Google Analytics —— Meta Pixel
June 01, 2026
Hindi Hindi

खाना खजाना /शौर्यपथ / खाने का जायका अचार बढ़ा देता है।वहीं, ऐसे कई लोग होते हैं जिनका खाना अचार के बिना पूरा ही नहीं होता है।ऐसे में सर्दी के मौसम में आम का अचार बनाना मुश्किल है लेकिन गाजर का अचार किसी भी मौसम में बनाया जा सकता है क्योंकि इसे सुखाने के लिए ज्यादा धूप की जरुरत नहीं होती। आइए, जानते हैं कैसे बनाएं गाजर का अचार-
सामग्री :
आधा किलो गाजर
करीब पांच चम्मच पिसी हुई राई
1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
आधा चम्मच हल्दी
आधा चम्मच हींग
एक चम्मच नींबू का रस
सरसों या जैतून का तेल
नमक स्वादानुसार
विधि :
गाजर को छीलकर उसे साफ कर लें। उसे दो-दो इंच लंबे टुकड़ों में काट लें।
इन टुकड़ों पर लगा पानी अच्छी तरह सूख जाने दें। हो सके, तो इसे एक दिन धूप दिखा लें। वरना अचार के खराब हो जाने की आशंका रहेगी।
जितनी भी सामग्री है उसे एक जार में गाजर के साथ मिलाकर रख दें।
जार को सूरज की रोशनी में रख दें, अचार तैयार हो जाएगा। इसमें दो से तीन दिन लगेंगे।
आप चाहें तो इसमें बीच से कटी हुई हरी मिर्च भी डाल सकते हैं।

शौर्यपथ /वजन घटाने के लिए आप कितनी चीजें खाना छोड़ देते हैं और कितनी ही चीजें डाइट में शामिल कर लेते हैं।कभी-कभी वेट लॉस की ये स्पेशल डाइट असरदार होती है, तो कभी-कभी इनका फायदा नहीं भी होता है लेकिन आज हम आपको ऐसे फूड कॉम्बिनेशन के बारे में बता रहे हैं, जो न सिर्फ आपका वजन कम करेंगे बल्कि सेहत से जुड़ी कई परेशानियों से भी आपको मुक्ति दिलाएंगे।
गर्म पानी और नींबू का रस
सुबह उठकर गुनगुने पानी में नींबू-शहद मिलाकर पीना फायदेमंद होता है। रोजाना इसके सेवन से आप अपने वजन को कंट्रोल में रख सकते हैं। पेट की चर्बी कंट्रोल होने के साथ इससे आपकी बॉडी डिटॉक्स भी होती है।
ग्रीन टी और लेमन
बढ़ते वजन को मॉनिटर करने वालों के लिए ग्रीन टी सबसे अच्छा बेवरेज माना जाता है। लो कैलरी और एंटी-ऑक्सीडेंट वाला ड्रिंक तेजी से कैलोरी बर्न करता है और बेहद कम समय में कई किलो वजन घटा देता है। कई स्टडी में ये बात साबित हो चुकी है कि दिन में 2-3 कप ग्रीन टी पीने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और तेजी से वजन घटता है। इसे ज्यादा कारगर बनाने के लिए आप इसमें विटामिन-सी से भरपूर फ्रेश नींबू का रस डाल सकते हैं।
अंडा और पालक
अंडे में हाई क्वालिटी का प्रोटीन पाया जाता है। इस पौष्टिक आहार की रेसिपी बेहद आसान और वेट लॉस फ्रेंडली है, अगर आप वजन घटाने के मिशन पर हैं, तो अपने ऑमलेट में पालक को शामिल कर लें। एक स्टडी के मुताबिक, आयरन से भरपूर पालक अंडे के साथ तेजी से वजन घटाने का काम करता है।
सेब और पीनट बटर
सेब और पीनट बटर एक क्लासिक वेट लॉस फ्रेंडली फूड माने जाते हैं। पीनट बटर में मोनोसैचुरेटेड और पॉलीसैचुरेटेड फैट होता है, जो लंबे समय तक भूख को रोके रखता है और इंसुलिन मेटाबलिज्म भी दुरुस्त करता है। सेब के साथ पीनट बटर खाने से आपका वजन तेजी से कम हो सकता है।
पत्तेदार सब्जिया और ऑलिव ऑयल
हरी पत्तेदार सब्जियां और सलाद भूख को कंट्रोल करने लिए बेस्ट फूड आइटम मानी जाती हैं।इसमें अगर ऑलिव ऑयल शामिल कर लिया जाए तो फायदा दोगुना होगा। इन दोनों चीजों को एकसाथ खाने से आप तेजी से अपना वजन घटा सकते हैं। मोनोसैचुरेटेड फैट से भरपूर ऑलिव ऑयल और पत्तेदार सब्जियां मिलकर आपकी भूख को कंट्रोल रखते हैं।
ओट्स और बैरीज
रास्पबैरी और ब्लूबैरी में शरीर के फायदेमंद कई तरह के एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं।मॉर्निंग डाइट में ओट्स के साथ इनका सेवन तेजी से वजन घटाने में कारगर है। इस फूड कॉम्बिनेशन के वेट के अलावा भी कई फायदे होते हैं।

