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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
भिलाईनगर / शौर्यपथ / डेंगू-मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर पालिक निगम भिलाई और जिला मलेरिया विभाग की संयुक्त टीम ने जोन-2 वैशाली नगर के वार्ड क्रमांक 25, जवाहर नगर में विशेष अभियान चलाया। के.एच. मेमोरियल स्कूल के आसपास घर-घर सर्वेक्षण कर मच्छरों के प्रजनन स्रोतों की जांच और नियंत्रण की कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान 95 घरों का सर्वेक्षण कर 158 प्रजनन स्रोतों की जांच की गई। इनमें 21 स्थानों पर जमा पानी मिला, जिसे खाली कराया गया। इन स्थानों में छह कूलर, पांच टंकियां और 10 अन्य कंटेनर शामिल थे।
मच्छरों के लार्वा नियंत्रण के लिए 45 कूलरों में एक्यूगार्ड तथा वयस्क मच्छरों के नियंत्रण के लिए 55 कूलरों में मेलाथियान का छिड़काव किया गया। इसके अलावा 85 घरों के अंदर-बाहर, सीढ़ियों के नीचे, अंधेरे व नमी वाले स्थानों तथा शौचालय-बाथरूम में भी दवा का छिड़काव किया गया। क्षेत्र की पक्की और कच्ची नालियों में जमा पानी का भी उपचार किया गया।
संयुक्त टीम ने नागरिकों को डेंगू-मलेरिया से बचाव के उपाय बताए और जागरूकता पंपलेट वितरित किए। निगम प्रशासन ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर, टंकियों, गमलों व अन्य जलपात्रों की नियमित सफाई करने तथा स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है।
₹4,334 करोड़ PBT वृद्धि का दिया हवाला, अधिकारियों का मनोबल बनाए रखने अग्रिम भुगतान की मांग
भिलाई / शौर्यपथ / स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अधिकारियों को त्योहारों से पहले वित्त वर्ष 2025-26 के परफॉर्मेंस रिलेटेड पे (PRP) का अग्रिम भुगतान मिलने की उम्मीद जगी है। स्टील एग्जीक्यूटिव्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SEFI) ने SAIL के चेयरमैन (CMD) को पत्र लिखकर PRP के विरुद्ध अग्रिम राशि जारी करने की मांग की है।
SEFI चेयरमैन एनके बंछोर ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के प्रदर्शन और प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 4,334 करोड़ रुपये की वृद्धि को देखते हुए अधिकारियों को PRP की कुछ राशि अग्रिम दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार की एमओयू रेटिंग की प्रक्रिया में समय लग सकता है, जबकि नियमित PRP भुगतान मार्च 2027 तक किया जाना है। ऐसे में अग्रिम भुगतान से अधिकारियों को राहत मिल सकती है।
SEFI ने पत्र में कहा है कि इस्पात उत्पादन एक सामूहिक प्रक्रिया है, जिसमें अधिकारियों की टीम का योगदान महत्वपूर्ण होता है। कंपनी के बेहतर प्रदर्शन को बनाए रखने के लिए अधिकारियों का मनोबल बढ़ाना जरूरी है। संगठन ने त्योहारों के मद्देनजर अंतरिम व्यवस्था के तहत अग्रिम भुगतान करने का अनुरोध किया है।
अब CMD के फैसले पर नजर
SEFI की मांग पर SAIL प्रबंधन के निर्णय का इंतजार है। फिलहाल अग्रिम भुगतान की राशि और तारीख तय होने की जानकारी सामने नहीं आई है। यह प्रस्ताव स्वीकार होने पर अधिकारियों को नियमित PRP भुगतान से पहले कुछ राशि मिल सकती है।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग के पद्मनाभपुर हॉकी ग्राउंड में आयोजित गरबा उत्सव के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई बर्बरता मां-बहनों के सामने सरेआम गाली-गलौज और अभद्रता पर भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है।डॉ. प्रतीक उमरे ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की निकम्मेपन और कायरतापूर्ण निष्क्रियता को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।डॉ. प्रतीक उमरे ने अत्यंत आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि सनातन संस्कृति और धर्म की रक्षा के नाम पर महिलाओं के सामने अश्लील गालियां देना,उनके सामने झूमाझटकी करना और आतंक का माहौल बनाना किसी भी सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।गरबा जैसे पावन उत्सव में जहां साक्षात शक्ति स्वरूप मां दुर्गा की आराधना होती है, वहां हमारी माताओं-बहनों के सामने गुंडागर्दी का नग्न नाच किया गया।बजरंग दल के नाम पर कुछ अराजक तत्वों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं।