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नई दिल्ली / शौर्यपथ / सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को किसी भी मामले की जांच करने से पहले उस राज्य की सहमति अनिवार्य तौर पर लेनी होगी. आठ राज्यों द्वारा सामान्य सहमति वापस लिए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिया है. एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ये प्रावधान संविधान के संघीय चरित्र के अनुरूप है. कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (DSPE) अधिनियम के तहत वर्णित शक्तियों और अधिकार क्षेत्र के लिए सीबीआई को किसी भी मामले की जांच से पहले संबंधित राज्य सरकार से सहमति की आवश्यकता जरूरी है.
कोर्ट ने कहा कि DSPE अधिनियम की धारा 5 केंद्र सरकार को केंद्र शासित प्रदेशों से परे सीबीआई की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने में सक्षम बनाती है, लेकिन जब तक कि DSPE अधिनियम की धारा 6 के तहत राज्य संबंधित क्षेत्र के भीतर इस तरह के विस्तार के लिए अपनी सहमति नहीं देता है, तब तक यह स्वीकार्य नहीं है. जाहिर है, प्रावधान संविधान के संघीय चरित्र के अनुरूप हैं, जिसे संविधान की बुनियादी संरचनाओं में से एक माना गया है.
जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने ये फैसला उत्तर प्रदेश में फर्टिको मार्केटिंग एंड इनवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में सुनाया है. अभियुक्त द्वारा इस मामले में कहा गया था कि धारा 6 के तहत राज्य सरकार की सहमति के अभाव में सीबीआई के पास निहित प्रावधानों के मद्देनज़र जांच कराने की कोई शक्ति नहीं हैं.
फैसले में आगे कहा गया कि एफआईआर दर्ज करने से पहले सहमति प्राप्त करने में विफलता पूरी जांच को समाप्त कर देगी. दूसरी ओर, राज्य ने तर्क दिया कि DSPE अधिनियम की धारा 6 के तहत पूर्व सहमति अनिवार्य नहीं है बल्कि यह सिर्फ निर्देशिका है. इस पर अदालत ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 और
अन्य अपराधों की जांच के लिए पूरे उत्तर प्रदेश राज्य में सीबीआई की शक्तियों के विस्तार और अधिकार क्षेत्र के लिए सामान्य सहमति प्रदान की है. हालांकि, यह एक राइडर के साथ है, कि राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के बिना, राज्य सरकार के नियंत्रण में, लोक सेवकों से संबंधित किसी भी मामले में ऐसी कोई भी जांच नहीं की जाएगी. लोक सेवकों की जांच के लिए अधिकारियों को डीएसपीई अधिनियम की धारा 6 के तहत राज्य सरकार की अधिसूचना द्वारा सहमति दी जानी चाहिए.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि एक "गोपनीय कानूनी मुद्दे" के तहत भगोड़े विजय माल्या के प्रत्यर्पण में बाधा आ रही है. बता दें कि माल्या भारत में हजारों करोड़ रुपये के कर्ज का डिफॉल्टर होने के चलते वांछित है. मंत्रालय ने बताया कि ब्रिटिश अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, "हमें बताया गया है कि एक गोपनीय कानूनी मुद्दा है जिस पर कार्यवाही चल रही है. जिसके बाद विजय माल्या को भारत को सौंपा जा सकता है. हमें किसी विशेष समयरेखा का संकेत नहीं दिया गया है और हम इस मामले पर बातचीत जारी रखना चाहते हैं."
गौरतलब है कि विजय माल्या, 9,000 करोड़ के कर्ज का डिफॉल्टर है. वह मार्च 2016 से यूनाइटेड किंगडम में है और भारत को अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है. 64 वर्षीय माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश एक ब्रिटिश अदालत ने मई में दिया था, लेकिन देश में शुरू की गई "गुप्त कार्यवाही" में देरी हुई है. विजय माल्या, जो अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करता है, ने बार-बार कहा है कि भारतीय बैंक उस पर बकाया मूल राशि को 100 प्रतिशत वापस ले सकते हैं.
