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शौर्यपथ विशेष
साल 2025 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अभूतपूर्व सम्मान का वर्ष रहा है। इस वर्ष उन्होंने विभिन्न महाद्वीपों की यात्रा की, जहाँ उन्हें कई देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज़ा।
साल 2025 में प्रधानमंत्री मोदी को निम्नलिखित देशों द्वारा सर्वोच्च सम्मान दिए गए:
// मॉरीशस (12 मार्च 2025): 'ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन" (Grand Commander of the Order of the Star and Key of the Indian Ocean)। यह सम्मान पाने वाले वह पहले भारतीय नेता बने।
// श्रीलंका (अप्रैल 2025): राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायक द्वारा 'श्रीलंका मित्र विभूषणÓ (Sri Lanka Mitra Vibhushana) सम्मान।
// साइप्रस (16 जून 2025): 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस IIIÓ (Grand Cross of the Order of Makarios III) । यह साइप्रस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
// घाना (2 जुलाई 2025): 'ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घानाÓ (Officer of the Order of the Star of Ghana)।
// त्रिनिदाद और टोबैगो (4 जुलाई 2025): 'ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगोÓ (Order of the Republic of Trinidad and Tobago)।
// ब्राजील (8 जुलाई 2025): 'ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द साउदर्न क्रॉसÓ (Grand Collar of the National Order of the Southern Cross) ।
// नामीबिया (9 जुलाई 2025): 'ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेलविट्सचिया मिराबिलिसÓ (Order of the Most Ancient Welwitschia Mirabilis) । वह इस सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय नेता हैं।
// इथियोपिया (16 दिसंबर 2025): 'ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपियाÓ (Great Honour Nishan of Ethiopia)।
// ओमान (18 दिसंबर 2025): 'ऑर्डर ऑफ ओमानÓ (Order of Oman)। यह ओमान का विशिष्ट नागरिक सम्मान है।
// बारबाडोस (2025): 'मानद ऑर्डर ऑफ फ्रीडमÓ (Honorary Order of Freedom)।
इन पुरस्कारों के साथ ही 2025 के अंत तक प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाले कुल अंतरराष्ट्रीय नागरिक सम्मानों की संख्या 29 तक पहुँच गई है, जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण है।
शौर्यपथ विशेष
वर्ष 2025 में भारतीय राजनीति में उस वक्त एक बड़ा संवैधानिक शून्य और आश्चर्य पैदा हुआ, जब 21 जुलाई 2025 को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफे का कारण: उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपे अपने पत्र में "स्वास्थ्य संबंधी कारणों" और "चिकित्सीय सलाह का पालन करने" को मुख्य वजह बताया। हालांकि, उनके इस कदम ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं और अटकलों को भी जन्म दिया।
अपूर्ण कार्यकाल: अगस्त 2022 में निर्वाचित हुए श्री धनखड़ का कार्यकाल 2027 तक था, लेकिन उनके इस निर्णय के कारण कार्यकाल के बीच में ही मध्यावधि चुनाव की स्थिति बनी।
नए उपराष्ट्रपति का चुनाव (सितंबर 2025)
उपराष्ट्रपति पद के खाली होने के बाद निर्वाचन आयोग ने चुनाव की घोषणा की, जो 9 सितंबर 2025 को संपन्न हुए।
सी.पी. राधाकृष्णन की जीत: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (हृष्ठ्र) के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को भारत का नया (15वां) उपराष्ट्रपति चुना गया।
चुनावी परिणाम: उन्होंने विपक्षी 'इंडियाÓ (ढ्ढहृष्ठढ्ढ्र) गठबंधन के उम्मीदवार और पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को हराया। राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी उम्मीदवार को 300 वोट प्राप्त हुए।
शपथ ग्रहण: सी.पी. राधाकृष्णन ने 12 सितंबर 2025 को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में शपथ ली।
फ्लैशबैक 2025: न्याय, राजनीति और मैदान-ए-जंग में भारत का बुलंद परचम
शौर्यपथ विशेष
