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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
राज्यपाल रमेन डेका ने 26वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर एवं कैडेट जूडो चैंपियनशिप का किया शुभारंभ, 16 जिलों के 240 खिलाड़ी और प्रशिक्षक ले रहे हिस्सा
बिलासपुर/रायपुर । जूडो सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि साहस, आत्मसंयम, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने का माध्यम है। यह विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और संतुलन के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाता है। विशेषकर बालिकाओं के लिए जूडो आत्मरक्षा और मानसिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार है। यह बात राज्यपाल रमेन डेका ने सरकंडा स्थित खेल परिसर में 26वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर एवं कैडेट जूडो चैंपियनशिप-2026 का शुभारंभ करते हुए कही।
छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ के तत्वावधान में बिलासपुर जिला जूडो संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 16 जिलों से 240 खिलाड़ी और प्रशिक्षक भाग ले रहे हैं। राज्यपाल ने विभिन्न जिलों से पहुंचे बालक-बालिका खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें खेल भावना और अनुशासन के साथ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
जीत में विनम्रता, हार से सीखना ही सच्चे खिलाड़ी की पहचान
राज्यपाल डेका ने कहा कि खेल हमें प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना, जीत में विनम्र रहना और हार से सीख लेकर आगे बढ़ना सिखाते हैं। खिलाड़ियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने वाले खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ एशियाई खेलों तथा ओलंपिक में भी देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीखकर आगे बढ़ना ही सच्चे खिलाड़ी की पहचान है।
कोंडागांव की बेटियों ने बढ़ाया प्रदेश का गौरव
राज्यपाल ने कोंडागांव जिले के जूडो खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सफलता प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा है। योगिता मंडावी को उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। हेमवती नाग ने खेलो इंडिया नेशनल गेम्स और ओपन नेशनल प्रतियोगिता में पदक हासिल किए हैं। वहीं, रंजीता कोरेटी ने ताइवान में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान
समारोह में राज्यपाल ने जूडो में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले हेमवती नाग, अभिषेक जायसवाल, कुमारी शारदा गोस्वामी और योगिता मंडावी को सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दूरस्थ अंचलों की प्रतिभाओं को मिले बेहतर अवसर
राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में मौजूद खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के प्रयास लगातार जारी रखने की अपेक्षा की।
कार्यक्रम में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ के अध्यक्ष अरुण द्विवेदी, महासचिव शम्भू सोनी, बिलासपुर जिला जूडो संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र शुक्ला सहित खेल संघ के पदाधिकारी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे।
रायपुर । विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी, नए विचारों और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता से होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच के 36 युवा प्रतिभागियों से संवाद करते हुए उन्हें निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी शिक्षा, कौशल और नवीन सोच का उपयोग जनकल्याण तथा प्रदेश के विकास में करना चाहिए।
राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने छात्र जीवन, पारिवारिक संघर्ष, खेती-किसानी से लेकर सरपंच, विधायक, सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। जब युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा समाज की बेहतरी से जुड़ती है, तब बड़े बदलावों का रास्ता खुलता है।
योजनाओं को समझेंगे, समस्याओं के व्यावहारिक समाधान सुझाएंगे
मुख्यमंत्री ने युवा फेलो से कहा कि फेलोशिप को केवल प्रशिक्षण या प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समझने तक सीमित न रखें। जिलों में काम करते समय स्थानीय परिस्थितियों, आम लोगों की जरूरतों और योजनाओं के वास्तविक प्रभाव को समझें। आंकड़ों, प्रमाणों और मैदानी अनुभवों के आधार पर ऐसे सुझाव दें, जिनसे सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर हो और जनसेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ भी विकसित प्रदेश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी।
संघर्षों ने सिखाई जिम्मेदारी और जनसेवा
अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग दस वर्ष की उम्र में पिता के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। चार भाइयों में सबसे बड़े होने के कारण उन्हें मां, दादी और छोटे भाइयों की देखभाल के साथ खेती-बाड़ी की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ी। उन्होंने स्वयं बैलों से हल चलाया और खेती के विभिन्न कार्य किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि वे गांव के सरपंच बनेंगे। निर्विरोध सरपंच चुने जाने के बाद उन्हें विधायक, सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में जनसेवा का अवसर मिला। उन्होंने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के धैर्य, सहजता और आत्मीय व्यवहार को भी अपने लिए प्रेरणादायक बताया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि जो भी जिम्मेदारी मिले, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएं तथा जनकल्याण को अपने कार्य का उद्देश्य बनाएं।
