August 13, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / एक जनवरी से सभी चार पहिया वाहनों के लिए फास्टैग को अनिवार्य कर दिया गया है। डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार सभी टोल प्लाजा पर कैश लेन-देन को पूरी तरह से खत्म कर रही है।
    एनएचएआई के परियोजना निदेशक एनएन गिरि ने बताया कि केंद्र सरकार 31 दिसम्बर तक 100 फीसदी करना चाहती है। ऐसे में यदि वाहन मालिक ने अपने वाहन पर फास्टैग नहीं लगवाया तो हाईवे पर एक जनवरी से असुविधा हो सकती है। उन्होंने बताया कि 15 नवम्बर को केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था। जिसके बाद लखनऊ के इटौंजा और दखिना टोल प्लाजा पर एक जनवरी से सभी चार पहिया वाहनों पर फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है। वर्तमान में दोनों टोल प्लाजा पर दो कैश लेन भी है।
    यहां से प्राप्त करें फास्टैग
    नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अनुसार फास्टैग ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील और पेटीएम पर उपलब्ध है। इसके अलावा आप फास्टैग को बैंक और पेट्रोल पंप से भी खरीद सकते है। बैंक से फास्टैग खरीदते समय आप ध्यान रखें कि जिस बैंक में आपका खाता है। उसी बैंक से आप फास्टैग खरीदे।

    फास्टैग के लिए ये दस्तावेज जरूरी
    फास्टैग खरीदने के लिए आपको ड्राइविंग लाइसेंस का फोटो कॉपी और अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन चाहिए होगा। वहीं आप फोटो आईडी के तौर पर आधार कार्ड और पासपोर्ट या पैन कार्ड का भी प्रयोग कर सकते हैं।

    कितने में मिलेगा फास्टैग
    एनएचएआई के अनुसार आप फास्टैग को किसी भी बैंक से 200 रुपये में खरीद सकते हैं। वहीं आप फास्टैग को कम से कम 100 रुपये से रिचार्ज करा सकते हैं। सरकार ने बैंक और पेमेंट वॉलेट को रिचार्ज पर अपनी ओर से कुछ अतिरिक्त चार्ज लगाने की छूट दी है।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / भारत में कोरोना के संक्रमण ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। कुछ रिपोर्ट्स का भी दावा है कि ठंड के दिनों में संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो सकती है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तो बीते कई दिनों से लगातार इसके मामले बढ़ रहे हैं। कई राज्यों ने अपने बड़े-बड़े शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाने की भी घोषणा की है।
    मध्य प्रदेश के इंदौर, गुजरात के सूरत और राजकोट में 21 नवंबर की रात से नाइट कर्फ्यू लगा दी गई है। इंदौर में लोग रात दस बजे से लेकर सुबह छह बजे तक अपने घरों से बाहर नहीं निकल सकते हैं। साथ ही गुजरात के दोनों शहरों में इसकी समय सीमा रात नौ बजे से लेकर सुबह छह बजे तक रखी गई है।
    हालांकि, नाइट कर्फ्यू के दौरान फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों और आवश्यक सेवा में शामिल लोगों को छूट दी गई है। आपको बता दें कि इंदौर में कल कोरोना के 546 नए पॉजिटव केस सामने आए हैं। इसके साथ ही संक्रमण का कुल आंकड़ा 37,661 हो गया है। वहीं अगर गुजरात की बात करें तो कल यहां 1,515 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही यहां कोरोना के कुल मामले 1,95,917 हो गए। इनमें 13,285 एक्टिव केस हैं।

    राजस्थान के 8 शहरों में नाइट कर्फ्यू, मास्क नहीं लगाने पर अब 500 रुपये जुर्माना
    राजस्थान सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण के मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित आठ जिला मुख्यालयों में रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। वहीं राजधानी जयपुर में धारा 144 लगाई गयी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शनिवार रात को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में ये फैसले किए गए। बैठक में सर्दी और त्योहारी सीजन के कारण संक्रमण के बढ़ते मामलों को नियंत्रित करने के उपायों पर विचार हुआ।

