September 17, 2026
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    बिलासपुर

    बिलासपुर (234)

    बिलासपुर/ शौर्यपथ / जिला भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा ने कोविड-19 वेक्सीन लगवाने हेतु आमनागरिकों को प्रेरित करने का निर्णय लिया गया। जिला अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष सैय्यद मकबूल अली ने आज भारतीय जनता पार्टी कार्यालय करबला रोड बिलासपुर में आयोजित मोर्चा की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मोर्चा के प्रदेश इकाई द्वारा कोरोना महामारी के वेक्सीन लगवाने हेतु पूरे प्रदेश के साथ साथ बिलासपुर जिले में भी आमनागरिकों को प्रेरित करने का दायित्व सौंपा है। इस हेतु मोर्चा द्वारा मस्जिदों, गुरूद्वारा, चर्च, मंदिर आदि धार्मिक पर पहुॅचकर लोगों को वेक्सीन लगवाने प्रेरित करेंगे। इस आयोजन को सफल बनाने में मोर्चा के सभी कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों को जवाबदारी सौंप दी गई है।
    इस मौके पर बैठक में मोर्चा के जिला प्रभारी अमरजीत सिंह दुआ, डिम्पल सिंह, नवीन मसीह, सबा सम्स, नजीर खान, मोहम्मद हफीज, अनवर अशरफी, शाहिज रजा, सिकन्दर खान, अजय फ्रांसिस सुब्बा, मोहम्मद वसी खॉ, मोहम्मद हाफीज, निलेश मसीह, प्रमोद, बरकत अली, अमजद खान, नवशाद अली, कमलजीत अजमानी, इमरान खान, शेख जावेद, शाबिर खान, परवेज खान, हरजिंदर सिंह मक्कड़, संजय मसीह, शेखर मसीह, विवेक लाल, राज कुमार सरदार, रशीद उल्ला, खैरून निशा सहित मोर्चा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बिलासपुर में आयोजित न्यायधानी गौरव सम्मान कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों का सम्मान किया। कार्यक्रम मंे मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर से मेरा आत्मीय संबंध रहा है। अरपा नदी से भावनात्मक लगाव है, जीवनदायिनी अरपा नदी हमारा गौरव है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।


        मुख्यमंत्री बघेल ने न्यायधानी गौरव सम्मान, बिलासपुर की बात कार्यक्रम में चर्चा के दौरान विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप एस. पुरी से कई दौर की बैठकें हुई हैं। 3 सी कैटेगरी लाइसेंस के लिए काफी प्रयास करना पड़ा है। छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य है जहां एयरपोर्ट के लिए पारित अशासकीय संकल्प में ही 27 करोड़ रूपए के बजट का प्रावधान कर दिया गया था। जिस प्रकार बिलासपुर जिले को एयरपोर्ट की सुविधा दी गई है उसी प्रकार जिले के विकास के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने कार्गो हब की मांग इसलिए की है ताकि यहां के उत्पादों को बाहर का बाजार मिल सके। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के कोदो कुटकी को हम ब्रांड बना सके। यहां के उत्पादों में वैल्यू एडीशन की आवश्यकता है। हम सी-मार्ट खोलने का प्रयास कर रहें हैं, जिससे छत्तीसगढ़ में उत्पादित सभी वस्तुएं एक ही जगह पर लोगों को आसानी से मिल जाए। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश किसानों का प्रदेश है। सरकार किसानों के हित के लिए सदैव प्रयासरत् है। किसानों के हित में हम लगातार लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अधोसरंचना विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
    कार्यक्रम में उच्च शिक्षा एवं तकनीकी मंत्री उमेश पटेल, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, महापौर बिलासपुर रामशरण यादव, बिलासपुर विधायक शैलेष पाण्डेय, संसदीय सचिव एवं तखतपुर विधायक श्रीमती रश्मि आशीष सिंह, बेलतरा विधायक रजनीश सिंह, मस्तूरी विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, लोरमी विधायक धरमजीत सिंह, नगर निगम के सभापति शेख नजरूद्दीन, अटल श्रीवास्तव, विजय केशरवानी सहित बड़ी संख्या मंे जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