शौर्यपथ / सपनों को जीवन का आईना माना जाता है। स्वप्न शास्त्र पूरी तरह से सपनों पर आधारित है। इस शास्त्र में सपनों का अध्ययन करते हैं। स्वप्न शास्त्र को मानने वाले कहते हैं कि सपनों के बारे में दिए तर्क शास्त्र में सही हैं और इन पर विश्वास किया जा सकता है। स्वप्न शास्त्र में सपने में जानवर दिखने के बारे में बताया गया है। कहते हैं कि सपने में कुछ जानवरों का दिखना शुभ तो कुछ अशुभ होते हैं। मान्यता है कि सपने में कुछ विशेष जानवरों का देखना, खास योग बना सकता है।
1. सपने में गाय देखना- स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने में गाय का देखना बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं कि सपने देखने वाले व्यक्ति का सोया भाग्य खुल जाता है। कहते हैं कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। मान्यता है कि गाय को सपने में देखने का अर्थ है कि उस व्यक्ति पर ईश्वर की कृपा बरस रही है। कहते हैं कि सपना देखने वाला व्यक्ति हर काम में सफलता हासिल करता है और उसकी तरक्की का रास्ता खुल जाता है।
2. हाथी- हाथी को ऐश्वर्य का प्रतीक मानते हैं। कहते हैं कि सपने में हाथी का देखना बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं कि अगर व्यक्ति को सपने में हाथी दिखाई पड़ता है तो इसका अर्थ है कि उस व्यक्ति को ऐश्वर्य की प्राप्ति होने वाली है। कहते हैं कि ऐसा सपना जीवन में खुशियां और तरक्की लाता है। सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि ऐसा सपना देखने के बाद माता लक्ष्मी को हाथी की प्रतिमा अर्पित करनी चाहिए।
3. उल्लू- उल्लू को सपने में देखना बेहद शुभ माना जाता है। उल्लू को मां लक्ष्मी का वाहन माना जाता है। कहते हैं कि सपने में उल्लू को देखने से धन-धान्य की प्राप्ति हो सकती है। माना जाता है कि ऐसा सपने देखने वाले व्यक्ति पर मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है। जिससे उसे धन लाभ होता है। कहते हैं कि ऐसा सपना देखने के बाद मां लक्ष्मी को लाल वस्त्र अर्पित करना चाहिए।
4. काला नाग- स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने में अगर काला नाग दिख जाए तो यह शुभ संकेत माना जाता है। कहते हैं कि इसका अर्थ होता है कि आपके यश में वृद्धि होने वाली है। मान-सम्मान बढ़ने वाला है। इसके साथ ही सपने का यह भी अर्थ होता है कि आपकी मनोकामना जल्द पूरी होने वाली है।
5. खरगोश- सपने में खरगोश का दिखना बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं कि इस सपने का अर्थ होता है कि आपके जीवन में प्रेम बढ़ेगा। इसके साथ ही पार्टनर के साथ रिश्ता मजबूत होगा। इसके अलावा कार्यक्षेत्र में सफलता भी मिल सकती है।
6. छिपकली- सपने में छिपकली का दिखना स्वप्न शास्त्र में शुभ माना जाता है। कहते हैं कि इस सपने का अर्थ है कि आपको अचानक धन प्राप्ति होने वाली है। इसके अलावा कर्ज जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलने वाली है।