    बैठक में यह निर्णय किया गया कि संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित आठ जिला मुख्यालयों (जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, अलवर व भीलवाड़ा) के नगरीय क्षेत्र में बाजार, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल व अन्य वाणिज्यिक संस्थान शाम सात बजे तक ही खुले रहेंगे। इन आठ जिला मुख्यालयों के नगरीय क्षेत्र में रात आठ बजे से सुबह छह बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू रहेगा। वहीं मास्क नहीं पहनने पर लगाया जाने वाला जुर्माना 200 रुपये से बढ़ाकर अब 500 रूपये कर दिया गया है। हालांकि इस दौरान विवाह समारोह में जाने वाले, दवाइयों सहित अति आवश्यक सेवाओं से संबंधित लोगों तथा बस, ट्रेन व हवाई जहाज में सफर करने वालों को आवागमन की छूट होगी।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / तत्कालीन सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी को ओबामा ने 'साठ बरस से ऊपर की उम्र की आकर्षक महिला' के तौर पर याद किया है. 'जो पारंपरिक साड़ी पहने हुई थीं. उनकी मर्मभेदी काली आंखें और मौजूदगी शाही अंदाज़ वाली थी.'

    "यूरोपीय मूल वाली ये महिला पहले मां की जिम्मेदारी निभाते हुए घर तक सीमित थीं. 1991 में श्रीलंका के अलगाववादी आत्मघाती हमलावर के हाथों पति की मौत के बाद, अपने दुख से उबरकर वो परिवार की राजनीतिक विरासत को संभालते हुए अहम राष्ट्रीय नेता के तौर पर उभरीं."

    इटली में जन्मी सोनिया गांधी के पति राजीव गांधी भारत के प्रधानमंत्री रहे थे. 1991 में तमिलनाडु राज्य की एक रैली में एक आत्मघाती हमलावर ने उनकी हत्या कर दी थी.

    ओबामा ने लिखा है कि डिनर के दौरान सोनिया गांधी बोल कम रहीं थीं और सुन ज़्यादा रही थीं. "नीतिगत मुद्दों को वो सावधानी से मनमोहन सिंह की ओर मोड रही थीं और कई बार चर्चा का रुख अपने बेटे की ओर ले जाने की कोशिश करतीं."

    "हालांकि, मुझे ये साफ़ हो गया कि उनकी सत्ता का आधार चतुराई और शक्ति संपन्न बुद्धिमता है."

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के संस्मरण में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को नर्वस नेता बताने की बात पर राजनितिक बवाल तो हो ही रहा किन्तु उसी संस्मरण में ऐसी कई बाते भी कही गयी जिस पर अगर गौर किया जाए तो यही संस्मरण की दुहाई देते हुए जो आज बराक ओबामा की बात का समर्थन कर रहे वही विरोध करने लगेंगे . अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति नहीं जहाँ अपने 2011 के संस्मरण में देश में भाजपा के विभाजन कारी नीति का भी उल्लेख किया है जो साल 2014 में सच हुआ .

    भारत के भविष्य के बारे में क्या लिखा?
    ओबामा लिखते हैं कि आज का भारत "एक कामयाब कहानी है जो कई सरकार बदलने, राजनीतिक दलों के बीच तीखी तकरार, कई सशस्त्र अलगाववादी मूवमेंट और हर तरह के भ्रष्टाचार के घोटालों को झेल चुका है."

    लेकिन उन्नत लोकतंत्र और मुक्त अर्थव्यवस्था के बावजूद भारत अब भी 'गांधी की कल्पना वाले समतावादी, शांतिपूर्ण और सहअस्तित्व वाले समाज की छवि से कम ही मेल खाता है. असमानता चरम पर है और हिंसा 'भारतीय जीवन का हिस्सा बनी हुई है.'

    ओबामा लिखते हैं कि नवंबर की उस शाम मनमोहन सिंह का घर छोड़ते वक़्त वो सोच रहे थे कि जब 78 साल के प्रधानमंत्री अपनी जिम्मेदारी से अलग होंगे तो क्या होगा?

    ओबामा ने लिखा है, "क्या मशाल कामयाबी के साथ राहुल गांधी तक पहुंच जाएगी, उनकी मां ने जो नियति तय की है वो पूरी होगी और बीजेपी ने जो विभाजनकारी राष्ट्रवाद पेश किया है, उसे दरकिनार करते हुए कांग्रेस का दबदबा कायम रहेगा? "

    "न जाने क्यों, मुझे संदेह था. ये मिस्टर सिंह की ग़लती नहीं थी. उन्होंने अपनी भूमिका निभाई, शीतयुद्ध के बाद के तमाम उदारवादी लोकतांत्रिक देशों की राह पर चलते हुए: संवैधानिक व्यवस्था को कायम रखते हुए, रोजमर्रा के काम और अक्सर जीडीपी को ऊपर करने के तकनीकी काम करते हुए और सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाते हुए.

