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March 29, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में चुनावी तैयारियां शुरू; दलों की रणनीति और बयानबाजी तेज

नई दिल्ली / शौर्यपथ / :

असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग के ऐलान के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं और सभी दल अपनी-अपनी जीत का दावा करते हुए चुनावी रणनीति में जुट गए हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव कार्यक्रम का स्वागत करते हुए भरोसा जताया है कि जनता विकास, स्थिरता और सुशासन के पक्ष में मतदान करेगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि पांचों राज्यों में एनडीए और भाजपा के कार्यकर्ता पूरी तरह चुनाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम और पुडुचेरी में एनडीए की सरकार फिर से बनेगी, वहीं पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में भी जनता के आशीर्वाद से एनडीए को विजय प्राप्त होगी।

वहीं कांग्रेस ने चुनाव की घोषणा का स्वागत करते हुए पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव कराने के फैसले को सकारात्मक कदम बताया है। कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित किया जाए ताकि मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।

इधर केरल में सत्तारूढ़ वाम मोर्चा (एलडीएफ) की प्रमुख पार्टी सीपीआई(एम) ने भी चुनावी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने आगामी चुनाव में 86 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया है, जिनमें से 56 वर्तमान विधायकों को फिर से टिकट देने का फैसला किया गया है।

विधानसभा कार्यकाल समाप्ति की स्थिति

निर्वाचन आयोग के अनुसार सभी राज्यों में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।

पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त होगा।

तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई तक है।

असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को समाप्त हो जाएगा।

केरल विधानसभा का कार्यकाल 23 मई तक है।

पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त होगा।

चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही इन पांचों राज्यों में राजनीतिक दलों की सक्रियता, रैलियां, गठबंधन और उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में चुनावी माहौल और भी गर्म होने के आसार हैं, क्योंकि सभी दल जनता को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।

भिलाई नगर / शौर्यपथ / वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन द्वारा अपनी जान को खतरा और हत्या की साजिश के आरोप लगाए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में…

रायपुर/ शौर्यपथ / भाजपा सरकार ने निर्णय लिया है कि अब 1 अप्रैल से फाइबर की बोतल में शराब मिलेगी। साथ ही 35 नई दुकाने भी खोली जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि शराब बंदी की बात करने वाली भाजपा शराब की खपत बढ़ाने में लगी है। शराब की काली कमाई के लालच में भाजपा की सरकार ने पिछले दो वर्षों में आधा दर्जन बार आबकारी नीति में परिवर्तन किया है। पूर्व में संचालित लगभग 700 दुकानों में कंपोजिट व्यवस्था लागू करके अंग्रेजी में देसी और देसी शराब दुकानों में अंग्रेजी शराब भी बेचने का निर्णय लिया अर्थात पुरानी दुकानों की क्षमता दुगनी होकर 400 हो गयी। इस सरकार ने पिछले साल 67 नई शराब दुकानें खोले, जिसका जमकर विरोध हुआ, अब नई नीति में 35 और शराब दुकान खोले जा रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि भाजपा की सरकार हर तरफ से शराब की बिक्री बढ़ाने में लगी है। विगत दिनों अंबिकापुर में सी-मार्ट को बंद कर प्रीमियम शराब दुकान खोली गई, अब नई शराब नीति के तहत और भी प्रीमियम दुकान खोलने का फैसला भाजपा की सरकार ने लिया है। पिछले 2 साल में सीमावर्ती पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उड़ीसा से शराब की तस्करी बढ़ी है। कोचियों और बिचौलियों का कारोबार बेख़ौफ़ चल रहा है, नाबालिक बच्चों तक अवैध नशे की सामग्री पहुंच रही है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि साय सरकार में शराब की कोचियागिरी बड़े पैमाने पर जारी है। नकली सरकारी होलोग्राम लगाकर शराब बेचा जा रहा है। राजनांदगांव, मुंगेली सहित प्रदेश के अनेकों स्थानों से लगातार खबरे आ रही है सरकारी शराब दुकानों से 200 रू. प्रति पेटी अतिरिक्त लेकर गली, मुहल्लों में कोचिये शराब पहुंचा रहे है। हाल ही में डोंगरगढ़ में बाटलिंग प्लांट यूनिट में पानी मिलाते रंगे हाथों पकड़े गये। दूसरे राज्यों की शराब बस्तर, सरगुजा सहित मैदानी क्षेत्रों में निर्बाध पहुंच रहे है। नकली और अवैध शराब का धंधा सत्ता के संरक्षण में तेजी से फल-फूल रहा है। भाजपा की सरकार बनने के बाद अवैध शराब की बिक्री बढ़ गई, दूसरे प्रांतो से शराब तस्करी कर के आ रही, बिना होलोग्राम, नकली होलोग्राम के शराब सरकारी दुकानों से बेची जा रही। पूरी सरकार शराब की काली कमाई में डूबी हुई है।