वर्ष 2025 भारत के इतिहास में एक ऐसे कालखंड के रूप में दर्ज किया जाएगा, जहाँ देश ने एक तरफ अंतरिक्ष और खेल के मैदान में नई ऊंचाइयों को छुआ, तो दूसरी ओर जटिल भू-राजनीतिक और न्यायिक चुनौतियों का दृढ़ता से सामना किया। यह वर्ष 'विकसित भारतÓ के संकल्प की ओर बढ़ते कदमों का गवाह बना।
1. खेल और राष्ट्रीय गौरव: स्वर्णिम क्षण
भारतीय खेल इतिहास में 2025 का साल महिलाओं के नाम रहा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर अपना पहला icc वनडे विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं, पुरुष टीम ने भी ढ्ढष्टष्ट चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर क्रिकेट जगत में भारत का दबदबा कायम रखा।
2. न्यायपालिका और संवैधानिक घटनाक्रम
न्याय के क्षेत्र में यह वर्ष बड़े बदलावों का रहा। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (cji) के रूप में कार्यभार संभाला। इसी दौरान न्यायपालिका की शुचिता तब और बढ़ गई जब सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी, जिससे यह संदेश गया कि जघन्य अपराधों में कानून की पकड़ ढीली नहीं होगी।
3. चुनाव सुधार और राजनीतिक हलचल
निर्वाचन आयोग (eci) ने चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का आरंभ किया, ताकि मतदाता सूची से विसंगतियों को दूर किया जा सके।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: साल के अंत में हुए बिहार चुनाव इस वर्ष की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना रही। नवंबर 2025 में घोषित परिणामों में भाजपा नीत NDA ने 202 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया। नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10 वीं बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जबकि भाजपा पहली बार राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
RSS का शताब्दी वषर्: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने 100 वर्ष पूरे किए, जो सामाजिक और सांस्कृतिक विमर्श का केंद्र बना रहा।
दिल्ली चुनाव: दिल्ली विधानसभा चुनावों के परिणामों ने देश की राजनीतिक दिशा में एक नया मोड़ दिया।
4. रक्षा, सुरक्षा और अंतरिक्ष में बढ़ता कद
ऑपरेशन सिंदूर: भारत ने सीमा पार आतंकी शिविरों पर 'सटीक हमलोंÓ(Precision Strikes) के जरिए अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रतिबद्धता दोहराई।
गगनयान और ISS: भारत के शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचकर अंतरिक्ष विज्ञान में भारत का परचम लहराया।
5. वैश्विक कूटनीति और चुनौतियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं ने भारत के सामरिक हितों को मजबूत किया, लेकिन वैश्विक पटल पर चुनौतियां भी कम नहीं रहीं:
अमेरिका के टैरिफ: अमेरिका द्वारा आयात शुल्क (ञ्जड्डह्म्द्बद्घद्घह्य) बढ़ाए जाने के फैसले ने वैश्विक व्यापार और भारतीय निर्यातकों के सामने नई चुनौतियां पेश कीं।
बांग्लादेश संकट: पड़ोसी देश बांग्लादेश में बढ़ते जनांदोलनों और अस्थिरता ने भारत की विदेश नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंताएं बढ़ाईं।
6. बुनियादी ढांचा और आर्थिक सुधार
भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा में 253 त्रङ्ख की क्षमता हासिल की और सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में बड़ी प्रगति की। प्रयागराज के महाकुंभ ने जहाँ भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया, वहीं बुनियादी ढांचे के विस्तार ने अर्थव्यवस्था को गति दी।
7. चुनौतियां और प्राकृतिक आपदाएं
सफलता के बीच 2025 ने कुछ गहरे जख्म भी दिए। एयर इंडिया विमान दुर्घटना और चक्रवात 'मोंथाÓ जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने देश को झकझोर दिया, लेकिन आपदा प्रबंधन के त्वरित कार्यों ने राहत प्रदान की।
संक्षेप में, साल 2025 भारत के लिए केवल एक कैलेंडर वर्ष नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम रहा। चाहे वह महिला आरक्षण की तैयारी हो, डिजिटल हेल्थ मिशन की सफलता हो, या अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की मुखर आवाज़; 2025 ने सिद्ध किया कि भारत हर परिस्थिति में अपनी प्रगति का मार्ग प्रशस्त करने में सक्षम है।
कर्नाटक निकाय चुनाव: बैलेट पर कांग्रेस की करारी हार, भाजपा का क्लीन स्वीप!
