September 08, 2026
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    राजनांदगांव

    राजनांदगांव (1782)

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / जंगलों एवं पहाड़ों की नैसर्गिक छटा मनोरम है। दूरस्थ ग्रामों में वनवासियों के उल्लास भरे चेहरे उनकी खुशी बयां कर रही है। जैवविवधिता से भरपूर इन जंगलों में किस्म-किस्म के फल-फूल और औषधीय वृक्ष है। अभी लघुवनोपज संग्रहण का कार्य अपनी चरम पर है और शासन की ओर से ग्रामीण आदिवासी संग्राहकों को पर्याप्त लाभ दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर निर्धारित किया गया है। ताकि वे बिचौलियों से बचे रहें और उनकी आमदनी में बढ़ोत्तरी हो सके।
    छुईखदान विकासखंड के दूरस्थ ग्राम सरईपतेरा में यह मौसम ग्रामवासियों के लिए सौगात की तरह है। पीले रंग के फूल सरई वृक्ष से गिरकर जमीन पर बिखरे हुए हैं। साल वृक्षों की अधिकता के कारण ही इस गांव का नाम सरईपतेरा पड़ गया है। गांव की श्रीमती जलवती, बिस्ता, ज्योति, रिना, संवरी, राजीम, हिमानी, प्रेमवती, श्रीमती तिजा, राधिका, थामन, पांचोबाई, साहिबिन, सुखवारो, जसवंतिन, भागवती, हेलेंद्री एवं अन्य महिलाएं सरई फूल बीज एकत्रित करने के लिए सुबह से निकल जाती है। कोविड-19 से बचाव के लिए महिलाएं वनोपज संग्रहण के दौरान मास्क का उपयोग कर रही है। लघुवनोपज संग्रहण उनका प्रिय कार्य है और कार्य करते हुए वे आपस में सुख-दुख भी बांट लेती हंै। गांव में जामुन की अधिकता होने के कारण जामुन संग्रहण का कार्य भी प्रगति पर है।
    छुईखदान विकासखंड के दूरस्थ ग्राम ढोलपिट्टा में बैगा जनजाति के परिवार के लिए लघुवनोपज आजीविका का प्रमुख साधन है। बैगा जनजाति के बुजुर्ग श्री कमल मरकाम ने कहा कि वे सुबह से बेल गुदा एवं हर्रा संग्रहण में लग जाते हैं। जिससे उन्हें आमदनी हो रही है और परिवार की अच्छी गुजर-बसर हो जाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को न्यूनतम समर्थन मूल्य में लघुवनोपज खरीदी करने के लिए धन्यवाद दिया। उनकी पत्नी श्रीमती भगतीन और उनकी नतनी उषा सयाम ने भी खुशी जाहिर की। शासन की ओर से बैगा जनजाति के उत्थान के लिए ग्राम में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। घाटी में ग्राम रेंगाखार के श्री खानू एवं श्री गुलाब खान भी बेलगुदा एकत्रित करने में व्यस्त थे। वहीं बांधाटोला के श्री हरे सिंह और सदाराम धु्रर्वे हर्रा बहेरा एकत्रित कर रहे थे। माहुल पत्ता की तोड़ाई में भी अब तेजी आ गई है। जिससे ग्रामवासी दोना-पत्तल बनाने का कार्य करेंगे।
    जिले में आंवला बीज, पुवाड़ बीज, कौंच बीज, बायबिडिंग, कालमेघ, नागरमोथा, हर्रा, धवई फूल, बहेड़ा, महुआ फूल, शहद, फूलझाडु, इमली, रंगीन लाख, कुसमी लाख, सालबीज, गम कराया, महुआ बीज, बेल गुदा, करंज बीज, चिरौंजी गुठली और जामुन बीज के संग्रहण का कार्य किया जा रहा है। दूरस्थ ग्राम सरईपतेरा, ढोलपिट्टा में लघुवनोपज संग्राहक अपना वनोपज शासन की समिति में विक्रय करते हैं। वन विभाग की ओर से लघुवनोपज संग्रहण के लिए वनवासियों को जागरूक किया जा रहा है और उन्हें कोरोना वायरस के बचाव के लिए भी बताया जा रहा है। ग्रामवासियों को कोविड-19 से सुरक्षा के लिए मास्क दिया जा रहा है।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की एवं लंबित प्रकरणों को समय-सीमा में निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण में प्रोटोकाल का पालन करते हुए सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने कार्यों में प्रगति लाए। लॉकडाउन की अवधि में लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करें।
