February 11, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

10वें दिन 130 से अधिक प्रदर्शनों का आंकड़ा पार; अंतर्राष्ट्रीय नाटकों और नुक्कड़ नाटकों ने जीता दर्शकों का दिल

    बिलासपुर / शौर्यपथ / नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा (एनएसडी) द्वारा आयोजित दुनिया का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय थिएटर फेस्टिवल, 25वां भारत रंग महोत्सव (BRM), अपने 10वें दिन भी कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। सिल्वर जुबली मना रहे इस महोत्सव ने अपनी विविधता और भव्यता से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित देशभर के 19 केंद्रों पर थिएटर की एक नई ऊर्जा का संचार किया है। अब तक इस फेस्टिवल में 130 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शन हो चुके हैं, जिनमें माइक्रो ड्रामा, वन-एक्ट प्ले और नुक्कड़ नाटक शामिल हैं।
महोत्सव के 10वें दिन कहानी कहने के कई अनूठे रंग देखने को मिले। दिल्ली के मंच पर "बदज़ात" और "डैडी" जैसे प्रभावशाली नाटकों का मंचन हुआ, वहीं कश्मीरी लोक परंपरा 'भांड पाथर' पर आधारित नाटक “अका नंदन (आँखों का तारा)” ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पोलैंड के प्रोडक्शन “उमादेवी ऑब्जर्व्स वांडा डायनोव्स्का” और रूस के नाटक “ए वेरी सिंपल स्टोरी” ने वैश्विक कलात्मक संवाद को मजबूती प्रदान की।एनएसडी स्टूडेंट्स यूनियन की पहल 'आद्वित्य' के तहत नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से गंभीर सामाजिक मुद्दों को उठाया गया। इसमें बाल शोषण जैसे संवेदनशील विषय पर "कुछ अनसुने", पेरेंटिंग स्टाइल पर आधारित "बेबी शार्क डू डू डू डू" और कैदियों के जीवन के संघर्ष को दर्शाते नाटकों ने युवाओं की रचनात्मक सोच और सामाजिक ज़िम्मेदारी को प्रदर्शित किया। इसके साथ ही एफटीआईआई की चुनिंदा डिप्लोमा फिल्मों की स्क्रीनिंग ने सिनेमाई बारीकियों से दर्शकों को परिचित कराया।

भारत रंग महोत्सव 2026 की खास बात इसकी व्यापक पहुंच है। दिल्ली के मुख्य केंद्र के साथ-साथ यह महोत्सव छत्तीसगढ़ के रायपुर में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। रायपुर के रंगमंच प्रेमी इन उच्च स्तरीय प्रस्तुतियों का गवाह बन रहे हैं, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को एक अंतरराष्ट्रीय मंच और नई दृष्टि मिल रही है। रायपुर के अलावा बेंगलुरु, पटना, कोलकाता और पुणे जैसे शहरों में भी नाटकों का मंचन जारी है।
यह 25वां संस्करण 27 जनवरी से 20 फरवरी 2026 तक चलेगा। पूरे 25 दिनों के इस सफर में 9 देशों और भारत के हर राज्य व केंद्र शासित प्रदेश के थिएटर ग्रुप हिस्सा ले रहे हैं। कुल मिलाकर 228 भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में 277 से अधिक प्रोडक्शन दिखाए जाएंगे, जिनमें कई दुर्लभ और कम बोली जाने वाली भाषाएं भी शामिल हैं।

