Google Analytics —— Meta Pixel
May 31, 2026
Hindi Hindi

  ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /प्रदूषण, बढ़ती उम्र, तेज धूप और कई अन्य कारणों से स्किन खराब होने लगती है. इनके कारण डार्क स्पॉट्स, एक्ने, रैशेज की समस्या होने लगती है. ऐसे में स्किन केयर के लिए फेशियल बहुत कारगर उपाय है. फेशियल के लिए आइस क्यूब का भी यूज किया जा सकता है. बर्फ के पानी में चेहरे को थोड़ी देर के लिए डुबोना या 2-4 बर्फ के टुकड़ों को किसी कॉटन के कपड़े में लपेटकर चेहरे पर मसाज करना आइस फेशियल कहलाता है. यह स्किन की पफीनेस को कम करने और ब्लड सर्कुलेशन का बेहतर करता है. आइए जानते हैं ऐसे आइए फेशियल जिससे घर बैठे ही चेहरे को ग्लोइंग बनाने में मिल सकती है मदद….
नीम आइस फेशियल
नीम की पत्तियों के पानी में उबालें और पानी छान लें. इस पानी में ऐलोवेरा जेल मिलाकर आइस क्यूब के रूप में जमा लें. इन आइस क्यूब की मदद से फेस क्लीन करने के बाद पांच मिनट तक फेशियल करें.
राइस आइस फेशियल
चावल को धोकर उसका पानी छाल लें अब उसमें गुलाब जल मिलाकर आइस जमा लें. नहाने के बाद इस आइस की मदद से चेहरे पर फेशियल करें.
टैमटो आइस फेशियल
टमाटर में मौजूद विटामन सी कोलेजन बढ़ाने में मददगार होता है. टमाटर के रस को आइस ट्रे में जमा लें और इससे चेहरे पर फेशियल करें.
लेमन आइस फेशियल
खीरे, आलू और नींबू के रस को मिलाकर आइस ट्रे में जमा लें. इस आइस क्यूब से वीक में एक बार फेशियल करें. इससे चेहरे की रंगत में सुधार आ जाएगा.
रोज वाटर फेशियल
गुलाब की पत्तियों का उबाल कर छान लें. इस पानी में को आइस ट्रे में जमा लें. सोने से पहले इस आइस से फेशियल करें. यह स्किन पर तुरंत ग्लो लाने वाला फेशियल है.
मिंट आइस फेशियल
अगर पिंपल से परेशान हैं तो मिंट आइस फेशियल फायदेमंद होगा. इसके लिए पुदीने की पत्तियों बो उबालकर छान लें और इस पानी को आइस ट्रे में जमा लें. हर दिन नहाने से पहले इस आइस क्यूब  से फेशियल करें.
कोकोनट आइस फेशियल
स्किन को अंदर तक मॉश्चराइज करने के लिए कोकोनट आइस फेशियल करना चाहिए. इसके लिए नारियल पानी को आइस ट्रे में जमाकर यूज करें.

