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नई दिल्ली / शौर्यपथ /दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन स्थल पर शुक्रवार की सुबह जिस शख्स लखबीर सिंह की सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब को कथित रूप से अपवित्र करने के आरोप में बर्बर तरीके से हत्या की गई, उसके गांव चीमा खुर्द के लोगों का कहना है कि उसे (लखबीर को) नशे की लत थी और ऐसा करने के लिए उसे प्रलोभन दिया गया था. तरनतारण जिले के एक रिटायर सेना कर्मी हरभजन सिंह ने कहा, 'वह (लखबीर) नशे का आदी था और उसे लालच देकर सिंघु बॉर्डर ले जाया गया होगा.'
उन्होंने कहा कि लखबीर सिंह चार-पांच दिन पहले गांव में ही था और उसकी निर्ममतापूर्वक हत्या का वीडियो देखकर हर किसी को धक्का लगा है. उन्होंने कहा, 'वह बेरोजगार था और परिवार का भरणपोषण सही से नहीं कर पाता था, उसके पिता की भी मौत हो चुकी है.'
चीमा खुर्द गांव के अन्य लोगों ने भी इस बात को दोहराया कि विक्टिम (लखबीर) को नशे की लत थी और वह कुछ दिन पहले तक गांव में था. एक अन्य शख्स ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा, 'वह (लखबीर) अपने परिवार के साथ रहता था और उसकी पत्नी अलग रहती थी. 'उसने कहा, 'लखबीर, 'अपवित्र' करने में शामिल नहीं हो सकता. '
गांव के एक अन्य निवासी मासा सिंह ने कहा, विक्टिम (लखबीर) पर (पवित्र ग्रंथ को) 'अपवित्र' के आरोप गलत हैं. उन्होंने कहा, 'वह ऐसा नहीं कर सकता, वह इस तरह का व्यक्ति नहीं था.'
लखबीर की बहन राज कौर ने एएनआई को बताया कि वह चार-पांच दिन पहले 50 रुपये लेकर घर से यह कहकर निकला था कि वह छबर में काम करने जा रहा है और एक हफ्ते में वापस आएगा. राज कौर ने कहा कि उनका बाई गुरुग्रंथ साहिब का अपमान नहीं कर सकता है. उसके हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए.
गौरतलब है कि 35 वर्ष का लखबीर एक मजदूर था और उसके परिवार में एक बहन, पत्नी और तीन बेटियां हैं, जिनमें से सबसे बड़ी 12 साल की है और सबसे छोटी आठ साल की है. सिंघु बॉर्डर पर लखबीर सिंह को शुक्रवार सुबह पीट-पीटकर मार डाला गया और उसका बायां हाथ और दाहिना पैर काट दिया गया. हत्यारों ने शव को पुलिस के बैरिकेड्स से बांध दिया और उसे वहीं छोड़ दिया.
मामला सामने आने के बाद विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान संघों के एकछत्र निकाय संयुक्त किसान मोर्चा ने घटना की निंदा की थी और हत्या से पल्ला भी झाड़ लिया. घटना के कम से सामने आए वीडियो में दिखाया गया है कि निहंगों की वेशभूषा में लोगों का एक बड़ा समूह लखबीर सिंह के आसपास खड़ा है और उनसे सवाल पूछ रहा है. वीडियो में दिखाया गया है कि उसका बायां हाथ कट जाने के बाद समूह उसके ऊपर खड़ा है और वह खून से लथपथ है.
नई दिल्ली शौर्यपथ । संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस रिजल्ट 2021 शुक्रवार (15 अक्टूबर) को घोषित कर दिया गया है. उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट jeeadv.ac.in पर रिजल्ट चेक कर सकते हैं.
