January 26, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

राजनांदगांव/शौर्यपथ / भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर मेडिसिन विभाग एवं ए.आर.टी. सेंटर द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का प्रभावशाली आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “अधिकार एवं संसाधनों की समझ: एड्स प्रभावित लोगों के लिए कानून और सरकारी सहायता” पर आधारित रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10:45 बजे दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिसमें अस्पताल अधीक्षक डॉ. अतुल मनोहरराव देशकर, उप-अधीक्षक डॉ. पवन जेठानी और जिला एड्स नियंत्रण सोसाइटी की नोडल अधिकारी डॉ. अल्पना लूनिया सहित अनेक चिकित्सक एवं शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ज्योति यादव, डॉ. मीना आर्मो, डॉ. तिर्कि और डॉ. अराधना टोप्पो ने भी अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज की।

मंच संचालन एसोसिएट प्रोफेसर मेडिसिन विभाग डॉ. प्रकाश खुंटे, रेणु अवस्थिति और अश्विनी राय द्वारा किया गया, जबकि वक्ताओं के रूप में धर्मेन्द्र वर्मा, जितेन्द्र जंघेल और नागेश मुंजारे मौजूद थे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एमबीबीएस 2021 बैच के छात्रों द्वारा डॉ. नवीन तिर्कि के मार्गदर्शन में प्रस्तुत जागरूकता नाटक ‘एड्स की महामारी’ रहा, जिसमें मनोरंजक शैली में एचआईवी/एड्स से जुड़े मिथकों, भ्रमों और अफवाहों से होने वाले नुकसान को सरल भाषा में समझाया गया। नाटक में महाराजा अकबर की भूमिका डॉ. प्रकाश खुंटे ने, जोरा बाई की भूमिका अश्विनी राय ने, बनारकली का अभिनय अनुभूति ने, बिरबल का रोल आदित्य सिन्हा ने, सहजादा वलीम का अमन केसरी ने, सेनापति का अजय ने तथा खबरीलाल का रोल अक्षत ने प्रभावशाली ढंग से निभाया।

नाटक के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि एचआईवी कोई अंत नहीं है, ए.आर.टी. दवाएं रोगियों को लंबा और स्वस्थ जीवन प्रदान करती हैं तथा ये सेवाएं सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध हैं। कार्यक्रम के अंत में ए.आर.टी. सेंटर में सेवाएं दे रही काउंसलर भारती सिमानकर, स्टाफ नर्स धर्मशिला और तकनीशियन खिलेश सिन्हा को स्मृतिचिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। डॉ. नवीन तिर्कि ने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय संस्थान के डीन डॉ. पंकज मधुकर लुका के मार्गदर्शन को देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि समाज में एड्स से जुड़े मिथकों को दूर करने और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक और प्रभावी प्रयास साबित हुआ।

