January 10, 2026
Hindi Hindi

शीत लहर के दौर में कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रयास तेज , विभागीय अधिकारियों को दिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश

  • Ad Content 1

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच जिले में दिसंबर माह शुरू होने से पहले ही तेजी से बढ़ती ठंड के कारण जिला प्रशासन द्वारा इससे बचाव के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन के विभिन्न विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में कई दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कोरोना संक्रमण तथा ठंड से बचाव हेतु निःसहाय, असहाय एवं जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए रैन बसेरा में समुचित व्यवस्था करने के साथ ही कंबल व अलाव की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
भारत सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकारण एवं भारत मौसम विज्ञान केन्द्र के द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार प्रदेश में सामान्यतः माह दिसम्बर से जनवरी के बीच ठंड की व्यापकता और तीक्षणता कभी-कभी शीत लहर का रूप ले लेती है। इस वर्ष भी दिसंबर माह के प्रारंभ होने से पहले ही ठंड बढ़ गई है। जिससे नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में बसे निःसहाय, आवासहीन, गरीब व वृद्ध के ठंड से प्रभावित होने की आशंका है। इसीलिए शीत लहर से प्रभावित होने वाले जनसामान्य के बचाव के लिए कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने शीत लहर के मद्देनजर अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शहर के रिक्शा चालकों, दैनिक मजदूरों, आवास विहीनों व सदृश्य श्रेणी के निःसहाय व्यक्तियों के लिए रैन बसेरा या अस्थायी शरण स्थलों में ठहराने हेतु समुचित व्यवस्था की जा रही है। विभागीय अधिकारियों को इस आशय की विशेष हिदायत दी गई है किए रात्रि रैन बसेरा या अस्थायी शरण स्थलों में पर्याप्त संख्या में कंबल रखे जाएं। कंबल किसी व्यक्ति विशेष को आबंटित न किया जाए अपितु अन्य हितग्राहियों द्वारा भी कंबल का उपयोग किया जाए।
इस संबंध में कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने बताया, कोरोना संक्रमण से बचाव व इसकी रोकथाम के लिए जिले में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में ठंड के मौसम में भी सतर्कता आवश्यक है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ ही जिले को शीतलहर या पाला से प्रभावित मानने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा निर्धारित तापमान आंकड़ों को आधार बनाया गया है, इसी आधार पर जिले में ठंड का निर्धारण किया जाएगा। शीतलहर या पाला की स्थिति में निसहाय एवं आवासहीन जन समुदाय के बचाव के लिए व्यवस्था बनाने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं.
राजनांदगांव के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मिथलेश चौधरी ने बताया, कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच ठंड के मौसम को भी संवेदनशील माना जा रहा है, ऐसे में सर्दी-खांसी, बुखार या कोरोना संक्रमण से संबंधित अन्य लक्षण वाले लोगों का सजग और सतर्क रहना बहुत जरूरी है। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण तथा इससे बचाव के लिए जिले में चिकित्सा दल गठित कर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने की व्यवस्था बनाई जा रही है। आवश्यक दवाओं का भंडारण किया जा रहा है। साथ ही लोगों से लगातार यह अपील की जा रही है कि, मॉस्क जरूर लगाएंए हाथों को सैनिटाइज करें तथा दो गज की दूरी का अनिवार्य रूप से पालन करें।

शीतलहर की परिस्थितियां.
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सामान्य क्षेत्रों में जहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उसके बराबर होता है तो शीतलहर मानी जाएगी। सामान्य स्थिति में 5 डिग्री सेल्सियस या 6 डिग्री सेल्सियस होने पर गंभीर शीतलहर मानी जाएगी। विचलन तापमान 7 डिग्री सेल्सियस माना जाएगा। इसी तरह पहाड़ी क्षेत्रों में सामान्य न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे बराबर होता है तो शीतलहर मानी जाएगी। सामान्य स्थिति में 4 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस होने पर गंभीर शीतलहर मानी जाएगी। विचलन तापमान 6 डिग्री सेल्सियस माना जाएगा। जारी दिशा-निर्देश में भी कहा गया है कि, ऐसे क्षेत्र जहां सामान्य न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस या इससे कम होने की स्थिति में सामान्य शीतलहर को न्यूनतम घोषित किया जाय। परंतु यह मापदंड उन क्षेत्रों के लिए लागू नहीं होगा जहां सामान्य स्थिति में डिग्री सेल्सियस से कम तापमान रहता है।

Rate this item
(0 votes)

Latest from शौर्यपथ

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)