अहमदाबाद / शौर्यपथ / गुजरात के अहमदाबाद शहर में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए शुक्रवार से निगम सीमा अंतर्गत 57 घंटे का सप्ताहांत कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया गया है. इस बीच, एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मौजूदा हालात के मद्देनजर गुजरात सरकार ने राज्य में 23 नवंबर से माध्यमिक स्कूल और कॉलेज खोलने के अपने फैसले पर रोक लगा दी है. अधिकारियों ने कहा कि अहमदाबाद शहर में शुक्रवार (20 नवंबर) रात नौ बजे से कर्फ्यू शुरू होगा, जो सोमवार (23) सुबह छह बजे तक जारी रहेगा. अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि इस ''पूर्ण कर्फ्यू'' के दौरान केवल दूध और दवा की दुकानें ही खुली रहेंगी.
गुप्ता को गुजरात सरकार ने विशेष कार्याधिकारी नियुक्त किया है और उनका काम अहमदाबाद नगर पालिका के कोरोना वायरस संक्रमण संबंधी कामकाज की निगरानी करना है. गुप्ता ने शाम को घोषणा की थी कि शुक्रवार (20 नवंबर) से अगले आदेश तक रोजाना रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक रात्रि कर्फ्यू लागू रहेगा. हालांकि इसके कुछ घंटों बाद ही गुप्ता ने कहा कि शुक्रवार रात से सोमवार सुबह तक “पूर्ण कर्फ्यू” लागू होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि रात्रि कर्फ्यू शहर में सोमवार रात नौ बजे से प्रभावी होगा.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / चीन ने भूटान के इलाके में 2 किमी भीतर एक गांव बसाया है, जो डोकलाम के बहुत करीब है. जहां 2017 में चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी थी. चीन की सरकारी मीडिया के एक वरिष्ठ पत्रकार द्वारा पोस्ट की गई तस्वीरों में गांव नजर आया है. हटाए गए ट्वीट्स में, चीनी सीजीटीएन न्यूज़ के एक वरिष्ठ प्रोड्यूसर शेन शिवेई ने गांव की तस्वीरों को पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने कहा कि वह डोकलाम क्षेत्र था.
चीनी गांव पंगड़ा भूटानी क्षेत्र के भीतर 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और इस बात का एक संकेत है कि भारत ने हमेशा जिसकी आशंका जताई है. चीन भारतीय और भूटानी क्षेत्र में कटौती करने का प्रयास कर रहा है. यह कदम भारत के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि वह भूटान की क्षेत्रीय अखंडता के लिए जिम्मेदार है जिसके पास एक सीमित सशस्त्र बल है.
बता दें कि डोकलाम गतिरोध भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में टकराव से पहले सबसे गंभीर मुद्दा था. लद्दाख में गतिरोध के बाद से परमाणु-हथियारों से लैस दोनों देशों ने सीमा पर हजारों सैनिकों को भेजा है. पिछले हफ्ते, सरकारी सूत्रों ने एक निजी न्यूज़ चेनल को बताया कि भारत और चीन ने तनाव को कम करने के लिए तीन चरण की योजना बनाई है. हालांकि, योजना के कार्यान्वयन पर अभी तक कोई हस्ताक्षर या समझौता नहीं हुआ है. योजना को लागू करने के लिए किसी भी समय अवधि पर सहमति नहीं दी गई है. दोनों पक्षों के बीच यह तय नहीं होगा कि यह किस हद तक होगा.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / देश में कोरोना (Coronavirus India) के संक्रमण की चपेट में आए करीब 94 फीसदी मरीज ठीक हो चुके हैं और 5 फीसदी से कम मरीजों का ही इलाज चल रहा है. केंद्र सरकार ने गुरुवार को कोविड-19 के आंकड़े जारी करते हुए यह जानकारी दी. स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने कहा कि लगातार 47 दिनों से ऐसा है कि रोज संक्रमण के नए मामलों के मुकाबले स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा रही.
देश में कोविड-19 से 48,493 और लोग गुरुवार को स्वस्थ हो गए. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में 83 लाख 83 हजार 602 लोगों के स्वस्थ होने के साथ ही स्वस्थ होने की दर (रिकवरी रेट) सुधरकर 93.58 प्रतिशत हो गया है. संक्रमण के नए मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. देश में संक्रमण के 4,43,303 मामले हैं जो कि कुल मामलों का महज 4.95 प्रतिशत है. स्वस्थ होने वालों में 77.27 प्रतिशत मरीज 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के हैं. केरल में एक ही दिन में 7066 लोग बीमारी से उबर गए. दिल्ली में 6901 लोग और महाराष्ट्र में 6608 लोग 24 घंटे में स्वस्थ हुए.
