January 26, 2026
Hindi Hindi
शौर्यपथ

शौर्यपथ

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को जमानत: 168 दिनों बाद रिहाई की राह!

   रायपुर। शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शराब घोटाले के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को जमानत प्रदान कर दी। ईडी ने 18 जुलाई 2025 को चैतन्य को भिलाई स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था, जब वे लगभग 168 दिनों से जेल में थे।

   गिरफ्तारी व मामले का सारयह मामला छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें शराब नीति में अनियमितताओं, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं। ACB/EOW ने IPC, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और PMLA 2002 के तहत FIR दर्ज की, जिस पर ईडी ने कार्रवाई की। चैतन्य पर जन्मदिन के दिन गिरफ्तारी हुई, जो राजनीतिक विवाद का विषय बनी।

  कानूनी यात्रानिचली अदालतों और सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिकाएं खारिज हुईं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया। बिलासपुर हाईकोर्ट ने 1 जनवरी 2026 के आसपास यह फैसला सुनाया।

   जमानत शर्तें व प्रभावजमानत पर ED/EOW के समन पर उपस्थित होना और अन्य निर्देशों का पालन अनिवार्य है। यह राहत आरोपों से बरी होना नहीं दर्शाता; जांच व ट्रायल जारी रहेगा।

 

  रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कौशल विकास मंत्री श्री खुशवंत साहेब तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा उपस्थित थे।

उल्लखेनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव 23 से 25 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। साहित्य उत्सव में देशभर के प्रख्यात साहित्यकारों, लेखकों, कवियों, पत्रकारों, समीक्षकों एवं पाठकों की सहभागिता होगी। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति, सृजनात्मक लेखन, प्रकाशन जगत, युवा साहित्य तथा नई पीढ़ी के रचनाकारों से जुड़े विषयों पर विविध सत्र आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वेबसाइट लॉन्च करते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उत्सव लेखक और पाठक के बीच नए संवाद का सशक्त मंच बनेगा तथा युवा पीढ़ी में पढ़ने और लिखने की प्रेरणा जागृत करेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लोकसाहित्य, लोककथाओं और समृद्ध मौखिक परंपराओं की धरोहर रही है। ऐसे में रायपुर साहित्य उत्सव राज्य की इस सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने का सुअवसर बनेगा।

   मुंगेली / शौर्यपथ / शासन द्वारा प्रत्येक घरों में छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाकर ऊर्जा के लिए आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का संचालन किया जा रहा है। जिले में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है। यह योजना न केवल आम लोगों को बिजली बिल के बोझ से राहत दिला रही है, बल्कि स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रही है।
इसी कड़ी में दाउपारा मुंगेली निवासी श्री बसंत कुमार ने योजना के तहत अपने घर की छत पर 03 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित कराया है। अब वह हर महीने बिजली बिल के बोझ से मुक्त होकर, अपनी ही सौर ऊर्जा से अपने घर की बिजली जरूरतें पूरी कर रहे हैं। श्री बसंत कुमार ने बताया कि पहले उनके घर में बिजली की आपूर्ति अनियमित रहती थी और बिजली बिल भी अधिक आता था, लेकिन जब उन्हें पीएम सूर्य घर योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत आवेदन किया। योजना के तहत उन्हें सब्सिडी पर सोलर पैनल मिले और कुछ ही दिनों में उनके घर की छत पर सिस्टम इंस्टॉल कर दिया गया। अब उनके घर में नियमित रूप से बिजली रहती है।
पीएम सूर्य घर योजना के तहत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर केन्द्र और राज्य शासन द्वारा 30 हजार रूपए से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। 01 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 45 हजार रूपए, 02 किलोवाट में 90 हजार रूपए और 03 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 01 लाख 08 हजार रूपए की सब्सिडी प्रदान की जाती है।

मतदाता सूची अद्यतन को गति देने शैक्षणिक संस्थानों के प्राचार्यों को दिया गया विस्तृत प्रशिक्षण