प्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि साय सरकार के द्वारा लगातार शराबखोरी को संरक्षण देने वाले निर्णयों से प्रमाणित है कि भाजपा का शराबबंदी के लिए प्रदर्शन केवल राजनैतिक पाखंड था। साय सरकार का शराब प्रेम मनपसंद ऐप और 67 नई शराब दुकान खोलने के निर्णय से स्पष्ट है। भाजपा नेताओं का फोकस केवल कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार में है और इसके लिए प्रदेश को नशे में डूबोने का षड़यंत्र रचा है।

दुर्ग। आर्य नगर निवासी स्वर्गीय मगनभाई कांजीभाई सोलंकी के निधन के पश्चात उनके परिवार द्वारा किया गया नेत्रदान एवं देहदान मानवता के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया है। उनके नेत्रदान से दो नेत्रहीन व्यक्तियों को नई रोशनी मिलेगी, वहीं देहदान से मेडिकल विद्यार्थियों को अध्ययन और शोध कार्य के लिए अमूल्य सहयोग प्राप्त होगा।

श्री सोलंकी के निधन के बाद उनकी पुत्री प्रतिभा बेन क्षत्रीय, भावना बेन टांक एवं उमेश भाई चौहान की सहमति से नेत्रदान और देहदान की संपूर्ण प्रक्रिया विधिवत संपन्न की गई। परिवार के इस संवेदनशील एवं समाजहितकारी निर्णय की समाज में व्यापक सराहना की जा रही है।

नेत्रदान और देहदान की व्यवस्था में नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फाउंडेशन की ओर से कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, यतीन्द्र चावड़ा, प्रभुदयाल उजाला, हरमन दुलई, जितेंद्र हासवानी, राजेश पारख एवं सुरेश जैन आर्य नगर स्थित निवास पर उपस्थित रहे और पूरी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराया।

शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की टीम में डॉ. संदीप बचकर, डॉ. याशिका चंद्रा और डॉ. अंजलि कश्यप ने निवास स्थान पहुंचकर कॉर्निया संकलित किए। वहीं कॉलेज के एनाटॉमी विभाग की प्रमुख डॉ. अंजलि वंजारी के निर्देशन में संदीप रिशबुड और दयाराम ने देहदान की प्रक्रिया पूर्ण की।

इस अवसर पर प्रतिभा बेन क्षत्रीय ने कहा कि पिता के निधन से परिवार को गहरा आघात लगा है, लेकिन उनके संस्कारों से ही उन्हें नेत्रदान और देहदान का निर्णय लेने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि अब पिता की स्मृतियां उन्हें समाज सेवा के लिए प्रेरित करती रहेंगी।

उमेश भाई चौहान ने कहा कि उन्होंने एक सच्चा मित्र खो दिया, लेकिन उनकी बेटियों ने नेत्रदान और देहदान का निर्णय लेकर यह सिद्ध कर दिया कि बेटियां भी अपने पिता के प्रति पूर्ण समर्पित होती हैं।

यश चावड़ा ने कहा कि सोलंकी समाज का यह प्रतिष्ठित परिवार सदैव धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहा है। परिवार के मुखिया के नेत्रदान और देहदान के निर्णय से सोलंकी परिवार ने समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