संक्रमितों की संख्या 90 लाख के करीब
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, संक्रमण के 45,576 नए मामलों से भारत में कुल 89.58 लाख संक्रमित हो गए हैं. संक्रमण के कारण 585 और लोगों ने दम तोड़ा और मृतकों की संख्या 1,31,578 पहुंच गई. कोविड-19 के 77.28 प्रतिशत नए मामले 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए. दिल्ली में 24 घंटे में 7486 मामले आए. केरल में 6419 और महाराष्ट्र में 5011 नए मामले आए.
महाराष्ट्र और बंगाल में सर्वाधिक मौतें
कुल 585 मौत में से 79.49 प्रतिशत मामले 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए. दिल्ली में 131 लोगों की मौत हुई. महाराष्ट्र में 100 और पश्चिम बंगाल में 54 और मरीजों की मौत हो गई.
रायपुर / शौर्यपथ / विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर राज्य स्वच्छता पुरस्कार 2020 में सरगुजा जिले को राज्य में प्रथम स्थान मिलने पर प्रभारी मंत्री एवं नगरीय प्रशासन विकास, श्रम विभाग मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने सरगुजावासियों को बधाई दी। महानदी भवन से आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उन्होंने विजेताओं को पुरस्कार राशि का वितरण भी किया। इस दौरान उन्होेंने कहा कि सरगुजा छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण जिला है। जिस तरह से नगरीय निकाय क्षेत्र स्वच्छता के क्षेत्र में अव्वल स्थान हासिल करता है, उसी तरह सरगुजा जिला ने भी स्वच्छता में प्रथम स्थान हासिल कर प्रदेश में अपनी पहचान बनाई है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है। मंत्री डॉ. डहरिया ने जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु सिंह, उपाध्यक्ष राकेश गुप्ता, कलेक्टर संजीव कुमार, जिला पंचायत सीईओ कुलदीप शर्मा सहित जनपद स्तर के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को बधाई दी।
स्वच्छता के अंतर्गत राज्य स्तर पर सरगुजा जिले से 9 श्रेणियों में 11 विजेताओं का और जिला स्तर पर 8 श्रेणियों में 19 विजेता प्रतिभागियों का चयन किया गया था। सरगुजा जिले को राज्य में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रथन स्थान प्राप्त हुआ। जिसके तहत जिले को एक करोड़ रुपए की राशि तथा जनपद पंचायत लुण्ड्रा को ओडीएफ स्थायित्व हेतु 50 लाख रूपए व ग्राम पंचायत पुहपुटरा को ओडीएफ स्थायित्व के लिए 20 लाख रुपए से पुरस्कृत किया गया। कुल 4 करोड 35 लाख में से एक करोड़ 70 लाख की राशि सरगुजा को मिली है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत वर्चुअल सम्मान समारोह में प्रभारी मंत्री डॉ. डहरिया ने स्वच्छ सुंदर शौचालय के अंतर्गत लुण्ड्रा ब्लॉक के श्री रामलाल, अलबिना, सरजूराम, पतिराम को अलग-अलग पांच हजार एक रुपए, स्वच्छ सुंदर सामुदायिक शौचालय अंतर्गत ग्राम पंचायत लुण्ड्रा को 21 हजार रुपए, माहवारी स्वच्छता प्रबंधन युक्त गांव अंतर्गत ग्राम पंचायत-दोरना, लुण्ड्रा को 21 हजार, प्लास्टिक मुक्त ग्राम पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत-बटवाही को 21 हजार, स्वच्छ सुन्दर शौचालय अंतर्गत बेलगांव सीतापुर के हितग्राही मनबोध व अगरसाय को पांच हजार एक रुपए, स्वच्छाग्राही समूह द्वारा उत्कृष्ट दीवार लेखन अंतर्गत दुर्गा स्व सहायता समूह बेलगांव को पांच हजार एक रुपए, उत्कृष्ट निबंध लेखन में खुशी कुमारी अच्चगले जवाहर नवोदय विद्यालय बतौली को 21 हजार, उत्कृष्ट स्वच्छाग्राही समूह अंतर्गत जीवन दीप महिला स्व सहायता समूह पंडरीपानी को 21 हजार, स्वच्छाग्राही समूह द्वारा उत्कृष्ट दीवार लेखन अंतर्गत प्रथम पुरस्कार जीवन दीप महिला स्व-सहायता समूह पंडरीपानी और द्वितीय पुरस्कार गौरी मां स्वयं सहायता समूह देवटिकरा को पांच हजार एक रुपए, मिछिल स्कूल अंतर्गत उत्कृष्ट निबंध लेखन में पूजा गुप्ता को प्रथम पुरस्कार 21 हजार रुपए, पुनिया धीचा को 11 हजार और अंकुश पैकरा को 5 हजार की राशि प्रदान किया। उत्कृष्ट नारा सृजन लेखन अंतर्गत प्रथम पुरस्कार श्रीमती मीना राजवाड़े पुहपुटरा को 21 हजार, द्वितीय श्रीमती करूणा (करूणा महिला स्वयं सहायता समूह काराबेल) को 11 हजार और तृतीय पुरस्कार, श्रीमती आभा (ज्योति स्व-सहायता समूह जजगा) को पांच हजार की राशि दी गई।
