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May 31, 2026
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    व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /गंगा नदी को पवित्र और मोक्ष प्रदान करने वाली माना जाता है. मान्यता है कि गंगा स्नान से व्यक्ति के जीवनभर के पाप धुल जाते हैं. हर वर्ष वैशाख के माह में शुक्ल पक्ष की सप्तमी को गंगा सप्तमी मनाई जाती है. इस वर्ष  वैशाख के माह में शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 14 मई को है और इस दिन गंगा सप्तमी का त्योहार मनाया जाएगा. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने गंगा नदी के प्रवाह के वेग को कम करने के लिए उन्हें अपनी जटाओं में धारण किया था. गंगा सप्तमी के दिन लोग गंगा में स्नान कर पूजा व दान करते हैं. आइए जानते हैं गंगा सप्तमी से जुड़ी कथाएं.
गंगा सप्तमी की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, राजा सगर ने युद्ध में मारे गए अपने पुत्रों को मोक्ष के लिए कठोर तपस्या कर गंगा को धरती पर अवतरित करवाया था. गंगा नदी का वेग इतना ज्यादा था कि उससे पूरी पृथ्वी का संतुलन बिगड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया था. ऐसे में भगवान शिव ने गंगा नदी का अपने जटाओं में धारण कर लिया और नियंत्रित रूप से धरती पर अवतरित होने दिया. भगवान शिव ने गंगा नदी को वर्ष वैशाख के माह में शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि अपनी जटाओं में धारण किया था. ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है. इस दिन गंगा नदी धरती पर अवतरित हुई थीं.
जाह्नवी पड़ा नाम
एक अन्य कथा के अनुसार, गंगा सप्तमी के दिन गंगा नदी का पुनर्जन्म हुआ था. महर्षि जह्नु तपस्या कर रहे थे लेकिन गंगा नदी के बहने की कल कल ध्वनि से उनका ध्यान भटक रहा था. इससे क्रोधित हो महर्षि जह्नु ने पूरी गंगा नदी को पी गए. बाद में देवी देवताओं की प्रार्थना करने पर गंगा नदी को अपने दाएं कान से बाहर कर दिया इसलिए गंगा नदी को जाह्नवी नाम मिला.

सेहत टिप्स /शौर्यपथ / आजकल कई कारणों से कब्ज की समस्या होने लगी है. आपको तनाव और बढ़ती गर्मी के कारण अपच या कब्ज की समस्या होती है, तो कब्ज से छुटकारा पाने के लिए कुछ जरूरी उपाय भी करने चाहिए. कब्ज पाचन की गड़बड़ी के कारण होती है. अगर आपका पाचन खराब है और पेट साफ करने में परेशानी आ रही है, तो सब्जा के बीज आपके लिए कमाल कर सकते हैं. कुछ लोग पेट की गंदगी साफ करने के लिए दवा लेते हैं, लेकिन आप नेचुरल तरीके से कब्ज का इलाज कर कर सकते हैं. सब्जा बीज, जिसे तुलसी बीज या बेसिल सीड्स भी कहा जाता है, कई गुणों से भरपूर होते हैं और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है. इनमें से एक है कब्ज का इलाज करना. यहां जानिए कैसे सब्जा के बीज कब्ज से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकते हैं.
कब्ज से राहत पाने के लिए सब्जा के बीज |
सब्जा बीज में हाई फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, विटामिन के और विटामिन सी होता है. ये तत्व आपकी पाचन प्रक्रिया को सुधारते हैं और आपको कब्ज से राहत दिलाते हैं. कब्ज के इलाज के लिए रात में सब्जा बीज का सेवन करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. सब्जा बीज को पानी में भिगोकर रखें, जिससे ये फूल जाएं. अगर आप चाहें, तो इसे दूध के साथ भी ले सकते हैं. आप इसे रात को भिगोकर खा सकते हैं, जिससे सुबह पेट साफ होने में मदद मिलेगी. चाहे तो आप इसे सुबह खाली पेट भी ले सकते हैं.
