August 25, 2026
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    राजनीति

    राजनीति (1230)

    कांग्रेस का भाजपा के महाअभियान पर तंज हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और कर्जा माफी,सिंचाई कर माफ,धान का 2500रु बिजली बिल हाफ योजना का लाभ लेने के बाद भाजपा नेता झूठ बोलने निकलेंगे
    जनता भाजपा नेताओं से पूछेगी कहाँ है अच्छे दिन और किसान बतायेगा कि भूपेश सरकार में खेती करना लाभकारी हुआ

    रायपुर/ शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के ढाई वर्ष पूरा होने पर भाजपा के द्वारा शुरू किए जा रहे महा अभियान पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि हाथी के दांत दिखाने के और खाने के और नीति पर भाजपा के नेता चल रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के कर्जा माफी योजना सिंचाई कर माफ योजना बिजली बिल हाफ योजना का लाभ लेने एवँ धान के कीमत 2500 प्रति क्विंटल राजीव गांधी किसान योजना, गोधन न्याय योजना, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान सहित राशन कार्ड के माध्यम से चावल योजना का लाभ लेने के बाद भाजपा के नेता अब राजनीति करने झूठ बोलो महाअभियान में निकल रहे हैं। छत्तीसगढ़ की जनता रमन भाजपा के वादाखिलाफी झूठ फरेब से वाकिफ है यही वजह है कि 15 साल के सत्ता के बाद भाजपा आज 14 सीट में सिमट गई है।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेताओं का गांव एवं शहर की जनता बड़ा बेसब्री से इंतजार कर रही है जनता भाजपा नेताओं से पूछेगी कहां है अच्छे दिन 15-15 लाख रुपए महंगाई कम करने का वादा युवा पूछेंगे कहां है मेरा रोजगार जो प्रतिवर्ष दो करोड रोजगार देने वाले थे? किसान पूछेंगे कि हमारी आमदनी दोगुनी करने का वादा था लागत मूल्य से डेढ़ गुना समर्थन मूल्य का वादा था कहाँ है?आज किसान दिल्ली के सीमा में सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं और भाजपा के सांसद किसानों को आतंकवादी नक्सली टुकड़े टकड़े गैंग और देशद्रोही होने का आरोप लगा रहे हैं ऐसे में भाजपा नेताओं को भागने के अलावा कोई रास्ता नहीं मिलेगा।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार देश की पहली सरकार है जो अपने राज्य के किसानों को धान की कीमत 2500 रु प्रति क्विंटल दे रही है राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से दलहन तिलहन कोदो कुटकी गन्ना मक्का लगाने वाले को प्रोत्साहन राशि दे रही है एवं धान की खेती छोड़कर वृक्षारोपण करने वाले को भी लाभान्वित कर रही है छत्तीसगढ़ का किसान इस बात को स्वीकार करता है कि भाजपा के शासनकाल में किसानों के साथ हमेशा दगाबाजी छल हुआ है और भूपेश बघेल की सरकार ने किसानों से किए वादे को पूरा किया है खेती आज लाभकारी हुआ है।