प्रधान आरक्षक, आरक्षकों के लिए सर्व सुविधायुक्त हॉस्टल का डीजीपी ने किया भूमि पूजन
रायपुर / शौर्यपथ / डीजीपी डीएम अवस्थी ने आज पुलिस लाईन परिसर रायपुर में प्रधान आरक्षक एवं आरक्षक हॉस्टल का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर डीजीपी ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस जवानों के हितों के लिए हमेशा तत्पर है। छत्तीसगढ़ पुलिस में सबसे ज्यादा संख्या प्रधान आरक्षक एवं आरक्षकों की है। विगत कई वर्षों से राजधानी रायपुर में उनके अस्थाई रूप से ठहरने हेतु हॉस्टल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। प्रधान आरक्षक, आरक्षक एवं उनके परिजनों का स्वास्थ्यगत, कार्यालयीन एवं अन्य कार्यों के लिए रायपुर अक्सर आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में उन्हें ठहरने के लिए होटलों में बहुत पैसा खर्च करना पड़ता था। इसलिए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा अपने जवानों एवं उनके परिजनों के हितों को ध्यान में रखते हुए उक्त हॉस्टल का निर्माण कराया जा रहा है। हॉस्टल का निर्माण केंद्रीय कल्याण निधि द्वारा कराया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि एएसआई एवं उसके ऊपर रैंक के जवानों के लिए पहले से ही पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल एवं मैस की सुविधा है।
सर्व सुविधायुक्त रहेगा हॉस्टल - प्रधान आरक्षकों एवं आरक्षकों के लिए निर्माणाधीन हॉस्टल में सभी सुविधाएं होंगी। उक्त हॉस्टल में ठहरने के लिए 12 कमरे, हॉल एवं एक डॉरमेट्री प्रस्तावित है, जिसमें लगभग 3 दर्जन व्यक्ति रुक सकेंगे। हॉस्टल में किचन की सुविधा भी होगी जहां जवान और उनके परिजनों के लिए भोजन उपलब्ध रहेगा। हॉस्टल भूमि पूजन के अवसर पर आईजी रायपुर डॉ आंनद छाबड़ा, एसएसपी रायपुर अजय यादव, एएसपी तारकेश्वर पटेल, डीएसपी मणि शंकर चन्द्रा, आरआई चन्द्र प्रकाश तिवारी उपस्थित रहे।
रायपुर / शौर्यपथ / अजीत जोगी के निधन के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे में जान फूंकने के लिए उनकी पत्नी डॉ. रेणु जोगी अब पूरी तरह से मैदान में उतर आयी हैं। पार्टी की विशेष बैठक में पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद उन्होंने पार्टी की प्राथमिकताएं भी तय कर दिया है।
उन्होंने साफ कहा कि छत्तीसगढ़ में उनकी पार्टी मुख्य रुप से धान खरीदी, युवाओं को रोजगार और शराबबंदी के मुद्दे पर फोकस करेगी और इसके लिए संघर्ष का रास्ता चुनेगी।
यह बनी रणनीति
1 दिसंबर 2020 से राज्य सरकार द्वारा शुरू की जा रही धान खरीदी पर किसानों को उनके उपज का समय पर समर्थन मूल्य दिलवाना, किसानों को खरीदी केंद्र में समय से टोकन दिलवाने और उनकी अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए काम करना।
राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए भूपेश सरकार से नौकरी की मांग करना।
जिस प्रकार विधानसभा चुनाव के अपने घोषणा पत्र में कांग्रेस ने सरकार बनते ही पूर्ण शराबबंदी करने की बात कही थी, उसे लागू करवाने के लिए प्रयास करना।
