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दुर्ग / शौर्यपथ / पूर्व महापौर आर एन वर्मा दुर्ग ने कहा कि किसी भी देश में जंहा विधि का शासन है वहां किसी भी प्रकार की हिंसा, हत्या, बलत्कार एवम आगजनी जैसे जघन्य एवम घृणित अपराध के लिए जिम्मेदार हर ब्यक्ति दंड का भागी होता है चाहे वो कोई भी ब्यक्ति क्यों ना हो।
आर.एन.वर्मा ने कहा है कि जंहा पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजा के बाद ममता बनर्जी की मुख्येमंत्री पद की शपथ लेने के पूर्व की घटित घटनाओ को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा जो राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन ममता बनर्जी को जिम्मेदार बता कर किया जा रहा है, उसके लिए जिम्मेदार केंद्र में बैठी भाजपा सरकार खुद ही है, क्योंकि चुनाव की घोषणा होने के दिन से ही पश्चिम बंगाल में सारी प्रशानिक शक्तियां केंद्रीय सरकार एवम केंद्रीय एजेंसियों के हांथो में केंद्रित हो गया था केंद्र सरकार के इशारों में मनमानी किया जा रहा था,चुनाव आयोग की भूमिका एक मूक दर्शक के रूप में देखने को मिला था, प्रधानमंत्री से लेकर सरकार के सभी मंत्री एवम नेतागण पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने के लिए हर नियम कायदे तोड़ते नजर आये मगर परिणाम विपरीत आया जो उनके लिए नागवार गुजरा। आर एन
वर्मा ने कहा है कि जहां तक पश्चिम बंगाल एवम अन्य चार राज्यों में विधान सभा चुनाओं में जीत के लिए आमजनता के लिए कॅरोना काल की स्वप्रचारित सामान्य सावधानियों एवम प्रोटोकाल को स्वयं प्रधामंत्री जी एवम गृहमंत्री जी द्वारा धता बताते हुए भारी भीड़ के बीच चुनाव प्रचार किया गया एवं रोड शो किया गया वह आम लोंगों की जान माल की अपेक्षा उनके लिए बेशकीमती था ऐसी स्थिति में पश्चिम बंगाल का चुनाव हार जाना उनके आत्म सम्मान को बेहद क्षति पंहुचाने वाला तथा पीड़ा दायक स्थिति बन कर रह गया है।इसीलिए सारी खीझ एवं ठीकरा ममता बनर्जी के सिर फोड़ा जा रहा है।
आर.एन.वर्मा ने कहा है कि ममता बनर्जी के शपथ लेने के पूर्व की घटनाओं के लिए केंद्र सरकार एवं केंद्रीय एजेंसियों जिम्मेदार है,जिनके है हांथो में कानून व्यस्था लागू करने एवं शांति व्यस्था बनाये रखने का दायित्व था।चुनाव हारने के कारण ही भाजपा के लोग ,प्रजातांत्रिक तरीके से चुनाव जीतने वाली ममता बनर्जी की सरकार को षड्यंत्र पूर्वक कमजोर करना चाहती है, जो निंदनीय है।।
आशीष तिवारी शौर्यपथ रायपुर
कांग्रेस के जानकार पं राघवेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि कन्फ्यूजन की निति के कारण कांग्रेस बैकफुट पर है उन्होंने कहा कि अपने अस्तित्व के लिये जुझ रही कांग्रेस का एक और बड़े राज्य पश्चिम बंगाल में भी सफाया हो गया है और असम में न प्रियंका गांधी का चेहरा चला और न छत्तीसगढ़ के सीएम बघेल की चाल काम आई । कांग्रेस विचार धारा से जुड़े प्रदेश के प्रतिष्ठित समाज सेवी पं राघवेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि राम जी हम हिन्दुओं के आदर्श है । राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी अक्सर कहते थे कि मुझे राम के नाम से बल मिलता है । तथा प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कारण वर्ष 1985 में दुरदर्शन ने रामानंद सागर के रामायण का प्रसारण किया था ,1986 में राजीव गाँधी ने ही रामजन्मभूमि मंदिर के ताले खुलवाये थे। नवम्बर 1989 में उन्होंने विश्व हिन्दु परिषद को राममंदिर के शिलान्यास की अनुमति दी थी अपने चुनावी भाषणों में भी वे रामराज्य की बात करते थे । दिसम्बर 1992 में विवादित ढांचा को गिराया गया उस वक्त भी कांग्रेस के पीवी नरसिम्हा राव ही प्रधानमंत्री थे । बाद में मुस्लिम फोबिया के कारण काँग्रेस रामलला के मुद्दे पर पीछे हट गई और बीजेपी राममंदिर को प्रमुख मुद्दा बनाकर सत्ता में आ गई । युपीए सरकार ने तो सुप्रीमकोर्ट में हलफनामा दायर करके रामलला के अस्तित्त्व पर ही सवाल उठा दिया था ।