   राजनांदगांव / शौर्यपथ / साहित्य समिति, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) द्वारा वार्षिक साहित्यिक महोत्सव “आईरिस 2026” का आयोजन 2 फरवरी से 6 फरवरी 2026 तक किया गया। इस महोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, ज्ञान और अभिव्यक्ति क्षमता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पांच दिनों तक चले इस आयोजन के अंतर्गत विभिन्न साहित्यिक और शैक्षणिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें मिथोलॉजिकल क्विज, स्लोगन लेखन, कविता पाठ, गेस द डिज़ीज, मेडिकल एटलस, मेडिकल क्विज, एक्सटेम्पोर और वाद-विवाद प्रमुख रहे। सभी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने पूरे जोश, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने विचारों, ज्ञान और रचनात्मकता का अच्छा प्रदर्शन किया और अपनी प्रतिभा को सामने लाने का अवसर पाया।
सभी प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन महाविद्यालय के अनुभवी और सम्मानित संकाय सदस्यों द्वारा निष्पक्ष रूप से किया गया। उनकी उपस्थिति और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा और कार्यक्रम की गुणवत्ता बनी रही।
महोत्सव के समापन पर पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया, जो माननीय अधिष्ठाता (डीन) डॉ. पी. एम. लुका की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. लुका ने साहित्य समिति और आयोजक दल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह संपूर्ण आयोजन संकाय समन्वयकों डॉ. दिव्या साहू, डॉ. अनिल बरन चौधरी, डॉ. इंदु पद्मेय एवं डॉ. रूबी साहू के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। वहीं छात्र समन्वयकों आशुतोष चंद्र कुमार एवं जी. सृष्टि ने कार्यक्रमों के सुचारु संचालन में अहम भूमिका निभाई और सभी व्यवस्थाओं को अच्छे ढंग से संभाला।
आईरिस 2026 का समापन अत्यंत सफल और यादगार रहा। इस महोत्सव ने विद्यार्थियों को सीखने, अपनी प्रतिभा दिखाने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अच्छा अवसर प्रदान किया, जिससे महाविद्यालय का शैक्षणिक और सांस्कृतिक वातावरण और भी समृद्ध हुआ।

रायपुर | शौर्यपथ राज्य सरकार ने आम नागरिकों को रजिस्ट्री एवं पंजीयन से जुड़ी सेवाएं सरल, सुलभ और समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम निर्णय लेते…

भिलाई/हैदराबाद।

   सेल–भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के जनसंपर्क विभाग की उप प्रबंधक सुश्री शालिनी चौरसिया ने प्रतिष्ठित ‘द हिंदू बिज़नेस लाइन सेरेब्रेशन कॉर्पोरेट क्विज़–2026’ के हैदराबाद क्षेत्रीय दौर में तृतीय पुरस्कार प्राप्त कर संयंत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। यह प्रतियोगिता 1 फरवरी 2026 को हैदराबाद में आयोजित की गई थी।

इस प्रतिष्ठित क्विज़ प्रतियोगिता में देश के विभिन्न प्रमुख कॉर्पोरेट संगठनों से जुड़े अधिकारी एवं पेशेवर प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में व्यावसायिक समझ, वित्त, अर्थशास्त्र, बाजार, समसामयिक घटनाओं तथा विश्लेषणात्मक क्षमता का गहन मूल्यांकन किया गया। सुश्री शालिनी चौरसिया ने अपने सशक्त ज्ञान, तार्किक सोच और समसामयिक विषयों पर मजबूत पकड़ के बल पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष प्रतिभागियों में स्थान बनाया।

राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित क्विज़ श्रृंखला

‘द हिंदू बिज़नेस लाइन सेरेब्रेशन कॉर्पोरेट क्विज़’ देश की सबसे प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट क्विज़ प्रतियोगिताओं में से एक है। यह प्रतियोगिता अपने 22वें संस्करण में आयोजित की जा रही है और बीते वर्षों में यह श्रृंखला कॉर्पोरेट जगत में ज्ञानवर्धन, रणनीतिक सोच और बौद्धिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने वाले एक सशक्त मंच के रूप में स्थापित हुई है।

राष्ट्रीय फाइनल की ओर अगला कदम

22वें सेरेब्रेशन कॉर्पोरेट क्विज़ के अंतर्गत देश के प्रमुख शहरों में क्षेत्रीय दौर आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी राष्ट्रीय फाइनल के लिए चयनित होंगे।

सुश्री शालिनी चौरसिया की इस उपलब्धि पर भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों, सहकर्मियों एवं कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

 

भिलाई।
युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने के लिए दुर्ग पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और समन्वित कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ की गई छापेमारी में पुलिस ने गोगो/रोलिंग पेपर, हुक्का सामग्री, चिलम और प्रतिबंधित जर्दायुक्त पान मसाला की भारी खेप जब्त की है। इस दौरान COTPA Act के तहत 16 दुकानदारों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के निर्देश पर संचालित विशेष अभियान के अंतर्गत की गई, जिसमें 35 से अधिक पुलिस टीमों ने एक साथ दुर्ग–भिलाई के संवेदनशील इलाकों में रेड की।


