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प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारे यहां गाय की बात करना कुछ लोगों ने गुनाह बना दिया है. गाय कुछ लोगों के लिए गुनाह हो सकती है, हमारे लिए गाय माता है, पूजनीय है."
वाराणसी /शौर्यपथ /
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के करखियांव में गुजरात के बनासकांठा जिला दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड की बनास डेयरी का शिलान्यास करने के साथ क्षेत्र को 2095 करोड़ रुपये की लागत वाली 27 विभिन्न परियोजनाओं की सौगात दी. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गाय कुछ लोगों के लिए गुनाह हो सकती है, हमारे लिए गाय माता है.
प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारे यहां गाय की बात करना कुछ लोगों ने गुनाह बना दिया है. गाय कुछ लोगों के लिए गुनाह हो सकती है, हमारे लिए गाय माता है, पूजनीय है. गाय-भैंस का मजाक उड़ाने वाले लोग ये भूल जाते हैं कि देश के 8 करोड़ परिवारों की आजीविका ऐसे ही पशुधन से चलती है."
उन्होंने कहा कि डबल इंजन की हमारी सरकार पूरी ईमानदारी और शक्ति से किसानों और पशुपालकों का साथ दे रही है. आज यहां जो बनास काशी संकुल का शिलान्यास किया गया है, वो भी सरकार और सहकार की इसी भागीदारी का प्रमाण है.
विपक्ष पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं यूपी के विकास में डबल इंजन की डबल शक्ति की बात करता हूं तो कुछ लोगों को कष्ट ज्यादा ही हो जाता है. ये वो लोग हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश को सिर्फ जाति, मजहब, पंथ, के चश्मे से ही देखा. सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भाषा भी उनके सिलेबस, उनकी डिक्शनरी से बाहर है. उनके सिलेबस में, उनकी डिक्शनरी में, उनकी सोच में है- माफियावाद, परिवारवाद. उनके सिलेबस में है- घरों-जमीनों पर अवैध कब्जा."
पिछले 10 दिनों में मोदी की यह वाराणसी की दूसरी यात्रा है. इससे पहले 13 दिसंबर को उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन किया था.
प्रधानमंत्री ने सबसे पहले करखियांव में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण फूड पार्क में 'बनास डेयरी संयंत्र' का शिलान्यास किया. करीब 30 एकड़ क्षेत्र में यह डेयरी 475 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जाएगी और इसमें पांच लाख लीटर प्रतिदिन दूध तैयार किया जाएगा. प्रधानमंत्री ने बनास डेरी से जुड़े 170000 से अधिक दुग्ध उत्पादकों को करीब 35 करोड़ रुपए का बोनस डिजिटल माध्यम से उनके बैंक खातों में अंतरित किया.
उन्होंने वाराणसी के रामनगर में ‘मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव यूनियन' की बायो गैस आधारित बिजली उत्पादन संयंत्र की आधारशिला भी रखी. इसके अलावा दुग्ध उत्पादकों के लिए ‘कनफॉरमेटी एसेसमेंट स्कीम' से संबंधित एक पोर्टल का उद्घाटन करने के साथ-साथ उसका लोगो भी जारी किया.
प्रधानमंत्री ने नगर विकास से संबंधित अनेक परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया. इनमें पुरानी काशी के वार्ड के पुनर्विकास से जुड़ी छह परियोजनाएं, बेनी बाग में पार्किंग, दो तालाबों का सौंदर्यीकरण, रमना गांव में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 720 स्थानों पर आधुनिक निगरानी कैमरा संबंधी योजनाएं भी शामिल हैं.
मोदी ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर सेंटर, 130 करोड़ रुपए की लागत से चिकित्सकों तथा नर्सों के लिए बनाए गए छात्रावासों का भी उद्घाटन किया. उन्होंने आयुष मिशन के तहत पिंडरा तहसील में सरकारी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रखी.
मोदी ने प्रयागराज तथा भदोही के लिए सड़क चौड़ीकरण की दो परियोजनाओं की आधारशिला रखी और ‘इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट' में ब्रीडिंग फैसिलिटी दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र का भी उद्घाटन किया.