शौर्यपथ / कोरोना के दौर से गुजर रही दुनिया को नए साल से तमाम उम्मीदें हैं। आने वाले वर्ष में सभी को अच्छा स्वास्थ्य, कार्यक्षेत्र में उन्नति, परिवार में सुख-शांति मिले, इसी कामना के साथ वास्तु में कुछ आसान से उपाय बताए गए हैं। नए साल में प्रवेश करने से पहले इन उपायों को अपना सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
नए साल के आरंभ होने से पहले अपने घर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक चिह्न बनाएं। नए साल की शुरुआत घर में पेड़-पौधे लगाने से करें। अपने घर में तुलसी या मनी प्लांट का पौधा लगा सकते हैं। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। घर और अपने कार्यक्षेत्र को सुगंधित रखें। वर्ष के पहले दिन अपना पर्स या बटुआ खाली न रखें। घर की अलमारी या लॉकर में भी पैसे रखें लेकिन तिजोरी या पैसे रखने वाली जगह पर इत्र आदि न रखें। वर्ष में कम से कम दो बार हवन कराने का संकल्प लें। परिवार में प्रेम बढ़ाने के लिए घर के दक्षिण पूर्व में क्रिस्टल बॉल भी लगा सकते हैं। नए साल पर घर या प्रतिष्ठान में लाफिंग बुद्धा लाएं। उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखें। दुकान और घर की साज सज्जा में सफेद और पीले रंग की चीजों का इस्तेमाल करें। घर की उत्तर दिशा में अनावश्यक वस्तुओं को न रखें। हर दिन शाम को घर में कर्पूर जलाएं। शांति, आनंद, उमंग प्रदर्शित करने वाले चित्रों को घर की पूर्व दिशा में लगा सकते हैं। नववर्ष में अपने लक्ष्य को अपने हाथों से कागज पर लिखकर अपने सामने रहने वाली दीवार पर लगाएं। इसके लिए एक निश्चित समय सीमा भी तय कर लें। साल के पहले दिन घर की पूर्वोत्तर दिशा में पानी से भरा कलश और उस पर नारियल रखें।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / सर्वेश्वर दास नगर पालिक निगम उच्चतर माध्यमिक शाला उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम में रिक्त व्याख्याता (सामाजिक विज्ञान, गणित, वाणिज्य) अंग्रेजी माध्यम, व्यायाम शिक्षक अंग्रेजी माध्यम, प्रधानपाठक (प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला) अंग्रेजी माध्यम, सहायक शिक्षक (विज्ञान समूह) अंग्रेजी माध्यम, सहायक शिक्षक (कला समूह) एवं भृत्य पद की अंतिम पात्र-अपात्र की विषयवार एवं पदवार सूची जारी कर दी गई है। अंतिम पात्र-अपात्र की विषयवार एवं पदवार सूची जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव के वेबसाइट deorajnandgaon.cg.nic.in में अपलोड किया गया है। विषयवार एवं पदवार प्रथम पात्र तीन अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 29 दिसम्बर 2020 को युगांतर पब्लिक स्कूल पार्रीनाला में लिया जाएगा। प्रथम पात्र 3 अभ्यर्थी नियत तिथि एवं नियत स्थान में मूल दस्तावेजों के सत्यापन के लिए सुबह 8.30 बजे उपस्थित होने कहा गया है।

