August 07, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

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    किडनी रोगियों के लिए स्थानीय स्तर पर डायलिसिस की सुविधा, 19674 डायलिसिस सेशन के माध्यम से किडनी मरीजों को राहत

    प्रदेश के 10 और जिला अस्पतालों में शुरू होगी यह सुविधा, चरणबद्ध ढंग से सभी जिला चिकित्सालयों में डायलिसिस सुविधा

    रायपुर /शौर्यपथ/

    राष्ट्रीय नि:शुल्क डायलिसिस कार्यक्रम के तहत राज्य के आठ अस्पतालों में ‘जीवन धारा’ नाम से निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा प्रदान की जा रही है। किडनी रोगों से ग्रस्त मरीजों को लंबे समय तक बार-बार डायलिसिस कराना पड़ता है। इससे उन पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ता है। स्थानीय स्तर पर ही डायलिसिस की सुविधा मिलने से किडनी रोगों से पीड़ितों को अब दूर नहीं जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों के श्रम, धन और समय की भी बचत हो रही है। कोरोना काल में लॉक-डाउन के चलते जब सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं बंद थीं, उस समय अलग-अलग जिलों में संचालित, स्थानीय स्तर पर मौजूद इस सुविधा ने मरीजों को बड़ी राहत दी थी।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश के दस और जिला चिकित्सालयों में डायलिसिस सुविधा का विस्तार किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसके लिए गरियाबंद, रायपुर, धमतरी, जांजगीर, नारायणपुर, बालोद, बस्तर, दंतेवाड़ा, राजनांदगांव, सूरजपुर, बीजापुर, मुंगेली और कबीरधाम से जानकारी मांगी गई है। चरणबद्ध रूप से प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री  टी.एस. सिंहदेव प्रदेश के सभी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी पहल पर राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा दूर-दराज के इलाकों में भी अच्छी चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराने नई पहल की जा रही है।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रदेश के पांच जिलों दुर्ग, कांकेर, कोरबा, बिलासपुर और महासमुंद में वर्ष 2020 से ही निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस साल जून में जशपुर और सरगुजा में भी यह सुविधा शुरू की गई है। राष्ट्रीय नि:शुल्क डायलिसिस कार्यक्रम के तहत अब तक आठ शासकीय अस्पतालों में कुल 19 हजार 674 डायलिसिस सेशन किए जा चुके हैं। दुर्ग जिला अस्पताल में 4595, कोरबा जिला अस्पताल में 4191, कांकेर जिला अस्पताल में 3874, सिम्स (CIMS) बिलासपुर में 3103, महासमुंद जिला अस्पताल में 2331, सरगुजा जिला अस्पताल में 993, जशपुर जिला अस्पताल में 513 और बिलासपुर कोविड अस्पताल में 74 सेशन किए गए हैं।

     

    लाइफ स्टाइल /शौर्यपथ/ 

    ठंड के मौसम में कई बार खाने की नुकसानदेह आदतें लग जाती हैं। इसमें हैरानी नहीं कि हम सर्द सुबह में बाहर

    जाकर पसीना बहाने के लिए प्रेरित महसूस नहीं करते। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि इंडोर एक्सरसाइज के साथ सही भोजन से हम स्वस्थ जीवनशैली का संतुलन पा सकते हैं। ये रहे कुछ सुझावः

    1. सूपः सर्द शाम का बेहतरीन साथी। अगर आप अनाज की खुराक के लिए होल ग्रेन क्रैकर्स (बिस्किट का प्रकार) के साथ सूप पिएंगे तो यह रात के लिए सबसे अच्छा हल्का भोजन होगा।

    2. हल्दीयुक्त दूधः यह सर्दियों का सर्वश्रेष्ठ पेय है। सर्दी-खांसी रोकने का यह पुराना नुस्खा है और इम्यूनिटी बढ़ाता है।

    3. भोजनः आलू संपूर्ण भोजन है, खासतौर पर युवाओं के लिए। इसमें विटामिन सी और बी6 होता है। एक मध्यम आलू आपकी दिनभर की 25-29% जरूरत पूरी कर देता है। आलू फोलेट का अच्छा स्रोत है जो गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी है। अंडे की जर्दी में ल्यूटीन होता है, जो आंखें स्वस्थ रखता है। ब्रॉकली में भरपूर विटामिन सी है जो झुर्रियां और उम्र संबंधी रूखापन दूर करता है।