    रायपुर/ शौर्यपथ / कांग्रेस के दबाव में यूनिवर्सल वैक्सीनेशन की मांग मानने केन्द्र सरकार को मजबुर होना पड़ा। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेसजनों द्वारा चलाई गयी यूनिवर्सल वेक्सीनेशन की मांग को मिले व्यापक जनसमर्थन के आगे मोदी सरकार को घुटना टेकना पड़ा। कांग्रेस की मुहिम रंग लाई और केन्द्र सरकार को 18 से 45 वालों के वैक्सीनेशन की अपनी जिम्मेदारी निभाने निर्णय लेना पड़ा। कांग्रेस की मांग पर शुरुआत में ही केंद्र सरकार देश के शत प्रतिशत नागरिकों को मुफ्त वैक्सीन देने का निर्णय करती और वैक्सीनेशन के लिए उम्र की बाध्यता को हटा देती तो देश में इतनी जानें कोविड में नहीं जाती। महामारी से बचाव के वैक्सिन समय पर नहीं मिलने के कारण जिनकी मौत हुई है उनको बचाया जा सकता था। महामारी काल में केंद्र सरकार का रवैया देश के जनता के प्रति निराशाजनक एवं असहयोगात्मक रहा है। महामारी से पीड़ित जनता ऑक्सीजन वेंटिलेटर जीवन रक्षक दवाइयां सैनिटाइजर बेड के लिए तरस रही थी और केंद्र में बैठी सरकार मौन थी।महामारी से पीड़ित जनता के पक्ष में कांग्रेजनों के द्वारा उठाए गए आवाज और चौतरफा दबाव के आगे केंद्र सरकार को झुकना पड़ा है।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार छत्तीसगढ़ में 18 से 44 साल तक के लगभग एक करोड़ 30 लाख लोगों को मुफ्त वैक्सीन लगा रही थी। इसके लिए सवा करोड़ वैक्सीन डोज की आर्डर दी गई थी लेकिन वैक्सीन आपूर्ति का नियंत्रण केंद्र सरकार के पास होने के कारण वैक्सिंन की आपूर्ति में हिल हवाला हो रहा था कांग्रेस के दबाव में केंद्र सरकार अब देशभर के नागरिकों को मुफ्त वैक्सीन लगाएगी।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार अपनी विफलताओं को अपनी असफलताओं को नाकामी को छुपाने के लिए पुरवर्ती सरकार के कार्यों पर उंगली उठा रही है। महामारी काल में अगर आज देश मजबूती के साथ खड़ा है तो यह पूर्ववर्ती सरकारों के द्वारा बनाई गई संसाधनों व्यवस्थाओं के बदौलत खड़ा हुआ है बीते 7 साल में मोदी सरकार ने कोई ऐसा काम नहीं किया है जिसका लाभ देश के 1अरब 35करोड़ जनता को मिले। मोदी सरकार ने निर्माण के बजाय विक्रय में ज्यादा ध्यान दिया है।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने वेक्सीनेशन के फैसले पर भाजपा के दावों को खारिज करते हुये कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सवाल पूछने के पहले साफ नीयत, स्पष्ट नीति और कठिन परिश्रम कहां थे? आक्सीजन और दवाओं के लिये मरते लोग, गंगा में बहती लाशें और तट पर दफन शव साफनीयत का हिस्सा थे, स्पष्ट नीति थे या कठिन परिश्रम का नतीजा थे?
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह समेत अन्य भाजपा नेता द्वारा कोई वास्तविक आंकड़े दिए बिना ही वैक्सीन की बर्बादी के आरोप लगाए जा रहे हैं। देश की जनता को गुमराह करने की यह भाजपा की सोची समझी चाल है। कोरोना महामारी से निपटने और वैक्सिनेशन के मामले में पूरी तरह विफल रही मोदी सरकार की विफलता को ढकने के लिए सुनियोजित तरीके से देश की जनता के बीच झूठे बयानों से भ्रम फैलाया जा रहा है।व्यक्ति में बर्बाद करने का आरोप लगाकर डॉ रमन सिंह ने उन सभी मेडिकल स्टाफ व कोरोना वॉरियर्स का अपमान किया है जो आम जनता को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। इससे पहले बाबा रामदेव भी कोरोना महामारी, ब्लैक फंगस से बचाने वाले देश भर के डॉक्टर, नर्स, वार्ड बॉय व एंबुलेंस चालक, ऑक्सीजन सप्लायर सहित मेडिकल साइंस से जुड़े लोगों का अपमान कर चुके हैं।केंद्र की भाजपा सरकार वेक्सीनेशन, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की आय दोगुनी करने सहित जनहित के सभी मुद्दों पर फेल हो चुकी है। डॉक्टर रमन सिंह द्वारा अब वैक्सीन बर्बाद करने का बेबुनियाद आरोप लगाकर केंद्र सरकार की विफलताओं से ध्यान हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि डॉ रमन सिंह सहित भाजपा नेता यह आरोप लगाते रहे हैं कि विपक्षी दल वैक्सीन के संबंध में देश की जनता के बीच भ्रम फैला रहे हैं। अब भाजपा नेता कह रहे हैं कि केवल कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता को वैक्सीन लग रही है। जबकि सच्चाई यह है कि कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता प्रदेश के हर गांव, मोहल्ले में वैक्सिनेशन को लेकर जनजागरण अभियान चलाते हुए प्रदेश की जनता को जागरूक कर रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता खुद वैक्सीन लगवा रहे हैं और दूसरे को भी वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कोरोना काल में जनता को सहयोग देने की बजाय घर पर बैठकर धरना देने देने वहां बयानबाजी के सिवा कुछ नहीं किया।हाल ही में प्रदेश के भाजपा नेता पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने महंगाई बढ़ने का मुद्दा उठाने वाले को खाना-पीना छोड़ देने का बेतुका और शर्मनाक बयान दिया, जो देश की जनता का अपमान है। अब तक न तो बृजमोहन पर कोई कार्रवाई हुई है, न बयान वापस लिया गया। भाजपा ने बेतुकी बयानबाजी पर माफी भी नहीं मांगी। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या बृजमोहन के बयान से भारतीय जनता पार्टी सहमत हैं? डॉ रमन सिंह व भाजपा नेताओं को अगर सचमुच प्रदेश और देश की चिंता है तो वैक्सिनेशन की कमी दूर करने, बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने और युवाओं को रोजगार दिलाने, 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज से आम जनता को राशि दिलाने और किसानों की आय दोगुनी करने केंद्र सरकार को पत्र लिखें उलजलूल बयान देकर जनता को दिग्भ्रमित करने का प्रयास ना करें।

