February 11, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

वॉशिंगटन | अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 17 जनवरी 2025 को एक ऐतिहासिक और सर्वसम्मत (9-0) निर्णय में TikTok पर प्रतिबंध लगाने वाले संघीय कानून को संवैधानिक ठहराते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा…
दुर्ग। प्रदेश में मुख्यमंत्री द्वारा सुशासन के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन दुर्ग नगर पालिका निगम की ज़मीनी हकीकत इन दावों को चुनौती देती नजर आ रही है।…

मुंबई / शौर्यपथ विशेष रिपोर्ट

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले ‘महायुति’ गठबंधन ने अपनी निर्णायक ताकत साबित कर दी है। 15 जनवरी 2026 को संपन्न हुए 29 नगर निगम (महानगर पालिका) चुनावों के नतीजे 16 और 17 जनवरी को सामने आए और परिणामों ने साफ कर दिया कि शहरी महाराष्ट्र पर अब निर्णायक रूप से भगवा छाया हुआ है।

इन चुनावों में महायुति (BJP + एकनाथ शिंदे की शिवसेना + अजित पवार की NCP) ने राज्य के 29 में से 25 नगर निगमों में जीत का दावा करते हुए विपक्षी महाविकास आघाड़ी (MVA) को करारी शिकस्त दी है।

मुंबई: 30 साल बाद ठाकरे युग का अंत

देश के सबसे बड़े नगर निगम बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में यह चुनाव ऐतिहासिक साबित हुआ।

227 सीटों वाले BMC में

भाजपा–शिंदे शिवसेना गठबंधन: 118 सीटें

भाजपा: 89

शिवसेना (शिंदे): 29

शिवसेना (उद्धव ठाकरे – UBT): 65 सीटें

कांग्रेस: 24 सीटें

इस परिणाम के साथ ही ठाकरे परिवार का करीब तीन दशक पुराना वर्चस्व समाप्त हो गया, जिसे राजनीतिक गलियारों में शहरी महाराष्ट्र की सबसे बड़ी सत्ता परिवर्तन की घटना माना जा रहा है।

पुणे–ठाणे–नागपुर: भाजपा और शिंदे का दबदबा

पुणे महानगर पालिका (PMC):

165 में से 123 सीटें जीतकर भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया।

ठाणे महानगर पालिका (TMC):

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ में महायुति ने 103 सीटें जीतीं, जिनमें से 75 सीटें अकेले शिवसेना (शिंदे) ने हासिल कीं।

नागपुर महानगर पालिका (NMC):

भाजपा ने 151 में से 97 सीटें जीतकर अपनी सत्ता बरकरार रखी।

अन्य प्रमुख नगर निगमों में भी महायुति की बढ़त

नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, नासिक, पनवेल जैसे महत्वपूर्ण शहरी निकायों में भी महायुति ने विपक्ष को पीछे छोड़ते हुए मजबूत बढ़त दर्ज की।

पार्टी-वार कुल सीटें (29 नगर निगम)

भारतीय जनता पार्टी (BJP): ~1,370–1,400 सीटें

शिवसेना (एकनाथ शिंदे): 397 सीटें

कांग्रेस: 324 सीटें

NCP (अजित पवार): 160 सीटें

शिवसेना (UBT): 153 सीटें

AIMIM (असदुद्दीन ओवैसी): 126 सीटें (विशेषकर छत्रपति संभाजीनगर में प्रभावी प्रदर्शन)

राजनीतिक संदेश साफ

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ये नतीजे केवल नगर निगम चुनाव नहीं हैं, बल्कि

BJP की शहरी राजनीति पर मजबूत पकड़,

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की वैधता,

और अजित पवार के साथ बने नए सत्ता समीकरण पर जनता की मुहर माने जा रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे (SS-UBT) और शरद पवार गुट (NCP-SP) के लिए ये नतीजे गंभीर आत्ममंथन का संकेत हैं।

महाराष्ट्र के नगर निगम चुनाव 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि

“शहरी महाराष्ट्र में सत्ता का केंद्र अब पूरी तरह महायुति के हाथों में है।”

ये परिणाम न केवल राज्य की नगर सरकारों की दिशा तय करेंगे, बल्कि 2029 के विधानसभा और लोकसभा चुनावों की राजनीतिक पटकथा भी यहीं से लिखी जाती दिख रही है।

शौर्यपथ / धन लाभ, करियर उन्नति और व्यापार में सफलता के प्रबल योग शनिवार का दिन न्यायप्रिय शनिदेव को समर्पित होता है। आज शनि की…