    4. जड़ वाली और पत्तेदार सब्जियांः शलजम, गाजर, चुकंदर जैसी जड़ वाली सब्जियां और हरी पत्तेदार सब्जियां न सिर्फ सर्दियों में खूब ऊगती हैं, बल्कि विटामिन ए, सी और के से भरपूर होती हैं।

    5. फलः अनार में काफी एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इसका रस उन लोगों में हृदय तक रक्त प्रवाह बेहतर करता है जो मायोकार्डिएल इसकीमिया से पीड़ित हैं। इस रोग में दिल तक ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है क्योंकि नसों में अवरोध आ जाता है। एक संतरा आपकी दिनभर की विटामिन सी की जरूरत पूरी कर देता है। पकी मौसमी में कैरोटेनॉइड होता है जो त्वचा मुलायम बनाता है। टमाटर, गाजर, अमरूद और लाल मिर्च से लायकोपीन मिलता है, जो त्वचा को यूवी के नुकसान से बचाता है।

    6. मसाला चायः क्या आपको हमेशा कुछ गर्म पीने की इच्छा होती है क्योंकि आप बोर हो रहे हैं या अच्छा महसूस नहीं कर रहे और कुछ उत्साह चाहते हैं? इसका सबसे अच्छा तरीका है मसालेदार चाय, लेकिन हेल्दी सूप के बाद क्योंकि यह बिना नुकसान उत्साह भी देता है।

    7. योगः व्यायाम का यह प्रकार घर में आसानी से कर सकते हैं। अगर आपने पहले कुछ क्लास ली हैं और वे याद हैं तो बस शुरू हो जाएं।

    8. सीढ़ियां चढ़ना-उतरनाः अगर आपका दो मंजिला मकान है तो यह अच्छी एक्सरसाइज है। अगर आप ऊंची इमारत के फ्लैट में रहते हैं, तो मजबूत बाथरूम स्टूल लाकर उसे टीवी के सामने रखिए और अपना पंसदीदा शो देखते हुए, स्टूल पर चढ़िए-उतरिए। इससे आपका शरीर सक्रिय और स्वस्थ रहेगा।

    9. घर में व्यायामः आप रस्सी कूदने और डांस जैसे स्वाभाविक व्यायाम कर सकते हैं। लेकिन अगर इससे आपकी नीचे वाली मंजिल के लोग परेशान हों तो विशेषज्ञ सफाई के काम, खासतौर पर झाड़ू-पोंछा करने की सलाह देते हैं। यह एक तीर से दो निशाने जैसा है। घर की सफाई के साथ आपकी फिटनेस भी।

    10. ऑनलाइन वर्कआउटः अगर आप पुशअप, स्क्वाट्स या क्रंचेस करना चाहते हैं तो इनके ढेरों ऑनलाइन वीडियो हैं। हालांकि मैं इन्हें ट्रेनर की निगरानी में करने की सलाह दूंगा।

    फंडा यह है कि सर्दियों का मतलब है शानदार और स्वादिष्ट भोजन लेकिन इसका मतलब खुद को हमेशा की तरह स्वस्थ रखने के लिए वर्कआउट करना भी है।

     

    अमित शाह ने कहा, "समाजवादी पार्टी सपना देख रही है कि वह उत्तर प्रदेश में फिर से सत्ता में आएगी और वे राम जन्मभूमि पर चल रहे कार्यों को रोक देंगे. अखिलेश जी, अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को कोई नहीं रोक सकता.'

    जालौन /शौर्यपथ/

     केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  ने रविवार को कहा कि समाजवादी पार्टी  प्रमुख अखिलेश यादव  उत्तर प्रदेश  में सत्ता में वापस आने और राम जन्मभूमि में चल रहे निर्माण कार्यों को रोकने का सपना देख रहे हैं. अखिलेश यादव पर शाह ने जालौन के उरई में जन विश्वास यात्रा की जनसभा को संबोधित करते हुए निशाना साधा. अमित शाह ने कहा, "समाजवादी पार्टी सपना देख रही है कि वह उत्तर प्रदेश में फिर से सत्ता में आएगी और वे राम जन्मभूमि पर चल रहे कार्यों को रोक देंगे. अखिलेश जी, अयोध्या में राम मंदिर (Ram Temple) के निर्माण को कोई नहीं रोक सकता.'

