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रायपुर / शौर्यपथ / भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के ट्वीट पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त की प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जो कहा उसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कि सरकार ने ढाई साल में पूरा किया है 36 बिंदुओं के वादा में से 24 से अधिक बिंदुओं के वादों को पूरा कर इतिहास रचा है। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व चुनाव में जनता से किये गए वादों के क्रियान्वयन की समीक्षा करती है और भाजपा का शीर्ष नेतृत्व चुनाव में किये गए वादों को चुनावी जुमला ठहरा कर चुनावी वादा याद दिलाने वाली जनता का उपहास उड़ाती है यही बेसिक अंतर कांग्रेस और भाजपा में हैं।भाजपा का चरित्र ही वादाखिलाफी करना है चुनाव में किए गए वादों से मुकर ना और चुनावी वादों को जुमला ठहराना है। लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी जी के द्वारा जनता के बीच कही गई चुनावी वादों को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते अमित शाह ने जुमला ठहरा दिया था।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा की कांग्रेस सरकार पर वादा खिलाफी करने का झूठा मनगढ़त आरोप लगाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उनके 15 साल के शासनकाल की उपलब्धि वादाखिलाफी धोखाबाजी दगाबाजी कमीशनखोरी भ्रष्टाचार करना ही रहा है। 36 हजार करोड़ का नाम घोटाला डीकेएस घोटाला स्काईवाक घोटाला, एक्सप्रेस वे घोटाला, चरण पादुका घोटाला, सरस्वती साइकिल योजना में घोटाला रेडी टू ईट घोटाला जमीन घोटाला सहित कई घोटाले और काले कारनामे रमन सरकार के कार्यकाल में दर्ज है।
15 साल तक छत्तीसगढ़ में रमन सिंह की सरकार ने छत्तीसगढ़ के जनता के साथ धोखा बाजी किया बीते 7 साल से केंद्र में बैठी मोदी की सरकार भी जनता से किए वादों को पूरा करने में असफल रही है जनता आज भी अच्छे दिन की बाट जो हो रही है, 15-15लाख रुपए खाते में आने का इंतजार कर रही है और महंगाई डायन से निजात पाने आवाज लगा रही है दो करोड रोजगार के इंतजार में युवा बैठे हैं दुर्भाग्य की बात है रोजगार देना दूर की बात मोदी की सरकार ने तो 23 करोड़ हाथों से रोजगार छिनने काम किया है देश में बेरोजगारी की स्थिति 45 साल पहले के हालात में हैं व्यापार उद्योग व्यवसाय चौपट हो गए हैं बैंक डूब रहा है बैंक डिफाल्टर देश छोड़कर भाग रहा है अर्थव्यवस्था ऑक्सीजन पर है देश पर विदेशी कर्ज बढ़ गया हैं पेट्रोल डीजल रसोई गैस दाल तेल दूध दवाई जनता के पहुंच से धीरे-धीरे दूर हो रहा है सरकारी कंपनियां बिक रही है और रिजर्व बैंक का खजाना भी खाली होने की स्थिति में है यह मोदी सरकार के 7 साल की काली उपलब्धि है।
मोदी सरकार तो किसानों से उनकी फसलों का समर्थन मूल्य प्राप्त करने का अधिकार छीनने में लगी हुई है
खेती-बाड़ी-मंडी-सोसायटी को बर्बाद कर देंगे ये तीन काले कानून
किसान से समर्थन मूल्य और अपनी जमीन पर खुद खेती करने का अधिकार छीनने का है विरोध
जमाखोरी की खुली छूट बड़े कारोबारियों को देकर आम उपभोक्ताओं की होगी लूट
कांग्रेस दिल्ली की सीमा पर चल रहे आंदोलनरत किसानों के साथ एकजुट
मोदी सरकार हठधर्मिता छोड़ तीनो काले कानून वापस लें