इन तीन प्रमुख मुद्दों पर डॉ. रेणु जोगी ने काम करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मुझे अपने स्व. पति, जिन्होंने छत्तीसगढ़िया प्रथम के उद्देश्य से पार्टी का गठन किया था उसको आगे बढ़ाना है और छत्तीसगढ़िया लोगों को छतीसगढ़ का भाग्य विधाता बनाना है। अब मेरा और मेरी पार्टी का मुख्य काम जनहित के मुद्दों के लिए लंबी लड़ाई लड़ना है।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान बिना अनुमति सीमावर्ती राज्यों से छत्तीसगढ़ में धान आयात करने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। खाद्य विभाग द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के द्वौरान 1900 रूपए प्रति क्विंटल से अधिक कीमत का धान अन्य राज्यों से आयात के लिए संचालक खाद्य से अनुमति लेना आवश्यक नहीं है, किन्तु आयातक को इस किस्म के धान आयात करने की सूचना संबंधित जिले के खाद्य नियंत्रक या खाद्य अधिकारी को देना होगा। खाद्य विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि धान उपार्जन अवधि के दौरान सीमावर्ती राज्यों से धान लाकर राज्य के उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर बेचने की आशंका बनी रहती है। इसलिए धान खरीदी केन्द्रों में अन्य राज्यों के अवैध धान की आवक एवं बिक्री को रोकने के लिए राज्य शासन द्वारा अन्य राज्यों से बिना अनुमति के धान आयात पर प्रतिबंध लगाया गया है। कोई भी राइस मिलर अथवा धान के व्यापारी, कमीशन एजेंट, आगामी आदेश तक अन्य राज्यों से धान लाने के लिए पूर्व अनुमति हेतु संबंधित जिले के कलेक्टर अथवा सीधे संचालक खाद्य को आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। आवेदन पत्र में राइस मिलर, व्यापारी द्वारा धान विक्रयकर्ता फर्म, व्यक्ति का नाम, उसका पूरा पता, परिवहन, आयात की जाने वाली धान की किस्म एवं प्रति क्विंटल मूल्य संबंधी जानकारी के साथ-साथ, आयात किए जाने वाले धान जिस स्थान पर क्रय उपरांत भंडारित होगा उसकी जानकारी देना अनिवार्य है। आवेदक द्वारा आयात किए जाने वाले धान को सड़क अथवा रेल मार्ग से मंगाया जाएगा। उस मार्ग के विपणन की जानकारी भी आवेदन में देना होगा ताकि रेलवे एवं परिवहन विभाग को इस संबंध में आवश्यक जानकारी दी जा सके। आवेदन पर संचालक खाद्य द्वारा परीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी और अनुमति जारी होने के उपरान्त ही आवेदक द्वारा धान का आयात किया जा सकेगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा राज्य के सभी कलेक्टरों को राज्य में धान के आयात के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है, जिसमें संबंधित जिले में संचालित राइस मिलों के धान एवं चावल के स्टाॅक का सत्यापन 20 नवंबर 2020 की स्थिति में अनिवार्य रूप से कराने को कहा गया है। इस स्टाक की जानकारी राइस मिलों द्वारा मिलर्स माडयूल में अनिवार्य रूप से दर्ज करने तथा आयात किए जाने वाले धान तथा इससे निर्मित होने वाले चावल की साप्ताहिक अद्यतन जानकारी वेबसाइट में अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा गया है। राज्य शासन द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने को कहा गया है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / शिक्षा का अधिकार कानून का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की है, लेकिन जिले में पांच सौ बच्चे विगत पांच माह से प्रवेश पाने भटक रहे है। आरटीई कानून के अंतर्गत जुलाई माह में प्रथम लॉटरी निकाला गया था, जिसमें चयनित 500 बच्चे आज भी प्रायवेट स्कूलों में प्रवेश पाने भटक रहे है। पालकों ने अनेकों बार जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित आवेदन दिया, लेकिन उनके बच्चों को आज तक प्रवेश नहीं दिलाया गया, जिसको लेकर अब पालकों ने संभागीय कमिश्नर, जिला दुर्ग से लिखित शिकायत कर डीईओ के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है। छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल पॉल ने भी छग राज्य बाल संरक्षण आयोग को लेटर लिखकर डीईओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की मांग की है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
