
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विश्व आदिवासी दिवस पर 9 अगस्त को जिलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रमों को सम्बोधित करेंगे। कोविड-19 संकट को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाएगा।
राज्य शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को सभी जिलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में समस्त जिले के हितग्राहियों को वन अधिकार मान्यता पत्र के वितरण के साथ ही आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय एकलव्य और प्रयास के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग डी.डी. सिंह ने आयोजन के संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टरों से कहा गया है कि जिलों में वन अधिकार मान्यता पत्रों का वितरण करें। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों में आयोजित कार्यक्रमों को सम्बोधित करेंगे। इस दौरान कुछ जिलों के वन अधिकार मान्यता प्राप्त हितग्राहियों से चर्चा की जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कुछ लाभार्थियों को वन अधिकार मान्यता पत्र का वितरण भी किया जाएगा।
भिलाई / शौर्यपथ / घोडग़ी पारा सिरसा कला मे खतरनाक मलेरिया फेलसी फेरम ने दस्तक दे दी है वार्ड न 37 निर्मलकर परिवार मे एक सदस्य को बुखार की शिकायत थी जिला मलेरिया विभाग मे जाचं उपरांत उसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई है शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम चरोदा भिलाई 3 के प्रभारी बीईईटीओ सैय्यद असलम ने बताया कि सिरसा कला वार्ड एक परिवार के एक सदस्य को फेलसी फेरम पाजिटिव आया है उसके बाद काम्बेट टीम लगाकर रैपिड फीवर सर्वेक्षण कारकर मलेरिया रक्त पटिका बनाई गई है जिनका जांच भिलाई 3 मे लैब मे कराया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी डा गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि इस सीजन मे मलेरिया लार्वा अधिक एक्टिव हो जाता है मचछर बढ जाते इसलिए जुन माह से इसके प्रतिरोधक रोकथाम गतिविधि शुरू कर दी जाती है। खंड चिकित्सा अधिकारी डा आशीष शर्मा व भिलाई 3 के चिकित्सा अधिकारी डा पीयम सिह ने बताया फेलसी फेरम मलेरिया जान लेवा हो सकता है यदि समय पर मरीज का उपचार नहीं हो तो इसलिए बुखार आने पर मलेरिया जाचं जरूर कराऐ ।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन होने पर जहां पूरा देश उत्सव मनाया। वहीं शहर के मोतीपुर में भी दीपावली मनाई गई। युवाओं ने घर-घर एवं मंदिरों में भगवा झंडे लगाए। वार्डवासियों ने भी अपने घरों में दीप जलाए, घरों के आंगन में रंगोलियां बनाई, फटाखे फोड़े, दीपदान कर भगवान श्रीराम की पूजा अर्चना की।
गोबर से निर्मित पानी में तैरने वाले दीपक से किया गया दीपदान-
इस उत्सव की घड़ी में मां पंचगव्य अुनसंधान केन्द्र ग्राम लिटिया द्वारा उपलब्ध गोबर से निर्मित पानी में तैरने वाले दीपक से वार्डवासियों ने मोतीपुर के तालाब में दीपदान भी किया। संस्था के प्रभारी आर्य प्रमोद कश्यप ने बताया कि गोबर का दीया प्रकृति के अनुकूल रहता है एवं जल को स्वच्छ बनाता है। साथ ही यह जल को प्रदूषित होने से बचाता है।
रायपुर / शौर्यपथ / प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त गरिमामय तरीके से मनाया जाएगा। इस वर्ष कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरतते हुए आयोजन किए जाएंगे। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए है। जिसके तहत भारत सरकार गृह मंत्रालय एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कोविड-19 से बचाव हेतु जारी सभी निर्देशों का पालन एवं उपाय सुनिश्चित करते हुए कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी निर्देश के तहत स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय समारोह राजधानी रायपुर में स्थानीय पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित होगा जहां पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ध्वजारोहण करेंगे। ध्वजारोहरण उपरांत पुलिस एवं अद्र्धसैनिक बलों की टुकडिय़ों द्वारा सलामी दी जायेगी। मुख्यमंत्री के द्वारा जनता के नाम संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम में कोरोना वारियर्स डॉक्टरों, पुलिस कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्वछता कर्मियों को विशेष रूप से आमंत्रित करते हुए उन्हें सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में आने वाले सभी लोगों को मास्क पहनना और सामाजिक दूरी आदि का पालन करना अनिवार्य होगा।