सेहत /शौर्यपथ /अक्सर ही बढ़ते वजन से परेशान लोग वेट लॉस करने की कोशिश में लगे रहते हैं. वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज या वर्कआउट के अलावा खानपान पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. वजन घटाने के लिए जरूरी नहीं है कि अपनी पूरी ही डाइट को बदल दिया जाए, लेकिन खानपान में छोटे-मोटे बदलाव करके भी बड़े फायदे पाए जा सकते हैं. ऐसे ही कुछ फूड्स का जिक्र यहां किया जा रहा है. खानपान की ये चीजें फाइबर से भरपूर होती हैं. फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है और फाइबर के सेवन से वजन कम होने में असर दिखने लगता है. फाइबर से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करता है और इससे एक्सेस फूड इंटेक भी कम होता है. फाइबर ग्लूकोज के कंस्पशन पर भी असर डालता है. ऐसे में यहां जानिए फाइबर से भरपूर कौनसे फूड्स हैं जिन्हें आप अपनी रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा बनाकर वजन घटा सकते हैं और फिट रह सकते हैं.
वजन घटाने के लिए फाइबर से भरपूर फूड्स |
पालक - विटामिन ए, सी, के, फोलेट, मेंग्नीज, मैग्नीशियम, आयरन और फाइबर से भरपूर पालक वजन घटाने में असरदार होता है. इसे सब्जी, साग, सलाद, स्मूदी और सूप में डालकर खाया जा सकता है. पालक से सेहत के लिए फायदेमंद ग्रीन जूस बनाकर भी पिया जा सकता है.
राजमा - लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला राजमा हाई कार्ब और फाइबर से भरपूर फूड की गिनती में आता है. राजमा खाने पर शरीर को मैग्नीशियम, कैल्शियम और पौटेशियम की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है. हालांकि, अगर आप राजमा चावल खा रहे हैं तो इसकी मात्रा का खास ख्याल रखें.
ओट्स - सोल्यूबल फाइबर से भरपूर ओट्स को अक्सर ही वेट लॉस डाइट का हिस्सा बनाया जाता है. इससे ना सिर्फ वजन घटाने में मदद मिलती है बल्कि ब्लड शुगर लेवल्स कंट्रोल में रहते हैं कॉलेस्ट्रोल लेवल्स कम होने में असर दिखता है सो अलग.
ब्रोकोली - हरी सब्जियों में ब्रोकोली फाइबर से भरपूर होती है. इसमें विटामिन सी, विटामिन के और विटामिन बी के साथ-साथ एंटी-ऑक्सीडेंट्स की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है. एक कप ब्रोकोली  में तकरीबन 5 ग्राम तक फाइबर होता है जो हेल्दी बैक्टीरियो को बढ़ाने में असरदार होता है.
गाजर - बीटा कैरोटीन से भरपूर गाजर फाइबर के भी कमाल के स्त्रोत होते हैं. गाजर को अलग-अलग तरह से खाया जा सकता है. इसे सलाद बनाकर खा सकते हैं या फिर गाजर की सब्जी, सूप या स्मूदी वगैरह बनाई जा सकती है.
सेब - फाइबर से भरपूर फलों में सेब को गिना जाता है. सेब में सोल्यूबल फाइबर पेक्टिन होता है जो सेहत को दुरुस्त रखता है. रोजाना सेब खाया जाए तो वजन घटाने में तो मदद मिलती ही है, साथ ही इससे बैड कॉलेस्ट्रोल लेवल्स भी कम होने लगते हैं. सेब को मिड मील या शाम के नाश्ते में खाया जा सकता है.
बादाम - बादाम एक ऐसा सुपरफूड है जिसमें हेल्दी फैट्स, फाइबर और विटामिन ई की अच्छी मात्रा होती है. बादाम को स्नैक्स की तरह खाया जा सकता है. हालांकि, बादाम की मात्रा पर खासा ध्यान देना ज्यादा जरूरी है. एक बार में जरूरत से ज्यादा बादाम खाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

    आस्था /शौर्यपथ /सनातन धर्म में श्रीहरि के नाम से पहचाने जाने वाले भगवान विष्णु सृष्टि के पालनहार कहे गए हैं. हिंदू धर्म में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है. मान्यता है कि भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा अर्चना करने पर घर में सुख शांति और समृद्धि का वास होता है. साल में आने वाली एकादशी तिथि पर भी भगवान विष्णु की पूजा के साथ साथ व्रत किया जाता है. भगवान विष्णु की पूजा के लिए सप्ताह में गुरुवार यानी बृहस्पतिवार का दिन विशेष होता है. भगवान विष्णु की विधिवत पूजा के बाद उनकी आरती करने के पश्चात ही पूजा पूरी मानी जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान विष्णु की पूजा के उपरांत कौन सी आरती करनी जरूरी मानी जाती है. चलिए यहां जानते हैं.
भगवान विष्णु की पूजा के दौरान करें ये काम
कहा जाता है कि गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ साथ व्रत करना चाहिए. पूजा के दौरान भगवान विष्णु को उनका पसंदीदा भोग जरूर लगाना चाहिए और उसके उपरांत आरती करनी चाहिए. तभी पूजा पूर्ण और सफल मानी जाती है. पूजा सफल होने पर भगवान विष्णु जातक को भाग्यशाली होने का आशीर्वाद देते हैं और इससे घर परिवार में धन संपत्ति का आगमन होता है.भगवान विष्णु को पूजा के दौरान पंचामृत का भोग जरूर लगाना चाहिए. उनको पूजा के दौरान तुलसी दल जरूर अर्पित करना चाहिए. इससे भगवान बेहद प्रसन्न हो जाते हैं और जातक की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं.कहा जाता है कि बिना तुलसी दल के भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है और भगवान ऐसी पूजा स्वीकार नहीं करते हैं.
भगवान विष्णु की आरती
अगर आप भी भगवान विष्णु के लिए हर गुरुवार व्रत और पूजा करते हैं तो आपको उनकी आरती जरूर करनी चाहिए. भगवान विष्णु की आरती इस प्रकार है- ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
ॐ जय जगदीश हरे।
जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का।
स्वामी दुःख विनसे मन का।
सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
ॐ जय जगदीश हरे।
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।
स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥
ॐ जय जगदीश हरे।
तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
स्वामी तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥
ॐ जय जगदीश हरे।
तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता।
स्वामी तुम पालन-कर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
ॐ जय जगदीश हरे।
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
स्वामी सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥
ॐ जय जगदीश हरे।
दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
स्वामी तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठा‌ओ, द्वार पड़ा तेरे॥
ॐ जय जगदीश हरे।
विषय-विकार मिटा‌ओ, पाप हरो देवा।
स्वमी पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ा‌ओ, सन्तन की सेवा॥
ॐ जय जगदीश हरे।
श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।
स्वामी जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥
ॐ जय जगदीश हरे।