यह कृत्य धर्म की रक्षा नहीं बल्कि विशुद्ध रूप से गुंडागर्दी और मानसिक दिवालियापन है।स्थानीय प्रशासन पर कड़ा प्रहार करते हुए डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि जब पंडाल में सरेआम महिलाओं के सामने गाली-गलौज और मारपीट हो रही थी तब दुर्ग पुलिस मूकदर्शक बनी तमाशा देख रही थी।पुलिस की यह निष्क्रियता यह साफ करती है कि स्थानीय स्तर पर कानून का इकबाल खत्म हो चुका है।ऐसा प्रतीत होता है कि इन उपद्रवियों और हुड़दंगियों को स्थानीय स्तर पर मूक संरक्षण प्राप्त है तभी ये सरेआम कानून हाथ में लेने की हिम्मत कर रहे हैं।अगर स्थानीय पुलिस मुस्तैद होती तो आज हमारी बहनों को यह अपमान नहीं झेलना पड़ता।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कानून का राज है और हमारी सरकार महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मांग किया है कि दुर्ग पुलिस की इस लचर कार्यप्रणाली का संज्ञान लें।जिन भी कथित कार्यकर्ताओं ने संगठन के नाम की आड़ लेकर महिलाओं के सामने अभद्रता की है और शहर की शांति भंग की है उन्हें तुरंत चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।सुशासन में ऐसे अराजक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष हिमांशु सिंह और ओबीसी जिलाध्यक्ष टेकन सिन्हा समर्थकों के साथ पहुंचे थाने, वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई काउंटर रिपोर्ट
भिलाई / शौर्यपथ / भाजपा से जुड़े दो युवा नेताओं के समर्थकों के बीच मारपीट का मामला उस समय राजनीतिक और पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बन गया, जब कथित एकपक्षीय कार्रवाई से नाराज भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-6 कोतवाली थाने में जमावड़ा लगा दिया। कार्यकर्ताओं ने अपने साथी विशाल राजपूत के साथ हुई मारपीट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दूसरे पक्ष की काउंटर रिपोर्ट दर्ज की गई, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
एक एफआईआर दर्ज, दूसरी के लिए रात से दोपहर तक इंतजार
जानकारी के अनुसार, भिलाई के सेक्टर-8 स्टील क्लब के बाहर और सिविक सेंटर क्षेत्र से जुड़े घटनाक्रम में भाजयुमो कार्यकर्ता विशाल राजपूत और एक अन्य युवा साथी के बीच मारपीट हुई थी। भाजयुमो जिलाध्यक्ष दुर्ग हिमांशु सिंह के मुताबिक, घटना के बाद उनके पक्ष की शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस ने पहले एक पक्ष की एफआईआर दर्ज की। विशाल राजपूत के साथ हुई मारपीट की रिपोर्ट रात से लेकर अगले दिन दोपहर तक दर्ज नहीं होने पर कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई और वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की।
थाने में जुटे भाजयुमो कार्यकर्ता, पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
मामले को लेकर भाजयुमो जिलाध्यक्ष हिमांशु सिंह अपने समर्थकों के साथ सेक्टर-6 कोतवाली थाने पहुंचे। उनके साथ भाजपा ओबीसी जिलाध्यक्ष टेकन सिन्हा भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। देखते ही देखते थाने में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुट गए, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा।
टेकन सिन्हा ने एएसपी शहर शोभराज अग्रवाल के सामने पुलिस के निचले स्तर के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को वास्तविक स्थिति से अवगत क्यों नहीं कराया गया। उन्होंने विशाल राजपूत के साथ हुई मारपीट की तस्वीरें दिखाते हुए पूछा कि शिकायत दर्ज करने में देरी क्यों हुई और क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक दबाव था। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग भी की।
प्रशिक्षु पुलिस अधिकारी के व्यवहार पर भी नाराजगी
थाने में शिकायत को लेकर चर्चा के दौरान गंजपारा मंडल अध्यक्ष शर्मा के साथ कोतवाली में पदस्थ एक प्रशिक्षु पुलिस अधिकारी के कथित अभद्र व्यवहार को लेकर भी कार्यकर्ता नाराज हो गए। स्थिति को संभालने के लिए एएसपी भिलाईनगर, सीएसपी निशांत पाठक और टीआई जितेंद्र वर्मा ने हस्तक्षेप किया।
