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भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक वक्र्स बी पी सिंह ने यूनिवर्सल रेल मिल में हॉट सॉ-1 एवं क्रेन क्रमाँक-412 का उद्घाटन किया। इन दोनों उपकरणों को आंतरिक संसाधनों से पूर्णरूपेण प्रारंभ किया गया। बीएसपी के रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल तथा यूनिवर्सल रेल ने संयुक्त रूप से भारतीय रेलवे द्वारा प्राप्त रेल्स के आर्डर्स को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूर्ण करने के लिए कृत-संकल्पित है। वर्तमान वित्तवर्ष में आरएसएम तथा यूआरएम के समक्ष प्राइम लाँग रेल्स के उत्पादन में वृद्धि का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है, जिसे पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रयासरत् है। हाल ही में भारतीय रेलवे ने कम ल बाई वाले रेल्स की अपनी माँग में कमी कर दी है। भारतीय रेलवे की लाँग रेल्स की माँग को ध्यान में रखते हुए यूआरएम ने ल बी रेल्स की उत्पादकता बढ़ाने, नुकसान को कम करने और 130 मीटर ल बी रेल्स के उत्पादन में वृद्धि हेतु लगातार प्रयास कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि यूआरएम परियोजनाओं के प्रारंभ में हॉट सॉ-1 एवं क्रेन क्रमाँक-412 जैसे उपकरणों का आंशिक रूप से कमीशन किया गया। स्पेयर्स की अनुपलब्धता के कारणों से इन उपकरणों की पूर्ण कमीशनिंग नहीं हुई थी। इन दोनों उपकरणों को आंतरिक संसाधनों का प्रयोग करते हुए पूर्णरूपेण प्रचालन प्रारंभ कर दिया गया है। मु य महाप्रबंधक (यूआरएम) पी मुरगेसन के मार्गदर्शन में अनुभागीय प्रमुख महाप्रबंधक (ऑपरेशन) एम वी के रामप्रसाद, महाप्रबंधक (मेकेनिकल) प्रकाश बोन्डेकर एवं महाप्रबंधक (इलेक्ट्रिकल) अनिश सेनगुप्ता की टीम ने आंतरिक संसाधनों और विशेषज्ञता के साथ इन दोनों महत्वपूर्ण उपकरणों के प्रचालन को प्रारंभ करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। बीडी-2 स्टैंड के बाद लगे हॉट सॉ-1 द्वारा ब्लू स के अधिक ल बाई/अधिक वजन को कटिंग किया जाता है। अगर यह कटिंग न की जाए तो परिणामस्वरूप लंबाई बढऩे के कारण रेल रोलिंग में कोबल्स की समस्या उत्पन्न होती थी जिसे निकालने में अधिक समय लगता था जिससे उत्पादन में कमी आती थी। इसके अलावा जब अधिक वजन वाले ब्लू स को भट्टी में चार्ज किया जाता है उसे वापस लौटा दिया जाता है, जो उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता था और रोलिंग को बाधित करता था।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / नगर निगम द्वारा गणेश विसर्जन अवसर पर मूलभुत सुविधा सहित व्यापक व्यवस्था की जा रही है। जिसके लिये निगम के अधिकारियो कर्मचारियों को दायित्व सौपा गया है।
उक्ताशय की जानकारी देते हुये नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि गणेश विसर्जन पर्व पर मूलभूत दायित्वों के निर्वहन के लिये अधिकारियों व कर्मचारियों को दायित्व सौपा गया है।
जिसके लिये कार्यपालन अभियंता यूके रामटेके (मो.नं. 98271-18810) व दीपक जोशी (मो.नं. 94252-40050) को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है और सहायक अभियंता कामना सिंह यादव (मो.नं. 94252-40491) को व्यवस्था प्रभारी के साथ साथ सभी उप अभियंताओं को अलग अलग प्रभार सौपा गया है।
