August 04, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / साल 2018 में जब पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नागपुर में आरएसएस के कार्यक्रम में हिस्सा लिया तो कांग्रेस में हलचल मच गई. कई नेताओं जैसे पी. चिदंबरम, केके तिवारी, सलमान खुर्शीद ने प्रणब मुखर्जी से वहां न जाने की अपील की. वैचारिक रूप से एकदम अलग आरएसएस के कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी जी जैसे कांग्रेसी नेता का जाना अपने आप में एक अद्भुत घटना थी. अब सबकी नजरें इस बात पर थीं कि प्रणब मुखर्जी वहां आरएसएस के कार्यक्रम में वहां क्या बोलेंगे. प्रणब मुखर्जी ने नागपुर जाकर आरएसएस के संस्थापक डॉ. हेडगेवार को भारत का मां बेटा बताया. उनके इस बयान पर आलोचना भी हुई. अपने भाषण में प्रणब मुखर्जी ने कहा कि राष्ट्र की आत्मा बहुलवाद और पंथनिरपेक्षवाद में बसती है. प्रणब मुखर्जी ने प्रतिस्पर्धी हितों में संतुलन बनाने के लिए बातचीत का मार्ग अपनाने की जरूरत बताई. उन्होंने साफतौर पर कहा कि घृणा से राष्ट्रवाद कमजोर होता है और असहिष्णुता से राष्ट्र की पहचान क्षीण पड़ जाएगी.
    इस कार्यक्रम के समापन से पहले संघ की प्रार्थना हुई जिसमें प्रणब मुखर्जी सामान्य मुद्रा में खड़े रहे. लेकिन उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई जिसमें वह संघ के स्वयंसेवकों की तरह प्रार्थना करते नजर आए. यह तस्वीर फोटोशॉप से बनाई गई थी. इस तस्वीर को देख उनकी बेटी और कांग्रेस की नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी काफी आहत और नाराज हुईं. उन्होंने कहा कि जिस बात का उन्हें डर था और अपने पिता को जिस बारे में उन्होंने आगाह किया था, वही हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि जिसका डर था, भाजपा/आरएसएस के 'डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट' ने वही किया.
    कांग्रेस के दूसरे नेताओं की तरह ही शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी उन्हें आरएसएस के कार्यक्रम में जाने से मना किया था. लेकिन पूर्व राष्ट्रपति अपने धुन के पक्के थे और उन्होंने वहां जाने के लिए ठान लिया था. कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने ट्वीट कर कहा था कि वरिष्ठ नेता और विचारक प्रणब मुखर्जी की आरएसएस मुख्यालय में तस्वीरों से कांग्रेस के लाखों कार्यकर्ता और भारतीय गणराज्य के बहुलवाद, विविधता एवं बुनियादी मूल्यों में विश्वास करने वाले लोग दुखी हैं 