शिक्षा और कौशल से रोजगार तक सरकार की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विकास का मूल आधार है। उन्होंने अपने छात्र जीवन के ग्रामीण परिवेश का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय स्कूलों में सुविधाएं सीमित थीं। उन्हें अपने गांव बगिया से लगभग छह किलोमीटर दूर दूसरे गांव में पांचवीं की बोर्ड परीक्षा देने जाना पड़ा था। आज छत्तीसगढ़ में आईआईएम, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, एम्स और विधि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं।
उन्होंने प्रयास आवासीय विद्यालयों, विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश उपलब्ध कराने, मध्यान्ह भोजन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल भी जरूरी है। प्रदेश में लाइवलीहुड कॉलेजों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है और 30 आईटीआई का उन्नयन कर उन्हें उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक बनाया जा रहा है।
उनके अनुसार, पिछले लगभग ढाई वर्षों में 700 से अधिक रोजगार मेलों के माध्यम से करीब 24 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। रायपुर में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेले में 95 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया और लगभग पांच हजार युवाओं को रोजगार के अवसर मिले।
निवेश प्रस्तावों को रोजगार में बदलना लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल निवेश प्रस्ताव प्राप्त करना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक परियोजनाओं और रोजगार के अवसरों में बदलना है। नई औद्योगिक नीति के तहत स्थानीय युवाओं की रोजगार क्षमता और उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिला उद्यमियों तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों के लिए भी विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के सामने छत्तीसगढ़ की निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत किया गया। सेमीकंडक्टर और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश से रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित मेडिसिटी और पांच हजार बिस्तरों की अस्पताल सुविधाओं की परिकल्पना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ आर्थिक गतिविधियों और रोजगार को भी बढ़ावा दे सकती हैं।
एआई मिशन से छह लाख विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा का लक्ष्य
भविष्य की तकनीकी जरूरतों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने एआई मिशन के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके तहत छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा देने और लगभग डेढ़ हजार अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक तकनीक के बदलावों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है, ताकि वे केवल तकनीक के उपयोगकर्ता न रहें, बल्कि नवाचार और विकास में नेतृत्वकारी भूमिका भी निभा सकें।
पांच माह प्रशिक्षण, 19 माह जिलों में मैदानी अनुभव
सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव तथा मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत ने फेलोशिप कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि द्वितीय बैच में इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन, गणित, वाणिज्य और अर्थशास्त्र सहित विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से 36 युवाओं का चयन किया गया है। इनमें कुछ प्रतिभागी अपने स्टार्टअप भी संचालित कर रहे हैं।
दो वर्षीय कार्यक्रम में कुल पांच माह अध्ययन एवं प्रशिक्षण तथा 19 माह का मैदानी अनुभव शामिल है। प्रारंभिक तीन माह आईआईएम रायपुर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद प्रतिभागी जिला प्रशासन के साथ काम करते हुए सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और जनसेवाओं की वास्तविक स्थिति को समझेंगे।
राहुल भगत ने प्रतिभागियों को राज्य के विजन डॉक्यूमेंट ‘अंजोर छत्तीसगढ़ 2047’ का अध्ययन करने और अपने सपनों के छत्तीसगढ़ को लेकर विचार प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।
14 जिलों के युवा फेलोशिप में शामिल
फेलोशिप के द्वितीय बैच के लिए कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) स्कोर और आईआईएम की चयन प्रक्रिया के माध्यम से 36 युवाओं का चयन किया गया है। इनमें दंतेवाड़ा, बस्तर और जशपुर सहित प्रदेश के 14 जिलों के युवा शामिल हैं।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग, आईआईएम रायपुर और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, लोक सेवा गारंटी, हितधारकों की पहचान, सुशासन और मैदानी कार्यप्रणाली से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
संवाद के दौरान रायपुर की नीलिमा भारद्वाज, खुशी और जशपुर के अंशुल सहित प्रतिभागियों ने मुख्यमंत्री से सवाल किए और अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने उनकी जिज्ञासाओं का जवाब देते हुए युवाओं को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग जनसेवा में करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में आईआईएम रायपुर के निदेशक प्रोफेसर संजीव पराशर, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के उप सचिव सूरज साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
DMEO की महानिदेशक निधि छिब्बर ने दिया सहयोग का भरोसा, अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों की निगरानी के लिए डेटा आधारित व्यवस्था पर जोर
रायपुर । छत्तीसगढ़ में सरकारी योजनाओं की निगरानी, मूल्यांकन और उनके वास्तविक परिणामों को परखने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। नीति आयोग, भारत सरकार के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) की महानिदेशक निधि छिब्बर ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के कार्यों की प्रशंसा करते हुए राज्य में निगरानी एवं मूल्यांकन का मजबूत और स्थायी तंत्र विकसित करने के लिए हरसंभव तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग देने का आश्वासन दिया।