    बिलासपुर / शौर्यपथ / मस्तूरी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की आपसी लड़ाई का एक अच्छा प्रभाव यह हुआ कि सामान्य जनता बिलासपुर कलेक्ट्रेट आकर ग्रामीण क्षेत्रों में हुए बेजा कब्जे की जानकारी स्वत: दे रही है। इसी क्रम में ग्राम केंवतरा के निवासियों ने बिलासपुर कलेक्ट्रेट में एक शिकायत करते हुए कहा कि ग्राम की खसरा नंबर 634 /1 तथा 630 शासकीय मध्य की जमीनें हैं इन्हीं में से 1 एकड़ 17 डिसमिल भूमि पर आईटीआई बना है आईटीआई की कुल जमीन में से कुछ पर 40 से 50 परिवारों ने कब्जा कर लिया है। आम जनता ने कहा कि शैक्षणिक परिसर में बेजा कब्जा धारी को हटाए असल में कुछ दिन पूर्व इसी गांव में मस्तूरी जनपद के पूर्व जनप्रतिनिधि पृथ्वी पाल राय ने एक लगानी जमीन खरीदी थी जिस पर जाने का रास्ता शासकीय जमीन पर से था।
    ऐसा बताया जाता है कि उन्होंने अपनी जमीन पर जाने के लिए विधिवत एसडीएम से मार्ग आवंटन न करा कर सरपंच की सेहमति भर ली और अतिक्रमणकारियों को हटाने का प्रयास किया वह जब कभी भी शासकीय जमीन पर मुरम गिराते थे तो रात के समय मजदूर काम करते थे आम जनता को इस मामले में लुका छुपी समझ आती है इसी कारण अब पूरे गांव के बेजे कब्जे का खेल उजागर हो गया है। बताने वाले तो यहां तक कहते हैं कि इस गांव के 3 किलोमीटर पहले की ग्राम पंचायत में 1996 में 3 एकड़ जमीन पुलिस विभाग को आवास बनाने के लिए आवंटित की गई थी किंतु अब इस जमीन पर एक जनप्रतिनिधि ने कब्जा कर रखा है । चर्चा यहाँ तक चल रही है कि मस्तूरी का एक नायब तहसीलदार बेजा कब्जे को ना हटाकर भेदभाव पूर्ण तरीके से अपना निजी आर्थिक हित साधते हुए कार्यवाही करता है।
    अजीत सिंह की रिपोर्ट बिलासपुर से

    बिलासपुर / शौर्यपथ / एक समय था जब न्यायालय के आदेश के बाद ऐसा माना जाता था कि अब आदेश के पालन में सरकारी अधिकारी कहीं कोई भूल चूक नहीं करेगा किंतु अब ऐसा नहीं है मस्तूरी क्षेत्र के थाना क्षेत्र पंचपड़ी के निवासी भूषण प्रसाद मधुकर जो स्वयं निर्वाचित जनप्रतिनिधि रहे हैं को मस्तूरी तहसीलदार शायद राजनैतिक दबाववश कब्जा नहीं दिला पा रहे है। पूरा मामला यह है कि भूषण प्रसाद मधुकर को पैतृक संपत्ति के बंटवारे में खसरा नंबर 262/7 रकबा 0.24 एकड़ भूमि प्राप्त हुई है। आवेदक की इस भूमि पर झड़ीराम और 12 अन्य लोग व्यवसाय संचालित करते हैं यह जमीन मुख्य मार्ग पर है भूषण प्रसाद मधुकर एसडीएम न्यायालय से लेकर व्यवहार न्यायालय, जिला सत्र न्यायालय और उसके बाद उच्च न्यायालय तक से प्रकरण जीत चुके हैं। आरंभ से लेकर उच्च न्यायालय तक झड़ीराम पिता समय लाल व अन्य 12 लोगों को मुंह की खानी पड़ी किंतु व्यवस्था है कि मधुकर को कब्जा नहीं मिल पाया .
    उच्च न्यायालय के आदेश के बाद तहसीलदार मस्तूरी ने काफी टालमटोल के बाद 22-07-2019 को बेदखली वारंट जारी किया वारंट के आधार पर जामदार तहसील कार्यालय मस्तूरी , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, बिलासपुर को ज्ञापन देकर पुलिस बल निवेदन किया गया तय तिथि पर पुलिस बल प्राप्त हुआ किंतु तहसीलदार किसी अन्य जगह चले गए और कब्जा दिलाने नहीं आए। माननीय उच्च न्यायालय ने 15-10-2019 को भूषण प्रसाद मधुकर के पक्ष में आदेश पारित किया था जिसमें स्पष्ट निर्देश था कि आदेश दिए जाने के 60 दिन के भीतर आवेदक को भूमि का कब्जा दिला दिया जाए किंतु तहसीलदार ने ज्ञापन तो जारी किया बेदखली वारंट जारी किया पर तय तिथि पर कब्जा दिलाने नहीं पहुंचे यह बात समझ के परे है कि एक तहसीलदार उच्च न्यायालय के आदेश की अनदेखी कैसे कर सकते है .
    ऐसा भी नहीं है कि खसरा नंबर 262/ 7 का कोई प्रकरण न्यायालय में लंबित हो और उस पर स्थगन प्राप्त हो बिलासपुर जिले में नायब तहसीलदारों की मनमानी हद से ज्यादा बढ़ती जा रही है शायद इसके पीछे उन्हें प्राप्त राजनीतिक संरक्षण ही एकमात्र कारण है अब देखने लायक होगा कि मस्तूरी के इस नायब तहसीलदार के खिलाफ मस्तूरी के एसडीएम और जिला कलेक्टर बिलासपुर क्या रुख अख्तियार करते हैं । इसके पूर्व सरकारी जमीन को निजी खाते में डाल देना के कारण बिल्हा के नायब तहसीलदार को निलंबित किया जा चुका है ऐसा लगता है कि मस्तूरी में कोई अन्य कानून काम करता है तभी तो नायाब तहसीलदार पिछले 3 वर्ष से सरकारी नियमों को मनमर्जी लागू करते हैं या अनदेखा कर देते हैं किंतु उनके विरुद्ध कभी कोई कार्यवाही नहीं होती।