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन प्रदेश कांग्रेस के संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी और प्रभारी महामंत्री संगठन चंद्रशेखर शुक्ला ने संयुक्त बयान में कहा है कि दिल्ली सीमा पर किसान आंदोलन के दौरान सैकड़ों आंदोलनरत किसानों की सांसे थम गयी लेकिन मोदी सरकार की तानाशाही खत्म नहीं हुयी। किसानों की ये अनदेखी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को बहुत भारी पड़ने वाली है। 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की बात की लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार ने तो तीन काले कानून किसानों को बर्बाद करने के लिए लाए हैं जिनसे व्यापारियों को जमाखोरी करने किसानों की जमीन ठेके पर लेने और किसानों की उपज बिना समर्थन मूल्य के खरीदने की छूट मिल रही।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस न लिए जाने की घोषणा को केंद्र सरकार की हठधर्मिता ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन प्रदेश कांग्रेस के संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी और प्रभारी महामंत्री संगठन चंद्रशेखर शुक्ला ने कहा है कि यदि मोदी सरकार ने किसानों को बर्बाद करने वाले ये तीनों काले कानून लागू करने की ठान ही ली है तो किसानों और देश की जनता को मुगालते में रखने के लिये बातचीत की पेशकश बार-बार क्यों की जाती है? 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में सारे वादों को मोदी सरकार ने भुला दिया है और लगातार किसान विरोधी फैसले लेने में मोदी सरकार लगी हुई है।
कांग्रेस ने पूछा है कि स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू करने का वादा करके सत्ता में आई मोदी सरकार ने कभी भी सी 2 लागत $ 50 प्रतिशत किसानों को देने के वादे को पूरा करने की दिशा में काम क्यों नहीं किया? 2021 पूरा होने जा रहा है लेकिन 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के वादे को पूरा करने की दिशा में काम करने की बात तो दूर मोदी सरकार तो किसानों से उनकी फसलों का समर्थन मूल्य प्राप्त करने का अधिकार और उनकी जमीन पर खेती करने का अधिकार भी छीनने में लगी हुई है। 2014 की लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र में भाजपा ने कहा था कि किसानों के लिए स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू की जाएगी लेकिन उसका आज तक अता पता नहीं। छल करने और झूठ बोलने के अपने चरित्र के चलते भाजपा ने स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों का मूल रूप ही बदल दिया।
प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन प्रदेश कांग्रेस के संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी और प्रभारी महामंत्री संगठन चंद्रशेखर शुक्ला ने कहा है कि किसानों की खेती की लागत के साथ-साथ किसान खेत में जो खुद मजदूरी करता है उन दोनों को जोड़कर उसके ऊपर किसानों को 50 प्रतिशत लाभ देने की बात स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश में है। केंद्र की भाजपा सरकार ने षडयंत्रपूर्वक किसान की खुद की मेहनत और मजदूरी को स्वामीनाथन कमेटी के सिफारिश से हटा दिया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि संसद में कृषि संबंधी तीन काले कानूनों को संसद में बिना चर्चा के पारित कर दिया गया। खेती किसानी से जुड़े ये तीन कानून देश के किसानों के लिये काल बनकर आए हैं। संघीय ढांचे का उल्लंघन कर, संविधान को रौंदकर, संसदीय प्रणाली को दरकिनार कर और बहुमत के आधार पर तानाशाह मोदी सरकार ने जबरन तथा बगैर किसी चर्चा व राय मशविरे के ये कानून पारित करवाए हैं। यहां