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर ने सुबह 10 बजे के आसपास परिणाम और अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित की। उम्मीदवार अपने परीक्षा रोल नंबर, पंजीकरण संख्या और जन्म तिथि का उपयोग करके परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।
जेईई एडवांस रिजल्ट 2021: कैसे चेक करें
1. आधिकारिक वेबसाइट jeeadv.ac.in पर जाएं
2. जेईई एडवांस 2021 रिजल्ट पर क्लिक करें
3. पंजीकरण संख्या जैसे क्रेडेंशियल का उपयोग करके लॉगिन करें
4. विवरण जमा करें और परिणाम दिखाई देगा
5. डाउनलोड करें और भविष्य के संदर्भ के लिए एक प्रिंटआउट लें
नई दिल्ली । शौर्यपथ । तमिलनाडु । हाल ही में सम्पन्न तमिलनाडु के ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा को करारा झटका लगा है। यहां पर भाजपा के एक उम्मीदवार को केवल एक ही वोट मिला, जबकि उनके अपने घर में ही पांच मतदाता हैं।
कोयंबटूर जिले के पेरियानाइकनपालयम संघ में वार्ड सदस्य के पद के लिए चुनाव लड़ने वाले डी कार्तिक को केवल एक वोट मिलने के बाद सोशल मीडिया पर उनका मजाक उड़ाया जा रहा है। ट्विटर पर सिंगल वोट बीजेपी हैशटैग #Single_Vote_BJP के साथ उनकी हंसी उड़ाई जा रही है।
नई दिल्ली / एजेंसी / राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की पैरवी करते हुए मंगलवार को कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार के तहत पूरी सरकारी मशीनरी लखीमपुर खीरी में हुई घटना से जुड़े सच को दबाने की कोशिश कर रही है और विपक्ष को रोकने के लिए कठोरता बरत रही है. चौधरी का कहना है कि उन्हें लखीमपुर के पीड़ित किसानों के परिवारों से मिलने के लिए वहां तक पहुंचने के लिए छिप-छिपाकर जाना पड़ा.
उन्होंने कहा, ‘लखीमपुर तक पहुंचना बहुत मुश्किल काम था क्योंकि योगी ने पूरी सरकारी मशीनरी को विपक्ष के प्रयास को विफल करने में लगा दिया था. सरकार और पार्टी में फर्क होना चाहिए जो उत्तर प्रदेश में नहीं है...ऐसा लगता है कि जिला अधिकारी से लेकर पुलिस तक, सबने भाजपा की सदस्यता ले ली हो.' रालोद नेता के अनुसार, उन्हें दिल्ली से लखीमपुर तक पहुंचने के लिए 13 घंटे का समय लगा और वहां पर उन्होंने हिंसा में मारे गए किसानों के परिवारों से मुलाकात की.
बता दें, प्रशासन ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कई अन्य विपक्षी नेताओं को लखनऊ एवं निकट के इलाकों में ही रोक दिया और लखीमपुर खीरी तक नहीं पहुंचने दिया.
चौधरी ने कहा, ‘अगर आपको राजनीतिक प्रक्रिया में विश्वास नहीं है तो इसका क्या मतलब हुआ? अगर उनको राजनीतिक आवाज में विश्वास नहीं है तो वे चुनाव क्यों लड़ते हैं? आप देखिए, अब भी कई नेताओं को रोके रखा गया है. ये शर्मनाक घटनाएं हैं और प्रशासन के कठोर रवैये को दिखाती हैं.'
गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में रविवार को उप मुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्य द्वारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पैतृक गांव के दौरे के विरोध को लेकर भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले में मिश्रा के बेटे आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
जयंती चौधरी ने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की कुछ विपक्षी दलों की मांग का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन लगाने के कुछ आधार होते हैं और उत्तर प्रदेश में ये आधार मौजूद हैं. रालोद प्रमुख ने आरोप लगाया, ‘गृह विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्री ने किसानों का मुकाबला करने के लिए अपने समर्थकों को उकसाया. इसके बाद उसके बेटे ने किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी. यह जानबूझकर किया गया अपराध है और यह सुनियोजित भी था.'
उनके मुताबिक, किसानों ने उन्हें बताया कि गाड़ी के अगले हिस्से में बल्लियां बांधी गईं थी जिससे किसान नीचे गिरें और ज्यादा चपेट में आएं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह इस दावे को सत्यापित नहीं कर सकते. चौधरी ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की ओर से किसी भी व्यक्ति ने किसानें की मौत पर सामने आकर कुछ नहीं कहा.