    "मेरी ही तरह वो भी ये ही भरोसा करते हुए आए थे कि हम सभी लोकतंत्र से यही उम्मीद रख सकते हैं, ख़ासकर भारत और अमेरिका जैसे बड़े, बहुजातीय बहुधार्मिक समाज में."

    लेकिन ओबामा ने ख़ुद भी पाया कि "हिंसा, लालच, भ्रष्टाचार, राष्ट्रवाद, नस्लभेद और धार्मिक असहिष्णुता जैसी मानवीय लालसाएं अपनी अनिश्चिताओं और नैतिकता को पीछे छोड़ते हुए दूसरों को छोटा ठहराने की निरर्थकता, जैसे तमाम कारक इतने मजबूत है कि किसी भी लोकतंत्र के लिए इन पर स्थायी तौर पर रोक लगाना मुमकिन नही है."

    "ये हर जगह इंतज़ार में रहते हैं, जब भी तरक्की की रफ़्तार मंद होती है या फिर आबादी का स्वरुप बदलता है या फिर कोई करिश्माई नेता लोगों के डर और असंतोष की लहर पर सवार होता है, ये उभरकर ऊपर आ जाते हैं." ओबामा के सवाल का जवाब 2014 में मिला जब नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी बीजेपी ने जबरदस्त जीत हासिल की.

    ओबामा 2015 में दोबारा आए. तब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री थे और ओबामा पद पर रहते हुए दो बार भारत की यात्रा करने वाले अमेरिका के पहले राष्ट्रपति बने. लेकिन पूर्व राष्ट्रपति के संस्मरणों का पहला हिस्सा 2011 में ओसामा बिन लादेन की मौत के साथ ख़त्म होता है. उम्मीद की जा रही है कि दूसरे हिस्से में वो नरेंद्र मोदी को लेकर राय जाहिर करेंगे. ( साभार बीबीसी हिंदी )

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने देश के मुस्लिम प्रतिनिधियों से कहा है कि वो कट्टरपंथी इस्लाम को नष्ट करने के लिए 'रिपब्लिकन मूल्यों के चार्टर' को स्वीकार करें. बुधवार को राष्ट्रपति फ़्रेंच काउंसिल ऑफ़ द मुस्लिम फेथ (सीएफसीएम) के आठ नेताओं से मिले और कहा कि इसके लिए उन्हें 15 दिनों की मोहलत दी जाती है.

    उनके अनुसार, इस चार्टर में दूसरे मुद्दों के अलावा दो ख़ास बातें शामिल होनी चाहिए: फ़्रांस में इस्लाम केवल एक धर्म है, कोई राजनीतिक आंदोलन नहीं और इस लिए इसमें से सियासत को हटा दिया जाए. और फ़्रांस के मुस्लिम समुदाय में किसी भी तरह के 'विदेशी हस्तक्षेप' पर प्रतिबंधित लगाना पड़ेगा.

    राष्ट्रपति का कड़ा रुख पिछले महीने देश में तीन संदिग्ध इस्लामी चरमपंथी हमलों के बाद से देखने को मिल रहा है. इन हमलों में 16 अक्टूबर को एक 47 वर्षीय शिक्षक की हत्या भी शामिल है, जिसने अपनी एक क्लास में पैग़ंबर मोहम्मद के कुछ कार्टून दिखाए थे.

     रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति और अपराधों पर नियंत्रण के संबंध में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू रायपुर स्थित निवास कार्यालय में 11 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय अधिकारियों की बैठक ले रहे है बैठक में प्रदेश के सभी संभाग के पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक गुप्त वार्ता एवं सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक शामिल होंगे।