कर्नाटक। शौर्यपथ । कर्नाटक में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में सत्ताधारी कांग्रेस को बड़ा झटका लगा, जहां भाजपा ने चार टाउन पंचायतों—बजपे, किन्निगोली, मानकी और बसेट्टीहल्ली—में सभी वार्ड जीत लिए। बैलेट पेपर से हुए इन चुनावों को भाजपा ने कांग्रेस सरकार के कुप्रबंधन के खिलाफ जनादेश बताया।
प्रमुख परिणाम
बजपे (दक्षिण कन्नड़): भाजपा ने 11 सीटें जीतीं, कांग्रेस को 4 मिलीं।
दो अन्य टाउन पंचायतें: भाजपा ने पूर्ण कंट्रोल हासिल किया, जहां कांग्रेस पहले दो पर काबिज थी।
उपचुनाव: दोद्दाबल्लापुर और तुर्विहाला में भाजपा की जीत।
भाजपा का दावा
राज्य अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र येदियुरप्पा ने इसे कांग्रेस की नाकामियों का सबूत ठहराया, जबकि बीएल संतोष ने पूरे देश में भाजपा की लगातार जीतों का जिक्र किया। भटकल जैसे क्षेत्रों में भी कांग्रेस को शिकस्त मिली, जहां उनका मंत्री विधायक है।
राजनीतिक प्रभाव
ये नतीजे सिद्धरामैया सरकार के लिए चेतावनी हैं, खासकर आंतरिक कलह के बीच। BBMP जैसे बड़े चुनाव लंबित हैं, जो आगे की चुनौतियां बढ़ा सकते हैं।
रायपुर / शौर्यपथ /जयंती स्टेडियम में आयोजित पांच दिवसीय हनुमंत कथा के चौथे दिवस रविवार को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री शर्मा व्यासपीठ की आरती में भाग लेकर पं. धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पाण्डेय तथा पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती की ओर से एवं राज्य सरकार की तरफ से वे पं. धीरेंद्र शास्त्री महाराज के चरणों में नमन और अभिनंदन करते हैं। उन्होंने कहा कि महाराज के छत्तीसगढ़ आगमन से समाज में सकारात्मक चर्चा होती है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे जब भी महाराज के कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं, उन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच के भेदभाव को दूर करने के लिए उनके सतत प्रयास देखे हैं।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पं. धीरेंद्र शास्त्री समाज में समरसता, एकता और देश को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। सनातन संस्कृति की प्रतिष्ठा और जन-जागरूकता के लिए उनके प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भावना है कि महाराज का छत्तीसगढ़ में बार-बार आगमन हो और उनका मार्गदर्शन मिलता रहे।
उप मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी बात करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के समापन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है और इस दिशा में महाराज की चिंता रहती है और मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने भविष्य में पुनः महाराज के छत्तीसगढ़ आगमन की कामना की।
बिलासपुर / शौर्यपथ /
देशभर में तेजी से बढ़ती रेल यात्राओं और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए भारतीय रेल ने प्रमुख शहरों में कोचिंग टर्मिनलों का बड़े पैमाने पर विस्तार शुरू किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अगले पाँच वर्षों में देश की ट्रेन प्रारंभ क्षमता (originating capacity) को दोगुना करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। उनका कहना है कि कोचिंग टर्मिनलों के विस्तार से नेटवर्क पर भीड़भाड़ कम होगी और देशभर की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार दिखाई देगा।
इस दिशा में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तहत रायपुर को प्रमुख केंद्र के रूप में चुना गया है। रायपुर–बिलासपुर–नागपुर रेलखंड पर स्थित यह क्षेत्र महत्वपूर्ण यात्री और परिचालन केंद्र रहा है, जहाँ कोचिंग क्षमता को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्नत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
रायपुर में मौजूदा स्थिति व आवश्यकता
रायपुर में प्रतिदिन 122 कोचिंग ट्रेनें संचालित होती हैं, जिनमें 76 मेल/एक्सप्रेस और 46 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। स्टेशन पर 7 प्लेटफार्म हैं, जबकि 14 ट्रेनों की शुरुआत दुर्ग स्टेशन के माध्यम से होती है। बढ़ती भीड़ और नई ट्रेनों के संचालन को देखते हुए केंद्री (नया रायपुर) में एक वैकल्पिक कोचिंग टर्मिनल विकसित किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