मुंगेली, / शौर्यपथ / 
जिला पंचायत सभा कक्ष, धरमपुरा (मुंगेली) में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के अंतर्गत फॉर्म-6 से संबंधित प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण जिले के कॉलेज एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों हेतु आयोजित किया गया, ताकि नए मतदाताओं के पंजीयन कार्य को अधिक सुव्यवस्थित, त्रुटिरहित और प्रभावी बनाया जा सके।


अधिकारियों ने बताई एसआईआर की महत्ता

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पांडे, मुंगेली एसडीएम श्री अजय शतरंज, लोरमी एसडीएम श्री अजीत पुजारी, तथा पथरिया एसडीएम श्रीमती रेखा चंद्रा उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने एसआईआर की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मतदाता सूची का सतत अद्यतन लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती का आधार है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देशित किया कि जिन विद्यार्थियों की आयु 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, उन्हें फॉर्म-6 भरवाया जाए। इसके लिए कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त संख्या में फॉर्म-6 और घोषणा पत्र का वितरण किया गया।


मास्टर ट्रेनर ने समझाई पूरी प्रक्रिया

मास्टर ट्रेनर श्री संजय सोनी ने प्रशिक्षणार्थियों को—

  • फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाता पंजीयन

  • आवश्यक दस्तावेज

  • ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

  • प्रविष्टियों में त्रुटि सुधार
    जैसे बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने पंजीयन प्रक्रिया को सरल और सुगम ढंग से समझाया तथा उपस्थित प्राचार्यों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।


लोकतांत्रिक सहभागिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

प्रशिक्षण के दौरान प्राचार्यगण ने सक्रियता से हिस्सा लिया। अधिकारियों ने अपेक्षा जताई कि प्रशिक्षण के बाद शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ा जा सकेगा, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी और भी सुदृढ़ होगी।

कार्यक्रम में ईआरओ, एईआरओ सहित जिले के सभी प्राचार्य उपस्थित रहे।

राजनांदगांव / शौर्यपथ /
कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी में 16 से 31 दिसंबर 2025 तक आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दो सप्ताह तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से कृषकों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर विशेष फोकस रहा।


स्वच्छता पर केंद्रित विविध गतिविधियाँ

पखवाड़ा के दौरान स्वच्छता शपथ, स्वच्छता जागरूकता दिवस, कचरा प्रबंधन, परिसर एवं तालाब की सफाई, पौधरोपण एवं प्रतिदिन स्वच्छता श्रमदान जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कृषक एवं छात्र-छात्राओं के लिए स्वच्छता प्रश्नोत्तरी भी रखी गई, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।


किसान दिवस पर तकनीकी व्याख्यान और व्यवहारिक जानकारी

स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत 23 दिसंबर को किसान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर केन्द्र के वैज्ञानिकों ने—

  • तिलहन फसल उत्पादन

  • मशरूम उत्पादन तकनीक

  • चना एवं गेहूं की उन्नत खेती

  • प्राकृतिक खेती

पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किए।

कृषकों के लिए प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया गया, जिसमें विजेता कृषकों को आम, आंवला, अमरूद सहित विभिन्न फलदार पौधों का वितरण किया गया।


केंद्रीय कृषि मंत्री के संदेश से जुड़े किसान

कार्यक्रम के दौरान सीधा प्रसारण के माध्यम से कृषकों को केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के उद्बोधन से जोड़ा गया।
साथ ही विकसित भारत जी-राम-जी योजना और विकसित कृषि संकल्प अभियान की विस्तृत जानकारी दी गई।

किसानों को मनरेगा के तहत 100 की बजाय 125 दिवस कार्य उपलब्ध कराने की नवीन प्रावधानों से भी अवगत कराया गया।


वैज्ञानिकों और कृषकों की सक्रिय सहभागिता

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा, वैज्ञानिक डॉ. नूतन रामटेके, श्रीमती अंजली घृतलहरे, श्री आशीष गौरव शुक्ला, श्री जितेन्द्र मेश्राम एवं स्वच्छता पखवाड़ा प्रभारी डॉ. योगेन्द्र श्रीवास सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।

