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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
पांच दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट में प्रकृति, संस्कृति, परंपरा और जनसरोकार के विविध रंगों ने खींचा ध्यान
रायपुर / तस्वीरें बीते हुए समय को वर्तमान से जोड़ती हैं। कभी वे इतिहास का दस्तावेज बनती हैं तो कभी जीवन के भूले-बिसरे पलों को फिर से जीवंत कर देती हैं। राजधानी रायपुर में आज कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी वर्षों पुरानी तस्वीरों के माध्यम से सार्वजनिक जीवन के लंबे सफर को एक बार फिर जिया। कहीं पहली बार विधायक बनने की स्मृतियां थीं, तो कहीं गांव, खेत और मिट्टी से जुड़े जीवन की झलक। इस दौरान मुख्यमंत्री का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने स्वयं कैमरा संभाला और एक फोटो पत्रकार की तस्वीर खींचकर इस अवसर को यादगार बना दिया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर प्रेस क्लब द्वारा विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट ‘दृश्य संवाद 2026’ के समापन समारोह में शामिल हुए। 19 अगस्त से आयोजित इस फेस्ट में मुख्यमंत्री ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया और फोटो पत्रकारों तथा ओपन कैटेगरी के प्रतिभागियों द्वारा खींची गई तस्वीरों की सराहना की।
प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने जब अपने राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी पुरानी तस्वीरें देखीं तो उनके साथ जुड़ी अनेक स्मृतियां भी ताजा हो गईं। वर्षों पुराने चित्रों को देखते हुए उन्होंने अपने साथ मौजूद लोगों से कई रोचक संस्मरण साझा किए। अपनी पहली बार विधायक बनने के समय की एक तस्वीर देखकर मुख्यमंत्री ने बताया कि उस समय उन्होंने विशेष रूप से सफारी सूट सिलवाया था। इस छोटे से संस्मरण ने वहां मौजूद लोगों के बीच सहज और आत्मीय माहौल बना दिया।
प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री श्री साय के ग्रामीण जीवन और खेती-किसानी से जुड़ी तस्वीरें भी प्रदर्शित की गई थीं। हल चलाते हुए अपनी तस्वीर देखकर उन्होंने खेती के दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि गांव और खेती-किसानी से जुड़ी तस्वीरें उन्हें अपनी मिट्टी, खेत-खलिहान और पुराने दिनों की याद दिलाती हैं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण जीवन से जुड़े अपने अनुभव भी फोटो पत्रकारों के साथ साझा किए।
प्रदर्शनी के दौरान एक दिलचस्प क्षण तब आया, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खुद कैमरा थाम लिया। उन्होंने फोटो पत्रकार की भूमिका निभाते हुए एक फोटो जर्नलिस्ट को कैमरे में कैद किया। आमतौर पर मुख्यमंत्री की गतिविधियों और भाव-भंगिमाओं को अपने कैमरे में दर्ज करने वाले फोटो पत्रकार के सामने इस बार स्वयं मुख्यमंत्री कैमरे के पीछे थे। यह सहज और आत्मीय पल ‘दृश्य संवाद 2026’ के खास आकर्षणों में शामिल रहा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फोटो पत्रकारों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि तस्वीरें केवल किसी घटना या क्षण को दर्ज करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे समय, समाज और स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सहेजती हैं। कई बार एक तस्वीर बिना शब्दों के पूरी कहानी कह देती है। फोटो पत्रकार कठिन परिस्थितियों में भी घटनास्थल पर पहुंचकर समाज और इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों को कैमरे में दर्ज करते हैं। उनका काम पत्रकारिता का महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पक्ष है।
मुख्यमंत्री ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित ‘दृश्य संवाद 2026’ की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता की रचनात्मकता को मंच प्रदान करते हैं। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को अनुभवी फोटो पत्रकारों के काम को देखने, समझने और सीखने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी फोटो पत्रकारों, प्रतिभागियों और रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
तस्वीरों में दिखे प्रकृति, संस्कृति और जनसरोकार के विविध रंग
रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित पांच दिवसीय ‘दृश्य संवाद 2026’ में प्रेस फोटो पत्रकारों के साथ ओपन कैटेगरी के प्रतिभागियों की तस्वीरों को भी स्थान दिया गया। प्रकृति एवं पर्यावरण, संस्कृति एवं परंपरा तथा समाचार एवं जनसरोकार सहित विभिन्न विषयों पर प्रदर्शित तस्वीरों ने छत्तीसगढ़ के जीवन, समाज और परिवेश के विविध रंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। पांच दिनों के दौरान बड़ी संख्या में पत्रकारों, विद्यार्थियों, फोटोग्राफी प्रेमियों और नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
समापन अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, महासचिव श्री गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष श्री दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष श्री दिनेश यदु, संयुक्त सचिव सुश्री निवेदिता साहू एवं श्री भूपेश जांगड़े उपस्थित थे। इस अवसर पर फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट के संयोजक श्री दीपक पांडे, वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट श्री गोकुल सोनी, श्री प्रदीप डडसेना, श्री राजकुमार चतुर्वेदी, श्री रुपेश यादव, श्री नरेंद्र बंगाले, श्री सुधीर सागर, श्री रमन हलवाई, श्री किशन लोखंडे, श्री मनोज देवांगन, श्री विजय देवांगन, श्री विनय घाड़गे, श्री पंकज चौहान, श्री हीरा मानिकपुरी, श्री त्रिलोचन मानिकपुरी, श्री हेमंत गोस्वामी, श्री जय गोस्वामी, श्री पंकज सिंह सहित बड़ी संख्या में फोटो जर्नलिस्ट एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।