मुसलमान पहले ही सपा बसपा और टीएमसी जैसे क्षेत्रीय दलों का रूख कर चुके थे युपीऐ से आह्त लाखों हिन्दूओं का झुकाव भी बीजेपी की ओर हो गया श्री पाण्डेय ने आगे कहा कि मुस्लिम फोबिया के कारण कांग्रेस धारा 370 को लेकर भी स्पष्ट राय नही बना सकी । पार्टी के प्रमुख युवा चेहरे रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा प्रवेश के बाद अब सचिन पायलेट की भुमिका को लेकर भी पार्टी में कनफ्युजन की निति है । श्री पाण्डेय ने कहाकि कनफ्युजन की निति के कारण हिन्दु और मुसलमान दोनों का भरोसा कांग्रेस से उठ रहा है, पाण्डेय ने कहा कि चुनावों में हार का ठीकरा विपक्षी दलों और पार्टी कार्यकताओं पर फोड़ने के बजाय पार्टी के नेताओं पर से जनता का भरोसा क्यों उठ रहा है इस पर चिंतन होना चाहिये उन्होंने कहा की वरिष्ठ नेताओं का सम्मान हो पर मध्य प्रदेश से सीख लेकर वर्षों से सत्तासुख भोग रहे नेताओं को आगे आकर पार्टी की कमान युवाकंधो को सौंपना चाहिये ।
दुर्ग / शौर्यपथ / वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में अपने पूरे चरम पर है इस विषय पर भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर सेवा ही संगठन नामक कार्यक्रम संपूर्ण हिंदुस्तान के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी चलाया जाएगा इसके लिए भारतीय जनता पार्टी के समस्त मोर्चा प्रकोष्ठ अपने अपने स्तर पर तैयारियां चालू कर चुके हैं और उस तैयारियों को आखरी मूर्त रूप देने के उद्देश्य से दिनांक 30 मई को छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश व्यापारिक प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आयोजित की गई है आयोजित बैठक में पूर्व संसदीय सचिव और व्यापारिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक लाभचंद बाफना अध्यक्षता में आयोजित की गई है आयोजित वर्चुअल बैठक में प्रमुख रूप प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय उपस्थित रहेंगे उनके साथ प्रदेश सहसंयोजक कांतिलाल बोथरा ,सुभाष अग्रवाल, मुकेश शर्मा, संजय खटवानी, चंद्रप्रकाश छाबड़ा भी शामिल रहेंगे
आयोजित बैठक के बारे में भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ व्यापारिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक वरिष्ठ भाजपा नेता कांतिलाल बोथरा ने जानकारी देते हुए कहा कि आयोजित बैठक में व्यापारिक प्रकोष्ठ की भूमिका राष्ट्रीय नेतृत्व के द्वारा आहवानित सेवा ही संगठन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ भर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय रसोई के नाम से रसोई का संचालन कर निराश्रित गरीबों एवं मजदूर वर्ग के लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था करेगी साथ ही साथ सुखा राशन के पैकेट का निर्माण कर वितरण भी करेगी तथा उन्हें इस वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए जन जागृत भी करेगी
आयोजित बैठक में व्यापारिक प्रकोष्ठ के समस्त पदाधिकारी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कार्यकर्ता जिला संयोजक मंडल संयोजक सहित वरिष्ठ भाजपा नेता भी शामिल होंगे