आयुक्त कौशिक ने बताया कि 1 व 2 सितंबर को गणेश विसर्जन के लिये मोहारा नदी में निर्मित विसर्जन कुंड में विसर्जन कराये जाने प्रकाश व्यवस्था, मूर्ति विसर्जन के लिये क्रेन की व्यवस्था की जा रही है। विर्सजन उपरांत वेस्ट मटेरियल, पूजा समाग्री, फूल, कपड़े, प्लॉस्टिक पेपर आदि सुरक्षित एकत्र कर पुर्नउपयोग एवं कम्पोसि्ंटग आदि में भेजने 1 सितंबर 2020 के लिये प्र. सहायक अभियंता संदीप तिवारी (मो.नं. 96307-37486) एवं दिनांक 2 सितम्बर 2020 के लिये सहायक अभियंता दीपक अग्रवाल (मो.नं. 70004-25234) को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है तथा रानी सागर, सर्किट हाऊस के पास व नंदई चौक में मूर्ति लाने ले जाने के लिये वाहन की व्यवस्था की जा रही है, इन सबके लिये उप अभियंताओें को सहयोगी बनाया गया है। साथ ही मोहारा रोड एवं मुख्य मार्गो में विद्युत व्यवस्था एवं कंट्रोल रूप प्रभारी का भी दायित्व प्र. सहायक अभियंता अतुल चोपड़ा (मो.नं. 94062-40475) को सौपा गया है।
इसके अलावा प्र.स्वास्थ्य अधिकारी अजय यादव (मो.नं. 94241-16018) सहित उनकी टीम को शहर के संपूर्ण क्षेत्रो में विशेष साफ सफाई व्यवस्था एवं शहर के भीतरी इलाकों में घुमने वाले आवारा पशुओं को पकडने तथा विसर्जन के दौरान विशेष रूप से यातायात सुविधा की दृष्टि से आवारा पशुओं को पकडने आदि का दायित्व सौपा गया है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा जेईई एवं नीट (एनईईटी) परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के परीक्षा केन्द्र तक जाने-आने के लिए वाहन की व्यवस्था की गई है। व्यवस्था जाने एवं आने दोनों के लिये होगी और यह यात्रा नि:शुल्क होगी। इस सुविधा का उपयोग करने के लिए छात्र-छात्राओं को अपने साथ एडमिट कार्ड लाना अनिवार्य होगा। परीक्षा में शामिल होने वाली छात्रा के साथ उनके एक अभिभावक को भी यात्रा की अनुमति होगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए वाहन की व्यवस्था की जा रही है। बस कलेक्टोरेट से लगेगी। परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकंडेय से मोबाइल नंबर 9425540484, डिप्टी कलेक्टर श्री लवकुश ध्रुव से मोबाइल नंबर 9907339864 एवं श्री हितेश पिस्दा से मोबाइल नंबर 9981015696 पर सम्पर्क कर सकते है। उल्लेखनीय है कि जेईई परीक्षा 1 सितम्बर से 6 सितम्बर तक तथा नीट की परीक्षा 13 सितम्बर को है। जिसके लिए प्रदेश में 5 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। जेईई एवं नीट परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्रों तक ले जाने और लाने के लिए दिए गए लिंक https://docs.google.com/forms/d/1K8ntjNwpvYWCQuTwjCooMW_zr_WcXYM8IE-vYiRDEYg/edit?usp=sharing पर नि:शुल्क परिवहन की व्यवस्था हेतु रजिस्ट्रेशन कराएं।
सुविधा का लाभ उठाने इसके लिए नियुक्त किये गए नोडल अधिकारी डॉ रविराज ठाकुर से कर सकते हैं संपर्क, उनका नंबर 73895-77569
दुर्ग / शौर्यपथ / आगामी नीट और आईआईटीजेईई परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की सुविधा उपलब्ध कराने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया था। दुर्ग जिले में आदेश के अनुपालन में कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इसकी व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की है। डॉ रविराज ठाकुर यह कार्य देखेंगे। जिन छात्र-छात्राओं को स्वयं के वाहन से आने में असुविधा है वे इसके लिए डॉ ठाकुर से संपर्क कर सकते हैं। परीक्षा केंद्र तक लाने ले जाने की सुविधा उनके द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। छात्राएं अपने साथ एक अभिभावक को भी ले जा सकती हैं। इसके लिए डॉ. ठाकुर के मोबाइल नंबर 73895-77569 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना का कहर प्रदेश सहित देश में लगातार विकराल रूप ले रहा है क्या आम क्या खास हर किसी तक इस बिमारी की पहुँच हो गयी . लगातार एतिहात बरतने के बावजूद जनप्रतिनिधियों को भी बिमारी अपने आगोश में ले रही है अब प्रदेश के मुखिया के ओएसडी व पीएसओ की कोरोना रिपोर्ट पोजिटिव आई जिसकी जानकारी प्रदेश के मुखिया ने अपने ट्वीट के जरिये दी और स्वयं सुरक्षा की दृष्टी से आइसोलेट हो गए है .
राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास से इस वक्त एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है. सीएम भूपेश बघेल के ओएसडी और पीएसओ कोरोना पॉजिटिव मिले है. संक्रमित पाए जाने के बाद बघेल क्वारंटाइन हो गए है. मुख्यमंत्री ने खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी है.
कोरोना छत्तीसगढ़ में अब बेकाबू हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आसपास भी अब कोरोना पहुंच गया है। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी और उनके पूरे परिवार की कोरोना रिपोर्ट पॉजेटिव आयी थी, अब मुख्यमंत्री के OSD की कोरोना रिपोर्ट पॉजेटिव आ गयी है। OSD के साथ-साथ मुख्यमंत्री के PSO की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजेटिव आयी है।
मुख्यमंत्री के करीबियों के पॉजेटिव होने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। इधर मुख्यमंत्री ने अब खुद को क्वारंटीन कर लिया है। खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है कि वो चार दिन के लिए खुद को आइसोलेट कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर बताया है कि उनके ओएसडी और पीएसओ की रिपोर्ट कोरोना पॉजेटिव आयी है। हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की रिपोर्ट कोरोना निगेटिव है। लेकिन एहितियातन उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है।
रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा विधानसभा भवन के शिलान्यास के औचित्य पर सवाल खड़ा किये जाने को कांग्रेस ने उनकी खीझ बताया है । प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्ववर्ती रमन सिंह सरकार की अदूरदर्शिता के कारण वीरान पडी नई राजधानी को आबाद करने नवा रायपुर में नए भवनों ,मंत्रियों के निवास ,मुख्यमंत्री निवास और विधानसभा भवन बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है । नई राजधानी में 7 से 8हजार करोड़ ख़र्च बिना किसी योजना के तत्कालीन भाजपा सरकार ने खर्च कर दिया था ।बड़े बड़े भवन बनाये गए चौड़ी चौड़ी सड़के बनाई गई ,सड़को के किनारे लैंड स्केपिंग करवाया गया गार्डन बनाया गया ,हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से कालोनियां बनवा दी गयी ।इतना सब करने के बाद नई राजधानी में आबादी बढ़ाने और लोगो की बसाहट बढ़ाने का कोई प्रयास नही किया गया ।हजारो करोड़ खर्च करने के बाद भी नया रायपुर वीरान पड़ा हुआ है ।वहा बने सरकारी भवन खंडहर में तब्दील होने की कगार पर हैं।सरकार को खाली भवन ,सड़को और गार्डनों के रख रखाव पर लाखों रु खर्च करने पड़ रहे है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा कि यदि रमन सरकार थोड़ी दूरदर्शिता दिखाती नई राजधानी को पूर्ण केपिटल काम्प्लेक्स के रूप में विकसित करती वहाँ मंत्रालय के साथ विधानसभा और मुख्यमंत्री मंत्रियों के निवास ,अधिकारियों के निवास भी स्थानांतरित करवाती तो आज नई राजधानी की स्थिति कुछ और ही होती ।मंत्रालय और सचिवालय तो नवा रायपुर में शिफ्ट कर दिया गया लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों के निवास पुराने रायपुर में ही है लोग घण्टो सफर कर डीजल पेट्रोल जला कर रायपुर से नई राजधानी आते जाते है ।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा किआम आदमी तो नए रायपुर से कट गया। जब पूरा सरकारी अमला वहा चले जाएगा तो स्वाभाविक है कि प्रदेश भर से राजधानी पहुचने वाले लोगो की वहा आमदरफ्त भी बढ़ेगी और नए राजधानी के लिए खर्च किये गए 8 हजार करोड़ रु की कुछ सार्थकता हो सकेगी।
हाउसिंग बोर्ड के द्वारा नए रायपुर में हर वर्ग के लिए आवासीय परिसर का निर्माण किया गया लेकिन लोगो ने उनको खरीदने और वहाँ बसने में रुचि नही दिखाई ।सार्वजनिक यातायात सुविधाओ को विकसित किये बिना बसाहट की कल्पना की गई जिसे लोगो ने नकार दिया ।