30वीं किस्त रक्षाबंधन से पहले मिली, नियमित आर्थिक सहायता से परिवार को मिला संबल
रायपुर / महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनकी दैनिक जरूरतों में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह 1,000 रुपये की राशि अंतरित की जा रही है। नियमित रूप से मिलने वाली यह सहायता महिलाओं को अपनी जरूरतों के साथ परिवार और त्योहारों से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद कर रही है।
सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सकलो की निवासी श्रीमती सालू सिंह भी महतारी वंदन योजना की लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें योजना के तहत हर माह 1,000 रुपये की राशि प्राप्त होती है। रक्षाबंधन से पहले योजना की 30वीं किस्त उनके खाते में पहुंची है, जिससे इस बार त्योहार की तैयारियों के लिए उन्हें विशेष आर्थिक सहारा मिला है।
महतारी वंदन की राशि से भाई के लिए खरीदेंगी राखी और मिठाई
सालू सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर वे महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग अपने भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदने में करेंगी। उनके लिए योजना की राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपने भाई के साथ प्रेम और स्नेह का पर्व पूरे उत्साह से मनाने का माध्यम भी बनी है।
उन्होंने कहा कि समय पर राशि मिलने से त्योहार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करना आसान हो जाता है। अपने खाते में राशि आने से उन्हें आर्थिक रूप से आत्मविश्वास मिलता है और वे अपनी आवश्यकता के अनुसार खर्च का निर्णय स्वयं ले पाती हैं।
सीधे खाते में राशि मिलने से बढ़ा आर्थिक आत्मविश्वास
महतारी वंदन योजना के तहत सहायता राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंच रही है। इससे महिलाओं को अपनी जरूरतों के अनुसार राशि का उपयोग करने की स्वतंत्रता मिल रही है। घरेलू आवश्यकताओं से लेकर बच्चों, परिवार और त्योहारों से जुड़े खर्चों तक, महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार कर रही हैं।
सालू सिंह बताती हैं कि हर माह मिलने वाली सहायता परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहारा है। इससे उन्हें अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ विशेष अवसरों और त्योहारों की तैयारियां करने में भी सुविधा मिलती है।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार, भाई के साथ विष्णु भैया को भी राखी भेजने की इच्छा
महतारी वंदन योजना से मिल रहे लाभ के लिए सालू सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भी धन्यवाद दिया।
रक्षाबंधन से पहले 30वीं किस्त मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने भाई को राखी बांधकर यह पर्व पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाएंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें भी राखी भेजने की भावना जाहिर की।
आर्थिक संबल से त्योहार की खुशियां हुईं दोगुनी
सालू सिंह की कहानी बताती है कि नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं के जीवन में छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव ला रही है। महतारी वंदन योजना से मिली राशि ने उनके लिए रक्षाबंधन की तैयारियों को आसान बनाया है और त्योहार को लेकर उनके चेहरे पर खुशी और उत्साह बढ़ाया है।
महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक संबल देने के साथ उन्हें अपनी जरूरतों और खुशियों के लिए निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी दे रही है। रक्षाबंधन पर भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदने की सालू सिंह की खुशी, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की इसी बदलती तस्वीर को सामने लाती है।
निजी भूमि पर तालाब बनाकर शुरू किया मत्स्य पालन, विभिन्न आजीविका गतिविधियों से बनीं लखपति दीदी
बहनों की तरक्की, परिवार की शान—विष्णु भैया का यही अभियान
रायपुर, / ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसरों का आधार बन रहा है। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन सहित विभिन्न गतिविधियों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रही हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम गुमगराखुर्द की रहने वाली श्रीमती जय कुमारी भी बिहान योजना से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की सदस्य जय कुमारी ने अपनी निजी भूमि पर तालाब का निर्माण कर मत्स्य पालन को आजीविका का माध्यम बनाया है। विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर उन्होंने लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
निजी जमीन पर तालाब, अब मछलियों से बढ़ेगी आमदनी
जय कुमारी ने बताया कि उन्होंने अपनी निजी भूमि पर तालाब का निर्माण कराया और इसके बाद उसमें मत्स्य पालन शुरू किया। ‘बिहान’ योजना के माध्यम से उन्हें मछली बीज की सहायता मिल रही है। मत्स्य विभाग से 50 प्रतिशत अनुदान पर मछली बीज उपलब्ध होने से उन्हें मत्स्य पालन गतिविधि को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है।
वे बताती हैं कि वे पहले भी मत्स्य पालन कर चुकी हैं। पूर्व में इस गतिविधि से अच्छी आमदनी होने से उनका उत्साह बढ़ा और उन्होंने इसे दोबारा व्यवस्थित रूप से शुरू करने का निर्णय लिया। अब निजी भूमि पर उपलब्ध संसाधन का बेहतर उपयोग करते हुए वे मत्स्य पालन को अपनी नियमित आजीविका का हिस्सा बना रही हैं।
पुराने अनुभव ने दिखाई नई राह
जय कुमारी के लिए मत्स्य पालन केवल आय का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर है। पहले के अनुभव से उन्हें मत्स्य पालन की प्रक्रिया की समझ है। इसी अनुभव का लाभ लेते हुए वे अपने तालाब में मछली पालन को बेहतर तरीके से संचालित कर रही हैं।
योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता ने उनके प्रयासों को मजबूती दी है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध भूमि और पानी के संसाधन का उपयोग कर वे अपने परिवार की आय में अतिरिक्त योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
बिहान से महिलाओं को मिल रहे आजीविका के नए अवसर
‘बिहान’ योजना के माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को उनकी रुचि, क्षमता और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इससे महिलाएं स्वयं रोजगार के अवसर विकसित कर रही हैं और परिवार की आर्थिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
जय कुमारी की कहानी बताती है कि स्थानीय संसाधन, महिला की मेहनत और सरकारी सहयोग मिलकर स्थायी आजीविका का मजबूत आधार तैयार कर सकते हैं। निजी भूमि पर तालाब निर्माण और मत्स्य पालन के माध्यम से उन्होंने आय का अतिरिक्त साधन विकसित किया है, जिससे आर्थिक आत्मनिर्भरता की उनकी राह और मजबूत हुई है।
“बहनों की तरक्की, परिवार की शान—विष्णु भैया का यही अभियान”
अपनी सफलता और शासन से मिले सहयोग के लिए जय कुमारी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहान योजना के माध्यम से उन्हें मत्स्य पालन के लिए मछली बीज की सहायता मिल रही है, जिससे अपनी आजीविका गतिविधि को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन से उन्हें पहले भी अच्छी आमदनी प्राप्त हुई है और वे आगे भी इस गतिविधि को निरंतर बढ़ाना चाहती हैं। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से जोड़ने वाली योजनाओं के लिए शासन के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।
जय कुमारी की कहानी इस विश्वास को मजबूत करती है कि अवसर और सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपने आसपास उपलब्ध संसाधनों को आजीविका में बदलकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख सकती हैं। निजी भूमि के एक तालाब से शुरू हुआ उनका यह प्रयास अब परिवार की आय बढ़ाने और आर्थिक रूप से मजबूत भविष्य की उम्मीद बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने युवा साहित्यकार श्री करुणा सागर पण्डा के उपन्यास ‘कोहरा’ का किया विमोचन
हर घर में हो छोटी-सी लाइब्रेरी, पढ़ने की संस्कृति को दें बढ़ावा : मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय सभागृह में युवा साहित्यकार श्री करुणा सागर पण्डा के उपन्यास ‘कोहरा’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साहित्य केवल समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि उसे सजग करने और सही दिशा दिखाने का भी सशक्त माध्यम है। ‘कोहरा’ जैसे उपन्यास सामाजिक विषयों को विमर्श के केंद्र में लाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने युवा साहित्यकार श्री करुणा सागर पण्डा को उनके उपन्यास के प्रकाशन पर बधाई देते हुए कहा कि संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण विषय पर लेखन के लिए साहस की आवश्यकता होती है। रचनाकार जब समाज की समस्याओं और वास्तविकताओं को अपनी लेखनी का विषय बनाते हैं, तो साहित्य सामाजिक चेतना का माध्यम बनता है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती ने देश को अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकार दिए हैं। विनोद कुमार शुक्ल जैसे मूर्धन्य रचनाकार को साहित्य के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ मुक्तिबोध की सृजनभूमि रही है और पदुमलाल पन्नालाल बख्शी जैसे साहित्यकारों ने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के रचनाकार इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं और समकालीन विषयों को साहित्य के माध्यम से समाज के सामने ला रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिनेमा और साहित्य ने समय-समय पर समाज के संवेदनशील विषयों को सामने लाने का काम किया है। उन्होंने ‘द केरल स्टोरी’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन और मार्मिक विषयों को उठाने पर मतभेद और विरोध के स्वर भी सामने आते हैं, लेकिन रचनाकार का दायित्व है कि वह अपनी दृष्टि और संवेदना के साथ समाज के सामने विषय रखे। उन्होंने ‘कोहरा’ के लेखक के साहसिक प्रयास की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अच्छी पुस्तकें अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपने घरों में छोटी-सी लाइब्रेरी बनाने और बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि घर की समृद्धि केवल उसकी भव्यता में नहीं, बल्कि वहां उपलब्ध पुस्तकों और अध्ययन की संस्कृति में भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें पीढ़ियों के बीच ज्ञान, संस्कार और अनुभव का सेतु बनती हैं। इसलिए हर परिवार को अपनी रुचि के अनुसार पुस्तकों का संग्रह अवश्य रखना चाहिए।
नक्सलवाद की अनकही पीड़ा को भी सामने लाएं रचनाकार
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर नक्सलवाद का उल्लेख करते हुए साहित्यकारों और रचनाकारों से इससे प्रभावित लोगों की पीड़ा और संघर्ष को भी अपनी रचनाओं का विषय बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने लंबे समय तक नक्सल हिंसा का दंश झेला है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और राज्य सरकार के सतत प्रयासों से प्रदेश में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है और बस्तर शांति एवं विकास के नए दौर की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद की हिंसा में अनेक निर्दोष लोगों ने अपने परिजनों को खोया, बच्चों की शिक्षा और भविष्य प्रभावित हुआ तथा दशकों तक अनेक क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से दूर रहे। नक्सलवाद की इस मानवीय त्रासदी और इसके कारण समाज पर पड़े प्रभावों को भी व्यापक रूप से सामने लाने की आवश्यकता है। साहित्यकार अपनी संवेदनशील लेखनी के माध्यम से उन परिवारों की पीड़ा, संघर्ष और बदलते बस्तर की कहानी को देश-दुनिया तक पहुंचा सकते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री सुनील गंगाराम गर्ग ने कहा कि भारत की संस्कृति विविधता और विशिष्टता के साथ सहअस्तित्व को स्वीकार करती है। उन्होंने श्री करुणा सागर पण्डा की लेखनी की सराहना करते हुए ‘कोहरा’ को समकालीन विषय पर लिखी गई प्रासंगिक कृति बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय विचारों के संवाद का समय है और साहित्य इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक प्रश्नों पर सार्थक विमर्श पैदा करने वाली रचनाएं समाज को आत्ममंथन का अवसर देती हैं। ‘कोहरा’ भी अपने विषय के माध्यम से पाठकों को विचार करने के लिए प्रेरित करता है।
छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा ने कहा कि ‘कोहरा’ केवल समस्या को सामने नहीं रखता, बल्कि समाधान की दिशा में भी सोचने के लिए प्रेरित करता है। बीबीजे के स्वतंत्र निदेशक श्री जगन्नाथ पाणिग्रही ने कहा कि नई पीढ़ी को देश की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक वास्तविकताओं से परिचित कराने में साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका है।
वरिष्ठ साहित्यकार श्री गिरीश पंकज ने ‘कोहरा’ को साहसिक लेखन का उदाहरण बताते हुए कहा कि रचनाकार को समाज के ज्वलंत प्रश्नों पर अपनी बात रखने का साहस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपन्यास में सामाजिक विषयों के साथ नक्सलवाद की समस्या को भी अभिव्यक्ति दी गई है। साहित्य समाज में वैचारिक चेतना और सकारात्मक प्रतिरोध का स्वर मजबूत करता है।
इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राज्य गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन महाराज, श्री जलज कुमार अनुपम सहित जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।
धमतरी / शौर्यपथ / रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा मंडल नगरी की पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने शनिवार को सिहावा क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों और पुलिस जवानों के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाया। महिला मोर्चा की सदस्यों ने सिहावा स्थित सीएसएफ कैंप पहुंचकर जवानों की आरती उतारी, तिलक लगाया और रक्षासूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा एवं दीर्घायु की कामना की। इस दौरान महिलाओं ने रक्षा बंधन गीत गाई और जवानों को मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
इसके बाद महिला मोर्चा की टीम सिहावा थाना पहुंची, जहां थाना प्रभारी उमेश पाटिल सहित पुलिस स्टाफ को रक्षासूत्र बांधा गया। इसी क्रम में नगरी थाना पहुंचकर थाना प्रभारी तोपेश्वर नेताम सहित पुलिस जवानों को भी रक्षा सूत्र बांधा और मिठाई खिलाई। महिला मोर्चा की सदस्यों ने दुगली थाना पहुंचकर थाना प्रभारी एवं पुलिस स्टाफ को भी रक्षासूत्र बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर जनपद सदस्य प्रेमलता नागवंशी ने कहा कि “देश और समाज की सुरक्षा में पुलिस एवं सुरक्षा बल के जवान दिन-रात अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर उन्हें रक्षासूत्र बांधकर बहन का स्नेह देना और उनकी सुरक्षा की कामना करना हमारे लिए गर्व का विषय है।”
महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष चेलेश्वरी साहू ने कहा कि “जवान अपने परिवार से दूर रहकर देश और समाज की रक्षा में समर्पित रहते हैं। रक्षाबंधन पर उनके साथ पर्व मनाकर महिला मोर्चा ने भाई-बहन के स्नेह और सुरक्षा के संकल्प को मजबूत करने का प्रयास किया है। हम सभी जवानों के उज्ज्वल भविष्य और सुरक्षित जीवन की कामना करते हैं।”
कार्यक्रम में दिनेश्वरी नेताम, प्रेमलता नागवंशी, सुलोचना साहू, अमिता दुबे, किरण साहू, प्रीति यदु, भुनेश्वरी साहू, सुलोचना सिन्हा, अंचला यदु, श्यामा भट्ट, वस्तला साहू, कमला साहू, लक्ष्मी ठाकरे, तेजस्वनी साहू, विभा राजपूत, बबीता साहू, भुनेश्वरी घृतलहरे, मंडल अध्यक्ष चेलेश्वरी साहू, महामंत्री नगीना सोम एवं महामंत्री यशोदा साहू सहित भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहीं
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना, कहा—अपराध रोकने में पुलिस और सरकार नाकाम
रायपुर/शौर्यपथ। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और हत्या, बलात्कार, गोलीबारी, लूट, चाकूबाजी तथा गैंगवार की घटनाओं से आम जनता में भय का माहौल है।
बैज ने कहा कि राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में लगातार गंभीर आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने रायपुर में महिला की हत्या के बाद शव के साथ दुष्कर्म, महिला से गैंगरेप, राजनांदगांव के चिखली में घर में घुसकर हत्या, सक्ती में युवती को गोली मारने, जैजेपुर में दो भाइयों की हत्या तथा पेंड्रा-गौरेला क्षेत्र में सराफा कारोबारी की गोली मारकर हत्या जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार से कानून व्यवस्था पर जवाब मांगा।
“राजधानी की कमिश्नरी व्यवस्था भी विफल”
दीपक बैज ने कहा कि रायपुर में कमिश्नरी सिस्टम पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। राजधानी के गंज क्षेत्र में चाकूबाजी और हत्या, देवभोग में परिवार पर धारदार हथियार से हमला तथा अन्य घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय समाप्त होता दिखाई दे रहा है।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में प्रतिदिन 6 हत्या और 8 बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। हालांकि ये आंकड़े कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा लगाए गए दावे हैं।
गोलीकांड और गैंगवार पर सरकार को घेरा
बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश में एक दर्जन से अधिक लोगों की गोली मारकर हत्या हो चुकी है। उन्होंने रायपुर सहित बिलासपुर, पेंड्रा-गौरेला, दुर्ग, मस्तूरी, जांजगीर-चांपा, जशपुर और कवर्धा में गोलीबारी की घटनाओं का हवाला दिया।