  राजनांदगांव / शौर्यपथ / भारतीय सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा आयोजित ऑनलाईन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) में उत्तीर्ण उम्मीदवारों की अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क व स्टोर कीपर, अग्निवीर ट्रेडसमेन (आठवीं व दसवीं) के पदों पर भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं अन्य भर्ती प्रक्रिया 10 जनवरी से 24 जनवरी 2026 तक इंडोर स्टेडियम धमतरी में की जाएगी। राजनांदगांव जिले के पात्र आवेदकों के लिए 18 जनवरी 2026 को अग्निवीर जनरल ड्यूटी एवं 20 जनवरी 2026 को अग्निवीर ट्रेडसमेन (दसवीं) की शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जाएगी। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण आवेदकों को प्रवेश पत्र उनके ई-मेल पर भेज दिया गया है। इसके साथ ही प्रवेश पत्र वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in से प्राप्त कर सकते है। परीक्षा शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड एवं सभी कागज रैली अधिसूचना के अनुसार और साथ में आधार कार्ड से लिंक मोबाईल भी लेकर आना अनिवार्य है। परीक्षा के संबंध में अन्य जानकारी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र राजनांदगांव के दूरभाष क्रमांक 07744-299523 पर संपर्क कर प्राप्त कर सकते है।

जिले के तीन विकासखंडों के अनेक ग्रामों में सड़क, शेड, सामुदायिक भवन, रंगमंच और पुलिया निर्माण को मंजूरी

राजनांदगांव / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के अंतर्गत राजनांदगांव जिले के विभिन्न ग्रामों में आधारभूत संरचना और ग्रामीण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु कुल 89 लाख 47 हजार रुपए के विकास कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सुरूचि सिंह ने यह स्वीकृति प्रदान की।

स्वीकृत राशि के माध्यम से डोंगरगढ़, छुरिया और राजनांदगांव विकासखंडों के अनेक ग्रामों में सड़क, सामुदायिक भवन, शेड, रंगमंच, पुलिया तथा व्यवसायिक परिसर जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। निर्माण एजेंसियों को सभी कार्य समय-सीमा में और गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।


डोंगरगढ़ विकासखंड : 20 लाख 12 हजार रुपए के कार्य स्वीकृत

इस विकासखंड के ग्रामों में विविध सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण के लिए 20.12 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं—

  • ग्राम घोठिया – सीसी रोड निर्माण: 2.60 लाख

  • ग्राम अछोली – शेड निर्माण: 3 लाख

  • ग्राम डोड़की – रंगमंच निर्माण: 3 लाख

  • ग्राम पेंडरी – व्यवसायिक परिसर निर्माण: 8.92 लाख

  • ग्राम कसारी – सीसी रोड निर्माण: 2.60 लाख


छुरिया विकासखंड : 54 लाख 35 हजार रुपए की बड़ी मंजूरी

छुरिया क्षेत्र में सामुदायिक ढांचे को मजबूत करने हेतु अनेक कार्य स्वीकृत किए गए हैं—

  • चिरचारीकला, पुर्रामटोला, गहिराभेंडी – शेड निर्माण: प्रत्येक 3.75 लाख

  • पुर्रामटोला – पुलिया निर्माण: 7 लाख

  • आमगांव (कु.) तथा शिकारीमहका – शेड निर्माण: प्रत्येक 3 लाख

  • बम्हनी चारभांठा – सामुदायिक भवन: 6.50 लाख

  • खोभा – शेड निर्माण: 3 लाख

  • शिकारीटोला – सामुदायिक भवन: 6.50 लाख

  • आतरगांव – यात्री प्रतीक्षालय: 5 लाख

  • पाण्डेटोला – सीसी रोड निर्माण: 2.60 लाख

  • मरकाकसा – सामुदायिक भवन: 6.50 लाख


राजनांदगांव विकासखंड : 15 लाख रुपए के कार्य स्वीकृत

जिले के मुख्य विकासखंड में सड़क और शेड निर्माण के लिए कुल 15 लाख रुपए स्वीकृत—

  • ग्राम सुन्दरा – सीसी रोड निर्माण: 7.80 लाख

  • ग्राम बासुला – सीसी रोड निर्माण: 5.20 लाख

  • ग्राम बासुला – शेड निर्माण: 2 लाख


इन स्वीकृतियों के साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार होने की उम्मीद है, जिससे ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा स्थानीय विकास को गति मिलेगी।

