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SHOURYAPATH NEWS political । रायपुर /कांग्रेस ने खेती में काम आने वाले खाद और उर्वरकों के दामो की गयी बढ़ोतरी को आपदा काल मे मोदी सरकार के द्वारा की जा रही लूट बताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय को दुगुनी कर के सत्ता में आई मोदी सरकार किसानों की आय दुगुनी करने के बजाय खेती और किसानों को ही समाप्त करने का षड्यंत्र रच रही है।पहले किसानों के खिलाफ तीन काले कानून बनाया गया अब खेती किसानी की सबसे महत्वपूर्ण आवस्यकता खाद और उर्वरकों के दामो को ड्योढ़ा से अधिक 58 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है। इंडियन फार्मर फर्टिलाइजर कारपोरेशन (इफको) ने विनियंत्रित खादों के दाम 45 से 58 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। इस वृद्धि के साथ डीएपी के 50 किलोग्राम बैग की कीमत 1,200 रुपये से करीब 58 फीसदी बढ़कर 1,900 रुपये हो गई है। हाल के दशकों में खाद कीमतों में यह अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है। इफको के मुताबिक, एनपीके 10:26:26 की कीमत 1,175 रुपये बढ़ाकर 1,775 रुपये प्रति बैग, एनपीके 12:32:16 की कीमत 1,185 रुपये से बढ़ाकर 1,800 रुपये और एनपीएस 20:20:0:13 की कीमत 925 रुपये से बढ़ाकर 1,350 रुपये प्रति बोरी कर दी गई है। एनपीके 15:15:15 की कीमत भी बढ़कर 1,500 रुपये प्रति बैग हो गई है। इसके अलावा, कृभको, एमसीएफएल, जुआरी एग्रो केमिकल्स और प्रदीप फॉस्फेट्स ने भी डीएपी की कीमतें बढ़ाकर 1,700 रुपये कर दी है। चंबल फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लिमिटेड ने दाम बढ़ाकर 1,600 रुपये और इंडोराम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 1,495 रुपये प्रति बैग कर दिए हैं। सभी कंपनियों की कीमतें 1 अप्रैल, 2021 से प्रभावी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार के उर्वरक मंत्री झूठ बोल रहे कि अभी बढ़ोतरी नही होगी जबकि देश की सहकारी क्षेत्र की सबसे बड़ी उर्वरक निर्माता कंपनी इफको ने बढ़े हुए दामो को उर्वरकों की बोरियों में छपवाना भी शुरू कर दिया गया है। इफको का कहना है कि उसके पास अभी 11.26लाख टन कॉम्पेक्स खादों का पुराना स्टॉक है जो पुराने रेट पर बेचा जाएगा उसके बाद नए रेट लागू हो जायेगे । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार उर्वरकों के दामो में की गई बढ़ोतरी के चौतरफा विरोध के बाद किसानों को लूटने के लिये पिछले दरवाजे से नीति बना रही है ।इफको कहती है बढ़े दाम किसानों पर नही लागू होंगे संस्थाओं पर लगेंगे ।छत्तीसगढ़ जैसे राज्य जहाँ किसान मार्कफेड और सोसायटियों से खाद खरीदते हैं उनको तो बढ़ी हुई कीमत पर खाद मिलने वाली है ।यदि इफको मार्कफेड को 1200 की खाद 1900 में देगा तो स्वाभाविक है सोसायटियों से किसानों को बढ़ी कीमत पर ही खाद मिलेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार और भाजपा को छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सीख लेनी चाहिए कि संकट के समय किसानों की कैसे मदद की जाती है । कोरोना को झेल रहे किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किस्त प्रदेश के लाखों किसानों को 21 मई को देने जा रहे है। दूसरी तरफ विपत्ति के समय जब देश के लोगो को सरकार से मदद की अपेक्षा है मोदी सरकार देश की 75 फीसदी आबादी की जीविका के साधन कृषि को ही बर्बाद करने पर तुली हुई है।मदद तो दूर मोदी सरकार किसानों से ही वसूली कर रही।