केंद्री (नया रायपुर) — प्रस्तावित कोचिंग टर्मिनल
नया टर्मिनल भविष्य के उच्च यातायात दबाव को संभालने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। प्रस्तावित संरचना में शामिल हैं—
09 प्लेटफॉर्म (1 होम + 4 आइलैंड)
05 पिट लाइनें और 05 स्टेबलिंग लाइनें
04 इंटरमीडिएट ओवरहॉलिंग लाइनें, 04 मैकेनिकल लाइनें
03 शंटिंग नेक
इससे रायपुर की कोचिंग क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत अधिक सुगम होगी।
क्षमता वृद्धि के प्रमुख कार्य
रायपुर–बिलासपुर–नागपुर सेक्शन पर चौथी रेल लाइन का कार्य प्रगति पर है।ऑटोमैटिक सिग्नलिंग का काम जारी है, जिससे सुरक्षा, समयबद्धता और परिचालन क्षमता मजबूत होगी।खरसिया–परमालकसा के बीच डबल लाइन निर्माण से सेक्शन की क्षमता और कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
दुर्ग में वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो
उच्च गति ट्रेन सेवाओं को मजबूत करने के लिए दुर्ग में ₹50 करोड़ की लागत से वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो स्थापित किया जा रहा है। इससे वंदे भारत ट्रेनों का रखरखाव और संचालन दक्षता दोनों बढ़ेंगे।
रायपुर स्टेशन का पुनर्विकास
₹456 करोड़ की लागत से रायपुर स्टेशन का पुनर्विकास जारी है। इसमें आधुनिक टर्मिनल संरचना, बेहतर प्रवाह प्रबंधन, सर्कुलेशन क्षेत्र में विस्तार, सौंदर्यीकरण और उन्नत यात्री सुविधाएँ शामिल हैं। इसके पूर्ण होने पर रायपुर एक विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित होगा।
इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने पर रायपुर न सिर्फ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का, बल्कि देश का एक प्रमुख कोचिंग हब बन जाएगा। इससे क्षेत्रीय विकास, रोजगार के अवसर, आर्थिक गतिविधियों और देशभर की रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा और नई गति मिलेगी।
नई दिल्ली / शौर्यपथ
केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण रोजगार, ग्राम पंचायत के अधिकार और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे “भ्रम” को पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाई गई विकसित भारत–जी राम जी योजना ने न सिर्फ मजदूरों के अधिकारों को मजबूत किया है, बल्कि ग्रामीण भारत को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सशक्त शासन-व्यवस्था उपलब्ध कराई है।
शिवराज सिंह ने तीखे शब्दों में कहा कि कांग्रेस के शासन में मनरेगा भ्रष्टाचार के “दलदल” में फंसी रहती थी, जबकि मोदी सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही की नई मिसाल स्थापित की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस न नीयत रखती थी, न नीति; वही कांग्रेस आज राजनीतिक लाभ के लिए “घड़ियाली आंसू” बहा रही है।
केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि सरकार ने रोजगार सुरक्षा को कम नहीं, बल्कि और मजबूत किया है। नए अधिनियम में ग्रामीण परिवारों को 100 की जगह 125 दिनों की वैधानिक रोजगार-गारंटी दी गई है। मांग के आधार पर काम उपलब्ध कराना अब सरकार की कानूनी जिम्मेदारी होगी। समय पर काम नहीं मिलने पर अनिवार्य बेरोज़गारी भत्ता, और मजदूरी में देरी पर विलंबित भुगतान (एक्स्ट्रा पेमेंट) का स्पष्ट प्रावधान किया गया है।
ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के अधिकारों पर उठाए जा रहे सवालों को भी उन्होंने खारिज किया। मंत्री के अनुसार, नए प्रावधानों में ग्राम सभा, पंचायत और स्थानीय समुदाय की भूमिका और अधिक निर्णायक बनाई गई है। कार्यों की पहचान, प्राथमिकता, गुणवत्ता निगरानी, खर्च और भुगतान की सोशल ऑडिट—सब कुछ गांव स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाएगा ताकि “ऊपर से थोपे गए निर्णयों” की गुंजाइश समाप्त हो सके।
उन्होंने बताया कि महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण समुदाय की भागीदारी को योजना में विशेष प्राथमिकता दी गई है। शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत किया गया है और डिजिटल निगरानी के माध्यम से पारदर्शिता को नई गति दी गई है।