    भिलाई / शौर्यपथ / सेक्टर 5 में रायपुर राजधानी की तरह ही मरीन ड्राइव की तरह शहीद पार्क बनाया जा रहा है। जहां शहीदे आजम भगत सिंह की देश की सबसे बड़ी मूर्ति स्थापित की जाएगी। जिसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। भिलाई महापौर देवेंद्र यादव सहित विधायक कुलदीप जुनेजा ने सेक्टर 5 पहुंच कर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
    शनिवार को विधायक कुलदीप जुनेजा भिलाई प्रवास पर रहे। एक जरूरी काम से भिलाई आए जुनेजा ने शहर में चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण महापौर यादव के साथ किया। महापौर यादव ने विधायक जुनेजा को बताया कि सेक्टर 5 में शहीद भगत सिंह जी की सबसे बड़ी मूर्ति लगाई जाएगी। सिविक सेंटर के पास स्थित इस तालाब में लोग परिवार सहित घूमने आएंगे। इसके लिए करीब डेढ़ करोड़ की लागत से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। महापौर ने संबंधित निगम के जोन अधिकारियों ने निर्माण कार्य की जानकारी ली। तब अधिकारियों ने बताया कि 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और जल्द ही बचा हुआ काम भी पूरा हो जाएगा। ऐसे में महापौर यादव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

    मोहक डिजाइन के समृद्ध फैब्रिक की बढ़ी मांग,फेब इंडिया नई दिल्ली में किया जा रहा निर्यात ,150 बुनकरों को 70 लाख 64 हजार की आमदनी

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की बहुमूल्य धरोहर समृद्ध हाथकरघा के रूप में अभिव्यक्त हो रही है और अपनी विविधता, गुणवत्ता एवं सुन्दरता के लिए प्रसिद्ध है। राजनांदगांव जिले के बुनकरों के हाथों के हुनर ने बेजोड़ कारीगरी से अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। शासन की पहल से विलुप्त हो रही छत्तीसगढ़ी परम्परागत लोधी बुनकारी कला को पुनर्जीवन मिला है। छुईखदान एवं गंडई के बुनकर मोहक डिजाइन के लोधी साड़ी का निर्माण कर रहे हैं, जिसकी अभी मार्केट में अच्छी डिमांड है। लोधी साड़ी को बड़ेभौराई साड़ी भी कहा जाता है। जिसमें खाप का प्रयोग करते हुए सिंघोलिया बूटी, मेयूर बूटी एवं डमरू की डिजाइन बनी हुई है, साथ ही पंचोलिया एवं प्रताप पर डिजाइन से सुसज्जित किया गया है। यह साड़ी शादी-विवाह के अवसर पर बहुतायत उपयोग किया जाता है। छुईखदान बुनकर सहकारी समिति मर्यादित के तहत निर्मित हाथकरघा उत्पाद फेब इंडिया नई दिल्ली में निर्यात किये जा रहे हैं। अनोखे रंग संयोजन से बने उम्दा फेब्रिक लोगों की पसंद बन रही है। इस वर्ष 150 बुनकरों को 70 लाख 64 हजार राशि की प्राप्त हुई है, जिनसे उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त हुई है। शासन द्वारा बेडशीट एवं गणवेश के लिए वस्त्र क्रय किया गया है, वहीं कोरोना संक्रमण के बावजूद 10 लाख वस्त्र तैयार किए गए हैं, जो फेब इंडिया को भेजे जा रहे हैं। वहीं वस्त्रों का शासकीय कार्यों के लिए सप्लाई किया गया है।
    छुईखदान, गंडई एवं खैरागढ़ में डोंगरगढ़ एवं राजनांदगांव में कुशल बुनकरों द्वारा खुबसूरत डिजाइनदार साड़ी, ऊलन, स्पायडल चादर, जेकार्ड चादर, साल, रंगीन चेक, प्लेन चादर, प्रिटेंड चादर, पिलो कव्हर, फर्श दरी, फर्निशिंग क्लाथ, शर्ट क्लाथ, पेसेंट डे्रस, सर्जन गाउन, ग्रीन वर्दी, यूनिफार्म, डे्रस के लिए वस्त्र, धोती, गमछा, पंछा, नेपकीन, रूमाल एवं उपयोगी वस्त्र तैयार किये जा रहे है। उप संचालक हाथकरघा श्री इन्द्रराज सिंह ने बताया कि विलुप्त हो रही परम्परागत लोधी साड़ी का वेल्यू एडीशन करने के साथ ही इसमें नया प्रयोग करते हुए नई डिजाइन का समावेश भी किया जा रहा है। छुईखदान बुनकर सहकारी समिति मर्यादित के प्रबंधक श्री लालचंद देवांगन ने बताया कि छुईखदान प्रदेश में एकमात्र संस्था है, जिसे जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित से 54 लाख रूपए की ऋण स्वीकृति प्राप्त है। जिससे संस्था अपना व्यवसाय करती है। उन्होंने बताया कि संस्था के जीर्णोद्धार के लिए शासन की ओर प्रस्ताव भेजा गया है जो प्रक्रियाधीन है। बुनकर लोधी साड़ी का निर्माण करने वाले श्री ईश्वरराम ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह अंचल की परंपरागत प्राचीन कला है, जिसे शासन के प्रयासों से संरक्षण मिला है। धागा रंगाई का कार्य मेहनत का कार्य है, जिसे खैरागढ़ में किया जा रहा है। चरखा चलाकर महिलाएं बाबिन भरने का कार्य कर रही है। वही मशीन से भी बाबिन भरने का कार्य छुईखदान में किया जा रहा है। बुनकर श्री रामखिलावन देवांगन हरे एवं स्लेटी रंग का समन्वय करते हुए नया प्रयोग कर रंगीन बार्डर की साड़ी बना रहे थे। श्री मयाराम देवांगन किसानों के लिए पटका बना रहे है। वही श्री सीताराम कुर्ते का कपड़ा बना रहे है।
    उल्लेखनीय है कि छुईखदान, खैरागढ़, डोंगरगढ़, कबीरधाम, गंडई, मलाजखंड, राजनांदगांव, घुमका में हथकरघा के शो रूम है। वर्ष 2018-19 में एक करोड़ 45 लाख 62 हजार रूपए की राशि प्राप्त हुई। वर्ष 2018-19 में 25 लाख रूपए के कपड़े फेब इंडिया में निर्यात किए गए। वहीं 2019-20 में 56 लाख रूपए के कपड़े निर्यात किए गए। इस वर्ष कोरोना के बावजूद 10 लाख वस्त्र तैयार किए गए हंै, जो फेब इंडिया में भेजे जा रहे हैं।