SHOURYAPATH NEWS political । रायपुर /कांग्रेस ने खेती में काम आने वाले खाद और उर्वरकों के दामो की गयी बढ़ोतरी को आपदा काल मे मोदी सरकार के द्वारा की जा रही लूट बताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय को दुगुनी कर के सत्ता में आई मोदी सरकार किसानों की आय दुगुनी करने के बजाय खेती और किसानों को ही समाप्त करने का षड्यंत्र रच रही है।पहले किसानों के खिलाफ तीन काले कानून बनाया गया अब खेती किसानी की सबसे महत्वपूर्ण आवस्यकता खाद और उर्वरकों के दामो को ड्योढ़ा से अधिक 58 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है। इंडियन फार्मर फर्टिलाइजर कारपोरेशन (इफको) ने विनियंत्रित खादों के दाम 45 से 58 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। इस वृद्धि के साथ डीएपी के 50 किलोग्राम बैग की कीमत 1,200 रुपये से करीब 58 फीसदी बढ़कर 1,900 रुपये हो गई है। हाल के दशकों में खाद कीमतों में यह अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है। इफको के मुताबिक, एनपीके 10:26:26 की कीमत 1,175 रुपये बढ़ाकर 1,775 रुपये प्रति बैग, एनपीके 12:32:16 की कीमत 1,185 रुपये से बढ़ाकर 1,800 रुपये और एनपीएस 20:20:0:13 की कीमत 925 रुपये से बढ़ाकर 1,350 रुपये प्रति बोरी कर दी गई है। एनपीके 15:15:15 की कीमत भी बढ़कर 1,500 रुपये प्रति बैग हो गई है। इसके अलावा, कृभको, एमसीएफएल, जुआरी एग्रो केमिकल्स और प्रदीप फॉस्फेट्स ने भी डीएपी की कीमतें बढ़ाकर 1,700 रुपये कर दी है। चंबल फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लिमिटेड ने दाम बढ़ाकर 1,600 रुपये और इंडोराम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 1,495 रुपये प्रति बैग कर दिए हैं। सभी कंपनियों की कीमतें 1 अप्रैल, 2021 से प्रभावी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार के उर्वरक मंत्री झूठ बोल रहे कि अभी बढ़ोतरी नही होगी जबकि देश की सहकारी क्षेत्र की सबसे बड़ी उर्वरक निर्माता कंपनी इफको ने बढ़े हुए दामो को उर्वरकों की बोरियों में छपवाना भी शुरू कर दिया गया है। इफको का कहना है कि उसके पास अभी 11.26लाख टन कॉम्पेक्स खादों का पुराना स्टॉक है जो पुराने रेट पर बेचा जाएगा उसके बाद नए रेट लागू हो जायेगे । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार उर्वरकों के दामो में की गई बढ़ोतरी के चौतरफा विरोध के बाद किसानों को लूटने के लिये पिछले दरवाजे से नीति बना रही है ।इफको कहती है बढ़े दाम किसानों पर नही लागू होंगे संस्थाओं पर लगेंगे ।छत्तीसगढ़ जैसे राज्य जहाँ किसान मार्कफेड और सोसायटियों से खाद खरीदते हैं उनको तो बढ़ी हुई कीमत पर खाद मिलने वाली है ।यदि इफको मार्कफेड को 1200 की खाद 1900 में देगा तो स्वाभाविक है सोसायटियों से किसानों को बढ़ी कीमत पर ही खाद मिलेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार और भाजपा को छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सीख लेनी चाहिए कि संकट के समय किसानों की कैसे मदद की जाती है । कोरोना को झेल रहे किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किस्त प्रदेश के लाखों किसानों को 21 मई को देने जा रहे है। दूसरी तरफ विपत्ति के समय जब देश के लोगो को सरकार से मदद की अपेक्षा है मोदी सरकार देश की 75 फीसदी आबादी की जीविका के साधन कृषि को ही बर्बाद करने पर तुली हुई है।मदद तो दूर मोदी सरकार किसानों से ही वसूली कर रही।