    व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /हिन्दू धर्म में ज्येष्ठ मास का काफी महत्व माना गया है. इसी मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन गंगा दशहरा का महापर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा. हिन्दू धर्म में गंगा नदी का पूजन-अर्चन देवी के रूप में किया जाता है. गंगा दशहरा के दिन लोग गंगा नदी में स्नान करके पूजा-अर्चना करते हैं. पंचांग के अनुसार इस बार गंगा दशहरा पर दशमी तिथि कब से शुरू होकर कब समाप्त होगी आइए जानते हैं.  
गंगा दशहरा की तिथि और पूजा-विधि
पंचांग के अनुसार, इस साल गंगा दशहरा पर ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 16 जून को रात्रि 02 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगी, जिसका समापन 17 जून को सुबह 04 बजकर 40 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार गंगा दशहरा का महापर्व 16 जून, रविवार को मनाया जाएगा. बता दें कि गंगा दशहरा के इस दिन पर हस्त नक्षत्र सुबह 11 बजकर 13 मिनट तक ही रहेगा. इसके बाद चित्रा नक्षत्र की शुरुआत हो जाएगी.  
शुभ संयोग
इस साल पंचांग के अनुसार गंगा दशहरा पर ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर कई शुभ योग बन रहे हैं. इस खास दिन पर सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा है. इस योग को पूजा-अर्चना के लिए सबसे उत्तम माना जा रहा है. इन योगों में पूजन-अर्चन व दान करना काफी शुभ फल देने वाला माना जाता है.
पूजन विधि
गंगा दशहरा पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन करना आपके लिए मंगलकारी हो सकता है. इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर गंगा में स्नान करें. अगर आपके लिए गंगा जी में स्नान करना संभव न हो तो आप नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं. इसके बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा की चौकी लगाएं और उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर मां गंगा व भगवान शिव का फल, फूल, धूप-दीप आदि से विधि-विधान के साथ पूजन और आरती करें. गंगा दशहरा के दिन गंगा स्रोत का पाठ करना भी आपके लिए मंगलकारी होगा. 