बताया गया कि वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रशिक्षु अधिकारी ने अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त किया और स्पष्ट किया कि किसी को ठेस पहुंचाने की उनकी मंशा नहीं थी। इसके बाद भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने मामले को आगे नहीं बढ़ाने पर सहमति जताई।
वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई काउंटर रिपोर्ट
हिमांशु सिंह ने बताया कि शिकायत दर्ज नहीं होने पर कार्यकर्ताओं को कंट्रोल रूम पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराना पड़ा। ओबीसी जिलाध्यक्ष टेकन सिन्हा के अनुसार, इस मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल को भी दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि निचले स्तर पर हुई कार्रवाई से अधिकारियों तक सही जानकारी नहीं पहुंची।
भाजयुमो नेताओं ने मांग की कि दोनों पक्षों के मामले में समान प्रक्रिया अपनाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद काउंटर रिपोर्ट दर्ज होने पर उन्होंने संतोष जताया।
गृहमंत्री तक पहुंचाने का किया प्रयास, भाजपा में भी चर्चा तेज
भाजयुमो नेता रितेश शर्मा ने बताया कि रात में एफआईआर दर्ज नहीं होने पर उन्होंने दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा से भी फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका मोबाइल बंद था। इस बीच दुर्ग भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने भी टेकन सिन्हा को एएसपी शहर से मिलकर अपनी बात रखने को कहा।
मामले को लेकर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा भी लगातार हिमांशु सिंह से घटनाक्रम की जानकारी लेते रहे। इस दौरान भिलाई भाजयुमो अध्यक्ष सौरभ जायसवाल, हर्ष सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दो युवा कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट से शुरू हुआ यह विवाद पुलिस की कार्रवाई, शिकायत दर्ज करने में कथित देरी और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों तक पहुंच गया। अब मामले में दोनों पक्षों की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच और समान कार्रवाई को लेकर निगाहें पुलिस पर टिकी हैं।
सेलिब्रिटी अंजलि अरोड़ा की मौजूदगी, मनुराज की एंकरिंग और ट्विंकल कथल बैंड की प्रस्तुति बनी आकर्षण
दिव्यांग सोनी
बिलासपुर / शौर्यपथ / रोटरी क्लब ऑफ बिलासपुर क्वींस द्वारा 11 अक्टूबर को आयोजित सांस्कृतिक उत्सव ‘धोलिडा – द ट्रेडिशनल डांडिया’ उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। आयोजन में करीब साढ़े चार हजार लोगों ने हिस्सा लिया। पारंपरिक डांडिया-गरबा, संगीत और मनोरंजन से सजी इस शाम में शहरवासियों ने उत्सव का भरपूर आनंद लिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सेलिब्रिटी अंजलि अरोड़ा रहीं। एंकर मनुराज ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से दर्शकों में उत्साह बनाए रखा, वहीं ट्विंकल कथल बैंड की संगीतमय प्रस्तुति ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। पूरे कार्यक्रम में पारिवारिक सहभागिता, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का माहौल नजर आया।
आयोजन का नेतृत्व क्लब अध्यक्ष रोटेरियन भारती सालुंके ने किया। कार्यक्रम की सफलता में चेयरपर्सन रोटेरियन रश्मि पटेरिया, सचिव रोटेरियन रिंपी होरा और कोषाध्यक्ष रोटेरियन मंजीत सैनी सहित क्लब के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी सदस्यों ने मिलकर आयोजन की व्यवस्थाओं को सफल बनाया।
रोटरी क्लब ऑफ बिलासपुर क्वींस का यह आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने के साथ सामाजिक सेवा की भावना से भी जुड़ा रहा। क्लब का उद्देश्य ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोगों को एक मंच पर जोड़ना और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सेवा कार्यों को प्रोत्साहित करना है।
क्लब अध्यक्ष भारती सालुंके ने आयोजन की सफलता पर सभी अतिथियों, प्रायोजकों, कलाकारों, सहयोगियों और क्लब सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यक्रम की सफलता पूरी टीम की एकजुटता, समर्पण और सहयोग का परिणाम होती है।
‘धोलिडा – द ट्रेडिशनल डांडिया’ ने बिलासपुर में सांस्कृतिक उत्सव और पारिवारिक मनोरंजन की यादगार छाप छोड़ी।