    रायपुर / शौर्यपथ / तीन काले किसान विरोधी कानूनों की आज बरसी पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि मोदी सरकार अहंकार का त्यागकर कृषि कानूनों को वापस लें। आज इन काले कानूनों की बरसी पर मोदी सरकार को चाहिए कि वो देश के किसानों के संघर्ष का सम्मान करते हुये अपने निर्णय को वापस लेने की घोषणा करें। इन किसान विरोधी कानूनों को फौरन खारिज करे। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि जब भी ‘प्रजातंत्र की देवता-देश की जनता’ की अदालत में इन मोदी सरकार की किसानों पर की गयी ‘क्रूरताओं और बर्बरताओं’ का मुकदमा चलेगा तब 500 से अधिक किसानों की शहादतें, लाखों किसानों की राह में बिछाए गए ‘कील और काँटे’, महीनों सड़कों पर पड़े रहने की वेदनाएं और 62 करोड़ किसान-मजदूरों की असहाय पीड़ा मोदी सरकार के किसान विरोधी चरित्र का जीता जागता सबूत बनेंगी। प्रजातंत्र के देवता-देश की जनता का ऐसा फैसला होगा, ताकि भविष्य के भारत में फिर कभी कोई तानाशाह देश के किसानों के खिलाफ ऐसा दुःसाहस न कर पाए।
    पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि किसान विरोधी मोदी सरकार तीन क्रूर काले कृषि अध्यादेश आज ही के दिन 5 जून, 2020 को लेकर आई थी। मोदी जी कोरोना महामारी की आपदा के समय वे इन काले कानूनों से अपनी उद्योगपति मित्रों के लिये अवसर लिख रहे हैं।
    मोदी जी ने इन किसान विरोधी कानूनों से 25 लाख करोड़ सालाना के कृषि उत्पादों के व्यापार को अपने चंद पूँजीपति दोस्तों के लिए ‘अवसर’ लिखा और 62 करोड़ किसानों के हिस्से में दुख और परेशानी लिख दी।
    इन काले कानूनों में भाजपा सरकार ने अपने पूँजीपति दोस्तों के लिए अनाज का भंडारण - जमाखोरी - कालाबाजारी करने की कानूनी छूट लिख दी और किसानों के हिस्से में लाठीचार्ज, पानी की बौछार और आँसू गैस के गोलों की ‘प्रताड़ना’ लिख दी।
    इन तीनों काले कानूनों से मोदी जी ने अपने पूँजीपति दोस्तों के लिए मनमाने दामों पर फसलों को खरीदने का ‘इनाम’ लिख दिया और किसान भाइयों के भविष्य को रौंद कर अनाज मंडी और समर्थन मूल्य की व्यवस्था की समाप्ति का ‘फरमान’ लिख दिया।
    इन काले कानूनों से मोदी सरकार कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के अनैतिक प्रावधानों के माध्यम से अन्नदाता भाईयों को चंद पूँजीपतियों का ‘बंधुआ मज़दूर’ बनाना चाहती है। 2014 में बनी, मोदी सरकार को चंद पूँजीपतियों ने सत्ता का झूला झुलाया था, वो आज किसानों को बर्बाद और तबाह कर उनका कर्ज अदा कर रही है।
    मोदी सरकार के किसान विरोधी चरित्र पर तीखा हमला करते हुये पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि
    मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही 2014 में अध्यादेश के माध्यम से किसानों की जमीन हड़पने की कोशिश की।
    2015 में सुप्रीम कोर्ट में शपथपत्र दे दिया कि किसानों को लागत + 50 प्रतिशत मुनाफा कभी भी समर्थन मूल्य के तौर पर नहीं दिया जा सकता।
    खरीफ 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लेकर आए, जिससे चंद बीमा कंपनियों ने 26,000 करोड़ रु. का मुनाफा कमाया।
    अपने पूंजीपती मित्रों का तो लगभग दस लाख करोड़ का कर्ज माफ कर दिया पर किसान की कर्जमाफी के नाम पर मुंह मोड़ लिया।
    रही सही जो कसर बची थी, वो डीज़ल पर 820 प्रतिशत एक्साईज़ ड्यूटी बढ़ा तथा खेती पर टैक्स लगा पूरी कर दी।
    73 साल के इतिहास में देश में पहली बार खाद पर 5 प्रतिशत, कीटनाशक दवाई पर 18 प्रतिशत, ट्रैक्टर व खेती के उपकरणों पर 12 प्रतिशत जीएसटी टैक्स लगा डाला।
    मोदी सरकार के किसान विरोधी चरित्र का सिलसिलेवार विवरण जारी करते हुये पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि अब मोदी सरकार किसानों के खिलाफ इतनी कार्यवाहियों से ही बाज नहीं आई। 5 जून, 2020 को तीन काले कानूनों के माध्यम से किसानों की आजीविका पर फिर से डाका डालने की साजिश रची है जो नाकाम होकर रहेगी।

    मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण बढ़ रही है महंगाई
    बृजमोहन अग्रवाल की टिप्पणी महंगाई से पीड़ितो के जख्मों पर नमक छिड़कने वाली महंगाई पर

    रायपुर/ शौर्यपथ / बृजमोहन अग्रवाल की टिप्पणी का कड़ा विरोध करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण महंगाई बढ़ रही है। महंगाई से सर्वाधिक पीड़ित है गरीब और मध्यमवर्ग के लोग। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की टिप्पणी गरीब विरोधी है। बृजमोहन अग्रवाल की टिप्पणी महंगाई से पीड़ितो के जख्मों पर नमक छिड़कने वाली है। महंगाई पर गरीब और गरीबी का उपहास शुरू से ही भाजपा की रीतिनीति रही है। गरीब और मध्यमवर्ग के लोगों के साथ साथ महंगाई से सर्वाधिक प्रभावित मजदूर रोज कमाने, रोज खाने वाले होते है। ’प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने महंगाई को राष्ट्रीय आपदा कहा है तो इससे बृजमोहन अग्रवाल को क्यों पीड़ा हो रही है?’ मोदी सरकार के गलत नीतियों के कारण ही तो मंहगाई बढ़ रही है।
    हम दो हमारे दो की नीति के चलते खाद्य तेल और पेट्रोल-डीजल की मंहगाई से कौन लाभांवित हो रहा है, पूरा देश जान रहा है। बृजमोहन अग्रवाल के द्वारा भाजपा की मोदी सरकार का बचाव करने के लिये मंहगाई को जिस प्रकार से जायज ठहराया है वह बेहद आपत्तिजनक है। गरीबी पर महंगाई की आपदा आई है और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को यह राष्ट्रीय आपदा नहीं लगती तो इससे ज्यादा दुखद और शर्मनाक और क्या हो सकता है। भाजपा के धन कुबेरो से क्या यह भी अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वो गरीबो की तकलीफ को समझे? भाजपा का नेतृत्व गरीबो की तकलीफ को नहीं समझता है और इस प्रकार की तंज कसने का काम कर रहा है।
    गरीबो को महंगाई के कारण हो परेशानी का भाजपा नेता उपहास उड़ा रहे है तो इससे ज्यादा दुखद और आपत्तिजनक और कुछ नहीं हो सकता। भाजपा के लोग आम जनता से गरीबो से मजदूरो, किसानों से पूरी तरह से अपना संपर्क और लगाव खो चुके है। इतने महत्वपूर्ण पदों पर रहकर काम करने वाले बृजमोहन अग्रवाल को भी ऐसी बाते शोभा नहीं देती।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / छग प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी पीएल पुनिया, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के आदेशानुसार प्रदेश महामंत्री जिला प्रभारी पंकज शर्मा के निर्देशानुसार जिला अध्यक्ष पदम सिंह कोठारी के अगुवाई में महंगाई नियंत्रण में असफल मोदी सरकार के विरुद्ध व बढ़ती महंगाई के विरोध में 5 जून 2021 शनिवार को प्रातः 10 से दोपहर 12 बजे तक धरना, प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।
    जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के प्रवक्ता रुपेश दुबे ने बताया कि जिला अध्यक्ष पदम सिंह कोठारी ने ब्लॉक अध्यक्ष से चर्चा कर विधायकगणों पूर्व विधायकगणों, प्रत्याशियों, जिले में निवासरत वरिष्ठ कांग्रेसजनों, प्रदेश पदाधिकारियों, जिला पदाधिकारियों, ब्लॉक अध्यक्ष व पदाधिकारीगणों, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल सहित सभी प्रकोष्ठ विभाग के जिला व ब्लॉक पदाधिकारीगण, त्रिस्तरीय पंचायती राज (जिला, जनपद, पंचायत) व नगरीय निकाय (नगर पालिका, नगर पंचायत) के कांग्रेस समर्थित निर्वाचित, जनप्रतिनिधियों, एल्डरमैनों, बूथ, सेक्टर प्रभारियों, कांग्रेस के जांबाज कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि मॉस्क लगा कर धारा 144 व कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखते हुए अपने अपने घरों के बाहर या यथा सुरक्षित स्थान में प्रातः 10 से 12 बजे तक विरोध प्रदर्शन कर, शामिल होकर कर केंद्र सरकार की असफलता व महंगाई के विरोध में जनता की आवाज बने और मोदी सरकार की दिशाहीन नीति को उजागर करने में अपनी सहभागिता निभाये।