  शौर्यपथ लेख / जीवन की भाग-दौड़ और तनाव से भरे दौर में फिटनेस बनाए रखना हर किसी के लिए चुनौती है। लेकिन एक घटना ने इस बात को बेहद खूबसूरती से उजागर किया है, जब एक अधिकारी ने अपने सहयोगी के विषय में हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वे पिछले 26 वर्षों से एक ही पैंट पहन रहे हैं। यह बात थोड़ी हंसी-मजाक में कही गई, लेकिन इसमें छुपा संदेश काफी गहरा था।
26 साल पहले जो पैंट वे पहनते थे, आज भी वही फिट उन्हें सूट करता है। इस छोटे से तथ्य ने उनके स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली की गवाही दी। आज की व्यस्त और दबाव वाली दुनिया में, जहां अधिकतर लोग वजन बढ़ने या फिटनेस खोने की समस्या से जूझ रहे हैं, इस अधिकारी का स्थिर रहना और स्वास्थ्य के प्रति सजगता अद्भुत उदाहरण है।
यह अधिकारी भिलाई नगर के सीएसपी सत्य प्रकाश हैं, जिन्होंने 26 वर्षों से लगातार अपने स्वास्थ्य और कार्य के प्रति समर्पण बनाए रखा है। उनके इस नजरिए से यह स्पष्ट होता है कि चाहे जीवन में कितनी भी चुनौतियाँ आएं, यदि व्यक्ति अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखे और अनुशासन बनाए रखे तो वह लंबे समय तक फिट और सक्रिय रह सकता है।
यह कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो अपने दैनिक जीवन के तनाव और भागदौड़ के बीच स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं। 26 साल से एक ही पैंट में फिट रहने का यह उदाहरण हमें सिखाता है कि निरंतर स्वास्थ्य के प्रति सजगता और नियमबद्ध जीवनशैली जीवन में कितनी महत्वपूर्ण होती है।
स्वास्थ्य अच्छी हो तो जीवन की हर चुनौती आसान हो जाती है, और सीएसपी सत्य प्रकाश के सेहत के विषय में यह सरल लेकिन प्रभावशाली संदेश हमें याद कराता है कि छोटी-छोटी बातें भी जीवन में बड़ा फर्क डाल सकती हैं।

लेखक के निजी विचार -
शरद पंसारी (संपादक शौर्यपथ दैनिक समाचार )

   bhilai / shouryapath / अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सचिव व भिलाई नगर विधायक सतनाम भवन सेक्टर 6 में अयोजित युवक युवती परिचय सम्मेलन एवं सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित हुए
आज हजारों की संख्या में सतनाम भवन सेक्टर 6 में समाज के वरिष्ठ लोगों द्वारा सामाजिक कार्यक्रम व युवक युवती परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया है जिसमें भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव जी ने उपस्थित होकर सभी को पुरस्कार वितरण किया व सम्मान किया

   भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना मोर मकान-मोर आस एवं मोर मकान-मोर चिन्हारी घटक के विभिन्न परियोजना स्थलों में निर्मित/निर्माणाधीन आवासों का आबंटन मुख्य कार्यालय सभागार कक्ष में दिनांक 01.12.2025 को समय 12:00 बजे खुली लाटरी आयोजित किया गया है। हितग्राहियो द्वारा जमा किए गए आवेदन पत्रों का सक्षम स्वीकृति प्राप्त कर अंशदान राशि का 10 प्रतिशत राशि तथा बेदखली व्यवस्थापन हेतु हितग्राही अंशदान राशि 75000 निगम कोष में जमा कराया गया है। नियमानुसार लाटरी पद्वति में वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को प्राथमिकता के आधार पर भूतल के आवास तथा अन्य वर्ग के हितग्राहियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय तल के आवास को सम्मिलित किया गया है। जो हितग्राही लॉटरी के पूर्व 11.30 बजे तक हितग्राही अंशदान राशि 75000 रुपए जमा कर देंगे । उन्हें भी लॉटरी में शामिल किया जाएगा ।
नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर नीरज पाल एवं आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय की ओर से अपील है कि प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही निर्धारित तिथि व समय पर उपस्थित होकर लाटरी में भाग लें

 

दुर्ग/shouryapath / 

पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग के समक्ष दुर्ग जिले के पुलगांव स्थित बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व संचालन व्यवस्था एक बार फिर कटघरे में आ गई है। शुक्रवार रात, 28 नवम्बर 2025 की रात यहां से सात नाबालिग आपराधिक प्रवृत्ति के बालक दीवार फांदकर फरार हो गए। तेज़ कार्रवाई में पुलिस ने अगले दिन यानी 29 नवम्बर को चार बालक पकड़ लिए; शेष तीन के जिले से बाहर जाने की सूचनाओं के बाद खोजबीन तेज हुई और आज तिल्दा से उन तीनों को भी पकड़कर सुधार गृह वापस लाया गया — यह जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने दी।