    बिलासपुर / शौर्यपथ / चंद्रपुरिहा (गुप्ता) कसौधन वैश्य समाज के द्वारा जूना बिलासपुर में आयोजित श्रीमद भागवत पुराण में शामिल हुए अधारशिला प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन,समाजसेवी शिक्षाविद डॉ अजय श्रीवास्तव एवँ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविन्द शुक्ला ,कथा वाचक पण्डित महेश तिवारी का आशिर्वाद प्राप्त कर, प्रसाद ग्रहण किया ।
    अजय श्रीवास्तव ने कहा जूना बिलासपुर , बिलासपुर का हदय स्थल है, यँहा के लोगो मे एक अपनापन है बिलासा दाई के द्वारा बसाया हुआ यह बिलासपुर शहर की झलक आज भी जूना बिलासपुर में देखने को मिलती है।
    वहीं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविन्द शुक्ला ने अपना अनुभव को साझा करते हुए कहा कि जूना बिलासपुर में अक्सर भक्ति से जुड़े आयोजन होते रहते है, बिलासपुर की कोई सी भी त्यौहार की रौनक देखना हो तो आप जूना बिलासपुर चले आये, नवरात्रि में माँ दुर्गा का विराजना हो,या हमारे छतीसगढ़ की मनाया जाना वाला भोजली,पोला हो । शुक्ला ने कहा यँहा के रहने वाले लोगो में आस्था को लेकर बड़ी सजगता एवँ जुड़ाव है।
    शिक्षाविद डॉ अजय श्रीवास्तव एवँ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविन्द शुक्ला ने इस शानदार आयोजन के लिए कसौधन वैश्य गुप्ता समाज के सरंक्षक शिव पताप साव ,अध्यक्ष आशीष गुप्ता ,सचिव राजीव गुप्ता एवँ समाज के समस्त सदस्यों को बधाई एवँ शुभकामनाएं,,,।
    आज के इस आयोजन में जूना बिलासपुर के समस्त नागरिकगण एवँ श्रद्धालुओं की शानदार उपस्थिति रही,पूरा पंडाल श्रीमद भागवत के रसपान का आनन्द लिया ।

    बिलासपुर / शौर्यपथ / नेशनल हाईवे 130 विकास की आड़ में आम जनजीवन को ध्वस्त करता हुआ आगे बढ़ रहा है। करोड़ों का ठेका लेने वाली कंपनी के पास पानी छिड़काव की मशीन बदलने तक का पैसा नहीं है । इन दिनों हाईवे का यह काम रतनपुर की आगे की ओर चल रहा है कंपनी के पास रोज बिना सूचना दिए पहाड़ को ध्वस्त करने के लिए पूंजी उपलब्ध है किंतु उसी पहाड़ पर क्रेशर से उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए पानी छिड़कने वाली मशीन बदलने का पैसा नहीं है। काम लेते समय कंपनी सरकार के साथ जिस एमओयू को साइन करती है उसमें स्पष्ट लिखा होता है कि सर्विस रोड पर और क्रेशर के आसपास पानी का छिड़काव नियमित किया जाएगा जब कभी भी कोई व्हीआईपी यहां से निकलता है तब तो छिड़काव कर दिया जाता है शेष दिनों पर यह स्थाई जुमला है की मशीन खराब है । इस मामले में सक्षम अधिकारी कुछ भी कहने से कतराते नजर आते हैं। गौरतलब है कि 130 नेशनल हाईवे की मूल कंपनी अदानी ग्रुप है।