सब्जा बीज में मौजूद फाइबर पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है और अपच को दूर करने में मदद करता है. इसके अलावा ये बारीक रूप से पीसे हुए होते हैं, इसलिए आपके आंतों को सुखद अनुभव मिलता है और आपकी पाचन प्रक्रिया को सुधारता है.
अगर आपको किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या है या अगर आप किसी दवा का सेवन कर रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से सलाह लें.

व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / सनातन धर्म में हर एक तिथि का विशेष महत्व बताया गया है. हिंदू पंचांग के अनुसार स्कंद षष्ठी व्रत के दिन भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय और माता पार्वती की पूजा करने का विधान है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान कार्तिकेय का नाम स्कंद है. जो व्यक्ति इस दिन व्रत करता है उसके जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है. इसके अलावा उन्हें संतान प्राप्त होती है. स्कंद षष्ठी व्रत मुख्यतः दक्षिण भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक माना गया है. इस बार स्कंद षष्ठी 13 मई, 2024 को पड़ रही है. आइए जानते हैं इस व्रत का शुभ मुहूर्त और इसके महत्व के बारे में.
स्कंद षष्ठी व्रत 2024 |
स्कंद षष्ठी वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाई जाती है जिसकी शुरुआत 13 मई, 2024 को सुबह 2:03 बजे से हो रही है. इसका समापन अगले दिन यानी 14 मई, 2024 को सुबह 2:50 बजे पर होगा.
स्कंद षष्ठी का महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार स्कंद षष्ठी भगवान कार्तिकेय को समर्पित की गई है. मान्यता है कि इस दिन भगवान कार्तिकेय ने संसार में बढ़ रहे कुकर्म को समाप्त करने के लिए जन्म लिया था. भगवान कार्तिकेय दक्षिण भारत में मुरूगन, कुमार, सुब्रमण्यम  जैसे नामों से प्रसिद्ध हैं. प्रचलित मान्यता के अनुसार च्यवन ऋषि ने स्कंद षष्ठी को उपासना की थी, जिसकी वजह से उनकी आंखों की रोशनी वापस आ गई थी.
स्कंद षष्ठी के दिन क्या करें और क्या ना करें
स्कंद षष्ठी के दिन भगवान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान कार्तिकेय के निमित्त व्रत रखकर उनकी विधि-विधान से पूजा करने से हर प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है, संतान की प्राप्ति होती है और धन वैभव बढ़ता है. इस दिन दान करना भी बेहद पुण्यकर माना जाता है. स्कंद षष्ठी के दिन स्कंद देव की स्थापना करने से और उनके समक्ष अखंड दीपक जलाने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि इस दिन मांस-मदिरा और तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए.

 ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /एक अच्छी स्किनकेयर आपके फेस को हेल्दी और अटरैक्टिव बनाए रखती है और त्वचा संबंधी समस्याओं को रोकती है. बैलेंस्ड डाइट और लाइफस्टाइल के बावजूद, तनाव, हार्मोनल असंतुलन और विटामिनों की कमी के कारण कभी-कभी बेदाग त्वचा चुनौतीपूर्ण हो जाती है. ऐसे में आप कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर अपनी स्किन को चमकदार बनाए रख सकते हैं, आइए जानते हैं कैसे... हम आपको यहां पर कस्टमाइज्ड फेस पैक के बारे में बताने वाले हैं, जो आपकी स्किन के लिए रामबाण साबित हो सकते हैं.
1. ग्लोइंग स्किन के लिए बेसन फेस पैक
सामग्री:
    2 बड़े चम्मच बेसन
    नींबू के रस की कुछ बूँदें
    1 बड़ा चम्मच दूध की मलाई
बनाने की विधि
एक कटोरी में 2 बड़े चम्मच बेसन, नींबू के रस की कुछ बूंदें और 1 बड़ा चम्मच दूध की मलाई मिलाएं. सुनिश्चित करें कि कोई गांठ न हो.