  भिलाई / शौर्यपथ / हजरत दाता बाबा भोला शफी शाह रहमतुल्लाह अलैह की 26 वीं सालाना चादरपोशी पर अंचल के अकीदतमंदों की ओर से भेजी जाने वाली चादर शरीफ की जियारत नए साल पर गुरुवार को भिलाई खानकाह में कराई गई। इस दौरान बड़ी तादाद में अकीदतमंद जुटे और सभी ने मिलकर मुल्क में अमन व तरक्की की दुआएं मांगी।
नंदिनी एयरोड्रम के पास स्थित ग्राम बीरेभाठ की खानकाह में चादर शरीफ की जियारत के साथ शिजरा ख्वानी, फातिहा ख्वानी और सलात-व-सलाम का नजराना पेश किया गया। इसके बाद बाद आम लंगर बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। इनमें दुर्ग-भिलाई के अलावा ग्रामीण अंचल से भी लोगों ने भागीदारी दी।
हाजी एमएच सिद्दीकी ने बताया कि हजरत दाता बाबा भोला शफी शाह रहमतुल्लाह अलैह की 26 वीं सालाना चादरपोशी 8 जनवरी को मझौली शरीफ (उप्र) में होने जा रही है। यहां मुल्क की तमाम खानकाहो से चादर शरीफ़ भेजी जा रही है। इसी कड़ी मे भिलाई खानकाह से भी बाबा हुजूर व दादी अम्मा की चादर शरीफ़ लेकर जायरीनों का एक जत्था मझौली शरीफ़ जाएगा। अकीदतमंदों को इस चादर शरीफ़ की जियारत भिलाई ख़ानकाह में करवाई गई।

