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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
दुर्ग । शौर्यपथ । मध्य ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दुर्ग के अध्यक्ष व पूर्व पार्षद अलताफ अहमद ने बयान जारी कर कहा कि मोदी सरकार का 6 वर्ष का कार्यकाल सिर्फ हवा हवाई व जुमलेबाजी से भरा हुआ निराशा जनक जनता की अपेक्षाओं उम्मीदों पर पानी फेरने वाला रहा।प्रधानमंत्री के साथ साथ उनके मंत्रिमंडल के सदस्य भी सिर्फ घोषणाओं तक ही सीमित रहें हैं अपनी की गई घोषणाओं को धरातल पर लाने में रुचि नही दिखाये जिससे देश की जनता को लाभ नही मिला।मोदी सरकार की नाकामियों को बताते हुए अलताफ अहमद ने कहा कि मोदी सरकार में नोटबंदी सबसे बड़ा घोटाला हुआ जिसने देश की अर्थव्यवस्था को बिगाड़ दिया लोगों को लाइन में खड़ा कर लोगों की जेब से उनकी मेहनत की कमाई निकाल ली और आदमी सम्हलता उसके पहले जीएसटी लगाकर छोटे बड़े उद्योगों के व्यापारियों को जम का करंट देकर काम धंधा बन्द करने पर मजबूर कर दिया।कहां गये मोदी सरकार के पूर्व में किये गए मंहगाई कम करने,पेट्रोल डीजल के दाम कम करने,भ्रष्टाचार मिटाने,कालाधन वापस लाने,प्रतिवर्ष 2 करोड़ बेरोजगार को रोजगार देने की बात कही गई थी पर सत्ता में आने के बाद यह सब जुमला ही रहा काम किसी पर नही हुआ जनता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है।प्रधानमंत्री ने ऐसे सैकड़ों जुमलेबाजी को आगे बढ़ाते हुए देश को 50 साल पीछे कर दिया।कांग्रेस ने रेल,सेल,बी एस एन एल,एयरपोर्ट,बनाये उन्हें और विकसित करने के बजाये उन्हें अपने चहेते उद्योगपति मित्रों को निजीकरण की आड़ में बेचा जा रहा है। अलताफ अहमद ने कहा की पूरा देश कोरोना जैसी गंभीर महामारी से जूझ रहा है उससे निपटने के लिये केंद्र सरकार के पास कोई सकारात्मक योजना नहीं है आज जो व्यवस्था हो राज्यों की सरकारें ही अपने अपने स्तर पर कर रही है।केंद्र सरकार की गलत नीतियों की वजह से लाखों प्रवासी मजदूर जिसमें बड़े बूढ़े,नौजवान, महिलाएं अपने बच्चों के साथ अपने घरों को जाने भूखे प्यासे हजारो किलोमीटर पैदल ही निकल गए जिसमें 80 से भी ज्यादा प्रवासी मजदूरों की रास्तो में ही मौत हो गई और मोदी सरकार तमाशबीन रही 20 लाख करोड़ का झुनझुना पकड़ा दिया और ये नही बताया कि इन राशियों का लाभ कब और कितना देश के लोगों को मिलेगा। 12 करोड़ से भी ज्यादा लोग बेरोजगार क्यों हुए ,गरीबों के खाते में प्रतिमाह 7500 रु.कब डालोगे,चीन भारत की सीमा पर बवाल क्यों कर रहा वहीं नेपाल ने भारत के कुछ हिस्से अपने नक्शे में क्यों दिखाया इससे यह साबित होता है कि मोदी सरकार की विदेश नीति भी फेल हो गई है। मोदी सरकार जनता के सब्र का इम्तिहान न ले नही तो वक्त आने पर देश की भोली भाली जनता ऐसा जवाब देगी की मोदी सरकार फर्श पर ऐसा आएगी की फिर उठ न सकेगी ।
दुर्ग । शौर्यपथ । मध्य ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दुर्ग के अध्यक्ष व पूर्व पार्षद अलताफ अहमद ने बयान जारी कर कहा कि मोदी सरकार का 6 वर्ष का कार्यकाल सिर्फ हवा हवाई व जुमलेबाजी से भरा हुआ निराशा जनक जनता की अपेक्षाओं उम्मीदों पर पानी फेरने वाला रहा।प्रधानमंत्री के साथ साथ उनके मंत्रिमंडल के सदस्य भी सिर्फ घोषणाओं तक ही सीमित रहें हैं अपनी की गई घोषणाओं को धरातल पर लाने में रुचि नही दिखाये जिससे देश की जनता को लाभ नही मिला।