दुर्ग / शौर्यपथ / निजी विधालय की फीस बढ़ोतरी को लगाम लगाने के लिए फीस नियामक गठन कर भूपेश बघेल सरकार का छत्तीसगढ़ वासियों के लिए एक ओर महत्पूर्ण जनप्रिय इतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री द्वारा लिये गये इस फैसले पर कांग्रेसी नेता एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष युकां अयूब खान ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया है।
अयूब खान ने आगे कहा कि जबसे प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आयी है तबसे लगातार अनेक लाभकारी योजनाएं की घोषणा और राहत देने का कार्य भूपेश बघेल सरकार कर रही है जैसे किकिसानो के कर्ज माफ करना ओर सरकार घोषणा के अनुसार किसानो बोनस देना, वायपारियो उद्योगतियों के लिए जमीन फ्रीहोल्ड की घोषणा , आमजनता के लिए बिजली बिल आधा करना, ए पी ल और बी पी एल कार्ड धारियों को राशन देना, छत्तीसगढ़ वासियों राशन कार्ड से अस्पतालों में तय सीमा खर्चों तक मुफ्त इलाज देना , जमीन रजिस्ट्री शुल्क कम करना ये इन सभी फैसले से प्रदेश के हर वर्ग को राहत मिला और फायदा हुआ है
अब सरकार का एक और निर्णय मध्यम वर्गीय और गरीब परिवार के हित को लेकर प्रदेश निजी विद्यालयो बेतहाशा फीस वृद्धि को रोक लगाने के लिए फीस नियामक गठन करने का फैसला लेना जिसमें प्रदेश के सभी स्कूल हर वर्ष की फीस या अन्य शुल्क के बढ़ोतरी के पूर्व नियामक से परमिशन लेना होगा ओर नियामक कमेटी में सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रीगण ताम्रध्वज साहू, रवीन्द्र चोबे ओर शिक्षा मंत्री प्रेम सिंह टेकाम सदस्य होंगे और इनके द्वारा फीस के मांप कर फीस लागू करना होगा जिसमें निश्चित फीस बढ़ोतरी कम होगी ओर लगाम में रहेगी जिसका सीधा असर मध्य वर्गी ओर गरीब परिवार को मिलेगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग के वार्ड क्रं0 07 किल्ला मंदिर वार्ड में स्थित नगर निगम क्वाटर शिक्षक नगर में रहने वाले चार निवासियों द्वारा अपने निजी शौचालय का मल, मूत्र सार्वजनिक नाली में बहाये जाने के कारण आयुक्त इ्रदजीत बर्मन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिटी कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही करने पत्र प्रेषित किया गया।
उल्लेखनीय है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा अपने निजी शौचालय का गंदा पानी, मल, मूत्र आदि र्साजनिक नालियों में बहाया जाना छ0ग0 नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 216 (अ), (आ) के तहत् पूर्णत: प्रतिबंधित है। स्वास्थ्य विभाग अमला द्वारा निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के सार्वजनिक नाली में शिक्षक नगर के सतीश चैधरी, देशभक्त अग्रवाल, कौशल किशोर यादव, सिद्धांत शर्मा द्वारा अपने निजी शौचालय का गंदा पानी, व मल मूत्र पाइप के माध्यम से सीधे बहाया जा रहा है। चारों निवासियों के विरुद्ध कार्यवाही करने सिटी कोतवाली में स्वास्थ विभाग की ओर से प्राथमिकी दर्ज करने पत्र पे्रषित किया गया है।
दुर्ग / शौर्यपथ / लगातार हो रही बारिश के बाद भी निगम का स्वास्थ्य अमला शहर की निरंतर सफाई में लगा हुआ है। चार दिनों से हुई बारिश में शंकर नगर के दुर्गा चैक को छोड़ कर शहर के किसी भी हिस्से में नाली जाम की स्थिति निर्मित नहीं हुई । महापौर धीरज बाकलीवाल एवं आयुक्त इंद्रजीत बर्मन के निर्देश पर आज निगम स्वास्थ्य विभाग अमला ने शहर के तालाबों से कचरा निकाल कर सफाई की गई। वार्डो में नालियों से कचरा निकालकर कचरा उठाया गया। ब्लीचिंग और दवाई का छिड़काव भी वार्डो में किया गया।
उल्लेखनीय है कि शहर स्वच्छता की दृष्टि से महापौर एवं आयुक्त के निर्देशानुसार मिनाक्षी नगर, बोरसी, आदित्य नगर, राजीव नगर, कातुलबोर्ड, करहीडीह वार्ड 15, पुलगांव वार्ड, नयापारा, रामदेवमंदिर वार्ड, पोटियाकला वार्ड, न्यू पुलिस लाईन क्षेत्र, नया गंजमंडी, पोलसायतालाब रोड, गवलीपारा पीछे भैंस खटाल, सिकाकेला बस्ती, रायपुर नाका क्षेत्र, केलाबाड़ी अपोलो स्कुल के पीछे, विद्युत नगर बोरसी, कसारीडीह वार्ड 43, में नालियों के किनारे से गाजर घांस व झाडिय़ॉ काटी गई तथा नालियों से कचरा निकालकर सफाई किया गया। इसके अलावा उपरोक्त वार्डो में ब्लीचिंग और सेनेटाईजर दवाई का छिड़काव भी किया गया। इसके साथ ही निस्तारी तालाबों कचहरी तालाब, शक्ति नगर तालाब, लुचकी तालाब, शंकर नाला पुलिया, शीतला तालाब विसर्जन कुण्ड, कैलाश नगर तालाब में बारिश के कारण एकत्र हुये कचरों को निकालकर तालाब की सफाई की गई।