नवदृष्टि फाउंडेशन के अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, प्रवीण तिवारी, मुकेश आढ़तिया, हरमन दुलई, रितेश जैन, राजेश पारख, जितेंद्र हासवानी, मंगल अग्रवाल, किरण भंडारी, उज्ज्वल पींचा, सत्येंद्र राजपूत, सुरेश जैन, पीयूष मालवीय, दीपक बंसल, विकास जायसवाल, मुकेश राठी, प्रभुदयाल उजाला, प्रमोद बाघ, सपन जैन, यतीन्द्र चावड़ा, जितेंद्र कारिया, बंसी अग्रवाल, अभिजीत पारख, मोहित अग्रवाल, चेतन जैन, दयाराम टांक, विनोद जैन एवं राकेश जैन सहित अनेक लोगों ने स्व. मगनभाई सोलंकी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सोलंकी परिवार के इस निर्णय की सराहना की।

यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देता है कि जीवन के बाद भी मानव सेवा संभव है।

  दुर्ग / शौर्यपथ / पवित्र रमजान माह के दौरान शहर में आपसी भाईचारे और सौहार्द का सुंदर उदाहरण देखने को मिला। मशहूर शायर नवेद रज़ा दुर्गवी की ओर से केलाबाड़ी शास्त्री चौक में रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न धर्मों और समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया।
इस अवसर पर रोजेदारों के साथ अन्य धर्मों के लोगों ने भी शामिल होकर इफ्तार किया और एक-दूसरे को रमजान की शुभकामनाएं दीं। इफ्तार के बाद सभी ने मिलकर नमाज-ए-मगरिब अदा की और देश में अमन, शांति तथा भाईचारे की दुआ मांगी।
नमाज के बाद आयोजित आम लंगर में भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और सौहार्दपूर्ण माहौल में प्रसाद ग्रहण किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में हाजी रियाज गौहर, हाजी ताहिर निजाम, डॉ. नौशाद सिद्दीकी, सुनील श्रीवास्तव और शायर आलोक नारंग सहित अनेक लोगों का विशेष योगदान रहा।

मृणेन्द्र चौबे

राजनांदगांव। शौर्यपथ। भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेई स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय पेंड्री में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की संवेदनशीलता तथा समर्पण से एक लावारिस बुजुर्ग मरीज को नया जीवन मिला है। कोमा और गैस्पिंग की गंभीर अवस्था में अस्पताल लाए गए इस अज्ञात मरीज का लगभग 20 दिनों तक लगातार उपचार किया गया, जिसके बाद वह पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गया।

जानकारी के अनुसार 24 फरवरी 2026 को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से एक अज्ञात बुजुर्ग मरीज को अत्यंत नाजुक हालत में अस्पताल लाया गया था। भर्ती के समय मरीज गहरे कोमा में था और गैस्पिंग की स्थिति में अंतिम सांसें ले रहा था। चिकित्सकीय जांच में पता चला कि मरीज लीवर की गंभीर बीमारी से ग्रसित था, जिसके कारण वह हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी (दिमाग पर असर) की खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका था।

इसके साथ ही मरीज के शरीर में प्रोटीन की अत्यधिक कमी के कारण पूरे शरीर में सूजन थी और संक्रमण फैलने से वह सेप्टिक शॉक की स्थिति में था। चिकित्सकों के अनुसार इस अवस्था में मरीज के बचने की संभावना बेहद कम होती है, लेकिन समय पर मिले उपचार और टीमवर्क से उसे नया जीवन मिल सका।

डीन डॉ. पी. एम. लुका एवं मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. देशकर के मार्गदर्शन तथा मेडिसीन विभागाध्यक्ष डॉ. एन. के. तिरकी के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया। मरीज के अज्ञात और लावारिस होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसके सभी आवश्यक परीक्षण, जांच और दवाइयों की व्यवस्था पूरी तरह नि:शुल्क कराई।