इसी तरह जिला स्तर पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के द्वारा ध्वजारोहरण किया जाएगा। इसके उपरांत पुलिस एवं नगर सैनिकों की टुकडिय़ों द्वारा सलामी दी जाएगी। मुख्य अतिथि के द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा जनता के नाम प्रेषित संदेश का वाचन किया जाएगा। जिला स्तरीय कार्यक्रम में भी कोरोना वारियर्स डॉक्टरों, पुलिस कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्वछता कर्मियों को विशेष रूप से आमंत्रित कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में आने वाले सभी लोगों को मास्क पहनना और सामाजिक दूरी आदि का पालन करना अनिवार्य होगा।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तहसील एवं जनपद स्तर पर सार्वजनिक समारोह आयोजित नहीं होंगे। जनपद कार्यालयों में जनपद अध्यक्ष एवं नगरीय निकायों में नगरीय निकाय के महापौर या अध्यक्षों द्वारा ध्वजारोहरण किया जाएगा। पंचायत मुख्यालयों में सरपंच द्वारा एवं बड़े गांवों में गांव के मुखिया द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा और सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गान गाया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य, जिला, ब्लाक एवं पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में किसी भी स्थिति में स्कूली छात्र-छात्राओं को एकत्र नहीं किया जाएगा। आयोजित कार्यक्रमों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाएगा। गणमान्य अतिथियों को भी सीमित संख्या में आमंत्रित किया जाएगा। बैठक व्यवस्था में सामाजिक एवं व्यक्तिगत दूरी का विशेष रूप से पालन किया जाएगा।
प्रदेश की राजधानी रायपुर एवं अन्य जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह प्रात: 9 बजे से शुरू होंगे। इसे देखते हुए रायपुर एवं अन्य जिला मुख्यालयों में स्थित शासकीय कार्यालयों को ध्वजारोहण प्रात: 8 बजे के पूर्व सम्पन्न कर लिए जाएंगे ताकि उन कार्यालयों के अधिकारी और कर्मचारी जिले के मुख्य समारोह में शामिल हो सके। सभी विभाग के कार्यालय प्रमुखों द्वारा उनके कार्यालय में ध्वजारोहरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके पश्चात् राष्ट्रीय गान जन-गण-मन गाया जाएगा। सभी शासकीय एवं सार्वजनिक भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को रात्रि में प्रदेश के सभी शासकीय एवं सार्वजनिक भवनों तथा राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों पर रोशनी की जाएगी।
भाजपा की मोदी सरकार की आदिवासी विरोधी चरित्र की ऊपज शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना-कांग्रेस
12.50 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों उनके परिवारों को होगा फायदा
तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीमा पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले बृजमोहन अग्रवाल मोदी सरकार से पूछे बीमा क्यो बन्द किया ?
रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस ने तेंदूपत्ता संग्राहको के लिए शुरू की गई तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना शुरू किए जाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त किया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की मोदी सरकार की आदिवासी विरोधी चरित्र की उपज है यह योजना। मोदी सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहको के लिए चलाई जाने वाले बीमा को बंद कर दिया था इस कारण राज्य सरकार को यह योजना लागू करना पड़ा ताकि तेंदूपत्ता श्रमिको उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा दी जा सके। शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना में तेंदूपत्ता संगहण कार्य में लगे पंजीकृत संग्राहक परिवार के मुखिया (50 वर्ष से अधिक आयु नहीं होने की स्थिति में) की सामान्य मृत्यु पर नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को 2 लाख रूपए की अनुदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। दुर्घटना से मृत्यु होने पर दो लाख रूपए अतिरिक्त प्रदान किया जाएगा। दुर्घटना में पूर्ण विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रूपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में एक लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि दी जाएगी।
योजना के अंतर्गत यदि संग्राहक परिवार के मुखिया की 50 से 59 आयु वर्ष के बीच सामान्य मृत्यु होती है, तो 30 हजार रूपए, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 75 हजार रूपए, दुर्घटना में पूर्ण विकलांगता की स्थिति पर 75 हजार रूपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 37 हजार 500 रूपए की सहायता अनुदान राशि परिवार के नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के समन्वय से यह योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा किया जाएगा, जिसमें संबंधित जिला यूनियन द्वारा ही एक माह के अंदर प्रकरणों का निराकरण करते हुए सहायता अनुदान की राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में प्रदाय की जाएगी।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहको के बीमा के बारे में लगातार बयानबाजी करने वाले बृजमोहन अग्रवाल में साहस हो तो अब वे मोदी सरकार से पूछे उसने तेंदूपत्ता संग्रहको का बीमा करना क्यो बन्द किया था? राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक सुरक्षा एवं आर्थिक सुदृढ़ता सुनिश्चित करने हेतु वचनबद्ध है। राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण दर 2500 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा की गई है। यह कांग्रेस सरकार की अपने घोषणा पत्र के वायदों को पूरा करने की प्रतिबद्धता को बताता है।
दुर्ग / शौर्यपथ / स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमेन अरुण वोरा ने गोधन न्याय योजना को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य के वर्तमान पीढ़ी के साथ ही आने वाले पीढ़ियों के लिए वरदान साबित होगी। देश में यह अपनी तरह की पहली और अनूठी योजना है। पशुपालकों से 2 रुपए प्रति किलो की दर से गोबर खरीदी कर गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट बनाकर इसकी बिक्री से पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा। खेतों में केमिकल खाद से पैदा होने वाले अनाज और सब्जियों की जगह अब जैविक खाद से अनाज और फल-सब्जियों का उत्पादन होगा।
वोरा ने कहा कि गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन होने से किसानों को सस्ती दर पर जैविक खाद मिलेगा। गोबर खरीदी की व्यवस्था से पशुपालक अपने घर पर ही पशुओं को बांधकर रखेंगे। इससे पशु फसल को नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे और शहर और गांव के गली-कूचों में जगह-जगह गोबर के अवशेष नहीं मिलेंगे। इससे स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा। गोबर खरीदी की व्यवस्था से पशुपालकों के साथ-साथ वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने वाली महिला स्वसहायता समूहों और पशुपालकों को भी आमदनी होगी। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आज 5 अगस्त को गोधन न्याय योजना के तहत राज्य के 46 हजार 964 गोबर विक्रेता पशुपालकों को गोबर खरीदी का भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। राज्य के गोबर विक्रेताओं को एक करोड़ 65 लाख 42 हजार रूपए का भुगतान उनके खाते में ऑनलाईन होगा। श्री वोरा ने गोबर विक्रता पशुपालकों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। श्री वोरा ने गोधन न्याय योजना के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति आभार जताया है।