     गृह मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि सपा और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) जातिवादी दल हैं और सपा सरकार के तहत तीन 'P' थे- परिवारवाद, पक्षपात और पलायन.

     उन्‍होंने कहा, 'योगी सरकार ने 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का कर्ज माफ किया है. हमारी सरकार ने केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना को फिर से शुरू किया है. हमने पांच साल में पांच एक्सप्रेसवे बनाए हैं. 70 साल में केवल 12 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन पांच साल में हमने 30 मेडिकल कॉलेजों का निर्माण किया है. पहले 1,900 सीटें थीं, अब 3,800 हैं.'

     बता दें, उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 403 सीटों वाली विधानसभा में से 312 सीटें हासिल की थीं, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) को 47 सीटें मिली थीं. बसपा को 19 और कांग्रेस केवल 7 सीटों पर ही जीतने में कामयाब रही.

     

     

     

    चंडीगढ़ /शौर्यपथ /

    पंजाब चुनाव से ठीक पहले अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) ने आज चंडीगढ़ निकाय चुनाव में शानदार एंट्री मारी. निकाय चुनाव में भाजपा को दूसरे नंबर पर धकेलते हुए ज्यादात्तर सीटों पर कब्जा कर लिया है. पार्टी ने इसे अगले साल की शुरुआत में होने वाले पंजाब चुनाव का "ट्रेलर" बताया. नगर निकाय की 35 सीटों में से 14 सीटें आम आदमी पार्टी ने जीती हैं. वहीं 12 सीटों के साथ भाजपा दूसरे नंबर पर है. आठ सीटें कांग्रेस, और अकाली दल ने एक सीट हासिल की है. चंडीगढ़ निकाय चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान हुआ था.

    AAP के राघव चड्ढा ने कहा, 'चंडीगढ़ चुनाव ट्रेलर है, पंजाब पूरी फिल्म होगी. चंडीगढ़ का मूड पंजाब का मूड है. सभी AAP को वोट दे रहे हैं. शुरुआती रुझान साबित करते हैं कि लोगों ने अरविंद केजरीवाल को मौका देने का फैसला किया है.'

    भाजपा को एक बड़ा झटका लगा है कि इसके मौजूदा मेयर रविकांत शर्मा और पूर्व मेयर दवेश मौदगिल - को आप उम्मीदवारों ने हरा दिया है. आप की चुनाव प्रचार समिति के प्रमुख चंद्र मुखी शर्मा भी चुनाव हार गए हैं.

    पिछले चुनाव में, भाजपा ने 20 और उसके पूर्व सहयोगी अकाली दल ने एक सीट जीती थी. कांग्रेस केवल चार सीटें जीतने में सफल रही थी. हर बार निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने को मिलती थी, लेकिन इस बार पंजाब चुनाव से पहले यह कांग्रेस, आप, भाजपा और अकाली दल-बसपा गठबंधन के बीच चौतरफा मुकाबला हो गया.

     

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत की बड़ी बहन  सुमित्रा बाई महंत के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

     

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऐलान किया था कि बच्चों को 3 जनवरी से कोरोनावायरस के खिलाफ टीका लगाया जा सकता है.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    15 से 18 साल की उम्र के बच्चे CoWIN ऐप पर 1 जनवरी से वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सरकार ने सोमवार सुबह कहा कि इसके लिए बच्चे स्टूडेंट आईडी का इस्तेमाल कर सकते हैं. एएनआई ने CoWIN प्लेटफॉर्म के प्रमुख डॉ आरएस शर्मा के हवाले से लिखा है कि CoWIN पर छात्रों को पंजीकरण के लिए अपने आईडी कार्ड का उपयोग करने के लिए प्रावधान किया है, क्योंकि हो सकता है कि कुछ के पास आधार कार्ड ना हों.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऐलान किया था कि बच्चों को 3 जनवरी से कोरोनावायरस के खिलाफ टीका लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा था कि इससे वायरस के खिलाफ लड़ाई को बढ़ावा मिलेगा और देश भर के स्कूलों को सामान्य स्थिति में लौटने में मदद मिलेगी.