मजदूरों के अधिकारों पर बोलते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मजदूरों को “खैरात” नहीं, बल्कि सम्मानजनक अधिकार, सुरक्षित कार्य-परिस्थितियाँ और समयबद्ध पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित करना है। ग्रामीण सम्पत्तियों और आजीविका आधारित कार्यों से गांवों की स्थायी प्रगति इस योजना का मुख्य आधार है।
गांधीजी के नाम और विचार हटाने के विपक्षी आरोपों पर उन्होंने कहा कि यह आरोप राजनीतिक भ्रम फैलाने का प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नया अधिनियम गांधीजी के ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भरता, श्रम के सम्मान और जनभागीदारी जैसे मूल सिद्धांतों पर आधारित है। यह गांवों को सशक्त, मजदूरों को सम्मानित और विकास को स्थायी बनाने का निर्णायक कदम है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “विपक्ष भले भ्रम फैलाए, लेकिन सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट है—मजदूरों का सशक्तीकरण और ग्रामीण भारत का सर्वांगीण विकास।”
बस्तर पंडुम 2026: बस्तर की परंपराओं को मिलेगा वैश्विक मंच
रायपुर / शौर्यपथ / बस्तर अंचल की समृद्ध लोकपरंपराओं, जनजातीय संस्कृति, कला और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन वर्ष 2026 में भी गत वर्ष की भांति भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में आयोजन की विस्तृत तैयारियों की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 से 5 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 30 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम तथा 1 से 5 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस वर्ष बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 की जा रही है। जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएं होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि प्रमुख हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने तैयारियों के संबंध में विभागीय अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आयोजन को सुव्यवस्थित, गरिमामय तथा अधिक प्रभावी स्वरूप में संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम, बस्तर की असली आत्मा और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त मंच है।
बैठक में यह बताया गया कि बस्तर पंडुम 2026 का लोगो, थीम गीत और आधिकारिक वेबसाइट का विमोचन माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में ही मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर वरिष्ठ मांझी–चालकी, गायता–पुजारी, आदिवासी समाज के प्रमुखजन तथा पद्म सम्मान से अलंकृत कलाकार उपस्थित रहेंगे। इस बार विशेष रूप से भारत के विभिन्न देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके। साथ ही बस्तर संभाग के निवासी उच्च पदस्थ अधिकारी, यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित अधिकारी, चिकित्सक, अभियंता, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय नृत्य दलों को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया।
प्रतिभागियों के पंजीयन की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से करने का प्रस्ताव है, जिससे अधिकाधिक कलाकारों और समूहों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की कला, शिल्प, त्योहार, खान-पान, बोली-भाषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य-गीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन-औषधि और देवगुड़ियों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत बस्तर संभाग के सात जिलों के 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों, 8 नगरपालिकाओं, 12 नगर पंचायतों और 1 नगर निगम क्षेत्र में तीन चरणों में आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है।
बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, संस्कृति सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, संचालक श्री विवेक आचार्य सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