रायपुर / शौर्यपथ / राजधानी रायपुर में एक बार फिर धार्मिक आयोजन को लेकर प्रशासन और संतों के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। माँ मातंगी दिव्यधाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमासाईं महाराज ने रायपुर जिला प्रशासन पर धार्मिक आयोजनों की अनुमति देने में भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। महाराज ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनके प्रस्तावित 'दिव्य दरबार' को अनुमति नहीं मिली, तो वे अन्न त्याग कर हजारों भक्तों के साथ उसी स्थान पर धरने पर बैठ जाएंगे।
24 अक्टूबर से होना है पांच दिवसीय आयोजन
डॉ. प्रेमासाईं महाराज के तत्वावधान में आगामी 24 से 28 अक्टूबर तक रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में पांच दिवसीय भव्य 'दिव्य दरबार' का आयोजन प्रस्तावित है। इस बड़े धार्मिक अनुष्ठान में देश-विदेश से लगभग 35 से 40 हजार श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना जताई जा रही है। आयोजन की सभी तैयारियां की जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक हरी झंडी नहीं मिली है।
'बागेश्वर धाम को अनुमति तो स्थानीय संतों से दूरी क्यों?'
प्रशासनिक रवैये से नाराज महाराज ने सीधे तौर पर भेदभाव का मुद्दा उठाया है। उन्होंने सवाल किया कि जब बागेश्वर धाम जैसे बड़े आयोजनों को रायपुर में दिव्य दरबार और प्रेत दरबार लगाने की तुरंत अनुमति मिल जाती है, तो स्थानीय संतों के आयोजनों को क्यों रोका जा रहा है? उन्होंने साफ किया कि उनका यह विरोध किसी सरकार या मुख्यमंत्री से नहीं है, बल्कि स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और दोहरे मापदंड के खिलाफ है।
मांग पूरी न होने पर अनशन की चेतावनी
महाराज ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने रुख से पीछे नहीं हटेंगे। अगर तय समय तक प्रशासन आयोजन की अनुमति जारी नहीं करता है, तो वे अपने हजारों अनुयायियों के साथ अवधपुरी मैदान में ही अन्न का त्याग कर अनशन (धरने) पर बैठ जाएंगे। इस चेतावनी के बाद अब राजधानी के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
मुंगेली / शौर्यपथ / जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र के दशरंगपुर गांव में तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में विधायक पुन्नूलाल मोहले के भाई अधीन मोहले भी शामिल हैं। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। घटना से मृतकों के परिवारों में मातम पसरा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दशरंगपुर गांव में पिकअप ने तीन लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल तीनों लोगों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान अधीन मोहले निवासी आवासपारा दशरंगपुर, बल्लू बघेल पिता तिजऊ राम और गंगा राम निवासी रेहुंटा के रूप में हुई है।
अस्पताल पहुंचे विधायक
भाई अधीन मोहले सहित तीन लोगों की मौत की खबर मिलने पर विधायक पुन्नूलाल मोहले जिला अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि दी। घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अस्पताल पहुंचना शुरू हो गया।
आज गृह ग्राम में अंतिम संस्कार
अधीन मोहले का अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे उनके गृह ग्राम दशरंगपुर में किया जाएगा। हादसे के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार पिकअप चालक की तलाश की जा रही है। तेज रफ्तार के कारण हुए इस हादसे ने तीन परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है।
माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी की सदस्यों से मिले उप मुख्यमंत्री, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और निर्यात पर दिया जोर