मोदी सरकार की नाकामियों को बताते हुए अलताफ अहमद ने कहा कि मोदी सरकार में नोटबंदी सबसे बड़ा घोटाला हुआ जिसने देश की अर्थव्यवस्था को बिगाड़ दिया लोगों को लाइन में खड़ा कर लोगों की जेब से उनकी मेहनत की कमाई निकाल ली और आदमी सम्हलता उसके पहले जीएसटी लगाकर छोटे बड़े उद्योगों के व्यापारियों को जम का करंट देकर काम धंधा बन्द करने पर मजबूर कर दिया।कहां गये मोदी सरकार के पूर्व में किये गए मंहगाई कम करने,पेट्रोल डीजल के दाम कम करने,भ्रष्टाचार मिटाने,कालाधन वापस लाने,प्रतिवर्ष 2 करोड़ बेरोजगार को रोजगार देने की बात कही गई थी पर सत्ता में आने के बाद यह सब जुमला ही रहा काम किसी पर नही हुआ जनता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है।प्रधानमंत्री ने ऐसे सैकड़ों जुमलेबाजी को आगे बढ़ाते हुए देश को 50 साल पीछे कर दिया।कांग्रेस ने रेल,सेल,बी एस एन एल,एयरपोर्ट,बनाये उन्हें और विकसित करने के बजाये उन्हें अपने चहेते उद्योगपति मित्रों को निजीकरण की आड़ में बेचा जा रहा है। अलताफ अहमद ने कहा की पूरा देश कोरोना जैसी गंभीर महामारी से जूझ रहा है उससे निपटने के लिये केंद्र सरकार के पास कोई सकारात्मक योजना नहीं है आज जो व्यवस्था हो राज्यों की सरकारें ही अपने अपने स्तर पर कर रही है।केंद्र सरकार की गलत नीतियों की वजह से लाखों प्रवासी मजदूर जिसमें बड़े बूढ़े,नौजवान, महिलाएं अपने बच्चों के साथ अपने घरों को जाने भूखे प्यासे हजारो किलोमीटर पैदल ही निकल गए जिसमें 80 से भी ज्यादा प्रवासी मजदूरों की रास्तो में ही मौत हो गई और मोदी सरकार तमाशबीन रही 20 लाख करोड़ का झुनझुना पकड़ा दिया और ये नही बताया कि इन राशियों का लाभ कब और कितना देश के लोगों को मिलेगा। 12 करोड़ से भी ज्यादा लोग बेरोजगार क्यों हुए ,गरीबों के खाते में प्रतिमाह 7500 रु.कब डालोगे,चीन भारत की सीमा पर बवाल क्यों कर रहा वहीं नेपाल ने भारत के कुछ हिस्से अपने नक्शे में क्यों दिखाया इससे यह साबित होता है कि मोदी सरकार की विदेश नीति भी फेल हो गई है। मोदी सरकार जनता के सब्र का इम्तिहान न ले नही तो वक्त आने पर देश की भोली भाली जनता ऐसा जवाब देगी की मोदी सरकार फर्श पर ऐसा आएगी की फिर उठ न सकेगी ।
संवाददाता कृष्णा टण्डन
जांजगीर चाम्पा / शौर्यपथ / बम्हनीडीह विकास खण्ड के ग्राम पंचायत सेमरीया के कुछ ग्रामीणो ने पहले तो शासकीय तालाब को पाट कर खेत बना लिया था जब पंचायत द्वारा तालाब का कायाकल्प करने के लिए शासन से स्वीकृति हुई तो अब सेमरीया के कब्जा धारियों को परेशानी हो रही है इतना ही कब्जा धारी तालाब गहरी करण मे बाधा डाल रहे है और गहरी करण नही होने दे इसकी लिखित शिकायत ग्राम के 19 पंचों के साथ काफी अधिक संख्या में लोगो ने इसकी सिकायत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व चाम्पा व जनपद पंचायत बम्हनीडीह के मुख्य कार्यालय पालन अधिकारी से की है पंचों व ग्रामीणो का आरोप है की सेमरीया के फिरात यादव, पुनी राम सतनामी, बोहारिक सतनामी, गोपाल सतनामी, खीकराम सतनामी, खेदराम कश्यप, के द्वारा बंधा तालाब के करीब 10 एकड शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती कर रहे है जब की वर्तमान वह भुमि शासकीय है जिसमे मनरेगा के तहत तालाब गहरी करण कार्य स्वीकृति है कार्य मे कब्जा धारियों के द्वारा बाधा उत्पन्न किया जा रहा है
दो ग्राम कब्जा छोडने को तैयार