भिलाई नगर / शौर्यपथ / गोधन न्याय योजना के अंतर्गत निगम क्षेत्र के पंजीकृत 38 पशुपालकों को 89934 रूपए पहला भुगतान किया गया। इस योजना के तहत सबसे अधिक वार्ड-3 यादव मोहल्ला कोसा नगर निवासी मनोज यादव ने गोबर बेचकर 9296 रूपए कमाए। मनोज के पास 23 गाय और भैंस हैं। उन्होंने 20 जुलाई को ही पंजीयन कराया तथा 1 अगस्त तक गोधन न्याय योजना के अंतर्गत शहरी गौठान में 4648 किलोग्राम गोबर बेचा। श्री यादव को दो रूपए की दर से उन्हें बुधवार को समन्वय समिति ने बैंक के माध्यम से 9296 रूपए भुगतान किया गया। इसी प्रकार वार्ड-3 निवासी भरत लाल यादव ने 4032 किलोग्राम गोबर बेचा था। उन्हें 8065 रूपए भुगतान किया गया। योजना के नोडल अधिकारी व उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने बताया कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालक गोबर बेचने अपना पंजीयन निरंतर करा रहे हैं। इनमें से 38 हितग्राही 20 जुलाई से लगातार शहरी गौठान में गोबर बेच रहे हैं। इस तरह से 20 जुलाई से 1 अगस्त की अवधि में पंजीकृत 38 पशुपालकों से कुल 44,967 किलोग्राम खरीदी गई। जिसका पहला भुगतान बैंक खाते के माध्यम किया गया।
पशुपालक करवा सकते है पंजीयन
गोधन न्याय योजना के अंतर्गत कोई भी पशुपालक जोन कार्यालय से संपर्क कर पंजीयन करवा सकता है। निगम प्रशासन की ओर से चिन्हित स्थल पर ले जाकर गोबर बेच सकता है। जोन-1 अंतर्गत शहरी गौठान कोसा नगर, जोन-4 एसएलआरएम सेंटर में गोबर खरीदी की व्यवस्था की गई है। इसी तरह से जोन-2, जोन -3 और जोन-5 में भी गोबर खरीदा जाएगा। पंजीकृत हितग्राहियों के बैंक खाता के माध्यम से 15-15 दिन के अंतराल में भुगतान किया जाएगा।
गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी ने की समीक्षा
निगम उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने निगम के सभागर में गोधन न्याय योजना की समीक्षा की। सभी जोन आयुक्त को अपने क्षेत्र के चिन्हित स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने कहा। जल्द से जल्द से गोबर खरीदी शुरू करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्व सहायता समूह की महिलाओं को गोधन न्याय योजना की विस्तृत जानकारी भी दी तथा डॉक्यूमेंटेशन को लेकर अद्यतन करने कहा। बैठक में उपायुक्त तरूण पाल लहरे, लेखा अधिकारी जितेन्द्र ठाकुर, पीएमयू के शुभम पाटनी, सभी जोन आयुक्त और समन्वय समिति की महिलाएं मौजूद थी।
दुर्ग / शौर्यपथ / वैश्विक महामारी के मद्देनजर कोरोना को लेकर शासन एवं प्रशासन के द्वारा रोज नए नए तुगलकी फरमान जारी किए जा रहे है, लेकिन उसके बावजूद कोरोना का संक्रमण राज्य भर मे दिन दूनी और रात चौगुनी रफ्तार से फैलता दिखाई दे रहा है, अब तो शासन प्रशासन को मान लेना चाहिए कि लॉक डाउन कोरोना का इलाज़ नहीं है, बल्कि लॉक डाउन के चलते बंद व्यापार ने व्यापारियों की कमर जरूर तोड़ दी है, व्यापारी अब डिप्रेसन मे जा चुके है, शासन प्रशासन ने अगर लॉक डाउन स्थिति को 6 अगस्त के बाद भी जारी किया तो अलग अलग तरह से जनता का विरोध देखने को मिल सकता है ।
इसी गंभीर मुद्दे को लेकर आज दुर्ग के कैट व्यापारी संघ ने एक बैठक का आयोजन कर लॉकडाउन जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा की, इस चर्चा के बारे में संगठन के पदाधिकारियों ने मीडिया से चर्चा करते हुये शासन प्रशासन को चेतावनी दी हैं कि यदि प्रशासन 6 अगस्त के बाद भी लॉकडाउन जारी रखा और हम लोगों को दुकानें खोलने की अनुमति देता है तो हम सभी व्यापारी 7 अगस्त से प्रात: 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक अपनी दुकान खोलेंगे। यदि चालान काटा गया तो सभी व्यापारी मिलकर इसका विरोध करेंगे। दुकान नही खुलने से हमको और हमारे परिवार को भूखे मरने की नौबत आ गई है। बिजली बिल किराया, बच्चों के स्कूल का फीस जमा करने से लेकर कई दिक्कतें हमारे सामने है, हम अब दुकान खोलने मजबूर है। अब हम हर हाल में 7 अगस्त से दुकान खोलनें चाहे कुछ भी हो।