    इस अवसर पर अपर कलेक्टर ओंकार यदु, अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती तनुजा सलाम, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव श्री मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
    कलेक्टर वर्मा ने नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि बारिश से पहले निर्माणाधीन गौठानों को तैयार कर लिया जाए। यहां पशुओं के लिए पर्याप्त चारागाह की व्यवस्था किया जाना चाहिए। गौठान में ही बाड़ी का निर्माण भी करें और इसमें महिला स्व सहायता समूह तथा बिहान की महिलाओं को जोड़कर कार्य करें। ताकि इन समूहों को आजीविका से जोड़ा जा सके। इसके लिए गौठान समिति का चयन किया जाए। गौठान में पशुओं की देखभाल के लिए पशुचिकित्सक नियमित रूप से निरीक्षण करें। घुरवा संवर्धन का कार्य प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन करने पर जोर दिया।
    कलेक्टर वर्मा ने कहा कि भूमिहिन परिवारों का चिन्हांकन करें, ताकि उन्हें योजना में शामिल कर लाभान्तिव कर सके। श्री वर्मा ने किसान सम्मान निधि के आंकड़ों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इसमें सभी पात्र किसानों का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए पटवारियों को कार्य में लगाकर अभियान चलाए।
    कलेक्टर ने कहा कि खाद्य एवं लघुवनोपज प्रसंस्करण केन्द्र की स्थापना की जाएं और इसे समूहों द्वारा संग्रहित वनोपज की खरीदी केन्द्र के रूप में स्थापित करें। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि जिले में उद्योगों की स्थापना के लिए खाली जमीन का चिन्हांकन करें। ताकि जब यहां उद्योग लगाने के लिए उद्योगपति प्रेरित हो तो उन्हें जमीन उपलब्ध कराया जा सके। यहां उद्योग लगने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। श्री वर्मा ने कहा कि किसानों को धान की जगह अन्य फसल लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंंने आश्रमों, छात्रावासों को सर्वसुविधा युक्त बनाने के निर्देश दिए हैं। बच्चों के लिए बिस्तर, खेल सामग्री, लाईबे्ररी तथा शौचालय हो।
    कलेक्टर ने राजस्व प्रकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं तथा लंबित प्रकरणों को जल्दी पूरा करने के लिए कहा है। वन अधिकार पट्टा, परिवर्तित लगान भूमि की वसूली, नजूल भूमि फ्री होल्ड, अतिक्रमित भूमि, नक्शा, खसरा, सीमांकन, शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, सुपोषण अभियान, इंग्लिस मीडियम स्कूल की स्थापना, स्कूलों में रंगरोगन तथा मरम्मत कार्य, हाटबाजार, राशन कार्ड, जॉब कार्ड के संबंध में जानकारी ली और इससे संबंधित प्रकरणों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी विकासखंडों के एसडीएम, जनपद सीईओ, तहसीलदार तथा सभी विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