बार-बार हो रही फरारियों से उठ रहे हैं बड़े सवाल

यह मौका सिर्फ 25 दिनों के भीतर दूसरी बार आया है जब उसी संस्थान से बड़े पैमाने पर फरारियों की घटना हुई। पहले 3 नवम्बर 2025 को भी इसी सुधार गृह से 3 नाबालिग भागे थे — जिनमें कुछ ऐसे बालक भी शामिल थे जिनके विरुद्ध हत्या व लूट जैसे गंभीर आरोप दर्ज थे। पिछले वर्षों के रिकॉर्ड पर भी यह संस्थान चिंताजनक रूप से बार-बार चर्चा में रहा है:

  • 1 जून 2024 — एक 13 वर्षीय बालक फरार; तब सुधार गृह के स्टाफ को बच्चे के गायब होने का भी पता नहीं चला।

  • 19 जुलाई — (वर्ष का उल्लेख प्राप्त नहीं) पाँच अपचारी बालक फरार।

  • 2 मार्च 2018 — दो बालक फरार।

  • जुलाई 2019 — पाइप से पिटाई के गंभीर आरोपों के बाद बाल कल्याण अधिकारी सहित 7 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया था।

  • 1 नवम्बर 2017 — गुटबंदी व मारपीट के परिणामस्वरूप एक 17 वर्षीय बालक पार्थ साहू की मृत्यु; घटना के बाद बड़े स्तर पर हंगामा और जांच के आदेश दिए गए थे।

  • 24 नवम्बर 2014 — झगड़े और मारपीट के बाद 37 बच्चे सुधार गृह से भाग निकले थे।

इन लगातार घटनाओं ने संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा, स्टाफ की निगरानी, तथा विभागीय जवाबदेही पर गम्भीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


पुलिस व प्रशासन की कार्रवाई — राहत के साथ सतर्कता

पुलिस के अनुसार, फरार बालक अक्सर सुधार गृह की पीछे की ऊँची दीवार फांदकर भागते हैं। इस बार भी रात में ही अलर्ट जारी हुआ और खोज अभियान शुरू कराया गया। प्रारम्भिक दौर में चार बच्चे आसपास के इलाकों से मिले और सुधार गृह लौटाए गए। शेष तीन के जिले पार करने की सूचनाओं पर पुलिस ने अन्य जिलों में भी तलाशी बढ़ाई और अंततः तिल्दा से उन्हें पकड़कर वापस लाया गया। SSP विजय अग्रवाल ने बताया कि सभी भागे हुए आपराधिक बच्चे अब पुनः सुधार गृह में हैं और महिला एवं बाल विकास विभाग तथा प्रशासन ने राहत की सांस ली है।


मूल कारण और व्यवस्थागत कमियाँ

विश्लेषण बताते हैं कि संप्रेक्षण गृह से बार-बार भागने के कारण कई स्तरों पर हैं — इनमें प्रमुख हैं:

  1. सुरक्षा व्यवस्था की खामियाँ: दीवारों पर मॉनीटरिंग, चौकीदारी, प्रवेश-निकास रिकॉर्ड, CCTV तथा अंदरूनी पेट्रोलिंग में निरंतरता का अभाव।

  2. स्टाफ की लापरवाही व प्रशिक्षण की कमी: कुछ घटनाओं में स्टाफ निगरानी में चूक हुई; साथ ही कर्मियों के व्यवहार (मारपीट, कठोरता) संबंधी गंभीर आरोप भी समय-समय पर आए हैं।

  3. अनुशासन व सुधारात्मक माहौल का अभाव: कुछ बालक यह मानते हैं कि सुधार गृह जेल जैसा कठोर स्थान है; आवश्यक ‘कॉमन रूम’ या सकारात्मक गतिविधियाँ न होने पर वे भागने का जोखिम बढ़ाते हैं।

  4. गुटबंदी व मारपीट: संस्थान के भीतर आपस में गुट बनना और आपसी मारपीट भी भागने की एक बड़ी वजह बताई जा रही है।