इलाज की जिम्मेदारी डॉ. प्रकाश खुंटे के साथ डॉ. आशीष दुलानी, डॉ. भूपेंद्र जंघेल, डॉ. आकाश चंद्राकर और डॉ. विकास जैन की टीम ने संभाली। चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए लगातार मॉनिटरिंग और आवश्यक उपचार जारी रखा। इस दौरान इंटर्न डॉक्टरों ने भी उपचार प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग दिया।

डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सिंग स्टाफ की विशेष देखभाल भी मरीज के स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण साबित हुई। सिस्टर इंचार्ज रेखा और नर्सिंग ऑफिसर केसर, राजलक्ष्मी, मोहिनी, पूजा निषाद तथा चंद्रकला ने चौबीसों घंटे मरीज की सेवा की। वार्ड बॉय और आया वर्ग ने भी मरीज की देखभाल में पूरा सहयोग दिया, जिससे उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार होता गया।

लगातार लगभग 10 दिनों तक आईसीयू और क्रिटिकल केयर में गहन उपचार के बाद मरीज की स्थिति स्थिर हुई और वह धीरे-धीरे होश में आने लगा। इसके बाद सामान्य वार्ड में रखकर उपचार जारी रखा गया। करीब 20 दिनों तक चले उपचार के बाद 14 मार्च 2026 को बुजुर्ग मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गया और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

मृणेन्द्र चौबे

राजनांदगांव। शौर्यपथ। प्रेस क्लब राजनांदगांव के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव का आयोजन रविवार को उत्साहपूर्ण और लोकतांत्रिक माहौल में सम्पन्न हुआ। अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के तीन प्रमुख पदों के लिए मतदान के माध्यम से चुनाव कराया गया। चुनाव परिणाम में सचिन अग्रहरि ने लगातार तीसरी बार अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर इतिहास दोहराया। वहीं अनिल त्रिपाठी सचिव और बसंत शर्मा कोषाध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित किए गए। परिणाम घोषित होते ही विजेताओं और समर्थकों ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए जीत का जश्न मनाया।

अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में दो प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला हुआ। इसमें सचिन अग्रहरि को 107 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कमलेश स्वर्णकार को 41 वोट मिले। इस प्रकार सचिन अग्रहरि ने 66 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल कर लगातार तीसरी बार अध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त किया।

सचिव पद के लिए हुए मुकाबले में अनिल त्रिपाठी को सर्वाधिक 74 वोट मिले। उनके बाद विक्रम बाजपेयी को 50 मत प्राप्त हुए। वहीं सुरेंद्र गुप्ता को 12, मनोज राठौर को 6 और योगेश शर्मा को 6 मत मिले।

कोषाध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में बसंत शर्मा को 85 वोट प्राप्त हुए। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रवि सिंह ठाकुर को 32 और प्रमोद शेंडे को 31 मत मिले।

148 मतदाताओं ने किया मतदान

प्रेस क्लब चुनाव में कुल 158 मतदाता थे, जिनमें से 148 सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान प्रक्रिया चली। इसके बाद दोपहर 3 बजे से मतगणना शुरू हुई और शाम करीब 5 बजे तक परिणाम घोषित कर दिए गए।

इस चुनाव में पहली बार लगभग 93.67 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो सदस्यों के उत्साह और सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। अस्वस्थता और व्यस्तता के बावजूद बड़ी संख्या में पत्रकारों ने मतदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई।

चुनाव में निर्वाचन अधिकारी के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता उमाकांत भारद्वाज के साथ मनोज चौधरी, विमल हाजरा, मनीष तिवारी, सुनीता वर्मा, खेमराज वर्मा, नंदिनी, खुशी और नितिन साहू ने अपनी जिम्मेदारी निभाई।

पत्रकारों के हित में होगा और बेहतर काम : सचिन अग्रहरि

तीसरी बार अध्यक्ष चुने जाने के बाद सचिन अग्रहरि ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि यह जीत प्रेस क्लब के सभी सदस्यों की जीत है। उन्होंने बताया कि पिछले दो कार्यकाल के दौरान पत्रकारों के लिए आवासीय परिसर का आवंटन और वहां विकास कार्य कराए गए हैं।