कैसे करें अप्लाई
सबसे पहले, अपने चेहरे को क्लींजर या गुलाब जल से साफ करें और थपथपाकर सुखा लीजिए. इसके बाद, मिश्रण को अपने चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं. अब 15-30 मिनट तक सूखने के लिए छोड़ दीजिए. अब इसे ठंडे या गुनगुने पानी से धो लीजिए.
सप्ताह में कितनी बार लगाएं
इस फेस पैक का उपयोग सप्ताह में एक या दो बार करें. इसके फायदे आपको ज्यादा हो सकते हैं.
 किसे नहीं लगाना चाहिए
लेकिन जिनकी त्वचा बहुत संवेदनशील है या जलन रहती है उन्हें यह फेस पैक नहीं लगाना चाहिए. वहीं, जिन लोगों किसी भी सामग्री से एलर्जी है, खासकर नींबू के रस या दूध की क्रीम से उन्हें यह फेस पैक नहीं लगाना चाहिए.
2. ऑयली स्किन के लिए बेसन फेस पैक
बेसन और मुल्तानी मिट्टी के फेस पैक त्वचा के ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाते हैं, जिससे आपकी त्वचा लंबे समय तक तरोताज़ा और ऑयल फ्री रहती है.
सामग्री:
    2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी (कॉस्मेटिक क्ले)
    1 चम्मच बेसन
    1 चम्मच गुलाब जल
बनाने की विधि
एक कटोरी में दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी, एक चम्मच बेसन और एक चम्मच गुलाब जल ले लीजिए. अब सभी चीजों को मिलाकर एक महीन पेस्ट बनाएं.
कैसे करें अप्लाई
पेस्ट को अपने साफ और सूखे चेहरे पर समान रूप से लगाएं. इसे 15 मिनट तक लगा रहने दें, फिर साफ ठंडे पानी से इसे पानी से धो लीजिए. इसके बाद अपनी त्वचा को मॉइस्चराइज़ करिए.
सप्ताह में कितनी बार लगाएं
इस मास्क का उपयोग सप्ताह में दो बार करने की सलाह दी जाती है.
किसे नहीं लगाना चाहिए
रूखी या संवेदनशील त्वचा वाले लोग, इस मास्क को न लगाएं. स्किन और ड्राई हो सकती है. किसी भी सामग्री से एलर्जी वाले व्यक्ति, विशेष रूप से गुलाब जल या मुल्तानी मिट्टी न अप्लाई करें.

 ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /अंडे को प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है. अंडे के इस्तेमाल से बालों को कई समस्याओं से बचाने में मदद मिल सकती है. आपको बता दें कि अंडे में प्रोटीन, विटामिन ए, बी2, बी5, बी6, बी12, डी, ई, फोलेट, फॉस्फोरस, सहित कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं. जो शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मददगार हैं. आज के समय में बालों से जुड़ी समस्या काफी देखने को मिलती है. अगर आप भी बालों के झड़ने, गिरने और सफेद बालों से परेशान हैं तो हम आपके लिए लेकर आए हैं घरेलू समाधान. अंडे को आपने खाने के लिए इस्तेमाल किया होगा. लेकिन बालों  से जुड़ी इन 4 समस्याओं में इन तरीकों से अंडे का इस्तेमाल कर बालों को हेल्दी, शाइनी और मजबूत बनाया जा सकता है. तो चलिए बिना किसी देरी के जानते हैं कैसे करें अंडे का इस्तेमाल.
बालों में कैसे लगाएं अंडा-
1. बालों की ग्रोथ के लिए-
अगर आप  अपनी बालों की ग्रोथ बढ़ाना चाहते हैं तो आप हफ्ते में एक-दो बार स्कैल्प पर अंडे लगा सकते हैं. इससे बालों की ग्रोथ में मदद मिल सकती है.
2. बालों को डैमेज से बचाने-
गर्मियों के मौसम में बाल डैमेज की समस्या काफी देखी जा सकती है. अंडे की सफेदी में थोड़ा जैतून का तेल, नारियल का तेल, मिला कर लगाने से बालों को डैमेज होने से बचा सकते हैं.