साभार में रहने, पढ़ाई व मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसी सुविधाओं के साथ-साथ स्टाफ के व्यवहार में सुधार आवश्यक बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुधार गृह संस्थागत सुधार और पुनर्वास के उद्देश्यों पर केंद्रित रहना चाहिए—जेल जैसा दंडात्मक माहौल बन जाने पर परिणाम विपरीत होते हैं।


विभागीय जवाबदेही व मांगें

महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सुधार गृह प्रशासन पर बार-बार ऐसी घटनाएँ हो जाने के बावजूद ठोस सुधार न करने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और कुछ बाल अधिकार कार्यकर्ताओं की मांग है कि—

  • स्वतंत्र जांच कराना चाहिए और दोषी स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई हो।

  • संप्रेक्षण गृह की दीवारें, CCTV कवरेज, रात्री गश्त और प्रवेश-निकास रेकॉर्ड को तुरंत सुदृढ़ किया जाए।

  • स्टाफ का नियमित मनोवैज्ञानिक व मानवाधिकार आधारित प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए।

  • बालकों के लिए शिक्षा, कौशल और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का सुनिश्चित प्रावधान हो ताकि पुनर्वास संभव हो।

  • किशोर न्याय बोर्ड और प्रशासन के बीच समन्वय सुदृढ़ हो और गृह में पारदर्शिता हेतु बाहरी ऑडिट की व्यवस्था हो।


निष्कर्ष — सुधार नहीं तो समस्या बनी रहेगी गम्भीर

बाल संप्रेक्षण गृह का उद्देश्य सामाजिक पुनर्संरचना और सुधार है, न कि कठोर कारावास। परंतु बार-बार हो रही फरारियां, मारपीट के आरोप और स्टाफ की संभावित लापरवाही इस संस्थान की विश्वसनीयता को लगातार हिला रही हैं। यदि तत्काल और ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो न केवल बच्चों का हित प्रभावित होगा, बल्कि समाज में सुरक्षा व पुनर्वास दोनों ही लक्ष्यों की पूर्ति भी संभव नहीं रहेगी। स्थानीय प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग और किशोर न्याय बोर्ड को मिलकर त्वरित, पारदर्शी और स्थायी सुधार योजनाएँ लागू करनी होंगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।

 

दुर्ग। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देशन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में सायबर थाना दुर्ग ने अंतरराज्यीय साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। दुर्ग पुलिस ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 48 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले दो मुख्य आरोपियों को आंध्रप्रदेश से गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है।

48.67 लाख की फॉरेक्स ठगी—ऐसे हुआ खुलासा

9 अक्टूबर 2025 को एक पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि इंस्टाग्राम पर फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर भेजे गए एक लिंक पर क्लिक करने के बाद उससे कुल ₹48,67,500 की ठगी की गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सायबर थाना दुर्ग में अपराध क्रमांक 08/2025, धारा 318(4), 336, 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन आंध्रप्रदेश में चिन्हित की। इसके बाद एक विशेष टीम अनकापल्ली जिले में दबिश देकर दोनों साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया।


गिरफ्तार आरोपी

  1. पी. सत्यनागा मूर्ति, उम्र 25 वर्ष
    निवासी: पुलापर्थी, यालामंचली मंडल, जिला अनकापल्ली (आंध्रप्रदेश)

  2. बालाजी श्रीनू, उम्र 34 वर्ष
    निवासी: चिन्ना विधि, तहसील यालामंचली, जिला पुलापर्थी, विशाखापट्टनम (आंध्रप्रदेश)

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड भी जब्त किए। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों को केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया है।


कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम

  • निरीक्षक जितेंद्र वर्मा

  • सउनि. पूर्ण बहाद्दुर

  • आरक्षक अनूप कुमार शर्मा

  • आरक्षक जुगनू सिंह

  • आरक्षक विवेक सिंह

टीम ने तकनीकी दक्षता और सतर्कता के आधार पर अंतरराज्यीय साइबर गैंग का सफाया किया।


दुर्ग पुलिस की अपील

नागरिक किसी भी अनजान लिंक, फॉरेक्स ट्रेडिंग, ऑनलाइन निवेश या त्वरित लाभ के लालच में आने से पहले उसकी विश्वसनीयता की गहन जांच करें।
संदिग्ध गतिविधि या ठगी की स्थिति में तुरंत सायबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
पहले सतर्क रहें—फिर सुरक्षित रहें।

28 पेटी अवैध शराब, टाटा सफारी और मोबाइल सहित 4.74 लाख की मशरूका जब्त

नंदिनी नगर (durg ) / shouryapath / थाना नंदिनी नगर पुलिस ने मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब परिवहन में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 28 पेटी देसी शराब, एक टाटा सफारी वाहन, चार स्मार्टफोन और नगदी रकम सहित कुल 4,74,500 रुपये की मशरूका जब्त की है।

सूचना मिली थी कि धमधा मार्ग से नंदिनी खुर्द की ओर एक पुरानी टाटा सफारी में दीगर राज्य की अवैध शराब लाई जा रही है। जानकारी मिलते ही नंदिनी नगर थाना प्रभारी के निर्देशन में टीम ने बताए गए मार्ग पर घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की।

छापेमारी में बरामद सामग्री

  • 28 पेटी देसी शराबकीमत: ₹1,34,400

  • टाटा सफारी वाहनकीमत: ₹3,00,000

  • 04 स्मार्टफोनकीमत: ₹25,000

  • नगदी₹15,100
    कुल जब्ती राशि: ₹4,74,500

घटना में पकड़े गए आरोपियों का कृत्य धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत दंडनीय पाया गया, जिस पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर विधिवत कार्रवाई की है।


गिरफ्तार आरोपी

  1. नरेश कुर्रे, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम डूमर, नंदिनी नगर

  2. लवकेश उर्फ बबलू, उम्र 30 वर्ष, निवासी गिरहोला, नंदिनी नगर

  3. आर्यन कुमार लहरे, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम डूमर, नंदिनी नगर

  4. प्रभू बारले, उम्र 24 वर्ष, निवासी वार्ड 04, अहिवारा

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में चल रही अवैध शराब तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने में सफलता मिली है।