उन्होंने कहा कि नए कार्यकाल में शेष विकास कार्यों को पूरा कराने के साथ जिन पत्रकारों को अभी तक आवासीय भूखंड नहीं मिल पाया है, उन्हें भूखंड उपलब्ध कराना प्राथमिकता होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार भी पहले से बेहतर कार्य कर पत्रकारों के हितों को आगे बढ़ाया जाएगा।

रायपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं को साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (एमबीबीएस) के पंजीयन या किसी भी प्रकार के भुगतान के लिए किसी अनजान वॉट्सएप, ई-मेल या एसएमएस पर प्राप्त लिंक पर क्लिक करने से बचें। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के नाम पर भेजे जाने वाले किसी भी लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें, क्योंकि पॉवर कंपनी अपनी किसी भी योजना या सेवा के लिए उपभोक्ताओं को एपीके फाइल या वेब लिंक कभी नहीं भेजती।
पॉवर कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) श्री भीम सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की जानकारी आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली बिल अथवा किसी भी भुगतान को केवल ‘मोर बिजली’ मोबाइल एप, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, एटीपी सेंटर या नजदीकी विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही करें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ता किसी भी मैदानी कर्मचारी को नकद भुगतान न करें। योजना के अंतर्गत पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालयों में ही उपलब्ध है।
पॉवर कंपनी ने यह भी बताया कि बिजली बिल भुगतान अथवा किसी अन्य सूचना से संबंधित संदेश उपभोक्ताओं को केवल “CSPDCL-S” सेंडर आईडी से ही भेजे जाते हैं। यदि किसी अन्य नंबर या माध्यम से कोई संदिग्ध संदेश प्राप्त होता है, तो उपभोक्ता सतर्क रहें और उस पर प्रतिक्रिया न दें।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना या विद्युत सेवाओं से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए उपभोक्ता पॉवर कंपनी के केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि सतर्कता ही सुरक्षा है—सावधानी बरतकर ही साइबर ठगों से बचा जा सकता है।

रायपुर / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के परिणामस्वरूप अब बस्तर क्षेत्र में शांति और खुशहाली बहाल करने की दिशा में सरकार तेजी से सफल हो रही है। उन्होंने कहा कि लगभग चार दशकों तक नक्सल प्रभाव से प्रभावित रहा बस्तर क्षेत्र अब तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और प्रदेश जल्द ही नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में अग्रसर होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘आदि परब’ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ‘परंपरा से पहचान तक’ थीम पर आयोजित यह आयोजन जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण उत्सव है, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकारों ने भी भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 43 विभिन्न जनजातियों के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए विभागीय टीम को बधाई दी और ‘आदि परब’ की चित्रकला और परिधान को ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टीआरटीआई परिसर में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय बाहुल्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में ऐसे आयोजनों का विशेष महत्व है, क्योंकि यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक चित्रकला, शिल्प, हाट-बाजार और जनजातीय व्यंजनों की झलक दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां स्थापित दो संग्रहालयों में से एक शहीद वीर नारायण सिंह की जीवनगाथा को समर्पित है। उन्होंने याद दिलाया कि 1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले डिजिटल ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ का लोकार्पण किया था। दूसरे जनजातीय संग्रहालय में जन्म, विवाह और मृत्यु संस्कारों सहित जनजातीय जीवन की परंपराओं और पारंपरिक परिधानों का जीवंत चित्रण किया गया है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजना और संरक्षित करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर आदिवासी समाज की बेटी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का पहुंचना पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है।