     

     

     

     

     

    रायपुर /शौर्यपथ/ 

    आपने शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और राजनेताओं के स्मारक देखे-सुने होंगे, लेकिन राजधानी से महज 103 किमी दूर मुंगेली के फंदवानी-कांपा में लोगों ने देहदान करने वाले गांव के एक समाजसेवी का स्मारक बनवा दिया है। यह स्मारक है चंद्रिका आर्य का, जिनका हाल में 49 वर्ष की आयु में निधन हुआ और उनके ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों के लोगों के बीच वे बेटियों की शिक्षा का अलख जगाने वाले समाजसेवी के रूप में जाने जाते रहे।

    चंद्रिका ने देहदान की घोषणा काफी अरसा पहले कर दी थी। मृत्यु के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने तय किया कि दशगात्र-तेरहवीं में पैसे खर्च न कर गांव में चंद्रिका का स्मारक बनवाया जाए। देहदानी चंद्रिका प्रसाद आर्य की तस्वीर के साथ इस स्मारक का अनावरण 19 दिसंबर को हुआ। यह ऐसी मिसाल बना कि आसपास के कई गांवों के 100 से ज्यादा लोगों ने देहदान का संकल्प ले लिया, ताकि मेडिकल छात्रों की पढ़ाई में आसानी हो। यह मामला सिर्फ देहदान से नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों में फैली कई तरह की भ्रांतियों में से एक को तोड़नेवाला भी है।

    चंद्रिका ने मृत्यु से पहले ही अपनी बेटियों, बेटों व भाईयों से कह दिया था कि उनके शव को न जलाया जाए, न दफनाया जाए। बल्कि मेडिकल कॉलेज के छात्रों को पढ़ाई के लिए दान किया जाए। 9 दिसंबर 2021 को मौत के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने चंद्रिका की इच्छा के अनुरूप सिम्स बिलासपुर को उनका शवदान कर दिया। सबने मिलकर निर्णय लिया कि तेरहवीं-दशगात्र में पैसा खर्च करने से अच्छा है कि चंद्रिका के नाम से स्मारक बनाया जाए, ताकि सदियों तक लोग उनके इस दान को याद रखें।

    बेटियों की शिक्षा का अलख
    चंद्रिका के भाई एमडी आर्य ने बताया कि उनके भाई गांव के पहले मैट्रिक पास व्यक्ति थे। पढ़ाई के प्रति उनकी इतनी रुचि थी कि उन्होंने अपनी चारों बेटियों के साथ-साथ 2 बेटों की शिक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी, बल्कि जीवनभर पूरे गांव को बेटियों की शिक्षा के लिए प्रेरित करते रहे। चंद्रिका ने कृषक होते हुए शिक्षा गारंटी के तहत 1 साल तक स्कूलों में पढ़ाया। यही नहीं, गुरु घासीदास सेवादार संगठन के तहत गांव के विकास कार्यों से भी जुड़े रहे।

    देहदान इसलिए महत्वपूर्ण, 10 छात्रों के बीच एक बॉडी

    छत्तीसगढ़ में 7 शासकीय, 3 निजी मेडिकल कॉलेज और 1 एम्स को मिलाकर एमबीबीएस की 1300 से अधिक सीटें हैं। एनएमसी गाइडलाइन के मुताबिक 10 छात्रों के बीच डिसेक्शन के लिए 1 बॉडी चाहिए, लेकिन यहां 50 छात्रों में एक देह का औसत है। दरअसल, केवल रायपुर मेडिकल कालेज ही ऐसा है जहां 180 सीटों के लिए साल में कभी 7 तो कभी 8 बॉडी दान में मिल जाती हैं। इसे दूसरे मेडिकल कालेज उधार भी ले जाते हैं।

     

    भिलाई /शौर्यपथ/ 

    देश में विश्व की सबसे लंबी अटल टनल बनाए जाने के बाद अब एक नई टनल का निर्माण वर्ष 2017 में शुरू हुआ है। यह एशिया की सबसे लंबी बाय डायरेक्शनल (दो टनल को जोड़कर) बनाई जाने वाली पहली टनल होगी। इसे जोजिला टनल नाम दिया गया है। इसकी लंबाई करीब 14.2 किलोमीटर है। इसमें बीएसपी के स्पेशल ग्रेड के लांग की भूकंपरोधी टीएमटी और जंगरोधी स्ट्रक्चरल प्रोडक्ट प्लेट शामिल हैं। करगिल से श्रीनगर तक आवागमन इससे सुगम हो पाएगा। इसके अलावा पूरे साल आवाजाही हो सकेगी।