रायपुर, 15 अक्टूबर। उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड की महिला सदस्यों को वनोपज के लिए राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) का प्रमाणन मिलने पर बधाई दी। दंतेवाड़ा सर्किट हाउस में हुई मुलाकात के दौरान कंपनी के ‘दण्डक ब्रांड’ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने, बेहतर पैकेजिंग तथा निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि एनपीओपी प्रमाणन मिलने के बाद दण्डक ब्रांड के उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने दण्डक ब्रांड को छत्तीसगढ़ के ‘छत्तीसकला’ ब्रांड से जोड़कर नई पहचान दिलाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन व्यवस्था मजबूत करने के साथ विदेशों में निर्यात के लिए आवश्यक तैयारियां करने को कहा। उन्होंने कहा कि बस्तर के प्राकृतिक वनोपज की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी संभावनाएं हैं, जिनका लाभ स्थानीय महिलाओं और वनोपज संग्राहकों को मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका को बढ़ावा दे रही है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि बस्तर के ऐसे गांवों के कृषि उत्पादों और वनोपज को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप जैविक प्रमाणीकरण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जहां परंपरागत रूप से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं हुआ है। इससे उत्पादों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
प्रदेश की पहली एनपीओपी प्रमाणित महिला किसान उत्पादक कंपनी
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत वर्ष 2023 में दंतेवाड़ा में माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड का गठन किया गया था। वनोपज के लिए एनपीओपी प्रमाणन प्राप्त करने वाली यह प्रदेश की पहली महिला किसान उत्पादक कंपनी है। प्रमाणन से कंपनी के जैविक वनोपज के देश के बड़े बाजारों और विदेशों तक पहुंचने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
कंपनी से वर्तमान में 1,080 महिला शेयरधारक प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हैं। इसके अलावा जिले के 60 उत्पादक समूहों से संबद्ध 2,100 वनोपज संग्राहक महिलाएं भी इसकी गतिविधियों से लाभान्वित हो रही हैं। कंपनी संग्रहण, खरीदी-बिक्री, मूल्य संवर्धन और विपणन के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के अवसर उपलब्ध करा रही है। पिछले दो वर्षों में कंपनी ने एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया है।
स्थानीय उत्पादों को दण्डक ब्रांड से पहचान
कंपनी द्वारा शुरू किए गए दण्डक ब्रांड के तहत एचएमटी, लाल चूड़ी और बासमती चावल के साथ नीम फूल, अमचूर, इमली, महुआ, कोदो, कुटकी और रागी सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग कर विपणन किया जा रहा है। दंतेवाड़ा में विशेष बिक्री केंद्र भी शुरू किया गया है, जहां विभिन्न स्थानीय उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं।
कंपनी की अध्यक्ष विमला ठाकुर ने बताया कि पहले महिलाओं द्वारा संग्रहित वनोपज की बिक्री मुख्य रूप से स्थानीय बाजारों में होती थी। बिहान मिशन के सहयोग से दण्डक ब्रांड की शुरुआत और एनपीओपी प्रमाणन मिलने से महिलाओं में उत्साह है। इससे उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने और बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
इस अवसर पर विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एम. भार्गव, कंपनी की कोषाध्यक्ष सरिता ठाकुर, सचिव मीना ठाकुर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
दहिकोंगा में दो बाइकों की भिड़ंत में चार लोगों की मौत, बनियागांव में अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार की गई जान
कोंडागांव। नेशनल हाईवे-30 पर एक ही रात में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने पांच लोगों की जान ले ली। दहिकोंगा में दो बाइकों के बीच आमने-सामने की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि बनियागांव में एक अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। इन हादसों में अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। एक घायल को बेहतर उपचार के लिए जगदलपुर रेफर किए जाने की बात कही जा रही है।
दहिकोंगा में दो बाइकों की भिड़ंत, चार की मौत
जानकारी के अनुसार, दहिकोंगा क्षेत्र में दो बाइकों के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में छह लोग घायल हुए थे। बताया जा रहा है कि उपचार के दौरान चार लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य घायलों का उपचार जारी है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