उन्होंने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रदेश में चिन्हित 6 हजार 691 बसाहटों का कायाकल्प किया जा रहा है। वहीं पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों को सड़क, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे प्रदेश की 2300 से अधिक पीवीटीजी बसाहटों के 56 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना (आपका अच्छा गांव) के माध्यम से नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के गांवों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुंचाई जा रही हैं, जिससे वहां के लोगों को अब सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलने लगा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनजातीय समाज के गौरव और विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 3357 आश्रम-छात्रावास, 17 प्रयास विद्यालय और 75 एकलव्य विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जो जनजातीय विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वनाधिकार मान्यता अधिनियम (FRA) के तहत 4 लाख 25 हजार 425 हितग्राहियों को 3.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पट्टा प्रदान किया गया है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी ‘आदि परब’ आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से प्रदेश नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यूपीएससी परीक्षा में सफल जनजातीय समाज के श्री अंकित साकिनी और श्री डायमंड ध्रुव को सम्मानित किया। साथ ही प्रयास आवासीय विद्यालय के उन विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया जिनका चयन आईआईटी और एनआईटी में हुआ है। मुख्यमंत्री ने इन विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए चेक भी प्रदान किए।

समारोह में मुख्यमंत्री ने सरगुजा क्षेत्र के जनजातीय इतिहास पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया तथा 43 जनजातियों के पारंपरिक परिधान में सजे युवाओं द्वारा प्रस्तुत अटायर शो का आनंद लिया, जिसने दर्शकों को जनजातीय संस्कृति की विविधता से रूबरू कराया।

कार्यक्रम में विधायक श्री प्रबोध मिंज, श्री इन्द्रकुमार साहू, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ जनजातीय आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मण्डावी, छत्तीसगढ़ राज्य औषधि एवं पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, आदिम विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, आयुक्त डॉ. सारंश मित्तर तथा टीआरटीआई की संचालक श्रीतमी हिना नेताम सहित बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

दो दिवसीय ‘आदि परब’ का समापन जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं के उल्लासपूर्ण उत्सव के साथ हुआ, जिसने छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी विरासत को एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई।

रायपुर / शौर्यपथ /
प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा 12 मार्च 2026 को शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (एमबीबीएस) बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इस योजना के माध्यम से कोरोना महामारी और अन्य परिस्थितियों के कारण बकाया बिजली बिल जमा नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं को मूल राशि और अधिभार (सरचार्ज) में विशेष छूट प्रदान की जा रही है।
राज्य सरकार के अनुसार इस योजना से प्रदेश के 29 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को लगभग 758 करोड़ रुपये तक की सीधी छूट मिलने का अनुमान है। बिजली क्षेत्र में इतनी बड़ी राशि की राहत पहली बार दी जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी सहायता मिलेगी।
यह योजना विशेष रूप से निम्नदाब घरेलू, बीपीएल और कृषि उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी है। इसके अंतर्गत 31 मार्च 2023 तक की बकाया राशि को आधार मानते हुए उपभोक्ताओं को बकाया बिलों के भुगतान में राहत दी जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को पुराने बकाये का सरल और सुविधाजनक तरीके से निराकरण करने का अवसर मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के दौरान लागू प्रतिबंधों और प्रोटोकॉल के कारण कई महीनों तक बिजली मीटरों की रीडिंग नहीं हो पाई थी। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिजली बिल प्राप्त हुए, जिन्हें आर्थिक तंगी के कारण वे जमा नहीं कर सके। महामारी से कमजोर हुई आर्थिक स्थिति ने अनेक परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया था। ऐसे ही उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है।
योजना के तहत पंजीयन की प्रक्रिया प्रदेशभर के सभी बिजली वितरण केंद्रों और कार्यालयों में शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही उपभोक्ता ‘मोर बिजली’ मोबाइल ऐप के माध्यम से भी आसानी से पंजीयन करा सकते हैं। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी।
राज्य सरकार द्वारा योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव में विशेष शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद उपभोक्ता इसका लाभ उठा सकें। बकाया राशि का भुगतान करने के बाद पात्र उपभोक्ताओं को एम-ऊर्जा योजना का लाभ भी मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना न केवल लाखों उपभोक्ताओं को सीधी आर्थिक राहत देगी, बल्कि उन्हें नियमित रूप से बिजली बिल भुगतान के लिए भी प्रोत्साहित करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस संवेदनशील पहल से प्रदेश के लाखों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे समय पर पंजीयन कर योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और भुगतान से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए अपने नजदीकी बिजली वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क करें।

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