October 24, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पूजा-अर्चना, दीक्षारंभ और सेवा गतिविधियों का आयोजन

    भिलाई / शौर्यपथ / श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति एवं वरिष्ठ शिक्षाविद आई.पी. मिश्रा का जन्मदिवस विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में भारतीय परंपरा, संस्कार और आध्यात्मिक भावना के साथ मनाया गया। आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा, सेवा और जीवन मूल्यों से जोड़ने का संदेश दिया गया।

    विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. स्मिता सेलट ने कहा कि आई.पी. मिश्रा का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान प्रेरणादायी है। उनका मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान, चरित्र, अनुशासन, संस्कार और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है।

    श्री गंगाजली एजुकेशन सोसायटी से संबद्ध संस्थानों में कहीं दीक्षारंभ कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया गया, तो कहीं धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन हुआ। मेडिकल कॉलेज में रुद्राभिषेक सहित विशेष पूजा-अर्चना की गई। विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सेवा गतिविधियों में भाग लेकर कुलाधिपति के स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना की।

    इस अवसर पर कुलाधिपति आई.पी. मिश्रा ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से समाज निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाना आवश्यक है। ईश्वर के प्रति कृतज्ञता, समाज के प्रति उत्तरदायित्व और जीवन मूल्यों का सदैव महत्व रहता है। नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से परिचित कराना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

    विजयादशमी पर पुलिसकर्मियों ने जनसुरक्षा, कर्तव्यनिष्ठा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का लिया संकल्प

         कोंडागांव / शौर्यपथ / विजयादशमी के पावन अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को थाना कोंडागांव परिसर में सुबह 10 बजे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शस्त्र पूजा संपन्न हुई। इस दौरान अस्त्र-शस्त्रों की विधिवत पूजा-अर्चना कर धर्म, सत्य और अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया।

    कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंडागांव के निर्देशन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। शस्त्रों की साफ-सफाई के बाद हल्दी, कुमकुम, मौली और पुष्प अर्पित कर पूजा की गई।

    शक्ति के साथ कर्तव्य और जनसुरक्षा का संकल्प

    पुलिस विभाग में विजयादशमी पर शस्त्र पूजा की परंपरा शक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। यह पुलिसकर्मियों को शस्त्रों के सुरक्षित रखरखाव, जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देती है।

    बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक विजयादशमी

    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था और भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय प्राप्त कर धर्म की स्थापना की थी। विजयादशमी का पर्व संदेश देता है कि शक्ति का उपयोग अन्याय और अधर्म के विरुद्ध तथा समाज एवं आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए किया जाना चाहिए।

    इस अवसर पर पुलिस विभाग की जनसुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए शांति, सद्भाव और सुरक्षा बनाए रखने का संदेश दिया गया।

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडे, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह सहित अतिथियों, प्रशासन, समिति और शहरवासियों को दिया धन्यवाद

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ जन महोत्सव समिति द्वारा आयोजित भव्य विजयादशमी महोत्सव, रावण दहन और सुप्रसिद्ध भजन गायिका स्वास्ति मेहुल जैन की संगीतमय प्रस्तुति की सफलता पर समिति अध्यक्ष सौरभ कोठारी ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सहयोगियों, मीडिया प्रतिनिधियों और शहरवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

    उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनता को संबोधित कर विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। सांसद संतोष पांडे और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने भी अपने संबोधन से आयोजन की गरिमा बढ़ाई। महापौर मधुसूदन यादव, पूर्व मंत्री खूबचंद पारख, नीलू शर्मा, संतोष अग्रवाल, रमेश पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, राजेश जैन और सुनील मूंदड़ा सहित सभी अतिथियों के प्रति भी उन्होंने कृतज्ञता जताई।

    भजन संध्या और आतिशबाजी ने मोहा मन

    भजन गायिका स्वास्ति मेहुल जैन की भक्तिमय प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, भव्य रावण दहन और करीब 10 मिनट तक चली आकर्षक आतिशबाजी ने दर्शकों का मन मोह लिया। शानदार मंच सज्जा और हजारों लोगों की सहभागिता ने आयोजन को यादगार बनाया।

    प्रशासन और समिति के सहयोग को सराहा

    सौरभ कोठारी ने जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों का विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं में विभागों के समन्वित सहयोग से कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हुआ।

    उन्होंने समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों, कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और सहयोगियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि आयोजन की सफलता सामूहिक प्रयास, समर्पण और जिम्मेदारी का परिणाम है।