   भिलाई / शौर्यपथ / समकालीन हिंदी कविता के राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति लब्ध कवि नासिर अहमद सिकंदर के आकस्मिक निधन से हिंदी के रचनाकारों में गहरा शोक व्याप्त है। नासिर अहमद सिकंदर ने अपने प्रकाशित कविता संग्रहों -‘जो कुछ भी घट रहा है दुनिया में’, ‘इस वक्त मेरा कहा’, ‘भूलवश और जानबूझकर’ तथा ’अच्छा आदमी होता है अच्छा’ के माध्यम से पाठकों तथा आलोचकों को प्रभावित किया।
प्रसिद्ध कवियों, लेखकों व आलोचकों से लिए गए साक्षात्कार का एक संग्रह ’कुछ साक्षात्कार’, आलोचनात्मक संग्रहों में ‘बचपन का बाइस्कोप’ तथा ‘प्रगतिशीलता की पैरवी‘ प्रकाशित कर चर्चित रहे। नासिर अहमद सिकंदर को उनकी रचनात्मकता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम ‘केदारनाथ अग्रवाल सम्मान’ तथा ‘सूत्र सम्मान’ से सम्मानित किया गया। कवि नासिर अहमद सिकंदर के आकस्मिक निधन से स्तब्ध दुर्ग भिलाई की साहित्यिक बिरादरी एवं जन संस्कृति मंच, जनवादी लेखक संघ तथा प्रगतिशील लेखक संघ ने सम्मिलित रूप से शोक सभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कल्याण महाविद्यालय के हिंदी विभाग के सहयोग से आहुत इस आयोजन में दुर्ग भिलाई के रचनाकारों ने नासिर अहमद सिकंदर से जुड़े अपने संस्मरणों के माध्यम से उन्हें याद किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में दिवंगत कवि नासिर अहमद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कवि शरद कोकस ने नासिर अहमद की रचना प्रक्रिया पर विस्तार से अपनी बात रखते हुए कहा कि नासिर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही नहीं पूरे हिंदी साहित्य जगत में अपनी सरल सहज तथा रचनात्मक चेतना से युक्त कविता के लिए जाने जाते हैं।
कल्याण महाविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर शर्मा ने उनकी कविता ‘सौंफ-लौंग-इलायची’ का जिक्र करते हुए कहा कि वे अपने आसपास बिखरे पड़े दृश्य को कविता का कथ्य बना लेते थे। ऋषि गजपाल ने निजी रिश्तों और मित्रों की पुरानी यादें साझा की। घनश्याम त्रिपाठी ने कहा कि नासिर, सहमति असहमति को निजी रिश्तों से दूर रखते थे। कवि परमेश्वर वैष्णव ने उनकी प्रारंभिक रचनात्मक सक्रियता को रेखांकित किया।
नासिर अहमद सिकंदर की लंबी बीमारी के दौरान सदैव उनके साथ रहे कमलेश्वर साहू ने कहा कि नासिर अहमद सिकंदर मित्रों पर परिवार के सदस्यों की तरह भरोसा करते थे। कैलाश बनवासी ने नासिर अहमद की उर्दू और हिंदी रचना शिल्प की समझ पर चर्चा की। सरिता सिंह ने नासिर अहमद सिकंदर के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे आत्मीय रिश्तों के निर्वहन में अव्वल थे।
बृजेंद्र तिवारी ने कहा कि नासिर देश दुनिया की मौजूदा हालात से दुखी थे। नासिर अहमद सिकंदर की बेटी शगुफ्ता ने शोक सभा में शामिल रचनाकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेरे पापा बहुत शांत स्वभाव के थे। वे आमजन की दुःख पीड़ा से आहत होते थे लेकिन अपनी तकलीफों को कभी प्रकट होने नहीं देते थे।
साहित्यिक पत्रिका सूत्र के संपादक विजय सिंह ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कवि नासिर अहमद सिकंदर ’सूत्र’ पत्रिका के संपादक मंडल के अहम सदस्य थे। वे पत्रिका के वैचारिक बुनियाद और मीनार थे। वरिष्ठ कवि रवि श्रीवास्तव ने नासिर अहमद सिकंदर की रचनात्मक सक्रियता के साथ रचनाकारों को संगठित रखने के संगठन कौशल तथा दिवंगत साहित्यकारों के प्रति सम्मान की तारीफ की।
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राजनीतिक चिंतक कनक तिवारी ने नासिर अहमद सिकंदर से अपने निजी रिश्तों के साथ उनकी काव्यात्मक समझ का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने समकालीन हिंदी कविता के शिल्प, बिम्ब की सूक्ष्मता को नासिर अहमद सिकंदर के माध्यम से जाना। वे समकालीन हिन्दी कविता के जागरूक आलोचक व गुणी शिक्षक थे।
आलोचक सियाराम शर्मा ने कहा कि मौजूदा हालात ने नासिर अहमद सिकंदर जैसे संवेदनशील कवि को भीतर से तोड़ दिया था। वे अपने चिंतन में थोड़ा-थोड़ा रोज मर रहे थे। उनका निधन, निधन न होकर मानव विरोधी विषम सामाजिक परिस्थितियों द्वारा की गई क्रमिक हत्या है। शोक सभा में नासिर अहमद सिकंदर के साथ-साथ रायपुर के महान शायर और ’श्लोक’ पत्रिका के संपादक रज़ा हैदरी साहब को भी भाव भीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। इस श्रद्धांजलि सभा में शायर मुमताज, कथाकार लोकबाबू, कवि विजय वर्तमान, शिवनाथ शुक्ला, यश ओबेरॉय और जयशंकर के साथ दुर्ग-भिलाई के रचनाकार बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रजनीश उमरे ने किया।