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में स्टेट सपोर्ट मिशन के तहत चल रही गतिविधियों और प्रस्तावित कार्ययोजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में सरकारी योजनाओं के प्रभाव का आकलन, डेटा आधारित नीति निर्माण और अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों की प्रगति की निगरानी पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर सचिव, योजना भुवनेश यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अंजोर विजन-2047 के लिए परिणामों पर होगी नजर
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में आयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल उनके क्रियान्वयन से नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचने और वास्तविक परिणाम सामने आने से तय होनी चाहिए।
उन्होंने नीति निर्माण, योजनाओं के मूल्यांकन और विभागीय समन्वय में ठोस आंकड़ों तथा वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग को जरूरी बताया। आयोग एक परामर्शदात्री और ज्ञान आधारित संस्था के रूप में प्रदेश के समग्र विकास के लिए काम कर रहा है।
IIM रायपुर और IIT भिलाई की विशेषज्ञता का होगा उपयोग
सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी भुवनेश यादव ने बताया कि योजनाओं के मूल्यांकन की व्यवस्था मजबूत करने के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) रायपुर और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की विशेषज्ञता का सहयोग लिया जा रहा है। इससे शोध आधारित अध्ययन, आधुनिक तकनीक और शैक्षणिक विशेषज्ञता के माध्यम से योजनाओं के प्रभाव का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
बैठक में राज्य नीति आयोग की मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन इकाई तथा परियोजना क्रियान्वयन इकाई की गतिविधियों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न शासकीय योजनाओं के पायलट मूल्यांकन के लिए DMEO के निर्धारित मूल्यांकन ढांचे के आधार पर अध्ययन किए जा रहे हैं।
नौ प्राथमिक क्षेत्रों में अध्ययन, अंजोर विजन पोर्टल पर काम
राज्य में नीति आयोग के आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क (OOMF) और डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स (DGQI) को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाया गया है। इसके अतिरिक्त नौ प्राथमिक क्षेत्रों में त्वरित अध्ययन किए जा रहे हैं।
अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों की प्रगति को नियमित रूप से परखने के लिए अंजोर विजन पोर्टल विकसित करने की दिशा में भी काम जारी है। इसका उद्देश्य विकास लक्ष्यों की निगरानी और समीक्षा को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
बच्चों के कल्याण का आकलन करेगा नया सूचकांक
राज्य नीति आयोग यूनिसेफ के सहयोग से बाल कल्याण सूचकांक विकसित कर रहा है। इसके माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और समग्र कल्याण से जुड़ी सेवाओं की उपलब्धता के साथ उनके वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जाएगा।
यह सूचकांक उन जिलों और क्षेत्रों की पहचान करने में भी मदद करेगा, जहां बच्चों के विकास के लिए अधिक ध्यान और निवेश की आवश्यकता है। इससे बाल कल्याण से संबंधित योजनाओं को जरूरतों के अनुरूप अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।
SDG डैशबोर्ड से विकास की प्रगति पर नजर
बैठक में सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की निगरानी के लिए राज्य और जिला स्तरीय व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, इन लक्ष्यों की प्रगति पर आधारित वार्षिक प्रतिवेदन जारी किए जा रहे हैं और जिलों में नियमित निगरानी के लिए विशेष डैशबोर्ड भी विकसित किया गया है।
इसके साथ ही SDG आधारित बजट विश्लेषण पर काम किया जा रहा है। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि सरकारी खर्च विभिन्न सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में कितना योगदान दे रहा है। भविष्य में बजट निर्माण में इन लक्ष्यों को चरणबद्ध तरीके से शामिल कर परिणाम आधारित बजट व्यवस्था को बढ़ावा देने की योजना है।
योजनाओं की कमियां समय पर पहचानने पर जोर
DMEO की महानिदेशक निधि छिब्बर ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने कम समय में निगरानी एवं मूल्यांकन के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल की है। उन्होंने जोर दिया कि योजनाओं की सफलता का आकलन केवल खर्च या कार्य पूरा होने के आधार पर नहीं, बल्कि लक्षित हितग्राहियों को मिले वास्तविक लाभ और प्राप्त परिणामों के आधार पर किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मजबूत संस्थागत निगरानी व्यवस्था से योजनाओं की कमियों की समय पर पहचान, सुधारात्मक कदम उठाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी। छिब्बर ने इस दिशा में DMEO, नीति आयोग की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
बैठक में संचालक, आर्थिक एवं सांख्यिकी तीर्थराज अग्रवाल सहित राज्य नीति आयोग के अधिकारी उपस्थित रहे।
उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा का निर्देश—NEP-2020 का लाभ कागजों से निकलकर कक्षाओं तक पहुंचे; विश्वविद्यालयों में बनेंगे NEP सेल, संभाग-जिलों में होंगी कार्यशालाएं
रायपुर । राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को छत्तीसगढ़ में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों में निगरानी, प्रशिक्षण और अकादमिक सुधारों की प्रक्रिया तेज करने की पहल की है। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने स्पष्ट किया कि नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन केवल बैठकों और सरकारी फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका लाभ विद्यार्थियों को जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने शिक्षा को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के साथ उद्योगों एवं शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया।
मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय समीक्षा सह ट्रांसफॉर्म समिति की पहली बैठक में पिछले दो वर्षों के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में सामने आई व्यावहारिक कठिनाइयों और उनके समाधान पर चर्चा की गई। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, रीता यादव, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और समिति के अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालयों में बनेंगे NEP सेल
नई शिक्षा नीति से संबंधित विद्यार्थियों की शंकाओं, विषय चयन और प्रशासनिक समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय में समर्पित NEP सेल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक नोडल अधिकारी और दो विद्यार्थी ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किए जाएंगे। ये शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच समन्वय स्थापित करने, नीति के प्रति जागरूकता बढ़ाने और क्रियान्वयन की निगरानी में सहयोग करेंगे।
संभाग और जिला स्तर पर प्रशिक्षण अभियान
पिछले दो वर्षों में क्रेडिट सिस्टम, विषय चयन और नई शिक्षा नीति के प्रावधानों को समझने में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सामने आई कठिनाइयों को दूर करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मंत्री ने प्रत्येक विश्वविद्यालय में हर सेमेस्टर की शुरुआत में विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा संभाग और जिला स्तर पर भी प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम होंगे। इनमें संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों, नोडल अधिकारियों और विद्यार्थी ब्रांड एंबेसडरों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि नीति के प्रावधानों की सही जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंच सके।
पाठ्यक्रम होंगे सरल, भारतीय ज्ञान परंपरा को मिलेगा स्थान
विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जनरल इलेक्टिव (GE) विषयों के पाठ्यक्रम और प्रश्नपत्रों को अधिक सरल, व्यावहारिक एवं लचीला बनाने पर चर्चा की गई। उद्देश्य विषय चयन और परीक्षा प्रक्रिया को सहज बनाना तथा विद्यार्थियों पर अनावश्यक दबाव कम करना है।
पाठ्यक्रमों में भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक विरासत से जुड़ी भारतीय ज्ञान परंपरा को प्रमुखता से शामिल करने के निर्देश भी दिए गए।
छठे सेमेस्टर की इंटर्नशिप के लिए उद्योगों से जुड़ेंगे संस्थान
मंत्री टंक राम वर्मा ने छठे सेमेस्टर में लागू अनिवार्य इंटर्नशिप व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए समय रहते तैयारियां शुरू करने को कहा। इसके लिए उद्योगों, औद्योगिक घरानों और व्यावसायिक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से विद्यार्थियों को अवसर उपलब्ध कराने तथा उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार और स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत और मुख्यमंत्री के विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में शिक्षा नीति की महत्वपूर्ण भूमिका बताई।
निजी विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता पर रहेगी निगरानी
राज्य के निजी विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, प्राध्यापकों की नियमित उपस्थिति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए अपर संचालक तथा कुलपतियों के समन्वय से विशेष निगरानी समिति बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और व्यवस्था की एकरूपता सुनिश्चित करना है।
बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने के आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई
आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने बीएड महाविद्यालयों के सुचारू संचालन पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र विश्वविद्यालयों और ‘बी++’ ग्रेड प्राप्त महाविद्यालयों से बीएड संचालन के लिए प्राप्त आवेदनों पर बिना अनावश्यक विलंब के कार्रवाई की जाए। इससे बीएड पाठ्यक्रम समय पर शुरू करने और भविष्य में राज्य को गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बैठक के अंत में मंत्री ने समिति के सदस्यों के सुझावों पर तत्काल अमल करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित संस्थानों और विभागों से समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया, ताकि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन में देश के सामने एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर सके।
डिजिटल क्रॉप सर्वे का होगा क्रॉस वेरिफिकेशन, धान की खेती, किसान पंजीयन और उपार्जन के आंकड़ों का किया जाएगा मिलान
रायपुर । छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करने और फसलों की वास्तविक स्थिति का सटीक रिकॉर्ड तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने निगरानी तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों को खेतों में बोई गई फसलों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने, सर्वे में दर्ज जानकारी का मौके पर सत्यापन करने और त्रुटिपूर्ण अभिलेखों को सुधारने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज जानकारी वास्तविक स्थिति के अनुरूप होनी चाहिए। संबंधित खसरों का सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित भूमि पर फसल बोई गई है या नहीं। जहां फसल लगी है, वहां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पॉलीगॉन बनाकर फसल संबंधी विवरण दर्ज किया जाए, ताकि खेतों में बोई गई फसलों का सटीक और विश्वसनीय रिकॉर्ड तैयार हो सके।
सर्वे की होगी जांच, मौके पर परखी जाएगी वास्तविकता
डिजिटल क्रॉप सर्वे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने राज्य स्तर पर टीम गठित कर विभिन्न जिलों में फील्ड वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए। सर्वे में कितने खसरों का सत्यापन हुआ, कितने रिकॉर्ड सही पाए गए और कहां त्रुटियां मिलीं, इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। गलत प्रविष्टियों में सुधार के साथ सर्वे की आंतरिक जांच भी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे के आंकड़ों का धान की खेती, किसान पंजीयन और धान उपार्जन से संबंधित आंकड़ों के साथ तुलनात्मक परीक्षण करने को कहा। विभिन्न विभागों के अभिलेखों का मिलान कर विसंगतियों को दूर करने पर भी जोर दिया गया।