    अधिकारी-कर्मचारी आपसी समन्वय रखते हुए टीम भावना से करें कार्य - संभागायुक्त चुरेन्द्र
    वृहद स्तर पर वृक्षारोपण करने लोगों को करें प्रेरित
    लंबित प्रकरणों को समय-सीमा में करने के दिए निर्देश

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / संभागायुक्त दुर्ग जीआर चुरेन्द्र ने कल शाम कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सभी विभागों के जिला अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की एवं नये कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। संभागायुक्त चुरेन्द्र ने अधिकारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी आपसी समन्वय रखते हुए टीम भावना और लक्ष्य के अनुरूप समय-सीमा में कार्य करें। अपने ज्ञान और व्यवहार के माध्यम से ही लोगों को सामाजिक कार्यों से जोड़ा जा सकता है।
    कोरोना संकट के इस वर्ष को निर्माण वर्ष के रूप में बदलते हुए काम करें इसके लिए सभी को प्रेरित करे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संपदा जल, वन, पेड़, पौधे एवं अन्य हमारे लिए बहुमूल्य है। इसे बचाने और पुन: उद्धार के लिए जनमानस को जोड़कर इसमें कार्य करने की जरूरत है। इस अवसर पर कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा उपस्थित थे।
    संभागायुक्त ने कोरोना संक्रमण के रोकथाम की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी क्वारेंटाईन सेंटर में मूलभूत सुविधाएं जैसे बिजली, पानी और शौचालय अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो। यहां साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित कि जाए। उन्होंने कहा कि क्वारेंटाईन सेंटर में घर जैसा माहौल तैयार करे। उन्होंने कहा कि जिन परिवार के सदस्य कोरोना से पीडि़त है, उन परिवारों से मिलकर उनके परेशानियों को दूर करे।
    संभागायुक्त चुरेन्द्र ने कहा कि अन्य राज्यों से अधिक संख्या में मजदूर यहां आ चुके है और क्वारेंटाईन की अवधि भी पूरी कर लिए हैं इन श्रमिकों को उनकी कुशलता के आधार पर काम दिलाना हमारी प्राथमिकता है। सभी जनपदों को इसके लिए पर्याप्त कार्य स्वीकृत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में मनरेगा एक संजीवनी है। जिसमें ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को मनरेगा से जोड़कर कार्य दिलाए।
    संभागायुक्त चुरेन्द्र ने बारिश के पूर्व वृहद रूप से पौधे रोपण की तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश में आश्रम, छात्रावास, स्कूल, राईसमिल, मंडीबोर्ड, शासकीय एवं गैर शासकीय संस्थानों के परिसर में पौधे लगाए और उन्हें सुरक्षित रखे। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा नगरीय क्षेत्रों में भी पेड़ लगाएं। आम, बेल, जामुन, आंवला, नीम, पपीता, मुनगा जैसे पौधे लगाने के सुझाव दिए हैं। इन कार्यों में स्व सहायता समूह की महिलाओं को जोड़कर रोजगार भी उपलब्ध कराएं।
    संभागायुक्त चुरेन्द्र ने राजस्व विभाग को जनता के अनुरूप समय-सीमा में कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शासकीय जमीन पर कब्जा हटाने के लिए अभियान चलाकर कार्य करें। उन्होंने इस कार्य में पटवारियों को लगाकर प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खरीफ मौसम को देखते हुए खाद-बीज उपलब्धता की भी जानकारी ली। कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि फिल्ड में काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारी ईमानदारी पूर्वक काम करें। संसाधनों के अनुरूप अधिक से अधिक कार्य करने की प्राथमिकता दें।
    इस अवसर पर अपर कलेक्टर ओंकार यदु, अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, वनमंडलाधिकारी बीपी सिंह, सहायक कलेक्टर ललितादित्य नीलम, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मिथलेश चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी विकासखंडों के एसडीएम, जनपद सीईओ, तहसीलदार तथा सभी विकासखंड स्तरीय अधिकारी जुड़े रहे।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासकीय अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक शाला राजनांदगांव में प्रवेश प्रारंभ हो रहा है। जिसका संचालन सर्वेश्वर दास नगर पालिक निगम उच्चतर माध्यमिक शाला में किया जाना है। शाला में कक्षा पहली से कक्षा 12वीं तक की कक्षाएं लगेंगी।
    स्कूल की प्राचार्य श्रीमती आशा मेनन ने बताया कि कक्षा पहली, दूसरी, तीसरी में किसी भी माध्यम से आए हुए विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा 4थी से कक्षा 12वीं तक अंग्रेजी माध्यम से अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा 11वीं से विज्ञान समूह के विद्यार्थियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश आवेदन पत्र सर्वेश्वर दास नगर पालिक निगम विद्यालय राजनांदगांव में 15 जून से उपलब्ध होंगे।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने राजनांदगांव शहर के शंकरपुर वार्ड में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद इस क्षेत्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री वर्मा ने शंकरपुर क्षेत्र को कन्टेंटमेंट जोन घोषित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को अंदर आने और बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। कन्टेंटमेंट जोन में सब्जी, दूध और आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। श्री वर्मा ने कहा कि इस क्षेत्र में जिन परिवारों को पीडीएस से राशन नहीं मिला है उन्हें प्राथमिकता से उपलब्ध कराएं।
    उन्होंने ने कहा कि कोई भी बिना कारण घर से बाहर न निकले। इस क्षेत्र में पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए और कहा कि जोन में सतर्कता के साथ कड़ी निगरानी रखे। मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, आयुक्त नगर निगम चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे उपस्थित थे।

      राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिले के तहसील मुख्यालय डोंगरगढ़ से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित देवकट्टा सिंचाई जलाशय से इस गर्मी में 5 गांवों के निस्तारी तलाबों को लबालब भरने के साथ ही इस जलाशय के कमाण्ड एरिया में आने वाले ठाकुरटोला एव छीपा के एनीकट सहित कुल 5 एनीकट में भी जलापूर्ति की गई है। इस सिंचाई जलाशय के जल भराव क्षमता 3.03 एमसीएम है। देवकट्टा जलाशय में वर्तमान समय में 50 फीसद जलभराव है। खरीफ सीजन में इस जलाशय से 2500 एकड़ में सिंचाई के लिए जलापूर्ति की जाती है।
               देवकट्टा सिंचाई जलाशय के बंड में दरार की शिकायत के संबंध में मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार  डीसी जैन ने बताया कि इसकी तकनीकी अधिकारियों से जांच कराई गई है। देवकट्टा सिंचाई जलाशय का बंड और उसका शीर्ष पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि डोंगरगढ़ के जल संसाधन विभाग के एसडीओ श्री प्रदीप नादिया ने इस संबंध में प्रेषित अपनी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया है कि इस जलाशय के कमाण्ड एरिया के ग्राम बेलगांव, करेली, रींवागहन, कन्हारगांव एवं देवकट्टा के निस्तारी तलाबों सहित ठाकुरटोला, छीपा एवं अन्य एनीकट को जलापूर्ति के बाद जलाशय का स्लूज गेट बंद करते समय पत्थर का टुकड़ा फंस जाने की वजह से जल द्वार से पानी वर्तमान में लीकेज कर रहा है।
           गेट में फंसे पत्थर को हटाकर गेट को पूरी तरह बंद करने की कार्रवाई की जा रही है। मुख्य अभियंता जैन ने बताया कि लगभग 15 वर्ष पूर्व निर्मित इस सिंचाई जलाशय की 8 किलोमीटर लम्बाई वाली मुख्य केनाल तथा 7 किलोमीटर की लम्बाई लघु नालों से वितरिका नहरों से बेलगांव, कटली, रीवांगहन, कन्हारगांव एवं देवकट्टा में सिंचाई के लिए जलापूर्ति होती है।

    ० अन्य राज्यों से आए श्रमिकों के लिए जीविकोपार्जन के साधन उपलब्ध कराने आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश
    ० किसानों और खेतिहर श्रमिकों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने अन्य आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाए : वर्मा

          राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विज्ञान केन्द्र, पशुपालन, मछलीपालन, सिंचाई विभाग, बीज विकास निगम, विपणन, खाद्य, शिक्षा, रेशम, क्रेडा एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर श्री वर्मा ने अधिकारियों से कहा कि अन्य राज्यों से आए प्रवासी श्रमिकों के लिए जीविकोपार्जन के साधन उपलब्ध कराने की दिशा में समन्वित तरीके से जुड़कर कार्य करें। किसानों एवं श्रमिकों को रोजगार के और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए उन्हें अन्य आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उनके आय में वृद्धि करने के लिए विशेष प्रयास करने की जरूरत है। किसानों एवं श्रमिकों का जीवन स्तर के उन्नयन के लिए शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर उन्हें हरसंभव लाभान्वित करें।
    कलेक्टर वर्मा ने उप संचालक कृषि से चालू खरीफ मौसम की तैयारी के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों को धान के अलावा उद्यानिकी फसलें सब्जियों तथा फल-फूलों की खेती के लिए बढ़ावा देना चाहिए। किसानों को दलहनी तथा तिलहनी फसलें लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने खरीफ मौसम के लिए बीज की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी ली। उप संचालक कृषि ने बताया कि वर्तमान में खाद का उठाव 39 प्रतिशत हो गया है। खेती की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही खादों के उठाव में और अधिक गति आएगी। कलेक्टर ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि किसानों के व्यापक हित में सिंचाई के साधनों का अधिकतम उपयोग होना चाहिए। श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए मनरेगा के कार्यों से जोडं¸े। आदिवासी क्षेत्रों में पशुपालन, मुर्गीपालन एवं मछलीपालन की गतिविधियों की बढ़ावा देने की जरूरत है। कलेक्टर ने किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को ऋण प्रदान करने के कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए।
    उप संचालक पशुपालन ने बताया कि जिले के लगभग 200 किसान डेयरी व्यवसाय अपनाकर दुग्ध संघ से जुड़े है। जिले के छुईखदान एवं गंडई क्षेत्र में दुग्ध संघ के जरिए 2 हजार लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। कलेक्टर ने नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट बनाने के कार्य को बढ़ावा देने के लिए कहा। क्रेडा के अधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में दिए गए सोलर पंप के बारे में बताया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, सहायक कलेक्टर ललितादित्य नीलम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

    0 नाराज अभ्यर्थियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
    0 भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग

       राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती वर्ष दो हजार सत्रह अ_ारह की भर्ती प्रक्रिया अब तक अटकी हुई है। भाजपा सरकार में छत्तीसगढ़ आरक्षक भर्ती तकरीबन 22 पदों पर निकाली गई थी जिस पर 1.5 अभ्यार्थियों ने भाग लिया था, फिजिकल परीक्षा होने के बाद भी सरकार ने अब तक के इस भर्ती को अटका रखा है, जबकि हाईकोर्ट में 90 दिनों के भीतर भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने के निर्देश दिए थे।
    छत्तीसगढ़ में पुलिस आरक्षक भर्ती सन 2017 और 18 के बीच तकरीबन 22 पदों पर वैकेंसी निकाली गई थी, लेकिन आज तक इन पदों पर भर्ती नहीं हो सकी है, इससे बेरोजगार युवक आप सलाह सा महसूस कर रहे हैं। जिले में तकरीबन 30,000 ऐसे अभ्यर्थी हैं जो इस भर्ती प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं, लेकिन अब तक राज्य शासन ने इस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने की तैयारी नहीं की है, जबकि हाईकोर्ट ने इसके लिए स्पष्ट तौर पर 90 दिनों के भीतर भर्ती करने के निर्देश दिए थे। इस मामले को लेकर के बेरोजगार युवक-युवतियों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
    बेरोजगार युवक-युवतियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार जल्द से जल्द आरक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करें। लंबे समय से इंतजार करके बेरोजगार थक चुके हैं और उनकी माली हालत भी खराब हो चुकी है। कोरोना काल में भी कई लोग पूरी तरीके से बेरोजगार हो गए हैं। प्राइवेट नौकरियों के चलते उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है, ऐसी स्थिति में अब आरक्षक भर्ती में भी वह पात्र होने के बाद नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। बेरोजगार युवक-युवतियों का कहना है कि राज्य शासन जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करें। ज्ञापन सौंपने के दौरान आशा ज्योति साहू, गैंद, नूतन सेन, आराधना, टीकम, दयाराम, युवराज, ममता, उत्तरा, आरती रजक सहित अन्य मौजूद रहे।