SHOURYAPATH NEWS political । रायपुर /कांग्रेस ने खेती में काम आने वाले खाद और उर्वरकों के दामो की गयी बढ़ोतरी को आपदा काल मे मोदी सरकार के द्वारा की जा रही लूट बताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय को दुगुनी कर के सत्ता में आई मोदी सरकार किसानों की आय दुगुनी करने के बजाय खेती और किसानों को ही समाप्त करने का षड्यंत्र रच रही है।पहले किसानों के खिलाफ तीन काले कानून बनाया गया अब खेती किसानी की सबसे महत्वपूर्ण आवस्यकता खाद और उर्वरकों के दामो को ड्योढ़ा से अधिक 58 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है। इंडियन फार्मर फर्टिलाइजर कारपोरेशन (इफको) ने विनियंत्रित खादों के दाम 45 से 58 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। इस वृद्धि के साथ डीएपी के 50 किलोग्राम बैग की कीमत 1,200 रुपये से करीब 58 फीसदी बढ़कर 1,900 रुपये हो गई है। हाल के दशकों में खाद कीमतों में यह अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है। इफको के मुताबिक, एनपीके 10:26:26 की कीमत 1,175 रुपये बढ़ाकर 1,775 रुपये प्रति बैग, एनपीके 12:32:16 की कीमत 1,185 रुपये से बढ़ाकर 1,800 रुपये और एनपीएस 20:20:0:13 की कीमत 925 रुपये से बढ़ाकर 1,350 रुपये प्रति बोरी कर दी गई है। एनपीके 15:15:15 की कीमत भी बढ़कर 1,500 रुपये प्रति बैग हो गई है। इसके अलावा, कृभको, एमसीएफएल, जुआरी एग्रो केमिकल्स और प्रदीप फॉस्फेट्स ने भी डीएपी की कीमतें बढ़ाकर 1,700 रुपये कर दी है। चंबल फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लिमिटेड ने दाम बढ़ाकर 1,600 रुपये और इंडोराम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 1,495 रुपये प्रति बैग कर दिए हैं। सभी कंपनियों की कीमतें 1 अप्रैल, 2021 से प्रभावी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार के उर्वरक मंत्री झूठ बोल रहे कि अभी बढ़ोतरी नही होगी जबकि देश की सहकारी क्षेत्र की सबसे बड़ी उर्वरक निर्माता कंपनी इफको ने बढ़े हुए दामो को उर्वरकों की बोरियों में छपवाना भी शुरू कर दिया गया है। इफको का कहना है कि उसके पास अभी 11.26लाख टन कॉम्पेक्स खादों का पुराना स्टॉक है जो पुराने रेट पर बेचा जाएगा उसके बाद नए रेट लागू हो जायेगे । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार उर्वरकों के दामो में की गई बढ़ोतरी के चौतरफा विरोध के बाद किसानों को लूटने के लिये पिछले दरवाजे से नीति बना रही है ।इफको कहती है बढ़े दाम किसानों पर नही लागू होंगे संस्थाओं पर लगेंगे ।छत्तीसगढ़ जैसे राज्य जहाँ किसान मार्कफेड और सोसायटियों से खाद खरीदते हैं उनको तो बढ़ी हुई कीमत पर खाद मिलने वाली है ।यदि इफको मार्कफेड को 1200 की खाद 1900 में देगा तो स्वाभाविक है सोसायटियों से किसानों को बढ़ी कीमत पर ही खाद मिलेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार और भाजपा को छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सीख लेनी चाहिए कि संकट के समय किसानों की कैसे मदद की जाती है । कोरोना को झेल रहे किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किस्त प्रदेश के लाखों किसानों को 21 मई को देने जा रहे है। दूसरी तरफ विपत्ति के समय जब देश के लोगो को सरकार से मदद की अपेक्षा है मोदी सरकार देश की 75 फीसदी आबादी की जीविका के साधन कृषि को ही बर्बाद करने पर तुली हुई है।मदद तो दूर मोदी सरकार किसानों से ही वसूली कर रही।