नक्शों की त्रुटियां दूर करने तकनीकी समाधान तलाशें
बैठक में सर्वे के दौरान सामने आ रही तकनीकी बाधाओं और नक्शों की अनुपलब्धता की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि ऐसी समस्याओं के कारण सर्वे का काम अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। राजस्व विभाग नक्शों की त्रुटियों के निराकरण के लिए उपयुक्त तकनीकी समाधान तलाशे और जरूरत के अनुसार नक्शों को अद्यतन करने की कार्ययोजना तैयार करे।
जिन मामलों में भौतिक सत्यापन या पॉलीगॉन का सत्यापन आवश्यक है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टरों के साथ होगी प्रगति की समीक्षा
मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को कलेक्टरों के साथ बैठक कर डिजिटल क्रॉप सर्वे और सत्यापन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने को कहा। सभी जिलों में गांवों और खेतों के रिकॉर्ड का सत्यापन कर कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, संचालक उद्योग प्रभात मलिक, संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार और संचालक खाद्य फरिया आलम सिद्दीकी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
केंद्रीय सहकारिता सचिव डॉ. आशीष भूटानी ने की पहल की सराहना, राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में आए वरिष्ठ अधिकारियों ने युवाओं से किया संवाद
रायपुर । कभी हिंसा का रास्ता चुनने वाले और अब समाज की मुख्यधारा में लौटे युवाओं के लिए बस्तर का ‘कैफे पण्डुम’ नई जिंदगी, सम्मान और स्वावलंबन की मिसाल बन रहा है। जगदलपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष भूटानी सहित केंद्र और विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को कैफे का भ्रमण किया। उन्होंने यहां काम कर रहे युवाओं से संवाद किया और उनके प्रयासों को सामाजिक बदलाव तथा आजीविका सृजन की महत्वपूर्ण पहल बताया।
पुनर्वास के साथ सम्मानजनक आजीविका पर जोर
भ्रमण के दौरान बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने अधिकारियों को कैफे की अवधारणा, संचालन और इससे जुड़े परिवारों की आजीविका बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पहल हिंसा से प्रभावित और समाज की मुख्यधारा में लौटे लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
स्थानीय परिवेश और आत्मीय आतिथ्य ने जीता दिल
वरिष्ठ अधिकारियों ने कैफे की व्यवस्थाओं, स्थानीय व्यंजनों, प्राकृतिक रंगों से सजे परिसर और आत्मीय आतिथ्य की सराहना की। उन्होंने इसे स्थानीय संस्कृति और परिवेश से जुड़ा एक जीवंत केंद्र बताया। साथ ही कैफे का संचालन कर रहे युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
मुख्यधारा में वापसी को मिल रही नई दिशा
‘कैफे पण्डुम’ की पहल यह संदेश देती है कि पुनर्वास का उद्देश्य केवल हिंसा से दूरी बनाना नहीं, बल्कि लोगों को सम्मानजनक जीवन, रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना भी है। बस्तर में स्थानीय परिवेश से जुड़ी ऐसी पहलें युवाओं को नई पहचान देने और सामाजिक विश्वास मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
वन मंत्री केदार कश्यप ने जनप्रतिनिधियों के साथ किया श्रमदान, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक जलस्रोतों को स्वच्छ रखने का दिया संदेश
रायपुर । जनभागीदारी से स्वच्छता और जलस्रोतों के संरक्षण का संदेश देने के लिए बस्तर जिले के ग्राम पंचायत चपका स्थित रामपुर आश्रम में सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता अभियान चलाया गया। वन मंत्री केदार कश्यप ने स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ झाड़ू लगाकर श्रमदान किया। इस दौरान ऐतिहासिक मंदिर परिसर, मारकंडी नदी घाट और प्राकृतिक जलकुंड की साफ-सफाई की गई।
जनभागीदारी से चला स्वच्छता अभियान
अभियान में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मंदिर परिसर, नदी घाट और प्राकृतिक जलकुंड के आसपास फैले कचरे, प्लास्टिक तथा अन्य अपशिष्ट को हटाया। सामूहिक श्रमदान के जरिए धार्मिक स्थलों की स्वच्छता के साथ प्राकृतिक जलस्रोतों को संरक्षित रखने का संदेश दिया गया।
वन मंत्री केदार कश्यप ने स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों को साफ-सुथरा रखने और प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण में आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
जलस्रोतों को स्वच्छ रखने का लिया संकल्प
अभियान के दौरान ग्रामीणों ने नदी घाट और प्राकृतिक जलकुंड को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। आयोजन में जिला पंचायत बस्तर की अध्यक्ष वेदवती कश्यप, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश कश्यप, पंचायत प्रतिनिधि, स्वच्छ भारत मिशन की टीम और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने श्रमदान किया।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस पहल ने स्वच्छता, सामुदायिक सहभागिता और प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।
वन्यजीव सप्ताह का समापन: शॉर्ट फिल्म और निबंध प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, विजेताओं को किया गया सम्मानित
रायपुर । कला, रचनात्मकता और ज्ञान के जरिए वन्यजीव संरक्षण का संदेश देने वाले विद्यार्थियों को गुरुवार को नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन के दंडकारण्य सभागार में सम्मानित किया गया। वन्यजीव सप्ताह के समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। सप्ताहभर चली गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्रकृति, वन्यजीवों और जैव विविधता के संरक्षण का महत्व समझा।
वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और रायपुर वनमंडल ने कलिंगा विश्वविद्यालय के हरित समूह एवं प्राणीशास्त्र विभाग के सहयोग से 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह का आयोजन किया। इस वर्ष की थीम ‘जुड़ते प्राकृतिक आवास, फलते-फूलते वन्यजीव’ रखी गई। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय उपस्थित रहे।
रचनात्मक गतिविधियों से प्रकृति के करीब आए विद्यार्थी
वन्यजीव सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों ने कागज की आकृतियां बनाने, घोंसलों के प्रतिरूप तैयार करने, बीजगोलक (सीड बॉल) निर्माण, वन्यजीव छायाचित्रण और प्रकृति भ्रमण जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।
शॉर्ट फिल्म में देवेश मिंज प्रथम
शॉर्ट फिल्म मेकिंग प्रतियोगिता में कलिंगा विश्वविद्यालय के देवेश मिंज ने प्रथम स्थान हासिल किया। सिद्धांत नागपुरे द्वितीय और वर्षा साहू तृतीय स्थान पर रहे।
निबंध प्रतियोगिता में केंद्रीय विद्यालय की श्रेया साहू ने पहला स्थान प्राप्त किया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उपरवारा की शैल्या साहू दूसरे और पीएम श्री स्वामी आत्मानंद विद्यालय, माना कैंप के आकाश दास तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, माना कैंप की हेमा और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गनोद की दीपिका साहू को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता पर जोर
वन्यजीव सप्ताह के आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का अवसर प्रदान किया। ऐसी गतिविधियों से नई पीढ़ी को वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों के महत्व से जोड़ने तथा जैव विविधता के संरक्षण के प्रति जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में मदद मिलती है।
टीसीएस, अडानी समूह और नांदी फाउंडेशन के सहयोग से प्रशिक्षण; आईटीआई-पॉलिटेक्निक में एआई और मशीन लर्निंग पर जोर
रायपुर, 9 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने और तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल की है। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा औद्योगिक और प्रशिक्षण संस्थाओं के साथ एमओयू, आधुनिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत तथा तकनीकी संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और विभागीय मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के मार्गदर्शन में की जा रही इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक कौशल से लैस कर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
चार संस्थाओं के साथ एमओयू की पहल
दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेला-2026 के समापन अवसर पर विभाग ने युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए चार संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) की पहल की। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की योजना है।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सहयोग से इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और उद्योगों में उपयोग होने वाले व्यावहारिक कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कंपनी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
वहीं, अडानी समूह के सहयोग से आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण देने की पहल की गई है। इससे विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने और औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं मजबूत करने में मदद मिलेगी।
नांदी फाउंडेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को सॉफ्ट स्किल, अंग्रेजी संवाद, साक्षात्कार की तैयारी और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पिछले वर्ष इस पहल के तहत छह हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया था। चालू वर्ष में भी आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कौशल विकास से जुड़े विद्यार्थियों को लगभग 48 से 50 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त जंगल सफारी में विभिन्न ट्रेडों से संबंधित कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए भी संस्थाओं के साथ एमओयू की पहल की जा रही है।
पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता का मूल्यांकन
प्रदेश के पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया गया है। इसमें संस्थानों के शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण व्यवस्था, अधोसंरचना और उपलब्ध सुविधाओं का आकलन किया गया।
रोजगार मेले के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सहित अन्य अतिथियों ने मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन किया। रिपोर्ट में संस्थानों की गुणवत्ता और प्रशिक्षण व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए गए हैं। इनके आधार पर पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के विकास एवं आधुनिकीकरण की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
आईटीआई-पॉलिटेक्निक में शुरू होंगे आधुनिक पाठ्यक्रम
तकनीकी शिक्षा को वर्तमान और भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के पुराने और अप्रासंगिक पाठ्यक्रमों की समीक्षा की जा रही है। इसके स्थान पर रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग और आधुनिक तकनीक से जुड़े विषयों पर विशेष जोर रहेगा। इससे विद्यार्थियों को नई तकनीकों का ज्ञान और व्यावहारिक दक्षता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
डिजिटल रोजगार पोर्टल बनेगा स्किल मार्केट
विभाग डिजिटल रोजगार पोर्टल को भविष्य में स्किल मार्केट के रूप में विकसित करने की तैयारी भी कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में उद्योगों की जरूरतों, उपलब्ध रिक्त पदों और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराने की योजना है।
इससे युवा अपनी योग्यता और कौशल के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जबकि उद्योग एवं नियोजक संस्थाएं अपनी जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का चयन कर सकेंगी। इससे रोजगार प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कौशल और प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की राह