भिलाई / शौर्यपथ / विश्व बैंक कालोनी से ऐश्वर्या गैस एजेंसी के समीप गौरव पथ से जुड़ी भिलाई-चरोदा नगर निगम का मॉडल रोड भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। करीब एक करोड़ की लागत बनी मॉडल रोड एक महीने के अंदर ही दरकने लगी है। महज पांच सौ मीटर की लंबाई वाली इस सड़क पर जगह-जगह उभरी दरारे भ्रष्टाचार की पोल खुलता दिखाई दे रहा है। इस रोड में जगह जगह दरारों को देख रेत डालकर छिपाने की नाकाम कोशिश की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि भिलाई -3 में एक करोड़ की लागत से बनी मॉडल रोड भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी है। विश्व बैंक कालोनी से ऐश्वर्या गैस एजेंसी के समीप गौरव पथ से जुड़ी इस मॉडल रोड पर माह भर पहले ही डामरीकरण किया गया है। इस बीच कोई अधिक बारिश भी नहीं हो पायी है। बावजूद इसके सड़क का कुछ स्थान पर धंस जाना और दरारों के उभरने से कहीं न कहीं इसके निर्माण में हुई भ्रष्टाचार की पोल खुल रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास और पीएचई मंत्री गुरु रूद्र कुमार के निर्वाचन क्षेत्र वाले नगर निगम के महत्वपूर्ण विकास कार्य में भ्रष्टाचार की पोल खोलते इस मामले पर चर्चा सरगर्म हो गई है।
भिलाई-चरोदा नगर निगम के द्वारा लगभग दो साल पहले विश्व बैंक कालोनी से गौरव पथ को जोडऩे वाली सड़क को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए लगभग एक करोड़ रूपये व्यय प्रावधानित किया गया। इसके तहत बीच में डिवाइडर के साथ दोनों ओर 20-20 फीट चौड़ाई में डामरीकृत सड़क को माह भर पहले ही अंतिम रूप दिया गया। दोनों तरफ पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ और दोनों किनारों पर आरसीसी नाली के सहित सड़क को रौशन करने डिवाइडर में ट्यूबलर पोल लगाने का कार्य भी इसमें शामिल है।
जनप्रतिनिधियों की माने तो नगरीय प्रशासन विकास विभाग ने नगर निगम को अपनी सीमा के भीतर किसी एक सड़क को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने लागत के अनुरूप राशि प्रदान करने में कोई हीला-हवाला नहीं बरता। निगम द्वारा सड़क का चयन कर प्रेषित प्रस्ताव को स्वीकृति देकर शासन ने लगभग एक करोड़ की राशि प्रदान कर दिया। लेकिन डामरीकरण के माह भर के भीतर ही जिस तरह से सड़क पर दरारें उभरने लगी है। उसके शासन की दी गई राशि के बंदरबांट होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है। महज एक महिने में एक करोड़ की सड़क ने जिस तरीके से भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दिया है उससे नगर मकसद से रेत की परत बिछाने से यह साफ नजर आ रहा है।
प्रतिबंधित समय में डामरीकरण
मॉडल रोड पर डामरीकरण का कार्य प्रतिबंधित समय में किया गया है। लोक निर्माण विभाग की गाइड लाइन के अनुसार 15 जून से 15 सितम्बर के बीच सड़क डामरीकरण नहीं किया जा सकता है। इस अवधि में बारिश की बनी रहने वाली संभावना के चलते डामरीकरण की गुणवत्ता प्रभावित होती है। लेकिन संबंधित ठेकेदार ने मॉडल रोड पर 15 जून के बाद डामरीकरण कर नियम के खिलाफ काम किया। अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया और माह भर के भीतर ही सड़क की दशा व दिशा बिगडऩे लगी है।
ठेकेदारों की रिंग पद्धति है जिम्मेदार: विजय जैन
नगर निगम के सभापति विजय जैन ने निर्माण के एक महिने में मॉडल रोड के दरकने के लिए ठेकेदारों के अघोषित रिंग पद्धति को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से मामूली बारिश में सड़क खराब होने लगी है उससे अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत उजागर हुई है। जनप्रतिनिधियों की भावना के खिलाफ जाकर ठेकेदारों को रिंग बनाकर काम बांटने अधिकारियों की करतूत से जनभावना के अनुरूप विकास नहीं हो पाना दुखद है। इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोब आज सुबह बरसते पानी में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार चन्द्राकर के साथ डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम भैंसबोड़ और ग्राम भर्रीटोला-43 के गौठान व चारागाह का निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने वहाॅ गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेता हितग्राहियों की संख्या और अब तक खरीदे गए गोबर की मात्रा की जानकारी ली। कलेक्टर ने समूह की सदस्यों से आजीविका गतिविधियों के संचालन के संबंध में चर्चा की। उन्होंने स्वसहायता समूहों की सदस्यों से वर्मी कम्पोस्ट निर्माण हेतु प्रशिक्षण की जानकारी ली। समूह की सदस्यों ने बताया कि उन्हें वर्मी कम्पोस्ट निर्माण हेतु प्रशिक्षण मिला है। कलेक्टर ने बताया कि खरीदे गए गोबर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर इसका सहकारी समितियों के माध्यम से विक्रय किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से एक ओर पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा। दूसरी ओर जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
ग्राम भैंसबोड़ में स्वसहायता समूह की सदस्यों ने कलेक्टर को बताया कि वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के अतिरिक्त तार फेंसिंग बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अगरबत्ती और फिनायल बनाने का भी कार्य किया जाएगा। कलेक्टर ने तार फेंसिंग निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया। समूह की सदस्यों ने बताया कि चारागाह परिसर में कृषि और उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है और डबरी में मछली पालन भी किया जा रहा है।
कलेक्टर ने ग्राम भर्रीटोला-43 के गौठान में गोधन न्याय योजना के तहत खरीदे गए गोबर और वर्मी टंाका का अवलोकन किया। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट तथा गौठान में निर्मित अन्य उत्पादों का भी आकर्षक पैकेजिंग की सलाह दी।
कलेक्टर ने वहाॅ भी चारागाह का अवलोकन किया। उन्होंने वहाॅ चारागाह परिसर में स्वसहायता समूह द्वारा ली जा रही सब्जी की फसल का अवलोकन कर उसकी सराहना की और समूह के सदस्यों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राज, सहायक परियोजना अधिकारी नीतेश साहू, पूर्व जनपद सदस्य अनिल सुथार सहित पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज शासकीय मेडिकल कॉलेज पेण्ड्री में वायरल रिसर्च एवं डायग्नोस्टिक लेब्रोटरी का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने बॉयोसेफ्टी लेवल -2 रूम, टेम्प्लेट एण्ड एडिशन रूम, मास्टर मिक्स एण्ड पीसीआर रिएजेंट प्रिप्रेशन रूम, पीसीआर रूम, पोस्ट पीसीआर रूम, कोल्ड रूम, रिकार्ड रूम, स्टॉफ रूम एवं स्टरलाईजेशन रूम तथा लॉबी का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि इस लैब के बन जाने से अब कोविड-19 के परीक्षण के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट में गति आएगी। उन्होंने डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. रेणुका गहिने से लैब टेक्नीशियन एवं अन्य स्टॉफ के प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी ली। डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. गहिने ने बताया कि आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए इस लैब में एक वैज्ञानिक, एक माईक्रो बॉयोलॉजिस्ट, 6 लैब टेक्नीशियन रहेंगे। उन्होंने कहा कि लेब्रोटरी में शुरूआत में आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए प्रतिदिन 250 से 300 सेम्पल का परीक्षण किया जाएगा एवं आने वाले समय में इसकी क्षमता प्रतिदिन 1000 से 1200 तक बढ़ाई जाएगी।
इस अवसर पर अधीक्षक मेडिकल कॉलेज डॉ. प्रदीप बेक उपस्थित थे। शासकीय मेडिकल कॉलेज पेण्ड्री के माईक्रो बॉयोलॉजी विभाग के अंतर्गत कोविड-19 आरटीपीसीआर टेस्ट करने के लिए वायरल रिसर्च एवं डायग्नोस्टिक लेब्रोटरी का निर्माण किया गया है। इस लैब के नोडल ऑफिसर डॉ. विजय अंबादे एवं लेब्रोटरी इंचार्ज डॉ. सिद्धार्थ पिंपलकर है। लेब्रोटरी में सेम्पल प्राप्त करने वाली टीम सेम्पल लेगी और बीएसएल-2 रूम में सेम्पल का सत्यापन वेरिफिकेशन टीम के द्वारा किया जाएगा। उसके बाद सेम्पल एनालिसिस एवं आरएनए एक्सट्रेक्शन टीम आरएनए का एक्सटे्रक्शन का कार्य करेगी। निकाले हुए निष्कर्षित आरएनए का मास्टर मिक्स के साथ मिक्सिंग किया जाएगा एवं अंतिम चरण में आरटीपीसीआर मशीन के माध्यम से विश्लेषण टीम उसका परीक्षण करेगी और अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