    बिलासपुर / शौर्यपथ / केंद्र सरकार ने फरवरी माह के प्रथम दिन ही अनलॉक की चौथी प्रक्रिया शुरू कर दी इसके बावजूद बिलासपुर के कुछ सरकारी कार्यालय आज भी लॉक डाउन का गाइडलाइन उपयोग कर रहे हैं असल में यह अधिकारी अब प्रश्नों से बचने के लिए लॉकडाउन और कोविड संक्रमण की आड़ ले रहे हैं ऐसे ही विभागों में शामिल है बिलासपुर जिला आबकारी कार्यालय पूर्व में इस दफ्तर का दरवाजा खुला रहता था किंतु अब सब कुछ सामान्य हो जाने के बाद भी दरवाजे पर  ही कोविड  संक्रमण का बोर्ड टंगा है नागरिक जब कभी भी इस कार्यालय में पहुंचते हैं तो उन से बाहर रहने को कहा जाता है कार्यालय के भीतर जानबूझकर पुरानी सरकारी फाइलों को इस बेहतरकी होकर डंप कर दिया गया है कि कोई भी उसी स्थान पर खड़ा नहीं हो सकता कार्यालय में उपस्थित स्टॉप तीखे और अवहेलना भरे स्वर में बार-बार बाहर जाने का आदेश देता रहता है वैसे भी आबकारी विभाग के कार्यालय में आम नागरिकों का कोई काम नहीं है फिर भी ऐसा दफ्तर बिलासपुर में अन्य जगह दिखाई नहीं देता। 

    बिलासपुर / शौर्यपथ / खनिज के उत्खनन के बाद उसे गंतव्य तक पहुंचाने के  पहले डिपो में रखा जाता है। इस काम के लिए बकायदा अनुमति की आवश्यकता होती है सबसे अधिक डिपो कोयले के लिए उपयोग किए जाते हैं। हाल ही में कलेक्टर बिलासपुर ने एक साथ 20 कोल डिपो का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। असल में यह वे कोल डिपो हैं जिनके लिए व्यक्तियों ने लाइसेंस तो ले ली है किंतु खनिज कार्यालय के साथ अनुबंध नहीं कर रहे थे। एक से अधिक बार जिला खनिज अधिकारी ने दस्तावेज के साथ उपस्थित होकर अनुबंध के लिए सूचना दी किंतु कोल डिपो आवेदक नहीं आए अंत में 15 दिन का समय देते हुए कलेक्टर बिलासपुर ने इन सभी कोल डिपो का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। अब देखने लायक तथ्य यह है कि निरस्त किए गए कोल डिपो के निरीक्षण का काम कब से होगा क्योंकि इनमें से कुछ प्रभावशाली लोगों के कोल डिपो लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद भी काम कर रहे हैं ऐसे में अवैध कोल डिपो पर रखा हुआ खनिज राज्य शासन के द्वारा सील किया जाना चाहिए।

    बिलासपुर / शौर्यपथ / केंद्रीय जेल बिलासपुर में नियम विरुद्ध तरीके से सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है यह बात कई बार सुर्खी बन चुकी है । 10 दिसंबर 2020 को रात्रि ड्यूटी पर नंद कुमार यादव प्रहरी उपस्थित था और उसे अपने वरिष्ठ के साथ चक्कर ड्यूटी का काम मिला था। ड्यूटी शुरू होने के पूर्व प्रहरी की टोपी में से 100 ग्राम तंबाकू बरामद हुई इसे नियम विरुद्ध पाते हुए प्रहरी को निलंबित कर दिया गया निलंबित प्रहरी को आरोप पत्र दिया जा चुका है। जेल अधिकारी द्वारा प्रेषित आरोप पत्र में प्रहरी पर यह आरोप है कि प्रहरी का वह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का स्पष्ट उल्लंघन है।
    असल में पूरा मामला केंद्रीय जेल प्रशासन की मनमानी से जुड़ा हुआ है जहां पर अनुशासन सबसे ऊपर होना चाहिए वहीं पर नियमों की अनदेखी हो रही है। जिन अधिकारियों को आरोप पत्र जारी करने का अधिकार ही नहीं है वह आरोपपत्र जारी कर देते हैं ऐसा नहीं है कि राज्य में जेल अधीक्षक स्तर के अधिकारी नहीं है किंतु अपनों की नियुक्ति के चक्कर में बिलासपुर जेल अधीक्षक पद पर नियुक्ति का मामला लंबा खींचा जा रहा है।

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