युवाओं में बढ़ते नशे पर पुलिस की सख्त नजर

पुलिस जांच में सामने आया कि शहर के विभिन्न पान ठेले, गुमटियां और डेली नीड्स की दुकानों पर गांजा सेवन के लिए उपयोग होने वाले गोगो/रोलिंग पेपर, चिलम, हुक्का फ्लेवर और प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद खुलेआम बेचे जा रहे थे। यह बिक्री खासतौर पर शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों के आसपास की जा रही थी।

संयुक्त पुलिस टीमों ने नियमानुसार तलाशी लेकर करीब ₹2 लाख मूल्य का नशीला सामान जब्त किया। इसके साथ ही संबंधित दुकानों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत इस्तगासा प्रस्तुत कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई।


इन थाना क्षेत्रों में हुई कार्रवाई

रेड के दौरान:

  • मोहन नगर – 8 दुकानें

  • स्मृतिनगर – 5 दुकानें

  • नेवई – 2 दुकानें

  • दुर्ग – 1 दुकान

कुल 17 व्यक्तियों के खिलाफ COTPA Act के तहत कार्रवाई की गई है।


सप्लाई चेन पर भी पुलिस की नजर

दुर्ग पुलिस ने जब्त सामग्री की सप्लाई चेन (Backward Linkage) का भी पता लगाया है। पुलिस के अनुसार, इन नशीले उत्पादों की आपूर्ति करने वालों के खिलाफ भी आगामी दिनों में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।


आरोपियों का विवरण

कार्रवाई के दौरान जिन दुकानदारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए, उनमें प्रमुख रूप से—

  • अभिनंदन सिंह (30), प्रगति नगर

  • चित्रांश साहू उर्फ सोनू (23), रुआबांधा बस्ती, मिलाई

  • विजेश बारवे (44), मुखर्जी नगर, मोहन नगर

  • देवेन्द्र भोसले (20), सिकोला भाठा, दुर्ग

  • शंकर लाल बंछोर (65), मोहन नगर

  • संजय कुमार बडानी (48), दुर्ग

  • लोकेश कुमार साहू (35), मोहन नगर

  • कुशाल प्रजापति (30), मोहन नगर

  • अर्जुन यादव (46), मोहन नगर

  • राजकुमार महोबिया (39), दुर्ग

  • राजेश कुमार द्विवेदी (57), सुपेला/स्मृतिनगर

  • मनोज कुमार चौहान, मॉडल टाउन, स्मृतिनगर

  • त्रिवेणी साहू (50), जुनवानी

  • लक्की चंदानी (43), मोहन नगर

  • भगवान साहू, हाउसिंग बोर्ड

  • विमल जसवानी (23), सिंधी कॉलोनी, दुर्ग


स्पष्ट संदेश

दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई से साफ संकेत है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ यह अभियान निरंतर और और भी सख्त रूप में जारी रहेगा।

 

भिलाई नगर।
आवासहीन और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को आवास सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भिलाई नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम तथा नगरपालिका (कालोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बंधन तथा शर्तें) नियम, 2013 के तहत ईडब्ल्यूएस (EWS) भूमि प्रदान करने के एवज में जमा की जाने वाली राशि को ‘गरीबों की सेवा निधि’ के नाम से पृथक बैंक खाते में रखने का प्रावधान है।

छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 128-ग के अनुसार, इस सेवा निधि की राशि का उपयोग स्लम बस्तियों एवं आवासहीन व्यक्तियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जा सकता है। इसी क्रम में निगम के विगत बजट में गरीबों की सेवा निधि से 3 करोड़ रुपये व्यय का प्रावधान किया गया है।

10% अंशदान का मिलेगा प्रोत्साहन

माननीय विधायक वैशाली नगर श्री रिकेश सेन द्वारा भी गरीबों की सेवा निधि के समुचित एवं जनोपयोगी उपयोग के संबंध में निगम प्रशासन से पत्राचार किया गया है। इसके फलस्वरूप वित्तीय वर्ष 2025–26 के बजट प्रावधानों के अंतर्गत एक अहम निर्णय लिया गया है।

निर्णय के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना – सबके लिए आवास मिशन (AHP घटक) के तहत ऐसे हितग्राही, जो 31 मार्च 2026 तक अपने आवास का 90 प्रतिशत अंशदान जमा करेंगे, उन्हें शेष 10 प्रतिशत राशि प्रोत्साहन स्वरूप गरीबों की सेवा निधि से प्रदान की जाएगी