Shouryapath news durg । आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि किसानों को चार क़िस्त में देने वाली राशि को बिना रकम काटे एक मुश्त दिया जाए, फसल की रकम को चार किस्तो में भुगतान जो किया जा रहा है जबकि चुनावी घोषणा पत्र में इस बात का उल्लेख नही किया गया था की समर्थन मूल्य की राशि को सरकार इस तरह से किस्तो में भुगतान करेगी प्रदेश के किसानों के साथ यह एक तरह का छल किया गया है आज वैश्विक महामारी के दौर में ग्रामीण अर्थव्यवस्था बिल्कुल चरमरा सी गयी है लोगो की रोजमर्रा की जरूरत के हिसाब से उनके पास पैसे नही है वे इस दौर में दर दर भटक रहे है आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि किसानों के फसल की राशि का भुगतान एक मुश्त करें व रवि फसल लेने वाले किसानों के ऊपर प्राकृतिक आपदा के रूप में ओला बारिश से जो नुकसान किसानों को हुआ है उसका आपदा प्रबंधन के रूप में सरकार मुआवजा राशि भुगतान करें ताकि ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को बल मिले। आप नेत्री के ज्योति ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) श्रमिकों को 1 अप्रैल 2021 से प्रतिदिन 193 रूपए मजदूरी देना तय हुआ है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा मनरेगा के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए राज्यवार प्रतिदिन मजदूरी की दर का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया है। मनरेगा के तहत काम करने वाले अकुशल हस्त कर्मकारों हेतु छत्तीसगढ़ के लिए 193 रूपए प्रतिदिन की मजदूरी तय की गई है। यह नई दर 1 अप्रैल 2021 से प्रभावी हो चुकी है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 190 रूपए मजदूरी दर निर्धारित थी। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए इसमें तीन रूपए की बढ़ोतरी की गई है।लेकिन छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अभी तक मनरेगा मजदूरों को नियमित रूप से मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा है और वे इसे पाने के लिए पंचायत अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर उन्हें चलता कर रहे हैं लेकिन सबसे दुख की बात यह है कि इन मजदूरों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे ऐसे में अपनी दैनिक जरूरतों के खर्चे पूरे कर सकें। आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष मेहरबान सिंग ने मांग की है किसानों के फसल व मनरेगा में कार्य किये हुए श्रमिकों को बकाया राशि के साथ वर्तमान राशि का भुगतान एक मुश्त किया जाए।
Shouryapath news durg । प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेंद्र साहू ने छत्तीसगढ़ में कोरोना नियंत्रण और वैक्सिनेशन को लेकर राज्य सरकार पर भाजपा के झूठे आरोपों का करारा जवाब दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, विष्णु देव साय, बृजमोहन अग्रवाल समेत भाजपा सांसदों द्वारा राज्य सरकार पर आधारहीन आरोप लगाए जा रहे हैं। भाजपा नेता जमीनी हकीकत से परे होकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। पिछले डेढ़ माह से ज्यादा समय से कोरोना संकट से जूझते छत्तीसगढ़ में किसी भी भाजपा नेता ने न तो अस्पतालों का निरीक्षण किया, न वैक्सीन सेंटरों का जायजा लिया। राजेंद्र ने सवाल किया है कि 15 साल तक छत्तीसगढ़ में राज करने वाले प्रदेश के भाजपा नेताओं ने वैक्सीन की समस्या से जूझती जनता को इलाज की बेहतर सुविधा देने के लिए कोरोना महासंकट के दौरान अब तक आखिर किया क्या है? राजेंद्र ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह समेत भाजपा सांसदों और संगठन नेताओं द्वारा राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य सरकार को कोरोना नियंत्रण के लिए सुझाव देने का आग्रह