"विकसित भारत जी राम जी योजना" से ग्रामीणों को 100 के बजाय 125 दिनों के रोजगार मिलने से कांग्रेस के पेट में दर्द : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
सनातन का प्रचार प्रसार और सनातनियों में एकता से कांग्रेस को पीड़ा होती है: उप मुख्यमंत्री अरुण साव
रायपुर। शौर्यपथ । उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर अटल निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि, जब भी देश में कोई रिफार्म होता है, राष्ट्रहित में कोई बड़ा निर्णय होता है। कांग्रेसियों के पेट में दर्द होता है। मोदी सरकार विकसित भारत जी राम जी योजना लेकर आई है। लोगों को अब 100 दिन के बजाय 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। यह लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी और कारगार साबित होगा, इसलिए कांग्रेसियों को तकलीफ हो रही है। यह योजना राष्ट्रहित और जनहित में हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि, बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री जी दुर्ग में हनुमंत कथा सुना रहे हैं। लेकिन आज कांग्रेस पार्टी घोषित रूप से सनातन विरोधी हो चुकी है, जिस तरह से बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री जी को लोग सुनने आ रहे हैं, उनके प्रति लोगों में जो सम्मान, आदर और आस्था का दर्शन हो रहा है, कांग्रेसी नेताओं को घबराहट हो रही है। डर और घबराहट में इस तरह की बातें कर रहे हैं। इन लोगों का सनातन विरोधी चेहरा बार बार उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि, धर्म की चर्चा और प्रचार करने साधु सन्त महात्मा आते हैं, और कांग्रेसी नहीं चाहते कि, सनातन मजबूत हो, सनातनियों में एकजुटता आए, कांग्रेस तो बांटने का काम करती है।
श्री साव ने रायगढ़ मामले पर कहा कि, इस घटना के पीछे किसका हाथ है, उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। कानून हाथ में लेने का किसी को अधिकार नहीं है। सभी को शांतिपूर्वक अपनी बात रखने का अधिकार है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कर्मचारियों के आंदोलन पर कहा कि, राज्य सरकार कर्मचारियों की हित में लगातार कार्य कर रही है। वहीं कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान हो रहा है एवं नई भर्तियां भी हो रही है। साथ ही कर्मचारी हित के काम लगातार हो रहे हैं। उन्हें आंदोलन की बजाय बातचीत का रास्ता अपनना चाहिए।
भिलाई नगर / शौर्यपथ / छावनी थाना क्षेत्र के स्वीपर मोहल्ला में पुरानी रंजिश के चलते मंगलवार की रात एक युवक और उसके साथियों पर जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने चार नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छावनी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एस. अरविंद (28 वर्ष), निवासी सुंदर नगर कैंप-01, अपने मित्र एन. सागर और नंद कुमार यादव उर्फ नंदू के साथ स्वीपर मोहल्ला स्थित अपने रिश्तेदार एन. सुमती के घर गए थे। बताया गया है कि 25 दिसंबर को गुरुद्वारा के पास हुए विवाद को लेकर आरोपी अभी, पोलेश, बंगारु और उनके साथी 26 दिसंबर की रात दोबारा भिड़ गए।
रात करीब 10 बजे, आरोपियों ने नंदू को गाली-गलौच करते हुए घेर लिया। मना करने पर बंगारु और उसके साथियों ने नंदू को पकड़ लिया और अभी व पोलेश ने अपने पास रखी नुकीली वस्तु से उसे जान से मारने की नीयत से वार कर दिया। हमले में नंदू के दोनों पैरों की जांघ और कुल्हे में गहरी चोट आई और खून बहने लगा।
घटना के दौरान अरविंद और सागर ने बीच-बचाव की कोशिश की। विवाद बढ़ने की सूचना मिलने पर अरविंद के भाई एस. बालाराजू और एस. सतीश बोलेरो वाहन (CG07BT9260) से मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने गाड़ी में भी तोड़फोड़ कर दी, जिससे लगभग 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ। इसी दौरान सतीश का रेडमी 12 5G मोबाइल और पर्स भी गायब हो गया।
पीड़ित की रिपोर्ट पर छावनी पुलिस ने अपराध क्रमांक 0652/25 दर्ज करते हुए आरोपियों अभी, पोलेश, बंगारु व अन्य साथियों के खिलाफ धारा 109-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 324(4)-BNS के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।
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