उन्होंने रायपुर के हीरापुर में बम हमले, बिरगांव में कथित बम निर्माण और तेलीबांधा-श्याम नगर क्षेत्र में गैंगवार का उल्लेख करते हुए कहा कि दिनदहाड़े चाकूबाजी, गोलीबारी और गैंगवार की घटनाएं चिंता का विषय हैं।
सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन भी चिंता का विषय
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बदमाश सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाकर खुलेआम धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल रही है। बैज ने सरकार से अपराधियों पर कठोर कार्रवाई कर आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बहाल करने की मांग की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पुलिस और प्रशासन का राजनीतिक उपयोग कर रही है तथा विपक्षी नेताओं को प्रताड़ित करने के बजाय अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता देनी चाहिए।
बैज ने कहा कि लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाएं गंभीर चेतावनी हैं। सरकार को कानून व्यवस्था की वास्तविक स्थिति स्वीकार कर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
सपत्नीक शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस पहुंचे भिलाई, व्यास पीठ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना
भिलाई, दुर्ग / शौर्यपथ / जयंती स्टेडियम के समीप आयोजित शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशिल्या देवी साय के साथ कथा स्थल पहुंचे। मुख्यमंत्री ने व्यास पीठ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली, समृद्धि और सुख-शांति की कामना की।
विशाल संख्या में उपस्थित शिवभक्तों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माता कौशिल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई में सात दिनों से शिव भक्ति की अविरल धारा बह रही है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े आयोजन के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को अध्यात्म से सीधे जुड़ने का अवसर मिला और स्वयं सपत्नीक कथा श्रवण करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
छत्तीसगढ़ के चप्पे-चप्पे में महादेव का आशीर्वाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान भोलेनाथ छत्तीसगढ़ के चारों दिशाओं में विभिन्न स्वरूपों में विराजमान हैं। रायपुर में हटकेश्वर महादेव, कवर्धा में भोरमदेव, राजिम में कुलेश्वर महादेव, चंपारण में चंपेश्वर महादेव, गरियाबंद में भूतेश्वर महादेव, सिरपुर में गंधेश्वर महादेव और जशपुर में मधेश्वर महादेव के रूप में भगवान शिव की आराधना होती है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के चप्पे-चप्पे पर देवाधिदेव महादेव की कृपा है और उनके आशीर्वाद से प्रदेश में खुशहाली एवं समृद्धि बनी हुई है।
पांच शक्तिपीठों के विकास पर सरकार का जोर
श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान शिव की भूमि होने के साथ-साथ मां शक्ति की आराधना का भी प्रमुख केंद्र है। राज्य सरकार द्वारा कुदरगढ़ी माता, चंद्रहासिनी माता, महामाया माता, बम्लेश्वरी माता और दंतेश्वरी माता से जुड़े पांच प्रमुख शक्तिपीठों के विकास की योजना बनाई गई है। इन्हें चारधाम की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ प्रदेश सरकार श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना भी संचालित कर रही है, जिसके तहत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर श्री रामलला के दर्शन कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना पुनः शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत श्रद्धालुओं को देश के विभिन्न 19 तीर्थस्थलों का दर्शन कराया जा रहा है।
तीसरी बार भिलाई में शिव महापुराण कथा
मुख्यमंत्री ने कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की सराहना करते हुए कहा कि वे देश-दुनिया में शिव महापुराण कथा के माध्यम से सनातन धर्म के प्रति आस्था को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। भिलाई में लगातार तीसरी बार शिव महापुराण कथा का आयोजन होने पर उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से पंडित प्रदीप मिश्रा का स्वागत किया तथा आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर, आईजी अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, आयोजन समिति के दया सिंह एवं अन्य पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में शिवभक्त उपस्थित रहे।
रिसाली / शौर्यपथ / दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देते हुए विधायक ललित चंद्राकर ने रिसाली नगर निगम के वार्ड क्रमांक 29 और 30 में कुल 1.01 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। विधायक ने कहा कि क्षेत्र की जनता की जरूरत और प्राथमिकता के अनुरूप विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
वार्ड 29 में 62.14 लाख के कार्य
लक्ष्मी नगर, रिसाली भाठा वार्ड क्रमांक 29 में 62.14 लाख रुपये की लागत से डोम शेड, सड़क चौड़ीकरण, आरसीसी नाली, सीसी रोड, नाली निर्माण, कवर ड्रेन, सामुदायिक भवन एवं सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे।
वार्ड 30 में 39.32 लाख के विकास कार्य
इस्पात नगर, साईं मंदिर परिसर वार्ड क्रमांक 30 में 39.32 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण, नाली निर्माण, कवर ड्रेन एवं सौंदर्यीकरण के कार्य होंगे। दोनों स्थानों पर विधायक श्री चंद्राकर ने पूजा-अर्चना कर विकास कार्यों की आधारशिला रखी।
“रिसाली के विकास में धन की कमी नहीं आने देंगे”
इस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और किसान सम्मान निधि जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ सड़क, नाली और सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रिसाली नगर निगम के विकास के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। जनता की अपेक्षाओं और प्राथमिकता वाले कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पहले पूरा किया जाएगा। वार्ड 29 और 30 में शुरू हुए एक करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। लक्ष्य रिसाली के प्रत्येक वार्ड को आधुनिक सुविधाओं से युक्त आदर्श वार्ड बनाना है।