3. ड्राई बालों के लिए-
अगर आपके बाल भी गर्मी में ड्राई हो रहे हैं तो आप अंडे को अरंडी के तेल के साथ मिलाकर लगाएं इससे बालों को मॉइस्चराइज किया जा सकता है.
4. डैंड्रफ के लिए-
डैंड्रफ एक बड़ी समस्या में से एक है चाहे गर्मी हो या सर्दी डैंड्रफ  की समस्या हमेंशा परेशान तरती है. अंडे को नींबू के रस के साथ मिलाकर बालों और स्कैल्प पर लगाने से डैंड्रफ की समस्या से बचा जा सकता है.

 ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /अक्सर ही कोशिश यह रहती है कि स्किन की देखरेख इस तरह से की जाए जिससे त्वचा पर चमक और निखार तो बना ही रहे साथ ही त्वचा लंबे समय तक जवां नजर आए. त्वचा को जवां बनाए रखने और झुर्रियों  से छुटकारा पाने के लिए यूं तो कई तरीके आजमाए जाते हैं लेकिन योगा एक्सपर्ट मानसी के अनुसार चेहरे को एंटी-एजिंग गुण देने के लिए आपको किसी महंगे स्किन केयर रूटीन को फॉलो करने की जरूरत नहीं है बल्कि बेहद आसान से तरीके से भी त्वचा को जवां बनाए रखा जा सकता है. मानसी का मनसवनी योगा के नाम से इंस्टाग्राम पर अकाउंट है जिसपर वे फेस योगा और स्किन केयर से जुड़े कई तरह के टिप्स वगैरह देती रहती हैं.
अपने ऐसे ही एक वीडियो में मानसी ने एंटी-एजिंग  गुण पाने के लिए मॉर्निंग रूटीन बताया है. मानसी के अनुसार चेहरे को जवां बनाए रखने के लिए आपको किसी फेस वॉश या फिर क्लेंजर की जरूरत नहीं है बल्कि चेहरे को 8 बार पानी से धोएं. चेहरे पर इस तरह 8 बार पानी छिड़कने पर त्वचा साफ होगी और उसे एंटी-एजिंग गुण भी मिलेंगे.
झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए मानसी का बताया यह नेचुरल मास्क भी लगाया जा सकता है. इस मास्क   को बनाने के लिए आपको कच्चे दूध, केले और केले के छिलके की जरूरत होगी. सबसे पहले आपको केले के टुकड़े को कच्चे दूध में मिलाकर पेस्ट बनाना है और चेहरे पर लगाना है. इसके बाद इस मिश्रण को हल्के हाथों से मलने के बाद चेहरे पर केले के छिलके लगाएं. केले के छिलके चेहरे पर लगाने से पहले 10 मिनट तक साइड में रखे रहने दें और उसके बाद ही चेहरे पर लगाने के लिए इस्तेमाल में लें. इस फेस मास्क के एंटी-एजिंग गुण स्किन से झुर्रियों और फाइन लाइंस को दूर रखते हैं.
    सुझाए इस फेस पैक को भी चेहरे पर लगाया जा सकता है. इस फेस पैक का असर चेहरे से झुर्रियों को हल्का करने में नजर आएगा और स्किन टाइटनिंग इफेक्ट्स मिलेंगे सो अलग. फेस पैक बनाने के लिए चावल के आटे  और चावल के पानी को साथ मिला लें. इस पेस्ट को चेहरे पर लगाने और 10 से 15 मिनट बाद धोकर हटा लें.

टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /समर वेकेशन होते ही घर में बच्चों का आतंक शुरू हो जाता है. यहां भाग, वहां भाग इधर से उधर करते रहते हैं. साथ ही इस मौसम में मच्छरों का आतंक भी शुरू हो जाता है. गर्मी से ज्यादा मच्छर परेशान कर देते हैं. ऐसे में बच्चों को मच्छरों से बचाना जरूरी होता है नहीं तो वह कई बीमारियों का शिकार होने लगते हैं. गर्मियों में ऑल आउट  का कुछ भी बहुत कम काम करते हैं ऐसे में मच्छरों से लड़ने का उपाय हर कोई ढूंढता है. आप घर में एक प्लांट लगाकर मच्छरों को दूर भगा सकते हैं साथ ही आपके बच्चे अगर इस पौधे के पत्ते खा लें तो उन्हें भी फायदा ही होगा. हम बात कर रहे हैं मरुआ के पौधे की. मरुआ का पौधा एक सबसे अच्छा मॉस्कीटो रेपलेंट हैं. इसे घर में लगाने से मच्छर दूर हो जाते हैं. जो लोग अपने घरों में ये पौधा लगाते हैं उनके घर के आस-पास भी मच्छर नहीं भटकते हैं.
इस वजह से है फायदेमंद
 मरुआ का पौधा पुदीने के परिवार का ही प्लांट है. इसकी खुशबू बहुत तेज होती है जिसकी वजह से कीड़े और मच्छर इसके आस-पास भी नहीं भटकते हैं. गर्मियों में इन्हें लगाने की सलाह दी जाती है ताकि मच्छर और कीड़े-मकोड़े घर से दूर रहें. ये पौधा तुलसी की तरह ही दिखता है. इसके अनेक फायदे हैं. मच्छरों के लिए ये रामबाण इलाज है.
बच्चों के लिए है फायदेमंद
आपके दिमाग में ये आ रहा होगा कि मच्छर भगाने वाला पौधा अगर गलती से बच्चे ने खा लिया होगा तो वो बीमार पड़ सकता है? लेकिन परेशान होने की जरुरत नहीं है. ये पौधा बहुत फायदेमंद होता है. ये खाने में स्वादिष्ट तो होता ही है साथ ही शरीर को कई बीमारियों से दूर रखने में मदद करता है. इसे कई लोग मसाले की तरह भी इस्तेमाल करते हैं.
1-बच्चों के लिए मरुआ का पौधा फायदेमंद होता है. ये पत्तियां पेट के कीड़े मारने में मददगार होते हैं.
2- मरुआ के पौधे में कई एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं. इसे खाने से भूख बढ़ती है साथ ही खून का शोधन होता है.
3- मरुआ के पत्ते की आप चटनी बना सकते हैं और सब्जी-सलाद में भी डालकर खा सकते हैं. इससे खाने का टेस्ट बढ़ता है लेकिन इसे ज्यादा मात्रा में नहीं डालें. नहीं तो पूरा टेस्ट खराब हो जाएगा.

ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐसा क्या करती हैं, जिससे उनकी स्किन इतनी ग्लोइंग और चमकदार होती है और 50 की उम्र के बाद भी उनकी स्किन  25 जैसी नजर आती है. इसके लिए खानपान का विशेष ध्यान रखना तो जरूरी है और अपनी रूटीन लाइफ में कुछ बदलाव करके आप सेलिब्रिटीज जैसी स्किन पा सकते हैं. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि 50 की उम्र में चेहरे की कसावट को बनाए रखने के लिए आपको क्या करना चाहिए.
टमाटरके पल्प का करें इस्तेमाल
 जी हां, टमाटर के पल्प में एंटी एजिंग गुण पाए जाते हैं और यह आपकी स्किन को ग्लोइंग बनाने में भी मदद करता है. ऐसे में त्वचा पर कसावट लाने के लिए एक टमाटर को काट लें, फिर इसके एक हिस्से को चेहरे पर रगड़े, ऐसा करने से स्किन टाइट होती है.
नारियल के तेल का करें इस्तेमाल
 नारियल का तेल भी एंटी एजिंग के लिए बहुत कारगर माना जाता है. आप दिन में दो बार नारियल के तेल से हल्के हाथों से मसाज करें और 10-15 मिनट बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें. ऐसा करने से स्किन हाइड्रेट होती है और चेहरे पर फाइन लाइन और रिंकल्स नजर नहीं आते हैं.