 व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /एकादशी तिथि भगवान विष्णु  की पूजा के समर्पित है. एकादशी की तिथि को व्रत रखकर विधि विधान से भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती है. ज्येष्ठ माह में वर्ष की सबसे कठिन मानी जाने वाली निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाता है. यह व्रत ज्येष्ठ माह के  शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है. मान्यता है पांडव भाइयों में से भीम ने ज्येष्ठ माह के  शुक्ल पक्ष की एकादशी  को बगैर जल ग्रहण किए एकादशी का व्रत किया था. इस व्रत को करने के कारण भीम को मोक्ष और लंबी आयु का वरदान प्राप्त हुआ था. निर्जला एकादशी को एकादशी व्रतों में विशेष माना जाता है ओर इससे वर्ष भर के एकादशी व्रत के बराकर माना जाता है. आइए जानते हैं कब है निर्जला एकादशी शुभ मुहूर्त और निर्जला एकादशी की पूजा विधि.
एकदंत संकष्टी चतुर्थी पर आपने ये कार्य कर लिया तो मिलेशा प्रभु आशीर्वाद
निर्जला एकादशी की तिथि
पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी की तिथि  17 जून को प्रात: 4 बजकर 43 मिनट से शुरू हो जाएगी और अगले दिन 18 जून को सुबह 6 बजकर 24 मिनट तक रहेगी. निर्जला एकादशी का व्रत 18 जून मंगलवार को रखा जाएगा.
निर्जला एकादशी को कैसे करें पूजा
प्रात: काल उठकर देवी देवताओं के स्मरण कर निर्जला एकादशी वाले दिन को शुरू करना चाहिए. व्रत के दिन स्नान के बाद भगवान विष्णु को प्रिय पीले रंग के वसत्र पहले और मंदिर व पूजा घर की अच्छे से सफाई करें. इसके बाद पूजा की चौकी पर पीले रंग का वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को स्थापित करें और विधि विधान से पूजा करें. भगवान विष्णु के उनके प्रिय पीले रंग के फूल चढ़ाएं.  इसकेबाद फल, हल्दी, चंदन, अक्षत चढ़ाएं और खीर को भोग लगाएं. विष्णु चालीसा का पाठ करें. व्रत के दिन जरूरतमंद को भोजन और वस्त्र का दान करें.
वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण एकादशी
विष्णु पुराण में निर्जला एकादशी के महत्व के बारे में बताया गया है. मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत करने से वर्ष भर के एकादशी व्रत का पुण्य प्राप्त हो सकता है. पांडव भाइयों में भीम ने इस एकादशी का व्रत रखा था जिसके कारण उन्हें मोक्ष और लंबी आयु का वरदान प्राप्त हुआ था.

  वास्तु शास्त्र /शौर्यपथ /वास्तु शास्त्र में जीवन में सुख और समृद्धि लाने के कई उपाय बताए गए हैं. कपूर और लौंग  को बहुत शुभ माना जाता है और इससे जुड़े उपायों से सभी परेशानियों को दूर किया जा सकता है. कपूर और लौंग का उपयोग पूजा पाठ में किया जाता है और घर में इन्हें जलाने से कई तरह के लाभ होते हैं. खासकर शनिवार की शाम कपूर और लौंग के उपाय से बहुत लाभ हो सकता है. आइए जानते हैं शनिवार शाम कपूर और लौंग जलाने से क्या क्या फायदे हो सकते हैं.
शनिवार शाम कपूर और लौंग जलाने से होने वाले लाभ
सुख और समृद्धि
शनिवार शाम को घर में लौंग और कपूर जलाने से सुख और समृद्धि आती है. घर में किसी तरह की परेशानी नहीं रहती है और परिवार के लोग मिलजुल कर प्रेम भाव से रहते हैं.
नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
घर में हमेशा बनी रहने वाली परेशानियों का कारण नकारात्कम ऊर्जा हो सकती है. शनिवार की शाम को कपूर और लौंग जलाने से नकारात्मक ऊर्जा घर से दूर रहती है.
आर्थिक परेशानियों से छुटकारा
आर्थिक परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए शनिवार रात को सोने से पहले चांदी की कटोरी में लौंग और कपूर जलाने का उपाय करना चाहिए. इस उपाय से पैसे की तंगी दूर हो सकती है.
विरोधियों से मुक्ति
विरोधियों और शत्रुओं से मुक्ति पाने के लिए भी कपूर और लौंग जलाने का उपाय किया जा सकता है. यह उपाय आपको विरोधियों और शत्रुओं का मुकाबला करने में सक्षम बनाएगा.
मनमुटाव से मुक्ति
घर में लड़ाई झगड़ों से मुक्ति पाने के लिए भी लौंग और कपूर जलाने का उपाय कारगर साबित हो सकता है. शनिवार की शाम लौंग और कपूर जलाने से घर में खुशहाली आती है.
सुखी वैवाहिक जीवन
वैवाहिक जीवन की परेशानियों को समाप्त करने के लिए शनिवार को कपूर और लौंग जलाने का उपाय बहुत अच्छा माना जाता है. इस उपाय से दांपत्य जीवन सुखमय होता है.
करियर में सफलता
कभी कभी बहुत प्रयास के बावजूद करियर में सफलता प्राप्त नहीं होती है. ऐसे में कपूर और लौंग का उपाय काम आ सकता है. इस उपाय को नियमित रूप से करने से करियर में मनचाही सफलता प्राप्त हो सकती है.