रायपुर /शौर्यपथ / विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भारत सरकार, विज्ञान भारती के सहयोग से दिनांक 22 से 25 दिसम्बर 2020 के मध्य इंण्डिया इंटरनेशनल साईंस फेस्टिवल 2020 का छठवें संस्करण का आयोजन वर्चुवल मोड पर नई दिल्ली में किया गया। इसी कड़ी में 23 दिसम्बर 2020 को ÓÓस्टेट साईंस एण्ड टेक्नोलॉजी मिनिस्टर्स कान्क्लेवÓÓ का आयोजन किया गया। इस कान्क्लेव में विभिन्न राज्यों से उपस्थित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागों के मंत्रियों की उपस्थिति में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा 32 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषदों को 6 जोन में बांटते हुए प्रत्येक जोन द्वारा संबंधित राज्यों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की क्षेत्रों में किये गये उल्लेखनीय कार्यों का प्रदर्शन किया गया।
सेन्ट्रल जोन के तहत छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश में स्थापित छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद का संयुक्त प्रदर्शन छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा छत्तीसगढ़ रीजनल साईस एण्ड सोसायटी के महानिदेशक श्री मुदित कुमार सिंह द्वारा किया गया। दोनों संस्थाओं द्वारा विज्ञान लोकव्यापीकरण, अनुसंधान एवं विकासीय, बौद्धिक संपदा अधिकार, नवप्रर्वतन एवं रिमोट सेन्सिग के क्षेत्रों में किये गये उल्लेखनीय कार्यों तथा भविष्य में दोनों संस्थाओं द्वारा प्रस्तावित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कान्क्लेव में अन्य जोन के परिषदों द्वारा मुख्य रूप से कोविड-19 संक्रमण पर कार्यक्रम, विभिन्न क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यक्रम, नवप्रर्वतन योजना, महिला उद्यमी विकास कार्यक्रम, कृषि उद्यान पशुधन तथा प्रदेश की नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना आदि क्षेत्रों में किये गये महत्वपूर्ण कार्यो का उल्लेख किया गया।

विशेष लेख:शशिरत्न पाराशर
महासमुंद / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनता की स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना सहित मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री सार्वभौम पीडीएस और मध्यान्ह भोजन योजना जैसी पांच योजना 2 अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर शुरू की है। जिला महासमुंद में इन योजनाओं पर तुरंत अमल शुरू कर दिया था। जिले में कुल 1780 आंगनबाड़ी केन्द्र है, जिनमें कुल 82000 बच्चें है। मध्यम कुपोषित बच्चों की संख्या क़रीब 15000 है। वही गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या लगभग 5000 है। ज्यादा नहीं हाल के कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डाले तो 17 प्रतिशत कुपोषण बच्चों में कमी आयी है। इसमें कोरोना काल से पहले स्कूलों में मध्यान्ह भोजन एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जा रहा था।

लेकिन कोविड-19 के चलते स्कूली बच्चों और वहीं 15 वर्ष से 49 वर्ष की चिन्हांकित एनीमिया पीड़ित महिलाओं को भी पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है और नियमित रूप से निगरानी की जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा मध्यम और गंभीर कुपोषित बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

महिला विकास विभाग महासमुंद से मिली जानकारी अनुसार 15 वर्ष से 49 वर्ष आयु वर्ग की एनीमिया से पीड़ित 19500 महिलाएं चिन्हांकित की गई है। इसी प्रकार एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की संख्या 9000, शिशुवती माताएं 9500 है। इस प्रकार कुल 19500 प्रभावित हितग्राहियों को चिन्हांकित किया गया है। 24 प्रतिशत एनिमिक पीड़ित महिलाओं में कमी आयी है । इनमें से प्रारंभ में हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है।

जिले योजना शुरू होने से सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे है। दो साल में बच्चों के कुपोषण में तेजी के साथ कमी आयी है। जिले में नयी सरकार गठन के बाद बच्चों के सुपोषण में इजाफा हुआ। लगातार मानिटरिंग के जरिए गंभीर कुपोषण में कमी आयी है। पिछले वर्ष के मुकाबले सामान्य और गंभीर कुपोषण की दर में गिरावट आयी है।

महासमुंद और ज़िले के सभी विकासखण्ड में विभिन्न कार्यक्रमों और स्थानीय कला जत्था के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर कुपोषण दूर करने प्रयासरत है और इसमें लगातार सफलता भी मिल रही है। कोरोना के चलते इस काम में गति की रफ़्तार में कमी ज़रूर आयी है। अब कोविड-19 का पालन करते हुए महासमुंद जिले के अधिकांश सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बच्चों को गरम भोजन परोसा जाता है। वही सहायता समूह द्वारा गुणवत्तापूर्ण रेडी-टू-ईट फुड की व्यवस्था की जाती है। इसमें निर्माण की तिथि अंकित होती है। इससे खराब होने से पहले ही इसका उपयोग कर लिया जाता है।

