August 24, 2026
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    भारत

    भारत (1085)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऐलान किया था कि बच्चों को 3 जनवरी से कोरोनावायरस के खिलाफ टीका लगाया जा सकता है.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    15 से 18 साल की उम्र के बच्चे CoWIN ऐप पर 1 जनवरी से वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सरकार ने सोमवार सुबह कहा कि इसके लिए बच्चे स्टूडेंट आईडी का इस्तेमाल कर सकते हैं. एएनआई ने CoWIN प्लेटफॉर्म के प्रमुख डॉ आरएस शर्मा के हवाले से लिखा है कि CoWIN पर छात्रों को पंजीकरण के लिए अपने आईडी कार्ड का उपयोग करने के लिए प्रावधान किया है, क्योंकि हो सकता है कि कुछ के पास आधार कार्ड ना हों.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऐलान किया था कि बच्चों को 3 जनवरी से कोरोनावायरस के खिलाफ टीका लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा था कि इससे वायरस के खिलाफ लड़ाई को बढ़ावा मिलेगा और देश भर के स्कूलों को सामान्य स्थिति में लौटने में मदद मिलेगी.

     

     

     

     

     

    किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि कोई फैसला होगा तो बगैर किसानों की मर्जी के भारत में फैसला नहीं होगा. हमने ईमानदारी से खेत में हल चलाया, लेकिन दिल्ली की कलम ने भाव देने में बेईमानी की.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

     भारतीय किसान यूनियन  के नेता राकेश टिकैत  ने रविवार को कहा कि किसान नहीं चाहते कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  माफी मांगें और वे ये भी नहीं चाहते कि विदेश में उनकी छवि खराब हो. उनका बयान केंद्र द्वारा तीन कृषि कानूनों (Farm Laws) को निरस्त करने के कुछ दिनों बाद आया है, जिसके खिलाफ कई किसान संगठन करीब एक साल तक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

    राकेश टिकैट ने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'हम नहीं चाहते देश का प्रधानमंत्री माफी मांगे. हम उनकी प्रतिष्ठा विदेश में खराब नहीं करना चाहते. कोई फ़ैसला होगा तो बगैर किसानों की मर्ज़ी के भारत में फ़ैसला नहीं होगा. हमने ईमानदारी से खेत में हल चलाया लेकिन दिल्ली की कलम ने भाव देने में बेईमानी की.'

    तीन निरस्त कृषि कानूनों पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के हालिया बयान पर उन्होंने कहा कि इस टिप्पणी का उद्देश्य किसानों को धोखा देना था.

    नागपुर में एक कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने कहा था, 'हम कृषि कानून लाए थे. कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आया. लेकिन सरकार निराश नहीं है. हम एक कदम पीछे हटे हैं और हम फिर से आगे बढ़ेंगे क्योंकि किसान भारत की रीढ़ हैं. अगर रीढ़ की हड्डी मजबूत होगी तो देश मजबूत बनेगा.' हालांकि, बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि केंद्र की कृषि कानूनों को फिर से लाने की कोई योजना नहीं है. साथ ही कहा कि उनका यह बयान गलत तरीके से पेश किया गया. टिकैत ने केंद्र द्वारा कृषि कानूनों को फिर से लाने पर आंदोलन दोबारा शुरू करने की धमकी दी है.

    बता दें, 19 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने का ऐलान किया था. इसके बाद संसद से कानून वापस होने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन खत्म किया था.