तक कि इसे पारित करने के लिये राज्यसभा में हर संसदीय मर्यादा व लोकतांत्रिक मूल्यों को तार-तार कर दिया गया। ये तीनों कानून खेती पर निर्भर 62 करोड़ जनता के जीवन को गहरे अंधकार में झोंक देगा। इन कानूनों से न केवल किसानों की बल्कि खेतिहर मजूदरों, कृषि उपज मंडियों, सहकारी समितियों में काम करने वाले लोगों और अनाज व्यापार से जुड़े छोटे व्यापारियों और दुकानदारों की रोजी-रोटी पर बेहद असर पड़ेगा वो पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगे। यह देश के अन्नदाता को भाजपा परस्त पूंजीपतियों का गुलाम बनाने की गहरी साजिश है। अगर इस कानून को लागू किया तो देश का किसान एक बार फिर से अंग्रेजों की गुलामी वाले दौर में पहुँच जाएगा। इसके अलावा इन कानूनों से देशभर में उपभोक्ताओं पर महंगाई की अभूतपूर्व मार पड़ने वाली है।
किसान काले कानूनों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व उनकी सरकार विरोध को दरकिनार कर देश को बरगला रहे हैं। अन्नदाता किसान की बात सुनना तो दूर, संसद में उनके नुमाईंदों की आवाज को दबाया जा रहा है और पूरे देश में सड़कों पर किसान मजदूरों को लाठियों से पिटवाया जा रहा है। भाजपा सरकार तीन काले कानूनों के माध्यम से देश की ‘हरित क्रांति’ को हराने की साजिश कर रही है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि देश के अन्नदाताओं की मंशा के अनुरूप तीनों कृषि कानूनों को रद्द किया जाये।
रायपुर / शौर्यपथ / विभिन्न राज्यों में कांग्रेस के भीतर पनप रहे असंतोष से केंद्रीय नेतृत्व की चिंता कम नहीं हो रही है। एक के बाद एक प्रदेश में अंदरुनी कलह पनप रही है। पार्टी शासित राज्यों के साथ उन प्रदेशों में भी झगड़ा बढ़ रहा है, जहां पार्टी वर्षों से सत्ता से बाहर है और वापसी की कोई उम्मीद भी नहीं है। कांग्रेस की इस वक्त सिर्फ तीन राज्यों में सरकार है। पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़। इसके साथ पार्टी महाराष्ट्र और झारखंड सरकार में शामिल है। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू का झगड़ा सुलझाने में पार्टी का सांस फूल रहा है। वहीं, इसके बाद छत्तीसगढ़ तैयार है।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के बीच कई मुद्दों पर टकराव है। हाल ही में मुख्यमंत्री बघेल के ग्रामीण इलाको में निजी अस्पताल को अनुदान देने के मामले में जिस तरह स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने विरोधाभास ब्यान दिए उससे प्रदेश के विपक्ष को एक नया मुद्दा भी मिल गया वही राजस्थान कांग्रेस में झगड़ा अभी थमा नहीं है। पश्चिम बंगाल में पार्टी की सत्ता में वापसी की कोई उम्मीद नहीं है, पर वहां भी पार्टी नेता संगठन में पद को लेकर एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। कुल मिलाकर पार्टी के सामने टेंशन ही टेंशन है।
रणनीतिकार मानते हैं कि प्रदेशों में झगड़ा बढ़ने का कारण राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर ऊहापोह की स्थिति है। इसके साथ अध्यक्ष के राजनीतिक सलाहकार की रिक्ता भी बड़ी वजह मानी जा रही है। वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के निधन के बाद कांग्रेस के पास ऐसा कोई कद्दावर नेता नहीं है, जो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने से पहले ही यह झगड़े सुलझा दे।
विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने अभी तक सिर्फ केरल में बदलाव किया है। पर नई नियुक्तियों के खिलाफ पुराने नेता एकजुट हो गए हैं और उन्होंने पार्टी पर दबाव बढ़ा दिया है। असम में विधायक दल का नेता नहीं बनाने से नाराज रुपज्योति कुर्मी पार्टी छोड़ चुके हैं। अब प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर वरिष्ठ नेता प्रद्युत बारदोलोई और भूपेन बोरा आमने-सामने हैं।
उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं, पर गुटबाजी के चलते पार्टी कई दौर की बैठक के बावजूद विधायक दल का नेता का नाम तय नहीं कर पा रही है। हिमाचल प्रदेश में भी पार्टी नेता कुलदीप राठौर और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह में झगड़ा बरकरार है। झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश में भी स्थिति अलग नहीं है। ऐसे में कांग्रेस की चिंता अभी और बढ़ सकती है।
दुर्ग / शौर्यपथ / पूर्व महापौर एवं जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग के पूर्व अध्यक्ष आर.एन.वर्मा ने कहा कि हमे छ.ग. के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर गर्व होता है, जिन्होंने मुख्यमंत्री बनते ही छत्तीसगढ़ मे, गांधी जी के सुराजी गांव योजना के तहत, गांवो को आत्मनिर्भर बनाने तथा छ.ग. में अपने पूर्वजों द्वारा, बनाये गये अनेको महत्वपूर्ण एवं उपयोगी संस्कृति प्रबंधन एवं विरासतो को जिन्हें हमने भूला दिया था को लागू करवा रहे है। उसी का एक अंग है रोका छेका कार्य क्रम जिसे प्रभावी ढंग से लागू कराने माननीय मुख्यमंत्री जी लगे हुए है रोका छेका अभियान से जहां गांवो में किसान अपने फसलों की सुरक्षा कर सकेगे वही दूसरी ओर पशुधन को दुर्घटना एवं बीमारी से समय में बचाने में मददगार होगा।
आर.एन.वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी द्वारा गत वर्ष से चालू कराया गया रोका छेका अभियान का प्रत्यक्ष रूप से आर्थिक एवं व्यवस्थागगत लाभ गांवो में एवं शहरो में दिखाई देने लगा है छ.ग. के 5820 गांवो में गौठान बहु आयामी, आर्थिक, सांस्कृतिक गतिविधियों को केन्द्र बन चुका है वहां गांवो में किसानों के साथ साथ गौठान समिति एवं स्वेसहायता समुह को रोजगार का पर्याप्त अवसर मिलने के साथ साथ खेती जमीन को उर्वरा बनाने के लिए वर्मी कम्पोस्ट खाद बहुत ही उपयोगी सिद्ध हो रहा है माननीय मुख्यमंत्री के बहुआयामी रोका छेका अभियान को सफल बनाने में सार्थक जनसहभागिता आवश्यक है।
दुर्ग / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मानवता के अमूल्य धरोहर है। उनकी निष्पक्ष कार्यशैली से उन्हें मानवता का अग्रदूत की संज्ञा दी जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। उन्होंने अपने पारदर्शी निर्णयों से यह साबित कर दिया है जो कांग्रेस 70 साल में नही कर पाई उसे हमने 7 सालों में कर दिखाया। प्रधानमंत्री ने अपने घोषणा पत्र जिन कार्यो का उल्लेख किया था उसे कर दिखाया। चाहे कश्मीर से धारा 370 हो या तीन तलाक या राम मंदिर का निर्माण हो। उन्होंने हर कार्य की सही समय पर मजबूत आधारशिला रखी जिससे देश विश्व गुरु बनने की राह में तीव्र रूप से अग्रसर है। उपरोक्त बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के नाम सम्बोधन में देश के सभी आयु वर्गों को पुनः टीकाकरण की जिम्मेदारी अपने कंधों पर लिए जाने की घोषणा के बाद भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के स्थाई सचिव जितेंद्र वर्मा ने प्रेस को जारी बयान में कहा।