    भिलाई / शौर्यपथ / सोमवार की अलसुबह कोयले से भरी मालगाड़ी के चार वेैगनों वैगन क्रमांक एनसीआर 22131577008, एनसीआर 22131129023, ईसीआर 22101733946 तथा डब्ल्ूसीआर 22161128294 में आग लगने से हड़कंप मच गया। मध्य लाईन में रायपुर की ओर से दुर्ग की ओर धड़घड़ाते हुए जा रही मालगाड़ी के वैगनों में उठते धुआं को देख यहां के स्टाफ ने अधिकारियों से कहकर गाड़ी रूकवाई और तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग बुझाने का कार्य किया गया, कड़ी मशक्कत के बाद तीन घंटा में बाग पर काबू पाया गया। आग लगने के कारण तीन घंटा तक इस ट्रेक पर दोनो ओर से गाडिय़ों के आवाजाही पर रोक लगा दियाग गया था, स्थिति सामान्य होने के बाद सवा 9 बजे इस ट्रेक पर अन्य ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो सकी। अगर इस प्रयास में एक-दो घंटे की देरी हो जाती तो आग की लपटें कोयले से भरी वैगन को नुकसान पहुंचा सकते थे। ऐसा नहीं हो पाने से रेलवे का महकमा राहत की सांस ले रहा है। आग लगने की घटना पर यह आशंका जाहिर की जा रही है कि जिस स्थान या खदान से कोयला मालगाड़ी के वैगन में भरा गया है, वहीं पर ही कोयले के कुछ भाग में आग लगी रही होगी। इसी आग के चलती मालगाड़ी में तेज हवा में सुलगने की संभावना जताई जा रही है।
    मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह सवा 6 बजे के आसपास मध्य लाइन पर रायपुर से दुर्ग की ओर जा रही कोयले से भरी मालगाड़ी की रैक के चार वैगनों में धुंए के साथ आग की लपटें उठ रही थी। भिलाई-3 रेलवे स्टेशन के पास लोको पायलट एके दुबे और गार्ड नवीन कुमार ने आपस मे बातचीत करते हुए वैगन में लगी आग की जानकारी स्टेशन मास्टर को दी। स्टेशन मास्टर ने भी प्रथम तल की छत से आग की लपटों को देखा और तत्काल लाल सिग्नल देकर मालगाड़ी को खड़ा करवा दिया। लोको पायलट के साथ मोबाइल फोन पर बात करते हुए जिन वैगनों में आग नजर आ रही थी उसे आगे पीछे करते हुए स्टेशन कार्यालय के नल में पाइप लगाकर पानी की बौछार की जाती रही। इस बीच फायर ब्रिगेड को भी सूचना दे दी गई थी। फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी पहुंचने के बाद बारी-बारी से सभी चार वैगनों पर लगी आग को काबू में कर लिया गया।
    कोयले से भरी वैगनों में आग लगने की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल के उप निरीक्षक आरके राठौर सहायक उप निरीक्षक पी राजैय्या, एस कुमार, डीके वर्मा, आरक्षक वीरेन्द्र कुमार, एसके दानेकर, सीबीआई के एएसई नरेन्दर यादव सहित बैरक में मौजूद रहे। आरक्षक आलोक यादव ने पहुंचकर आग बुझाने में योगदान दिया। शासकीय रेलवे पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बीके राठौर, दल सिंह, आरक्षक जानसिंह, छन्नूराम भगत, पर्वत राव अविसाय मिंज सहित स्टेशन में मौजूद अन्य स्टाफ ने भी आग में काबू पाने अपने-अपने स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ी। इससे पहले रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों ने पटरी के ऊपर से गुजरने वाली ओएचई की बिजली सप्लाई को बंद करवा दिया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने वैगन के उपर चढ़कर पानी का छिड़काव करते हुए कोयले में लगी आग को काबू में कर लिया।

    raipur/ शौर्यपथ / कोरोना महामारी संकटकाल में भाजपा सांसदों को जनता के प्रति गैर जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी भाजपा सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ को नाम मात्र सहयोग मिला है जिसमें वेंटीलेटर एवं पीपीई किट मास्क शामिल है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार अपने संसाधन से 20हजार से अधिक क्वॉरेंटाइन सेंटर में रहने खाने दवाई की व्यवस्था एवँ कोविड-19 हॉस्पिटल्स,कोविड केयर सेंटर में 25,000 से अधिक बैड आईसीयू बैड, टेस्ट लैब,टेस्टिंग किट, सहित सभी प्रकार के संसाधनों की व्यवस्था की है।
    ठाकुर ने कहा कि कोरेना महामारी संकटकाल में छत्तीसगढ़ के भाजपा और उनके सांसदों का रवैया जनता और छत्तीसगढ़ प्रति गैर जिम्मेदाराना रहा है।विपत्ति काल में भी भाजपा के सांसद मदद करने के बजाय तथ्यहीन आधारहीन झूठे आंकड़ों के सहारे गुमराह की राजनीति कर रहे हैं। पीएमकेयर फंड में छत्तीसगढ़ के एसईसीएल भेल सेल एनटीपीसी सहित अन्य औद्योगिक इकाइयों से सीएसआर फंड की हजारों करोड़ की राशि जबरदस्ती जमा करवा ली गई।भाजपा सांसदों ने भी सांसद निधि के करोड़ों रुपए पीएम केयर्स फंड में दे दिए जिस पर क्षेत्र की जनता का अधिकार होता है। दुर्भाग्य की बात है मोदी सरकार छत्तीसगढ़ से सैकड़ो करोड़ रुपए लेकर भी छत्तीसगढ़ को देने में ही आनाकानी कर रही हैं। मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ को दी गई राशि खाना पूर्ति मात्र है। मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ को दी गई वेंटिलेटर पीपीआई किट मास्क की गुणवत्ता में संदेह है। छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों के घर वापसी का किराया भी राज्य सरकार एवं कांग्रेस संगठन ने वहन किया।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा सांसदों से पूछा पीएम केयर फंड में छत्तीसगढ़ के सीएसआर मद से ली गई राशि कहां खर्च की गई है? प्रधानमंत्री गरीब कल्याण मजदूर योजना से छत्तीसगढ़ को दूर क्यों रखा गया? भाजपा सांसदों ने अब तक छत्तीसगढ़ को कोरोना महामारी से निपटने के लिए क्या सहयोग किया जनता को बताएं?

    बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोबे ने गुरूर विकासखण्ड के ग्राम सांगली के नयापारा के कुछ लोगों के डायरिया से प्रभावित होने की जानकारी मिलने पर इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने आज सुबह ग्राम सांगली पहुॅचकर डायरिया प्रभावित लोगों की जानकारी ली और समुचित उपचार के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि डायरिया प्रभावित लोगों का समुचित उपचार किया जा रहा है। कुछ लोग स्वस्थ हो गए हैं, स्थिति नियंत्रण में है। कलेक्टर ने सभी लोगों के स्वस्थ होते तक वहॉ स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया कि गॉव के पेयजल पाईप लाईन का सर्वे करें और कहीं लिकेज या खराबी हो तो तत्काल सुधार कराएॅ।
    कलेक्टर ने गॉव में क्लोरिन टेबलेट और ओआरएस पैकेट का वितरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने गॉव के सभी हैण्डपम्पों में क्लोरीनेशन करने और हैण्डपम्पों के आसपास ब्लीचिंग पावडर डालने के निर्देश दिए। गॉव के नालियों की सफाई कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने की समझाइश दी। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी तहसीलदार सुब्रत प्रधान, डॉ ग्लेड, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता धनंजय आदि मौजूद थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग संभाग के कमिश्नर टी. सी. महावर द्वारा आकस्मिक रूप से पाटन क्षेत्र का दौरा किया गया। वे आकस्मिक रूप से अनुभागीय अधिकारी पाटन के कार्यालय पहुंचे जहाँ उन्होंने एसडीएम से हाल में वर्षा से हुई क्षति से संबंधित मुआवजा वितरण की जानकारी प्राप्त की एवं कार्यालय में आए हुए ग्राम वासियों से मुआवजा प्राप्ति के संबंध में पूछताछ कर जानकारी ली। संभागायुक्त द्वारा मुआवजे के लिए बनाए गए प्रकरणों का निरीक्षण भी किया गया तथा न्यायालय अनुभागीय अधिकारी पाटन का निरीक्षण भी किया गया एवं पटवारी जयकरण लाल सोनी की सेवा पुस्तिका का भी अवलोकन किया।
    इसके बाद उन्होंने जनपद कार्यालय का निरीक्षण किया, जहां ग्राम बोरीद पंचायत की पंचायत सचिव श्रीमती सुनीता दीवान की सेवा पुस्तिका का अवलोकन किया तथा पाई गई कमियों के निराकरण हेतु संबंधित शाखा के प्रभारी को निर्देशित किया। अतिरिक्त मुख्य कार्यालयपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाटन द्वारा जानकारी दी गई कि महात्मा गांधी नरेगा से संबंधित भुगतान के लिए पर्याप्त राशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने ने गोधन न्याय योजना एवं गौठानो योजनाओं के संबंध में विस्तृत जनाकारी ली तथा तहसील कार्यालय पाटन के प्रांगण में स्थित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान कैंटीन का अवलोकन किया, वहाँ उपस्थित जय माँ बगलामुखी स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बताया गया कि प्रतिदिन उनकी 1000 से 1500 रुपये तक के सामग्री की बिक्री हो जाती है।
    संभागायुक्त द्वारा कार्यालय में आवश्यक मरम्मत एवं नियमित सफाई के निर्देश दिए गए तथा कार्यालय में आए हुए लोगों को पर्याप्त शारीरिक दूरी बनाए रखने तथा मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के संबंध में निर्देशित किया। उन्होंने तहसील प्रांगण में खड़ी एक खराब जीप की तत्काल नीलामी करने के लिए निर्देश दिए जिससे कि तहसीलदार को नया वाहन उपलब्ध हो सके, उन्होंने क्षेत्र में चल रहे गिरदावरी कार्य की भी समीक्षा की जिस पर अनुभागीय अधिकारी पाटन ने बताया कि 40 प्रतिशत से अधिक गिरदावरी कार्य पूर्ण हो चुका है। निरीक्षण के समय अनुभागीय अधिकारी पाटन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पाटान और नायाब तहसीलदार पाटन भी मौके पर उपस्थित थे।