    शहरवासियों और मीडिया का जताया आभार

    सौरभ कोठारी ने व्यापारियों, सामाजिक संगठनों, संस्थाओं, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया प्रतिनिधियों और समस्त शहरवासियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि जनता के उत्साह, सहयोग और स्नेह ने महोत्सव को भव्यता प्रदान की।
    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जन महोत्सव समिति भविष्य में भी राजनांदगांव की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजन करती रहेगी। महोत्सव की सफलता में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग और आशीर्वाद समिति के लिए अमूल्य है।

    पुलगांव विसर्जन स्थल पर सफाई, प्रकाश, क्रेन, अस्थायी कुंड और साउंड सिस्टम की होगी व्यवस्था

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए नगर पालिक निगम दुर्ग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयुक्त लीना कोसम ने वार्ड क्रमांक 55 पुलगांव स्थित शिवनाथ नदी के गुरुद्वारा के पास निर्धारित विसर्जन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। यह व्यवस्था 19 से 21 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

    आयुक्त के आदेशानुसार उप अभियंता करण यादव, सहायक राजस्व निरीक्षक नरेंद्र मनहरे, शिवा यादव एवं गोपाल सूर्या को पहुंच मार्ग का समतलीकरण, अस्थायी कुंड निर्माण तथा आवश्यकतानुसार शामियाना, कुर्सी और टेबल की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    सफाई दरोगा मनोहर शेंद्रे और रामलाल भट्ट विसर्जन स्थल की साफ-सफाई, चूना मार्किंग, डस्टबिन की व्यवस्था तथा सफाई कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करेंगे। सहायक अभियंता संजय ठाकुर एवं उप अभियंता मोहित मरकाम को प्रकाश व्यवस्था, साउंड सिस्टम और माइक की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, कार्यशाला अधीक्षक शौएब अहमद प्रतिमा विसर्जन के लिए क्रेन की व्यवस्था संभालेंगे।

    तीन पालियों में होगी ड्यूटी

    विसर्जन स्थल पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी तीन पालियों में लगाई गई है। सुबह 6 से दोपहर 2 बजे, दोपहर 2 से रात 10 बजे और रात 10 से सुबह 6 बजे तक कर्मचारी तैनात रहेंगे। सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी नोडल अधिकारी एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता के निर्देशन में अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

    निगम प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं मिलें और आयोजन व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

    गंजपारा से पोटियाकला तक पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा का लिया आशीर्वाद, समितियों से निर्धारित समय पर प्रतिमा विसर्जन की अपील

    दुर्ग / शौर्यपथ / शारदीय नवरात्र की अष्टमी और नवमी पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दुर्ग शहर के विभिन्न दुर्गा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन-पूजन किए और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं उन्नति की कामना की। उन्होंने श्रद्धालुओं का अभिवादन करते हुए शहरवासियों को शक्ति और भक्ति के महापर्व नवरात्र की शुभकामनाएं दीं।

    मंत्री यादव ने गंजपारा, पद्मनाभपुर कालीबाड़ी, सत्तीचौरा, गांधी चौक, ढीमरपारा, ग्रीन चौक, संगम चौक उरला, वृंदानगर, विराट नगर बोरसी, स्टेशन रोड, पोटियाकला, डिपरापारा, सिकोला बस्ती और जवाहरनगर सहित दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर विराजित मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन किए। उन्होंने झांकियां देखने निकले नागरिकों से मुलाकात कर उनका अभिवादन किया। नवरात्र की विभिन्न संध्याओं में भी वे शहर के पंडालों, जस-झांकी, जगराता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल हुए।

    मंत्री ने कहा कि नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना करने वाले श्रद्धालुओं पर माता का आशीर्वाद बना रहे। दुर्गवासियों की अटूट आस्था, लोकसंस्कृति से जुड़ाव और सामूहिक सहभागिता शहर को भक्तिमय उत्सव के रंगों से सराबोर करती है। उन्होंने मां जगदंबा से सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।

    निर्धारित समय पर प्रतिमा विसर्जन की अपील

    कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने दुर्गा उत्सव समितियों से अपील की कि वे मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित समय-सीमा में करें। उन्होंने पुलिस विभाग से विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा निगम प्रशासन से पार्किंग, प्रकाश और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    तिरंगे पर युवा कवि मयंक शर्मा की कविता सुनकर सम्मान में खड़े हुए श्रोता, हास्य-व्यंग्य और भक्ति रचनाओं ने भी जीता दिल