    छत्तीसगढ़ सरकार के गृह मंत्रालय को इस मामले की पूरी जानकारी भेजी जा रही है, जल्दी सरकार इस पर बेहतर फैसला लेगी। बेरोजगार युवक-युवतियां निश्चित रहे। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बेरोजगारों के साथ है और उन्हें रोजगार देने में पूरे देश में अव्वल है।

    महेन्द्र साहू, पूर्व सभापति-जनपद पंचायत डोंगरगांव

    0 क्वारेंटाईन सेंटर में समुचित व्यवस्था बनाए रखें : वर्मा
    0 प्रवासी श्रमिकों का मनरेगा जॉब कार्ड बनाने के दिए निर्देश
    0 बारिश की आपदा से बचाव के लिए एक्शन प्लान तैयार रखें

        राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी एसडीएम, सीएमओ, सीईओ जनपद और राजस्व अधिकारियों से क्वारेंटाईन सेंटर की व्यवस्था, प्रवासी श्रमिकों के रोजगार तथा विभिन्न योजनाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि क्वारेंटाईन सेंटर में श्रमिकों के लिए शुद्ध भोजन, पेयजल, बिजली और साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। क्वारेंटाईन सेंटर में स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करें। सर्दी, खांसी, बुखार वाले श्रमिकों का सेंपल लेकर जांच कराएं। वहां ड्यूटी करने वाले कर्मचारी श्रमिकों को सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने के लिए प्रेरित करें। मास्क लगाना और समय-समय पर साबुन से हाथ धोने की जानकारी भी दें। नोडल अधिकारी नियमित रूप से क्वारेंटाईन सेंटर का निरीक्षण करें।
    कलेक्टर वर्मा ने कहा कि सीमा पर आने वाले श्रमिकों के लिए बस की सुविधा के साथ पेयजल और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। श्रमिकों के आवास और शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले बहुत से श्रमिकों की क्वारेंटाईन अवधि पूरी हो गई है। इस स्थिति में मजदूरों को प्राथमिकता से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कार्य करें। जिन मजदूरों का जॉब कार्ड नहीं बना है उनका जॉब कार्ड बनाकर मनरेगा में काम दिलाए। कलेक्टर वर्मा ने निर्देश देते हुए कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों और क्वारेंटाईन सेंटर में रूके श्रमिकों का डेटा तैयार कर विस्तृत जानकारी रखें। ग्राम पंचायतों में मनरेगा में पर्याप्त मात्रा में कार्य स्वीकृत हों। इसमें काम करने वाले श्रमिकों को समय पर राशि का भुगतान करें। इसमें किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं होनी चाहिए।
    कलेक्टर वर्मा ने कहा कि नगरीय निकाय क्षेत्रों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। बाजार में सोशल डिस्टेसिंग का पालन, मास्क लगाना अनिवार्य रूप से लागू करें। फिल्ड में काम करने वाले कर्मचारी, बाजारों का नियमित भ्रमण कर व्यवस्था बनाएं। शहरी क्षेत्र में आने वाले प्रवासी श्रमिक होम आईसोलेशन का कड़ाई से पालन करें। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि कोरोना के साथ ही सामान्य बीमारियों के इलाज का भी ध्यान रखें। एएनसी चेकअप, टीकाकरण, 102 महतारी एक्सप्रेस और 108 संजीवनी एक्सप्रेस की गाडिय़ों का संचालन समय पर लगातार होना चाहिए। बैंकों में भीड़ कम करने के लिए बैंक सखी के माध्यम से राशि का अंतरण करने प्रेरित करें।
    कलेक्टर वर्मा ने कहा कि मानसून के मद्देनजर नाली और बड़े नालों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। ताकि बरसात का पानी जमा न हो सके। बरसात के समय आपदा से बचाव के लिए एक्शन प्लान बनाकर तैयार रखें। खरीफ मौसम के लिए बीज का उठाव, खाद भण्डारण की व्यवस्था पहले से ही तैयार कर लिया जाए। श्री वर्मा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि रेत खदानों का निरीक्षण करें। खनन होने वाले क्षेत्रों का मार्किंग भी करें। अवैध रेत खनन करने वाले पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने राशन का वितरण, वन अधिकार पट्टा, नजूल भूमि का फ्रीहोल्ड, डायर्वसन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसे योजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, सहायक कलेक्टर ललितादित्य नीलम, जिला पंचायत की सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    ० क्वारेंटाईन सेंटर में समुचित व्यवस्था बनाए रखें : वर्मा
    ० प्रवासी श्रमिकों का मनरेगा जॉब कार्ड बनाने के दिए निर्देश
    ० बारिश की आपदा से बचाव के लिए एक्शन प्लान तैयार रखें

         राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी एसडीएम, सीएमओ, सीईओ जनपद और राजस्व अधिकारियों से क्वारेंटाईन सेंटर की व्यवस्था, प्रवासी श्रमिकों के रोजगार तथा विभिन्न योजनाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि क्वारेंटाईन सेंटर में श्रमिकों के लिए शुद्ध भोजन, पेयजल, बिजली और साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। क्वारेंटाईन सेंटर में स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करें। सर्दी, खांसी, बुखार वाले श्रमिकों का सेंपल लेकर जांच कराएं। वहां ड्यूटी करने वाले कर्मचारी श्रमिकों को सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने के लिए प्रेरित करें। मास्क लगाना और समय-समय पर साबुन से हाथ धोने की जानकारी भी दें। नोडल अधिकारी नियमित रूप से क्वारेंटाईन सेंटर का निरीक्षण करें।
    कलेक्टर वर्मा ने कहा कि सीमा पर आने वाले श्रमिकों के लिए बस की सुविधा के साथ पेयजल और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। श्रमिकों के आवास और शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले बहुत से श्रमिकों की क्वारेंटाईन अवधि पूरी हो गई है। इस स्थिति में मजदूरों को प्राथमिकता से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कार्य करें। जिन मजदूरों का जॉब कार्ड नहीं बना है उनका जॉब कार्ड बनाकर मनरेगा में काम दिलाए। कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्देश देते हुए कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों और क्वारेंटाईन सेंटर में रूके श्रमिकों का डेटा तैयार कर विस्तृत जानकारी रखें। ग्राम पंचायतों में     मनरेगा में पर्याप्त मात्रा में कार्य स्वीकृत हों। इसमें काम करने वाले श्रमिकों को समय पर राशि का भुगतान करें। इसमें किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं होनी चाहिए।
              कलेक्टर वर्मा ने कहा कि नगरीय निकाय क्षेत्रों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। बाजार में सोशल डिस्टेसिंग का पालन, मास्क लगाना अनिवार्य रूप से लागू करें। फिल्ड में काम करने वाले कर्मचारी, बाजारों का नियमित भ्रमण कर व्यवस्था बनाएं। शहरी क्षेत्र में आने वाले प्रवासी श्रमिक होम आईसोलेशन का कड़ाई से पालन करें। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि कोरोना के साथ ही सामान्य बीमारियों के इलाज का भी ध्यान रखें। एएनसी चेकअप, टीकाकरण, 102 महतारी एक्सप्रेस और 108 संजीवनी एक्सप्रेस की गाड़ियों का संचालन समय पर लगातार होना चाहिए। बैंकों में भीड़ कम करने के लिए बैंक सखी के माध्यम से राशि का अंतरण करने प्रेरित करें।
               कलेक्टर वर्मा ने कहा कि मानसून के मद्देनजर नाली और बड़े नालों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। ताकि बरसात का पानी जमा न हो सके। बरसात के समय आपदा से बचाव के लिए एक्शन प्लान बनाकर तैयार रखें। खरीफ मौसम के लिए बीज का उठाव, खाद भण्डारण की व्यवस्था पहले से ही तैयार कर लिया जाए। श्री वर्मा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि रेत खदानों का निरीक्षण करें। खनन होने वाले क्षेत्रों का मार्किंग भी करें। अवैध रेत खनन करने वाले पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने राशन का वितरण, वन अधिकार पट्टा, नजूल भूमि का फ्रीहोल्ड, डायर्वसन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसे योजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, सहायक कलेक्टर ललितादित्य नीलम, जिला पंचायत की सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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