किया है। राजेंद्र ने इस मामले में कहा कि केवल राजनीति चमकाने के लिए झूठे और अनर्गल बयानों से आम जनता का भला नहीं हो सकता। बेहतर होगा कि भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर वैक्सीन उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग करें। इससे छत्तीसगढ़ की जनता का भला होगा। राजेंद्र ने तीखे लहजे में कहा कि भाजपा नेताओं ने कोरोना महासंकट के दौर में घर पर बैठकर धरना देने और मिथ्या आरोप लगाने के सिवा इस संकटकाल में कोई काम नहीं किया। क्या छत्तीसगढ़ की जनता के लिए भाजपा नेताओं की यही जवाबदेही है? राजेंद्र ने कहा कि स्थानीय जनता की मांगों और जरूरतों को केंद्रीय स्तर पर पहुंचाने की जिम्मेदारी सांसदों पर होती है। राज्य के भाजपा सांसदों को छत्तीसगढ़ की जनता ने चुना है। इन सांसदों ने राज्य के हर वर्ग के नागरिकों को वैक्सीन लगाने की सुविधा देने पर्याप्त वैक्सीन सप्लाई करने केंद्रीय स्तर पर अब तक कोई पहल क्यों नहीं की? कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के बावजूद भाजपा सांसद अब तक चुप्पी साधे बैठ गए हैं। उनके द्वारा केवल कोरी बयानबाजी की जा रही है। सफेद झूठ बोलकर राजनीति चमकाने का प्रयास किया जा रहा है। राजेंद्र ने कहा कि भूपेश सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायो टेक कंपनी को वैक्सीन सप्लाई का आर्डर पहले ही दे दिया था। एडवांस में रकम भी जमा की गई। इसके बावजूद अभी तक लोगों के लिए पर्याप्त वैक्सीन की सप्लाई नहीं हो पाई है। छत्तीसगढ़ सहित सभी राज्यों को डिमांड के अनुसार वैक्सीन उपलब्ध कराने में केंद्र सरकार पूरी तरह विफल रही है। सच ये है कि केंद्र की भाजपा सरकार ने समय रहते वैक्सीन उत्पादन पर ध्यान ही नहीं दिया। उल्टे, उत्पादित वैक्सीन को दूसरे देशों को निर्यात करने की अनुमति दे दी। केंद्र सरकार के समय पर तैयारी न करने और पर्याप्त वैक्सीन का निर्माण न करने से देश की जनता की जान जोखिम में पड़ गई है। राजेंद्र ने कहा कि देश में कई वैक्सीन निर्माता कंपनियां हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुझाव को मानते हुए रायल्टी बेसिस पर अन्य वैक्सीन निर्माता कंपनियों को भी वैक्सीन बनाने की अनुमति मिलना चाहिए। ताकि, भरपूर उत्पादन जनसंख्या के आधार पर आम जनता के लिए वैक्सीन उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए कठोर निर्णय लेना जरूरी है। देशवासियों की जान बचाने के लिए प्रधानमंत्री को तत्काल कठोर निर्णय लेकर दूसरी निर्माता कंपनियों को भी वैक्सीन निर्माण की अनुमति मिलना चाहिए। राजेंद्र ने कहा कि केंद्र सरकार पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाते हुए सभी राज्यों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा कर जनसंख्या के आधार पर वैक्सीन उपलब्ध कराए। वैक्सीन पर सभी देशवासियों का समान अधिकार है। वैक्सीन सप्लाई में पक्षपात या लेटलतीफी नहीं होना चाहिए। बेहतर होगा कि केंद्र की भाजपा सरकार अपना कामकाज संभाले और पर्याप्त मात्रा में राज्यों को वैक्सीन उपलब्ध कराए।