     

     

     

     

     

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते आज से नाइट कर्फ़्यू लगाने का आदेश जारी कर दिया गया है. दिल्ली में आज से रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ़्यू रहेगा. पिछले 24 घंटे में 290 नए कोरोना केस मिले हैं और एक मरीज़ की मौत हुई है. सक्रिय मरीज़ों की संख्या भी 1,000 से ज़्यादा हो चुकी है. कोरोना संक्रमण दर 0.55 फ़ीसदी हो चुकी है. वहीं, कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की बात करें तो एक दिन में 63 नए मामले सामने आए हैं. दिल्ली में ओमिक्रॉन के कुल मरीजों की संख्या 142 हो चुकी है, जो कि पूरे देश में किसी राज्य में सबसे ज्यादा है. दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र 141 मरीजों के साथ है. 19 राज्यों में ओमिक्रॉन के कुल 578 मामले हो चुके हैं, जिनमें से 151 मरीज़ ठीक भी हो गए.

    इन पर रहेगी छूट

    भोजन, फल-सब्जियां, डेयरी-दूध उत्पाद, दवा जैसी आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए पड़ोस की दुकान तक पैदल जाने

    हवाईअड्डों/रेलवे स्टेशनों/आईएसबीटी से आने/जाने के लिए वैलिड टिकट दिखाने पर यात्रा करने की अनुमति

    वैलिड आईडी कार्ड दिखाने पर प्रिंट और टीवी पत्रकार को छूट रहेगी

    ई-कॉमर्स के माध्यम से खाद्य पदार्थ, फार्मा, चिकित्सा उपकरणों सहित आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी की जा सकेगी

    दुकानें, खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, फल-सब्जियां, डेयरी-दूध बूथ, मांस-मछली, पशु चारा, फार्मास्यूटिकल्स, दवाएं पर भी छूट रहेगी

    वैलिड पहचान पत्र और रजिस्ट्रेशन फार्म (हार्ड कॉपी या सॉफ्ट कॉपी) दिखाने पर COVID-19 टीकाकरण के लिए जा रहे हो लोगों को छूट

     

    तोमर ने शुक्रवार को नागपुर में एक कार्यक्रम में कृषि कानूनों (अब निरस्त) के बारे में बात करते हुए कहा कि सरकार एक "कदम पीछे" चली गई है और " फिर से आगे बढ़ेंगे". इस बारे में पूछे जाने पर उन्‍होंने कहा, "मैंने यह नहीं कहा."

     ग्वालियर /शौर्यपथ/

    केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर  ने शनिवार को स्पष्ट किया कि केंद्र कृषि कानूनों को संशोधित रूप में फिर से पेश नहीं करेगा. केंद्रीय मंत्री की ओर से स्पष्टीकरण कांग्रेस  के उस आरोप के बाद आया है कि जिसमें उसने कहा था कि केंद्र पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों  के बाद संशोधन के साथ तीन कृषि कानूनों (जिन्‍हें अब निरस्त कर दिया गया है) को वापस लाने की योजना बना रहा है.

    तोमर ने शुक्रवार को नागपुर में एक कार्यक्रम में कृषि कानूनों (अब निरस्त) के बारे में बात करते हुए कहा कि सरकार एक "कदम पीछे" चली गई है और " फिर से आगे बढ़ेंगे". इस बारे में पूछे जाने पर उन्‍होंने कहा, "मैंने यह नहीं कहा."

    मंत्री ने कहा, "मैंने कहा था कि सरकार ने अच्छे (कृषि) कानून बनाए हैं. कुछ कारणों से हमने उन्हें वापस ले लिया. सरकार किसानों के कल्याण के लिए काम करना जारी रखेगी."

    इससे पहले, नागपुर के कार्यक्रम के दौरान, तोमर ने कहा था: "हम कृषि कानून लाए. कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आया लेकिन आजादी के 70 साल बाद यह एक बड़ा सुधार था जो नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा था, लेकिन सरकार निराश नहीं है. हम एक कदम पीछे हटे और हम फिर से आगे बढ़ेंगे क्योंकि किसान भारत की रीढ़ हैं और अगर रीढ़ मजबूत हुई तो देश मजबूत होगा."

     कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने तोमर के बयान का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र फिर से आगे बढ़ेगा. सुरजेवाला ने कहा, ''तोमर के बयान ने एक बार फिर केंद्र की तीनों किसान विरोधी कानूनों को वापस लाने की साजिश को उजागर किया है. यह स्पष्ट है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद में केंद्र सरकार तीन काले कानूनों को एक नए रूप में वापस लाने की योजना बना रही है और यह वे पूंजीपतियों के दबाव में कर रहे हैं."

    23 नवंबर से शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान आवश्यक विधेयक पारित होने के बाद तीनों कृषि कानूनों को निरस्त कर दिया गया था.

     

     

    राजनाथ ने कहा कि एयर स्ट्राइक में भी हमने कामयाबी हासिल की थी, हमने यह संदेश दे दिया कि अगर कोई हमपर बुरी नजर उठाकर देखेगा तो हम सीमा पार करके भी कार्रवाई कर सकते हैं, यह भारत की ताकत है.

    लखनऊ /शौर्यपथ/

     रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह  रविवार को लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई का शिलान्यास किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि हम ब्रह्मोस इसलिए बनाना चाहते हैं ताकि दुनिया का कोई देश भारत पर बुरी नजर उठाकर देखने की जुर्रत न कर सके. रक्षामंत्री सिंह ने रक्षा प्रौद्योगिकी एवं परीक्षण केंद्र तथा ब्रह्मोस विनिर्माण केंद्र के शिलान्यास के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा, ''हम ब्रह्मोस मिसाइल बना रहे हैं, रक्षा के दूसरे उपकरण और हथियार बना रहे हैं तो दुनिया के किसी देश पर आक्रमण करने के लिए नहीं बना रहे हैं.''

    सिंह ने कहा, '' हम तो हिंदुस्तान की धरती पर ब्रह्मोस इसलिए बनाना चाहते हैं कि भारत के पास कम से कम ऐसी ताकत हो कि दुनिया का कोई देश भारत की तरफ बुरी नजर उठाकर देखने की जुर्रत न करे.'' पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, ''मैं उरी और पुलवामा की घटना की आपको याद दिलाना चाहता हूं, एक हमारा पड़ोसी देश है ...जिससे पुलवामा में जिस प्रकार की आतंकवादी वारदात को अंजाम दिया, उसके बाद हमारे प्रधानमंत्री ने फैसला लिया और हमने उस देश की धरती पर जाकर आतंकवादियों का सफाया किया.''

    राजनाथ ने जोर देकर कहा कि एयर स्ट्राइक में भी हमने कामयाबी हासिल की थी, हमने यह संदेश दे दिया कि अगर कोई हमपर बुरी नजर उठाकर देखेगा तो हम सीमा पार करके भी कार्रवाई कर सकते हैं, यह भारत की ताकत है. रक्षा मंत्री ने रक्षा परियोजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, ''आज दोनों इकाइयों का यहां शिलान्यास हो रहा है.यह हमारे देश की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है. साथ ही रक्षा उत्पादन इकाई क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को एक विशेष स्थान बनाने में यह कामयाब होगा.'' उन्होंने कहा, ''इनसे यहां के लोगों को रोजगार भी हासिल होगा और उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा.''राजनाथ सिंह ने रक्षा वैज्ञानिकों और अभियंताओं को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और कहा, ''मैने कल्पना नहीं की थी कि छह आठ, दस माह में भी भूमि अधिग्रहण हो पाएगा लेकिन मुख्यमंत्री जी ने डेढ़ माह में इस परियोजना के लिए दो सौ एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है.''

    उन्होंने माफियाओं के दमन के लिए योगी की तारीफ करते हुए कहा कि ''हर काम में योगी जी दरियादिली दिखाते, लेकिन एक काम में कंजूसी करते हैं, ये माफियाओं के मामले में जरा भी रियायत नहीं देते. सभी जगह बुलडोजर चल रहे हैं, इस समय बल्‍ले बल्‍ले है लेकिन अपराधियों की नहीं बल्कि बुलडोजर वालों की है. इसी का परिणाम है कि भारत के ही नहीं दुनिया के निवेशक उत्तर प्रदेश में अपना पैसा निवेश करने आ रहे हैं.''