बनियागांव में अज्ञात वाहन की टक्कर, कृष्णा समरथ की मौत
वहीं, कोंडागांव के बनियागांव में बालाजी ढाबा के पास एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। इस हादसे में बाइक सवार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
कोंडागांव पुलिस ने मृतक की जेब में रखे पहचान पत्र के आधार पर उसकी पहचान कृष्णा समरथ निवासी के रूप में की है। बताया जा रहा है कि कृष्णा समरथ खाना पार्सल करवाने के बाद अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।
एक ही रात में पांच मौतों से उठे सड़क सुरक्षा पर सवाल
नेशनल हाईवे-30 पर एक ही रात में हुए इन दो हादसों में पांच लोगों की मौत की खबर ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर इस मार्ग पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं होने की बात कही जाती रही है। हालांकि, दोनों हादसों के कारणों और घायलों की स्थिति को लेकर पुलिस की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
पुलिस घायलों और मृतकों से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटाने के साथ हादसों की जांच में लगी हुई है। बनियागांव में टक्कर मारकर फरार हुए अज्ञात वाहन की पहचान करना भी जांच का अहम हिस्सा होगा।
शौर्यपथ समाचार की अपील: धीमी गति से चलें, सुरक्षित घर पहुंचें
शौर्यपथ समाचार सभी वाहन चालकों से अपील करता है कि नेशनल हाईवे-30 पर सफर करते समय अपनी गति नियंत्रित रखें। रात के अंधेरे में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और यातायात नियमों का पालन करें।
याद रखें, आपकी मंजिल से ज्यादा जरूरी आपकी जिंदगी है। घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है। इसलिए जल्दबाजी न करें, सुरक्षित चलें और सकुशल अपने गंतव्य तक पहुंचें।
चोटिया टोल प्लाजा के पास दो ट्रेलरों की टक्कर के बाद राहत कार्य में हुई देरी; क्रेन ऑपरेटर और ईंधन की कमी से बाधित रहा यातायात
बिलासपुर । राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के कटघोरा-अंबिकापुर खंड में सड़क दुर्घटना के बाद राहत कार्य में देरी और निर्धारित परिचालन मानकों की अनदेखी के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने संबंधित संचालन एवं रखरखाव एजेंसी मेसर्स रविंद्र सिंह आनंद पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 को तड़के लगभग 3 बजे चोटिया टोल प्लाजा के निकट दो ट्रक-ट्रेलरों के बीच टक्कर हुई थी। दुर्घटना के बाद वाहनों को हटाने में देरी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित रहा। घटना की समीक्षा के दौरान दुर्घटना प्रबंधन और आपातकालीन सहायता व्यवस्था में कई गंभीर कमियां सामने आईं।
क्रेन ऑपरेटर नहीं मिला, उपकरणों में भी ईंधन की कमी
जांच में पाया गया कि दुर्घटनास्थल पर एजेंसी का परियोजना प्रबंधक मौजूद नहीं था। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने के लिए आवश्यक क्रेन ऑपरेटर की अनुपलब्धता और रिकवरी उपकरणों में पर्याप्त ईंधन नहीं होने के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।
आपातकालीन व्यवस्था में लापरवाही पर कार्रवाई
NHAI ने इन कमियों को दुर्घटना प्रबंधन, राजमार्ग पेट्रोलिंग और आपातकालीन सहायता से जुड़े निर्धारित दायित्वों के पालन में लापरवाही मानते हुए संबंधित एजेंसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया है।
प्राधिकरण के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित एवं सुचारु यातायात सुनिश्चित करने के लिए दुर्घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई, प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता और आवश्यक उपकरणों का तैयार रहना अनिवार्य है। निर्धारित मानकों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट दिव्यांग कर्मचारियों, नियोक्ताओं और स्वैच्छिक संस्थाओं को किया जाएगा सम्मानित
राजनांदगांव । अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर 3 दिसंबर को दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को दिव्यांगजन राज्यस्तरीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए समाज कल्याण विभाग ने इच्छुक एवं पात्र व्यक्तियों और संस्थाओं से 25 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित प्रारूप में प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं।