भारत /शौर्यपथ /
लुधियाना की जिला अदालत में गुरुवार को ब्लास्ट हुआ है। धमाका अदालत की तीसरी मंजिल पर हुआ और इसमें 2 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह धमाका पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के लुधियाना पहुंचने से कुछ देर पहले ही हुआ है।
बताया जा रहा है कि धमाका तीसरी मंजिल पर स्थित बाथरूम में हुआ। बाथरूम से एक क्षत-विक्षत बॉडी बरामद हुई है। आशंका जाहिर की जा रही है कि यह बॉडी सुसाइड बॉम्बर की है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने जानकारी दी है कि अब तक की जांच में सामने आया है कि जिस व्यक्ति की डेड बॉडी मिली है, उसी के पास एक्सप्लोसिव था।
हालांकि भुल्लर ने सुसाइड बॉम्बर वाले एंगल पर कुछ नहीं कहा, लेकिन उन्होंने इतना कहा कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मृतक यह एक्सप्लोसिव घटनास्थल पर प्लांट कर रहा था और उसी दौरान ब्लास्ट हुआ है। अभी मामले की गंभीरता से जांच हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस कथित सुसाइड बॉम्बर के धड़ और टांगों के ब्लास्ट में चिथड़े उड़ गए हैं। फोरेंसिक टीम शव की जांच कर रही है, जिससे उसके प्राथमिक तौर पर सुसाइड बॉम्बर होने की पुष्टि की जा सके।
दिल्ली से NSG और चंडीगढ़ से NIA टीम लुधियाना रवाना
ब्लास्ट की आतंकी एंगल से जांच के लिए NIA की दो सदस्यीय टीम चंडीगढ़ से रवाना हो चुकी है। NIA की टीम पंजाब पुलिस की फोरेंसिक टीम के साथ मिलकर धमाके की जांच करेगी। सूत्रों ने इस बात की भी पुष्टि की है कि दिल्ली से भी NSG की टीम भी लुधियाना भेजी गई है। ये दोनों टीम जांच में यह देखेंगे कि यह ब्लास्ट विदेशी ताकतों की हरकत तो नहीं है। इसके अलावा चंडीगढ़ से फोरेंसिक टीम को भी लुधियाना भेजा गया है।
हाईकोर्ट ने लिया घटना का संज्ञान
पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने भी लुधियाना कोर्ट में हुए ब्लास्ट का संज्ञान लेते हुए चिंता जताई है। हाईकोर्ट ने पंजाब और हरियाणा के सभी कोर्ट में सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए हैं। साथ ही पंजाब और हरियाणा के पुलिस अफसरों की बैठक बुलाई है।
ब्लास्ट के समय अदालत में मौजूद क्लर्क गुरपाल सिंह ने कहा कि फोटो स्टेट की मशीन के पीछे बाथरूम में ब्लास्ट हुआ है। चार घायल हैं। एक या दो की हालत इतनी गंभीर है कि उनकी डेथ भी हो सकती है। तीन को मैं खुद नीचे छोड़कर आया हूं।
हड़ताल के चलते अदालत में भीड़ कम थी
यह धमाका तीसरी मंजिल पर कोर्ट नंबर 9 के पास बाथरूम में हुआ। धमाका होने से कोर्ट की पूरी इमारत हिल गई। इमारत की खिड़कियों के शीशे चटक गए और पार्किंग में खड़ी कारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने सिलेंडर फटने की भी आशंका जताई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने अभी धमाके के बारे में कोई बयान नहीं दिया है। अदालत में अफरातफरी का माहौल है। हालांकि वकीलों की हड़ताल के चलते आम दिनों की तुलना में गुरुवार को यहां भीड़ कम थी।
आला पुलिस अधिकारी, प्रशासन के अधिकारी और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गया है। पुलिस बल ने कोर्ट परिसर को चारों तरफ से घेर लिया है। शहरभर में हाईअलर्ट जारी करते हुए नाकेबंदी कर दी गई है। शहर में आज मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी एक जनसभा को संबोधित करने पहुंच रहे हैं।
चुनाव से पहले पंजाब में गड़बड़ी की साजिश
धमाके के बाद CM चन्नी ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही देश और पंजाब विरोधी ताकतें माहौल खराब कर रही हैं। पहले बेअदबी के जरिए पंजाब में गड़बड़ी की कोशिश की गई, उसमें कामयाब नहीं हुए। अब इस तरह की हरकत की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि मैं किसानों के साथ मीटिंग कर रहा था। इसे जल्दी खत्म करके अब लुधियाना जा रहा हूं। वहां जाकर पूरे हालात की जानकारी लूूंगा। सरकार इस पर पूरी तरह सचेत है। लोगों को भी सचेत रहने की जरूरत है।
नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे के चलते दिल्ली सरकार ने क्रिसमस और नए साल के जश्न के आयोजन के लिए होने वाले किसी भी जमावड़े पर रोक लगा दी है. DDMA ने इस बारे में औपचारिक आदेश जारी किया. किसी भी तरह के कल्चरल इवेंट, गैदरिंग पर रोक लगाई गई है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे के चलते दिल्ली सरकार ने क्रिसमस और नए साल के जश्न के आयोजन के लिए होने वाले किसी भी जमावड़े पर रोक लगा दी है. DDMA ने इस बारे में औपचारिक आदेश जारी किया. किसी भी तरह के कल्चरल इवेंट, गैदरिंग पर रोक लगाई गई है.जिला प्रशासन के अधिकारियों और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को आदेश का पालन करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ हीजिला प्रशासन से रोजाना रिपोर्ट देने के लिए कहा गया. कोरोना के नए वेरिएंट Omicron के देश की राजधानी में बढ़ते मामलों के मद्देनजर DDMA का यह आदेश आया है. इसके साथ ही मार्केट ट्रेड एसोसिएशन को दुकानों पर नो मास्क, नो एंट्री लागू करने के लिए कहा गया है.
गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में कोरोना के नए केसों की संख्या में इजाफा हो रहा है. कुछ समय पहले ही दिल्ली में रोजाना 50 से कम कोरोना केस दर्ज हो रहे थे, यह संख्या अब बढ़कर 100 और इसके पार पहुंच गई है. मंगलवार को दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 102 केस दर्ज हुए थे और कोरोना संक्रमण दर , 0.2 फीसदी हो गई है. मंगलवार को कोरोना संक्रमण से 1 मरीज की मौत हुई है, इसके साथ ही दिल्ली में कोरोना से मौत का कुल आंकड़ा 25,102 पहुंच गया है.
ओमिक्रॉन वेरिएंट की बात करें तो इसके देश में अब तक 200 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं. ओमिक्रॉन के कुल केस देश में बढ़कर 213 हो गए हैं. हालांकि, 90 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि सबसे ज्यादा 57 मामले दिल्ली में हैं. इसके बाद महाराष्ट्र में 54 केस सामने आए हैं.
राजनीति/शौर्यपथ/
हंगामे और गतिरोध के चलते आज संसद शुरू होते ही दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. राज्यसभा के सभापति वैेंकेया नायडु ने सदन न चल पाने को लेकर नाराजगी जताई.
संसद के शीतकालीन सत्र के आखिरी दो दिन बचे थे लेकिन हंगामे और गतिरोध के चलते आज संसद शुरू होते ही दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. राज्यसभा के सभापति वैेंकेया नायडु ने सदन न चल पाने को लेकर नाराजगी जताई और सांसदों से कहा कि 'सदन अपनी क्षमता के मुकाबले बहुत कम चली. मैं आप सबसे आग्रह करता हूं कि आप आत्मावलोक करें कि इस सदन में काम कितना बेहतर हो सकता था. मेरा इसपर बहुत आलोचनात्मक नजरिया है.'
उधर, तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन कल निलंबित कर दिए गए थे, जिसके बाद आज वो संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के पास 12 निलंबित सांसदों के धरने में शामिल हुए. डेरेक पर सदन की रूल बुक फाड़ने का आरोप लगा है. हालांकि, उन्होंने इससे इनकार किया है.
बता दें कि सरकार ने कल लोकसभा में स्मृति ईरानी ने लड़कियों की शादी की उम्र को 18 से बढ़ाकर 21 करने का प्रस्ताव पेश किया था. वहीं, निर्वाचन विधि संशोधन विधेयक को सोमवार को लोकसभा की मंजूरी मिल गई थी, जिसके बाद विपक्ष के विरोध के बीच इसे कल राज्यसभा में पेश किया गया था. शीकालीन सत्र के आखिरी सप्ताह में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संसदीय दल की बैठक भी हुई थी.