इस अतिमहत्वपूर्ण फैसले को लेकर उन्होने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा मोदी सरकार का हर फैसला हर निर्णय देश हित में है। इसलिए पूरा मंत्रिमंडल मानवता का अग्रदूत है। श्री वर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी से केंद्र सरकार ने हर मोर्चे पर सबके साथ मिलकर लड़ाई लड़ी। 45 से अधिक उम्म्र के नागरिकों को केंद्र द्वारा मुफ्त में टीकाकरण किया जा रहा है यह एक हितेषी और ऐतिहासिक फैसला है। राज्यों द्वारा टीकाकरण की जिम्मेदारी मांगे जाने पर जितेंद वर्मा ने कहा कि केंद्र ने जब 18 प्लस के नागरिकों को टीकाकरण के कार्य की जवाबदारी दी है तब प्रदेश सरकार का गैर जिम्मेदाराना रवैय्या रहा।
राज्य सरकार हर फैसले पर बेतुकी बयानबाजी करती है। देश के वैज्ञानिकों द्वारा एक साल के भीतर मेड इन इंडिया वेक्सीन लॉन्च कर बड़े बड़े देशों को पीछे कर दिया और उसी वेक्सीन को राज्य सरकार ने इतनी भारी मात्रा में बर्बाद कर दिया जिससे एक बहुत बड़ी आबादी को सुरक्षित किया जा सकता था। यहां तक कोरोना टीका का एक पूरा लाट गायब हो गया, । यह राज्य सरकार का गैर जिम्मेदाराना कदम है। जिसकी जानकारी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को नही लग पाई।दो हफ्ते के अंदर देश के हर राज्य में हर आयु वर्ग के टीकाकरण का कार्य पुनः केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। देश में उपलब्ध कुल वेक्सीन का का 75 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार द्वारा खुद खरीदकर राज्यों को मुफ्त में दिया जाएगा। बच्चों को वेक्सीन लगाने का ट्रायल चल रहा है उन्हें भी जल्द वेक्सीन उपलब्ध करा दिया जाएगा।यह केंद्र सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है।
रायपुर / शौर्यपथ / नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक एवं भाजपा नेताओं के द्वारा छत्तीसगढ़ को टीकाकरण में असफल बताने पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जनसंख्या के अनूपात की तुलना में छत्तीसगढ़ वैक्सीन लगाने में मध्यप्रदेश एवं उत्तरप्रदेश से बेहतर है। मोदी के प्रचार के भूखी भाजपा महामारी काल मे भी जनता के स्वास्थ के साथ खिलवाड़ कर रही है। भाजपाशासित राज्यो में टीकाकरण रिकार्ड बनाने के थोथी वाहवाही लूटने आमजनता को चार दिनों तक वैक्सिन के लिए भटकाया गया। भाजपाशासित राज्यो को 21 जून के टीकाकरण रिकार्ड बनाने बड़ी मात्रा में वैक्सिन उपलब्ध कराए गए। गैर भाजपाशासित राज्यो को वैक्सीन देने में भेदभाव को किया गया। देशभर में 21 जून को 80 लाख टीकाकरण हुआ जो 22 जून 54 लाख और 23 जून 68 लाख हुआ। टीकाकरण का राष्ट्रीय स्तर पर गिरता ग्राफ मोदी सरकार की वैक्सिन देने में नाकामी को प्रदर्शित कर रहा है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवकता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार छत्तीसगढ़ में 1 दिन में चार लाख डोज टीका लगाने की क्षमता विकसित कर चुकी है। लेकिन मोदी सरकार छत्तीसगढ़ को प्रतिदिन चार लाख डोज उपलब्ध कराने में असफल है। यदि राज्य को उसकी क्षमता के अनुरूप टीके केन्द्र दे तो राज्य दो महिने में अपनी पूरी आबादी का टीकाकरण कर लेगी। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक बताये मोदी सरकार वैक्सिन देने में क्यो भेदभाव कर रही है? मध्यप्रदेश को प्रतिदिन 1 लाख 70 हजार डोज दिया जाता रहा है फिर 21 जून के लिए 17 लाख वैक्सीन कैसे मिल गया? कर्नाटक में 20 जून को 68 हजार के करीब वैक्सीन लगा था फिर 21 जून के लिए 11 लाख वैक्सीन कहां से आया ? हरियाणा आसाम कर्नाटक उत्तर प्रदेश गुजरात में भी 21जून को बड़ी संख्या में टीकाकरण हुए।