विधायक ने कहा कि विकास की यह गति आगे भी जारी रहेगी और भाजपा सरकार का मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” है।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं वार्डवासी रहे मौजूद
कार्यक्रम में रिसाली मंडल अध्यक्ष अनुपम साहू, मरोदा पुरैना मंडल अध्यक्ष राजू जंघेल, महामंत्री दशरथ साहू, गुड्डू झा, नेता प्रतिपक्ष शैलेन्द्र साहू, मंडल उपाध्यक्ष प्रेम साहू, प्रदेश कन्या सह संयोजिका संस्कृति वर्मा, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष शकुंतला दास सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। पार्षदों में विलास बोरकर, धर्मेन्द्र भगत, सीमा साहू, ईश्वरी साहू, सरिता देवांगन, रमा साहू, सविता धवज, शीला नारखेड़े, गजेंद्री कोठारी और ममता सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अलावा भूपेंद्र दास, रुपेश यादव, राजा डहरिया, दिलीप चौधरी, अमित वोरा, अश्वन निषाद, विजय सिंह सोनी, अनुप डे, कंचन सिंह, राजेन्द्र सिंह, संध्या मंडलोई, लता गेंद्रे, गीता मिश्रा, ज्योति स्नाई, अल्का श्रीवास्तव, सुम्भा राव, निशा, ओकेश्वरी मारकंडे, आमा शुक्ला, परमेश्वर महिलांग, कमलेश हिरवानी, आरती शर्मा, विकास कुलश्रेष्ठ, सतीश दुबे, डॉ. पार्वती कुर्रे, सविता महिलांग, तन्नू सोनवानी, अंचल यादव, राजेन्द्र यादव, अमन शर्मा, सुनीता कोसरे, धनजय मिश्रा, करुणा श्रीवास, चंद्रकली चतुर्वेदी, आयुष तिवारी, बॉबी दास, मनोज साहू, हिमांशु चंद्राकर, मंजु साहू, अनिल घोष, संतोष चौधरी, कृष्णा सिंह, हर्ष डोंगरे, गणेश पटेल सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी एवं निगम कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुंगेली / शौर्यपथ / केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री, भारत सरकार एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती लीलावती साहू भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, जिला मुंगेली द्वारा आयोजित जिला महिला मोर्चा परिचय बैठक एवं सावन मिलन समारोह में शामिल हुए।
सावन की पावन बेला में आयोजित इस समारोह में तोखन साहू ने महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सावन केवल एक माह नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़ा पवित्र अवसर है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और आत्मीयता को भी मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा संगठन की महत्वपूर्ण शक्ति है। मातृशक्ति ने संगठन को बूथ से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से संगठन को नई ऊर्जा और समाजसेवा के कार्यों को नई दिशा मिलती है।
श्री साहू ने सावन मिलन के अवसर पर उपस्थित सभी मातृशक्ति एवं बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा सभी पर बनी रहे और प्रदेश एवं देश में सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली आए।
कार्यक्रम में मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव की धर्मपत्नी श्रीमती मीना साव, भाजपा जिला अध्यक्ष दिनानाथ केसरवानी, जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती अंजना दास, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडे, महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री श्रीमती शीलू साहू एवं जिला महिला मोर्चा प्रभारी श्रीमती कल्याणी साहू सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सावन मिलन समारोह का वातावरण भक्ति, उल्लास और आत्मीयता से सराबोर रहा। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक उत्साह के साथ सावन पर्व मनाया और संगठन की एकजुटता का संदेश दिया।
युवाओं को नशे से बचाने मीडिया निभाए प्रभावी भूमिका, आपूर्ति पर रोक के साथ मांग घटाने पर जोर
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ लड़ाई को प्रभावी बनाने के लिए अवैध तस्करी पर सख्त कार्रवाई के साथ जनजागरूकता और मांग में कमी लाना भी जरूरी है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधीक्षक श्री अनिल कुमार ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने में परिवार, स्कूल-कॉलेज, सामाजिक संगठनों और मीडिया की सामूहिक भूमिका महत्वपूर्ण है।
पत्र सूचना कार्यालय रायपुर के ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत—संकल्प अभियान’ के तहत राजनांदगांव में आयोजित संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि NCB की रणनीति में आपूर्ति नियंत्रण और मांग में कमी, दोनों पर समान रूप से काम किया जा रहा है।
उन्होंने मीडिया से अपील की कि समाचार पत्र, टीवी, डिजिटल और सोशल मीडिया की व्यापक पहुंच का उपयोग नशे के स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को सरल एवं तथ्यपरक तरीके से लोगों तक पहुंचाने में किया जाए।
वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती प्रियंका कौशल ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को जनआंदोलन बनाने के लिए पत्रकारिता को सामाजिक सरोकार और जनजागरण से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि केवल ‘नशा छोड़ो’ का संदेश पर्याप्त नहीं, बल्कि नशे के सामाजिक कारणों, प्रभावित परिवारों और इससे बाहर निकलने वालों की वास्तविक कहानियों को सामने लाकर व्यवहार परिवर्तन का माहौल तैयार करना जरूरी है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों एवं शिक्षाविदों ने भी विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सरकार के प्रयासों के साथ परिवार, मीडिया, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों की साझा भागीदारी अनिवार्य है।