ऑलिव ऑयल
50 की उम्र में स्किन नेचुरली ऑयल प्रोड्यूस करना कम कर देती है, ऐसे में स्किन डिहाइड्रेटेड और ड्राई नजर आने लगती है. अपनी स्किन पर ऑयल मेंटेन रखने के लिए आप ऑलिव ऑयल को हाथों में लेकर सर्कुलर मोशन में चेहरे की मसाज करें, इसके बाद इसे आधे घंटे के लिए छोड़ दें और गुनगुने पानी से चेहरा धो लें.
एलोवेरा
एलोवेरा में नेचुरल एंटी एजिंग इनग्रेडिएंट होता है, जिसका इस्तेमाल करके आप अपनी स्किन को टाइट बना सकते हैं. इसके लिए फ्रेश एलोवेरा को काटकर इसका पल्प निकाल लें या किसी ऑर्गेनिक एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करके सोने से पहले इससे अपने चेहरे की मसाज करें और सुबह उठकर इसे धो लें.
कॉफी
कॉफी न सिर्फ आपको इंस्टेंट एनर्जी देती है, बल्कि स्किन को टाइट और ब्राइट बनाने का भी काम करती है. इसके लिए कॉफी पाउडर में एक चम्मच दही और शक्कर को मिक्स करें, फिर इसे अपने चेहरे पर लगाए, इससे स्किन एक्सफोलिएट होती है और फाइन लाइंस और रिंकल्स भी कम होते हैं.
केला
केला एक ऐसा सुपर फूड है, जो सेहत के लिए फायदेमंद होने के साथ स्किन के लिए भी बहुत शानदार इनग्रेडिएंट है. आप पके हुए केले को मैश करके इसमें शहद मिलाएं और इसे 15 मिनट के लिए चेहरे पर लगाएं. इससे त्वचा में कसावट आती है और स्किन ब्राइट भी नजर आती है.

टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / बच्चों की परवरिश करना आसान नहीं होता है. उन्हें हर तरह से स्ट्रॉन्ग बनाना भी होता है. सिर्फ फिजिकली नहीं बच्चों का मेंटली भी स्ट्रॉन्ग होना बेहद जरूरी होता है. अगर बच्चे मेंटली स्ट्रॉन्गनहीं होते हैं तो कई बार लोग उनका फायदा उठा लेते हैं और वो आपको इस बारे में कुछ बता भी नहीं पाते हैं साथ ही बुली के भी शिकार हो जाते हैं. ऐसे बच्चे बहुत जल्दी या बात-बात पर रो जाते हैं. बच्चे को स्ट्रॉन्ग बनाना जरूरी है. अगर आपका बच्चा भी बात-बात पर रो देता है तो उसे स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए आपको कुछ टिप्स फॉलो करने की जरूरत है. इन टिप्स की मदद से बच्चा इमोशनली स्ट्रॉन्ग बनेगा और बात-बात पर रोना भी बंद हो जाएगा.
हर काम हमारे हिसाब से नहीं होता
जब भी आपका बच्चा किसी चीज को लेकर रोने लगे तो आप उसे उस दौरान समझाइए कि हर चीज उनके हिसाब से हो ऐसा जरूरी नहीं होता है. सिचुएशन के साथ मैनेज करना भी जरुरी होता है. बच्चे को दी ये सीख उनकी जिंदगी में आगे तक काम आएगी. साथ ही मुश्किल समय में उन्हें पता होगा कि कैसे रिएक्ट करना है.
बच्चे को बोलने दें
कई लोग अपने बच्चों को ज्यादा बोलने नहीं देते हैं. इस वजह से बच्चा अपनी भावनाएं जाहिर नहीं कर पाता है. जो लोग अपनी बात को एक्सप्रेस नहीं कर पाते हैं वो इमोशनली वीक हो जाते हैं इसलिए अपने बच्चे को इमोशनली वीक ना होने दें और उन्हें उनकी बात बोलने दें. जिससे वो अपने इमोशंस को जाहिर कर पाएंगे.