निलंबित सांसदों ने गांधी प्रतिमा के सामने संविधान की प्रस्तवना पढ़ा और न्याय की मांग की. डोला सेन, नासिर हुसैन, अखिलेश प्रसाद सिंह, राज मणि पटेल, रूपेन बोरा, फूलो देवी नेताम और प्रियंका चतुर्वेदी
को शीतकालीन सत्र के शुरुआती दिनों में ही सदन से निलंबित कर दिया गया था.
आज उन्होंने कहा कि 'सरकार अहंकारी हो चुकी है. इस सरकार में किसी को न्याय नही मिल रहा है. ये सच की लड़ाई हम जीते हैं. हम लोकतंत्र के लिये लड़ते रहेंगे. विपक्ष की एकता और मजबूत हुई है. हम माफी नही मांगे. मजबूर करने की कोशिश जरूर हुई लेकिन मजबूत हुए. सरकार किसानों के हत्यारे को बचा रही है.'
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने वैक्सीनेशन की धीमी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि देश में अभी भी हमारी अधिकांश आबादी को टीका नहीं लगा है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
देश कोरोना महामारी का दंश झेल रहा है. इसी बीच कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने लोगों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में वैक्सीनेशन का काम तेजी पर है. वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने वैक्सीनेशन की धीमी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि देश में अभी भी हमारी अधिकांश आबादी को टीका नहीं लगा है. साथ ही पूछा कि बूस्टर डोज कब लगेगा .
बता दें कि पिछले साल से अबतक कोरोना महामारी की वजह से लाखों लोगों की जान चली गई थी. इस दौरान देश की आबादी को कोरोना का टीका दिए जाने की मांग की गई थी. हाल ही में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले भी भारत में मिलने लगे हैं.
बता दें कि कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के देशभर में कुल 213 मामले हो गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा 57 मामले दिल्ली में हैं. दिल्ली और महाराष्ट्र में आधे से अधिक संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं. भारत ने आज कोरोनावायरस संक्रमणों में 18% की वृद्धि भी देखी है. अब देश में कुल कोविड संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3.47 करोड़ हो गई है. वहीं भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के कुल 6,317 नए केस सामने आए हैं.
दिल्ली में 57 ओमिक्रॉन के मामलों के अलावा महाराष्ट्र में 54, तेलंगाना में 24, कर्नाटक में 19, राजस्थान में 18, केरल में 15, गुजरात में 14, जम्मू-कश्मीर में तीन मामले रिपोर्ट किए गए हैं.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
तेजी से संक्रमण फैलाने वाले कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के देशभर में कुल 213 मामले हो गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा 57 मामले दिल्ली में हैं. दिल्ली और महाराष्ट्र में आधे से अधिक संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं. भारत ने आज कोरोनावायरस संक्रमणों में 18% की वृद्धि भी देखी है. अब देश में कुल कोविड संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3.47 करोड़ हो गई है. बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल समीक्षा बैठक कर सकते हैं.
दिल्ली में 57 ओमिक्रॉन के मामलों के अलावा महाराष्ट्र में 54, तेलंगाना में 24, कर्नाटक में 19, राजस्थान में 18, केरल में 15, गुजरात में 14, जम्मू-कश्मीर में तीन मामले रिपोर्ट किए गए हैं. इनके अलावा ओडिशा और उत्तर प्रदेश में दो-दो आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़, लद्दाख, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में एक-एक मामला सामने आया है.
देशभर में ओमिक्रॉन से संक्रमित कुल 90 मरीज स्वास्थ भी हो चुके हैं. यानी 123 मामले अभी एक्टिव हैं.
भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के कुल 6,317 नए केस सामने आए हैं. कल के मुताबिक यह संख्या 18.6 फीसदी ज़्यादा है. राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 138.96 करोड़ टीके की खुराक दी जा चुकी है. वहीं देश में एक्टिव केस वर्तमान में 78,190 हैं. भारत में रिकवरी रेट वर्तमान में 98.40% है. पिछले 24 घंटों में 6,906 लोग ठीक हुए हैं. अब कुल ठीक होनेवालों की संख्या बढ़कर 3,42,01,966 हो गई है. वहीं पिछले 24 घंटे में 318 लोगों की मौत हुई है.