उप मुख्यमंत्री ने महासमुंद में चार विभागों की समीक्षा की, जून 2027 तक हर घर जल का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
महासमुंद / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शुक्रवार शाम महासमुंद कलेक्ट्रेट में लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता, योजनाओं के क्रियान्वयन और नागरिक सुविधाओं की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे हों और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
सड़कों के निर्माण और मरम्मत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने जिले में निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों तथा अन्य अधोसंरचनात्मक कार्यों की प्रगति जानी। उन्होंने कहा कि सड़कों और अधोसंरचना का सीधा संबंध आम नागरिकों के आवागमन से है, इसलिए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को कार्ययोजना बनाकर काम करने तथा आधुनिक तकनीक और उपकरणों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। सड़कों की मरम्मत के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी को सीधे जिम्मेदार बताते हुए उन्होंने नियमित निगरानी पर जोर दिया।
जून 2027 तक हर घर जल का लक्ष्य
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा में उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था तथा जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में जून 2027 तक ‘हर घर जल’ का लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाए।
उन्होंने ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति योजनाएं हैंडओवर किए जाने के बाद सरपंचों और सचिवों की बैठक आयोजित कर उन्हें योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव की जानकारी देने तथा तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के निर्देश दिए। साथ ही बंद पड़े ट्यूबवेलों को तत्काल चालू करने और पेयजल संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
नगरीय निकाय पांच साल की कार्ययोजना बनाकर करें काम
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा के दौरान श्री साव ने सड़क, नाली, स्वच्छता, नागरिक सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों को आगामी पांच वर्षों की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से विकास कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने अधोसंरचना मद एवं 15वें वित्त आयोग से स्वीकृत कार्यों तथा नालंदा परिसर जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के साथ ही राजस्व वसूली बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता एवं जनसुविधाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
“हर गांव में हो मैदान, हर स्कूल से निकलें खिलाड़ी”
खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने जिले में खेल गतिविधियों, उपलब्ध खेल अधोसंरचना और युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि हर गांव में खेल का मैदान होना चाहिए और हर स्कूल से खिलाड़ी निकलने चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को प्राथमिक स्तर से ही पहचानने और उन्हें प्रशिक्षित करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्राथमिक शालाओं से ही बच्चों को खेलों के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चा मैदान तक पहुंचे और किसी न किसी खेल गतिविधि में भाग ले। उपलब्ध खेल संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।
पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक श्री ओंकेश चंद्रवंशी, लोक निर्माण विभाग सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एस.के. कोरी, रायपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री पी.एम. कश्यप, विद्युत एवं यांत्रिकी के मुख्य अभियंता श्री टी.आर. कुंजाम सहित चारों विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
सुरक्षित श्रम, सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, सम्मानजनक रोजगार और डिजिटल सेवाओं का व्यापक विस्तार
साभार - छगल लाल लोन्हारे
संयुक्त संचालक, जनसंपर्क
रायपुर / शौर्यपथ / राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों का योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र विकास के बिना विकसित राज्य की कल्पना संभव नहीं है। इसी सोच को आधार बनाकर छत्तीसगढ़ शासन का श्रम विभाग श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के निर्देशन में श्रमिकों के हितों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से सेवाओं को सरल बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। राज्य सरकार के ढाई साल में श्रम विभाग की उपलब्धियाँ राज्य सरकार की श्रमिक हितैषी सोच और संवेदनशील प्रशासन का परिचायक हैं।
प्रशासनिक ढांचे का विस्तार, सेवाओं की बेहतर पहुंच
श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा श्रमिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पाँच नए जिलों में श्रम पदाधिकारी कार्यालय स्थापित किए हैं। मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि पाँच श्रम पदाधिकारी कार्यालयों को सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के रूप में उन्नत किया गया है। अब प्रदेश में 10 सहायक श्रमायुक्त कार्यालय एवं 23 श्रम पदाधिकारी कार्यालय सहित कुल 33 श्रम कार्यालय संचालित हैं। इससे श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और योजनाओं के प्रभावी संचालन को नई गति मिली है।
समय के अनुरूप श्रम कानूनों में सुधार