   मुंगेली /शौर्यपथ / कलेक्टर राहुल देव के निर्देश पर रामगढ़ स्थित आनंदाश्रम में रहने वाले वृद्धजनों को वाशिंग मशीन और बेंच उपलब्ध कराया गया है। गौरतलब है कि कलेक्टर ने 16 मई को अपने जन्मदिवस के अवसर पर आनंदाश्रम पहुंचकर वृद्धजनों से भेंट कर उनका हालचाल जाना एवं उनकी समस्याआंे एवं आवश्यकताओं के बारे में पूछा था। आश्रम के कर्मचारियों द्वारा वृद्धजनों की सुविधा के लिए वाशिंग मशीन एवं बेंच की मांग की गई थी। कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक को यह सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। जिसके परिपालन में बुजुर्गों को वाशिंग मशीन एवं बैठने के लिए बेंच उपलब्ध कराया गया।

   ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /जिस तरह से हम चेहरे की स्किन का ख्याल रखते हैं ठीक उसी तरह शरीर के बाकी अंगों की स्किन का भी ध्यान रखना पड़ता है. खासकर हाथ और पैर की. इसके लिए लड़कियां और महिलाएं पार्लर में जाकर पेडीक्योर करवाती हैं. जिससे पैर की स्किन सॉफ्ट हो जाती है. मगर अब आपको बाहर जाकर पेडिक्योर करवाने की जरूरत नहीं है. आप घर पर ही सिर्फ एक चीज की मदद से पार्लर जैसा बढ़िया पेडीक्योर कर सकती हैं. इसमें आपका कोई ज्यादा खर्चा भी नहीं आएगा. दरअसल, हम आपको इस आर्टिकस में टूथपेस्टपेडीक्योर के बारे में बताने वाले हैं.
चाहिए होंगी ये चीजें
घर में पेडीक्योर करने के लिए आपको 1 बड़ा चम्मच टूथपेस्ट, 1 बड़ा चम्मच गुलाब जल, 1 बड़ा चम्मच चावल का आटा, 1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल और 1 पुराना टूथब्रश चाहिए होगा.
इस तरह करें पेडीक्योर
घर में पेडीक्योर करने के लिए सबसे पहले एक कटोरी में टूथपेस्ट, गुलाब जल, चावल का आटा, एलोवेरा जेल मिलाकर एक पेस्ट बना लें. अब इस पेस्ट को पैरों पर लगाएं. इस पेस्ट को लगाने के बाद कम से कम 5 मिनट तक पैरों को टूथब्रश से स्क्रब करें.
स्क्रब करने के बाद पैरों को गुनगुने पानी में थोड़ी देर के लिए डाल दें. पैरों से जब सारा पेस्ट हट जाए तो टॉवल से पैरों को अच्छी तरह पोंछ लें और उसके फिर देसी घी से हल्के हाथ से मसाज करें. इस तरह से पेडीक्योर करने से पैरों से डेड स्किन बिल्कुल निकल जाएगी और आपके पैर एकदम साफ हो जाएंगे. इस तरह से पेडीक्योर करने के बाद आपके पैर इतने साफ हो जाएंगे कि आप पार्लर जाकर पेडीक्योर करवाना भूल जाएंगी.
पेडीक्योर के फायदे
पेडीक्योर करने के कई फायदे होते हैं. इससे आपके पैरों में खून का संचार बेहतर तरीके से होने लगता है साथ ही स्किन में कसाव आ जाता है. पैर आपके शाइन करने लगते हैं. पेडीक्योर करने से पैर की जलन शांत हो जाती है.