इच्छुक आवेदक अपनी प्रविष्टियां जिला कार्यालय, समाज कल्याण विभाग, संयुक्त जिला कार्यालय भवन, कक्ष क्रमांक 5, राजनांदगांव में जमा कर सकते हैं। पुरस्कार के अंतर्गत दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित, अस्थिबाधित, प्रमस्तिष्क अंगाघात एवं बहुदिव्यांगता से संबंधित श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांग कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा।
इसके अलावा दिव्यांगजनों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले सर्वोत्तम नियोक्ताओं और सर्वोत्तम स्वैच्छिक संस्थाओं को भी पुरस्कार प्रदान कर उनके योगदान को सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार का उद्देश्य दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण, रोजगार के अवसरों और उनके कल्याण के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करना है।
पुरस्कार से संबंधित विस्तृत जानकारी जिला कार्यालय, समाज कल्याण विभाग, राजनांदगांव तथा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है। पात्र आवेदकों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की गई है।
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किफायती और सुविधायुक्त आवास उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर को आवासीय विकास की बड़ी सौगात मिली है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा अटल विहार योजना के अंतर्गत कुनकुरी विकासखंड के ग्राम गिनाबहार और जशपुर नगर के ग्राम बालाछापर में कुल 51 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से दो आधुनिक आवासीय कॉलोनियां विकसित की जाएंगी। इन परियोजनाओं में कुल 225 आवासों का निर्माण प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन और आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के विशेष प्रयासों से इन योजनाओं को गति मिली है। इनका उद्देश्य विभिन्न आय वर्गों के परिवारों को बेहतर अधोसंरचना और आवश्यक नागरिक सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध कराना है। राज्य सरकार प्रदेश के सभी 33 जिलों में आवासीय योजनाओं के विस्तार पर काम कर रही है।
गिनाबहार में 17.15 करोड़ से बनेंगे 97 आवास
कुनकुरी विकासखंड के ग्राम गिनाबहार में लगभग 7 एकड़ भूमि पर 17 करोड़ 15 लाख 71 हजार रुपये की लागत से आवासीय कॉलोनी विकसित की जाएगी। इसके लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। परियोजना में कुल 97 आवास बनाए जाएंगे, जिनमें 91 आवास आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के लिए निर्धारित हैं।
राज्य शासन ने इस योजना के लिए मंडल को मात्र एक रुपये प्रति वर्गफुट की दर से भूमि उपलब्ध कराई है। पात्र ईडब्ल्यूएस हितग्राहियों को 80 हजार रुपये और एलआईजी हितग्राहियों को 40 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। कुनकुरी-बगीचा मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस कॉलोनी में आंतरिक सड़कें, सुरक्षा व्यवस्था, हरित क्षेत्र और जल निकासी सहित आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
बालाछापर में 34.32 करोड़ से विकसित होगी आधुनिक कॉलोनी
जशपुर नगर के ग्राम बालाछापर में लगभग 7 एकड़ भूमि पर 34 करोड़ 32 लाख 25 हजार रुपये की लागत से 128 आवासों वाली कॉलोनी विकसित की जाएगी। इसमें उच्च आय वर्ग के 11, मध्यम आय वर्ग के 20, जूनियर मध्यम आय वर्ग के 4, निम्न आय वर्ग के 55 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 38 आवास शामिल हैं। परियोजना में व्यावसायिक दुकानों का निर्माण भी प्रस्तावित है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के रायगढ़ रोड पर लगभग 200 मीटर की दूरी पर विकसित होने वाली इस कॉलोनी को आधुनिक कवर्ड कैंपस के रूप में तैयार किया जाएगा। यहां बस स्टॉप, सामुदायिक भवन, बॉक्स क्रिकेट, गार्डन, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र और व्यावसायिक दुकानों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
अन्य क्षेत्रों में भी आवासीय योजनाओं का विस्तार