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, भाजपा के सारे सांसद और विधायक कोरोना संकट के समय छत्तीसगढ़ की जनता के साथ नहीं खड़े हुये और सिर्फ़ अपने आकाओं की हां में हां मिलाने में लगे हुए हैं. भाजपा नेताओं के मन में ज़रा सा भी दर्द है तो वे छत्तीसगढ़ की जनता के पक्ष में खड़े होकर करोना संकट को देखते।
उन्होंने कहा है कि यह बेहद दुखद है भाजपा नेताओं की वफादारी मोदी के प्रति तो दिखती है लेकिन छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ की जनता के हितों और हकों के प्रति नहीं। मोदी के प्रति वफादारी साबित करने के लिए इनने छत्तीसगढ़ की जनता की जरूरतों दुख दर्द और तकलीफ की अनदेखी की हैं.
उन्होंने कहा कि राज्य की जनता भाजपा नेताओं के चाल और चरित्र दोनों को देख रही है और यह समझ भी रही है कि भाजपा नेताओं को छत्तीसगढ़ में कोरोना के नाम पर राजनीति करनी है लेकिन छत्तीसगढ़ के लोगों की किसी तरह की सहायता करने या करवाने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है.
कोरोना पर छत्तीसगढ़ को संसाधन मुहैया करवाने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा है कि पहले तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम-केयर्स नाम की एक संस्था बनवा ली और फिर राज्य के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से भारी भरकम राशि उसके खाते में जमा करवा ली.
उन्होंने कहा है कि सच यह है कि भिलाई इस्पात संयंत्र, एसईसीएल, एनटीपीसी, बाल्को जैसे उपक्रम छत्तीसगढ़ से ही कमाई करते हैं लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए इन उपक्रमों द्वारा राज्य को दी गई राशि नगण्य है. राज्य से चुने गए भाजपा के नौ लोकसभा और दो राज्यसभा सांसदों ने एमपी-लैड की राशि भी छत्तीसगढ़ को देने की बजाय पीएम-केयर्स में दे दी. शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पीएम-केयर्स में छत्तीसगढ़ से जो राशि जमा हुई है अगर उसकी आधी राशि भी छत्तीसगढ़ को वापस दे दी जाती तो छत्तीसगढ़ सरकार और ज़्यादा प्रभावी ढंग से कोरोना के संकटकाल में प्रबंधन कर पाती.
उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार को नियमानुसार जीएसटी की राशि राज्य को देनी है लेकिन पिछले चार महीनों से एक फूटी कौड़ी भी नहीं दी गई है और अब केंद्र की मोदी सरकार जीएसटी के पैसे न देने का बहाना बना रही है. राज्य के भाजपा नेता इस बात पर भी चुप्पी साधे हुए हैं. केंद्र सरकार कह रही है कि राज्य जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि लेने की बजाय रिज़र्व बैंक से कर्ज़ ले लें और भाजपा के नेता छाती पीट रहे हैं कि राज्यसरकार कर्ज़ लेती जा रही है. अगर छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं को राज्य की जनता की चिंता है तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहते कि राज्य पर कर्ज़ का बोझ न लादा जाए.
संचार विभाग के प्रमुख ने कहा है कि मनरेगा में कार्य दिवसों को 100 से बढ़ाकर 150 किए जाने के मामले में, धान के लिए किसानों को 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल देने पर छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना चावल उपार्जित नहीं करने के केंद्र सरकार के आदेश पर छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं का यही छत्तीसगढ़ विरोधी रवैया सामने आ चुका है. उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ को गरीब कल्याण योजना से बाहर रखे जाने पर भी एक भी भाजपा नेता का स्वर छत्तीसगढ़ के 7.30 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों को इस योजना का लाभ दिए जाने की जरूरत पर नहीं फूटा.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