सरगांव / शौर्यपथ /
मुंगेली जिला के प्राचीन धार्मिक धरती श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप, मदकू मं 26 दिसंबर 2025 ले शुरू भइय्या पारंपरिक छेरछेरा पुन्नी मेला इस बछर घलो श्रद्धा, विश्वास, आस्था अउ उल्लास के माहौल मं जमके परमानंद बटोरत हवय।
चार जनवरी 2026 के मातर पर्व के संग इही ऐतिहासिक मेला अपन परंपरागत गरिमा मं सम्पन्न होही। सदियों ले चलत आथे ये मेला, जेकर आगंतुक आज घलो छत्तीसगढ़ के धार्मिक, सांस्कृतिक अउ सामाजिक विरासत के जीवंत झलक देखथें।

शिव पुराण कथा ले गूंजत हवय भक्तिभाव के स्वर

मेले के प्रमुख आकर्षण मं हर बछर जइसे इस बछर घलो शिव पुराण कथा के आयोजन होवत हवय। कथा व्यास पंडित रवि शर्मा भकतन मन ला भगवान शिव के महिमा, लीला अउ उपासना के रस-भरी कथा सुनावत हें।

शिवनाथ नदी के पवन संग घुलत—
“हर-हर महादेव” “बोल बम” के जयघोष पूरा मदकू द्वीप ला पावन, भव्य अउ आध्यात्मिक माहौल ले भर देथे। तीन धाराओं से घिरे मदकू द्वीप मं संस्कृति, अध्यात्म अउ प्रकृति के अद्भुत संगम ,शिवनाथ नदी के तीन धाराओं के बीच बसे मदकू द्वीप मं पुरातात्विक विरासत, प्राकृतिक हरियाली, जैव विविधता अउ शांति के अनूठा संगम दिखथे।
हजारों बरस के प्राचीन मंदिर अवशेष, शिवलिंग, पत्थर कला के चिह्न अउ शांत वातावरण इहाँ आए हर आगंतुक के मन ला छू लेथे।
दूर-दराज ले आइन भकतन मन दर्शन, पूजन, नदी स्नान अउ ध्यान-धारणा कर आत्मिक शांति के अनुभूति ले भरपूर लाभ लेत हें।
मेला मं परंपरा संग मनोरंजन के बहार
मेले के मैदान मं परंपरागत दुकानदार मन अपन-अपन दुकान सजाय हें—
खान-पान के स्टॉल
चूड़ी, आभूषण, खिलौना
घरेलू उपयोग के सामग्री
झूला, मनोरंजन के साधन
परिवार, महिलायें, बच्चे औ बुजुर्ग—सबो मन भरपूर आनंद लेत हें। ये मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नइ, बल्की ग्रामीण जनजीवन मं अपनापा, मेल-मिलाप, समरसता अउ स्थानीय व्यापार ला बढ़ावा देये वाला एक बड़ा अवसर बन गे हवय।

पिछला बछर के घटना ले सबक: इस बछर सुरक्षा पुख्ता

पिछला बछर मेले के दौरान हुइय्या चाकूबाजी घटना मं एक युवक के मृत्यु ले पूरे क्षेत्र मं चिंता के माहौल बन गे रहिस।ये घटना ले सबक लइत इस बछर पुलिस प्रशासन अउ स्थानीय प्रशासन सुरक्षा मं कोनो कसर नइ छोड़त हें।

पर्याप्त पुलिस बल
लगातार गश्त ,सीसीटीवी निगरानी ,संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर ,असामाजिक तत्वों पर सख्ती ,श्रद्धालु मन ला शांतिपूर्ण, सुरक्षित अउ निश्चिंत वातावरण मिले, येही प्रशासन के मुख्य उद्देश्य आय।

समग्र रूप मं – परंपरा, संस्कृति अउ आस्था के अनमोल उत्सव

छत्तीसगढ़ी संस्कृति के जीवंत पहचान छेरछेरा पुन्नी मेला इस बछर घलो केदार द्वीप मदकू मं आस्था के उजास, परंपरा के गमक अउ लोक जीवन के उल्लास ले गोहरावत हवय।ये मेला ना केवल धार्मिक आस्था के पर्व आय, बल्कि छत्तीसगढ़ी जनजीवन मं सामाजिक एकता, सांस्कृतिक समृद्धि अउ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के जरूरी कड़ी बनके उभरत हवय।

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)