सेहत टिप्स /शौर्यपथ /आज के समय में लोगों का लाइफस्टाइल इतना खराब हो गया है कि वो किसी ना किसी बीमारी से जूझ रहे हैं. इनमें जो सबसे ज्यादा कॉमन है डायबिटीज. ब्लड शुगर कंट्रोल या मेंटेन नहीं हो पाने की वजह से लोग मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी के शिकार हो जाते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह गलत खान पान है. अगर आप अपनी डाइट को एकदम सही रखें, तो आसानी से ब्लड शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है.
डायबिटीज के मरीजों को बासी रोटी खानी चाहिए लेकिन इसके साथ ही कुछ पोषक तत्व शामिल करना भी जरुरी है. इसे सही तरीके से खाया जाए तो काफी हद तक ब्लड शुगर कंट्रोल हो सकती है. तो चलिए आपको बताते हैं कैसे एक दिन पुरानी रोटी आपके बढ़े बल्ड शुगर में फायदेमंद होती है.
बासी रोटी में होते हैं फाइबर -
बासी रोटी खाना सुनकर थोड़ा अजीब लगता है लेकिन इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होते हैं, जो शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. इसे आप सुबह नाश्ते में खा सकते हैं. इससे डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद मिलती है.
इस तरह करें सेवन -
डायबिटीज में बासी रोटी को ठंडे दूध में 10-15 मिनट के लिए भिगोकर रख दें. उसके बाद आप इसका सेवन कर सकते हैं. बासी रोटी से मतलब ये नहीं है कि आप कई दिन पुरानी रोटी खाएं. बल्कि रात की रोटी अगले दिन सुबह खा सकते हैं, बस इतना ही गैप रखिएगा, क्योंकि रोटी कड़ी हो जाती है.
बासी रोटी के फायदे -
बासी रोटी ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में भी मदद करती है. इसके लिए बासी रोटी को दूध में 10 मिनट के लिए भिगो दें. उसके बाद नाश्ते में इसका सेवन कर लें. इससे ब्लड प्रेशर को मेंटेन रखने में मदद मिलती है.
शरीर को ठंडा रखती है -
बासी रोटी को जब आप ठंडे दूध में मिलाकर खाते हैं तो इससे पेट को ठंडक मिलती है. ये शरीर के तापमान को मेंटेन रखती है. इसमें मसाला या तेल नहीं होता है, जिसकी वजह से गर्मियों के दिनों में बासी रोटी और दूध का सेवन फायदेमंद माना जाता है.

  टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /गर्मियां शुरू होते ही छिपकली आपके घर की दीवार पर तो कभी बाथरूम में लटकी दिख जाती है. इसे देखते ही ज्यादातर लोगों की डर से चीखें निकल आती हैं. उनको यह डर सताता है कि कहीं ऊपर न गिर जाए. आपको बता दें कि देखने में घिनौनी लगने वाली छिपकली अगर किचन में घुस आए तो खाने को दूषित कर सकती है. दरअसल, छिपकली के मल और लार में सल्मोनेला नाम का बैक्टीरिया पाया जाता है, जिससे फूड प्वाजनिंग हो सकती है. अगर यह खाने में गिर जाए तो जहरीला हो सकता है. ऐसे भोजन के सेवन से मौत हो सकती है, इसलिए घर से छिपकली को भगाना बहुत जरूरी है.
छिपकली को घर से कैसे रखें दूर
नेप्थलीन बॉल
 आपको नेप्थलीन बॉल को पीसकर एक स्प्रे बॉटल में डालना है फिर, उसमें पानी और 2 चम्मच डिटॉल मिक्स करके पूरे घर के कोनों में छिड़क देना है. इससे छिपकलियां घर से दूर हो जाएंगी.
अंडे के छिलके
छिपकली भगाने में अंडे के छिलके भी मदद करेंगे. इसके लिए आपको जहां पर सबसे ज्यादा छिपकलियां आती हैं वहां पर इन छिलकों को फैला देना है. अंडे की महक छिपकलियों को नहीं भाती हैं. इसकी महक आते ही भागेंगी.
काली मिर्च स्प्रे
वहीं, आप काली मिर्च के स्प्रे से भी अपने घर से छिपकलियों को भगा सकते हैं. बस आपको स्प्रे बॉटल में पानी भरना है फिर उसमें काली मिर्च पाउडर मिक्स करना है उसके बाद कोने-कोने में छिड़क देना है.
प्याज और लहसुन का स्प्रे
वहीं, आप प्याज और लहसुन के स्प्रे से भी अपने घर की दीवारों और किचन से छिपकली को दूर रख सकते हैं. इसके लिए आपको स्प्रे बॉटल में दोनों चीजों का रस मिला लीजिए, फिर घर के कोनों में छिड़किए.

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)