पात्र हितग्राहियों से अपील

निगम आयुक्त ने बताया कि राज्य शासन द्वारा किए गए वैधानिक प्रावधानों का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने सभी पात्र हितग्राहियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक राशि जमा कर इस योजना का लाभ उठाएं।

जनहित में महत्वपूर्ण कदम

नगर निगम की यह पहल न केवल आवास योजना को गति देगी, बल्कि गरीबों की सेवा निधि के उद्देश्यपूर्ण और संवेदनशील उपयोग का भी उदाहरण बनेगी। इससे शहरी गरीबों और आवासहीन परिवारों को अपने सपनों का घर पाने में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

राजनांदगांव।शौर्यपथ / साहित्य समिति, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) द्वारा वार्षिक साहित्यिक महोत्सव “आईरिस 2026” का आयोजन 2 फरवरी से 6 फरवरी 2026 तक किया गया। इस महोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, ज्ञान और अभिव्यक्ति क्षमता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

पांच दिनों तक चले इस आयोजन के अंतर्गत विभिन्न साहित्यिक और शैक्षणिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें मिथोलॉजिकल क्विज, स्लोगन लेखन, कविता पाठ, गेस द डिज़ीज, मेडिकल एटलस, मेडिकल क्विज, एक्सटेम्पोर और वाद-विवाद प्रमुख रहे। सभी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने पूरे जोश, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने विचारों, ज्ञान और रचनात्मकता का अच्छा प्रदर्शन किया और अपनी प्रतिभा को सामने लाने का अवसर पाया।

सभी प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन महाविद्यालय के अनुभवी और सम्मानित संकाय सदस्यों द्वारा निष्पक्ष रूप से किया गया। उनकी उपस्थिति और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा और कार्यक्रम की गुणवत्ता बनी रही। महोत्सव के समापन पर पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया, जो  अधिष्ठाता (डीन) डॉ. पी. एम. लुका की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. लुका ने साहित्य समिति और आयोजक दल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह संपूर्ण आयोजन संकाय समन्वयकों डॉ. दिव्या साहू, डॉ. अनिल बरन चौधरी, डॉ. इंदु पद्मेय एवं डॉ. रूबी साहू के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। वहीं छात्र समन्वयकों आशुतोष चंद्र कुमार एवं जी. सृष्टि ने कार्यक्रमों के सुचारु संचालन में अहम भूमिका निभाई और सभी व्यवस्थाओं को अच्छे ढंग से संभाला। आईरिस 2026 का समापन अत्यंत सफल और यादगार रहा। इस महोत्सव ने विद्यार्थियों को सीखने, अपनी प्रतिभा दिखाने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अच्छा अवसर प्रदान किया, जिससे महाविद्यालय का शैक्षणिक और सांस्कृतिक वातावरण और भी समृद्ध हुआ।

जगदलपुर, शौर्यपथ। महामहिम राष्ट्रपति महोदय के 7 फरवरी को बस्तर जिले के प्रवास के दौरान लालबाग मैदान जगदलपुर में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर यातायात पुलिस द्वारा ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है। आम जनता को आवागमन में असुविधा न हो, इसके लिए 7 फरवरी को प्रातः 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक यातायात व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है।

जारी एडवाइजरी के अनुसार, आमागुड़ा चौक से लालबाग की ओर एवं वीवीआईपी मार्ग पर आम जनता के वाहनों का आवागमन प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक यातायात एवं सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, भारी वाहनों का जगदलपुर शहर में प्रवेश प्रातः 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक वर्जित रहेगा। हालांकि, आपातकालीन सेवा से संबंधित वाहनों को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।

आम जनता के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल

यातायात पुलिस द्वारा आम नागरिकों के वाहनों की पार्किंग के लिए कुम्हड़ाकोट, गणपति रिसॉर्ट के सामने मैदान तथा रिलायंस पेट्रोल पंप के बाजू स्थित खाली मैदान को चिन्हित किया गया है।

परिवर्तित मार्ग

चांदनी चौक से नयामुंडा होते हुए हाटकचोरा मार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग 30 की ओर आवागमन किया जा सकेगा।

कार्यक्रम स्थल पहुंचने के मार्ग

मुख्य मंच पर बैठने वाले अतिथियों के लिए आईजीपी बंगला तिराहा से होकर गणतंत्र द्वार के सामने पहुंचने के पश्चात लालबाग पीटीएस ग्राउंड में पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।