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक भाजपा नेताओं को छत्तीसगढ़ सरकार पर टीकाकरण में असफल होने का आरोप लगाने के पहले भाजपा शासित राज्यों के टीकाकरण का अवलोकन करें। 21जून के आयोजित मोदी प्रचार कार्यक्रम के बाद भाजपाशासित राज्य टीका लगाने में असफल हुए है। 21 जून को लाखो में टीका लगाने वाले अब हजारों के भीतर सिमट गये है। वही छत्तीसगढ़ में 21 जून को 91 हजार से अधिक टीकाकरण हुआ 24 जून को दो लाख दस हजार से अधिक को टीका लगाया गया अब ढाई गुना बढ़ी है। वही 21 जून के बाद भाजपाशासित राज्यों में टीकाकरण की 10 गुना कम हुई है। महामारी कुप्रबंधन और वैक्सीनेशन में असफलता के चलते मोदी सरकार की छवि देश और विदेश में खराब हो चुकी है भाजपा मोदी के गिरते छवि के ग्राफ को बचाने के लिए आम जनता को वैक्सीन से वंचित कर टीकाकरण के रिकॉर्ड बनाने का खेल खेला जो दूसरे दिन ही पूरी तरह फ्लॉप हो गई।
दुर्ग / शौर्यपथ / भारत में कई दशकों से धर्म-जाति की राजनीति होती रही है लेकिन अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने दिल्ली में जो शिक्षा क्रांति की अलख जगायी, उसका असर अब जगह-जगह होना शुरू हो गया है।
शायद भारत के किसी अन्य राज्य के शिक्षा मंत्री का नाम उतने लोग नहीं जानते होंगे जितना दिल्ली के शिक्षा मंत्री का नाम जानते हैं। अब राजनीति में शिक्षा और स्वास्थ्य की बातें होने लगी हैं। इसी क्रम में कांग्रेस नेता और समर्थक छत्तीसगढ़ में कल से एक स्कूल की फ़ोटो सोशल मीडिया पर डालकर भूपेश बघेल की वाहवाही कर रहे हैं।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने कहा- छत्तीसगढ़ में लगभग 55000 से अधिक सरकारी स्कूल है जिनमें लाखों बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे है लेकिन उनकी जर्जर अवस्था , व्यवस्था और शिक्षकों की उपलब्धता आज भी लगभग भगवान भरोसे ही है।आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने आज प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए जानकारी दी कि भूपेश बघेल सरकार के ढाई साल पूरे हो गए हैं और सरकार का दावा महज दिखावा रह गया है और शिक्षा में उन्नति को लेकर प्रदेश की स्थिति बद से बदहाल हो गई है।
आज आम आदमी पार्टी ने प्रदेश स्तर पर सरकार के इन दावों की सच्चाई जानने का फैसला किया है । कम से कम 300 सरकारों स्कूलों की हकीकत आम आदमी पार्टी आज उजागर करने वाली है ।आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में आज अपने आस पास के स्कूलों में जाकर उनकी यथास्थिति से रूबरू होगें और जनता के सामने असलियत रखेंगे।
प्रदेश में भूपेश की कांग्रेस सरकार और बीजेपी सरकार दोनो ने ही नूरा कुश्ती कुश्ती करते हुए कभी भी शिक्षा का स्तर सुधारने की कोशिश ही नहीं की है। हमेशा दिखावा कर कुछ स्कूलों में कंप्यूटर लगा कर , रंग रोगन कर उदघाटन कर बड़े बड़े दावे कर जनता को मुंगेरी लाल के सपने दिखा दिए जाते है और हकीकत में कुछ भी बदलाव देखने को नहीं मिलता।कुछ महीनों बाद पता चलता है कि ये सारी खरीद फरोक्त भी घोटालों और भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गई और कोई उपकरण काम नहीं कर रहा है।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता अब लगातार सभी सरकारी स्कूलों के दौरे कर स्कूली शिक्षा के स्तर की पोल खोल कर जनता के सामने प्रस्तुत करेंगे। आम आदमी पार्टी का भूपेश सरकार से सवाल है:-
1- शिक्षा का बजट कितना फीसदी है ?