विपक्षी पार्टियों ने इस प्रदर्शन के बारे में फैसला संसद के शीतकालीन सत्र के लिए अपनी रणनीति तय करने के लिए सुबह आयोजित बैठक के बाद लिया.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
राज्यसभा के 12 सांसदों के निलंबन को वापस लेने और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी को हटाए जाने की मांग को लेकर विपक्षी पार्टियों ने आज दिल्ली में एक मार्च निकाला. अजय मिश्रा का बेटा आशीष मिश्रा, लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में गिरफ्ताार किया जा चुका है. विपक्षी पार्टियों ने इस प्रदर्शन के बारे में फैसला संसद के शीतकालीन सत्र के लिए अपनी रणनीति तय करने के लिए सुबह आयोजित बैठक के बाद लिया.संसद भवन स्थित गांधी प्रतिमा से विजय चौक तक के लिए विपक्ष का यह मार्च दोपहर एक बजे प्रारंभ हुआ.
विजय चौक पर अपने संबोधन में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, 'हम सब एकजुट हैं. हम कहना चाहते हैं कि एक साथ हैं और किसानों के खिलाफ हिंसा के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उन पर कार्रवाई हो. 'गौरतलब है कि स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट में लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत को सोची समझी साजिश बताए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को हटाए जाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है. अजय मिश्रा का बेटा इस मामले में मुख्य आरोपी है और जेल में है.
बीजेपी इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को हटाने से इनकार कर चुकी है.सूत्र बताते हैं कि बीजेपी नेतृत्व की राय है कि स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट अंतिम नहीं है और अदालत में मामले की सुनवाई चल रही है. वैसे भी बेटे की करतूतों की सजा पिता को नहीं दी जा सकती. पत्रकारों के साथ अजय मिश्रा के रवैये को जरूर गलत माना गया है और उन्हें हिदायत दी गई है कि आगे से ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए. गौरतलब है कि स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि लखीमपुर खीरी मामले में किसानों पर गाड़ी चढ़ाना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी. मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा का बेटा आशीष मिश्रा मुख्य आरोपी है. मामले की जांच कर रही टीम ने जज को लिखा है कि आशीष मिश्रा के खिलाफ आरोपों को 'संशोधित' किया जाना चाहिए.
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पहले कई योजनाओं की शुरुआत हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को प्रयागराज में महिला केंद्रित पहलों की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से निर्भर बनाने की योजना शुरू की.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पहले कई योजनाओं की शुरुआत हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को प्रयागराज में महिला केंद्रित पहलों की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से निर्भर बनाने की योजना शुरू की. पीएम ने यहां आज स्वयं सहायता समूहों को 1,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किया. कहा जा रहा है कि इससे 16 लाख महिलाओं को फायदा पहुंचेगा.
पीएम ने इस जनसभा में कहा कि 'प्रयागराज हजारों सालों से हमारी मातृशक्ति की प्रतीक मां गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम की धरती रही है. आज ये तीर्थ नगरी नारी-शक्ति के इतने अद्भुत संगम की भी साक्षी बन रही है. यूपी में विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जो काम हुआ है, वो पूरा देश देख रहा है.'
उन्होंने कहा कि 'मैं महिला स्वयं सहायता समूह की बहनों को आत्मनिर्भर भारत की चैंपियन मानता हूं, स्वयं सहायता समूह असल में राष्ट्र सहायता समूह है. राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत 2014 से पहले के 5 साल में जितनी मदद दी गई, बीते 7 साल में उसमें लगभग 13 गुना बढ़ोतरी की गई है.'
बता दें कि पीएम ने स्वयं सहयता समूहों को यह हस्तांतरण दीनदयाल उपाध्याय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई) के तहत किया है. इस मिशन के तहत जिसमें 80,000 स्वयं सहायता समूहों को प्रति समूह 1.10 लाख रुपये का सामुदायिक निवेश कोष (सीआईएफ) मिलेगा और 60,000 स्वयं सहायता समूहों को प्रति समूह 15,000 रुपये की चक्रीय (रिवॉल्विंग) निधि दी जाएगी.