औद्योगिक विकास और श्रमिक हितों के संतुलन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने श्रम कानूनों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। छत्तीसगढ़ कारखाना नियम, 1962 में संशोधन कर निर्धारित सुरक्षा प्रावधानों के साथ महिलाओं के रोजगार के अवसरों का विस्तार किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना नियम, 2021 में संशोधन के माध्यम से श्रम पहचान पंजीयन प्रमाण-पत्र अब 24 घंटे के भीतर जारी किए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सरल एवं पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध होंगी तथा ष्ईज ऑफ डूइंग बिजनेसष् को भी बढ़ावा मिलेगा।
56 लाख से अधिक श्रमिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में
श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से अब तक लगभग 56.83 लाख संगठित, निर्माण एवं असंगठित श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है।
3.48 लाख श्रमिकों को बीमा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कौशल उन्नयन जैसी सुविधाओं का लाभ
वर्ष 2026 में 30 जून तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लगभग 3.48 लाख श्रमिकों को बीमा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कौशल उन्नयन जैसी सुविधाओं का लाभ प्रदान किया गया है। इन योजनाओं पर लगभग 173.32 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, जो श्रमिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
निर्माण श्रमिकों को बढ़ी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत आवास निर्माण अथवा घर खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गई है। यह निर्णय निर्माण श्रमिकों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
महिला श्रमिकों को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर
इसी प्रकार दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों एवं उनके समूहों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए सहायता राशि भी एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गई है। इससे महिला श्रमिकों को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर मिल रहे हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहल
राज्य सरकार ने श्रमिक परिवारों के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से अटल कैरियर निर्माण योजना प्रारंभ की है। इसके माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को इंजीनियरिंग एवं मेडिकल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण
वहीं मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इस पहल से बीमारियों की प्रारंभिक पहचान, समय पर उपचार तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
उत्कृष्ट शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य की ओर
श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र निर्माण श्रमिकों के प्रथम दो बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप वर्ष 2026-27 से इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित बच्चों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। यह पहल श्रमिक परिवारों के बच्चों के भविष्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का माध्यम बनेगी।
पाँच रुपये में पौष्टिक भोजन
शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण, संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गरम एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 18 जिलों में 39 भोजन केन्द्र संचालित हैं, जो हजारों श्रमिकों के लिए राहत का माध्यम बने हुए हैं।
डिजिटल सेवाओं से बढ़ी पारदर्शिता
श्रम विभाग द्वारा विकसित 'ई-श्रम साथी मोबाइल एप' श्रमिकों और नियोजकों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। इस एप के माध्यम से स्वयं पंजीयन, श्रमिक एवं नियोजक के बीच सीधा संपर्क तथा रोजगार संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो रही है। इससे पारदर्शिता के साथ रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो रही है।
मॉडल लेबर चौक से मिलेगा सम्मानजनक वातावरण
राज्य सरकार द्वारा मॉडल लेबर चौक फेसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों पर श्रमिकों के पंजीयन, विभिन्न योजनाओं के आवेदन, भोजन, पेयजल, विश्राम एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे श्रमिकों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध होगा।
सामाजिक सुरक्षा को मिला नया विस्तार
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत सामान्य मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये, कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 2.50 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही अपंजीकृत निर्माण श्रमिकों की कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु होने पर भी उनके आश्रितों को 1 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये की सहायता
इसी प्रकार असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये तथा दिव्यांगता की स्थिति में 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
सुरक्षित कार्यस्थल की दिशा में प्रयास
राज्य के विभिन्न कारखानों में श्रमिकों को उनके कार्य के अनुरूप वरिष्ठ अधिकारियों एवं सुरक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं में कमी और उत्पादकता में वृद्धि हो रही है।
श्रमिक कल्याण की नई पहचान
छत्तीसगढ़ में श्रम विभाग द्वारा किए जा रहे व्यापक सुधार यह सिद्ध करता है कि राज्य सरकार श्रमिकों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास यात्रा का महत्वपूर्ण सहभागी मानती है। प्रशासनिक ढाँचे का विस्तार, श्रम कानूनों का आधुनिकीकरण, डिजिटल सेवाओं का विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक रोजगार जैसी पहलें श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। श्रमिकों के कल्याण और सशक्तिकरण के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ समावेशी और संवेदनशील विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