2- प्रदेश में कितने अंग्रेजी मीडियम आत्मानंद स्कूल तैयार हुए हैं, सरकार उसका जबाव दे ।
3- 55000 सरकारी स्कूलों को सरकार ने भगवान भरोसे क्यों छोड़ा है ।
4- रमन के कार्यकाल में जो 3600 स्कूल बंद हुए , उनपर क्या कार्यवाही हुए
5- जिन स्कूलों को इग्लिश मीडियम में तब्दील किया है उन स्कूल के बच्चों को कहां शिफ्ट किया गया।
6- सरकार ने कहा था कि जिले के सभी ब्लॉक से बच्चों को इग्लिश मीडियम में लिया जाएगा लेकिन सिर्फ 3-4 किलोमीटर के ही बच्चों का दाखिला हुआ है
7.शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 979 स्कूल भवन विहीन हैं, यानी इनमें से अधिकांश स्कूल किसी झोपड़ी में, किसी बरामदे में या किसी पेड़ के नीचे लगते हैं । इनकी हालत कब सुधरेगी ।
8. राज्य के 18,147 स्कूलों में बाउंड्री वॉल ही नहीं है , इनकी सुध सरकार कब लेगी ?
Durg । SHOURYAPATH । दुर्ग जिला भाजयुमो की नियुक्ति को लेकर लगातार लगाया जा रहे अटकलों के बीच नवनियुक्त जिलाध्यक्ष के रूप नितेश साहू नियुक्ति की घोषणा के पश्चात प्रथम दुर्ग जिला भाजपा कार्यालय में आगमन पर भाजयुमो के कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया इस दौरान प्रमुख रुप से भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर ,जिला उपाध्यक्ष कांतिलाल जैन ,भाजयुमो के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं जिला भाजपा मंत्री दिनेश देवांगन, कार्यालय मंत्री नीरज कांत पाण्डेय, मीडिया प्रभारी केएस चौहान, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष उपासना चंद्राकर आईटी सेल जिला संयोजक राजा महोबिया मंडल अध्यक्ष चंद्रशेखर चंद्राकर दीपक चोपड़ा मंडल महामंत्री राहुल पंडित पोषण साहू राकेश यादव युवा मोर्चा महामंत्री ओम यादव उपस्थित रहे भाजयुमो के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष नितेश साहू के प्रथम कार्यालय आगमन पर कार्यकर्ताओं द्वारा फटाके ढोल बाजे और उसका मुंह मीठा कराकर उसे बधाई प्रेषित की युवा कार्यकर्ताओं के द्वारा लगातार भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाते हुए नितेश साहू का भव्य स्वागत वंदन अभिनंदन किया स्वागत समारोह आयोजन के दौरान युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष नितेश साहू ने संबोधित करते हुए कहा आप सभी की शुभकामनाओं ,पार्टी के द्वारा मेरे द्वारा किए गए कार्यों का आकलन कर वरिष्ठ नेताओं के द्वारा मुझे युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष के रूप में मेरी नियुक्ति की मैं आप सभी का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करता हूं और विश्वास दिलाता हूं कि युवा मोर्चा के द्वारा किए गए प्रत्येक कार्य भारतीय जनता पार्टी को एक नए आयाम को प्राप्त करेगी दुर्ग जिला भाजयुमो अब जिले के युवाओं की आवाज बनेगी उनके तमाम हित के लिए अगर प्रदेश की दमनकारी सरकार से भी लड़ना पड़े तो युवा मोर्चा सदैव तत्पर रहेगा आयोजित स्वागत कार्यक्रम में,मंत्री नितेश बाफना शुभम ताम्रकार हरि वर्मा ओंकार साहू रितेश शर्मा दीपक सिन्हा,दीपेश निर्मलकार,रवि यादव,बंटी डु मेंद्र देशमुख मोहनीश देशमुख,अभिषेक लालू, जय वर्मा, इंद्रभान पाटिल शुभम ताम्रकार शैलेंद्र अग्रवाल कोमल वर्मा दिनेश यादव राहुल भट्ट,सोनू कमड़े,राहुल पाटिल,पीयूष मालवीय,कृष्णा सिंह,वीरेंद्र तन्ना,देवेंद्र टंडन,चंद्रकांत साहू,अभिषेक टंडन,खुमेश साहू,सुभाष सोना,साजन तांडी,आरुणि दानी दिषण सिन्हा तुकेश सोनवानी खिलावन साहू योगेश साहू वेद साहू केवल देवांगन दीपक पटेल नागेश कौशिक उपस्थित रहे
- ढाई साल के कार्यकाल के बयान पर कांग्रेस महामंत्री ने किया सवाल : रमन, सरोज, साय के बीच क्या कांग्रेस नेताओं का प्रवक्ता बनने की होड़ मची है?