मीडिया एवं मंच के सामने बैठने वाले अतिथियों को जेल तिराहा, आईजीपी बंगला तिराहा होते हुए लालबाग सनसिटी मार्ग से क्योरों स्कूल के पीछे खाली मैदान में पार्किंग कर प्रवेश द्वार से कार्यक्रम स्थल में प्रवेश दिया जाएगा।

आम जनता के पहुंच मार्ग

कोडागांव, नगरनार एवं बकावंड से आने वाले आमागुड़ा चौक, गीदम एवं सुकमा रोड से आने वाले तेली मारेंगा बाईपास आड़ावाल से आमागुड़ा चौक, लोहंडीगुड़ा एवं जगदलपुर शहर के लिए चांदनी चौक नयामुंडा बोधघाट थाना के पीछे हाटकचोरा मार्ग से आमागुड़ा चौक पहुंच सकेंगे।

यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें तथा यातायात कर्मियों के निर्देशों का सहयोग करें ताकि कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

By- नरेश देवांगन 

जगदलपुर, शौर्यपथ। बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में कुम्हड़ाकोट में निर्मित ‘जनजातीय गौरव वाटिका’ का लोकार्पण आज किया जाएगा। इस भव्य वाटिका का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज शुक्रवार 6 फरवरी को शाम 5 बजे अपने कर-कमलों से करेंगे।

बस्तर वन मंडल द्वारा निर्मित इस वाटिका का उद्देश्य बस्तर की अनमोल जनजातीय विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ आमजन और पर्यटकों को जनजातीय जीवनशैली, कला और परंपराओं से परिचित कराना है। यह वाटिका आने वाले समय में बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य करेगी।

लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं अरुण साव अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, वहीं वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।

इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप तथा महापौर संजय पांडेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे।

जनजातीय गौरव वाटिका के उद्घाटन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। यह पहल बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत जशपुर को मिली पर्यटन विकास की बड़ी सौगात
होम-स्टे, रिसोर्ट, पाथवे, लैंडस्केपिंग सहित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का होगा विकास

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना का मयाली नेचर कैंप में विधिवत भूमिपूजन किया। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित इस परियोजना के तहत मयाली, विश्व प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत (विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग) तथा बगीचा स्थित कैलाश गुफा क्षेत्र में विभिन्न पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
यह परियोजना क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के संरक्षण के साथ-साथ समुदाय आधारित पर्यटन को सशक्त बनाएगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जशपुर जिले को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मयाली-बगीचा विकास परियोजना जशपुर जिले के पर्यटन विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। आज मयाली के विकास की मजबूत नींव रखी गई है। मयाली अब पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है और आने वाले समय में यह एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मयाली की पहचान सदियों से मधेश्वर महादेव से जुड़ी रही है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। इस विकास परियोजना के माध्यम से मधेश्वर पर्वत के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत मयाली डेम के समीप पर्यटक रिसोर्ट एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मयाली को एक समग्र इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां के जंगल, झरने, पहाड़ और समृद्ध आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा। श्री साय ने कहा इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा होम-स्टे नीति लागू की गई है, जिससे ग्रामीण परिवार पर्यटन गतिविधियों से सीधे जुड़कर आय अर्जित कर सकेंगे और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आई है। स्किल डेवलपमेंट सेंटर में टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोर्ट्स, हस्तशिल्प एवं डिजिटल बुकिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन बल्कि जशपुर की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं को भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

विकास कार्यों से बदलेगी मयाली की तस्वीर, उभरेगा नया पर्यटन केंद्र
मयाली क्षेत्र को प्राकृतिक, धार्मिक एवं ग्रामीण पर्यटन के समग्र गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत 5 पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस एवं कन्वेंशन हॉल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से पर्यटकों के ठहराव एवं विभिन्न आयोजनों की बेहतर व्यवस्था होगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
धार्मिक पर्यटन को सशक्त करने के लिए शिव मंदिर क्षेत्र में प्रवेश द्वार, टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का विकास किया जाएगा। वहीं बगीचा स्थित कैलाश गुफा परिसर में प्रवेश द्वार, पिकनिक स्पॉट, रेस्टिंग शेड, घाट विकास, पाथवे तथा सीढ़ियों एवं रेलिंग का जीर्णाेद्धार किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।
यह समस्त कार्य भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना के माध्यम से किए जाएंगे। परियोजना के पूर्ण होने से पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक-प्राकृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, विभिन्न बोर्ड-निगमों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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