    जोजिला टनल के निर्माण से सालभर आवागमन हो सकेगा सुगम

    जोजिला टनल वर्तमान में निर्माणाधीन केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कारगिल जिले में सोनमर्ग और द्रास शहर के बीच हिमालय में जोजिला पास के तहत 14.2 किमी लंबी सुरंग है। टनल शुरू होने के बाद श्रीनगर और कारगिल के बीच यह साल भर सड़क संपर्क सुनिश्चित करेगा। जोजिला सोनमर्ग से 15 किमी और लद्दाख में द्रास और कारगिल के साथ एक महत्वपूर्ण कड़ी प्रदान करने का काम करेगा।

    14.2 किमी लंबी सुरंग का काम जारी है

    2017 में प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया

    15 किमी पर सोनमर्ग-जोजिला टनल की कड़ी

     

    पोलावरम प्रोजेक्ट से आंध्रप्रदेश का पानी संकट होगा दूर

    आंध्र प्रदेश में पानी का संकट को दूर करने के लिए गोदावरी नदी को कृष्णा और पेन्ना नदी से जोड़ने के लिए पोलावरम प्रोजेक्ट पर 75 वर्षों से प्लानिंग बन रही थी। तीनों नदियों के जुड़े नहीं होने से 3000 टीएमसी पानी समुद्र में बह जाता है। करीब 46 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर क्रियान्वयन का काम 2020 में शुरू किया गया। प्रोजेक्ट से आंध्रप्रदेश के 23.20 लाख एकड़ खेतों को सिंचित किया जा सकेगा।

    अटल टनल में दो तिहाई से ज्यादा इस्पात बीएसपी का लगा

    राष्ट्रीय महत्व का विश्व का सबसे बड़ा अटल टनल का निर्माण पूरा होने के बाद इसका इस्तेमाल भी शुरू हो चुका है। इस प्रोजेक्ट में 15 हजार टन स्टील प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया गया। इसमें से दो तिहाई यानी करीब 9 हजार टन उत्पाद की सप्लाई बीएसपी द्वारा की गई। इनमें 6500 टन टीएमटी और 1500 स्ट्रक्चरल और 1000 टन प्लेट की सप्लाई की गई। स्टील के इन उत्पादों का इस्तेमाल टनल के बाक्स बनाने में किया गया। इनके अलावा भी बीएसपी के कई उत्पादों का अन्य राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट में किया जा रहा है। बीएसपी में तैयार प्रोडक्ट की लगातार देश सहित एशिया में डिमांड बनी हुई है।

     

    रिसाली /शौर्यपथ/

    रिसाली का महापौर और सभापति कौन बनेगा भले इसे लेकर अधिक माथापच्ची न हो, लेकिन मुख्यमंत्री यह नाम बहुमत से ही तय करना चाहते हैं। यही कारण है कि जब गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के साथ रिसाली से विजेता कांग्रेस पार्षद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलने उनके निवास पर पहुंचे तो उन्होंने उनके साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने पार्षदों पूछा कि रिसाली में महापौर और सभापति किसे बनाना चाहिए। इस पर पार्षदों ने यह निर्णय मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के ऊपर ही छोड़ दिया। इससे सीएम खुश हुए और कहा जल्द ही रिसाली की नगर सरकार का गठन किया जाएगा।

    रिसाली नगर निगम के लिए हुआ यह निकाय चुनाव पहला चुनाव है। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का क्षेत्र होने के चलते ही यहां पहली बार कांग्रेस की नगर सरकार बन रही है। पहले निकाय चुनाव के बाद 23 दिसंबर को मतगणना में कांग्रेस को बहुमत मिला है। यहां कांग्रेस ने बहुमत के साथ अपना परचम लहराया है। कांग्रेस ने यहां 21 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं भाजपा को 12 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। इसके अलावा 7 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी है।

    चुनाव जीतने के बाद गृहमंत्री ने किसी भी पार्षद को बाहर तो नहीं भेजा, लेकिन सभी को हिदायत दी गई थी कि बना जानकारी वह कहीं भी नहीं जाएंगे। इसके बाद गृहमंत्री रविवार सभी पार्षदों को लेकर सीएम हाउस रायपुर पहुंचे और वहां सभी लोगों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने रिसाली के सभी विजेता कांग्रेस प्रत्याशियों का एक-एक कर मुख्यमंत्री से परिचय करवाया। सीएम ने सभी पार्षदों जीत की बधाई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उनके साथ मंत्रणा की और महापौर व सभापति के पद नाम पर चयन को लेकर उनकी राय मांगी। इस पर पार्षदों ने अंतिम निर्णय सीएम और गृहमंत्री पर डाल दिया, जिससे मुख्यमंत्री काफी खुश हुए।