Shouryapath news durg । प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेंद्र साहू ने छत्तीसगढ़ में कोरोना नियंत्रण और वैक्सिनेशन को लेकर राज्य सरकार पर भाजपा के झूठे आरोपों का करारा जवाब दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, विष्णु देव साय, बृजमोहन अग्रवाल समेत भाजपा सांसदों द्वारा राज्य सरकार पर आधारहीन आरोप लगाए जा रहे हैं। भाजपा नेता जमीनी हकीकत से परे होकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। पिछले डेढ़ माह से ज्यादा समय से कोरोना संकट से जूझते छत्तीसगढ़ में किसी भी भाजपा नेता ने न तो अस्पतालों का निरीक्षण किया, न वैक्सीन सेंटरों का जायजा लिया। राजेंद्र ने सवाल किया है कि 15 साल तक छत्तीसगढ़ में राज करने वाले प्रदेश के भाजपा नेताओं ने वैक्सीन की समस्या से जूझती जनता को इलाज की बेहतर सुविधा देने के लिए कोरोना महासंकट के दौरान अब तक आखिर किया क्या है? राजेंद्र ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह समेत भाजपा सांसदों और संगठन नेताओं द्वारा राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य सरकार को कोरोना नियंत्रण के लिए सुझाव देने का आग्रह किया है। राजेंद्र ने इस मामले में कहा कि केवल राजनीति चमकाने के लिए झूठे और अनर्गल बयानों से आम जनता का भला नहीं हो सकता। बेहतर होगा कि भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर वैक्सीन उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग करें। इससे छत्तीसगढ़ की जनता का भला होगा। राजेंद्र ने तीखे लहजे में कहा कि भाजपा नेताओं ने कोरोना महासंकट के दौर में घर पर बैठकर धरना देने और मिथ्या आरोप लगाने के सिवा इस संकटकाल में कोई काम नहीं किया। क्या छत्तीसगढ़ की जनता के लिए भाजपा नेताओं की यही जवाबदेही है? राजेंद्र ने कहा कि स्थानीय जनता की मांगों और जरूरतों को केंद्रीय स्तर पर पहुंचाने की जिम्मेदारी सांसदों पर होती है। राज्य के भाजपा सांसदों को छत्तीसगढ़ की जनता ने चुना है। इन सांसदों ने राज्य के हर वर्ग के नागरिकों को वैक्सीन लगाने की सुविधा देने पर्याप्त वैक्सीन सप्लाई करने केंद्रीय स्तर पर अब तक कोई पहल क्यों नहीं की? कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के बावजूद भाजपा सांसद अब तक चुप्पी साधे बैठ गए हैं। उनके द्वारा केवल कोरी बयानबाजी की जा रही है। सफेद झूठ बोलकर राजनीति चमकाने का प्रयास किया जा रहा है। राजेंद्र ने कहा कि भूपेश सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायो टेक कंपनी को वैक्सीन सप्लाई का आर्डर पहले ही दे दिया था। एडवांस में रकम भी जमा की गई। इसके बावजूद अभी तक लोगों के लिए पर्याप्त वैक्सीन की सप्लाई नहीं हो पाई है। छत्तीसगढ़ सहित सभी राज्यों को डिमांड के अनुसार वैक्सीन उपलब्ध कराने में केंद्र सरकार पूरी तरह विफल रही है। सच ये है कि केंद्र की भाजपा सरकार ने समय रहते वैक्सीन उत्पादन पर ध्यान ही नहीं दिया। उल्टे, उत्पादित वैक्सीन को दूसरे देशों को निर्यात करने की अनुमति दे दी। केंद्र सरकार के समय पर तैयारी न करने और पर्याप्त वैक्सीन का निर्माण न करने से देश की जनता की जान जोखिम में पड़ गई है। राजेंद्र ने कहा कि देश में कई वैक्सीन निर्माता कंपनियां हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुझाव को मानते हुए रायल्टी बेसिस पर अन्य वैक्सीन निर्माता कंपनियों को भी वैक्सीन बनाने की अनुमति मिलना चाहिए। ताकि, भरपूर उत्पादन जनसंख्या के आधार पर आम जनता के लिए वैक्सीन उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए कठोर निर्णय लेना जरूरी है। देशवासियों की जान बचाने के लिए प्रधानमंत्री को तत्काल कठोर निर्णय लेकर दूसरी निर्माता कंपनियों को भी वैक्सीन निर्माण की अनुमति मिलना चाहिए। राजेंद्र ने कहा कि केंद्र सरकार पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाते हुए सभी राज्यों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा कर जनसंख्या के आधार पर वैक्सीन उपलब्ध कराए। वैक्सीन पर सभी देशवासियों का समान अधिकार है। वैक्सीन सप्लाई में पक्षपात या लेटलतीफी नहीं होना चाहिए। बेहतर होगा कि केंद्र की भाजपा सरकार अपना कामकाज संभाले और पर्याप्त मात्रा में राज्यों को वैक्सीन उपलब्ध कराए।