- भूपेश सरकार की शानदार उपलब्धियों से भाजपा नेताओं की बोलती बंद
- 15 साल तक छत्तीसगढ़ की जनता से वादाखिलाफी करने पर दुर्गति के बाद ऊलजलूल बयानबाजी कर रहे
दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने कहा है कि भूपेश सरकार के ढाई साल के कार्यकाल की शानदार उपलब्धियों ने भाजपा नेताओं की बोलती बंद कर दी है। ढाई साल का कार्यकाल पूरा कर चुकी कांग्रेस सरकार पर बोलने के लिए भाजपा नेता डॉ रमन सिंह, सरोज पांडेय, विष्णुदेव साय सहित अन्य नेताओं के पास कोई मुद्दा ही नहीं है। भाजपा की इतनी दुर्गति हो चुकी है कि प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेताओं को कांग्रेस नेताओं का प्रवक्ता और हितैषी बनने का ढोंग करना पड़ रहा है।
राजेंद्र ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा ढाई साल के कार्यकाल वाले बयान से साफ है कि भारतीय जनता पार्टी और उनके नेताओं के पास छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा ही नहीं है। 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव और 2024 में पार्टी की हार का भय साफ दिख रहा है। इसी भय के कारण भाजपा नेता ऊलजलूल मुद्दाविहीन बयानबाजी कर रहे हैं। भाजपा नेताओं के इस प्रपंच को कांग्रेस कार्यकर्ता और प्रदेश की जनता अच्छी तरह समझ रहे हैं।
राजेंद्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र किसान का बेटा छत्तीसगढ़ सरकार का नेतृत्व कर रहा है, जिसे भाजपा नेता पचा नहीं पा रहे हैं। भूपेश सरकार ने मात्र 30 माह के कार्यकाल में घोषणा पत्र में किए गए 36 वादों में से 26 वादे पूरे कर दिए हैं। छत्तीसगढ़ में निवास करने वाले सभी वर्गों को ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ के विकास को गढ़ा है।
भूपेश बघेल की सरकार ने किसान, व्यापारी, मजदूर, युवा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, महिलाओं, वनांचल में रहने वाले निवासियों सहित सभी वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई है। इन योजनाओं से छत्तीसगढ़ में निवास करने वाले सभी वर्गों के आर्थिक विकास और जीवन स्तर में सुधार आया। खास कर ग्रामीण अंचल में आर्थिक समृद्धि ने नया रिकॉर्ड कायम किया है, जिसे भाजपा नेता बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।
डॉ. रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल में भाजपा सरकार ने किसानों, आदिवासियों मजदूरों युवाओं सहित सभी वर्गों के साथ सिर्फ वादाखिलाफी और छलावा किया है। केंद्र की मोदी सरकार ने भी अपने सात साल के कार्यकाल में महंगाई, बेरोजगारी को बढ़ाने का काम किया है। अर्थ व्यवस्था को चौपट करने का काम किया है। भाजपा नेताओं के पास अपनी उपलब्धियां बताने के लिए कुछ भी नहीं है। इसीलिए दूसरी पार्टी में दखलंदाजी करने का काम कर रहे हैं। प्रदेश की जनता भाजपा का प्रपंच समझ रही है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
