के निरीक्षण के दौरान आॅनलाईन पोर्टल स्टाॅक एवं रजिस्टर का मिलान करने पर 2360 क्विंटल धान स्टाॅक में होना पाया गया। लेकिन मौके पर गोदाम में उपलब्ध धान का स्टाॅक एवं आॅनलाईन पोर्टल से मिलान करने पर 1146 कट्टा (458.40 क्विंटल) धान पाया गया। जो कि आॅनलाईन पोर्टल स्टाॅक एवं पंजी में दर्ज धान की मात्रा से 4754 कट्टा (1901.60 क्विंटल) कम है।
       कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने एसडीएम डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल एवं अधिकारियों को इसका समुचित जांच कर तत्काल कार्रवाई प्रतिवेदन प्रस्तुत कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार एसडीएम श्री बघेल एवं अधिकारियों द्वारा व्यवसायी श्री गौतम चंद जैन द्वारा अपने गोदाम में रखे गए धान के संबंध में जांच की कार्रवाई की गई। एसडीएम डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल ने बताया कि व्यवसायी श्री गौतम चंद जैन को इस संबंध में जानकारी लिए जाने पर उनके द्वारा राजनांदगांव कृषि उपज मंडी में फर्म ओम अर्हम राईस इंड को 03 हजार कट्टा, बीजाभांट को 885 कट्टा तथा फर्म विद्या विशुद्ध पैडी प्रोसेसर को खुरसुनी को 904 कट्टा धान विक्रय करने की जानकारी दी है। अधिकारियों द्वारा इस संबंध में व्यवसायी श्री गौतमचंद जैन को दस्तावेज मांगे जाने पर उनके द्वारा किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज उपलब्ध नही कराया गया। ऐसी स्थिति में जाँच दल द्वारा व्यवसायी श्री गौतमचंद जैन के द्वारा बिना दस्तावेज के 4754 कट्टा धान को अन्यत्र बिक्री करने या धान को किसी भी धान उपार्जन केन्द्र में खपाने की पूर्ण संभावना मानते हुए उनके गोदाम में रखे गए 1146 कट्टा धान सहित उनके दो गोदामों को सील करने की कार्रवाई की गई। एसडीएम श्री बघेल ने बताया कि वर्तमान में संपूर्ण बालोद जिले में एस्मा लागू है ऐसी स्थिति में उक्त प्रतिष्ठान पर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई किया जाना उचित नही है।
     इसी तरह कलेक्टर के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर श्री आशीष पेंद्रों एवं मंडी निरीक्षक एवं पटवारी के द्वारा ग्राम भीमकन्हार के व्यवसायी श्री सुभाष जैन के भीमकन्हार स्थित गोदाम का भी निरीक्षण किया गया। जाँच दल के अधिकारियों के द्वारा व्यापारी श्री सुभाष चंद जैन को अपने गोदाम में रखे गए धान की मात्रा के संबंध में जानकारी लिए जाने पर उन्होंने गोदाम में 940 कट्टा धान रखे जाने की जानकारी दी। जांच दल के अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान गोदाम में 984 कट्टा धान पाया गया। इस तरह से जांच अधिकारियों के द्वारा श्री सुभाष चंद जैन के गोदाम के आॅनलाईन पोर्टल स्टाॅक एवं रजिस्टर में मिलान करने पर कुल 17.60 क्विंटल धान अधिक पाया गया। जाँच अधिकारियों ने गोदाम में मिले अतिरिक्त 17.60 क्विंटल जप्ती की कार्रवाई की है।

सरकारी विभाग में राजस्थान और यूपी से चादर खरीदी के कारण स्थानीय बुनकरों की चार लाख नग चादर गोदाम में पड़ी है

    रायपुर/शौर्यपथ / भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण स्थानीय 60,000 बुनकरो के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न होने का आरोप लगाते हुये प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि वोकल फॉर लोकल का नारा लगानी वाली भाजपा सरकार ने एक भाजपा नेता को फायदा पहुंचाने यूपी, गुजरात, राजस्थान के व्यापारियों से सरकारी विभागों के लिए चादर खरीदी की है, जिसके कारण प्रदेश के बुनकरों को 14 करोड़ रुपया का नुकसान हुआ है। स्थानीय बुनकरों द्वारा बनाई गई 4 लाख नग चादर गोदाम में जाम हो गई है जिसके कारण 60 हजार बुनकरो के सामने गम्भीर रोजगार संकट उत्तपन्न हो गया है। ये बुनकर कर्ज में दब गये है, अपने भविष्य को लेकर चिंतित है, परेशान है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार का वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर बनाने का नारा सिर्फ विज्ञापन तक सीमित है, धरातल पर इसके विपरीत काम हो रहा है। प्रदेश के बुनकरों के द्वारा बनाई गई चादर ट्राइबल विभाग सहित अन्य विभागों को सप्लाई होना था और राज्य के भंडार क्रय नियम के तहत सरकार के सभी विभाग और सार्वजनिक उपक्रमों में उपयोग होने वाले वस्त्रों और रेडीमेड गारमेंट की सप्लाई राज्य के बुनकरों द्वारा उत्पादित हथकरघा एवं खादी वस्त्र से किए जाने का प्रावधान है, इसके लिए हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
इस क्रय नियम को किनारे कर मोटी कमीशनखोरी और भारी भ्रष्टाचार के लिए यूपी एवं राजस्थान के व्यापारियों से चादर खरीदी की गई। ये तो सीधा-सीधा सरकारी नियमों का उल्लंघन है। जब चादर दूसरे राज्य से खरीदी होगी तो प्रदेश के बुनकर क्या करेंगे? कांग्रेस मांग करती है कि सरकारी विभागों में स्थानिक बुनकरों के द्वारा बनाई गई चादर एवं अन्य कपड़ा की सामग्री की खरीदी किया जाये।

 

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