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार की जुबां पर ज़रूर न्याय की बात है किंतु हकीकत में वो अन्याय ही करते नज़र आ रही है,मोदी आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष वरुण जोशी ने अपने जारी प्रेस रिलीज में सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा सरकार को प्रदेश में इस संकटकाल के दौरान दवाइयों की हो रही कालाबाजारी पर ऐप बनाकर प्रदेश वासियों को राहत देनी चाहिए थी,अस्पतालों में बेड की जानकारी के लिए ऐप बनानी थी,वो तो भूपेश सरकार कर नहीं पाई उल्टा एक ऐप के माध्यम से अब घर घर शराब पहुंचाने का कार्य करने जा रही है इससे बड़ी शर्मनाक बात नहीं हो सकती,सरकार न्याय योजना के तहत किसानों को किस्त देने जा रही है उससे पहले ही शराब पिलाने की योजना शुरू कर दी गई ताकि एक हाथ से दें और दूसरे हाथ से ले लें,प्रदेश में लगभग डेढ़ महीने से लॉकडाउन लगा हुआ है,हर परिवार आर्थिक रूप कमजोर हो चुका है,ऐसे में जानलेवा शराब पिलाने के लिए सरकार नशेड़ियों को सीधा आमंत्रण दे रही है जिससे उनके परिवार को भी आर्थिक और स्वास्थ्य का नुकसान ही होगा और कहीं न कहीं बिना रोजगार के लोग नशे के लिए अपराध को भी अंजाम देने से नहीं कतराएंगे, .
ढाई साल की सरकार किसी भी वर्ग के साथ न्याय नहीं कर पाई,युवाओं को बेरोजगारी भत्ता तो दिया नहीं उल्टा जीवनरक्षक वैक्सिन के लिए भी सरकार तरसा रही है,प्रदेश की बहन बेटियों से शराब बंदी का वादा कर सत्ता का सुख भोग रही सरकार अब महामारी में भी शराब पिलाने की योजना लाई है वो अत्यंत दुखद है,एक ओर जहां आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु सरकार इस महामारी में अपने राज्य के लोगों को राहत देने की योजना लाए हैं तो वहीं छत्तीसगढ़ सरकार शराब पिलाने की योजना लाई है,अब नशे की हालत में लोग कोरोना प्रोटोकॉल कितना मानेंगे सरकार ही जानें!
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह बताये यूपी में पंचायत चुनाव के बाद भड़के दंगा में मारे गए लोगों के परिवार को न्याय दिलाने और दंगा में शामिल लोगों पर कड़ी कार्यवाही की मांग को लेकर कब धरना देंगे?
भाजपा मौत और हिंसा पर न्याय मांगने में भी भेदभाव की राजनीति करती है
बंगाल और यूपी में हुई हिंसा असहनीय पीड़ादायक ,हिंसा में शामिल लोगों पर कठोर से कठोर कार्यवाही हो पीड़ित परिवार को न्याय मिले
रायपुर/ शौर्यपथ / उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव परिणाम के बाद भड़की हिंसा पर चुप भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह को कांग्रेस ने घेरा प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से पूछा कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव परिणाम के बाद हुई हिंसा और हिंसा से हुई मौत पर चुप क्यों है? बंगाल में हुई हिंसा और उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा पर न्याय मांगने में भाजपा भेदभाव क्यों कर रही है?भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह ने जिस प्रकार बंगाल में हुई हिंसा के विरोध में पोस्टर लेकर धरना दिए हिंसा में शामिल लोगों पर कड़ी कार्यवाही एवँ पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की वही मांग यूपी में हुई हिंसा की घटना के लिए क्यो नही करते ?