    दुर्ग / शौर्यपथ / आम आदमी पार्टी की दुर्ग इकाई ने आज पूरे प्रदेश में सभी जिलाधिकारी व SDM को राष्ट्रपति माननीय रामनाथ कोविंद व माननीय राज्यपाल अनुशुईया जो को प्रदेश में बढ़ रही बेहताशा मंहगाई को लेकर ज्ञापन सौंपा है साथ ही आम आदमी पार्टी ने एलान किया है कि अगर महंगाई पर जल्द नियंत्रण नहीं किया तो लॉकडाउन खुलने के बाद सड़कों पर उतरेगी।

    डॉ अग्रवाल ने कहा केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की भूपेश सरकार की महंगाई के खिलाफ उचित नीति नहीं बनाने के कारण प्रदेश की जनता महंगाई से काफी त्रस्त है, केंद्र में जब से मोदी सरकार ने देश की बागडोर सम्हाली है तब से डीज़ल-पेट्रोल, रसोई गैस से लेकर दैनिक जीवन की किराना सामानों की कीमतें नित नए आयाम स्थापित करती चली जा रही हैं, महँगाई मानो थमने का नाम ही नहीं ले रही है यहाँ तक की हर छोटे, मझोले परिवार को प्रभावित करने वाली जरूरी चीजें सहित दवाइयों की कीमत भी मोदी सरकार के 2014 से केन्द्र में स्थापित होने के बाद से आसमान छूने लगी है, रोजमर्रा की सामान्य दवाइयों में भी सौ से दो सौ प्रतिशत की वृद्धि हो गई है, किराना आदि खाद्य सामग्रियों की कीमत तो 2014 के बाद से जैसे रुकने का नाम ही नहीं ले रही है, आमजन को ठीक से भोजन के लिए सोचना पड़ रहा है देश की 80 फीसदी आबादी की क़मर महँगाई से टूट चुकी है लोग हलाकान-परेशान हैं कि अपने और परिवार का भरण पोषण करें तो करें कैसे.?
    महिला विंग प्रदेश सचिव के ज्योति ने कहा केन्द्र में मोदी सरकार आई है 2014 के बाद का ही आकलन करें तो डीज़ल-पेट्रोल की कीमत में लगभग 100 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है 2014 में पेट्रोल 58 रु लीटर थी जो अभी 93 से 100 की हो चुकी है, डीज़ल 2014 में 48 की थी 2021 में 88रू की हो गई है रसोई गैस 2014 में 510 रू प्रति सिलेंडर थी जो अभी 2021 में ठीक दोगुनी 819 रु की हो गई है
    किराना संबंधित खाद्य सामग्रियों के क़ीमतों में आग लग चुकी हैं, सरसों तेल जो 2014 में 80 से 90रु लीटर थी अभी 2021 मे 180 रु, अरहर दाल 2014 में 65--74 रु किलो थी जो अभी 2021 में 130 से 150 रु की हो गई है, चना दाल 14 में 46 रु थी जो अब 100 की हो गई है उड़द और मूंगदाल तो सामान्य और निम्न मध्यम वर्ग की पहुँच से दूर हो चुकी है, ऊपर से कोरोना महामारी की मार जिसमें लॉकडाउन के कारण मेहनत कर रोज कमाने खाने वालों के खाने का स्वाद बिगड़ चुकी है लोग महंगाई के कारण अपनी दैनिक जीवन की वस्तुओं को नहीं खरीद पा रहे हैं.