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / हर कोई अपने घर को खूबसूरती से सजाना चाहता है। घर के कोने-कोने को सजाने के लिए हम तरह-तरह की पेटिंग्स से लेकर फूल-पौधे लगाते हैं। हालांकि कई बार वास्तु शास्त्र की जानकारी न होने पर हम कुछ ऐसा भी कर देते हैं, जिससे वास्तु दोष होता है। वास्तु शास्त्र में घर में सुख-शांति और खुशहाली के लिए कई तरह के उपाय भी बताए गए हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इन उपायों से वास्तु दोष दूर होता है और घर में खुशहाली आती है।

    1. अतिथियों के साथ मधुर रिश्तों के लिए उत्तर या पश्चिम दिशा में स्थान बनाना चाहिए।
    2. वास्तु शास्त्र के अनुसार, पैसों की बचत के लिए घर के दक्षिण-पूर्व दिशा में नीले रंग की बजाए गुलाबी रंग का इस्तेमाल करना चाहिए।
    3. कहते हैं कि पार्किंग के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थान होना शुभ होता है।
    4.घर के पौधों को रोजाना पानी देना चाहिए। अगर कोई पौधा सूख जाए तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए।
    5. वास्तु शास्त्र के अनुसार, कभी भी व्यक्ति को दक्षिण दिशा में पांव करके नहीं सोने चाहिए। ऐसा करने से बैचेनी या घबराहट हो सकती है।
    6. माना जाता है कि बेडरूम में ड्रेसिंग टेबल पूर्व या उत्तर दिशा में होनी चाहिए। इसके अलावा सोते समय शीशे को ढक देना चाहिए।
    7. घर में उत्तर दिशा, पूर्व दिशा और वायव्य दिशा में सामान रखना शुभ होता है।
    8. घर में नुकीले या कांटेदार पौधों को लगाने से बचना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से धन की हानि होती है।
    9. घर में अग्नि से संबंधित उपकरण दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ होता है।
    10. पूजा घर में नियमित तौर पर पूजा करनी चाहिए। पूजा घर कभी भी घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं बनाना चाहिए।

     