प्रियंका गांधी वाड्रा और दीपेंद्र हुड्डा को हिरासत में लिए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह से दोंनो नेताओं के साथ ‘धक्कामुक्की' की गई, वह हैरान करने वाला है. उन्होंने राज्यसभा सदस्य हुड्डा का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस का व्यवहार संसदीय विशेषाधिकार का हनन है. चौधरी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने की घोषणा करनी चाहिए तथा इस पर अफसोस जताना चाहिए कि किसान 10 महीनों से सड़कों पर बैठे हुए हैं.
मुंबई / एजेंसी / जिस क्रूज शिप ड्रग्स पार्टी मामले में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ्तारी हुई है, उसमें हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं. एनसीबी ने कोर्ट को बताया है कि जो ड्रग्स शिप से बरामद की गई है, उसकी कीमत क्रिप्टो करेंसी में चुकाई गई थी. साथ ही बताया कि उस शिप के पास भारतीय समुद्र में परिचालन का लाइसेंस ही नहीं था. इसके अलावा एनसीबी ने 8 और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें से 4 को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 11 अक्टूबर तक NCB हिरासत में भेज दिया गया.
4 में से 2 ड्रग्स पैडलर हैं और 2 क्रूज शिप से लौटे यात्री हैं. मनीष के पास से 2.4 ग्राम गांजा मिला है तो अविन साहू ने शिप में गांजा सेवन किया था. NCB के मुताबिक ड्रग्स पैडलर श्रेयस के पास से भी 2 ग्राम चरस मिली है. NCB ने अदालत में दावा किया कि ये एक बड़ा नेक्सस है जिसकी जांच के लिए आरोपियों की कस्टडी जरूरी है. जबकि बचाव पक्ष ने NCB के आरोपों को निराधार बताया.
NCB के मुताबिक एक आरोपी ने इंटरनेशनल मार्केट से ड्रग्स खरीदने के लिए डार्क नेट का इस्तेमाल किया था और उसकी कीमत क्रिप्टो करेंसी में चुकाई थी. इस बीच कॉर्डेलिया शिप के परिचालन पर ही सवाल उठने लगे हैं. NCB के वकील ने कोर्ट में बताया कि जिस शिप पर ड्रग्स पार्टी चल रही थी, उसके पास भारतीय समुद्र में परिचालन का लाइसेंस ही नहीं था. यह शिप मुंबई से गोवा जाकर वापस लौटा है.
इधर, क्रूज शिप पर म्युजिकल पार्टी की सूचना मिलने के बाद भी हाथ पर हाथ धरे बैठी रही मुंबई पुलिस भी अब जाग गई है. मुंबई पुलिस ने डीजी शिपिंग से क्रूज शिप परिचालन नियम और कॉर्डेलिया शिप से जुड़ी जानकारी मांगी है. इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के 4 आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा. चारों इवेंट ऑर्गनाइजर कंपनी से जुड़े हैं और दिल्ली के रहने वाले हैं.
नई दिल्ली / एजेंसी / दिल्ली की रोहिणी कोर्ट से ओलिंपिक खेलों के पदक विजेता रेसलर सुशील कुमार को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने सुशील कुमार की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है. जमानत याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि अभी मामले में जांच चल रही है लिहाजा जमानत देना न्यायोचित नहीं है.अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवाजी आनंद ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कुमार को राहत देने से इनकार कर दिया.गौरतलब है कि सुशील कुमार ने यह कहते हुए जमानत का अनुरोध किया था कि पुलिस ने उसके विरुद्ध गलत मामला बनाया और ऐसे छवि पेश की जैसे वह दोषी हों.