राजनांदगांव/ शौर्यपथ / प्रदेश के कोरोना संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री केयसं फंड से देशभर में 551 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट इंस्टॉल करने के लिए फंड आवंटित करने हेतु प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्णय का स्वागत करते हुए जिला भाजपा पिछड़ा वर्ग के जिलाध्यक्ष पार्षद दल के प्रवक्ता शिव वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के बस्तर, बीजापुर, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, जसपुर, कांकेर, कोरबा, कोरिया, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर और राजनांदगांव मे ऑक्सीजन प्लांट लगने से प्रदेश में ऑक्सीजन की उपलब्धता के संबंध में आत्म निर्भरता आएगी। साथ ही रायपुर समेत प्रदेश के कई जिला अस्पतालों में चल रहे ऑक्सीजन प्लांट को अपग्रेड करते हुए पेसर स्विग एडसापूंशन चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र लगने से उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी होगी तथा जिलों की स्वास्थ्य प्रणाली को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा। वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग द्वारा कोविड-19 से प्रभावित प्रदेश के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदेश के शासकीय अधिकारी कर्मचारीयौ का एक दिन का वेतन देने के निर्देश की अनिवार्यता में सुधार करते हुए इसे स्वैच्छिक किया जाना चाहिए क्योंकि प्रदेश सरकार के पास पहले से ही डी,एम,एफ फंड, कैपा फंड, राहत कोष एवं शराब पर सेस लगाने से प्राप्त आय को मिलाकर हजारों करोड़ की राशि उपलब्ध है। प्रदेश सरकार उक्त राशि का उपयोग प्रदेश के कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों के लिए जरूरी वैक्सीन एक्शन एवं दवाइयों की खरीदी करने साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो में ऑक्सीजन युक्त आइसोलेशन सेंट्रल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंदो में पर्याप्त मात्रा में वेंटीलेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाओं के विकास एवं विस्तार में करें वर्मा ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेसियों द्वारा सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए कोरोना नियमों की अनदेखी करते हुए भाजपा के जनप्रतिनिधियों को फूल भेंट करना ना सिर्फ कांग्रेसियों की ओछी मानसिकता को दर्शाता है बल्कि प्रदेश में कांग्रेसी सरकार की नाकामियों एंव लापरवाहीयो पर पर्दा डालने के प्रयास को उजागर करता है।
दुर्ग / शौर्यपथ / कोविड-19 कोरोना वायरस जैसे महामारी में हम सभी को मिलकर आम लोगों की मदद करने सामने आना चाहिए। संकट के इस घड़ी में इंसानियत के नाते बेसहारा लोगों के हित में काम करना चाहिए जिससे बेसहारा लोगों को मदद मिल सके। इस वैश्विक महामारी में देश और आम जनता बहुत ही परेशान है । महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन द्वारा लॉकडाउन तो कर दिया गया है लेकिन इस लॉकडाउन में रोज कमाने-खाने वालो का हालात और भी खराब होता चला जा रहा है। लोग अपने-अपने घरों में बंद है जिनके सामने रोजी-रोटी के भी लाले पड़े है। राज्य शासन द्वारा घर-घर तक राशन देने के वादे भी किये गए है लिकन जरुरतमंद लोगों तक राशन नहीं पहुंच पा रहा है।
स्थिति इतनी खराब हो चली है कि बीमार संक्रमित लोगों को अस्पतालों में न बेड मील रहा है और न ऑक्सीजन व दवाइयाँ। इस भयावह स्थिति को गंभीरता से लेते हुए लोग कोरोना संक्रमण से बचें और नियमों का भी पालन करें।