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि हिंसा कही भी हुई असहनीय एवं पीड़ादायक है और हिंसा में शामिल लोगों पर कठोर से कठोर कार्यवाही की जानी चाहिये है।
केंद्रीय गृह मंत्री को बंगाल की तरह उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा की घटना को संज्ञान में लेना चाहिए और वहां भी जांच दल भेजकर पूरे मामले की जांच कराकर पीड़ितों को न्याय दिलाना चाहिए और हिंसा रोकने में असफल योगी सरकार को बर्खास्त करना चाहिए।एक बार और भारतीय जनता पार्टी यूपी के हिंसा में मौन रहकर अपने लाशों के राजनीति करने के चरित्र को ही आगे बढ़ाया है उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के बाद हुई हिंसा में दर्जनों जाने गई है पब्लिक प्रॉपर्टी का नुकसान हुआ है उत्तरप्रदेश की योगी सरकार उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने में और आम जनता की जान माल की रक्षाा करने सुरक्षा देने में असफल है।
कोरोना महामारी संकटकाल में मोदी योगी सरकार के मनमानी हटधर्मी और नाकामी के चलते 2000 से अधिक लोगों की अब तक की मौत हो चुकी है ऑक्सीजन दवाई बेड के लिए लोग तरस रहे हैं दुर्भाग्य की बात है ऐसे संकट समय में जब आम जनता पीड़ितों को मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर दवाई की मदद कर रही है योगी सरकार उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर रही है यह अमानवीय कृत्य भाजपा शासित राज्य में हो रहा है।
दुर्ग / शौर्यपथ / आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने काँग्रेस नित भूपेश बघेल सरकार पर टीकाकरण अभियान की पॉलिसी एवं प्रोग्राम प्रबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान के अंतर्गत कोरोना वारियर्स ,फ्रंट लाइन वर्कर को टीके के दोनों डोज़ देने एवं 45 वर्ष आयु से ऊपर के लोगों को प्रथम डोज़ देने के बाद जब 18वर्ष से अधिक आयु वर्ग के तथा 45वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को दूसरे डोज़ की बारी आई तो सरकार की पॉलिसी पर सवालिया निशान लग गया है और टीकाकरण का प्रबंधन लड़खड़ा गया है।
यहाँ तक की हाई कोर्ट को पॉलिसी में सुधार के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा जिसके फलस्वरूप 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण प्रोग्राम रुक गया है।उन्होंने आगे कहा कि टीकाकरण का प्रोटोकॉल केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को सौंपना चाहिए।विकसित देशों में टीकाकरण के पूर्व Covid-19 टेस्ट किया जाता है, टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही लोगों का टीकाकरण किया जाता है।भारत में ऐसा क्यों नहीँ किया जा रहा है इसे केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा स्पष्ट किया जाना चाहिए।साथ ही जनता के एक बड़े वर्ग के बीच यह अफवाह फैली हुई है कि टीका लगाने के बाद बहुत से लोगों की तबियत बहुत ज्यादा बिगड़ रही है इस अफवाह का भी संज्ञान सरकार को लेना चाहिए और इसे उचित माध्यम से दूर करना चाहिए।
डॉ एस के अग्रवाल ने कहा राज्य सरकार को सलाह देते हुए कहा कि कोरोना टेस्टिंग हेतु जितने भी सेंटर बनाए गए हैं उनकी संख्या बढ़ाई जाए और उन्हें टीकाकरण का केंद्र भी बनाया जाए।प्रत्येक जिलों में प्रतिदिन हजारों की संख्या में टेस्टिंग हो रहे हैं जिनमेँ लगभग एक चौथाई लोग ही पॉजिटिव और शेष निगेटिव निकल रहे हैं।जिस समय लोग अपनी रिपोर्ट लेने आएँ उसी समय नेगेटिव रिपोर्ट वाले लोगों को टीकाकरण कक्ष में टीका लगा दिया जाए।वर्तमान में जब टीकों की उपलब्धता में कठिनाई हो रही है तब यह व्यवस्था कारगर साबित हो सकती है और विकसित देशों के अनुरूप टीकाकरण से पूर्व टेस्टिंग का मापदंड भी आसानी से पूरा हो जाएगा। उन्हीं टीकाकरण केंद्रों में दूसरे डोज़ का टीकाकरण भी बिना टेस्टिंग के किया जा सकता है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