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय में शिक्षकों ने अपनी संकल्प शक्ति से बच्चों के भविष्य को गढऩे का बीड़ा उठाया है। राजनांदगांव जिला अंतर्गत वनांचल मोहला के संकुल रेंगाकठेरा में शिक्षक नियमित रूप से मोहल्ला क्लास लेे रहे है। मीडिया प्रभारी श्री सुनील शर्मा तथा संकुल समन्वयक श्री विष्णु साहू ने बताया कि पढ़ाई तुंहर दुआर के वेबपोर्टल के माध्यम से शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही है। इसके साथ ही बच्चों को इनके घर के आसपास चौक में मोहल्ला क्लास संचालित कर पढ़ाने की व्यवस्था की जा रही। अध्यापन के लिए कई शिक्षक सारथी भी नि:शुल्क पढ़ाने के लिए स्वयमेव तैयार हो गए, जिसके कारण रेंगाकठेरा संकुल अंतर्गत नियमित मोहल्ला कक्षाएं संचालित की जा रही है। मोहल्ला पाठशाला में पाठ्यक्रम पूरा करने के अलावा बच्चों के मानसिक, नैतिक एवं कौशल विकास के लिए भी विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही है। मोहल्ला क्लास में आने वाले शैक्षणिक समस्याओं का समाधान सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा वीडियो काल के माध्यम से किया जा रहा है।
    उप सरपंच नरेश कोर्राम का मिला विशेष सहयोग-
    मोहला ब्लॉक के इस सुदूर आदिवासी अंचल स्थित ग्राम पंचायत रेंगाकठेरा में उप सरपंच श्री नरेश कोर्राम द्वारा शिक्षक श्री सुनील शर्मा एवं नंदकुमार के निवेदन पर बच्चों के लिए मोहल्ला पाठशाला के लिए आवश्यक सामग्री तत्काल उपलब्ध कराई, जिससे बच्चों की अध्यापन व्यवस्था और बेतहर हुई है। मोहल्ला क्लास के बेहतर संचालन में उप सरपंच श्री नरेश कोर्राम के विशेष योगदान के अलावा संकुल रेंगाकठेरा के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का भी भरपूर योगदान रहा है। जिसमें सर्वश्री सुनील शर्मा, नंदकुमार साहू, सुनीता वर्मा, प्रेमलता शर्मा, गुरुदत्त पिस्दा, अभीकेश वर्मा, प्रहलाद साहू, जीवन नायक, अमर सिंह ठाकुर, सालिक निषाद, डिलेंन्द नायक, आशीष लाल, श्रद्धा देशमुख, मक्खन साहू, अशोक ठाकुर, देवला मंडावी, प्रमिला सिन्हा, धनुष ठाकुर, इतवारीन कोमरे, सरस्वती साहू, कैलाश भूवार्य, राजकुमार भूवार्य, सुलोचना देशमुख, रैश कुमार धालेंद्रा, गजेन्द्र भूवार्य, फूलबाई आर्य, नीरज सोनी, प्रदीप तारम, योगेश गंगासागर आदि शिक्षक-शिक्षिका द्वारा नियमित रूप से मोहल्ला क्लास संचालन किया जा रहा हैं। मोहला ब्लॉक में मोहल्ला क्लास के सफल संचालन के लिए सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री राजेंद्र कुमार देवांगन, संकुल समन्वयक श्री विष्णु साहू द्वारा समय-समय पर निरीक्षण एवं आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / स्वास्थ्य विभाग कोविड-19 संक्रमण सहित श्वसन संबंधी गंभीर रोगों जैसे टीबी सहित इंफ्लूजां आदि की रोकथाम के लिए जांच के दायरा को बढ़ायेगी। इसके तहत ऐसे सभी मरीजों की कोविड जांच भी होनी है, जो टीबी से पीडि़त हैं। इस दिशा में परिवार कल्याण मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी कर आवश्यक निर्देश दिये हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कोविड-19 से पीडि़त मरीजों की टीबी व टीबी के मरीजों की कोविड जांच की जाये। निर्देश में इस बात की चर्चा की गयी है कि ट्यूबरकलोसिस (टीबी) और कोविड-19 दोनों संक्रामक रोग हैं जो फेफड़ों पर हमला करते हैं। दोनों ही रोगों में कफ, बुखार व सांस लेने में परेशानी जैसे समान लक्षण दिखते हैं। हालांकि टीबी रोग का इन्क्यूबेशन पीरियड लंबा होता है और बीमारी होने की जानकारी लंबे समय में मिलती है। विभिन्न अध्ययनों से इस बात का खुलासा किया गया है कि कोविड-19 के मरीजों में टीबी की मौजूदगी 0.37 से 4.47 प्रतिशत रहता है। अध्ययन के मुताबिक वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल की तुलना में टीबी मामलों में 26 प्रतिशत की कमी आयी है।
    कोविड-19 के गंभीर मरीजों में टीबी होने का जोखिम 2.1 गुना अधिक होता है, इसके साथ ही टीबी मरीजों में कुपोषण, मधुमेह एवं धूम्रपान की आदत व एचआइवी की संभावना भी अधिक होती है जो जोखिम बढ़ाने वाले कारकों में शामिल हैं।