ग्रामीणो से मिली जानकारी के अनुसार फिरात यादव, और खेदराम कश्यप कब्ज़ा छोड़ने के लिये तैयार है बाकी के ग्रामीणो के द्वारा कब्जा नही छोडा जा रहा है जिससे तालाब के कायाकल्प होने से पंचायत को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है
नही हटा तालाब से कब्जा तो होगा उग्र आंदोलन
ग्राम पंचायत सेमरीया के ग्रामीणो बताया की अगर तालाब से कब्जा नही हटाया गया तो वह उग्र आंदोलन करेगे ग्रामीणो ने यह भी कहना है की अगर जन हित के कार्य मे लोग बाधा डालते है तो वह गलत है तालाब का अगर कायाकल्प होगा तो वह सभी के लिये अच्छा है अगर कब्जा धारी कब्जा नही हटायेगे तो उच्च अधिकारीयो से इसकी सिकायत की जायेगी
जिम्मेदार बने है मुख दर्शक
ग्रामीणो का यह भी आरोप है की सिकायत के बाद भी जिम्मेदार अधिकारिय कब्जा हटाने के मुड मे नही है ऐसा लग रहा है तभी तो शासकीय का पर ग्रहण सा लग गया है कुछ दिनो मे बारिश आ जायेगी जिसके बाद मनरेगा का काम ही बंद हो जायेगा अगर जल्द ही कब्जा नही हटाया गया तो तालाब गहरी करण केवल नाम का ही रह जायेगा एक ओर शासन हर हाथ मे काम देने की बात कह रही है और यहा लोगो को काम तक नही मिल पा रहा है इसका मुख्य कारण शासकीय तालाब मे कब्जा नजर आ रहा है और जिम्मेदार अधिकारी है की इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है
वर्जन
सेमरीया के तालाब गहरी करण मे कुछ लोगो के द्वारा बाधा डालने की सिकायत मिली है भुमि पर कुछ लोगो ने कब्जा कर रखा है पटवारी से नक्शा मंगाया गया है जिसके बाद कब्जा हटा कर कार्यवाई के साथ गहरी करण किया जायेगा
कुबेर सिंह उरैती , सीईओ - जनपद पंचायत बम्हनीडीह
अवधेश टंडन की रिपोर्ट
जांजगीर चांपा / शौर्यपथ / हसौद पुलिस की बड़ी कारवाई जानकारी के मुताबिक रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर 10 लोगो से 9-9 लाख रुपये ठगी करने वाले 4 आरोपियों को पुलिस में गिरफ्तार कर लिया है वही एक आरोपी फरार है। मामला हसौद थाने की है जहाँ ग्राम पंचायत मिरौनी के अशोक कुमार कश्यप ने थाने में शिकायत की थी कि उससे रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर ग्राम पंचायत हसौद के ही भरत कश्यप,अर्जुन बर्मन,दीपक कश्यप,दिलीप कश्यप,पन्नालाल कश्यप ने रेलवे में नौकरी लगाने के नाम से उससे और उसके रिस्ते दरों से नौ नौ लाख रुपये लिए थे।और उसे दिल्ली ले जाकर फर्जी ज्वांइन लेटर,फ़र्ज़ी आईडी कार्ड देकर उससे धोका धाड़ी की है।जब इस बात की जानकारी उसे हुई तो उसने थाने में आरोपियों के विरुद्ध धोखाधाड़ी का आरोप दर्ज करवाया ।
जिसके आधार पर हसौद पुलिस ने कल दिनांक 01/06/2020 को पांचो आरोपि भरत कश्यप पिता गेंदराम कश्यप,अर्जुन बर्मन पिता दुजराम बर्मन,दीपक कश्यप पिता भरत कश्यप, दिलीप कश्यप पिता भरत कश्यप,पन्नालाल कश्यप पिता होरीलाल कश्यप के विरुद्ध 420,120ब,468,471 के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया गया । वही एक आरोपी पन्नालाल कश्यप फरार बताया जा रहा है ।
सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत हसौद के भरत कश्यप भोजनालय दुकान का संचालन करता था जिससे मोटी रकम नही आता था जिससे ओ लोगो को रेलवे में नौकरी लगाऊंगा बोल के लोगो से पैसे का मांग करता था।
तथा अपने दोनों बेटे दीपक कश्यप और दिलीप कश्यप का नौकरी लगा दिया हूँ जो दिल्ली और कोलकत्ता में नौकरी करते है बोल के लोगो से पैसे की मांग किया करते थे ।वही अर्जुन बर्मन ट्रेडर्स का बिजनेस करता था और हसौद व्यपारी संघ का अध्यक्ष हूँ बोल के लोगो से पैसे का मांग किया करते थे ।