दुर्ग / शौर्यपथ / भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के जयंती पर भाजयुमो ने सुशासन दिवस रूप में मनाते हुए मूकबधिर शाला जाकर बच्चों को फल व वृद्धों को किया मच्छरदानी कीट का वितरण. भारतीय जनता पार्टी के पितामह व भारतीय राजनीति के अजातशत्रु भारत रत्न परम श्रद्धेय, स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर आज भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर सुशासन दिवस के रूप में मनाते हुए दुर्ग जिला भाजयुमो द्वारा वार्ड 18 कादंबरी नगर स्थित मुक बधिर शाला में जाकर बच्चों को फल एवं वहां स्थित वृद्धा उपचार आश्रम में भर्ती बुजुर्ग महिलाओं को मच्छरदानी कीट वितरण किया गया गया इस दौरान प्रमुख रुप से भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर मंडल भाजपा अध्यक्ष लुकेश बघेल गिरेश साहू वार्ड पार्षद देवनारायण चंद्राकर महिला मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कुमुद बघेल थे।
जिला भाजयुमो अध्यक्ष दिनेश देवांगन ने नेतृत्व में आयोजित उक्त कार्यक्रम में भारतीय राजनीति के अजातशत्रु व देश के पूर्व प्रधान मंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जयंती पर सर्वप्रथम कार्यकर्ताओ ने उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित किया तत्पश्चात आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर ने कहा कि भारतीय राजनीति के आजाद शत्रु जिन्होंने अपने जीवन में राजनीति को शुचिता देते हुए ऐसी कई कविताओं का निर्माण किया जिसमें जीवन का सारा सार अंकित होता रहा है वह प्ररेणा दायी व्यक्तित्व न केवल भारतीय जनता पार्टी के लिए बल्कि समस्त राजनीतिक दलों के लिए भी प्रिय थे उनके जन्म दिवस आज भाजपा सुशासन दिवस के रूप में मना रही हैं और इस सुखद पल के दिन मुक बधिर बच्चों के बीच में आकर नेक कार्य करना निश्चित ही सुखद अनुभूति प्रदान करता है मैं इस स्कूल के संचालक मंडल को बधाई एवं साधुवाद देती हूं जो सदैव मूक बधिर बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र मे प्रोत्साहित करती है
भाजयुमो जिला अध्यक्ष दिनेश देवांगन ने संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के पितामह अटल बिहारी जी जिनके बताए हुए मार्ग पर अगर इंसान चले तो निश्चित थी वह अपने जीवन पर सफलताओं के समस्त आयामों को प्राप्त कर लेगा उन्होंने मुक बधिर स्कूल संचालक राजू राजपूत को बधाई देते हुए कहा कि जिस स्कूल की परिकल्पना करना मुश्किल था उस स्कूल को लगाता इतने वर्षों से सुचारू ढंग से चलाना मायने रखता है इस स्कूल से पढ़े हुए बच्चे आज अच्छी शिक्षा ग्रहण कर प्राप्त कर चुके हैं उन्होंने स्कूल की एक 12वीं क्लास की बच्ची जिसने फर्स्ट डिवीजन से कक्षा पास कि उसे बधाई भी दी जो उस वक्त उस सभागार में उपस्थित थी ।कार्यक्रम का संचालन मंडल युवा मोर्चा अध्यक्ष तेखन सिन्हा ने किया।
आयोजित कार्यक्रम में भाजयुमो जिला महामंत्री नितेश साहू उपाध्यक्ष राहुल पंडित मंत्री राहुल दीवान मीडिया प्रभारी राजा महोबिया गौरव शर्मा उत्तम साहू अनुपम मिश्रा तेखन सिन्हा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष सुधा सिंह शशि रायजादा,बंटी चौहान निहाल शर्मा शुभम मिश्रा स्कुल संचालक राजु राजपूत एवं भरत यादव उपस्थित थे।

सेहत /शौर्यपथ /कोरोना वायरस महामारी के दौरान अगर किसी को मौसम के बदलाव के कारण भी खांसी-जुकाम जैसी समस्या हो रही है, तो उसके मन में कोरोना के लक्षण को लेकर कई तरह की बातें आने लगती हैं। महामारी की गंभीरता को देखते हुए लोगों में काफी डर बना हुआ है जिसका असर उनके दिमाग पर पड़ रहा है। आपको अगर कुछ दिनों से खांसी-जुकाम है, तो आज हम आपको बता रहे हैं खांसी-जुकाम दूर करने का ऐसा घरेलू नुस्खा, जो आपकी शुरुआती खांसी-जुकाम को 3-4 दिनों में ठीक कर देगा। काली मिर्च खांसी मुकाम के अलावा कई अन्य बीमारियों में भी कारगर मानी जाती है। आइए, जानते हैं इसके घरेलू उपाय-