    बाई डायरेक्शनल जांच के लिए तीन महत्वपूर्ण कदम
    मंत्रालय का मानना है कि टीबी और कोविड जांच के लिए बाई डायरेक्शनल यानी दो तरफा जांच जैसे महत्वपूर्ण कदम संक्रमण की पुष्टि के लिए उठाने होंगे। इनमें टीबी और कोविड में से किसी एक बीमारी से संक्रमित हुए व्यक्तियों की दोनों बीमारियों के लिए जांच करने की सिफारिश की गयी है। सभी इलाज कराये हुए या इलाजरत टीबी मरीजों की कोविड-19 की जांच होगी, यदि मरीज कोविड-19 पॉजिटिव होते हैं तो गाइडलाइन के अनुसार मरीज का टीबी इलाज के साथ साथ कोविड-19 मैनेजमेंट के अनुरूप इलाज किया जायेगा, यदि मरीज कोविड.19 निगेटिव हैं तो उनका सिर्फ टीबी का इलाज जारी रहेगा।

    कोविड-19 मरीजों का होगा टीबी स्क्रीनिंग
    सभी कोविड-19 के मामले में टीबी के लक्षणों की पहचान की जायेगी। खांसी या कफ दो हफ्ते से अधिक समय तक रहने, वजन में कमी एवं रात के समय में बहुत अधिक पसीना बहने सहित टीबी के मरीजों के साथ काटेंक्ट हिस्ट्री का पता लगाकर उनके छाती का एक्स-रे कराया जायेगा और टीबी की इलाज की जाएगी। टीबी जांच के लिए सैंपल कलेक्शन का काम खुले व हवादार क्षेत्र में किया जाना है। स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट पहन कर और कोविड-19 उचित व्यवहारों को अनुपालन करते हुए सैंपल कलेक्शन का काम करना है।

    टीबी के कारण फेफ ड़ों में होता है सूजन
    लंबे समय से खांसी वाले व्यक्ति को बिना देरी किये डॉक्टरी सलाह लेते हुए टीबी की पुष्टि की जांच करानी चाहिए। खांसने के दौरान संक्रमित व्यक्ति के मुंह से निकले ड्रापलेट्स में मौजूद माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरियां दूसरे स्वस्थ्य रोगी को भी संक्रमित कर देता है। इस संक्रमण के कारण धीरे धीरे फेफड़ों में सूजन आ जाती है।

    भिलाई नगर / शौर्यपथ / 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके नगर पालिक निगम के 9 कर्मचारियों को आज सोमवार को ससम्मान विदाई दी गई। निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी एवं निगम के अधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह, शॉल और श्रीफल भेंट करते हुए सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना किए। इसके पूर्व सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों ने भिलाई निगम में सेवाकाल के दौरान कठिन परिस्थितियों का सामना करने के टिप्स देते हुए अपने अनुभवों को साझा किया! निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों ने निगम के हर कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए कई उपलब्धियां हासिल किए है जिसके लिए उन्होंने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किए और सेवानिवृत्त होने के बाद अब आप सभी पूरे परिवार के साथ अच्छा जीवन बिताएं और अपने अनुभवों के साथ अच्छे कार्यों में सहभागी बने। कोरोना संक्रमण की वजह से जुलाई में विदाई समारोह का आयोजन नहीं किया जा सका था। इस वजह से जुलाई और अगस्त में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एक साथ विदाई दी गई इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क का पालन किया गया।
    सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों में राजेश कुमार शर्मा सहायक ग्रेड तीन, गया प्रसाद पंप सहायक, श्रीमती दुर्गा बाई सफाई कामगार, लिवन सिंह देशमुख राजस्व निरीक्षक, महेंद्र यादव ट्रेसर अनुरेखक, मो. वकील अहमद वाहन चालक, राम गोपाल पटेल फील्ड वर्कर, गोविंद राम मजदूर, जागेश्वर सफाई कामगार को उनके परिवार की उपस्थिति में विदाई दी गई। इस मौके पर स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेन्द्र मिश्रा, संजय शर्मा, अजय शुक्ला, विष्णु चंद्राकर, जय जैन सहित कर्मचारी संघ के सदस्य सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