    उन्होंने प्रसिद्ध मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की भी प्रशंसा की.उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि लखनऊ में ही अब ब्रह्मोस मिसाइल बनेगी और नये नये अनुसंधान यहां पर होंगे और भारत को रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी.उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हमेशा दुनिया को मैत्री और शांति का संदेश दिया है लेकिन हमारी मैत्री, करुणा का संदेश मानवता के कल्याण को ध्‍यान में रखकर है. इसका मतलब नहीं कि हम अपने देश की 135 करोड़ जनता की सुरक्षा पर किसी भी प्रकार की आंच आने दें.

     योगी ने कहा कि विगत साढ़े सात वर्ष के अंदर केंद्र सरकार द्वारा किये गये ऑपरेशन को देखा होगा और हर व्‍यक्ति इस बात को मानता है कि ये नया भारत है, छेड़ता नहीं है लेकिन अगर कोई छेड़ता है तो उसे छोड़ता भी नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा, '' ब्रह्मोस का उत्पादन लखनऊ में हो तो लखनऊ अब केवल इस बात के लिए नहीं होगा कि 'मुस्कुराइये आप लखनऊ में हैं' बल्कि लखनऊ अब दुश्मन देश के लिए दहाड़ने की बात भी कर सकता है. यहां बनने वाली मिसाइल न केवल रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम बनेगी बल्कि भारत की सुरक्षा पंक्ति को और सुदृढ़ करने और युवाओं के रोजगार के लिए भी एक बेहतरीन माध्‍यम बनेगी.'' कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद कौशल किशोर तथा राज्‍य सरकार के कई मंत्री और विधायक तथा रक्षा सचिव मौजूद थे.

     

     

     

     

     

    उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए महिला-केंद्रित घोषणाओं की संख्या बढ़ गई है. कांग्रेस, जो पिछले कई चुनावों में राज्य में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रही है, ने लिंग समानता का मुद्दा उठाते हुए चुनावों में महिलाओं को 40 फीसदी टिकट देने का ऐलान किया है.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

      कांग्रेस  महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा  की महिला-केंद्रित "लड़की हूं, लड़ सकती हूं" अभियान का उत्तर प्रदेश में एक बड़ा असर देखने को मिला है. राज्य सरकार के आदेश की अवहेलना करते हुए आज हजारों महिलाओं ने झांसी और लखनऊ में आयोजित कांग्रेस की मैराथन दौड़ में भाग लिया. इस मैराथन में युवतियों की लंबी कतार सड़कों पर दौड़ती दिखी.

    कांग्रेस द्वारा इस मैराथन दौड़ का वीडियो ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है. वीडियो में दिख रहा है कि लखनऊ और झांसी में मैराथन दौड़ में बड़ी भीड़ उमड़ी है, जबकि जिला प्रशासन ने ओमिक्रॉन स्ट्रेन के बढ़ते मामलों का हवाला देते हुए मैराथन के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था.

    प्रशासन के इनकार के बाद झांसी में पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया लेकिन लड़कियों ने भी घर लौटने से इनकार कर दिया और दौड़ में शरीक होकर मानीं.

    कांग्रेस द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में एक महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "राज्य सरकार को तब कोई समस्या नहीं हुई, जब एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया और वहां लाखों छात्र जुटाकर लैपटॉप वितरित किए गए थे, तो फिर अब क्यों दिक्कत हो रही है?"

    कांग्रेस ने दोनों मैराथन में पहले तीन विजेताओं के लिए स्कूटी की घोषणा की है और चौथे से 25वें स्थान पर आने वालों को स्मार्टफोन देने का एलान किया गया है. अगले 100 को फिटनेस बैंड, जबकि अगली 1,000 महिलाओं को पदक दिया जाना है. पार्टी ने मैराथन प्रतिभागियों के लिए प्रवेश शुल्क नहीं लिया था.

    उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए महिला-केंद्रित घोषणाओं की संख्या बढ़ गई है. कांग्रेस, जो पिछले कई चुनावों में राज्य में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रही है, ने लिंग समानता का मुद्दा उठाते हुए चुनावों में महिलाओं को 40 फीसदी टिकट देने का ऐलान किया है. कांग्रेस इसी बहाने हाथरस में दलित युवती से हुई गैंगरेप मामले और उन्नाव मामले के बहाने बीजेपी सरकार पर निशाना साध रही है.

     

     

     

     

     

     

    स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने बताया कि 28 दिसंबर से रात 10 बजे से तड़के पांच बजे तक 10 दिन के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू करके ‘‘रात्रिकालीन कर्फ्यू'' लगाया जाएगा

    बेंगलुरु /शौर्यपथ/

     कर्नाटक सरकार  ने 28 दिसंबर से 10 दिन के लिए ‘‘रात्रिकालीन कर्फ्यू'' लगाने का फैसला किया है, जो रात 10 बजे से तड़के पांच बजे तक लागू रहेगा. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने रविवार को यह जानकारी दी. सरकार ने कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के बढ़ते खतरे के बीच नववर्ष पर आयोजित होने वाले समारोहों पर भी कुछ प्रतिबंधों की घोषणा की है.

    सुधाकर ने बताया कि 28 दिसंबर से रात 10 बजे से तड़के पांच बजे तक 10 दिन के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू करके ‘‘रात्रिकालीन कर्फ्यू'' लगाया जाएगा. उन्होंने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता वाली मंत्रियों, अधिकारियों और कोविड तकनीकी सलाहकार समिति की उच्च स्तरीय बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि नववर्ष पर समारोह आयोजित करने और लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा.

     बोम्मई ने कहा, ‘‘बाहरी परिसरों पर खासकर डीजे का इस्तेमाल करने वाले उन समारोहों पर प्रतिबंध रहेगा, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना होगी.'' मंत्री ने कहा कि भोजनालयों, होटल, पब और रेस्तरां में परिसर की क्षमता के 50 प्रतिशत लोगों को ही बैठने की अनुमति होगी.

     

     

     

    सूरजेवाला ने कहा, "ओमिक्रोन वायरस के खतरे को मोदी सरकार नज़रअंदाज़ कर रही है. मोदी सरकार दिशाहीन नेतृत्व की सरकार है, जो स्टंटबाजी तक सीमित हो गई है."

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

     कांग्रेस  ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  पर कोरोना वायरस  के खिलाफ जंग में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. पार्टी प्रवक्ता और महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला  ने आज (रविवार, 26 दिसंबर) एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में मोदी सरकार के उस दावे को गलत ठहराया जिसमें कहा गया था कि 31 दिसंबर तक 18 साल से ऊपर के सभी देशवासियों को वैक्सीन की दोनों खुराक दे दी जाएगी.

    प्रधानमंत्री मोदी ने आज 'मन की बात' में भी दावा किया है कि देशभर में 141 करोड़ वैक्सीन खुराक दी जा चुकी है. उन्होंने कल राष्ट्र के नाम संबोधन में फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को बूस्टर डोज देने और 12 से 18 साल के बच्चों को वैक्सीन देने का ऐलान किया था.

    सुरजेवाला ने कहा, "मोदी जी ने टीवी पर आकर कल शेखी बघारी, वाहवाही बटोरी, लेकिन वैक्सीन है कहाँ?" उन्होंने कहा, "ओमिक्रोन वायरस के खतरे को मोदी सरकार नज़रअंदाज़ कर रही है. मोदी सरकार दिशाहीन नेतृत्व की सरकार है, जो स्टंटबाजी तक सीमित हो गई है."

    कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की आपराधिक लापरवाही के कारण कोरोना की दूसरी लहर में 40 लाख लोग मौत के शिकार हुए. उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की आहट से ठीक पहले देशवासियों की जान फिर से मोदी सरकार खतरे में डाल रही है. सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि 31 दिसम्बर तक 18 साल से ऊपर के सभी नागरिकों यानी 94 करोड़ लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज़ लगा देंगे लेकिन 31 दिसंबर में अब सिर्फ 5 दिन बचे हैं और सरकार निर्धारित लक्ष्य से दूर है.

    रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार ओमीक्रॉन वायरस के खतरे को नजरंदाज कर ज़िंदगियों से खिलवाड़ कर रही है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के‘‘बातें बनाने'' और ‘‘टेलीविज़न पर आने'' से अपराधिक लापरवाही के ‘‘ज़ख्म'' नहीं भरेंगे. सूरजेवाला ने कहा कि देश के डॉक्टरों, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, फ्रंट लाईन वर्कर्स व अस्पतालों को साधुवाद, जिन्होंने जान हथेली पर रख कोरोना संकट से जूझने व खतरा उठाकर भी देशवासियों को कोरोना निरोधक वैक्सीन लगाया. देश ‘‘कोरोना वॉरियर्स'' का सदा आभारी रहेगा लेकिन टीवी पर ‘‘बातें बनाने'' या रोज़ ‘‘टेलीविज़न पर प्रधानमंत्री के आने'' से ज़ख्म नहीं भरेंगे!

     

     

     

     

    पीएम मोदी ने कहा कि ये जनशक्ति की ही ताकत है, सबका प्रयास है कि भारत 100 साल में आई सबसे बड़ी महामारी से लड़ सका.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

     ओमिक्रॉन के लगातार बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप के खिलाफ लड़ाई में व्यक्तिगत सतर्कता और अनुशासन देश की बड़ी ताकत हैं. पीएम ने ‘मन की बात' रेडियो कार्यक्रम में कहा कि भारत ने अपनी टीकाकरण मुहिम में ‘‘अभूतपूर्व सफलता'' हासिल की है, लेकिन वायरस के नए स्वरूप के कारण सतर्क रहने की आवश्यकता है.

    पीएम मोदी ने कहा, ‘‘हमारे वैज्ञानिक इस नए ओमीक्रोन स्वरूप पर लगातार नजर रख रहे हैं. उन्हें हर रोज नए आंकड़े मिल रहे हैं और उनके सुझावों के आधार पर कदम उठाए जा रहे हैं.''

    उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप के खिलाफ लड़ाई में व्यक्तिगत सतर्कता और अनुशासन देश की बड़ी ताकत हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सामूहिक ताकत कोरोना वायरस को हराएगी. हमें जिम्मेदारी की इस भावना के साथ 2022 में प्रवेश करना है.''

    उन्होंने शनिवार को घोषणा की थी कि अगले साल तीन जनवरी से 15 से 18 साल की आयु के किशोरों के लिये टीकाकरण अभियान आरंभ किया जाएगा. उन्होंने कहा था कि 10 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मियों एवं अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को चिकित्सकों की सलाह पर एहतियात के तौर पर टीकों की खुराक दिए जाने की शुरुआत की जाएगी.

    रविवार को ‘मन की बात' में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का भी जिक्र किया, जिन्होंने तमिलनाडु के कुन्नूर के निकट हुए हेलीकॉप्टर हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद पिछले सप्ताह बेंगलुरु के एक सैन्य अस्पताल में दम तोड़ दिया था. इस हादसे में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और सशस्त्र बलों के 11 कर्मियों की मौत हो गई थी. आठ दिसंबर को हुए इस हादसे में केवल ग्रुप कैप्टन सिंह ही जीवित बचे थे.

     

     

     

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