राज्य सरकार की इन पहलों का लक्ष्य तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा युवाओं को रोजगार के लिए अधिक सक्षम बनाना है। आधुनिक पाठ्यक्रम, व्यावहारिक प्रशिक्षण और डिजिटल रोजगार सेवाओं के विस्तार से छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार की नई संभावनाएं विकसित करने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
फल ठेलों और दुकानों से वसूला ₹3,150 जुर्माना, नियमों की अनदेखी पर निगम ने दी सख्ती की चेतावनी
भिलाईनगर / शौर्यपथ / शहर में स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने और प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ नगर पालिक निगम भिलाई ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में 9 अक्टूबर 2026 को जोन क्रमांक-01 के वार्ड क्रमांक-06 स्थित प्रियदर्शनी परिसर में निगम की टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों और फल ठेलों का निरीक्षण किया। इस दौरान प्लास्टिक के प्रतिबंधित उपयोग, डस्टबिन नहीं रखने और अनुज्ञप्ति लाइसेंस के अभाव जैसी अनियमितताएं मिलने पर संबंधितों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 3,150 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
निगम आयुक्त एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार की गई इस कार्रवाई में फल विक्रेताओं से लेकर भोजनालय और मिठाई प्रतिष्ठान तक जांच के दायरे में आए। निरीक्षण के दौरान नियमों की अनदेखी पाए जाने पर मौके पर ही जुर्माना लगाया गया।
कहीं प्लास्टिक का इस्तेमाल, तो कहीं लाइसेंस का अभाव
निगम की कार्रवाई के दौरान सोनू चौहान के फल ठेले पर सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग के लिए 50 रुपये तथा किशन के फल ठेले पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया गया। रॉयल राजस्थानी भोजनालय में डस्टबिन नहीं होने पर 200 रुपये और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर 800 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इसी तरह बुरहानपुर वाले खोवा जलेबी प्रतिष्ठान पर प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग के लिए 500 रुपये तथा अनुज्ञप्ति लाइसेंस नहीं होने पर 1,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस प्रकार सभी छह मामलों में कुल 3,150 रुपये की चालानी कार्रवाई की गई।
नियमों की अनदेखी पर आगे भी होगी कार्रवाई
नगर निगम ने दुकानदारों, व्यापारियों और फल विक्रेताओं से अपने प्रतिष्ठानों में अनिवार्य रूप से डस्टबिन रखने, प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और आवश्यक अनुज्ञप्ति लाइसेंस बनवाने की अपील की है। निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण अभियान जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अनुपस्थित रहने और अधिकारियों से दुर्व्यवहार के आरोप; ब्याज अनुदान, खाद सत्यापन और ऋण वसूली में भी पिछड़ने का मामला
दुर्ग / शौर्यपथ / भारत सरकार की महत्वपूर्ण पैक्स कम्प्यूटराइजेशन परियोजना में लापरवाही बरतने के मामले में बैंक प्रबंधन ने सख्त कार्रवाई करते हुए धमधा शाखा के पर्यवेक्षक संजय कुमार दिल्लीवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बैंक मुख्यालय के अनुसार, संबंधित पर्यवेक्षक के अधीनस्थ समितियों में कम्प्यूटराइजेशन का कार्य काफी पिछड़ा हुआ था। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में भी अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर प्रबंधन ने कार्रवाई की।
समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहने का मामला
बैंक मुख्यालय दुर्ग में 8 अक्टूबर 2026 को संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, दुर्ग संभाग के निर्देशानुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पैक्स कम्प्यूटराइजेशन कार्य की समीक्षा की गई। इस दौरान धमधा शाखा के पर्यवेक्षक संजय दिल्लीवार की बारी आने पर उनके वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अनुपस्थित रहने तथा मोबाइल फोन बंद होने की बात सामने आई।
बैंक प्रबंधन के अनुसार, पैक्स कम्प्यूटराइजेशन कार्य की समीक्षा के लिए केंद्र की टीम तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर थी। ऐसे में महत्वपूर्ण परियोजना की समीक्षा के दौरान अनुपस्थित रहने को गंभीरता से लिया गया।
अधिकारियों से दुर्व्यवहार का भी आरोप
बैंक प्रबंधन के मुताबिक, 9 अक्टूबर को संजय दिल्लीवार ने पैक्स कम्प्यूटराइजेशन का कार्य देख रहे मुख्यालय के कर्मचारी से मोबाइल पर संपर्क किया। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर आपत्ति जताते हुए कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों एवं बैंक अधिकारियों के विरुद्ध अपशब्दों का प्रयोग करने और दुर्व्यवहार करने का आरोप है।
अन्य कार्यों में भी पिछड़ने की बात
बैंक मुख्यालय की समीक्षा में संजय दिल्लीवार के अधीनस्थ समितियों में पैक्स कम्प्यूटराइजेशन के अलावा ब्याज अनुदान, खरीफ क्लेम, खाद के भौतिक सत्यापन और केआरपी में क्लेम संबंधी कार्यों में भी पिछड़ने की बात सामने आई। इसके साथ ही शाखा एवं समिति स्तर पर कालातीत ऋणों की वसूली में उदासीनता बरतने का भी उल्लेख किया गया है।
बैंक प्रबंधन ने मामले को गंभीर मानते हुए संजय कुमार दिल्लीवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया। यह कार्रवाई सहकारी समितियों के कम्प्यूटराइजेशन सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में निर्धारित प्रगति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
रिसाली / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम रिसाली के 10 वार्डों के नागरिकों की समस्याओं के समाधान और शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए शुक्रवार को आत्मानंद विद्यालय रिसाली में सेवा संकल्प शिविर आयोजित किया गया। शिविर में शिकायतों की तुलना में मांग से जुड़े आवेदन अधिक पहुंचे। कुल 78 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 52 का निराकरण किया गया। शेष 26 आवेदनों पर कार्रवाई की जानी बाकी है।