पीएम ने इस रैली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का बखान भी किया. उन्होंने कहा कि '5 साल पहले यूपी की सड़कों पर माफियाराज था, यूपी की सत्ता में गुंडों की हनक हुआ करती थी. इसकी सबसे बड़ी भुक्तभोगी मेरे यूपी की बहन-बेटियां थीं. उन्हें सड़क पर निकलना मुश्किल हुआ करता था. स्कूल, कॉलेज जाना मुश्किल होता था, आप कुछ कह नहीं सकती थीं, बोल नहीं सकती थीं क्योंकि थाने गईं तो अपराधी, बलात्कारी की सिफ़ारिश में किसी का फोन आ जाता था. योगी जी ने इन गुंडों को उनकी सही जगह पहुंचाया है.'
पीएम ने इस कार्यक्रम में मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि 'बेटियां कोख में ही ना मारी जाएं, वो जन्म लें, इसके लिए हमने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के माध्यम से समाज की चेतना को जगाने का प्रयास किया. आज परिणाम ये है कि देश के अनेक राज्यों में बेटियों की संख्या में बहुत वृद्धि हुई है.'
प्रधानमंत्री ने कहा कि 'हमने गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, अस्पतालों में डिलिवरी और गर्भावस्था के दौरान पोषण पर विशेष ध्यान दिया. प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत गर्भावस्था के दौरान 5 हज़ार रुपए महिलाओं के बैंक खाते में जमा किए जाते हैं ताकि वो उचित खान-पान का ध्यान रख सकें. उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दिए गए 30 लाख घरों में से 25 लाख घर महिलाओं के नाम पर पंजीकृत हुए.'
पीएम ने लड़कियों की शादी की कानूनी उम्रसीमा को बढ़ाने वाले बिल का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना भी साधा. उन्होंने कहा कि 'बेटियों के लिए शादी की उम्र को 21 साल करने का प्रयास किया जा रहा है। देश ये फैसला बेटियों के लिए कर रहा है लेकिन किसको इससे तकलीफ हो रही है ये सब देख रहे हैं.'
जस्टिस कुन्हीकृष्णन ने याचिकाकर्ता पीटर मयालीपरम्पिल, को छह सप्ताह के भीतर केरल राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (केएलएसए) के पास जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया है.
तिरुवनंतपुरम /शौर्यपथ/
केरल हाईकोर्ट ने कोविड-19 टीकाकरण सर्टिफिकेट्स से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तस्वीर हटाने का अनुरोध वाली याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया और उसे 'तुच्छ', 'राजनीति से प्रेरित' और 'प्रचार हित की याचिका' बताते हुए याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. जस्टिस पीवी कुन्हीकृष्णन ने कहा, 'कोई नहीं कह सकता कि एक प्रधानमंत्री, कांग्रेस का प्रधानमंत्री या बीजेपी का प्रधानमंत्री या किसी अन्य राजनीतिक पाटी का प्रधानमंत्री है. एक बार प्रधानमंत्री संविधान के अनुसार चुने जाने के बाद यह देश का प्रधानमंत्री होता है और यह पद, हर नागरिक का गौरव होना चाहिए. '
PTI ने जस्टिस कुन्हीकृष्णन के हवाले से कहा, '...सरकार की नीतियों और यहां तक कि पीएम के राजनीतिक रुख पर अलग राय हो सकती है लेकिन मनोबल बढ़ाने वाले पीएम के संदेश के वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट ले जाने, खासकर इस महामारी की स्थिति में नागरिकों का शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है. 'जस्टिस कुन्हीकृष्णन ने याचिकाकर्ता पीटर मयालीपरम्पिल, को छह सप्ताह के भीतर केरल राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (केएलएसए) के पास जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया है.
अदालत ने कहा कि निर्धारित अवधि के भीतर जुर्माना जमा नहीं करने की सूरत में, केएलएसए उसके खिलाफ राजस्व वसूली की कार्यवाही शुरू करके याचिकाकर्ता की संपत्ति से राशि की वसूली करेगा. उसने कहा कि लोगों और समाज को यह बताने के लिए जुर्माना लगाया जा रहा है कि इस तरह की तुच्छ दलीलें जो न्यायिक समय बर्बाद करती हैं, उन पर अदालत विचार नहीं करेगी.अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ने प्रधानमंत्री की तस्वीर और टीकाकरण प्रमाण पत्र पर 'मनोबल बढ़ाने वाले उनके संदेश' पर जो आपत्ति जताई है, ऐसा करने की 'देश के किसी नागरिक से अपेक्षा नहीं'' है.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