    मुलाकात के दौरान यह लोग भी रहे मौजूद

    सीएम से मुलाकात के दौरान नव निर्वाचित पार्षदों के साथ ही रिसाली निगम के चुनाव प्रभारी सुदेश देशमुख, बृजमोहन सिंह, चुनाव संचालक जितेंद्र साहू, हेमंत बंजारे, संतोष देशमुख, विनोद गुप्ता, जाकिर अहमद, मोंटू तिवारी, राकेश मिश्रा, अमित, ओम प्रकाश साहू, हेमंत सोनी व रितेश सिंह आदि उपस्थित रहे।

     

    दुर्ग भिलाई /शौर्यपथ/

    भिलाई नगर निगम का महापौर कौन होगा यह तो अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन यह जरूर तय हो गया है कि महापौर की ताजपोशी नए साल पर होगी। फिलहाल सभी कांग्रेसी विजेता पार्षद प्रत्याशी और कांग्रेस में शामिल हुए पार्षद प्रत्याशी पांच सितारा लाइफ को इंजॉय कर रहे हैं। रायपुर के एक निजी होटल में तीन दिन तक रहने के बाद सभी पार्षदों को विशाखापट्नम ले जाया गया है। इसके बाद उन्हें गोवा टूर कराया जाएगा। नए साल में सभी पार्षद एक साथ भिलाई पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री द्वारा तय किए गए नाम को महापौर बनाने की अपनी सहमति देंगे।

    भिलाई नगर निगम के 70 वार्डों के लिए हुए नगरीय निकाय चुनाव में 36 पार्षद कांग्रेस, 25 पार्षद भाजपा और 9 निर्दलीय जीतकर आए हैं। भिलाई में नगर सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को बहुमत मिल चुका है। इसके साथ ही महापौर के लिए मंथन भी शुरू हो गया है। एक तरफ जहां लगातार तीन से चार बार के पार्षद नीरज पाल और लक्ष्मीपति राजू दावेदारी कर रहे हैं तो वहीं सेक्टर 10 से कांग्रेस पार्षद सुभद्रा सिंह का तेवर अलग ही इशारा कर रहा है। वहीं इन तीन धुरंधरों के बीच भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के चहेते एकांश बंछोर का नाम तेजी से चल रहा है।

    इन चार नामों के अलावा एक नाम और है जो तेजी से सामने आ रहा है वह है संदीप निरंकारी का। संदीप की दावेदारी भी काफी मजबूत मानी जा रही है। महापौर का नाम फाइनल करने के लिए मुख्यमंत्री निवास रायपुर में सीएम के साथ सभी की एक दौर की बैठक भी हो चुकी है। बैठक में यह मांग तेजी से उठाई गई कि जब महापौर की सीट सामान्य है तो वहां महापौर भी सामान्य ही बनना चाहिए। अभी नाम तय तो नहीं हुआ, लेकिन यह जरूर तय हो गया है कि महापौर का शपथ ग्रहण नए साल में होगा।

    एकांश और संदीप पर अटकी सुई

    कांग्रेस के एक विजेता पार्षद उम्मीदवार से बात होने पर उसने बताया कि महापौर की ताजपोशी 3 जनवरी को हो सकती है। फिलहाल जो नाम तय हुआ है उसमें सबसे ऊपर नाम एकांश बंछोर का है। संदीप निरंकारी ने भी अपनी दावेदारी की है, लेकिन उसे सभापति का पद देने पर विचार किया जा रहा है। महापौर बनाए जाने को लेकर नीरज पाल, सुभद्रा सिंह और लक्ष्मीपति राजू ने अपना पक्ष रखा है, जिस पर अभी फाइनल विचार करना बाकी है।

    अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री का

    भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव का कहना है कि महापौर कौन बनेगा इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। सीएम हाउस में सभी विजेता पार्षद दाऊ का आशीर्वाद लेने के लिए गए थे। वहां पर चर्चा भी हुई है। भिलाई नगर को नया महापौर नए साल पर मिलेगा यह तय हुआ है। दिसंबर तक महापौर के शपथ ग्रहण की कोई संभावना नहीं है।

     

     

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