जानकारी के अनुसार ये लोग हसौद क्षेत्र के लग भाग 50 लोगो से नौकरी के नाम से पैसे की ठगी किये है ।इस लिए इस गिरोह को अंतरराष्ट्रीय गिरोह माना जा रहा है।
सूत्रों की माने तो इस गिरोह में कई बड़े बड़े लोगो का भी नाम सामने आ रहा है जो भाजपा के नेता और नेत्री है ।
जल्द ही इस केस में और भी कई लोगो के नाम आने की संभावना है । अब देखना यह होगा कि उन पर भी क्या कार्यवाही होता है ।
अवधेश टंडन की रिपोर्ट
मालखरौदा/ शौर्यपथ / पंचायत सचिव द्वारा लगातार मुख्यालय में अनुपस्थित रहकर गांव के सरपंच के घर को बनाया सचिव मुख्याल ऐसे में महत्वपूर्ण दस्तावेज अनाधिकृत व्यक्ति के हाथ में होने से कभी अनियमितता होने की आशंका है। वहीं ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं के लिए ग्राम पंचायत भवन को छोड़कर सरपंच के घर में मिलना पड़ रहा है। यहां उनकी अनुपस्थिति में ग्राम पंचायत का सभी कार्य सरपंच साहब के घर में किया जाता है। इसके चलते राज्य शासन की कई महत्वकांक्षी योजनाएं पंचायत प्रतिनिधि व कर्मचारियों की भेंट चढ़ने लगा है।
राज्य शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वकांक्षी योजना का संचालन कर इसका बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करने का निर्देश दिया गया है
वहीं लगातार कलेक्टर द्वारा समीक्षा बैठक में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन करने के उद्देश्य से अधिकारियों को योजना की जानकारी लेकर उन्हें प्रत्येक नागरिकों तक लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया जाता है, मगर शासन की महत्वाकांक्षी योजनाएं पंचायत कर्मचारियों के मनमाने रवैये की भेंट चढ़ने लगी है जनपद पंचायत मालखरौदा अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़े सीपत की जनसंख्या लगभग दो हजार से अधिक है। यहां जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य कार्यों को लेकर रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन पहुंचते हैं, मगर यहां पंचायत सचिव समरू लाल मधुकर के मनमाने रवैये से ग्रामीणों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। यहां पंचायत सचिव के मनमाने रवैये के चलते कई बार पंचायत भवन में सचिव के नहीं मिलने पर ग्रामीणों को उनके गृह ग्राम तक जाना पड़ रहा है। सचिव को उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर शासकीय कार्य के लिए जनपद पंचायत कार्यालय या जिला पंचायत कार्यालय आने का हवाला दिया जाता है। यहां सचिव के मनमाने रवैये से ग्रामीण परेशान हैं।
बिलासपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के ठीक बाहर ग्राम पंचायत बन्नाकडीह में मनरेगा के नियमों का लगातार उल्लंघन हो रहा है और इस खेल में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की आपस में सांठगांठ है इसी का परिणाम है कि अभी तक किसी भी जॉब कार्ड धारी को एक भी परिश्रमिक भुगतान नहीं हुआ जबकि मनरेगा की गाइडलाइन के अनुसार 1 सप्ताह में भुगतान होना चाहिए साथ ही जो जॉब कार्ड धारी मनरेगा का काम करने आते हैं उन्हें सरपंच के अपशब्द भी सुनने पड़ते हैं बन्नाकडीह के सरपंच संजय आडिल द्वारा जब कार्यस्थल पर जेसीबी से काम लगवा लूंगा मेरे को किसी का कोई डर नहीं के साथ अपशब्द का भी लगातार उच्चारण किया जा रहा है इस मुद्दे पर सचिव का कहना है की जब सरपंच ऐसा कुछ कहा होगा तब मैं