    भिलाई नगर / शौर्यपथ / निगम प्रशासन ने लोगों की सुविधा के अनुसार सभी जोन क्षेत्र के तालाबों में प्रतिमा विर्सजन की व्यवस्था की है। निगम क्षेत्र के 13 तालाबों में विर्सजन की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए तालाबों में स्थानीय स्तर पर गोताखोर रखा गया है। घाट की साफ-सफाई के लिए जोन स्तर पर कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। स्वच्छता विभाग के कर्मचारियों की दो शिफट में ड्यूटी लगाई है। फूलमाला को एकत्र करने के लिए घाट के समीप स्वच्छता कर्मचारी तैनात है। रात्रि में प्रकाश व्यवस्था के लिए खंभों में एलईडी लाइट लगाई गई है।
    उपायुक्त ने लिया व्यवस्था का जायजा
    महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव और निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के निर्देशानुसार निगम उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने प्रतिमा विर्सजन के लिए चिन्हित तालाबों का जायजा लिया। जोन के कर्मचारियों को तालाबों में एक निश्चित दायरे में ही प्रतिमा विर्सजन करवाने के निर्देश दिए। ज्यादा गहराई में जाने वाले लोगों को रोकने के लिए कहा! जनसंपर्क अधिकारी पीसी सार्वा के साथ वार्ड एक के खमरिया आलाबंद तालाब वर्तमान नाम राजीव गांधी सरोवर, वार्ड 9 भेलवा तालाब वर्तमान नाम रानी लक्ष्मीबाई सरोवर, वार्ड 7 आमा तालाब वर्तमान नाम संत शिरोमणि सेन जी महाराज, वार्ड 16 कुरूद स्थित नकटा तालाब वर्तमान नाम देवदास बंजारे तालाब, वार्ड 27 घासीदास नगर तालाब वर्तमान नाम शिव शक्ति तालाब, वार्ड 19 कैंप 1 तालाब वर्तमान नाम जय शंकर पार्वती तालाब, वार्ड 2 स्मृति नगर तालाब वर्तमान नाम अटल बिहारी वाजपेयी सरोवर, वार्ड-7 सुदंर नगर लिम्हा तालाब वर्तमान नाम स्वामी विवेकानंद सरोवर, और वार्ड-28 दर्री तालाब वर्तमान नाम शहीद चुम्मन यादव सरोवर के तालाबों का जायजा लिया। प्रकाश व्यवस्था और फूल माला एवं विर्सजन सामग्री को एकत्र करने के लिए घाट के समीप व्यवस्था रखने के निर्देश दिए।
    इन तालाबों में होगी प्रतिमा विर्सजन
    निगम प्रशासन ने लोगों से चिन्हित तालाबों में ही प्रतिमा को विसर्जित करने के साथ ही विसर्जन के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। हवन-Óपूजा की सामग्री और फूलमााओं को घाट के समीप निर्धारित स्थल में डालने का आग्रह किया है। जोन-1 नेहरू नगर के अंतर्गत वार्ड-1 खम्हरिया आलाबांद तालाब वर्तमान नाम राजीव गांधी सरोवर, वार्ड-2 स्मृति नगर तालाब वर्तमान नाम अटल बिहारी वाजपेयी सरोवर, वार्ड-7 सुंदर नगर लिम्हा तालाब वर्तमान नाम स्वामी विवेकानंद सरोवर और आमा तालाब कोहका रोड स्थित तालाब वर्तमान नाम संत शिरोमणि सेन जी महाराज, वार्ड-9 कोहका आर्य नगर स्थित तालाब वर्तमान नाम महात्मा गांधी सरोवर, वार्ड-9 भेलवा तालाब वर्तमान नाम रानी लक्ष्मीबाई सरोवर में प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था की गई है।
    जोन-2 वैशाली नगर अंतर्गत वार्ड-16 कुरूद नकटा तालाब वर्तमान नाम देवदास बंजारे तालाब, वार्ड-19 केम्प-1 तालाब वर्तमान नाम जय शंकर पार्वती तालाब, वार्ड-27 घासीदास नगर तालाब वर्तमान नाम शिव शक्ति तालाब, जोन-3 मदर टेरेसा नगर अंतर्गत वार्ड-21 बैकुंठधाम तालाब और सेक्टर-2 तालाब, जोन-4 वीर शिवाजी नगर अंतर्गत वार्ड-28 दर्री तालाब छावनी वर्तमान नाम शहीद चुम्मन यादव सरोवर, जोन-5 सेक्टर-6 अंतर्गत वार्ड-57 जयंती स्टेडियम के पीछे स्थित तालाब में प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्थाा की गई है।

     

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