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मंडल का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि विभिन्न आय वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किफायती और गुणवत्तापूर्ण आवासीय योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है।
जशपुर जिले के महुआटोली, कडोरा और पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम मदनपुर में भी आवासीय योजनाओं के विस्तार की तैयारी है। मंडल के जशपुर स्थित कार्यपालन अभियंता श्री प्रफुल्ल चौरे के अनुसार, ग्राम मदनपुर की आवासीय योजना में बुकिंग जारी है। इसके लिए बुकिंग प्रक्रिया 6 अक्टूबर से शुरू हुई है और प्रथम चक्र की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
किफायती आवास से साकार होगा अपने घर का सपना
जशपुर और कुनकुरी में प्रस्तावित दोनों परियोजनाओं से जिले में आवासीय अधोसंरचना को मजबूती मिलने की उम्मीद है। आधुनिक सुविधाओं, हरित क्षेत्रों और व्यवस्थित सड़कों से युक्त इन कॉलोनियों के माध्यम से विभिन्न आय वर्गों के परिवारों को अपना घर पाने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के हितग्राहियों के लिए अनुदान की व्यवस्था आवास खरीदने में आर्थिक राहत प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिवरीनारायण महोत्सव का किया शुभारंभ, नगरपालिका बनाने सर्वे और राम वनगमन पर्यटन परिपथ के तहत विकास की घोषणा
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव का शुभारंभ करते हुए क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगातें देने की घोषणा की। उन्होंने महानदी पर 63 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नया पुल बनाने, नगर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने तथा राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत शिवरीनारायण का विकास करने की घोषणा की। साथ ही शिवरीनारायण को नगरपालिका बनाने की दिशा में सर्वे कराने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले शिवरीनारायण में अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता से किया जाएगा। नए पुल से आवागमन सुगम होगा, जबकि एसटीपी प्लांट से गंदे पानी के शोधन और महानदी के संरक्षण में मदद मिलेगी। राम वनगमन पर्यटन परिपथ के विकास से धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
माता शबरी की धरती पर आना सौभाग्य : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय ने गौमाता की पूजा और मां चित्रोत्पला गंगा की महाआरती में शामिल होकर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण आस्था, भक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यहां की धार्मिक परंपराओं को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
आवास, किसान और महिला कल्याण सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में स्वीकृत 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों में से लगभग साढ़े 11 लाख पूरे हो चुके हैं। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि श्रीरामलला दर्शन योजना के तहत अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या में दर्शन कर चुके हैं। वहीं, बस्तर में 421 बंद पड़े स्कूल दोबारा शुरू किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य शांति, सुरक्षा और विकास को मजबूत करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।
सुशासन और जल संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। सेवा सेतु पोर्टल के जरिए 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। लगभग छह हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र भी शुरू किए जा चुके हैं।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने जल संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए जनभागीदारी का आह्वान किया। सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने नदियों, जलस्रोतों और वर्षाजल के संरक्षण पर जोर दिया।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, श्रीमती कौशल्या देवी साय, सांसद कमलेश जांगड़े, विधायक रामसुंदर दास, नारायण चंदेल, पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