भिलाई।
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी दी फतेह।
मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यूथ सिख सेवा समिति, भिलाई ने कुरूद में दिवंगत प्रेम सिंह के अंतिम संस्कार में सहयोग कर मानवता की मिसाल कायम की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार खुर्सीपार निवासी प्रेम सिंह अपनी बहन के निवास पर कुरूद गए हुए थे, जहाँ अचानक उनका निधन हो गया। दिवंगत के परिजनों में केवल उनकी बहन एवं एक छोटी पुत्री होने के कारण अंतिम संस्कार की समस्त प्रक्रिया के लिए परिवार को सहयोग की अत्यंत आवश्यकता थी। इस संवेदनशील स्थिति की सूचना हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से यूथ सिख सेवा समिति भिलाई को प्राप्त हुई।

सूचना मिलते ही समिति के अध्यक्ष श्री इंद्रजीत सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल संज्ञान लिया और निर्देश दिए कि शोकाकुल परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाए। उनके मार्गदर्शन में समिति के सदस्य बिना विलंब किए कुरूद पहुँचे और परिवार के साथ खड़े रहकर अंतिम संस्कार की संपूर्ण प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग किया।

यूथ सिख सेवा समिति के सदस्यों ने सेवा, समर्पण और करुणा के भाव से सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए यह संदेश दिया कि संकट की घड़ी में मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। इस सेवा कार्य में समिति के कोषाध्यक्ष श्री मलकित सिंह, डॉ. हरजींदर सिंह सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

स्थानीय नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों ने यूथ सिख सेवा समिति भिलाई के इस मानवीय प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी और अनुकरणीय बताया।

26 जनवरी को रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में विशेष कार्यक्रम

रायपुर /
छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में राज्यभर में चार चरणों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में द्वितीय चरण के कार्यक्रम 19 से 26 जनवरी 2026 तक राज्य के समस्त जिलों में व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित किए जाएंगे।

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में विशेष राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अतिरिक्त राज्य के सभी जिला मुख्यालयों, जनपद एवं ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों, स्कूलों और महाविद्यालयों में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के पश्चात सामूहिक वंदे मातरम् गायन का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, प्रबुद्धजन एवं नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

द्वितीय चरण के अंतर्गत 19 से 26 जनवरी के दौरान राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड की सहभागिता से वंदे मातरम् से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ, विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, रंगोली, चित्रकला तथा प्रदर्शनी जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों पर आधारित विशेष प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।

सार्वजनिक एवं निजी सहभागिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश में वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहाँ नागरिक अपनी आवाज़ में वंदे मातरम् का गायन रिकॉर्ड कर अभियान के पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर पूर्व रिकॉर्डेड धुन के साथ गायन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण का आयोजन 7 से 14 नवंबर 2025 के मध्य सफलतापूर्वक संपन्न किया जा चुका है। वहीं तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 को हर घर तिरंगा अभियान के साथ संचालित किया जाएगा तथा चतुर्थ चरण का आयोजन 1 से 7 नवंबर 2026 के दौरान किया जाएगा।

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह संपूर्ण आयोजन ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ संपन्न कराया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के प्रति भावनात्मक जुड़ाव तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना है।

जल जीवन मिशन से छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार,32 लाख से अधिक ग्रामीण घरों तक पहुँचा नल से जल**

रायपुर /
छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी, पारदर्शी एवं गुणवत्ता-आधारित क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी।

उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में अब तक 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) प्रदान किए जा चुके हैं, जिसके माध्यम से 32 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि मिशन लागू होने से पूर्व प्रदेश में मात्र 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के बीते दो वर्षों के कार्यकाल में इस संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट और सर्वोच्च लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य के 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। इनमें से 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जिनमें 4,544 ग्रामों का विधिवत प्रमाणीकरण भी किया जा चुका है। बीते दो वर्षों में हर घर जल प्रमाणित ग्रामों की संख्या में लगभग 750 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण किया जा चुका है।

उपमुख्यमंत्री श्री साव ने जानकारी दी कि जल जीवन मिशन से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं तथा 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा 9 लाख 85 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन इन योजनाओं से जुड़े हुए हैं।

जल गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें से 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की सुविधा हेतु पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री श्री साव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है। दोषपूर्ण कार्यों के कारण बीते दो वर्षों में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड, 629 अनुबंधों का निरस्तीकरण तथा 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। इसके अतिरिक्त दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई है।

आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि शेष बचे लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं का ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण तथा सभी प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण पर प्रकाश डालते हुए उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि बीते दो वर्षों में विभाग में 403 रिक्त पदों का सृजन, 213 पदों पर नियुक्ति, 103 कर्मचारियों को पदोन्नति तथा 877 शासकीय सेवकों को समयमान एवं वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया है।