खांसी मिर्च पोषण तत्व
काली मिर्च में पैपरीन नामक तत्व पाया जाता है। यह तत्व औषधीय गुणों से भरपूर है। इसमें आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, मैंग्नीज, जिंक, क्रोमियम, विटामिन ए और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं।

 

काली मिर्च के कारगर उपाय
-आप सर्दी-जुकाम से परेशान हैं तो काली मिर्च को गर्म दूध में मिला कर लें।
-बार-बार जुकाम होता है, तो 15 दिन तक एक-एक काली मिर्च बढ़ाते हुए उसका सेवन करें। उसके बाद 15 दिन तक एक-एक घटाते हुए लें। इससे बार-बार होने वाली जुकाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
-कफ बनता है तो एक चम्मच शहद में 2-3 बारीक कुटी काली मिर्च के साथ एक चुटकी हल्दी मिला कर उसका सेवन करें।
-अगर आप लगातार खांसी से परेशान हैं, तो काली मिर्च के 4-5 दानों के साथ किशमिश के 15 दाने चबाने से आराम मिलेगा।
-अगर गला बैठ गया है और गले से खरखराहट भरी आवाज निकल रही है तो काली मिर्च को घी व मिश्री के साथ मिला कर खाएं। गला ठीक हो जाएगा।
-फेफड़े और सांस नलियों में संक्रमण है तो काली मिर्च और पुदीने की चाय का सेवन कर सकते हैं।
-खांसी से परेशान हैं तो काली मिर्च के पाउडर को गुड़ में मिला कर उसकी गोलियां बना कर सेवन करें। जल्दी आराम मिलेगा।
-पेट में गैस की समस्या है तो एक कप पानी में आधा नीबू का रस, आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर व आधा चम्मच काला नमक मिला कर पिएं।
-उल्टी-दस्त होने पर काली मिर्च का सेवन फायदेमंद है। इसके लिए काली मिर्च, हींग व कपूर को पांच-पांच ग्राम लेकर मिला लें। उसके बाद राई के बराबर छोटी----छोटी गोलियां बना लें। इन गोलियों का हर 3 घंटे बाद सेवन करें।
-पेट में कीड़ों की समस्या है, तो काली मिर्च को किशमिश के साथ 2-3 बार चबा कर खा जाएं। एक गिलास छाछ में थोड़ी-सा काली मिर्च का पाउडर मिला कर पीने से भी पेट के कीड़े मर जाते हैं।
-बदहजमी होने पर कटे हुए नीबू का आधा टुकड़ा लें, बीज निकाल लें। इसमें काला नमक व काली मिर्च भर कर गर्म करके चूसें।
-काली मिर्च उनके लिए भी बहुत उपयोगी है, जिनकी आंखें कमजोर हैं। काली मिर्च को पीस कर उसके पाउडर को देशी घी के साथ मिला कर खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
-दांतों में होने वाले रोग पायरिया से परेशान हैं और दांत कमजोर हैं तो काली मिर्च को नमक के साथ मिला कर दांतों पर लगाएं।
-याददाश्त कमजोर है तो काली मिर्च को शहद में मिला कर खाएं।