इससे जुड़े सभी जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने स्तर पर निर्भिक होकर ईमानदारी से कार्य करने की ज़रूरत है। कुछ एन.जी.ओ., समाज सेवक और सामाजिक संस्थाए जरूरतमंद लोगो के लिए कार्य भी कर रहे हैं जिससे जरुरतमंद लोगों को काफी मदद मिल रही है। कोरोना संक्रमण से बिगड़ते हालात को देखते हुए और भी लोगों को सामने आकर लोगों की मदद करनी चाहए।
इसके साथ-साथ यह भी देखने को मिल रहा है कि अधिकतर जनप्रतिनिधी, राजनेताए केवल और केवल आपसी बयानबाजी कर रहे है। जिससे लोगों को किसी भी प्रकार से कोई मदद नहीं मिल पा रहा है।
अत: आप सभी से अपील है कि जरुरतमंद लोगों की मदद के लिए ज्यादा से ज्यादा आगे आयें। और राजनेताएं आपसी बयानबाजी छोड़ जनता के मदद में कार्य करें।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल एवं पुरानी बस्ती ब्लॉक अध्यक्ष सचिन शर्मा ने देश में वैक्सीन की तीन अलग-अलग कीमतों को एक करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाने और प्रदेश की जनता के प्रति जवाबदेही निभाने सांसद सुनील सोनी एवं भाजपा के जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी को उनके निवास में जाकर गुलाब भेंट किया ।
कॅरोना वैक्सीन को आपदा को अवसर बनाये जाने के विरोध में आज केंद्र सरकार का विरोध बीजेपी के नेताओं को गुलाब का फूल देकर सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए किया गया । अग्रवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आज देश मे कॅरोना महामारी में आपदा को अवसर बना रही हैं जिसका प्रदेश की जनता पुरज़ोर विरोध करती है ,जो वैक्सीन 150 रुपये के कीमत में देना चाहिए उसको 1200 सौ रुपये में देकर आज जनता को मरने पर मजबूर किया जा रहा है । आज कोरोना महामारी में लोगों का रोजगार छीन गया है रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो रही है ऐसे समय मे कोरोना वेक्सीन को 150 रुपये के हिसाब से छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में उपलब्ध कराया जाना चाहिए ।
टीकाकरण में मुनाफाखोरी का कांग्रेस करेगी डटकर विरोध , एक देश और वेक्सीन के 5 दाम स्वीकार नहीं है ,70 साल में देश की किसी भी सरकार ने कभी टीकाकरण के पैसे नहीं लिए
रायपुर / शौर्यपथ / मोदी सरकार की वैक्सीनेशन नीति पर हमला करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि एक वैक्सीन 5 दाम की नीति के प्रति आम लोगों में जबरदस्त नाराजगी है। वैक्सीन के दाम ₹400 ₹600 ₹1200 वसूलने से राज्य के खजाने का ही तो होगा नुकसान। मोदी जी क्यों टीका बनाने वाली निजी कंपनियों को फायदा पहुजाने में लगे हैं ?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि करोना महामारी के बीच मोदी सरकार की आपदा में अवसर की तलाश देश को भारी पड़ रही है। मोदी सरकार कीटों वैक्सीनेशन नीति इस बात का जीता जागता सबूत है कि मोदी जी की प्राथमिकता कारोबार है : महामारी से लड़ना नहीं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है की ऐसी बेतुकी नीति पहली बार बनी जब एक वैक्सीन का दाम केंद्र सरकार के लिए कुछ और राज्य सरकार के लिए कुछ और और निजी अस्पताल के लिए कुछ और है। इसका मतलब यह है कि मोदी सरकार सीधे-सीधे प्राइवेट कंपनी को फायदा पहुंचाना चाहती है और इसके लिए उसे जनता के खजाने की लूट भी स्वीकार है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पूछा है की देश के लोगों को वैक्सीनेशन के सुरक्षा चक्र के अधिकार से मोदी सरकार क्यों वंचित रखना चाहती है ? देश में टीकाकरण कोई पहली बार नहीं हो रहा है इससे पहले भी देश में अनेकों अनेक बीमारियां आई लेकिन पहले की सरकारों ने कांग्रेस की सरकार ने समय-समय पर उचित निर्णय लेकर देश में फैलने वाली महामारी से देश को बचाया है!
