
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /एडीएचडी एक मानसिक स्वास्थ्य विकार है, जो व्यवहार में अति-सक्रियता पैदा कर सकता है। इससे ग्रस्त लोग एक कार्य पर अपना ध्यान केंद्रित करने या लंबे समय तक एक जगह बैठने में परेशानी का सामना कर सकते हैं। एडीएचडी को अंग्रेजी में अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिस्ऑर्डर के नाम से पहचाना जाता है। ADHD की समस्या ऐसे परिवारों में अधिक देखी जाती है जिन घरों में तनाव का माहौल बना रहता है या फिर जहां बच्चों की पढ़ाई पर अधिक जोर देने की प्रवृत्ति होती है।
कब होता है ADHD-
एडीएचडी की समस्या ज्यादातर प्री-स्कूल या केजी तक के बच्चों में देखी जाती है। कुछ बच्चों में, किशोरावस्था की शुरुआत में स्थिति खराब हो सकती है। कई बार यह समस्या व्यस्कों को भी परेशान कर सकती है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट-
लड़कियों की तुलना में लड़को में एडीएचडी की समस्या आम होती है। हालांकि इस समस्या का निदान स्कूल के शुरूआती वर्षों में ही हो जाता है, जब बच्चे को ध्यान केंद्रित की समस्या शुरू होने लगती है। एडीएचडी से पीड़ित कुछ बच्चों में बिहेवियरल प्रॉब्लम्स भी देखी जा सकती है। कई बार ऐसे बच्चों की देखभाल करना या उन्हें कुछ सिखाना अभिभावकों के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। ऐसे बच्चे स्कूल में भी दूसरे बच्चों के साथ जल्दी फिट नहीं हो पाते हैं और कोई न कोई शरारत करते रहते हैं।
एडीएचडी के लक्षण-
-ध्यान न देना
- जरूरत से अधिक सक्रियता
- असंतोष
-चीजें याद रखने में परेशानी
-अत्यधिक बातूनी होना
-अक्सर दिनमें सपने देखना
एडीएचडी का कारण-
-आनुवंशिकता
-दिमाग में परिवर्तन
-गर्भावस्था के दौरान खराब पोषण
-मस्तिष्क की चोट
एडीएचडी का उपाय-
एडीएचडी से पीड़ित बच्चों के वर्क स्टाइल में सुधार के उपाय खोजे जा सकते हैं। एडीएचडी का ट्रीटमेंट मेडिसिन, साइकोथेरेपी, एजुकेशन या ट्रेनिंग से भी किया जा सकता है।
एडीएचडी से पीड़ित बच्चों को ऐसे संभालें-
-अच्छे काम पर तारीफ करने या इनाम देने से बच्चे के व्यवहार को पॉजिटिव किया जा सकता है।
-यदि ऐसा दिखे कि बच्चा आपा खो रहा है, तो उस पर ध्यान दें और उसे किसी अन्य एक्टिविटी में बिजी कर दें।
-दोस्तों को घर बुलाएं। इससे बच्चे को मिलने-जुलने में आसानी होगी लेकिन यह सुनिश्चित करें कि बच्चा स्वयं पर नियंत्रण न खोएं।
-अपने बच्चे को अच्छी नींद सोने दें।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