खाना खजाना / शौर्यपथ /आयुर्वेद में हल्दी सबसे अच्छी औषधि है। यह पूरे स्वास्थ्य को ठीक रखती है। हल्दी तीखी,कसैली और गर्म तासीर वाली होती है। कच्ची हल्दी आयुर्वेद में सदियों से प्रयोग होती आयी है। हल्दी में विटामिन सी, विटामिन ई, आयरन, जिंक सहित ढेरों पोषक तत्व मौजूद हैं, जो हल्दी को हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाते हैं।
हल्दी का उपयोग सभी दोषों से मुक्ति के लिए किया जा सकता है
पाचन में मदद करती है, आंत की संतुलन को बनाए रखती है, गैस को कम करती है, इसमें टॉनिक गुण होते हैं और यह एक एंटीबायोटिक है।
हल्दी का उपयोग खांसी, कफ, मधुमेह, बवासीर, घाव में जलन और त्वचा की समस्याओं के लिए किया जा सकता है। यह चिंता और तनाव को कम करने में भी मदद करता है।
इसको आहार में शामिल करने का आसान तरीका है हल्दी का अचार। इसे बनाना आसान है और ये बहुत स्वादिष्ट लगता है। आइये जानते हैं इसे कैसे बनाना है।
हल्दी के अचार के लिए आपको चाहिए ये सामग्री
1 कप कच्ची ताजी हल्दी की जड़ें
3 चम्मच सरसों तेल
1 चम्मच काली सरसों
एक चुटकी हींग
1 चम्मच अचार मसाला पाउडर
2 चुटकी नमक
4 चम्मच नींबू का रस
अब जानिए हल्‍दी का अचार बनाने की विधि
हल्दी की जड़ और अचार मसाला पाउडर ज्यादातर भारतीय किराने की दुकानों से उपलब्ध हैं। हल्दी की जड़ थोड़ी अदरक की तरह ही लगती है, लेकिन महीने छिलकों के नीचे यह शानदार पीले रंग की होती है।
हल्दी की जड़ों को धोकर अच्छी तरह सुखा लें। छीलकर लम्बा-लम्बा काट लें।
तेल गरम करें और सरसों के बीज डालें और चिटका दें। इसे ठंडा करें और कटी हुई हल्दी के ऊपर डालें।
अब इसमें अचार मसाला पाउडर, नींबू का रस और नमक मिलाएं। अच्छी तरह से हिलाएं।
कांच के एयर टाइट बर्तन में रखें और रेफ्रिजरेटर में स्टोर करें।
ये अचार 1 महीने तक फ्रेश रहता है, बस इसमें पानी की एक बूंद भी नहीं जानी चाहिए। पानी अचार खराब कर देगा। भोजन के साथ इस अचार को कम मात्रा में खाएं।
कच्ची हल्दी स्‍वास्‍थ्‍य लाभ जानना भी है जरूरी
1. कैंसर से लड़ने में सक्षम है
आयुर्वेद में हल्दी को औषधि के रूप में इस्तेमाल करने का बड़ा कारण है हल्दी में मौजूद एन्टी कैंसर कंपाउंड। इटली के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट में 2016 में हुए एक शोध में यह पुष्टि हुई कि कच्ची हल्दी का सेवन न केवल कैंसर होने की सम्भावना को कम करता है, बल्कि बैड रेडिएशन से होने वाले ट्यूमर को भी खत्म करने में असरदार है।
2. एक्ने से छुटकारा दिलाने में है मददगार
यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया के डर्मेटोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट के एक शोध के अनुसार हल्दी को चेहरे पर पैक के रूप में प्रयोग करने से एक्ने से राहत मिलती है। हल्दी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण एक्ने पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म कर, आपकी त्वचा को साफ करती हैं।
3. गले की सभी समस्याओं को दूर करती है
पंजाब यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ पैथोलॉजी के अनुसार हल्दी गले के इन्फेक्शन से राहत पहुंचाने में कारगर है। गर्म पानी में आधा चम्मच नमक और आधा चम्मच हल्दी मिलाकर गरारे करने से गले की ख़राश और दर्द में तुरंत आराम मिलता है।
4. वजन कम करने में सहायक है
जर्नल ऑफ न्यूट्रिशनल बायो केमेस्ट्री में प्रकाशित लेख के मुताबिक कच्ची हल्दी वजन कम करने में मददगार होती है। एक चम्मच हल्दी को एक गिलास गर्म पानी मे घोल कर उसे हल्का ठंडा होने पर पिएं। हल्दी मेटबॉलिज्म को तेज करती है जिसके कारण वजन कम होता है।
5. इम्यूनिटी बूस्टर भी है हल्दी
क्या आप जानते हैं कि हल्दी आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने में भी सक्षम है। हल्दी के इन्हीं गुणों के कारण आयुर्वेद में मुख्य रूप से इसका इस्तेमाल किया जाता है। सर्दियों में आप दूध में हल्दी डाल कर सेवन कर सकते हैं। सर्दी-जुखाम से बचने के लिए हर रात सोने से पहले इसका सेवन करना चाहिए।
उम्मीद है आप इस आसान रेसिपी को ट्राई करेंगी और कच्ची हल्दी के फायदे लेंगी।

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)