पनामा पेपर्स मामले में मुख्यमंत्री पद पर रहे रमन सिंह को खुद जांच करवानी थी
अब भी रमन सिंह शिकायत करें नहीं तो कांग्रेस राज्य सरकार को जांच के लिये कहेगी
रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के कवर्धा के पते पर विदेशी खाते खोले जाने पर वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि अगर रमन सिंह ने अपने कवर्धा के पते पर विदेशों में खाता खोले जाने की शिकायत नहीं की है तो स्पष्ट है कि मामला बहुत गंभीर है। रमन सिंह जी को इस मामले की जांच कराये जाने की अपनी जिम्मेदारी निभानी थी। अगर रमन सिंह जी पाक साफ होते तो जांच नहीं तो कम से कम मामले की शिकायत तो रमन सिंह ने की ही होती। 15 साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के वर्तमान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे जो इतने गंभीर विवाद पर भाजपा की राज्य सरकार और भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा जांच तक नहीं करवाने से सब कुछ स्पष्ट है।
रमन सिंह जी अभी भी शिकायत नहीं करते हैं, तो कांग्रेस सरकार से शिकायत करेगी और इस अगस्ता दलाली के मामले पर कार्यवाही की मांग करेगी। अब तो भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी पूछ लिया है कि सरकार पनामा पेपर्स मामले में कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे है। अगर भाजपा चाहे तो इस मामले की जांच के लिये राज्य सरकार को कह सकती है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि हम यह भी जानना चाहते है कि क्या अगस्ता मामले की दलाली का पैसा ही इस विदेषी खातें में जमा किया गया था? पनामा पेपर्स से उजागर हुये अभिशेक सिंह के विदेषी निवेष के मामले की जांच होनी चाहिये। आई.सी.आई.जे. की वेबसाइट में ‘‘म.नं. 05, विंध्यवासिनी वार्ड, रायपुर-नांदगांव मार्ग कवर्धा, जिला कबीरधाम’’ दिया गया है। अभिषेक सिंह के पिता रमन सिंह का पता विधानसभा निर्वाचन के समय उनके शपथ पत्र में ‘‘म.नं. 05, रायपुर-नांदगांव मार्ग कवर्धा, जिला कबीरधाम’’ दिया गया है। अभिषेक सिंह के द्वारा अपना नामांकन फार्म में पता यही भरा गया है। यही पता आई.सी.आई.जे. द्वारा उजागर लिंक्स में भी है। इन सारे महत्वपूर्ण तथ्यों के बावजूद भी न रमन सरकार ने न भाजपा की केन्द्र सरकार ने रमन सिंह और अभिषेक सिंह के कालेधन के निवेश की जांच नहीं करवायी?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पूछा है कि 15 साल की सत्ता चली जाने के बाद रमन सिंह अब तो बता दें कि मुख्यमंत्री के कवर्धा के पते पर खाता खोलने वाला अभिषाक सिंह कौन है? 2 साल पहले पनामा की फर्म मोस्साक फोंसेका के कुछ पेपर लीक हुए थे, जिसमें अभिषाक सिंह के नाम से मुख्यमंत्री रमन सिंह के कवर्धा वाले घर के पते पर करोड़ों रुपयों के विदेशी निवेश की बात उजागर हुई थी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सांसद बेटे का नाम अभिषेक सिंह है। लगातार कांग्रेस द्वारा इस मामले में जांच की मांग की जाती रही है। कांग्रेस ने बार-बार मांग दोहराई है कि पनामा पेपर्स लीक मामले में अभिषाक सिंह के नाम और मुख्यमंत्री के गृह निवास के पते पर जो निवेश हुआ है, उसकी जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। परंतु इतने बड़े घोटाले में सूबे के 15 साल मुखिया रहे रमन सिंह की लगातार रहस्यमयी चुप्पी लगातार अनेक सवालों को जन्म देती रही। मुख्यमंत्री रमन सिंह के घर पर अभिषाक सिंह के नाम से निवेश की कंपनी खोली जाती है और इसकी जांच में ना तो स्वयं मुख्यमंत्री रमन सिंह, ना भाजपा की राज्य सरकार और ना भाजपा की केंद्र सरकार कोई रुचि नहीं दिखा रही है। अभी तक कोई जांच ही नहीं गई है। इससे कम तथ्यों के खुलासे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की गद्दी चली गई।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