विधायक-महापौर ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
शिविर में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर और महापौर शशि सिन्हा ने विभिन्न विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया। दोनों जनप्रतिनिधि पंजीयन काउंटर तक पहुंचे और वहां मौजूद नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचे और कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे।
विधायक ललित चंद्राकर ने नागरिकों को महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना और पेंशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ लेने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया।
महापौर ने सबसे पहले कराई बीपी और शुगर की जांच
शिविर के दौरान महापौर शशि सिन्हा ने स्वास्थ्य जांच शिविर में अपना ब्लड प्रेशर और शुगर परीक्षण कराया। इसके बाद उन्होंने नागरिकों से मुलाकात की। मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उनका स्वास्थ्य ठीक बताया। शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिससे नागरिकों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं मिल सकें।
इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष शैलेन्द्र साहू, एमआईसी सदस्य अनिल देशमुख, पार्षद धर्मेन्द्र भगत, मनीष यादव, डॉ. सीमा साहू, रमा साहू, मंडल अध्यक्ष अनुपम साहू, राजू जंघेल तथा निगम आयुक्त मोनिका वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
आवेदनों की स्थिति एक नजर में
कुल आवेदन: 78
निराकृत आवेदन: 52
मांग संबंधी आवेदन: 68
शिकायत संबंधी आवेदन: 10
शेष आवेदन: 26
सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम रामपुर में जनजागरूकता कार्यक्रम, आयुष्मान भारत से लेकर पीएम सूर्य घर योजना तक की दी जानकारी
राजनांदगांव / शौर्यपथ / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव के समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम रामपुर में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में महाविद्यालयीन विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।
नशे से दूर रहने ग्रामीणों से किया आह्वान
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नशे के दुष्परिणामों को रेखांकित करते हुए ग्रामीणों से नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। विद्यार्थियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी लिया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनसामान्य तक सामाजिक सरोकारों से जुड़े संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया।
जनकल्याणकारी योजनाओं की दी जानकारी
विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता और उनके लाभों के प्रति जागरूक करते हुए पात्रतानुसार योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
जनभागीदारी से साकार होगा सेवा का संकल्प
ग्राम रामपुर के सरपंच यतीश सिन्हा ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान समाज और समुदाय के प्रति सेवा भावना को प्रोत्साहित करने के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों से अभियान की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।
इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत डोंगरगांव के उपाध्यक्ष मनीष साहू, भुवन साहू, ग्राम रामपुर के उपसरपंच भारत लाल साहू, पंच लता साहू, रोशन साहू, हरिचंद नेताम, समाज कार्य विभागाध्यक्ष ललिता साहू, जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी, समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग के विद्यार्थी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
महेश खंडेलवाल और रणदीप भाटिया बने सह-संयोजक, कार्यकारिणी में पदाधिकारियों व सदस्यों को किया गया शामिल
राजनांदगांव। भारतीय जनता पार्टी आर्थिक प्रकोष्ठ की राजनांदगांव जिला कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष शिव चन्द्राकर एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की अनुशंसा तथा जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत की सहमति से घोषित कार्यकारिणी में कमलेश बैद को जिला संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, महेश खंडेलवाल एवं रणदीप भाटिया को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है।
घोषित कार्यकारिणी में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। श्रीमती संगीता शुक्ला को कार्यालय प्रभारी, रोशन साहू को कार्यालय सह-प्रभारी, हरीश मोटलानी को मीडिया प्रभारी तथा महेश गुप्ता को मीडिया सह-प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह सुनील कोटडिया को सोशल मीडिया प्रभारी, श्रीमती अंजनी शर्मा को सोशल मीडिया सह-प्रभारी और श्रीमती सुधा पवार को ‘मन की बात’ प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
जिला कार्यसमिति में 28 सदस्य शामिल
जिला कार्यसमिति सदस्य के रूप में राजेश अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, राजेश साहू, सौरभ खण्डेलवाल, धर्मेन्द्र सोनी, पवन सोनी, मंजुरानी साहू, विम्मी श्रीवास्तव, ओंकार वर्मा, चेतन अग्रवाल, राजू नाहटा, दीपक गिड़िया, राकेश साहू, शंकर कुमार साहू, राजेश सावा, निलेश हरिहरनो, मुकेश शर्मा, संगीता जिंदल, शोभनारायण साहू, शीतल लोडा, अखराज सोनी, हेमलाल साहू, जसप्रीत सिंह, शिवेंद्र साहू, संजय गायकवाड, ज्योति खण्डेलवाल, शंभू गुप्ताईत एवं लीलाधर साहू को शामिल किया गया है।
भाजपा जिला महामंत्री सौरभ कोठारी एवं डिकेश साहू ने नवगठित कार्यकारिणी से अपेक्षा जताई है कि वह आर्थिक विषयों से जुड़े मुद्दों पर व्यापारियों और आम नागरिकों के हितों को प्रभावी ढंग से उठाएगी। साथ ही भारतीय जनता पार्टी की नीतियों एवं कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाते हुए संगठन को मजबूत करेगी।
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