वहां नहीं था मनरेगा का काम मशीन से नहीं किया जा सकता और ऐसा नहीं होगा क्या वे सरपंच के व्यवहार की शिकायत सीईओ से करेंगे के प्रश्न पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिया मनरेगा के काम गांव के क्वॉरेंटाइन सेंटर तथा वित्तीय मामलों पर प्रश्न पूछने पर सरपंच ने जवाब देने के स्थान पर पलायन करना उचित समझा मनरेगा की अटेंडेंस और मस्टर रोल पर जब रोजगार सहायक से बात करनी चाही गई तो उसने स्वयं को गांव से बाहर बताया और क्वारेंटाइन सेंटर पर आ रहा हूं पर नहीं आया क्वारेंटाइन सेंटर के कर्मचारियों की ड्यूटी के संबंध में भी काफी शिकायतें मिली किंतु एक बात साधारण तह दिखाई दी की क्वॉरेंटाइन सेंटर पर जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है उनके बीच सामंजस्य नहीं है.बिलासपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के ठीक बाहर ग्राम पंचायत बन्नाकडीह में मनरेगा के नियमों का लगातार उल्लंघन हो रहा है और इस खेल में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की आपस में सांठगांठ है इसी का परिणाम है कि अभी तक किसी भी जॉब कार्ड धारी को एक भी परिश्रमिक भुगतान नहीं हुआ जबकि मनरेगा की गाइडलाइन के अनुसार 1 सप्ताह में भुगतान होना चाहिए साथ ही जो जॉब कार्ड धारी मनरेगा का काम करने आते हैं उन्हें सरपंच के अपशब्द भी सुनने पड़ते हैं बन्नाकडीह के सरपंच संजय आडिल द्वारा जब कार्यस्थल पर जेसीबी से काम लगवा लूंगा मेरे को किसी का कोई डर नहीं के साथ अपशब्द का भी लगातार उच्चारण किया जा रहा है इस मुद्दे पर सचिव का कहना है की जब सरपंच ऐसा कुछ कहा होगा तब मैं वहां नहीं था मनरेगा का काम मशीन से नहीं किया जा सकता और ऐसा नहीं होगा क्या वे सरपंच के व्यवहार की शिकायत सीईओ से करेंगे के प्रश्न पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिया मनरेगा के काम गांव के क्वॉरेंटाइन सेंटर तथा वित्तीय मामलों पर प्रश्न पूछने पर सरपंच ने जवाब देने के स्थान पर पलायन करना उचित समझा मनरेगा की अटेंडेंस और मस्टर रोल पर जब रोजगार सहायक से बात करनी चाही गई तो उसने स्वयं को गांव से बाहर बताया और क्वारेंटाइन सेंटर पर आ रहा हूं पर नहीं आया क्वारेंटाइन सेंटर के कर्मचारियों की ड्यूटी के संबंध में भी काफी शिकायतें मिली किंतु एक बात साधारण तह दिखाई दी की क्वॉरेंटाइन सेंटर पर जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है उनके बीच सामंजस्य नहीं है.vvvvv
बिलासपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर विश्वविद्यालय शिक्षा सत्र 2020-21 के लिए प्रवेश प्रारंभ कर दिया यूनिवर्सिटी के वेवसाईट पर विश्वविद्यालय पर चल रहे पाठ्यक्रमों की पुरी जानकारी के साथ उनकी फिस की जानकारी है ओनलाइन आवेदन के साथ बाईपोस्ट आवेदन पत्र जमा की जा सकती है किंतु यहां सवाल प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वालों का है 12वीं की जितनी भी परीक्षाएं हुई उनके परिणाम किसी भी बोर्ड ने घोषित नहीं की है ऐसे में यूनिवर्सिटी की यह सूचना की प्रवेश पत्र हेतु आवेदन पत्र प्रथम सप्ताह तक लिए जाएंगे और दूसरे सप्ताह में मेरिट जारी होगी का कोई विश्वास नहीं होता सामान्य जानकारी के आधार पर यह माना जा सकता है कि प्रवेश पत्र के आवेदन के अंतिम तिथि बोर्ड के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद ही होगी.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