- 30 नवम्बर तक मतदाता से गणना पत्रक वापस जमा करायी जाए
- मेपिंग पश्चात् चिन्हाकित एएसडी का भी एन्ट्री कराएं
- सुपरवाईजरों से विडियो काल कर समस्या की जानकारी ली
दुर्ग। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अभिजीत सिंह ने आज नगर निगम दुर्ग के सभाकक्ष में विधानसभा क्षेत्र दुर्ग शहर और नगर निगम भिलाई में विधानसभा क्षेत्र वैशाली नगर एवं भिलाई नगर में चल रहे निर्वाचक नामावलियों की विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की मतदान केन्द्रवार समीक्षा की। उन्होंने 55 प्रतिशत से कम वाले मतदान केन्द्र के बीएलओ से तथा 55 से 70 प्रतिशत वाले मतदान केन्द्र के बारे में सुपरवाइजर से विडियो कॉलिंग के माध्यम से समस्या की विस्तृत जानकारी ली। इसी प्रकार 70 से 90 प्रतिशत वाले केन्द्रों के संबंध में ईआरओ और एईआरओ से जानकारी ली। साथ ही शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करने के संबंध में रायशुमारी की गई।
कलेक्टर ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य को प्राथमिकता के साथ सभी को समय पर पूर्ण किया जाना है। गणना पत्रक जमा करने के अंतिम तिथि के इन्तजार किये बगैर बीएलओ को संबंधित क्षेत्र के घर-घर जाकर गणना पत्रक संग्रहण करना होगा। जो मतदाता गणना पत्रक वापस जमा नहीं कर रहे हैं ऐसी स्थिति में पंचनामा तैयार कर इस पर मतदाता का हस्ताक्षर करवा कर रखें। इसी प्रकार बीएलओ द्वारा गणना पत्रक वितरण हेतु तीन बार मतदाता के घर जाने पर भी यदि मतदाता नहीं मिले तो घर में नोटिस चस्पा कर, मौके पर पंचनामा तैयार कर, ऐसे मतदाताओं का शिफ्टेट फार्म भरा जाए। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति मतदान केन्द्र से संबंधित वार्ड में निवासरत् नहीं है। वर्तमान में अन्यत्र निवास कर रहा है, ऐसे मतदाताओं को गणना पत्रक उपलब्ध न कराएं।
कलेक्टर ने कहा कि सुपरवाइजर एवं बीएलओ यह सुनिश्चित करें कि 30 नवम्बर की रात्रि तक सभी मतदान केन्द्रों से संबंधित वितरित गणना पत्रक बीएलओ को वापस जमा हो जाएं। मेपिंग पश्चात् चिन्हांकित एएसडी की एन्ट्री रात्रि तक पूर्ण कर ली जाए। गणना पत्रक एन्ट्री पश्चात् आगामी दो दिनों में डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने अवगत कराया कि वर्तमान में सिंगल मल्टीपल लॉगिन चल रहा हैं। यदि निर्वाचन आयोग इसे बंद कर दिया तो गणना पत्रक एन्ट्री करना संभव नही हो पाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए गणना पत्रक संग्रहण हेतु सुपरवाइजर, बीएलओ एवं उनके सहायक कर्मचारी पूरा जोर लगाएं ताकि आगामी दो दिनों में संग्रहित पत्रकों का डिजिटाइजेशन किया जा सकें।
इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी अपर कलेक्टर  विरेन्द्र सिंह, दुर्ग शहर ईआरओ एडीएम अभिषेक अग्रवाल, भिलाई नगर ईआरओ अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, वैशाली नगर ईआरओ संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शिल्ली थामस, आयुक्त नगर निगम दुर्ग सुमीत अग्रवाल, आयुक्त नगर निगम भिलाई राजीव पाण्डे, दुर्ग शहर एसडीएम उत्तम ध्रुव एवं एईआरओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।    

1 दिसम्बर को मालवीय नगर कॉम्प्लेक्स के पास 600 एमएम वाल्व बदला जाएगा, 24 एमएलडी फिल्टर प्लांट रहेगा शटडाउन

दुर्ग/शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग ने महत्वपूर्ण तकनीकी कार्यों के कारण 1 दिसम्बर 2025, दिन सोमवार को बड़े पैमाने पर जलप्रदाय प्रभावित रहने की चेतावनी जारी की है। मालवीय नगर कॉम्प्लेक्स के पास 600 एमएम वाल्व को बदलने का कार्य सुबह की वाटर सप्लाई के बाद किया जाएगा। इसी कारण 24 एमएलडी फिल्टर प्लांट का शटडाउन लिया गया है, जिसके चलते रात 1 दिसम्बर की शाम से 2 दिसम्बर की सुबह तक कई वार्डों में पानी की सप्लाई बाधित रहेगी।

निगम ने बताया कि जिन क्षेत्रों में टंकियों से जलप्रदाय प्रभावित होगा, वहाँ आवश्यकता अनुसार टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे समय रहते पर्याप्त मात्रा में पानी संग्रहित कर लें।

ये क्षेत्र रहेंगे प्रभावित

पदमनाभपुर टंकी क्षेत्र (वार्ड 43, 44, 45, 46)
कसारीडीह पूर्व, बाबा गुरु घासीदास वार्ड, पद्मनाभपुर पश्चिम, पद्मनाभपुर पूर्व।

शंकर नगर टंकी क्षेत्र (वार्ड 10, 11, 12, 13)
शंकर नगर पश्चिम-पूर्व, मोहन नगर पश्चिम-पूर्व।