             ओंकार ताम्रकार ने कहा भाजपा की केन्द्र सरकार व छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार महँगाई तो रोकने में पूरी तरह विफल है ही उसकी पूँजीवादी सोंच के कारण महँगाई को स्थिर तक नहीं कर पा रही है, वहीँ छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को इस महंगाई के दौर में टैक्स कम करना चाहिए था जिससे महंगाई कम हो पर राज्य सरकार तो टैक्सों में बेतहाशा वृद्धि कर महँगाई में और आग लगा रही हैं

    इसी प्रकार ज़रूरी दवाइयों की क़ीमत में भी बेतहाशा वृद्धि हुई है आम इंसान के घर का बजट बदहाल हो चुका है और बड़ी बड़ी बात करने वाली केन्द्र और राज्य सरकारें इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर कोई बात नहीं करना चाहती  बेबस जनता हलाकान--परेशान है, मोदी सरकार के 2014 से 2021 के मध्य कार्यकाल का अवलोकन कर लें तो लगभग हरेक वस्तुओं की कीमतों में 100 से 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जिसकारण औसतन महँगाई केवल मोदी सरकार के 5 से 7 साल के बीच ही आसमान छू रही है जो अन्य पिछली सरकारों में इतना नहीं बढ़ा था

    आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ केन्द्र सरकार व छत्तीसढ़ राज्य सरकार के इस महँगाई की नीति के विफलता का विरोध करती है और आपके माध्यम से केन्द्र सरकार व राज्य सरकार से माँग करती है कि तत्काल इस महँगाई को रोकने, इसे नियंत्रित करने अविलम्ब कोई ठोस कदम उठाए, आमजन की जनभावनाओं का कद्र करें अन्यथा आम आदमी पार्टी, आम जनता की इस महँगाई की लड़ाई को सड़कों पर लड़ेगी और मँहगाई कम नहीं हुई हम प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेगी।

    रायपुर/शौर्यपथ / भाजपा आपदा में अवसर तलाशने के चलते कोरोना से मृत लोगो के बेसहारा लोगो में नित नये भ्रम फैला रही है, प्रदेश भारतीय जनता पार्टी का यह आरोप पूरी तरह निराधार और राजनीति प्रेरित है कि, कोरोना-काल में अनाथ हुए बच्चों के भविष्य को लेकर राज्य सरकार द्वारा किसी तरह की लापरवाही बरती जा रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने अपदाकाल में ओछी ओर भ्रामक राजनीति करने पर तीखा पलटवार करते हुये कहा, माना कि, केंद्र सरकार ने ऐसे बच्चों को लेकर चिंता प्रकट करते हुए उनके लिए योजना बनाई हैं, किंतु केंद्र के इस निर्णय से पहले ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस दिशा में "महतारी दुलार योजना की पहले ही घोषणा कर चुके हैं, जिसकी अधिसूचना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी भी की जा चुकी है, साथ ही कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार वहन करेगी।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कोरोना महामारी से राज्य के मृत व्यक्तियों के बेसहारा बच्चों को निःशुल्क स्कूली शिक्षा के साथ ही छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। योजना के तहत ऐसे छात्रों को कक्षा पहली से 8वीं तक 500 रूपए प्रति माह और कक्षा 9वीं से 12वीं तक एक हजार रूपए प्रति माह की छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना 2021 शैक्षणिक सत्र 2021-22 से लागू की जा रही है। योजना के तहत पात्र पाए गए बच्चों को प्रदेश के शासकीय शालाओं में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे पात्र बच्चों को राज्य शासन द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रवेश में प्राथमिकता दी जाएगी तथा उनके शिक्षा का सम्पूर्ण व्यय राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। इसके साथ ही छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता अथवा परिवार में कमाने वाले सदस्य की मृत्यु हो गई उन्हें निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी। पात्र छात्रों को स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। प्रतिभावान छात्रों को व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए प्रशिक्षण, कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि, भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि मृत्यु प्रमाण-पत्रों में कोरोना से मृत्यु होने का उल्लेख नहीं होने की वजह से हजारों बच्चे केंद्र की योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाएंगे। यह एक काल्पनिक आरोप है, क्योंकि भाजपा के लोग स्वयं यह जानते हैं कि छत्तीसगढ़ के अलावा देश के दूसरे राज्यों में भी ऐसे मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हुए हैं, जिनमें कोरोना से मृत्यु होने का उल्लेख नहीं है। मृत्यु प्रमाण पत्रों के लिए देशभर में समान नीति अपनाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने सुझाव दिए हैं। मृत्यु प्रमाण पत्रों में कोरोना से मृत्यु का उल्लेख न होना ऐसी चूक नहीं है, जिसे सुधारा न जा सके।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि, केंद्र अथवा राज्य शासन ने अनाथ बच्चों के लिए जो योजनाएं बनाई हैं, उससे एक भी पात्र बच्चा वंचित न रहने पाए, इसीलिए राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों को पहले ही निर्देशित कर रखा है कि वे हर संभव स्त्रोत से ऐसे बच्चों की जानकारी प्राप्त करें और जिला शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराएं। किसी भी योजना की सफलता सरकारों की संवेदनशीलता और संकल्प पर निर्भर करती हैं, न कि कागजी-खानापूर्ति पर। अनाथ बच्चों के प्रति छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता और संकल्प पर सवाल उठाने से पहले भाजपा को उन राज्यों की सुध लेनी चाहिए जहां उनकी सरकारें हैं। उनके राज्य के एक मुख्यमंत्री ने टीकों की बचत कर-करके टीकाकरण करने का जो फार्मूला राज्य सरकारों को सुझाया है, उसके बारे में और संवेदनशीलता के इस स्तर के बारे में भी भाजपा को अपने विचार रखने चाहिए।