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन की गोधन न्याय योजना के सकारात्मक परिणाम ग्रामीण अंचल में दिखाई देने लगे हैं। इस योजना ने ग्रामीण अंचल में रोजगार को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीणों की अतिरिक्त आय का जरिया बन गई है। गोधन न्याय योजना में ग्रामीण महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। गौठानों में गोबर विक्रय से लेकर वर्मी खाद बनाने में महिलाओं की भागीदारी 50 फीसद से अधिक है। गौठानों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह गोधन न्याय योजना शुरू होने से काफी उत्साहित हैं। गोबर की उपलब्धता सुनिश्चित होने से वर्मी खाद के उत्पादन में भी दिनों-दिन बढ़ोत्तरी होते रही है। इस कारण महिला समूहों की आय में भी इजाफा होने लगा है। जांजगीर-चांपा जिले के बलोदा विकास खंड के ग्राम औराईकला के मां वैष्णो देवी महिला स्व-सहायता समूह ने गोबर से जैविक खाद तैयार किया और इसे बेचकर आठ हजार रुपए की आय अर्जित की। जिले में संचालित विभिन्न गौठानों को सरकार की मंशानुसार आजीविका केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। ग्राम औराईकला के गौठान से जु़ड़ी मां वैष्णो देवी महिला स्व-सहायता समूह द्वारा उत्पादित 10 क्विंटल जैविक खाद का विक्रय किसानों को 8 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से किया गया। इससे समूह की महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वह वृहद पैमाने पर जैविक खाद के उत्पादन में जुट गई है।

    महिला स्व-सहायता समूह के द्वारा तैयार किए गए जैविक खाद को प्रयोगशाला में विश्लेषण के लिए भेजा गया था। जांच में इसे मानक स्तर का पाया गया। इसे आकर्षक पैकेजिंग कर विक्रय के लिए सहकारी सोसायटी में उपलब्ध कराया गया है। सोसायटी के माध्यम से अंचल के कृषकों को 10 क्विंटल जैविक खाद आठ रूपए प्रति किलो की दर से विक्रय किया गया। उल्लेखनीय है कि गोधन न्याय योजना का उद्देश्य पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ कृषि लागत को कम करना और जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देकर भूमि की उर्वरा शक्ति को बेहतर बनाना है। इस योजना से पर्यावरण में सुधार के साथ-साथ ग्रामीण अंचल में रोजगार को बढ़ावा देना तथा अर्थव्यवस्था को सुदृ़ढ़ करना है। गोधन न्याय योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने में मदद मिली है।

    मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत रायपुर शहरी क्षेत्र में दाई-दीदी क्लीनिक का संचालन शुरू

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत प्रदेश के पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में रायपुर शहरी क्षेत्र में दाई-दीदी क्लीनिक का संचालन शुरू हो गया है। पहले दिन यह मोबाइल क्लिनिक रायपुर के गोंदवारा क्षेत्र और आज हीरापुर सेक्टर के गोगांव आंगनबाड़ी क्षेत्र पहुंची।

    दाई-दीदी क्लीनिक की मोबाइल टीम पहुंचने पर महिलाओं ने उसका स्वागत किया। गोंदवारा में कल जहां इस क्लिनिक के माध्यम से लगभग पचास महिलाओं ने अपना इलाज कराया था, वहीं आज सौ से अधिक महिलाओं ने अपना इलाज कराया। कई गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं ने जहां महिला चिकित्सक को अपने बीच पाकर उन्हें अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधित समस्यायें बतायी वहीं जांच करवाकर अपना इलाज भी करवाया।

    मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के जन्म दिवस पर किया था शुभारंभ

    उल्लेखनीय हैं कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दो दिन पूर्व 19 नवम्बर को देश की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के जन्म दिवस पर महिलाओं के लिए क्लीनिक दाई-दीदी क्लीनिक का शुभारंभ किया था। उन्होंने पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के लिए 3 स्पेशल मोबाइल दाई-दीदी क्लीनिक को अपने निवास से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया था। इस क्लीनिक में डॉक्टर सहित सभी चिकित्सकीय स्टाफ महिलाएं होंगी और केवल महिलाओं का ही निःशुल्क इलाज किया जाएगा।

    क्लिनिक में आने वाली महिलाओं ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा महिलाओं के प्रति दिखाई गई संवेदनशीलता के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय हैं कि दाई-दीदी क्लीनिक देश में अपनी तरह का पहला क्लीनिक है, जो केवल महिलाओं का इलाज करेगा। यह भी उल्लेखनीय हैं कि कई बार संकोच के कारण महिलाएं अपनी बीमारी को खुलकर नहीं बता पाती हैं। इस कारण उनकी बीमारी का सही उपचार नहीं हो पाता। अब दाई-दीदी क्लीनिक में महिला चिकित्सक और महिला स्टाफ होने से वे निःसंकोच अपना समुचित इलाज करा रही है। रायपुर शहर में इस मोबाइल क्लिनिक के माध्यम से महिलाओं को निःशुल्क इलाज की सुविधा उनके घर के पास मिल रही है और महिलाएं भी इसका पूरा लाभ लेते हुए बड़ी संख्या में आकर अपना इलाज करा रही है।

    स्तन कैंसर के अलावा गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच की सुविधा

    दाई-दीदी क्लीनिक में महिलाओं के प्राथमिक उपचार के साथ-साथ महिला चिकित्सक द्वारा स्तन कैंसर की जांच, हितग्राहियों को स्व स्तन जांच का प्रशिक्षण, गर्भवती महिलाओं की नियमित एवं विशेष जांच आदि की अतिरिक्त सुविधा हैं।

    महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से शहरों में स्थित आंगनबाड़ी के निकट पूर्व निर्धारित दिवसों में यह क्लीनिक स्लम क्षेत्र में लगाया जा रहा है। इस क्लीनिक के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं, बच्चों आदि के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न हितग्राहीमूलक परियोजना का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है।

    यह भी उल्लेखनीय हैं कि जनरल क्लीनिक में महिलाओं के लिए पृथक जांच कक्ष और काउंसलर नहीं होने से महिलाएं परिवार नियोजन के साधन, कॉपर-टी निवेशन, आपातकालीन पिल्स की उपलब्धता, गर्भनिरोधक गोलियां, साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोली, गर्भनिरोधक इंजेक्शन, परिवार नियोजन परामर्श, एसटीडी परामर्श में शर्म का अनुभव करती है। इस महिला क्लीनिक में डेडीकेटेड महिला स्टाफ होने से महिलाओं विशेषकर झुग्गी झोपड़ क्षेत्र की गरीब महिलाएं अब इस प्रकार के परामर्श निःसंकोच ले रही हैं।

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