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि अहंकार में डूबे हुए सत्ताधीशों को हम यह याद दिलाना चाहते हैं किस तरीके से कांग्रेस की सरकार ने पोलियो के खिलाफ जंग जीती है, अगर उस समय भी अलग-अलग वर्ग के लोगों को पोलियो के वैक्सीन के अलग-अलग रेट होते तो शायद बड़ी माता और पोलियो जैसी बीमारियों के देश से उन्मूलन का काम कभी संभव नहीं हो पाता। मोदी सरकार अपने सत्ता के अहंकार में क्यों यह भूल जाती है कि हम दुनिया में इस देश के युवाओं और इस देश की युवाओं की काबिलियत की वजह से जाने जाते हैं लेकिन उन्हीं 65% आबादी युवावर्ग को नरेंद्र मोदी की सरकार उनके अधिकारों से वंचित रख रही है।
निर्मला सीतारमण ने अपने बजट के भाषण में कहा था कि 35000 करोड रुपए देश के वैक्सीनेशन के लिए रखे गए हैं लेकिन देश के बजट प्रावधान को भी मोदी नकारने में लगे हैं। जब केंद्रीय बजट में है 35000 करोड़ का प्रावधान जिससे 233 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन हो सकता है। 18 वर्ष से नीचे की आयु के बच्चों का वैक्सीनेशन तो होने नहीं जा रहा है। 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का वैक्सीनेशन वर्तमान में जारी है । तो फिर 136 करोड़ के देश की 65% से अधिक आबादी 18 वर्ष से 45 वर्ष की आयु वर्ग की वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी से मोदी सरकार क्यों मुंह चुरा रही है?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि
स्वतंत्र भारत के इतिहास में अनेक महामारीयों पर नियंत्रण हेतु टीकाकरण पूरे देश में चलाया गया। बड़ी माता पोलियो जैसी बड़ी बड़ी बीमारियों से देश को छुटकारा मिला। जिसका पूरा श्रेय देश की सरकार की जनहितकारी टीकाकरण नीति को ही जाता है। 70 साल में देश की किसी भी सरकार ने कभी टीकाकरण के पैसे नहीं लिए।
एक लाख करोड़ की राशि करोना से लड़ने के लिए बनाए गए पीएम केयर्स फंड के नाम से पी एस यू और निजी कंपनियों के सीएसआर सांसदों की सांसद निधि की राशि ले ली गई और इस राशि का क्या हुआ क्या उपयोग हुआ यह भी बताने के लिए मोदी सरकार तैयार नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि 20 लाख करोड़ का करोना पैकेज प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 दिनों तक पत्रकार वार्ताएं करके जारी किया था लेकिन उस 20 लाख करोड़ में आज तक किसको क्या मिला यह समझ में नहीं आया है
केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के हक की 24 हजार करोड़ की जीएसटी और अन्य बकाया राशि पर कुंडली मारकर बैठी हुई है। इस महामारी के समय केंद्र सरकार से यह अपेक्षा है कि वह राज्य सरकार की भरपूर मदद करें । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम में मांग की है कि केंद्र सरकार को कम से कम अपनी देनदारी तो राज्य सरकार को तत्काल देना चाहिए।
दुर्ग / शौर्यपथ / पूर्व महापौर दुर्ग आर एन वर्मा ने कहा है कि 18 से 45 वर्ष के हर वयक्ति को कॅरोना का मुफ्त टीका लगवाने में छतीसगढ़ देश में प्रथम राज्य होगा ,यह निर्णय प्रदेश को कल्याणकारी राज्यों की प्रथम श्रेणी में खड़ी करने वाली पहली राज्य होगी, ऐसा कार्य एक संवेदन शील व्यक्ति ही कर सकता है,इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी साधुवाद के पात्र हैं.