    दुर्ग / शौर्यपथ / मोदी सरकार का एक ही लक्ष्य चंद पूँजीपत्तियो के तिजोरी भरना एवं सरकारी सम्पत्तियों को बेचना, मोदी सरकार के 7 साल का कार्यकाल हर वर्ग के लिए निराशा एवं विपदा से भरा रहा है जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर के अध्‍यक्ष व पूर्व महापौर आर.एन.वर्मा ने कहा कि मोदी भाजपा के लोक लुभावने वादों और लच्छेदार भाषणों से प्रभावित होकर जनता ने जिस अपेक्षा उम्मीद के साथ भाजपा को चुनाव उस उम्मीद को उन वादों को पूरा करने में मोदी सरकार 7 साल में भी नाकाम रही है। मोदी सरकार ने इन 7 वर्षो के कार्यकाल में देश को 2 दशक पीछे धकेल दिया है। व्यापार-व्यवसाय चौपट होने, रोजी रोजगार की गम्भीर संकट,महंगाई की मार और केंद्र सरकार की महामारी कुप्रबंधन के चलते अपनों को खोने की पीड़ा से वो भी व्यथित एवं दुःखी है।
    पूर्व महापौर आर.एन.वर्मा ने कहा कि मोदी सरकार का एक ही लक्ष्य मात्र है चंद पूंजीपतियों के तिजोरी को भरना एवं सरकारी संपत्तियों को बेचना व आम जनता के ऊपर टैक्स का बोझ लादना और पेट्रोल डीजल रसोई गैस के दामों को बढ़ाकर मुनाफाखोरी करना, किसानों को चंद पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली बनाने कृषि कानून लागू करना। रोजगार और सरकारी नौकरी मांग रहे पढ़े-लिखे नौजवानों को पकोड़ा तलने ऑटो चलाने की सलाह देना।
    पूर्व महापौर आर.एन.वर्मा ने कहा कि कांग्रेस की सरकारें विपदा के समय जनता के साथ खड़ी रही है दुर्भाग्य की बात है मोदी सरकार इस महामारी काल में विपदा के समय जनता के साथ खड़े होने के बजाय भाग रही है आपदा में अवसर तलाश रही है। महामारी संकटकाल में जहां केंद्र सरकार को देश की जनता को सभी प्रकार से मदद करनी चाहिए थी वहां केंद्र की सरकार मदद के सारे द्वार बंद कर मौन हो गई और आम जनता को मदद करने वालों पर कानूनी कार्यवाही कर रही थी। मोदी सरकार का 7 साल का कार्यकाल आम जनता के लिए रोज नई मुसीबत आफत और विपदाओं से भरा हुआ रहा है जनता गुहार लगाते रही है और मोदी सरकार मनमानी एवं आत्ममुग्धा में विज्ञापन बाजी और विदेश घूमने तक सीमित रही है जनता त्राहिमाम त्राहिमाम कह रही है और मोदी सरकार के कानों में जूं नहीं रेंग रही है जनता अब 2024 के इलेक्शन का इंतजार कर रही है।

    केंद्र सरकार अपने संघीय दायित्व से भाग रहा
    रमन सहित किसी भाजपा नेता सांसद ने राज्य को वैक्सीन दिलाने कोई पहल नही किया

    रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना वैक्सीन के मामले में मोदी सरकार की बदनीयती एक बार फिर खुल कर सामने आ गयी है।प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि वैक्सीन के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जो तथ्य उभर कर सामने आए और केंद्र सरकार की वेक्सिनेशन नीति पर जो टिप्पणियां हुई और केंद्र सरकार की तरफ से सरकार के अधिवक्ता ने जो तर्क दिए उससे यह स्प्ष्ट हो गया कि केंद्र सरकार जनता को सस्ता और सर्व सुलभ वैक्सीन दिलाने के प्रति पूरी तरह से उदासीन और लापरवाह है।
    मोदी सरकार की वेक्सीनेशन की गलत नीति का परिणाम है कि आज देश भर में 18 से 44 वर्ष के लोगो का टीका करण पूरी तरह से बन्द हो गया है ।एक देश एक विधान का नारा दे कर दशकों राजनीति करने वाले भाजपा की केंद्र सरकार वैक्सीन के मामले एक देश एक दाम नही लागू कर पाई।जो टीका केंद्र 150 में खरीद रहा वही राज्य 300 और 600 में तथा निजी अस्पताल 600 और 1200 में खरीदने को मजबूर है। मोदी सरकार अपने संघीय दायित्व से भाग रही ।आजादी के बाद से अभी तक देश मे जितने भी बीमारियों के लिए टीके लगाए गए सब केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय टीका करण के तहत करवाया ।मोदी सरकार ने कोरोना महामारी में टीका करण के राष्ट्रीय दायित्व को नही निभा पाई।
    प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अचानक एक दिन आ कर देश मे 18 वर्ष से अधिक आयु के हर नागरिक को टीका लगाने की घोषणा करने के बाद मोदी और उनकी सरकार ने कोई प्रयास नही किया कि कैसे लोगो को टीका मिलेगा ।राज्यो से कहा गया कि वे कम्पनियों से टीका खरीद कर अपने प्रदेश की जनता को लगवाए । कम्पनिया राज्यो को कितनी मात्रा में कब टीके देगी मोदी सरकार ने इसकी भी कोई नीति नही बनाई। देश के सभी राज्यो में टीका लेने की होड़ लगी हुई है । निर्माता दोनों ही कम्पनियां राज्यो को उनकी मांग की आपूर्ति नही कर रही ।वैक्सीन निर्माता कम्पनियों की कुल क्षमता का पचास फीसदी हिस्सा केंद्र रख रही वह अपने हिसाब से भाजपा शाषित राज्यो को प्राथमिकता से दे रही है।विदेशी वैक्सीन निर्माता कम्पनियां राज्यो से डील नही करना चाह रही इस पर भी केंद्र सरकार अभी तक कोई स्टैंड नही ले रही कि खुद विदेशी कम्पनियों से टीका खरीद कर राज्यो को दे ताकि लोगो को वैक्सीन लग सके।
    कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र की गलत नीतियों का खामियाजा छत्तीसगढ़ को भी भुगतना पड़ रहा । प्रधानंमत्री मोदी ने 19 मई को देश मे 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगो को वैक्सीन लगाने की घोषणा किया ।इस सम्बंध 23 मई को केंद्र ने बताया की राज्य वैक्सीन कम्पनियों से खरीद कर टीका लगाएंगे ।छग सरकार ने 26 मई को 50 लाख डोज का ऑर्डर दोनों कम्पनियों को दिया बाद में दूसरी और तीसरे क़िस्त में कुल सवा करोड़ डोज का ऑर्डर दोनों कम्पनियों को दिया गया ।लेकिन दोनों ही वैक्सीन निर्माता कम्पनी ने राज्य के द्वारा दिये गये ऑर्डर के बदले लगभग 12 लाख डोज वैक्सीन की सप्लाई किया ।
    कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ के भाजपा के नेता राज्य में वैक्सीन को लेकर लगातार झूठी बयान बाजी कर जनता में भ्रम तो फैलाते है लेकिन आज तक किसी भाजपा नेता ने केंद्र से छत्तीसगढ़ को वैक्सीन देने की मांग के लिए कभी पहल नही किया।छत्तीसगढ़ से भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह ,नेता प्रतिपक्ष ,प्रदेशभाजपाध्यक्षभाजपा की केंद्रीयमंत्री ,लोकसभा के 9 सांसद राज्यसभा के 2 सांसद है जिनकी पहुच केंद्र सरकार और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व तक है लेकिन इन सभी ने कभी राज्य को वैक्सीन दिलवाने के लिए न कभी पत्र लिखा न फ़ोन किया ।इन सभी ने राज्य में लोगो को टीका नही लगने पर घड़ियाली आंसू बहाने बयान जरूर दिया है। यदि भाजपा के यह सारे नेता चाह ले तो राज्य के द्वारा खरीदने के लिए ऑर्डर किये सवा करोड़ डोज की सप्लाई मिल जाय तो राज्य में टीके का संकट समाप्त हो जाय।

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