    दुर्ग / शौर्यपथ / गंजपारा दुर्गोत्सव समिति द्वारा दुर्गा धाम, पुरानी गंजमंडी में 17 अक्टूबर को 58 वर्षों से चली आ रही साहित्यिक परंपरा के तहत कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। मां शारदे के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए कवियों ने देशप्रेम, भक्ति, हास्य-व्यंग्य और समसामयिक विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    कवि सम्मेलन का संचालन दुर्ग के युवा कवि मयंक शर्मा ने किया। तिरंगे के पांच रंगों पर आधारित उनकी कविता ने श्रोताओं को भावुक कर दिया। कविता की पंक्तियां सुनकर श्रोता सम्मान में खड़े हो गए और तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। मयंक शर्मा ने सुनाया—

    “पापा जब द्वारे पे तिरंगा ओढ़ आए थे,
    तो मैंने देखा खून से तिरंगा लाल-लाल था।”

    बिहार के नालंदा से आईं कवयित्री अल्पना आनंद ने ओढ़नी गीत के माध्यम से धार्मिक भाव प्रस्तुत किए। इंदौर के एकाग्र शर्मा ने शिव, राम और हनुमान पर मुक्तक सुनाए। प्रयागराज के हास्य कवि अखिलेश द्विवेदी ने हास्य-व्यंग्य के जरिए खुशियां बांटने का संदेश दिया। दिल्ली के सुदीप भोला ने मोबाइल पर रील बनाने की प्रवृत्ति पर कटाक्ष किया, जबकि मुंबई के गीतकार चंदन राय ने प्रेम और यादों पर आधारित गीतों से समां बांधा।

    कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सांसद विजय बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय, पूर्व विधायक अरुण वोरा, पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल, कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू, पूर्व महापौर आरएन वर्मा और दुर्ग ग्रामीण जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर उपस्थित रहे।
    समिति के संरक्षक संतोष रूंगटा, संजय रूंगटा, चतुर्भुज राठी, किशोर जैन, विनीत जैन, अध्यक्ष रवि पिडिआर, कार्यकारी अध्यक्ष अमित यादव, कोषाध्यक्ष जितेंद्र राठी, एल्डरमैन तुलसी साहू एवं पार्षद पति सुरेश गुप्ता सहित अन्य अतिथि भी कार्यक्रम में शामिल हुए। संचालन मनोज शर्मा ने किया तथा आभार संतोष रूंगटा ने व्यक्त किया।

    भिलाई / शौर्यपथ / शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर मां दुर्गा और मां काली के दर्शन किए तथा विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
    इस दौरान उन्होंने हुडको स्थित अन्नपूर्णा मंदिर, सेक्टर-7 के मां तुलजा भवानी मंदिर, मरोदा सेक्टर, सेक्टर-1 बिजली ऑफिस स्थित मां शारदा भवानी मंदिर तथा चरोदा स्थित काली मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
    श्री पांडेय ने मां दुर्गा से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि मां जगदंबा का आशीर्वाद सभी पर बना रहे तथा हर घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।

    बचेली में रविवार को हुई कार्रवाई से उठे सवाल, बेदखली के बाद पुनर्वास की व्यवस्था पर भी मांगा जा रहा जवाब

    नजूल जमीन पर कथित कब्जों के लिए एक समान मापदंड अपनाने की मांग; एसडीएम और नगरपालिका प्रशासन की भूमिका पर सवाल

    कृष्णा मंडल /
    दंतेवाड़ा। शौर्यपथ / दंतेवाड़ा जिले के बचेली नगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और आदिवासी परिवारों के पुनर्वास को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार को 10 आदिवासी परिवारों के मकान ढहा दिए गए। कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन परिवारों के रहने के लिए वैकल्पिक जमीन या पुनर्वास की व्यवस्था की गई थी या नहीं।

    स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी उठ रहा है कि गरीब परिवारों के मकानों पर सख्ती दिखाने वाला प्रशासन कथित तौर पर कुछ प्रभावशाली लोगों, एक ठेकेदार और अन्य लोगों के अतिक्रमण के मामलों में उतना सक्रिय नजर नहीं आता। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि बचेली में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई किन नियमों और मापदंडों के आधार पर की जा रही है।

    गरीबों पर सख्ती, प्रभावशालियों पर कार्रवाई कब?