कॉन्फिडेंस बढ़ाएं
बच्चे का कॉन्फिडेंस बढ़ा हुआ होता है तो वो किसी भी चीज से डरते नहीं हैं. वो हर मुद्दे पर अपनी बात रखते हैं और अपनी भावनाओं को एक्सप्रेस कर पाते हैं साथ ही नेगेटिविटी से दूर रहते हैं इसलिए अपने बच्चे का कॉन्फिडेंस बढ़ाएं. बच्चे का कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए आप उन्हें किसी हॉबी या स्किल डेवलप करने वाली चीजें करा सकते हैं.
हर बात पर टोके नहीं
बच्चे गलती करते हैं पर इसका मतलब ये नहीं की आप उनपर हर बात पर चिल्लाएं या गलत करने से मना करते रहें. अगर बच्चा गलती नहीं करेगा तो चीजें सीखेगा कैसे. गलती के डर से वो कुछ करेगा नहीं और उसका कॉन्फिडेंस भी कम हो जाएगा. ऐसे में बच्चों को हर बात पर टोकना बंद कर दें.

सेहत टिप्स /शौर्यपथ /मां का दूध बच्चों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. बच्चों के अच्छे और सही विकास में लिए इसे जरूरी माना जाता है. लेकिन सोशल मीडिया के प्रभावों से यह भी अछूता नहीं रह गया है. सोशल मीडिया पर आए दिन नए नए ट्रेंड्स  आते रहते हैं. आजकल एक ट्रेंड जो तेजी से ऑनलाइन दुनिया पर छा रही है वह है ब्रेस्ट मिल्क का फीडिंग के अलावा कई कामों में यूज करना. नई नई बनीं मम्मी अपने बच्चों को नहलाने के लिए ब्रेस्ट मिल्क का यूज कर रही है. यहां तक कि स्किन केयर के लिए भी इसका यूज शुरू हो गया है. इस पर विशेषज्ञों की क्या राय है आइए जानते हैं.
 बच्चे के लिए अच्छा
विशेषज्ञों के अनुसार मां का दूध बच्चे की उचित विकास के लिए सभी तरह के आवश्यक पोषण से भरपूर होता है. इससे बच्चे को डायरिया, गट इंफेक्शन जैसी बीमारियों से सुरक्षा मिलती है. इसके साथ ही मोटापा, टाइप 1 डाइबिटिज जैसी बीमारियों का खतरा भी कम होता है और इम्यून सिस्टम स्ट्रॉग होता है.
दूसरे कामों में यूज करना
विशेषज्ञों के अनुसार  मां के दूध को इन कामों भी यूज किया जा सकता है. बच्चें के डायपर रैश को ठीक करने के लिए मां के दूध का यूज किया जा सकता है. बच्चें के दुत निकलते समय होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए मां के दूध को बच्चे के मसूढ़ों पर लगाने से आराम मिलता है. यह कटने और खरोंच को ठीक करने में मदद करता है. मां के दूध का अन्य कामों में यूज किये जाने का कारण इसमें मौजूद ग्रोथ फैटर, साइटोकिन्स, स्टेम सेल और लैक्टलबुमिन होता है. ये कई चीजों में उपयोगी साबित होते हैं. हालांकि इस पर अभी और रिसर्च की जरूरत है.
कितना सुरक्षित
विशेषज्ञों के अनुसार मां का दूध अन्य कामों में लिए पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है. कच्चे दूध से इंफेक्शन, एचआईवी, एचसीवी और सिफलिस जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा हो सकता है.  
स्किन केयर में ब्रेस्ट मिल्क का यूज
विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेस्ट मिल्क को स्किन केयर में शामल किया जा सकता है. इसके नैचुरल एंटी बैक्टेरिया गुणों के कारण यह पिंपल को कम करने में मदद कर सकता है. हालांकि इस पर अभी और रिसर्च की जरूरत है. 

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