सुशील को 23 मई को गिरफ्तार किया गया था और वह दो जून 2021 से जेल में है. कथित तौर पर कुमार और अन्य लोगों ने मिलकर पूर्व जूनियर राष्ट्रीय पहलवान सागर धनकड़ और उसके दोस्तों पर मई में हमला किया था. यह हमला कथित तौर पर संपत्ति को लेकर किसी विवाद के चलते किया गया था.बाद में धनकड़ की मौत हो गई थी. पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, किसी भोथरी चीज से उसके सिर पर वार किया गया था जिससे उसका सिर फट गया था.
नई दिल्ली / एजेंसी / यूपी में किसानों की मौत के बाद लखीमपुर खीरी जा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को उत्तर प्रदेश पुलिस ने रोक दिया था और हिरासत में ले लिया था. प्रियंका को सीतापुर जिले में गेस्ट हाउस में रखा गया है. प्रियंका की ओर से मंगलवार को जारी बयान में कहा गया है, '38 घंटे बीत चुके हैं. मुझे न तो कोई ऑर्डर (गिरफ्तारी को लेकर) दिया गया है और न नोटिस 'प्रियंका की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'मुझे चार अक्टूबर को शाम 4.30 बजे अरेस्ट किया गया. अरेस्ट करने वाले अधिकारी डीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने मौखिक तौर पर बताया कि सेक्शन 151 के अंतर्गत यह गिरफ्तारी की गई है. '
प्रियंका के बयान के अनुसार, 'जिस समय मुझे अरेस्ट किया गया, मैं सीतापुर जिले में यात्रा कर रही थी जो कि लखीमपुरी खीरी जिले की सीमा से करीब 20 KM दूर है जहां धारा 144 लगी थी. मेरी जानकाीर के अनुसार, सीतापुर में धारा 144 लागू नहीं थी.बहरहाल, मैं, चार अन्य लोगों के साथ एक वाहन पर यात्रा कर रही थी, इसमें दो स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता के अलावा दीपेंद्र हुड्डा और संदीप सिंह थे. इन चार लोगों के अलावा कोई सुरक्षा वाहन या कांग्रेस कार्यकर्ता मेरे साथ नहीं था.इसके बाद मुझे दो महिला और दो पुरुष कांस्टेबल की साथ सीतापुर के PAC कंपाउंड ले जाया गया.'
लखीमपुर खीरी / एजेंसी / उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में रविवार की हिंसा में मारे गए लोगों में 19 वर्ष का एक किसान भी था. मौत के क्षणों में लवप्रीत सिंह ने अपने अस्पताल के बेड से पिता को बुलावा भेजा और जल्दी आने की गुहार लगाई. हालांकि जब तक परिवार पहुंच पाता, देर हो चुकी थी. लवप्रीत और तीन अन्य किसान रविवार को केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा की यात्रा के दौरान विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में मारे गए 8 लोगों में शामिल हैं. मंत्री के काफिले में शामिल एक कार ने चार किसानों को कुचल दिया था.
किसानों का आरोप है कि कार को 'मंत्रीजी' का बेटा, आशीष मिश्रा चला रहा था. यूपी पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज किया है. ताबूत में रखे शव के बगल में फफककर रोते हुए आज लवप्रीत के परिवार ने ऑटोप्सी रिपोर्ट और आशीष मिश्रा के खिलाफ हुई एफआईआर की कॉपी दिए जाने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया.
लवप्रीत के पिता ने कहा, 'मेरा बेटा कार के नीचे कुचला गया ...इन्होंने इसके लिए जिम्मेदार शख्स के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है. प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है.' लवप्रीत की दो बहने अपने इकलौत भाई की मौत से सदमे की सी स्थिति में हैं. लवप्रीत यह कहते हुए घर से निकला था कि वह अच्छे काम के लिए बाहर जा रहा है. लवप्रीत के पिता ने बताया, 'जब वे उसे अस्पताल लेकर गए तो उसने फोन किया. मैंने पूछा-बेटा तुम कैसे हो तो उसने कहा-पापा मैं ठीक हूं, कृपया जल्दी आइए. मैंने कहा कि हम रास्ते में है लेकिन जब हम लखीमपुर खीरी पहुंचे, उसकी मौत हो चुकी थी. '
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