    यदि नजूल जमीन पर अवैध कब्जा हटाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, तो यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि कथित प्रभावशाली लोगों के कब्जों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। प्रशासन को ऐसे मामलों की स्थिति सार्वजनिक कर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाना चाहिए।

    कुछ मामलों में पहले अतिक्रमण हटाए जाने के बाद मुआवजा दिए जाने और कथित तौर पर दोबारा नजूल जमीन पर कब्जे होने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। इनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। प्रशासन को बताना चाहिए कि मुआवजा किन नियमों के तहत और किन लोगों को दिया गया तथा दोबारा कब्जे की शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई।

    10 परिवार बेघर, पुनर्वास की जिम्मेदारी किसकी?

    मकान तोड़ने की कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी होने की बात कही जा रही है। यदि अतिक्रमण हटाना जरूरी था, तो क्या कार्रवाई से पहले पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया गया? क्या प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराई गई? प्रशासन को इन सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

    यह मामला केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों के भविष्य और बुनियादी जरूरतों से भी जुड़ा है। कार्रवाई की वैधानिकता के साथ-साथ यह जानना भी जरूरी है कि बेदखल परिवारों के लिए आगे क्या व्यवस्था की गई है।

    जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल

    नगरपालिका क्षेत्र के नागरिक अपने जनप्रतिनिधियों से उम्मीद करते हैं कि वे जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं को प्रशासन के सामने उठाएं। ऐसे में सवाल है कि प्रभावित आदिवासी परिवारों के पुनर्वास और राहत के लिए अध्यक्ष, पार्षदों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने क्या पहल की है।

    प्रशासन स्पष्ट करे अपनी स्थिति

    बचेली में हुई कार्रवाई को लेकर जिला प्रशासन, एसडीएम और नगरपालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अतिक्रमण हटाने का आधार, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था और अन्य कथित कब्जों पर की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

    बड़ा सवाल यही है कि क्या अतिक्रमण के खिलाफ कानून समान रूप से लागू हो रहा है? यदि कब्जा अवैध है, तो कार्रवाई सभी मामलों में निष्पक्ष होनी चाहिए। वहीं, बेदखल किए गए परिवारों को लागू नियमों के अनुसार राहत और पुनर्वास संबंधी विकल्पों पर भी विचार किया जाना चाहिए। प्रशासन की पारदर्शिता और समान कार्रवाई ही इन सवालों का संतोषजनक जवाब दे सकती है।

    1.60 हेक्टेयर वनभूमि पर कब्जे का मामला; 15 अक्टूबर को न्यायालय में चालान पेश करने की जानकारी

    मालगांव। वनभूमि पर कथित अतिक्रमण कर खेती करने और वृक्षों की अवैध गडलिंग के मामले में तीन व्यक्तियों के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई की है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, मामला वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 564 से संबंधित है, जहां करीब 1.60 हेक्टेयर वनभूमि पर अतिक्रमण किए जाने का आरोप है।

    दस्तावेज में गोविंद पिता सोमनाथ, बजरंग पिता मानसिंग और चेतन पिता परती के नाम दर्ज हैं। मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 2284/2026, दिनांक 13 अक्टूबर 2026 को दर्ज किए जाने का उल्लेख है।

    विभागीय जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को मालगांव के अतिक्रमण क्षेत्र में कथित रूप से वृक्षों की गडलिंग करने और खेती के उद्देश्य से वनभूमि पर कब्जा करने के मामले में तीनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए न्यायालय में चालान पेश किया गया।

    वनभूमि पर अतिक्रमण और वृक्षों को नुकसान पहुंचाने से जुड़े इस मामले में आगे न्यायालयीन प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

    आरोही सोनी सहित बाल कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने माहौल को बनाया भक्तिमय

    कृष्णा पब्लिक स्कूल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्रा आरोही सोनी सहित नन्हे-मुन्ने बच्चों ने माता रानी के विभिन्न स्वरूपों का मनमोहक प्रदर्शन किया। सुंदर वेशभूषा, भावपूर्ण अभिनय और आकर्षक प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों ने उपस्थित जनों का मन मोह लिया।

    बच्चों की इस प्रस्तुति में भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली। आरोही सोनी सहित सभी बाल कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में मार्गदर्शक शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की भूमिका भी सराहनीय रही।

    इस अवसर पर सभी प्रतिभागी बच्चों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। विद्यालय परिवार ने बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हुए माता रानी से सभी पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।

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