आर.एन. वर्मा ने केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हांथों लेते हुए पूछा है कि वैक्सीनेशन के लिए बजट की 35 हज़ार करोड़ कब और किसमें खर्च किया जाएगा? क्या राज्यों में सरकार बनाने विधायक खरीदने या देश की हर जिलों में आलीशान भाजपा कार्यालय बनाने। आर.एन. वर्मा ने कहा है कोई भी प्रजातांत्रिक देश में ऐसा नही होता कि कोई रिलीफ के नाम से जमा किया फण्ड का उपयोग समय आने पर भी न किया जाए,ना उसका आडिट कराया जाए और लोंगो की जानकारी के पंहुच से बाहर रखा जाए, जैसा कि मोदी जी के राज में पी एम केयर्स फण्ड के नाम से एकत्रित एक लाख करोड़ की बात है .जनता से एकत्रित इस राशि का उपयोग कॅरोना नियंत्रण में सहायक होने वाली फ़्री वैक्सीनेशन के लिए क्यों नही किया गया ? मोदी सरकार द्वारा 18 से 45 आयु वर्ग के लोंगो के वैक्सीनेशन का खर्च राज्य सरकार पर डाल कर जन हितैषी सरकार होने की अपने जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया यह स्पष्ट हो गया है ,जबकि राज्य में 18 से 45 के उम्र वालों को फ्री वैक्सीनेशन का प्रावधान कर के मुख्यमंत्री ने {सेवा जतन और सरोकार} की संकल्प वाली सरकार को चरितार्थ कर दिखाया।
रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस ने कहा कि पूर्व मुख्य मंत्री डॉ रमन सिंह कोरोना के सम्बंध में गलत बयान दे कर प्रदेश में भय फैला रहे है।प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य में ऑक्सीजन की बिल्कुल भी कमी नही है ।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित राज्य के अनेक जिम्मेदार अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में मेडिकल में लगने वाली कुल ऑक्सीजन से तीन गुना अधिक ऑक्सीजन का उत्पादन राज्य में हो रहा है।अपने अस्पतालों की जरूरतों को पूरा करने के अलावा छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र ,मध्यप्रदेश, ओडिसा जैसे राज्यो को भी ऑक्सीजन की आपूर्ति चालू कर चुका है। ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित न हो इस हेतु मेडिकल ऑक्सिजनो की सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने के लिए कलेक्टरों अतिरिक्त फंड भी आबंटित किया जा चुका है। इन सारे तथ्यों के बावजूद रमन सिंह द्वारा राज्य में ऑक्सीजन की कमी के आरोप गलत भ्रामक और भय पैदा करने वाला है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि संकट के इस समय भाजपा नेताओं विशेषकर रमन सिंह द्वारा दिये जा गलत बयानों से यह स्पष्ट हो रहा है कि भाजपा के यह नेता राजनीति परिपक्वता और विश्वसनीयता दोनों खो चुके है । क्या संकट के समय सिर्फ राज्य सरकार को कोसना और कमियों को बढ़ा चढ़ा के प्रस्तुत कर जनता में भय फैलाना ही विपक्ष का दायित्व है ? आज तक किसी भी भाजपा नेता ने कोरोनका की भीषण महामारी का डट कर चुनौती कर रही सरकार को एक भी सकारात्मक सुझाव नही दिया ।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह छत्तीसगढ़ में कोरोना की स्थिति देखने के लिये कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी प्रियंका गांधी से कह रहे है लेकिन उनमें इतना भी नैतिक साहस नही बचा की वो राज्य को कोरोना से लड़ाई के लिए कुछ अतिरिक्त सहायता दिलाने हेतु केंद्र सरकार प्रधानमंत्री को पत्र लिख सके फोन कर सके ।
कांग्रेस प्रवक्ता में कहा कि इस प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे वर्तमान में भाजपा के रास्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह को यदि ऐसा लगता है कि प्रदेश में कोरोना से लड़ाई में ऑक्सीजन ,वेंटिलेटर दवाइयों की दिक्कतें है तो उन्होने प्रधानंत्री केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से इसके लिए कब मांग किया ? छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है कि रमन सिंह ने अखबारों में बयान के अलावा क्या ठोस प्रयास किया ?
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला में कहा कि निसन्देह कोरोना का संक्रमण छत्तीसगढ़ में तेजी से बढा है लेकिन उसी तेजी से ईस महामारी से बचाव के प्रयास भी शुरू किए गए ।शुरुआत में जरूर परेशानियां हुई थी लेकिम अब हालात काबू में आ रहे लोगो की बेहतर चिकित्सा देना सरकार का लक्ष्य है और इसमे सभी के समन्वित प्रयास से सफलता भी मिल रही है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