शक्तिनगर टंकी क्षेत्र (वार्ड 17, 18, 19, 20, 21, 22)
औद्योगिक नगर उत्तर-दक्षिण, शहीद भगत सिंह उत्तर-दक्षिण, तितुरडीह, स्टेशनपारा।

गिरधारी नगर टंकी क्षेत्र (वार्ड 09, 05)
स्वामी विवेकानंद वार्ड, मरारपारा।

हनुमान नगर टंकी (वार्ड 21, 19, 20)
तितुरडीह, शहीद भगत सिंह उत्तर-दक्षिण।

ट्रांसपोर्ट नगर टंकी (वार्ड 16)
करहीडीह।

शनिचरी बाजार टंकी (वार्ड 30, 31, 32, 33, 34, 35, 36, 37, 38 आंशिक)
तमेरपारा, आपापुरा, चंडीमंदिर, शिवपारा, रामदेव मंदिर, गंजपारा, आजाद वार्ड।

निगम की तैयारी और अपील

महापौर अलका बाघमार, आयुक्त सुमित अग्रवाल तथा प्रभारी लीना दिनेश देवांगन ने नागरिकों से अपील की है कि सोमवार को जल का संयमित उपयोग करें तथा आवश्यक मात्रा में संग्रहण कर लें।
निगम की जल विभाग टीम मालवीय नगर में मरम्मत कार्य के लिए लगातार तैनात रहेगी। प्रयास है कि कार्य शीघ्रता से पूरा हो और नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो।

    भिलाई / शौर्यपथ / वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत एफआईआर कार्य में लगे सभी बीएलओ से विधायक रिकेश सेन ने बात कर उनके प्रयासों को साधुवाद दिया है। उन्होंने 293 बीएलओ से कार्य प्रगति की जानकारी ले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी चर्चा की है। श्री सेन ने कहा कि सभी बीएलओ पूरी जिम्मेदारी के साथ एसआईआर कार्य में लग कर मतदाताओं को सहयोग कर रहे हैं। कई मतदान केंद्र में 70 से 80 प्रतिशत फार्म जमा हो जाने पर विधायक ने बीएलओ को बधाई दी और कहा कि इस तरह पूरी निष्ठा से कर्तव्य निर्वहन में लगे वैशाली नगर विधानसभा के सभी 293 बीएलओ को मुख्यमंत्री से सम्मानित करवाने की पहल उनके द्वारा की जाएगी। आपको बता दें कि वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के कुल 258 मतदान केन्द्र के लिए 293 बीएलओ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लगे हैं। इन सभी बीएलओ से विधायक रिकेश सेन ने टेलीफोन पर चर्चा कर कार्य प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्हें बधाई दी है।
श्री सेन ने बीएलओ से संबंधित क्षेत्र के गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन कार्य के विषय में जानकारी ली और कार्य में आ रही समस्याएं भी पूछी। विधायक ने बताया कि वैशाली नगर विधानसभा में सभी बूथ स्तर के अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना प्रपत्र एकत्र कर रहे हैं, और भरे हुए प्रपत्रों को डिजिटल रूप में परिवर्तित करने के कार्य में जुटे हुए हैं। यह अभियान भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना है। इस अभियान में सभी बीएलओ के परिश्रम और मतदाताओं को सहयोग कार्य की श्री सेन ने सराहना की।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि 4 दिसंबर 2025 तक वो अपने गणना प्रपत्र संबंधित बीएलओ या सहायता केंद्रों पर जमा कर सकते हैं। यदि किसी का नाम सूची में नहीं है या कोई सुधार करवाना है, तो वे इस दौरान आवेदन भी कर सकते हैं। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में कार्य कर रहे सभी बूथ लेवल अधिकारियों की हौसला अफजाई करते हुए विधायक रिकेश सेन ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लगे सभी अधिकारियों का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा सम्मान हो, इसके लिए वो पहल करेंगे।

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