प्रधानमंत्री की माताश्री हीराबेन मोदी की पुण्य स्मृति में आयोजित शिव महापुराण कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सनातन परंपरा और आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में नैतिकता, संस्कार और सामाजिक समरसता को बल मिलता है। वे आज रायगढ़ जिले के बरगढ़ खोला अंचल के ग्राम-खम्हार में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में को सम्बोधित कर रहे थे।

गौरतलब है कि इस कथा का आयोजन देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की माताश्री हीराबेन मोदी की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि स्वरूप किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान शिव से प्रदेश की जनता के लिए सुख, समृद्धि के लिए कामना की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल कथा व्यास श्री कृष्णा दुबे महाराज से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वही भूमि है जहां प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय व्यतीत किया। माता शबरी के जूठे बेरों की महिमा आज भी जीवंत है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सुगंधित चावल से बना प्रसाद अर्पित किया गया, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक दो वर्षों में 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत 19 चिन्हित तीर्थ स्थलों की यात्रा कराते हुए अब तक 5 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को लाभान्वित किया गया है। कार्यक्रम को वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने भी संबोधित किया।

श्री शिव महापुराण कथा का वाचन अकोला (महाराष्ट्र) से पधारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल कथा व्यास श्री कृष्णा दुबे महाराज द्वारा संगीतमय शैली में किया जा रहा है, जिसमें भगवान शिव, माता पार्वती सहित संपूर्ण शिव चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया और श्रीमती कमलेश जांगड़े राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा गबेल, रायगढ़ के महापौर श्री जीवर्धन चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष खरसिया श्री कमल गर्ग सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पारदर्शी, जवाबदेह एवं किसान-हितैषी धान खरीदी व्यवस्था के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार…

 

बंग समाज के 135 ग्रामों की प्राथमिक शालाओं में नये शिक्षा सत्र से बांग्ला भाषा में शिक्षा प्रांरभ करने सहित कई घोषणाएं

रायपुर, 16 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का चहुंमुखी विकास होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है और इसके बाद बस्तर अंचल में तेजी से विकास दृष्टिगोचर होगा। मुख्यमंत्री श्री साय आज कांकेर जिले पखांजूर में आयोजित कार्यक्रम में 284 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नेताजी सुभाष स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में परलकोट क्षेत्रवासियों के विकास के लिए विभिन्न घोषणाएं भी की गई, जिनमें नए शिक्षा सत्र से बंग समाज के 135 ग्रामों की प्राथमिक शालाओं में नये शिक्षा सत्र से बांग्ला भाषा में शिक्षा प्रांरभ करने की घोषणा की। उन्होंने संबलपुर से दुर्गूकोंदल होते हुए पखांजूर तक सड़क निर्माण, पखांजूर के मंडी गेट से अंजाड़ी नाला तक गौरवपथ, मछली मार्केट पखांजूर से नर-नारायण सेवा आश्रम तक सीसी सड़क, शासकीय कन्या शाला मैदान में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण, पखांजूर में फायर ब्रिगेड वाहन सेवा शुरू करने तथा सिविल अस्पताल पखांजूर में धनवंतरि जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स स्थापित करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्रशासनिक कार्याेें में स्वच्छता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करने की इच्छा शक्ति के साथ लगातार विकास की ओर आगे बढ़ रही है। श्री साय ने बताया कि प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों का अनुसरण करते हुए प्रदेश सरकार तेजी से कार्य कर रही है। दो साल की अल्पावधि में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास की स्वीकृति दी है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 08 लाख हितग्राहियों ने गृह प्रवेश भी कर लिया है। इसी तरह महतारी वंदन योजना में 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में नियद नेल्लानार, धरती आबा अभियान, पीएम जनमन जैसी अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही है, जिससे विकास कार्याे कों गति मिली है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को पुनः प्रारंभ किया गया। मेहनतकश किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। कार्यक्रम को कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग अंतागढ़ विधायक श्री विक्रमदेव उसेण्डी ने भी सम्बोधित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नर नारायण सेवा आश्रम पहंुचे और वहां पूजा अर्चना कर तथा प्रदेशवासियांे की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण की सेवा है ध्येय से स्थापित किए गए इस आश्रम में आस्था और परंपरा को आगे बढ़ाने का पुण्य कार्य किया जा रहा है। उन्होंने वहां आश्रम के संस्थापक स्वामी सत्यानंद परमहंस के तैलचित्र एवं प्रतिमा का विधिविधानपूर्वक पूजन किया। इसके पश्चात वे पखांजूर के मुख्य मार्ग पर स्थित परकोट विद्रोह के क्रांतिकारी शहीद गैंद सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनकी शहादत को नमन किया।

इस अवसर पर विधायक श्री आशाराम नेताम, राज्य हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, पूर्व सांसद श्री मोहन मण्डावी, पूर्व विधायक श्री मंतूराम पवार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

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